दिग्गज शूटर जसपाल राणा का निधन, 49 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, खेल जगत में शोक

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मशहूर भारतीय निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का शुक्रवार को निधन हो गया। बताया जा रहा है कि जर्मनी से लौटने के बाद अचानक ही उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। राणा एशियाई खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता हैं और ओलंपिक में दो बार पदक जीत चुकीं स्टार निशानेबाज मनु भाकर के कोच रह चुके हैं।

सिर्फ 49 साल की उम्र में निधन

जसपाल राणा का निधन दिल्ली के मैक्स अस्पताल में हुआ। हाल ही में इस दिग्गज शूटर की सर्जरी भी हुई थी बड़ी बात यह है कि जशपाल की उम्र अभी सिर्फ 49 साल ही थी और वे आमतौर पर काफी फिट भी थे। हालांकि, अब उनके अचानक निधन की खबर ने खेल जगत को हिलाकर रख दिया है।

फ्लाइट में बिगड़ी थी तबीयत

जानकारी के मुताबिक म्यूनिख में हुए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप से भारत लौटते समय उनकी तबीयत बिगड़ी थी। म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय निशानेबाजी टीम वापस घर लट रही थी तभी टीम के हाई-परफॉर्मेंस कोच और दिग्गज पूर्व निशानेबाज जसपाल राणा की तबीयत अचानक बिगड़ गई।

दिल्ली पहुंचते ही अस्पताल में कराया गया भर्ती

भारतीय दल के साथ स्वदेश लौटते समय उड़ान के दौरान ही उन्हें अस्वस्थता महसूस हुई। जिसके तुरंत बाद उन्हें दिल्ली के अस्पताल ले जाया गया। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहीं पर उनका इलाज चल रहा था।

शूटिंग में शानदार करियर

उनकी मौत भारतीय शूटिंग के लिए बड़ा झटका है। जसपाल राणा ने इस खेल को तीन दशक से भी ज्यादा समय तक बतौर खिलाड़ी और कोच समर्पित किया। भारत के सबसे सफल पिस्टल शूटर्स में से एक जसपाल राणा ने 1990 के दशक में अपनी पहचान बनाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबदबा कायम किया। उन्होंने एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन चैंपियनशिप में कई मेडल जीते और देश के सबसे सफल शूटर्स में शुमार हुए।

द्रोणाचार्य पुरस्कार से थे सम्मानित

शूटिंग रेंज पर उनकी उपलब्धियों ने उन्हें काफी पहचान दिलाई और युवा शूटर्स की एक पीढ़ी को इस खेल को अपनाने के लिए प्रेरित किया। खेल और शूटर्स की अगली पीढ़ी को तैयार करने में उनके बड़े योगदान के लिए सरकार ने उन्हें 2020 में प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित किया। राणा ने एक चैंपियन खिलाड़ी और कोच, दोनों ही रूपों में तीन दशकों से ज्यादा समय तक अपना योगदान दिया।

राज्यसभा चुनाव: गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान में कई उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित, भाजपा को बड़ी सफलता
**नई दिल्ली।** राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कई राज्यों में निर्विरोध जीत दर्ज करते हुए अपनी राजनीतिक मजबूती का प्रदर्शन किया है। गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भाजपा के कुल नौ उम्मीदवार बिना मतदान के ही राज्यसभा सदस्य निर्वाचित घोषित किए गए हैं।
**गुजरात** में भाजपा के **मुकेश राठवा, जितेंद्र कंजारिया, मानसिंह परमार और राजूभाई शुक्ला** निर्विरोध निर्वाचित हुए। वहीं **मध्य प्रदेश** में भाजपा के **तरुण चुग, महेश केवट और रजनीश अग्रवाल** ने निर्विरोध जीत हासिल की।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस प्रत्याशी **मीनाक्षी नटराजन** का नामांकन पत्र निरस्त होने के बाद चुनावी मुकाबला समाप्त हो गया और भाजपा के तीनों उम्मीदवार बिना मतदान के विजयी घोषित कर दिए गए। नामांकन निरस्त किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई है, जिस पर **सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा।** ऐसे में अब सभी की नजर शीर्ष अदालत के फैसले पर टिकी है।
**राजस्थान** में भाजपा के **सतीश पूनिया** और **अलका सिंह** निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गए। वहीं कांग्रेस के **नीरज डांगी** भी निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुए।
इन परिणामों के साथ कई राज्यों में राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया बिना मतदान के ही पूरी हो गई। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार निर्विरोध निर्वाचन संबंधित दलों के विधानसभा में संख्या बल और उनकी रणनीतिक तैयारी को दर्शाता है। भाजपा को इन चुनावों में मिली सफलता को आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ममता को कल्याण बनर्जी ने भी दे दिया अल्टीमेटम! बोले- अभिषेक बनर्जी अगर टीएमसी में तो मैं नहीं रहूंगा

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पश्चिम बंगाल की सत्ता का 15 साल तक सिरमौर रहीं ममता बनर्जी और उनकी अगुवाई वाली पार्टी तृणमूल कांग्रेस मुश्किल में हैं। एक के बाद एक नेता टीएमसी से किनारा कर रहे हैं। पार्टी के कई राज्यसभा सांसदों ने अपने पद से इस्तीफे दे दिया है तो लोकसभा के 20 सांसद उनके खिलाफ चले गए हैं। अब टीएमसी के सबसे सीनियर चेहरों में से एक कल्याण बनर्जी ने भी तल्ख तेवर दिखाए हैं।

अभिषेक या फिर मेरे जैसे वफादारों-कल्याण मुखर्जी

पिछले कुछ दिनों से ममता के समर्थन में बयान देने वाला कल्याण बनर्जी ने अब बड़ा ऐलान कर दिया है। ममता बनर्जी को सीधी चेतावनी देते हुए कल्याण ने साफ कह दिया है कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है। कल्याण बनर्जी ने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को यह अल्टीमेटम दे दिया है कि या तो वह अभिषेक को चुन लें, या फिर मेरे जैसे वफादारों को। उन्होंने कहा कि मैं ममता बनर्जी के साथ हूं। लेकिन अगर अभिषेक बनर्जी टीएमसी में रहेंगे तो मैं इस पार्टी का हिस्सा नहीं बनूंगा।

अभिषेक एक घमंडी आदमी- कल्याण बनर्जी

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि अभिषेक एक घमंडी आदमी है। उनके घमंडी रवैये के कारण मेरे लिए पार्टी में काम करना मुश्किल हैं। उन्होंने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ फर्जी हस्ताक्षर केस से भी खुद को अलग करने का ऐलान किया और कहा कि अभिषेक बनर्जी ने कभी भी मुझपर भरोसा नहीं किया और आगे भी नहीं करेंगे।

या तो आप अभिषेक को रखिए या फिर हमें छोड़िए-कल्याण बनर्जी

सेरामपुर से तृणमूल कांग्रेस के सांसद और वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने बेहद तल्ख लहजे में कहा, “मैं पिछले 45 सालों से वकालत के पेशे में हूं और राजनीति का भी लंबा अनुभव है। मैं इस तरह का घमंडी और अपमानजनक रवैया कतई बर्दाश्त नहीं करूंगा। मैं ममता दीदी से साफ कहूंगा या तो आप अभिषेक को रखिए या फिर हमें छोड़ दीजिए।

सत्यांजल पांडे होंगे इस्लामाबाद में भारत के अगले कार्यवाहक उच्चायुक्त, जानें क्यों अहम है ये नियुक्ति?

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भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते बेहद तल्ख बने हुए हैं। इस बीच सरकार ने वरिष्ठ राजनयिक डॉ. सत्यांजल पांडेय को पाकिस्तान में भारत के दूतावास का प्रभारी नियुक्त किया है. डिप्‍लोमेटिक सूत्रों के अनुसर पाकिस्तान ने उनकी नियुक्ति को स्वीकार कर लिया है और वे अगले कुछ सप्ताह में इस्लामाबाद पहुंचकर नई जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।

दक्षिण एशिया के मामलों की अच्छी समझ वाले अधिकारी

सत्याजंल फिलहाल श्रीलंका में भारत के उप उच्चायुक्त हैं। विदेश सेवा में लंबे अनुभव वाले डॉ. पांडेय को दक्षिण एशिया के मामलों की अच्छी समझ रखने वाले अधिकारियों में गिना जाता है। उन्होंने अपने राजनयिक करियर के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं और पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत बनाने में योगदान दिया है।

पाकिस्तान में उनकी नई भूमिका क्यों अहम?

जानकारों का मानना है कि श्रीलंका में उनकी तैनाती के दौरान उन्हें दक्षिण एशियाई राजनीतिक और रणनीतिक परिस्थितियों को करीब से समझने का अवसर मिला। यही अनुभव पाकिस्तान में उनकी नई भूमिका में भी उपयोगी साबित हो सकता है

गीतिका श्रीवास्तव की जगह लेंगे पांडे

सत्याजंल पांडे इस्लामाबाद में गीतिका श्रीवास्तव की जगह लेंगे, जिन्हें अगस्त 2023 में इस पद पर नियुक्त किया गया था। गीतिका ने अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है।

टीएमसी के विलय की अटकलों पर कांग्रेस ने तोड़ी चुप्पी, जयराम रमेश ने बताया सोनिया-ममता की मुलाकात का सच

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद बने सियासी हालात के बीच कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के विलय की अटकलें लगाई जा रही है। चर्चाओं ने तब जोर पकड़ा, जब कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो ममता बनर्जी के बीच हाल ही में बैठक हुई। इस बैठक के ठीक एक दिन बाद राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी की भी मुलाकात हुई। इन मुलाकातों के बाद जारी चर्चा पर कांग्रेस ने चुप्पी तोड़ी है।

मीडिया में चल रही कई खबरें पूरी तरह गलत-जयराम रमेश

कांग्रेस ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि सोनिया गांधी और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की मुलाकात के दौरान टीएमसी के कांग्रेस में विलय पर चर्चा हुई। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि ऐसी खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर कहा कि सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की मुलाकात को लेकर मीडिया में चल रही कई खबरें पूरी तरह गलत हैं।।

सोनिया-ममता के बीच निजी विषयों पर चर्चा

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच हुई मुलाकात बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई थी। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से व्यक्तिगत संबंध हैं और मुलाकात के दौरान कई निजी विषयों पर चर्चा हुई।

टीएमसी ने भी खारिज की विलय की खबरें

तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने भी पार्टी के कांग्रेस में विलय की अटकलों को खारिज किया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि टीएमसी के कांग्रेस में विलय की कोई योजना नहीं है और इस तरह की खबरों का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।

टीएमसी में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच मुलाकातें

बता दें कि टीएमसी में जारी अंदरूनी खींचतान और कुछ नेताओं की बगावत के बीच मंगलवार को ममता बनर्जी ने दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गईं कि कांग्रेस नेतृत्व ने टीएमसी के कांग्रेस में विलय का प्रस्ताव रखा है।

राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के बीच अहम बैठक, TMC की अंदरूनी बगावत के बीच क्यों खास है ये मुलाकात

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर मचे घमासान ने सियासी तापमान बढ़ा रखा है। इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के बीच मुलाकात हुई है। करीब डेढ़ घंटे तक चली मुलाकात ने नई अटकलों को जन्म दिया है।

टीएमसी में सियासी खींचतान के बीच मुलाकात

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को नई दिल्ली में 10 जनपथ पर मुलाकात की।यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के अंदर कुछ नेताओं ने बगावती तेवर दिखाए हैं।

कांग्रेस-चीएमसी संबंधों पर चर्चा

सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के बीच पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के संबंधों को लेकर गंभीर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने इस बात पर भी चर्चा की कि भविष्य में दोनों दल भाजपा के खिलाफ किस तरह की रणनीति अपना सकते हैं। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में होने वाले संभावित उपचुनावों में तालमेल या सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। इंडिया गठबंधन को मजबूत करने और विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय बनाने का मुद्दा भी बातचीत के केंद्र में रहा।

एक दिन पहले हुई थी ममता-सोनिया की मुलाकात

यह बैठक ममता बनर्जी और सोनिया गांधी की मुलाकात के ठीक एक दिन बाद हुई है। मंगलवार को ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी के आवास पर जाकर उनसे बात की थी। उस दौरान दोनों नेताओं ने विपक्षी गठबंधन को और ज्यादा मजबूत करने के रास्तों पर चर्चा की थी।

मिडिल ईस्ट में फिड़ भड़की युद्ध की चिंगारी, हेलीकॉप्टर गिराने जाने के बाद अमेरिका का ईरान पर हमला

मिडिल ईस्ट यानी खाड़ी में युद्ध की चिंगारी एक बार फिर से सुलग उठी है। ईरान द्वारा अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर मार गिराए जाने के बाद अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है। अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बंदर अब्बास तक एक साथ अटैक किया है। यूएस आर्मी ने ईरान के एयर डिफेंस, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और रडार साइट्स बम बरसाए है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, अमेरिकी बलों ने ईरान के खिलाफ आत्मरक्षा में हमले शुरू किए हैं। सेंटकॉम का कहना है कि यह कार्रवाई उस घटना के जवाब में की गई, जिसमें ईरान ने अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराने का दावा किया था। सेंटकॉम ने बताया कि राष्ट्रपति के निर्देश पर मंगलवार शाम से ये हमले शुरू किए गए। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह ईरान की अनुचित आक्रामकता के खिलाफ संतुलित और सीमित जवाबी कार्रवाई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में गूंजी धमाकों की आवाज

ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में केशम द्वीप पर धमाकों की आवाज सुनी गई है। यह एक अहम शिपिंग रूट है, जिसे ईरान ने युद्ध के दौरान असल में बंद कर दिया है। ईरानी मीडिया की रिपोर्ट से पता चलता है कि हमले ईरान की राजधानी का दूसरे बड़े शहरों में नहीं बल्कि केशम द्वीप पर हुए है। इससे जानमाल के नुकसान की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

ईरानी विदेश मंत्री की खुली चेतावनी

इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह सुरक्षित रहना चाहता है तो उसे फारस की खाड़ी क्षेत्र छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं किसी भी हमले या धमकी का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि युद्ध के मैदान में असफल रहने के बाद अमेरिका ने ईरान के संकल्प को परखने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि ईरान की शक्तिशाली सेना किसी भी हमले को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेगी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि फारस की खाड़ी के इतिहास में बाहरी ताकतों के बुरे अंजाम के कई उदाहरण मौजूद हैं।

इजराइल और ईरान के बीच भी बढ़ा तनाव

बता दें कि हाल के दिनों में ईरान और इस्राइल के बीच भी तनाव बढ़ा है। दोनों देशों के बीच लगातार हमले और जवाबी हमले हो रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार इस्राइल ने ईरान के एक पेट्रोकेमिकल संयंत्र को निशाना बनाया, जबकि ईरान की ओर से इस्राइली सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में हालात को और गंभीर बना सकता है।

पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक, 13 लोगों की हुई मौत

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पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान में घातक हमले किए हैं। दोनों देशों की सीमा के पास अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हमलों में कम से कम 13 लोग मारे गए हैं। इन हमलों में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं।

हमलों में 11 बच्चों की मौत

अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखकर जानकारी दी है कि पाकिस्तानी सेना ने कल रात एक बार फिर अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया और कुनार, खोस्त तथा पकतिका प्रांतों में आम नागरिकों के घरों पर बमबारी की। इन हमलों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई।

अफगानिस्तान ने कहा- नागरिकों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई

खोस्त प्रांत के एक अधिकारी ने बताया कि स्पेरा जिले में एक घर पर हुए हमले में 9 लोग मारे गए और 10 अन्य घायल हो गए। पक्तिका प्रांत में एक अलग हमले में 3 लोगों की मौत हुई। अफगानिस्तान के इन आरोपों पर पाकिस्तान की सेना ने अभी तक इन हमलों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

पाकिस्तानी हमले की निंदा

तालिबान सरकार ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे नागरिकों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई बताया है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इन हमलों को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि नहीं की गई है। पाकिस्तान का कहना है कि 'पाकिस्तानी तालिबान' (TTP) के आतंकवादी अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में बड़े आत्मघाती और आतंकी हमले कर रहे हैं। पाकिस्तान लंबे समय से अफगान तालिबान से इन आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है जिसे काबुल खारिज करता रहा है।

पिछले कई महीनों से सीमा पर तनाव

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले कई महीनों से सीमा पर तनाव बना हुआ है। फरवरी के अंत से दोनों देशों के बीच लगातार संघर्ष और जवाबी कार्रवाइयां हो रही हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल के पहले तीन महीनों में अफगानिस्तान में हुए संघर्ष में 372 आम नागरिक मारे गए और 397 घायल हुए थे।

रेडी टू फायर’ मोड में भारत, पहली बार 12 परमाणु हथियार किए तैनात, रिपोर्ट में खुलासा

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दुनिया में हथियारों पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने भारत में परमाणु हथियार को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। SIPRI ने अपनी ताजा रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत ने पहली बार 12 परमाणु हथियार ऑपरेशनल यानी तैयार स्थिति में तैनात किए हैं।

दशकों से चली आ रही नीति में बड़ा बदलाव

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह पहली बार है कि भारत के इन हथियारों को ऑपरेशनली डिप्लॉयड के तौर पर वर्गीकृत रखा गया है। यह दशकों से चली आ रही उस नीति से एक बड़ा बदलाव है, जिसके तहत परमाणु हथियारों और उन्हें पहुंचाने वाले सिस्टम को अलग-अलग जगहों पर रखा जाता था। भूमिगत मिसाइल भंडारगृहों और नई परमाणु पनडुब्बियों में दागने के लिए तैयार इन परमाणु हथियारों की तैनाती भारत की तैयारी का संकेत देती है।

परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर क्या है भारत की नीति?

भारत की परमाणु हथियारों के पहले इस्तेमाल न करने की नीति है। ऐतिहासिक रूप से भारत ने 'डी-मेटेड न्यूक्लियर पॉलिसी' अपनाई थी। इसका मतलब था कि शांति के समय परमाणु हथियारों को मिसाइल या विमान से अलग रखा जाता था और सिर्फ गंभीर संकट के समय ही मिसाइल या विमान में असेंबल किया जाता था। SIPRI की रिपोर्ट भारत की इस नीति में बदलाव की ओर इशारा करती है। इसलिए पहली बार परमाणु हथियारों की तैनाती शायद भारत के परमाणु शक्ति बनने के बाद से सबसे बड़ा बदलाव है।

भारत के पास कुल 190 परमाणु वॉरहेड

SIPRI की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पिछले साल भारत के परमाणु हथियारों के भंडार में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, साथ ही बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (SSBN) पर कुछ वॉरहेड तैनात किए गए हैं और डेटरेंस पेट्रोलिंग (रोकथाम के लिए गश्त) की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी 2026 तक भारत के पास कुल 190 परमाणु वॉरहेड हैं। इनमें से 12 परमाणु वॉरहेड मिसाइलों, पनडुब्बियों या लड़ाकू विमानों जैसे डिलीवरी सिस्टम के साथ जोड़े गए हैं या ऑपरेशनल फोर्स वाले ठिकानों पर तैनात किए गए हैं।

2024 से INS अरिघात और अरिदमन ऑपरेशनल

रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2024 से भारत ने परमाणु मिसाइल ले जाने वाली दो पनडुब्बियों INS अरिघात और INS अरिदमन को ऑपरेशनल कर दिया है। दोनों पनडुब्बियां परमाणु मिसाइल ले जाने में सक्षम हैं और उन्हें डेटरेंस पेट्रोल यानी सुरक्षा और जवाबी क्षमता बनाए रखने वाली गश्त के लिए मंजूरी मिल चुकी है। परमाणु मिसाइलों से लैस ऐसी पनडुब्बियों को लंबी दूरी की गश्त पर भेजा जाता है, जो कई महीनों तक समुद्र में रह सकती हैं। इस दौरान वे सैन्य नेतृत्व के साथ समय-समय पर संपर्क बनाए रखती हैं।

मिडिल ईस्ट में फिर बिगड़े हालात, ईरान ने इजराइल पर दागीं मिसाइलें

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पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। अप्रैल में लागू हुए युद्धविराम के बाद पहली बार ईरान ने सीधे इजराइल पर मिसाइलों की बौछार कर दी। इजरायल पर देर रात से ईरान और यमन की तरफ से हमले किए गए। यमन के बाद ईरान ने एक बार फिर इजरायल की तरफ बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए हैं। इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने इसकी जानकारी दी है।

यमन की ओर से इस्राइल पर दागी गई मिसाइल

इजराइल की सेना ने दावा किया है कि यमन की दिशा से उसकी सीमा की ओर एक मिसाइल दागी गई है। सेना के अनुसार मिसाइल का पता लगते ही रक्षा प्रणाली को तुरंत सक्रिय कर दिया गया और खतरे को रोकने के लिए इंटरसेप्टर सिस्टम काम में लगाए गए। इजराइली सेना ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या हताहत की जानकारी सामने नहीं आई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इस हमले ने क्षेत्र की सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

बेरूत में इजरायली हमले के बाद ईरान का पलटवार

ये ताजा संघर्ष तब शुरू हुआ जब लेबनान की राजधानी बेरूत में इजरायल ने हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले किए थे और उसके बाद ईरान ने पलटवार करते हुए इजरायल में बैलिस्टिक मिसाइल हमले कर दिए। ईरान के हमले के बाद इजरायल ने भी ईरान में कम से कम तीन जगहों पर हमले किए हैं। अप्रैल में लागू हुए युद्धविराम के बाद पहली बार ईरान ने सीधे इजराइल पर मिसाइलों की बौछार कर दी। इसके बाद इजरायल ने भी जवाबी हमला कर दिया है।

इस्फहान-तेहरान में जोरदार धमाकों की आवाज

जवाबी हमले के बाद इस्फहान, तेहरान में जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई दी है। इजराइल के मुताबिक ईरान ने सोमवार को उसके कई इलाकों की तरफ मिसाइलें दागीं। हाइफा और नाजरेथ को निशाना बनाए जाने की खबर है। इजराइली सेना ने कहा कि उसके रक्षा तंत्र ने खतरे को रोकने के लिए कार्रवाई की और मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया। इजराइली रक्षा बल (IDF) ने बताया कि देश के कई हिस्सों में सायरन बजाए गए और लोगों को सुरक्षित स्थानों में जाने के निर्देश दिए गए। शुरुआती रिपोर्ट्स में किसी बड़े नुकसान या हताहत की सूचना नहीं है।

फिर गूंजी सायरनों की आवाज

इजराइल में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मध्य इजराइल के कई इलाकों में सायरन बजाए गए। चैनल 12 की रिपोर्ट में कहा गया कि गुश दान, यरूशलम और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक संभावित हमले के खतरे को देखते हुए इस्राइल ने अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियां और रक्षा प्रणाली पूरी तरह अलर्ट पर हैं। फिलहाल किसी नुकसान या हताहत की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

ट्रंप तनाव रोकने में रहे नाकाम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों पक्षों को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन नाकाम रहे। नेतन्याहू को उन्होंने फोन किया था, लेकिन उनकी बात नहीं मानी। ट्रंप ने एक्सियोस से कहा, ‘मैं अभी बीबी को फोन कर रहा हूं और कह रहा हूं कि जवाबी हमला मत करो। दोनों अपना हमला कर चुके हैं। हमें एक और हमले की जरूरत नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘ईरानी हमलों में किसी को नुकसान नहीं पहुंचा। उम्मीद है कि इजराइल पलटवार नहीं करेगा। अगर बीबी फिर हमला करते हैं तो यह सिलसिला अगले 47 साल या 3000 साल तक चलता रहेगा।’