दो शातिर वाहन चोर गिरफ्तार:औराई पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल के साथ पकड़ा

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में, औराई पुलिस ने 15 जून 2026 को दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। यह कार्रवाई अपराध और अपराधियों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।

थाना औराई पुलिस टीम रात्रि में सघन चेकिंग कर रही थी, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ शातिर चोर चोरी की मोटरसाइकिल पर सवार होकर जा रहे हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने भागने की कोशिश की।

पुलिस टीम ने सोमवार को देर रात 01:20 बजे कोठरा तिराहा के पास घेराबंदी कर पीछा किया और मोटरसाइकिल पर सवार दोनों चोरों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अजय दूबे उर्फ सागर दूबे (22 वर्ष), पुत्र जयप्रकाश दूबे, निवासी तुलापुर, थाना औराई, जनपद भदोही, और अभिषेक सिंह (21 वर्ष), पुत्र अशोक सिंह, निवासी गहरवारी भीटी, थाना चील्ह, जनपद मिर्जापुर के रूप में हुई है।

पुलिस ने उनके खिलाफ मु0अ0सं0 246/26 धारा 318(4), 345(3), 317(2) बीएनएस के तहत थाना औराई, जिला भदोही में मामला दर्ज किया है। अभियुक्तों को माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। इस घटना में शामिल अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक श्रेतांशु शेखर पंकज के साथ कांस्टेबल रंजीत सिंह, कांस्टेबल शेषनाथ, कांस्टेबल पवनेश राय, रिजर्व कांस्टेबल रामजी और रिजर्व कांस्टेबल शिवम शामिल थे।
26 वां राज्य काॅलेज बना केएनपीजी विवि

संयुक्त सचिव शकील अहमद ने कुलपति को लिखा पत्र, विद्यार्थियों को मिलेंगी सुविधाएं

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। प्रदेश सरकार द्वारा सूबे का 26वां राज्य विश्वविद्यालय केएनपीजी कालेज को बनाया गया है। इससे 20 महाविद्यालय जोड़ने का ऐलान किया है। उधर, प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव शकील अहमद सिद्दीकी ने कुल सचिव काशी नरेश विश्व विद्यालय को आठ जून को पत्र भेजा। जिसमें नव सृजित विश्विद्यालय के संचालन का आदेश दिया गया है। बता दें कि काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूबे का 26वां राज्य विश्वविद्यालय बन गया है। गत माह में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने इसका अनुमोदन किया था।

विधान मंडल के दोनों सदनों से प्रक्रिया पूरी करने के बाद विश्वविद्यालय बना दिया गया था। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को लंबे समय से विश्वविद्यालय बनाने की मांग हो रही थी। एक अगस्त 1951 को स्थापित इस महाविद्यालय ने 75 साल में उच्च शिक्षा में मानकों को स्थापित किया है। बीते दिनों जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 50 एकड़ जमीन की उपलब्धता होने पर महाविद्यालय को राज्य विश्वविद्यालय का दर्जा दिए जाने का वादा किया था। उन्होंने जिला प्रशासन को जमीन की तलाश करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद डीएम शैलेष कुमार ने स्थानीय स्तर पर जमीन की तलाश कराई। जिसके बाद राजस्व टीम की ओर से केएनपीजी की जमीन की पैमाइश कराई गई। महाविद्यालय के पास खुद की लगभग 63 एकड़ जमीन है। जमीन की उपलब्धता के बाद जिलाधिकारी ने शासन को रिपोर्ट भेजी और उसके बाद सौगात मिली।


महाविद्यालय के पास है इतनी जमीन
भदोही। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पास जोरई, वेदपुर, ददरहां महाविद्यालय के जीर्ण-शीर्ण भवन को मिलाकर 15.56 हेक्टेयर यानी 38.5 एकड़ भूमि है। महाविद्यालय का मुख्य एवं प्रशासनिक भवन 3.380 हेक्टेयर यानी 3.35 एकड़ और वेदपुर में ही 6.668 हेक्टेयर यानी 16.50 एकड़ महाविद्यालय की जमीन वेटरनरी कॉलेज के नाम से दर्ज है।


महाविद्यालय का सफरनामा
भदोही। एक अगस्त 1951 : काशी नरेश ने रखी थी आधारशिला। अब तक आगरा विश्वविद्यालय (1951-1959), गोरखपुर विश्वविद्यालय (1959-1988), पूर्वांचल विवि जौनपुर (1988-1995), काशी विद्यापीठ, वाराणसी (1995-2025) एवं विंध्याचल विवि (2025)। इसके अलावा छह हजार से ज्यादा विद्यार्थी हैं। नैक का बी ग्रेड प्राप्त है। करीब सवा सौ प्राध्यापक, करीब सौ तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। 19 विषयों की पढ़ाई होती है। उधर, स्मार्ट क्लास, मल्टीपरपज हॉल, लैब, पुस्तकालय, ई-लाइब्रेरी, आर्यभट्ट, भास्कर एवं ओबीसी छात्रावास हैं। खेल, एनसीसी, एनएसएस, रोवर्स-रेंजर्स व स्काउट गाइड जैसी व्यवस्थाएं हैं।

निर्माण को मिले हैं 551.19 लाख रुपये
भदोही। संयुक्त सचिव ने पत्र में कहा कि सरकार ने 551.19 लाख रुपये का बजट स्वीकृति कर निर्माण की अनुमति दी है। 2021 से कृषि संज्ञान भवन बना है, उसे महाविद्यालय का अंग माना जाएगा। इसके अलावा 15 एकड़ जमीन प्रयोगात्मक कार्य को खरीदी जाएगी। कहा कि वेटनरी कालेल का निर्माण नहीं हुआ है। ऐसे में उक्त जमीन वापस की जाएगी। महाविद्यालय के समस्त पदों को विश्व विद्यालय पद मान लिया जाएगा।
भदोही-प्रयागराज गंगा पुल का भूमि पूजन: 320 करोड़ की लागत से बनेगा, तीन दशक से थी मांग


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश के भदोही और प्रयागराज जिलों की सीमा पर गंगा नदी पर बनने वाले बहुप्रतीक्षित पक्के पुल का रविवार को भूमि पूजन किया गया। ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे ने तुलसीकला गंगा घाट पर आयोजित कार्यक्रम में निर्माण कार्य का शुभारंभ कराया। यह पुल लगभग 320 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा। इसकी लंबाई करीब 1320 मीटर होगी और यह 13 पायों पर आधारित होगा। यह पुल भदोही के धनतुलसी घाट को प्रयागराज के डेंगुरपुर घाट से जोड़ेगा। इस पुल की मांग पिछले तीन दशकों से की जा रही थी। विशेष रूप से गंगा से तीनों ओर से घिरे डीघ-कोनिया क्षेत्र के लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। पुल बनने से इस क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और कोनिया क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। पुल के निर्माण से भदोही से प्रयागराज की दूरी और यात्रा समय में कमी आएगी। इससे भदोही, जौनपुर, मिर्जापुर, वाराणसी सहित आसपास के कई जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। मध्य प्रदेश की ओर आवागमन भी सुगम होगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। विधायक विपुल दुबे ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में आधारभूत संरचना को मजबूत करने सहित कई विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि यह पुल केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक, व्यावसायिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और पर्यटन विकास का नया द्वार खोलेगा।
उन्होंने आगे कहा कि पुल बनने से भदोही की ऐतिहासिक और धार्मिक स्थली सीतामढ़ी, मां विंध्यवासिनी धाम और संगम नगरी प्रयागराज के बीच संपर्क बेहतर होगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। विधायक ने इसे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और जानकारी दी कि कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
क्षेत्रीय लोग इस पुल के निर्माण की शुरुआत को विकास की दिशा में एक बड़ी सौगात और ऐतिहासिक कदम मान रहे हैं, जिसकी मांग लगभग तीन दशकों से की जा रही थी।
भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी लोगों का मन मोह लिया। गायक अतुल मिश्रा, वशिष्ठ मिश्रा और गायिका एकता जायसवाल ने अपने गीतों से समां बांधा। कार्यक्रम का संचालन भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष विधानचंद दुबे ने किया।इस अवसर पर प्रयागराज के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, सुरियावां नगर पंचायत अध्यक्ष विनय चौरसिया, ज्ञानपुर नगर पंचायत अध्यक्ष घनश्याम गुप्ता, भाजपा मंडल अध्यक्ष शैलेश पाण्डेय, भाजपा जिला उपाध्यक्ष विमल मिश्रा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रधान और क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।
मजिस्ट्रेट संग अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक शामित,2973 अभ्यर्थी होंगे शामिल

प्रवक्ता परीक्षा: 14 जून को एक पाली में होगी परीक्षा,एन‌आईसी की कंट्रोल रूम से रहेगी निगरानी


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में 14 जून सात केंद्रों पर होने वाली प्रवक्ता परीक्षा की तैयारियां अंतिम दौर में है। पारदर्शी एवं सुचितापूर्ण परीक्षा कराने के लिए हर केंद्र पर दो- दो मजिस्ट्रेट और दो केंद्र व्यवस्थापक की ड्यूटी लगाई गई है। नामित अफसरों को केंद्रों पर जरुरी व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया है। परीक्षा में कुल 2973 अभ्यर्थी शामिल होंगे। बीएड प्रवेश परीक्षा, टीजीटी और पुलिस भर्ती परीक्षा के बाद अब प्रवक्ता परीक्षा को सकुशल कराने में प्रशासन और शिक्षा विभाग जुटा है।

14 जून को होने वाली परीक्षा के लिए विभूति नारायण इंटर कॉलेज ज्ञानपुर,जिला पंचायत इंटर कॉलेज ज्ञानपुर,गुलाबधर मिश्रा इंटर कॉलेज, गोपीगंज,इंद्र बहादुर नेशनल इंटर कॉलेज भदोही,एम‌ए समद इंटर कॉलेज भदोही,काशी नरेश राजकीय विश्वविद्यालय ब्लॉक ए और ब्लॉक बी को केंद्र बनाया गया है।

पहली पाली में सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक परीक्षा होगी। डीएम शैलेश कुमार के निर्देश पर सभी केंद्रों पर एक सेक्टर , एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट, एक केंद्र व्यवस्थापक की ड्यूटी लगाई गई है। नामित अफसरों की मौजूदगी में प्रश्नपत्र खोले जाएंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि परीक्षा को सकुशल कराने के लिए सारी तैयारियां पूरी ली गई है। सुबह आठ बजे से ही जांच के बाद अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। एन‌आईसी के कंट्रोल रुम से सभी केंद्रों पर नजर रखी जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती रहेगी।
जिले के सरकारी अस्पतालों में 35 रक्तदाताओं की लगेगी सूची
*दफ्तर, डॉक्टर के चेंबर के सामने होगी चस्पा, जरुरतमंद सीधे करेंगे फोन*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। अब खून के लिए मरीजों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। तीमारदारों को ब्लड बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जरूरतमंद व्यक्ति सीधे रक्तदाताओं से बातकर सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने एक नई पहल की शुरूआत की है। जिला अस्पताल सहित 29 स्वास्थ्य केंद्रों पर अब रक्तदाताओं की सूची चस्पा की जाएगी। जिले में कुल 35 डोनर हैं, जो नियमित रूप से समय समय पर रक्तदान करते हैं। इसके अलावा पांच संस्था हैं, जो किसी विशेष डे पर कैंप लगवाती हैं। अक्सर मरीज को जरूरत पर खून नहीं मिलता है। इससे मरीज, तीमारदारों को परेशान होना पड़ता है।‌ महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय ज्ञानपुर, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय भदोही, सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल और भानीपुर, डीघ, गोपीगंज, औराई, भदोही, सुरियावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित 20 प्राथमिक स्वास्थ केंद्रों पर डोनरों की सूची चस्पा की जाएगी। रक्तदाता का नाम, मोबाइल नंबर, ब्लाॅक, ब्लड ग्रुप लिखा रहेगा : जिसमें रक्तदाता का नाम, मोबाइल नंबर, ब्लाॅक, ब्लड ग्रुप होगा। इससे जरूरत मंद मरीज, तीमारदार सीधे डोनर से बातचीत कर सकते हैं। ब्लड ग्रुप मैच करने पर डोनर जिला अस्पताल के ब्लड बैंक आएंगे और रक्तदान करेंगे। सारी प्रकिया पूरी करने के बाद मरीज को दिया जाएगा। अस्पताल के ब्लड बैंक में हमेशा खून का टोटा रहता है। इसका मुख्य कारण लोगों में जागरूकता की कमी है। आज भी लोग रक्तदान करने से पहले सोचते हैं। जबकि चिकित्सकों का मानना है कि रक्तदान करने से शरीर स्वास्थ्य रहती है।
खतरे की इमारतें सलामत, कार्रवाई का सिस्टम जर्जर
5 साल पहले घोषित तुलसी सिनेमा के सामने जर्जर भवन को अब तक नहीं गिराया


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के निकायों में कई भवन जर्जर हो चुके हैं। बारिश के दौरान ये भवन कभी भी गिर सकते हैं। सुरियावां, ज्ञानपुर, खमरिया समेत अन्य निकायों में कुल 45 से अधिक भवन जर्जर बताए जा रहे हैं, लेकिन सुरियावां में 32, ज्ञानपुर में दो और खमरिया में एक भवन के अलावा अन्य किसी भी निकाय प्रशासन के पास जर्जर भवनों का आंकड़ा नहीं है।

भदोही, गोपीगंज, घोसिया और नई बाजार जैसे निकायों में तीन से चार भवन जर्जर बताए गए हैं। नगरों के भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्थित ये भवन मानसून सीजन में हादसों को न्योता दे सकते हैं।  शनिवार को ने जिले के सात निकायों—भदोही, गोपीगंज पालिका, ज्ञानपुर, सुरियावां, नई बाजार, खमरिया और घोसिया—में जर्जर भवनों की पड़ताल की। विभाग के मुताबिक, तीन निकायों में कुल 35 भवन जर्जर हैं। इनमें सबसे अधिक 32 भवन सुरियावां में हैं। पड़ताल के दौरान इससे अधिक जर्जर भवन नजर आए। ये भवन बाजार के भीड़भाड़ वाले स्थानों पर स्थित हैं, जो बारिश में गिर सकते हैं। भदोही में लिप्पन तिराहा तथा ज्ञानपुर में तुलसी टॉकिज के सामने जैसे व्यस्त इलाकों में भवन जर्जर हैं। तुलसी टॉकिज के सामने स्थित भवन को वर्ष 2021 में ही ध्वस्त करने का आदेश दिया गया था। हर वर्ष मानसून से पहले प्रशासन जर्जर मकानों का चिह्नांकन कर ध्वस्तीकरण के लिए नोटिस जारी करता है, लेकिन कार्रवाई केवल नोटिस तक सीमित रह जाती है।



सिर्फ सुरियावां प्रशासन ने जारी किया है नोटिस
इस वर्ष केवल सुरियावां निकाय प्रशासन ने नोटिस जारी किया है। इसके अलावा अन्य किसी भी निकाय में जर्जर भवनों का चिह्नांकन नहीं किया गया है। निकाय प्रशासन के अनुसार, 80-90 वर्ष पुराने मकान जर्जर श्रेणी में पहुंच जाते हैं। नियमानुसार जर्जर भवन को मालिक स्वयं ध्वस्त करा सकते हैं। इसके अलावा निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद प्रशासन भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करता है। शुल्क भवन की स्थिति के आधार पर तय किया जाता है। सुरियावां के ईओ सुजीत कुमार ने बताया कि 32 भवन जर्जर श्रेणी में हैं, जिन्हें नोटिस जारी किया गया है।


*ये भवन हैं जर्जर विभाग को नहीं सूचना*

जर्जर भवनों में न सिर्फ लोग रह रहे हैं, बल्कि कुछ सरकारी कार्यालय भी संचालित हो रहे हैं। ज्ञानपुर के मिश्रा मार्केट के बगल में स्थित अल्पसंख्यक एवं सेवायोजन विभाग और मत्स्य विभाग के कार्यालय ऐसे भवन में संचालित हैं। वहां कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी भय में रहते हैं। गोपीगंज नगर पालिका का कार्यालय स्वयं जर्जर है। तुलसी सिनेमा के सामने एक भवन जर्जर है। भदोही के लिप्पन चौराहे के पास स्थित तीन मंजिला भवन तथा खमरिया मुख्य बाजार में बस्ती के बीच दो मंजिला भवन भी जर्जर हैं। इसकी सूचना निकाय प्रशासन के पास नहीं है।

सभी निकायों को तीन दिन का समय दिया गया है। ईओ को निर्देशित कर भवन को चिन्हित किया जाएगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शुभांगी शुक्ला एडीएम, वित्त एवं राजस्व
सीतामढ़ी मंदिर के आसपास बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। सीतामढ़ी। जिले के धार्मिक और पर्यटन स्थल सीतामढ़ी की सड़कों पर शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। नए मंदिर से महर्षि वाल्मीकि आश्रम तक और आसपास के क्षेत्र में लगीं स्ट्रीट लाइटें लगभग खराब हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पर्यटन विभाग की ओर से धर्म स्थल पर लगवाई गईं स्ट्रीट लाइटें करीब 20 दिन से खराब हैं। दुकानदारों ने बताया तेज आंधी के दौरान स्ट्रीट लाइटें खराब हो गई थी। इससे शाम से ही सीतामढ़ी में अंधेरा छा जाता है। हनुमान मंदिर से लेकर महर्षि वाल्मीकि आश्रम एवं पार्किंग मोड तक की स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। इससे पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। अंधेरा होने के श्रद्धाल गंगा दर्शन और महर्षि वाल्मीकि आश्रम जाने से परहेज करते हैं। स्थानीय दुकानदार नागेंद्र पांडेय, पवन मिश्रा, आशीष तिवारी आदि ने का कहना है कि ई बार शिकायत करने के बावजूद स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त नहीं किया जा रहा है। कोई सुनने वाला तक नहीं है।
डॉ. प्रदीप नारायण डोंगरे को प्रोफेसर पदनाम मिला: प्राचार्य पद पर रहते हुए यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले व्यक्ति

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही ‌। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ज्ञानपुर के पूर्व प्राचार्य डॉ. प्रदीप नारायण डोंगरे को प्रोफेसर पदनाम प्रदान किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने उन्हें यह पदनाम उनके विषय वनस्पति विज्ञान में उनकी शैक्षणिक और शोध विशेषज्ञता के आधार पर दिया है।
डॉ. डोंगरे ने इस पद के लिए पहली बार वर्ष 2022 में आवेदन किया था। हालांकि, वांछित आदेश जारी नहीं हुए। इसके बाद, उन्होंने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत अनुमति प्राप्त करने के बाद वर्ष 2025 में पुनः आवेदन किया। लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी आदेश प्राप्त न होने पर डॉ. डोंगरे ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। वे प्राचार्य पद पर चयन के उपरांत संबंधित विषय में प्रोफेसर पदनाम प्राप्त करने वाले प्रदेश के पहले और एकमात्र प्राचार्य हैं।
20 से 25 जून के बीच दस्तक देगा मानसून


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में दक्षिण - पश्चिम मानसून के 20 से 25 जून के बीच दस्तक देने की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार इस अवधि में प्री- मानसून गतिविधियां तेज होंगी, जिससे बादल छाने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 19-20 जून के आसपास क्षेत्र में प्री- मानसून हलचल बढ़ेगी, जिससे तेजी गर्मी से राहत लगेगी। लगातार बदलते मौसम के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है और लोगों को उसम भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
548 ग्राम अवैध गांजे के साथ तस्कर गिरफ्तार :कोइरौना पुलिस ने भदोही में गांजा तस्करी करते पकड़ा

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही पुलिस ने शुक्रवार को कोइरौना थाना क्षेत्र से एक गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसके पास से प्लास्टिक के झोले में 548 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान चंद्रशेखर उर्फ राज सिंह (22) पुत्र विकास सिंह के रूप में हुई है, जो गजाधरपुर गांव का निवासी है।
पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देश पर जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में कोइरौना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने गजाधरपुर गांव से चंद्रशेखर उर्फ राज सिंह को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 548 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। आरोपी के खिलाफ कोइरौना थाने में मु0अ0सं0-110/2026 धारा 8/20 NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे कानूनी कार्यवाही के बाद माननीय न्यायालय में पेश किया गया। गिरफ्तारी और बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक काशीनाथ यादव, हेड कांस्टेबल विनय यादव, हेड कांस्टेबल पीयूषाकान्त यादव, कांस्टेबल जितेंद्र पटेल और कांस्टेबल विकास सिंह शामिल थे।