हजारीबाग पुलिस की बड़ी कामयाबी: बरही के विक्की सोनी हत्याकांड का 48 घंटे में खुलासा, बिहार के दो शूटर गिरफ्तार

हजारीबाग: झारखंड पुलिस ने बरही थाना क्षेत्र के अंतर्गत करसो पुल के पास हुए सनसनीखेज विक्की कुमार सोनी हत्याकांड का महज 48 घंटों के भीतर सफल उद्भेदन कर दिया है। पुलिस अधीक्षक (SP) हजारीबाग के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में संलिप्त बिहार के दो शातिर अपराधियों को धर दबोचा है। गिरफ्तार अपराधियों ने न सिर्फ अपना जुर्म कबूल किया है, बल्कि पूर्व में की गई कई लूट और चोरी की वारदातों में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। घटना के संबंध में बताया जाता है कि बीती 8 जून 2026 को हजारीबाग के ओकनी (थाना-लोहसिंघना) निवासी विक्की कुमार सोनी (पिता- स्व० देवनंदन प्रसाद) अपने दोस्त के साथ हुंडई कार से कोडरमा जा रहे थे। इसी दौरान बरही थाना क्षेत्र के करसो पुल के पास घात लगाए अज्ञात अपराधियों ने उन्हें गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था और फरार हो गए थे। इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए एसपी हजारीबाग के आदेश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) बरही श्री राधाप्रेम किशोर और बरही थाना प्रभारी बिनोद कुमार के नेतृत्व में टीम ने मामले की सूक्ष्मता से जांच शुरू की। हजारीबाग पुलिस की तकनीकी शाखा (Technical Cell) के वैज्ञानिक और तकनीकी विश्लेषण की मदद से पुलिस अपराधियों के गिरेबान तक पहुंचने में कामयाब रही। पुलिस ने इस मामले में दो पेशेवर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान विक्रम कुमार (उम्र 25 वर्ष), पिता- विजय साव, ग्राम व थाना- नारदीगंज, जिला- नवादा (बिहार) और दिलीप कुमार (उम्र 25 वर्ष), पिता- केसर चौधरी, ग्राम- चंदा खुर्द, थाना- वजीरगंज, जिला- गया (बिहार) के रूप में हुई है। पुलिस ने अपराधियों के पास से घटना में इस्तेमाल 02 मोबाइल फोन और मृतक की ग्रे रंग की हुंडई कार (संख्या- JH02AE-0232) को जप्त कर लिया है। गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। दिलीप कुमार के खिलाफ गया के वजीरगंज थाने में उत्पाद अधिनियम (शराब तस्करी/ड्रग्स) के तहत कांड संख्या 412/21 और जानलेवा हमले व आर्म्स एक्ट के तहत कांड संख्या 350/23 दर्ज है। वहीं विक्रम कुमार के खिलाफ नवादा के नारदीगंज थाने में मारपीट और जानलेवा हमले के तहत कांड संख्या 85/23 और 199/23 दर्ज हैं। इस सफल अभियान में बरही SDPO राधाप्रेम किशोर, थाना प्रभारी बिनोद कुमार के साथ पुलिस अवर निरीक्षक शमशेर बहादुर सिंह, राजबल्लभ यादव, राजेश भोक्ता, बरही थाने के सशस्त्र बल और हजारीबाग टेक्निकल सेल की मुख्य भूमिका रही। पुलिस फिलहाल दोनों अपराधियों के खिलाफ आगे की विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई कर रही है।

हजारीबाग में अवैध विदेशी शराब की मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़, भारी मात्रा में शराब व स्पिरिट बरामद

हजारीबाग जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, संचय एवं परिवहन पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत उत्पाद विभाग को बड़ी सफलता मिली है। सहायक आयुक्त उत्पाद, हजारीबाग के निर्देशन एवं निरीक्षक उत्पाद के पर्यवेक्षण में पदमा थाना क्षेत्र के दौरवा गांव में मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे छापेमारी की गई।

प्राप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में दौरवा गांव स्थित एक मुर्गी फार्म में संचालित अवैध मिनी फैक्ट्री का खुलासा हुआ। छापेमारी के दौरान विभिन्न ब्रांड की अवैध विदेशी शराब, स्पिरिट, लेबल, तैयार रंगीन शराब, होलोग्राम, कैरामेल, ढक्कन, कार्टन, पंचिंग मशीन तथा बड़ी संख्या में खाली बोतलें बरामद की गईं।

उत्पाद विभाग ने मौके से करीब 180 लीटर अवैध विदेशी शराब एवं 105 लीटर स्पिरिट जब्त किया है। मामले में दौरवा गांव निवासी अशोक बाड़ा सहित अन्य संलिप्त लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

छापेमारी दल में निरीक्षक उत्पाद सौरव कुमार झा, अवर निरीक्षक उत्पाद सुमितेश कुमार, सहायक अवर निरीक्षक सय्यद बसीरुद्दीन तथा सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी के जवान शामिल थे।

साधु बनकर सोने के गहने ठगने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किया जेवर

हजारीबाग, 09 जून 2026। हजारीबाग जिले के बड़ा बाजार ओपी क्षेत्र में साधु का भेष बनाकर लोगों को ठगने वाले तीन अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से ठगी कर ले जाए गए सोने के जेवर एवं अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 08 जून 2026 की सुबह लगभग 3:30 बजे हुरहुरू निवासी गुड़िया देवी के पति ने पुलिस को सूचना दी कि तीन व्यक्ति साधु के वेश में उनके घर पहुंचे और बहला-फुसलाकर सोने का जेवर (जीतिया) ठगकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर छापामारी दल गठित कर कार्रवाई शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि तीनों आरोपी साधु के भेष में घटना को अंजाम देकर भाग रहे हैं। पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों द्वारा बताए गए दिशा में खोजबीन शुरू की और शिशिर अस्पताल के समीप एक ऑटो में सवार तीन संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर पूछताछ की। तलाशी लेने पर उनके पास से गुड़िया देवी का ठगा गया सोने का जीतिया एवं अन्य लॉकेट बरामद किए गए। इसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मल्टी लैबोर, अखिलेश लैबोर एवं तितई लैबोर के रूप में हुई है। तीनों आरोपी बिहार के रोहतास जिले के अमझौर थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।

पुलिस ने आरोपियों के पास से एक सोने का जीतिया (मोती लगा माला सहित) तथा सोने जैसे दिखने वाले 7 छोटे लॉकेट बरामद किए हैं। मामले में बड़ा बाजार थाना कांड संख्या 146/26 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साधु, बाबा या किसी अन्य वेशभूषा में आने वाले अज्ञात व्यक्तियों के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

सड़क दुर्घटनाओं पर रोक के लिए हजारीबाग में ब्लैक स्पॉट का निरीक्षण, एनएचएआई को दिए गए आवश्यक सुरक्षा उपायों के निर्देश

उपायुक्त हेमन्त सती के निर्देशानुसार जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं यातायात सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं जिला सड़क सुरक्षा टीम द्वारा संयुक्त रूप से ब्लैक स्पॉट तथा दुर्घटना संभावित स्थलों का निरीक्षण किया गया।

इस संयुक्त निरीक्षण अभियान में जिला परिवहन पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (यातायात), मोटर यान निरीक्षक (एमवीआई) एवं जिला सड़क सुरक्षा टीम के सदस्य शामिल रहे। टीम ने जिले के विभिन्न चिन्हित ब्लैक स्पॉट एवं दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का भौतिक निरीक्षण कर दुर्घटनाओं के कारणों का आकलन किया।

निरीक्षण के दौरान मासीपिढ़ी चौक, डेमोटांड़ एवं मोरंगी क्षेत्र में वाहनों की अत्यधिक गति को सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण पाया गया। वहीं दुर्घटना संभावित यूपी मोड़ पर सड़क की तीव्र ढलान एवं अंधा मोड़ होने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका अधिक पाई गई। टीम ने इन स्थलों पर सुरक्षा संबंधी आवश्यक उपायों की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया।

संयुक्त टीम द्वारा एनएचएआई, रांची को निर्देश दिया गया कि चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों एवं मोड़ों पर अविलंब आवश्यक साइनबोर्ड, रंबल स्ट्रिप, ब्लिंकर तथा गति सीमा संबंधी संकेतक लगाए जाएं, ताकि वाहन चालकों को पूर्व में ही आवश्यक चेतावनी मिल सके और दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

निरीक्षण के क्रम में मोरंगी स्थित पेट्रोल पंप के संचालक को भी निर्देशित किया गया कि वे अपने प्रतिष्ठान के समीप एवं पहुंच मार्ग पर सड़क सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें, जिससे मुख्य सड़क पर वाहनों की आवाजाही सुरक्षित एवं सुगम बनी रहे।

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों एवं वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें, सड़क संकेतकों का सम्मान करें तथा मोड़ों एवं ढलान वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें।

हजारीबाग में अवैध विदेशी शराब की बड़ी खेप जब्त, तस्कर वाहन छोड़कर फरार

उपायुक्त हेमन्त सती के निर्देशानुसार जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, संचय एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण हेतु लगातार सघन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सहायक आयुक्त उत्पाद, हजारीबाग के निर्देशन में कोर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर आज प्रातः 4:30 बजे सिंदूर चौक के समीप वाहन जांच अभियान चलाया गया।

वाहन जांच के दौरान एक सफेद रंग की मारुति सुजुकी एर्टिगा को संदेह के आधार पर रोकने का प्रयास किया गया, किन्तु वाहन चालक वाहन लेकर भागने लगा। उत्पाद विभाग की टीम द्वारा पीछा किए जाने पर वाहन चालक कटकमदाग थाना क्षेत्र के ग्राम सालगाँव स्थित हाई स्कूल के समीप वाहन खड़ा कर अंधेरे का लाभ उठाते हुए फरार हो गया।

वाहन की विधिवत तलाशी लेने पर उसमें बड़ी मात्रा में अवैध विदेशी शराब लदी हुई पाई गई। छापेमारी के दौरान कुल 55 कार्टन में लंदन ब्रेवरेज निर्मित George William ब्रांड की 180 एमएल क्षमता वाली कुल 475.2 लीटर अवैध विदेशी शराब तथा Royal Green ब्रांड की 375 एमएल क्षमता की 6 बोतलें बरामद की गईं।

बरामद शराब एवं प्रयुक्त वाहन को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया गया है। मामले में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।

छापेमारी दल में अवर निरीक्षक उत्पाद भुवनेश्वर नायक, उत्पाद आरक्षी अनूप कुमार सिंह तथा सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी के जवान शामिल थे।

उत्पाद विभाग ने स्पष्ट किया है इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर उपायुक्त ने अर्पित की श्रद्धांजलि

स्वतंत्रता संग्राम,आदिवासी समाज की अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर उनकी प्रतिमा पर उपायुक्त श्री हेमन्त सती ने माल्यार्पण कर अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। उपायुक्त ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन साहस, स्वाभिमान और बलिदान का प्रतीक है। ‘उलगुलान’ आंदोलन के माध्यम से अन्याय, अत्याचार और शोषण के विरुद्ध जो अलख उन्होंने जगाई थी,वह आज भी जनजातीय समाज और सम्पूर्ण भारतवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

इस दौरान उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह, नगर आयुक्त श्री ओम प्रकाश गुप्ता, डीपीआरओ श्री रोहित कुमार, सहायक नगर आयुक्त ने भी माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

पसई में न्याय की मांग को लेकर सड़क जाम, राजेश साव की संदिग्ध मौत मामले में परिजनों का प्रदर्शन

हजारीबाग जिले के कटकमदाग प्रखंड अंतर्गत ग्राम पसई में सोमवार को ग्रामीणों और परिजनों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि लगभग दो माह पूर्व पसई निवासी राजेश साव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि घटना के इतने समय बीत जाने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला है और मामले में दोषियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

न्याय की मांग को लेकर राजेश साव की पत्नी, परिवार के अन्य सदस्य तथा ग्रामीण सड़क पर उतर आए और सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान राजेश साव की पत्नी ने कहा कि उनके पति की मौत के मामले में अब तक दोषियों को सजा नहीं मिली है, जिससे पूरा परिवार मानसिक और सामाजिक रूप से परेशान है।

परिजनों ने प्रशासन पर मामले की जांच में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कई बार न्याय की गुहार लगाने के बावजूद उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए।

सड़क जाम के कारण कुछ समय तक आवागमन प्रभावित रहा। सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया। समाचार लिखे जाने तक परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए थे और प्रशासन से ठोस कार्रवाई का आश्वासन मांग रहे थे।

जनगणना 2026 में OBC कॉलम जोड़ने की मांग, राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

जनगणना 2026 में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए अलग कॉलम जोड़ने की मांग को लेकर राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा, झारखंड प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि राष्ट्रीय जनगणना 2026 के House Listing Schedule में अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) की तरह अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का भी अलग कॉलम अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।

ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 15(4), 16(4), 340 एवं 46 का उल्लेख करते हुए कहा गया कि देश की लगभग 52 प्रतिशत आबादी वाले ओबीसी समुदाय को “अन्य” श्रेणी में रखना सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की भावना के विपरीत है। प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल से अनुरोध किया कि इस मांग को अपनी सशक्त अनुशंसा के साथ महामहिम राष्ट्रपति महोदया एवं माननीय प्रधानमंत्री महोदय के समक्ष अग्रसारित किया जाए।

ज्ञापन पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए राज्यपाल महोदय ने इसे तत्काल राष्ट्रपति भवन एवं प्रधानमंत्री कार्यालय भेजने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग, नई दिल्ली में भी अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखने का सुझाव दिया।

राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा ने इसे वर्ष 1931 की जनगणना के बाद ओबीसी समुदाय से संबंधित आंकड़ों की कमी को दूर करने तथा सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। मोर्चा का मानना है कि जनगणना में ओबीसी वर्ग की स्पष्ट गणना से नीतिगत निर्णयों और कल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

यह जानकारी राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा, हजारीबाग के प्रदेश सचिव सुरेश ठाकुर ने दी।

कटकमसांडी थाना का पुलिस अधीक्षक ने किया निरीक्षण, लंबित मामलों के निष्पादन और फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के दिए निर्देश

हजारीबाग, 06 जून 2026। हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक द्वारा शुक्रवार को कटकमसांडी थाना का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान थाना की विधि-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, लंबित कांडों की स्थिति तथा अपराध नियंत्रण से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई।

इस अवसर पर पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय श्री ज्ञान रंजन, पुलिस निरीक्षक सपन कुमार महथा (पेलावल अंचल), थाना प्रभारी कटकमसांडी पु0अ0नि0 अनुपम प्रकाश कुमार सहित थाना के अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।

निरीक्षण के क्रम में पुलिस अधीक्षक ने थाना की सुरक्षा व्यवस्था और विधि-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया। थाना में संधारित विभिन्न पंजियों का अवलोकन किया गया तथा लंबित कांडों, वारंट और कुर्की मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

पुलिस अधीक्षक ने थाना क्षेत्र में फरार चल रहे अभियुक्तों की गिरफ्तारी में तेजी लाने तथा अवैध मादक पदार्थों से संबंधित लंबित मामलों में अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही नशा के विरुद्ध आम लोगों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।

उन्होंने क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आमजन और जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय एवं संवाद बनाए रखने का निर्देश देते हुए पुलिस पदाधिकारियों को जनसंपर्क मजबूत करने की सलाह दी।

एसबीएमसीएच की बदहाल व्यवस्था पर सांसद मनीष जायसवाल गंभीर, अधीक्षक को सौंपा शिकायत पत्र

हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के हजारीबाग नगर अवस्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसबीएमसीएच) की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव को लेकर हजारीबाग संसदीय क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने गंभीर है। सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर गुरुवार को उनके संसदीय क्षेत्र के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. के.के. सिंह से उनके कार्यालय कक्ष में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की गंभीर लापरवाहियों और व्यवस्थागत कमियों को उजागर करते हुए एक शिकायती पत्र सौंपा। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह अस्पताल पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था की जीवनरेखा है, लेकिन वर्तमान में प्रबंधन की लापरवाही के कारण यहां आने वाले गरीब और जरूरतमंद मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में स्थापित एक पीएसए ऑक्सीजन प्लांट लंबे समय से खराब पड़ा है, जिसके कारण मरीजों की जान पर बन आ रही है।

सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने अस्पताल के आपातकालीन और संवेदनशील ट्रॉमा सेंटर की स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ट्रॉमा सेंटर को सिर्फ जूनियर डॉक्टरों के भरोसे छोड़ दिया जाता है, जिससे मरीजों को समय पर सही इलाज नहीं मिल पाता। उन्होंने अधीक्षक से मांग की कि ट्रॉमा सेंटर में चौबीस घंटे जूनियर रेजिडेंट्स के साथ एक सीनियर फिजिशियन और एक सीनियर सर्जन की तैनाती अनिवार्य की जाए, ताकि गंभीर मरीजों को बेवजह रेफर करने के चलन पर रोक लग सके। इसके साथ ही उन्होंने पोस्टमार्टम विभाग की विशेष मॉनिटरिंग की मांग की ताकि पीड़ितों को सही न्याय मिल सके। पत्र में आर्थोपेडिक वार्ड में चल रहे खेल को भी उजागर किया गया है, जहां बिना आयुष्मान कार्ड वाले मरीजों से इंप्लांट के नाम पर मनमानी रकम वसूली जा रही है। उन्होंने यहां जरूरत के इम्प्लांट का रेट चार्ट डिस्प्ले कराने का आग्रह किया। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने इस मनमानी वसूली पर तुरंत रोक लगाने और डॉक्टरों को अधिकतर सरकारी दवाएं ही पर्चे पर लिखने के सख्त निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।

अस्पताल के भीतर चल रही प्रशासनिक शिथिलता पर सवाल उठाते हुए रंजन चौधरी ने बुनियादी सुविधाओं को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की। उन्होंने बताया कि इस भीषण गर्मी में भी अस्पताल के वार्डों के एसी और पंखे खराब पड़े हैं। बिजली कटने पर जनरेटर सुचारू रूप से नहीं चलता और सोलर पैनल सिस्टम भी ठप्प है। बहुमंजिला भवनों में लिफ्ट खराब हैं और मरीज पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। पूरे ट्रॉमा सेंटर में सिर्फ एक वेंटिलेटर है, इसलिए ओल्ड और न्यू आईसीयू में तत्काल नए वेंटिलेटर स्थापित किए जाने की जरूरत है और इसे आपातकाल चलाने के लिए अलग से चिकित्सक और चिकित्सा कर्मी बहाल करने की आवश्यकता है। मरीजों की सहूलियत के लिए उन्होंने मेडिकल कॉलेज के सरकारी एम्बुलेंस ड्राइवरों के नंबर वार्डों में प्रदर्शित करने की मांग की।

सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी द्वारा उठाए गए इन तमाम गंभीर मुद्दों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए अस्पताल अधीक्षक डॉ. के.के. सिंह ने उन्हें आश्वस्त किया कि जल्द ही सभी समस्याओं का समाधान कर व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाएगा ।