जिलाधिकारी ने बाबू ईश्वरशरण जिला चिकित्सालय/मेडिकल कॉलेज का किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार हेतु दिए कड़े निर्देश

*अस्पताल / मेडिकल कॉलेज परिसर में साफ सफाई, पार्किंग आदि की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश-जिलाधिकारी*


*जिलाधिकारी ने किया औचक निरीक्षण अधिकारियों को दिये आवश्यक निर्देश 15 दिवस से पहले सभी अनुपालन हो सुनिश्चित*

*गोण्डा 30 मई,2026*।
जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने बाबू ईश्वरशरण जिला चिकित्सालय/मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज परिसर की विभिन्न व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर में मरीजों एवं तीमारदारों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया।

उन्होंने आमजन के सुगम आवागमन हेतु सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए पर्याप्त एवं सुविधाजनक बैठने की व्यवस्था विकसित करने को कहा। ओपीडी, वेटिंग रूम तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने मरीजों के पर्चों पर लिखी जाने वाली दवाओं का ऑनलाइन कम्प्यूटर अपडेट समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत रूप से किए जाने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अतिरिक्त उन्होंने शौचालयों की नियमित साफ-सफाई तथा पूरे अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज परिसर में उच्च स्तर की स्वच्छता बनाए रखने के लिए विशेष निर्देश दिये हैं।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि अस्पताल के प्रत्येक फ्लोर पर कम से कम पांच-पांच व्हीलचेयर उपलब्ध रहें, जिससे बुजुर्ग, दिव्यांग एवं गंभीर मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि डॉक्टरों, नर्सों, कम्पाउंडरों एवं अन्य आवश्यक स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती पर्याप्त संख्या में रहे, जिससे मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित चिकित्सा सेवाएं प्राप्त हो सकें।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने प्राचार्य मेडिकल कॉलेज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) जिला अस्पताल तथा मेडिकल कॉलेज अधीक्षक को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि निरीक्षण के दौरान दिए गए सभी निर्देशों का अनुपालन आगामी 15 दिनों के भीतर पूर्ण रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज एवं तीमारदार को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसी सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, जिससे अस्पताल में आने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सहज एवं सम्मानजनक वातावरण में प्राप्त हों।
मसकनवा पीएचसी को सीएचसी का दर्जा देने की मांग तेज
मसकनवा (गोंडा)। मसकनवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का दर्जा दिए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर क्षेत्रवासियों की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग उठाई गई है। उप्र खेत मजदूर यूनियन के जिला संयोजक खगेंद्र पांडेय ने बताया कि मसकनवा बाजार जनपद गोंडा का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है। वर्ष 2017 तक यहां पीएचसी के साथ सीएचसी की सुविधाएं उपलब्ध थीं, लेकिन सीएचसी छपिया स्थानांतरित होने के बाद मसकनवा स्वास्थ्य केंद्र केवल ओपीडी तक सीमित होकर रह गया है। वर्तमान में यहां आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्थित कई भवन जर्जर अवस्था में हैं। डॉक्टरों, फार्मासिस्टों व अन्य कर्मचारियों के लिए बने आवास भी उपयोग के योग्य नहीं रह गए हैं, जिसके कारण अधिकांश कर्मचारी रात्रि निवास नहीं करते। इससे रात के समय मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पाती हैं।
मसकनवा बाजार के साथ-साथ रानीजोत, खालेगांव, भवाजीतपुर, खपरिपारा, पटखौली, नारायणपुर सहित दर्जनों गांवों की बड़ी आबादी इस स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है। रात में दुर्घटना अथवा गंभीर बीमारी की स्थिति में मरीजों को उपचार के लिए छपिया या मनकापुर जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त हानि होती है।
मुख्यमंत्री से की गई शिकायत में मांग की गई है कि क्षेत्र की जनसंख्या और आवश्यकता को देखते हुए मसकनवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया जाए तथा यहां 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही मरीजों व तीमारदारों के लिए बैठने की व्यवस्था, शुद्ध पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि मसकनवा स्वास्थ्य केंद्र को सीएचसी का दर्जा मिल जाता है तो आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
वृक्षारोपण के लिए सभी विभागों के अधिकारी करें स्थलों का चयन-जिलाधिकारी

*विभागीय योजनाओं में शत-प्रतिशत कार्य करके प्रगति लाने के निर्देश-जिलाधिकारी*

*गोण्डा 29 मई,2026*।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित, विभागीय योजनाओं में शत-प्रतिशत प्रगति लाने के निर्देश
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर संचालित विकास कार्यों एवं विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जनपद स्तर पर संचालित योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने फैमिली आईडी, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, बाल विकास परियोजना एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा संचालित सैम एवं मैम बच्चों से संबंधित योजनाओं की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। इसके अतिरिक्त सेतुओं के निर्माण कार्य, लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र तथा सिंचाई विभाग द्वारा संचालित परियोजनाओं की प्रगति का भी परीक्षण किया गया।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करते हुए जनपद की रैंकिंग में सुधार लाने के लिए विशेष प्रयास सुनिश्चित किए जाएं।

उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
इसके उपरांत जिला पर्यावरण समिति एवं जिला गंगा समिति की समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने वृक्षारोपण अभियान को प्रभावी एवं सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को शीघ्र स्थल चयन कर विस्तृत कार्ययोजना एवं एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने नर्सरी चिन्हित करते हुए पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वृक्षारोपण एवं अन्य विकास कार्यों के प्रारंभ से पूर्व तथा कार्य पूर्ण होने के उपरांत की फोटोग्राफ पीपीटी के माध्यम से आगामी बैठकों में प्रस्तुत की जाएं, जिससे कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का प्रभावी मूल्यांकन किया जा सके।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जनपद के सभी अस्पतालों से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण शासन की गाइडलाइन एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए, ताकि पर्यावरण संरक्षण एवं जनस्वास्थ्य सुरक्षा बनी रहे।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद, प्रभागीय वनाधिकारी अनुराग प्रियदर्शी, जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव, डीसी एनआरएलएम जेएन राव, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी एनके सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दूबे, एक्सईएन प्रांतीय खंड प्रमोद त्रिपाठी, एक्सईएन लोक निर्माण खंड-1 सुरेश राम, श्रम परिवर्तन अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
गोण्डा पुलिस ने ‘ऑपरेशन दहन’ में 15 क्विंटल अवैध मादक पदार्थ नष्ट किए
गोण्डा। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘‘ऑपरेशन दहन’’ अभियान के तहत गोण्डा पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए लगभग 15 क्विंटल 11 किलो अवैध नशा सामग्री को जलाकर नष्ट किया।

पुलिस अधीक्षक गोण्डा, श्री विनीत जायसवाल के पर्यवेक्षण में जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी ने मैजापुर चीनी मिल में 898 एनडीपीएस एक्ट के तहत पंजीकृत मामलों से बरामद मादक पदार्थों का विनष्टिकरण किया। कार्रवाई में गांजा 1285.7 किग्रा, चरस 52.57 किग्रा, अफीम 0.878 किग्रा, हीरोइन 0.1136 किग्रा, स्मैक 6.1186 किग्रा, कोकाइन 0.045 किग्रा, डोडा 95.71 किग्रा और अन्य 70.628 किग्रा सहित कुल 1511.763 किग्रा मादक पदार्थ शामिल थे। इनकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत लगभग 41 करोड़ 60 लाख रुपये आंकी गई।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी पारदर्शिता, सुरक्षा मानकों और विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई। मादक पदार्थों की बरामदगी और विनष्टिकरण के दौरान सभी अभिलेखों की वीडियोग्राफी कराई गई।

उन्होंने कहा कि गोण्डा पुलिस नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सतत अभियान चला रही है और मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजीत कुमार रजक, क्षेत्राधिकारी नगर आनंद कुमार राय, जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी के सदस्य और अन्य अधिकारी/कर्मचारी इस कार्रवाई में उपस्थित रहे।
गोण्डा में पुलिस मुठभेड़, गोली लगने से घायल बदमाश समेत तीन लुटेरे गिरफ्तार
गोण्डा। विनीत जायसवाल के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना मनकापुर पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पुलिस मुठभेड़ में तीन शातिर लुटेरों को गिरफ्तार किया। मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि दो अन्य आरोपियों को घेराबंदी कर दबोच लिया गया।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओम प्रकाश यादव, आशीष यादव और प्रदीप वर्मा के रूप में हुई है। इनके कब्जे से एक अवैध तमंचा, जिंदा और खोखा कारतूस, घटना में प्रयुक्त अपाचे मोटरसाइकिल तथा लूट के 44 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। घायल बदमाश को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।

घटना 25 मई 2026 की है, जब सीमेंट व्यवसायी के सेल्समैन प्रेमनाथ गुप्ता से मनकापुर-झिलाही मार्ग पर तीन बदमाशों ने मारपीट कर करीब 1.10 लाख रुपये लूट लिए थे। मामले में थाना मनकापुर में मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीमों का गठन किया गया था।

जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से पुलिस को बदमाशों की जानकारी मिली। शुक्रवार तड़के मनवर तिराहे के पास चेकिंग के दौरान संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया, जिस पर बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में ओम प्रकाश यादव घायल हो गया और पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने लूट की वारदात स्वीकार करते हुए बताया कि उन्होंने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था और लूट की रकम आपस में बांट ली थी। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
बकरीद त्यौहार के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा शहर क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल के साथ किया गया पैदल गश्त, सुरक्षा व्यवस्था का लिया गया
गोण्डा। बकरीद त्यौहार के दृष्टिगत जनपद में शांति, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा शहर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों, बाजारों एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस बल के साथ पैदल गश्त (फुट पेट्रोलिंग) की गई। पैदल गश्त के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा आमजन से संवाद स्थापित कर सुरक्षा के प्रति आश्वस्त किया गया तथा लोगों से अपील की गई कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति अथवा गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। इस दौरान उन्होंने ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मियों को सतर्कता एवं मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करने, भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, बैरिकेडिंग एवं पार्किंग व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक द्वारा शरारती/अराजक तत्वों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि बकरीद त्यौहार के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, अराजकता अथवा अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। साथ ही साथ सभी से अनुरोध किया गया कि किसी भी प्रकार के आपसी सौहार्द खराब करने वाले वीडियो पोस्ट/शेयर करने से बचे, सोशल मीडिया मानिटरिंग सेन्टर की टीम द्वारा लगातार सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म (ट्विटर, फेसबुक, व्हाट्सएप ग्रुप आदि) की निगरानी की जा रही है। किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट/शेयर  करने वालों के विरुद्ध गोंडा पुलिस द्वारा कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी  अजीत कुमार रजक, क्षेत्राधिकारी नगर  आनन्द कुमार राय, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर, प्रभारी निरीक्षक महिला थाना सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
थाना को0 नगर पुलिस द्वारा झपट्टामार की घटना का सफल अनावरण, शातिर अभियुक्त  गिरफ्तार, कब्जे से मंगलसूत्र बरामद 
         

गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री अजीत कुमार रजक के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी नगर श्री आनन्द कुमार राय के पर्यवेक्षण में थाना को0 नगर पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0-474/2026 धारा 304(2) बीएनएस से सम्बन्धित आरोपी अभियुक्त- अजय उर्फ कालिया पुत्र स्व0 रामचंद्र निवासी मोहल्ला राधे पूर्व निकट कब्रिस्तान थाना कोतवाली नगर जनपद गोण्डा को एचसीपीएम चौकी के पास से गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 01 अदद मंगल सूत्र पीली धातु का बरामद किया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
वादिनी काजल पासवान पत्नी सन्तोष पासवान निवासी ग्राम टेढवा गुलाम थाना इटियाथोक जनपद गोण्डा द्वारा थाना को0 नगर में लिखित तहरीर दी गयी कि दिनांक 25.05.2026 को समय करीब 03ः00 बजे दोपहर ठठेरी बाजार से सामान खरीदकर वापस जाते समय गुड्डू मल चौराहे के पास एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके गले में पहना लाल रंग के मोतियों वाला मंगलसूत्र झपट्टा मारकर छीन लिया गया तथा मौके से फरार हो गया। वादिनी की लिखित तहरीर के आधार पर थाना को0 नगर में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। घटना के अनावरण हेतु थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन अवलोकन किया गया तथा घटना का सफल अनावरण करते हुए आज दिनांक 27.05.2026 को घटना कारित करने के आरोपी अभियुक्त अजय उर्फ कालिया को एच0सी0पी0एम0 चौकी के पास से गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 01 अदद मंगल सूत्र पीली धातु का बरामद किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त के विरूद्ध थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया।
सीएम डैशबोर्ड की मंडलीय समीक्षा बैठक में आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल सख्त
▪️*आयुक्त ने की विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विभागीय रैंकिंग की गहन समीक्षा*

▪️*रैंकिंग सुधारने, फैमिली आईडी निर्माण में तेजी लाने और लंबित आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण करने के दिए निर्देश*

*गोंडा, बुधवार 27 मई 2026* ।- देवीपाटन मंडल की आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मंडल के सभी जिलाधिकारियों एवं मुख्य विकास अधिकारि8यों के साथ प्रदेश सरकार के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले विकास कार्यक्रमों से संबंधित सीएम डैशबोर्ड की मंडलीय समीक्षा बैठक की। बैठक में अन्य जनपदों के जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे, जबकि संयुक्त विकास आयुक्त, डीएम गोंडा एवं सभी मंडलीय अधिकारी भौतिक रूप से उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान आयुक्त ने मंडल में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विभागीय उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने शासन की प्राथमिकताओं वाले कार्यक्रमों, लंबित प्रकरणों, विभागीय रैंकिंग तथा जनहित से जुड़े कार्यों की प्रगति पर गहन चर्चा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए।

आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि सीएम डैशबोर्ड पर विभागों की रैंकिंग शासन स्तर पर कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण मानक है, इसलिए जिन विभागों की प्रगति संतोषजनक नहीं है, वे तत्काल सुधारात्मक कदम उठाकर अपनी रैंकिंग बेहतर करें। उन्होंने कहा कि किसी एक विभाग की खराब स्थिति से पूरे मंडल की रैंकिंग प्रभावित होती है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित समीक्षा, प्रभावी मॉनिटरिंग और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

फैमिली आईडी निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने धीमी गति पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम स्तर पर विशेष कैंप आयोजित कर फैमिली आईडी बनाने का कार्य तेज किया जाए। उन्होंने कहा कि पात्र परिवारों का शीघ्र पंजीकरण सुनिश्चित कर शासन की योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाया जाए तथा इस कार्य में मंडल की रैंकिंग में सुधार लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।

बैठक में आयुक्त ने सभी मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि विभिन्न योजनाओं से संबंधित आवेदन पत्रों की समयबद्ध जांच कर पात्र लाभार्थियों को शीघ्र लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई भी आवेदन निर्धारित समय सीमा से अधिक लंबित नहीं रहना चाहिए। साथ ही लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग कर गुणवत्ता के साथ उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र महिलाओं तक पहुंचे तथा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने योजना की रैंकिंग में सुधार लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व, पंचायत, कृषि, पेयजल, सड़क निर्माण, विद्युत आपूर्ति समेत अन्य विभागों की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। आयुक्त ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी टीम भावना के साथ कार्य करते हुए योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करें तथा जनता को समयबद्ध लाभ उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

बरसात के मौसम को देखते हुए आयुक्त ने मंडल में चल रही निर्माणाधीन परियोजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि वर्षा शुरू होने से पहले सभी निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए जाएं अथवा अधिकतम कार्य पूरा कर लिया जाए, ताकि जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो और परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य कराने के भी निर्देश दिए।

आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी जवाबदेही के साथ कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुंचे। उन्होंने कहा कि मंडल की रैंकिंग सुधारना सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए प्रत्येक अधिकारी को पूरी गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा।
आटो टैंपो व डीसीएम की टक्कर से महिला का हाथ कटा,सड़क पर तड़प कर मौत

*डिलीवर के बाद नवजात की मौत के बाद टैंपो से जा रहे थे घर

गोंडा।जिले के देहात कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित बालपुर जाट गांव के पास देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे में मीरा देवी (65) की मौत हो गई।आटो टैंपो व डीसीएम वाहन की टक्कर में उनका दाहिना हाथ कट गया था।इस घटना में तीन अन्य लोग भी घायल हुए हैं।घायलों में  35 वर्षीय प्रसूता सविता, आशा बहु पुष्पा सिंह और 60 वर्षीय देवी दयाल तिवारी शामिल हैं।इन सभी घायलों को इलाज के लिए जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है,जहाँ सभी घायलों का उपचार चल रहा है।बताते चलें कि जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के कुंवरपुर अमरहा के सिकिहा गांव निवासी अर्जुन तिवारी ने अपनी पत्नी सविता तिवारी को प्रसव के सोमवार को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहाँ मंगलवार देर शाम सविता ने एक बच्ची को जन्म दिया था।हालांकि खून की कमी के कारण नवजात की हालत बिगड़ गई और मंगलवार देर रात उसकी मौत हो गई।इसके बाद परिवार के सदस्य नवजात   के शव के साथ एक आटो टैंपो से अपने घर लौट रहे थे कि रास्ते में नशे धुत्त आटो चालक मोहम्मद उस्मान उर्फ करिया ने डीसीएम वाहन में बगल से टक्कर मार दिया।टक्कर के कारण डीसीएम की साइड में बैठी मीरा देवी गंभीर रूप से घायल हो कर सड़क पर गिर गई।इस हादसे में उनका दाहिना हाथ पूरी तरह से कट कर अलग हो गया।इस हादसे के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई।हादसे के दौरान मौके पर मौजूद राहगीरों ने घायलों को उठाया और एंबुलेंस बुलाया।इस दौरान लगभग आधे घंटे तक मीरा देवी सड़क पर तड़पती रहीं,इसके बाद एंबुलेंस पहुंचीं और एंबुलेंस से सभी घायलों को जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज ले जाया गया,जहाँ से मीरा देवी की गंभीर हालत को देखते हुए लखनऊ रिफर कर दिया गया और लखनऊ ले जाते समय रास्ते में ही मीरा देवी की मौत हो गई।मामले में देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि आटो चालक ने डीसीएम में साइड टक्कर मारा था, जिसमें मीरा देवी का दाहिना हाथ कट और उनकी मौत हो गई।उन्होंने बताया कि अन्य घायलों का मेडिकल कालेज में इलाज चल रहा है तथा पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालयों का जिलाधिकारी ने किया औचक निरीक्षण, साफ-सफाई एवं फाइलों के सुरक्षित रखरखाव के निर्देश

*गोण्डा।जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय भूलेख विभाग, नजारत, रिकॉर्ड रूम सहित अन्य सभी कार्यालयों एवं पटलों का गहन अवलोकन किया तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालयों में साफ-सफाई की स्थिति, अभिलेखों के रख-रखाव, फाइलों की सुव्यवस्थित व्यवस्था तथा कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी विभागों में स्वच्छता को प्राथमिकता दी जाए तथा कार्यालय परिसर को साफ एवं व्यवस्थित बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी अभिलेख अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए उनके सुरक्षित संरक्षण एवं व्यवस्थित संधारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

जिलाधिकारी ने सभी पटल सहायकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभिलेखों एवं फाइलों का वर्गीकरण सुव्यवस्थित ढंग से किया जाए, जिससे आवश्यक दस्तावेज समय पर आसानी से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने रिकॉर्ड रूम में अभिलेखों के सुरक्षित रख-रखाव के लिए निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि पुराने अभिलेखों के संरक्षण के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाई जाएं तथा कार्यालय कार्यों में पारदर्शिता एवं तत्परता बनाए रखी जाए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कर्मचारियों से संवाद करते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यालयों में आने वाले फरियादियों एवं आम नागरिकों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए तथा उनकी समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, प्रशासनिक अधिकारी वीरेंद्र कुमार तिवारी, जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।