गोपालापुर पहुंचकर एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू ने किया जन संवाद
मुंबई। भाजपा के आत्ममंथन व सामाजिक मिलन कार्यक्रम के अंतर्गत एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू ने बदलापुर विधानसभा अंतर्गत गोपालापुर गांव में सेक्टर संयोजक संतोष कुमार द्विवेदी पुत्र अनिल द्विवेदी के निवास पर सम्मानित क्षेत्रीय लोगों से जनसंवाद कर पार्टी के विकास कार्यों के प्रति उनकी राय ली। उनके साथ बदलापुर बीजेपी मंडल अध्यक्ष शनि शुक्ला और भाजपा मंडल महामंत्री दिलीप गुप्ता सुमित अनेक लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित क्षेत्रीय सम्मानित व्यक्तियों में समाजसेवी रामधारी तिवारी, राष्ट्रपति पुरस्कृत कृष्णदेव दुबे,अखिलेश परमानंद तिवारी , पूर्व प्रधान सुशील तिवारी पप्पू, ताड़कनाथ तिवारी टोनी, दयाशंकर तिवारी , अरुण कुमार तिवारी, उपेन्द्र तिवारी, किक्के सन्तोष दूबे ,अरूणेन्द्र दूबे ,सर्वेश दूबे,अभिषेक दूबे, आराध्य दूबे, आदर्श दूबे ,बाबू दूबे ,साहिल दूबे, प्रयाग, अथर्व, संजय तिवारी ,राजनाथ तिवारी, कैलाश पाण्डेय सरपंच, विनय सिंह, राहुल सिंह ,कृष्ण कुमार तिवारी  परविन्द तिवारी, विरेन्द्र तिवारी आदि का समावेश रहा।
पालघर संत हत्याकांड के दोषियों को कब मिलेगी सजा ? पीड़ित परिवारों ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
मुंबई । पालघर संत हत्याकांड में मारे गए संतों एवं चालक के परिजनों ने आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने, हत्याकांड के दोषियों को शीघ्र एवं कठोर सजा दिलाने तथा पालघर में दिवंगत संतों का स्मारक बनाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक आश्वासन दिया। समाजसेवी अरुण शुक्ल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में चालक तेलगंडे की माता निर्मला तेलंगडे एवं उनके दो अबोध बच्चे, संत सुशील गिरि की बहन सपना मिश्रा तथा सहयोगी बृजेश पांडे शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष घटना से प्रभावित परिवारों की वर्तमान स्थिति और उनकी समस्याओं को विस्तार से रखा।
अरुण शुक्ल ने बताया कि परिजनों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, मामले के सभी दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाई जाए तथा पालघर में दिवंगत संतों की स्मृति में एक भव्य स्मारक का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इन सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार ब्रजमोहन पांडे एवं विधायक संजय उपाध्याय के सहयोग के लिए विशेष आभार व्यक्त किया गया। उल्लेखनीय है कि पालघर में संतों और उनके चालक की भीड़ द्वारा की गई हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। घटना के वर्षों बाद भी परिजन न्याय, सम्मान और पुनर्वास की मांग को लेकर प्रयासरत हैं तथा मुख्यमंत्री से हुई यह मुलाकात उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
प्राकृतिक हीरा, धरती माता के अमर प्रेम का अनमोल उपहार
– संजय जीवन लाल शाह

प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि प्रकृति की करोड़ों वर्षों की साधना का परिणाम और धरती माता के अमर प्रेम का जीवंत प्रतीक है। इसकी अनुपम चमक, दुर्लभता, शाश्वतता और अद्वितीय सौंदर्य ने इसे सदियों से प्रेम, विश्वास, समर्पण, शक्ति और वैभव का सर्वोच्च प्रतीक बनाया है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा आज भी दुनिया भर में प्रेम की सबसे सुंदर और सबसे मूल्यवान अभिव्यक्ति माना जाता है। कहा जाता है कि कुछ उपहार समय के साथ पुराने हो जाते हैं, लेकिन प्राकृतिक हीरा ऐसा उपहार है जिसकी चमक समय के साथ और अधिक निखरती जाती है। जब कोई व्यक्ति अपनी प्रिय को प्राकृतिक हीरे का उपहार देता है, तो वह केवल एक आभूषण नहीं देता, बल्कि अपने अटूट प्रेम, सम्मान, विश्वास और जीवनभर साथ निभाने का वचन सौंपता है। इसी कारण प्राकृतिक हीरे को दुनिया भर में “अल्टीमेट गिफ्ट ऑफ लव” की संज्ञा दी गई है। ‘डायमंड’ शब्द ग्रीक भाषा के शब्द ‘एडामस’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है—अजेय और अविनाशी। यह नाम हीरे के गुणों का सटीक परिचय देता है। प्रेम की तरह ही हीरा भी अटूट, अमर और समय की हर कसौटी पर खरा उतरने वाला माना जाता है। इतिहास साक्षी है कि इस अद्भुत रत्न को प्राप्त करने के लिए अनेक राजाओं और साम्राज्यों ने संघर्ष किए, युद्ध लड़े और इसे अपने गौरव का प्रतीक बनाया। भारत को प्राकृतिक हीरों की जन्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है। हजारों वर्ष पूर्व विश्व के प्रथम हीरे भारत की धरती से प्राप्त हुए थे। गोलकुंडा की खदानों से निकले हीरों ने विश्व को चमत्कृत कर दिया था। विश्वविख्यात कोहिनूर, होप डायमंड और अनेक ऐतिहासिक हीरे भारत की गौरवशाली विरासत का हिस्सा रहे हैं। जब दुनिया के अधिकांश देशों में हीरे के बारे में जानकारी भी नहीं थी, तब भारतीय राजघरानों की रानियां और राजकुमारियां हीरों से सुसज्जित मुकुट, हार, बाजूबंद, कंगन और अंगूठियां धारण करती थीं। निजाम, गायकवाड़, सिंधिया और अन्य भारतीय राजवंशों के खजाने प्राकृतिक हीरों की अद्वितीय संपदा के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध थे। भारतीय संस्कृति में हीरे को केवल संपत्ति नहीं, बल्कि सौभाग्य, समृद्धि और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना गया है।
विश्व की विभिन्न सभ्यताओं में भी प्राकृतिक हीरे को विशेष सम्मान प्राप्त हुआ है। यूनानियों का विश्वास था कि हीरे देवताओं के आंसुओं से बने हैं, जबकि प्राचीन रोमन उन्हें टूटते तारों के टुकड़े मानते थे। मध्यकालीन यूरोप में हीरे को साहस, सुरक्षा और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता था। इटली में इसे पति-पत्नी के मध्य प्रेम और सामंजस्य को सुदृढ़ करने वाला रत्न माना गया। सगाई की अंगूठी में हीरा जड़ने की परंपरा भी प्रेम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। वर्ष 1477 में ऑस्ट्रिया के आर्चड्यूक मैक्सिमिलियन ने मैरी ऑफ बरगंडी को हीरे की अंगूठी भेंट की थी। इसके बाद हीरे की अंगूठी प्रेम, प्रतिबद्धता और वैवाहिक बंधन का वैश्विक प्रतीक बन गई। आज भी विश्वभर में लाखों युगल अपने जीवन की नई शुरुआत प्राकृतिक हीरे की अंगूठी के साथ करते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से भी प्राकृतिक हीरा प्रकृति का अद्भुत चमत्कार है। यह धरती की गहराइयों में लगभग 150 से 200 किलोमीटर नीचे, अत्यधिक तापमान और दबाव के बीच करोड़ों वर्षों में निर्मित होता है। प्रकृति की इस लंबी और अद्भुत प्रक्रिया के कारण प्रत्येक प्राकृतिक हीरा अद्वितीय होता है। कोई भी दो प्राकृतिक हीरे पूरी तरह समान नहीं होते। प्रत्येक हीरा अपनी अलग पहचान और विशिष्टता लिए होता है, मानो उस पर स्वयं प्रकृति के हस्ताक्षर अंकित हों।
प्राकृतिक हीरे की यात्रा भी उसकी चमक जितनी ही प्रेरणादायक होती है। धरती की गहराइयों से निकलकर वह खनिकों, कारीगरों, डिजाइनरों और ज्वेलरी विशेषज्ञों के कुशल हाथों से गुजरता है। अनगिनत घंटों की मेहनत और कलात्मकता के बाद वह एक शानदार आभूषण का रूप धारण करता है, जो किसी के जीवन की सबसे यादगार स्मृति बन जाता है। आज के आधुनिक युग में भी प्राकृतिक हीरा केवल फैशन का हिस्सा नहीं है, बल्कि भावनाओं, उपलब्धियों और जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों का साक्षी है। सगाई, विवाह, वर्षगांठ, सफलता, मातृत्व अथवा किसी विशेष उपलब्धि के अवसर पर दिया गया प्राकृतिक हीरा जीवनभर की यादों को संजोए रखता है। ज्वैल मेकर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय जीवनलाल शाह के अनुसार, “प्राकृतिक हीरा हमें यह संदेश देता है कि वास्तविक मूल्य समय, धैर्य, समर्पण और प्रकृति की अनमोल रचना में निहित होता है। करोड़ों वर्षों में निर्मित यह रत्न प्रेम, निष्ठा और स्थायित्व का जीवंत प्रतीक है।”
जब तक संसार में प्रेम, विश्वास, सौंदर्य और समर्पण का अस्तित्व रहेगा, तब तक प्राकृतिक हीरे की दिव्य चमक मानव हृदयों को आलोकित करती रहेगी। वास्तव में, प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि धरती माता द्वारा मानवता को दिया गया अमर प्रेम का अनमोल उपहार है—एक ऐसा उपहार जो पीढ़ियों तक रिश्तों, भावनाओं और स्मृतियों को जीवंत बनाए रखता है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा सदैव प्रेम की सबसे सुंदर, सबसे शुद्ध और सबसे शाश्वत अभिव्यक्ति बना रहेगा।
आदिवासी बच्चों के लिए लोढ़ा फाउंडेशन का “मानवता का हाथ, सबका साथ” अभियान

मुंबई। लोढ़ा फाउंडेशन की अध्यक्षा डॉ. मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा की संकल्पना से साकार हुए “मानवता का हाथ, सबका साथ” इस सामाजिक अभियान का शुभारंभ मंगलवार, दि. 9 जून को सायंकाल गामदेवी स्थित धर्म पैलेस, ह्यूजेस रोड में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। राज्य के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा की प्रमुख उपस्थिति में इस उपक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। समाज के अनेक घरों में उपयोग में न आने वाली, किंतु अच्छी स्थिति में उपलब्ध पुस्तकें, खिलौने और साइकिलें बड़ी संख्या में पड़ी रहती हैं। इन वस्तुओं को नया जीवन देते हुए उन्हें आदिवासी समुदाय के जरूरतमंद बच्चों और परिवारों तक पहुंचाने का संकल्प इस अभियान के माध्यम से लिया गया है। संकलित सामग्री की आवश्यक मरम्मत, स्वच्छता एवं पुनः उपयोग के लिए तैयारी कर उसे जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाएगा। अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में 100 से अधिक नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।सइस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साधन, खिलौनों से मिलने वाला आनंद तथा साइकिलों से प्राप्त गतिशीलता ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर की अनुपयोगी वस्तुएं दान कर इस अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर मार्गदर्शन करते हुए कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा, “समाज के प्रत्येक घर में ऐसी अनेक पुस्तकें, खिलौने और साइकिलें होती हैं, जो भले ही उपयोग में न हों, लेकिन किसी जरूरतमंद बच्चे के लिए अमूल्य साबित हो सकती हैं। ‘मानवता का हाथ, सबका साथ’ यह अभियान केवल वस्तुओं का दान नहीं, बल्कि आनंद, शिक्षा और अवसरों का वितरण करने वाला अभियान है। पालघर के आदिवासी बच्चों से शुरू होने वाला यह आंदोलन समाज के संवेदनशील नागरिकों की सहभागिता से और अधिक व्यापक बनेगा, ऐसा मुझे विश्वास है।”
डॉ. मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “एक पुरानी पुस्तक किसी बच्चे को शिक्षा का नया अवसर दे सकती है, एक खिलौना उसके चेहरे पर मुस्कान ला सकता है और एक साइकिल उसके सपनों को नई उड़ान दे सकती है। समाज में उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग कर जरूरतमंदों तक सहायता का हाथ पहुंचाना ही इस पहल के पीछे की प्रेरणा है।” कार्यक्रम में सामाजिक, शैक्षणिक एवं स्वयंसेवी क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति, नागरिक तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे। आदिवासी बच्चों की शिक्षा, खुशी और उज्ज्वल भविष्य के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर सहयोग करने का संदेश इस अभियान के माध्यम से दिया गया। लोढ़ा फाउंडेशन की ओर से नागरिकों से अपने घरों में उपलब्ध पुरानी पुस्तकें, खिलौने और साइकिलें दान कर इस सामाजिक आंदोलन का हिस्सा बनने का आह्वान किया गया।
सामाजिक विभूतियों को प्रदान की गई मानद डॉक्टरेट पदवी
मुंबई । चर्चगेट स्थित इंडियन मर्चेंट चेम्बर हॉल में उपरोक्त यूनिवर्सिटी के माध्यम से मानद डॉक्टरेट पदवी 2026 प्रदान समारोह का आयोजन किया गया। समाज के सभी क्षेत्रों से प्रतिष्ठित लोगो का इस मानद उपाधि के लिए 300 से अधिक नामांकन हुवा था जिसमे काफी रिसर्च के बाद 25 लोगों का चयन किया गया और उन्हें इस मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।इस कार्यक्रम में डॉ के. योगेश,पूर्व निदेशक मुंबई विद्यापीठ डॉ.वरदानंद,जपान से पधारी आध्यात्मिक गुरु सावको कोबायासी, आध्यात्मिक चिंतक सेवकानंदजी अग्रवाल कॉलेज के चेयरमैन डॉ.विजय पंडित,सुप्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ.पद्मिनी कृष्णा और व्यापार उद्योग प्रशिक्षक डॉ शशिधरन जी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता डॉ.विजय पंडित ने और मंच संचालन डॉ.पद्मिनी कृष्णा और डॉ के.योगेश ने किया l इस अवसर पर समाज के कई गणमान्य मान्यवर उपस्थित रहे।आए हुए सभी अतिथियों का दिलासा फाउंडेशन की ओर से शॉल पुष्प गुच्छ एवं सम्मानचिन्ह देकर सम्मान किया गया।उपस्थित सभी मान्यवरों को इस मानद उपाधि का महत्व बताया गया।सभी सामाजिक क्षेत्रों में कार्य कर रहे लोगों को एक नई जिम्मेदारी दी गई जिससे वे एक नई ऊर्जा के साथ समाज मे और ज्यादा कार्य कर सके।
कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना तथा दीप प्रज्वलन कर की गई।
दिल्ली से पार्लियामेंट सेक्रेटिएट में कार्यरत आई.ए.एस अधिकारी आगम मित्तल ने सभी को फ़ोन द्वारा बधाई दी l
आभार प्रदर्शन डॉ के योगेश ने किया।
जनसेवा का कार्य निरंतर जारी रहेगा : भारती लवेकर
मुंबई। वर्सोवा विधानसभा क्षेत्र की पूर्व भाजपा विधायक भारती लवेकर का जन्मदिन उनके जनसंपर्क कार्यालय में धूमधाम पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर भाजपा कामगार मोर्चा के महाराष्ट्र प्रदेश उपाध्यक्ष तथा भाजपा चित्रपट कामगार आघाड़ी के मुंबई प्रभारी नितिन गुप्ता ने भारती लवेकर को उनके स्क्रेच किए हुए फोटो, पुष्पगुच्छ तथा शाॅल भेंटकर अपनी समूची टीम के साथ जन्मदिन की बधाई दी। इस अवसर पर भाजपा कामगार आघाड़ी के मुंबई अध्यक्ष अभिजीत राणे, फिल्म निर्माता, निर्देशक, लेखक एवं अभिनेता शहजाद मिर्जा, राजन कुमार, ऋतिक कागडा समेत सैकड़ों लोगों ने उपस्थित होकर पूर्व विधायक भारती लवेकर को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। भारती लवेकर के सभी शुभचिंतकों के स्नेह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्सोवा विधानसभा का हर नागरिक हमारा परिवार है, जिनके उत्थान और समस्याओं के निराकरण के लिए मैं सतत प्रतिबद्ध हूं। जनसेवा का मेरा कार्य आजीवन जारी रहेगा। वर्सोवा के स्थानीय समाजसेवी व भाजपा कामगार मोर्चा के महाराष्ट्र प्रदेश उपाध्यक्ष नितिन गुप्ता ने बतौर विधायक दस वर्षों तक भारती लवेकर द्वारा इस विधानसभा क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मूलमंत्र पर चलते हुए इन्होंने जन-जन के उत्थान के प्रयास किए। नितिन गुप्ता ने कहा कि चुनाव में जीत-हार व्यवस्था का हिस्सा है। आज वर्सोवा विधानसभा क्षेत्र की जनता विकास की मंद पड़ी रफ्तार और मूलभूत समस्याओं से जूझते हुए पूर्व विधायक भारती लवेकर की एक जनप्रतिनिधि के तौर पर कमी महसूस कर रही है। अगले चुनाव में भारती मैडम एक बार फिर विधायक निर्वाचित होकर विकास के नए पर्व की शुरुआत करेंगी, इसका हम सभी को पूरा विश्वास है। नितिन गुप्ता ने पूर्व विधायक भारती लवेकर को भरोसा दिलाया कि वर्सोवा विधानसभा क्षेत्र का हर भाजपा कार्यकर्ता तथा नागरिक उनके साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ा है, और एक जनसेवक के रूप में उनके कार्यों को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है। पूर्व विधायक भारती लवेकर ने भी नितिन गुप्ता द्वारा व्यापारियों, कामगारों, फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कामगारों की समस्याओं के निराकरण तथा उनके हितों के लिए किए जा रहे संघर्ष की सराहना करते हुए मिल-जुलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई।।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सपनों का भारत बनाने के लिए आगे आएं : चंद्र कुमार बोस
मुंबई। नेताजी सुभाषचंद्र बोस के पौत्र श्री चंद्र कुमार बोस (आझाद हिंद फ्रंट) ने सभी देशवासियों का आवाह्न किया है कि वे नेताजी सुभाषचंद्र बोस के सपनों का भारत बनाने के लिए आगे आएं। वे यहां दादर में पर्यावरण दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश में केवल सत्ता परिवर्तन हुआ है व्यवस्था परिवर्तन नहीं। हमें अब व्यवस्था परिवर्तन के लिए एकजुट होना है और नेता जी ने जिस तरह का देश बनाने का सपना देखा था, उसे पूरा करने की दिशा में काम करना है। उन्होंने बाबूभाई भवानजी और राजसाहेब मेहता के सामाजिक कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
सभा में केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि इस अमेरिका इजरायल और ईरान युद्ध के कारण तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हो गई है, इसलिए प्रत्येक देशवासी को यह स्थिति समझनी चाहिए और सरकार के साथ सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबूभाई भवानजी ने यह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करके सराहनीय कार्य किया है।
सभा में पर्यावरणविद गिरीश राउत, बाबूभाई भवानजी, आरजू के संस्थापक राजसाहेब मेहता आदि ने भी संबोधित किया।
आरजू सभागृह दादर (पूर्व) में आयोजित कार्यक्रम में विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में वर्तमान ऊर्जा संकट और ग्रीन एनर्जी विषय पर बोलते हुए बाबूभाई भवानजी ने कहा कि हरित ऊर्जा वह ऊर्जा है, जो प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त होती है और पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाती है। इसमें सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल ऊर्जा, और जैविक ऊर्जा शामिल हैं। हरित ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने से प्रदूषण कम होता है, और पृथ्वी का संरक्षण होता है।
नेताजी सुभाषचंद्र बोस के पौत्र चंद्रकुमार बोस ने कहा कि हरित ऊर्जा के उपयोग से वायु प्रदूषण में कमी आती है, जिससे ग्लोबल वार्मिंग की समस्या कम होती है। यह प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में मदद करता है और जैव विविधता को सुरक्षित रखता है। उन्हाने सभी राष्ट्र भक्त लोगों से वृक्ष लगाने की अपील की। इस कार्यक्रम में आरपीआई के मुंबई अध्यक्ष सिद्धार्थ कसारे, वरिष्ठ नेता सुभाष सालवी, महामंत्री प्रवीण मोरे, जनार्दन जंगले, एडवोकेट सुरेंद्र मिश्रा, इकबाल मेमन, चंद्रकला जंगले, अनिल मेहता, सुनील वरतरकर, चंद्रकांत गायकर, राजेंद्र पालव, लालजी कोरी आदि उपस्थित थे। वरिष्ठ पत्रकार एड सुरेंद्र मिश्रा ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी देते हुए सभी का आभार प्रकट किया। जनार्दन जंगले ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया।
पत्रकार रविंद्र दुबे की माँ लालती देवी के निधन से शोक की लहर
       
मुंबई। मुंबई से प्रकाशित हिंदी साप्ताहिक खबरें पूर्वांचल के संपादक रविंद्र कुमार दुबे की मातुश्री श्रीमती  लालती मोहनलाल दुबे निवासी ग्राम मडइयाँ भूभूवार,  तहसील मडियाहूँ, जनपद जौनपुर ( उत्तर प्रदेश ) का उपचार के दौरान विगत 6 जून 2026 को निधन हो गया है l वह लगभग एक महीने से बीमार चल रही थीं l वह अपने पीछे पति, पुत्रों, पुत्रियों एवं नाती-पोतों से भरा पूरा परिवार छोड़ गई हैं l
उनके इस दुखद निधन पर गृहदेश के नागरिकों सहित मुंबई के अनेक सुधी पत्रकारों ने शोक प्रकट किया है तथा भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है l ईश्वर उनकी दिवंगत पावन आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें l
रेडियोलॉजिस्ट रचना शर्मा के भतीजे को बधाई देने पहुंचे गणमान्य
मुंबई । महानगर की उत्कृष्ट समाजसेविका एवं रेडियोलॉजिस्ट कुमारी रचना शर्मा के भतिजे के जन्मदिन पर बधाई देने मुंबई व ठाणे जिले से अनेकों गणमान्य उपस्थित हुए। कुमारी रचना शर्मा कुशल रेडियोलॉजिस्ट के साथ साथ समाजसेविका भी हैं जिनके भतिजे आर्य एवं शौर्य का जन्मदिन रविवार 7 जून 2026 को मनाया गया। जहां मुख्य रूप से कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप,सैन प्रदीप कुमार शर्मा नंदवंशी,सैन संतोष कुमार शर्मा, श्रीमती रेनु शर्मा,श्रीमती रंजना नंदवंशी,अभिनय शर्मा,रिया पाल, स्नेहा सोनकर, खुश्बू गुप्ता, प्रिया पडवी,विनायक नायक,सुरज निषाद, प्रभाकर प्रजापति,दुर्गा राजभर,आशिष विश्वकर्मा, पवन गौड़, सुरज शर्मा,आनंद शर्मा, लक्ष्मी देवी,शुभ संतोष शर्मा,राजम संतोष शर्मा,विशाल पाल, हर्ष राजभर,विशाल विश्वकर्मा, प्रवीण मिश्र उपस्थित थे वहीं रचना के जिजा भूपेन्द्र कुमार शर्मा एवं बहन श्रीमती गीतिका भूपेन्द्र कुमार शर्मा भी उपस्थित थे।उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने जन्मदिन पर केक काटकर बच्चे को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
वरिष्ठ समाजसेवी डॉ मंजू लोढ़ा का नया कीर्तिमान , 15 दिनों में मिला 5 प्रतिष्ठित सम्मान
मुंबई।  समाजसेवा, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता और जनकल्याण के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत वरिष्ठ समाजसेवी एवं साहित्यकार श्रीमती मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा ने अपने प्रखर व्यक्तित्व और शानदार कृतित्व की बदौलत एक और उल्लेखनीय कीर्तिमान अपने नाम किया है। इसके अंतर्गत मात्र 15 दिनों के भीतर पाँच प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित होकर उन्होंने समाजसेवा के क्षेत्र में अपनी सक्रिय और प्रभावशाली भूमिका को एक बार फिर बखूबी सिद्ध किया है। हाल ही में श्रीमती मंजू लोढ़ा को प्रतिष्ठित "बिलियनेयर फॉर पीस अवॉर्ड" से सम्मानित किया गया। साथ ही उन्हें *बिलियनेयर फॉर पीस कॉन्क्लेव* में पैनलिस्ट के रूप में आमंत्रित किया गया, जहाँ विश्व भर के प्रतिष्ठित नेता, विचारक और परिवर्तनकारी व्यक्तित्व शांति, मानवता और न्याय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए एकत्रित हुए। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. हुज़ैफा खोराकीवाला के प्रति आभार व्यक्त किया।
इसके बाद उन्हें प्रतिष्ठित *पद्मश्री महेंद्र कपूर अवॉर्ड्स* में उनके अतुलनीय योगदान के लिए “महाराष्ट्र आइकॉन अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके सामाजिक कार्यों, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता एवं जनहित के लिए किये जा रहे निरंतर प्रयासों की सराहना के रूप में प्रदान किया गया। इस अवसर पर उन्होंने श्री दत्तात्रय माने का विशेष आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने स्वर्गीय महेंद्र कपूर जी के परिवारजन रोहन कपूर, नीरजा कपूर एवं सिद्धांत कपूर के प्रति भी अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। इसी क्रम में *टाइम्स ऑफ इंडिया* द्वारा भी श्रीमती मंजू लोढ़ा को परोपकार, सामाजिक प्रभाव, स्वास्थ्य जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक सेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान प्रसिद्ध अभिनेता रणदीप हुड्डा के द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके समाज के प्रति समर्पण और सेवा भावना का एक और प्रमाण है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में श्रीमती मंजू लोढ़ा को *“अमर शहीद मंगल पांडे अवॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस-2026”* से सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम श्री राकेश पांडे, श्री मुकेश पांडे एवं श्री हरेश मेहता के सहयोग से आयोजित किया गया था। यह सम्मान उन्हें समाज कल्याण, पर्यावरण जागरूकता एवं राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया। हाल ही में उन्हें उनके परोपकारी कार्यों और समाजसेवा के लिए *“मुंबई अचीवर्स अवॉर्ड 2026”* से भी सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें आभाजी सिंह के द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान समाज एवं समुदाय के उत्थान के लिए उनके निरंतर योगदान के उपलक्ष्य में प्रदान किया गया। इस अवसर पर उन्होंने मीना बाफना, हसमुख बाफना एवं वरुण बाफना का विशेष आभार व्यक्त किया। श्रीमती मंजू लोढ़ा ने कहा कि प्रत्येक सम्मान उनके लिए समाज के प्रति अपनी ज़िम्मेदारियों को और अधिक निष्ठा एवं समर्पण के साथ निभाने की प्रेरणा है। उनका मानना है कि समाजसेवा केवल एक कार्य नहीं, बल्कि जीवन का उद्देश्य है। वे आगे भी शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण के क्षेत्रों में निरंतर कार्य करती रहेंगी। लगातार प्राप्त हो रहे ये सम्मान उनके अथक परिश्रम, सेवा भावना और समाज के प्रति समर्पण का प्रमाण हैं। श्रीमती मंजू लोढ़ा आज न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश में समाजसेवा, महिला सशक्तिकरण और मानवीय मूल्यों की सशक्त प्रेरणा बनकर उभरी हैं।