CM हेमन्त सोरेन ने की वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा, खनन राजस्व में झारखंड ओडिशा-छत्तीसगढ़ से आगे

झारखंड मंत्रालय में आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षात्मक बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य की वित्तीय स्थिति, राजस्व संग्रहण, बजट प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बजट प्रबंधन एवं राजस्व लक्ष्यों पर विशेष जोर

वित्त विभाग की समीक्षा के दौरान बजट आकलन, बजट प्राक्कलन, राजस्व लक्ष्य, स्थापना व्यय, पूंजीगत प्राप्तियां तथा भारत सरकार से प्राप्त सहायता अनुदान सहित विभिन्न वित्तीय विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक में राज्य के आय-व्यय की समग्र स्थिति पर बिंदुवार चर्चा की गई तथा वित्तीय संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन एवं उनके समुचित उपयोग पर विशेष बल दिया गया। समीक्षा के क्रम में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की वर्तमान प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति, व्यय की गति, लक्ष्य की प्राप्ति तथा संभावित चुनौतियों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

खनन राजस्व में झारखंड की स्थिति मजबूत

बैठक में विभिन्न वित्तीय वर्षों के आंकड़ों के आधार पर यह सामने आया कि पड़ोसी राज्यों ओडिशा एवं छत्तीसगढ़ की अपेक्षा झारखंड का खनन राजस्व बेहतर स्थिति में है। संबंधित अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि राज्य में खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित प्रबंधन, पारदर्शी नीतिगत व्यवस्था एवं प्रभावी निगरानी तंत्र के परिणामस्वरूप राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने उक्त उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि इस सकारात्मक स्थिति को बनाए रखने के साथ-साथ इसे और अधिक सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, अवैध खनन पर कठोर नियंत्रण स्थापित करने तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया।

पारदर्शिता के लिए बायोमैट्रिक एवं ई-गवर्नेंस प्रणाली पर जोर

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कार्यों में पारदर्शिता एवं शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बायोमैट्रिक प्रणाली के प्रभावी एवं व्यापक उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी संबंधित कार्यालयों एवं विभागों में उपस्थिति तथा कार्यप्रणाली से जुड़े प्रक्रियाओं में बायोमैट्रिक व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़े।

विभागों के बीच समन्वय से विकास को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की समन्वय की कमी न रहे तथा सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए एक साझा दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि समन्वित कार्यप्रणाली से न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी, बल्कि संसाधनों का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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वाणिज्य-कर विभाग की समीक्षा में राजस्व वृद्धि पर फोकस

वाणिज्य-कर विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान राज्य में कर संग्रह की वर्तमान स्थिति, जीएसटी अनुपालन की प्रगति, राजस्व वृद्धि के उपायों तथा विभागीय कार्यप्रणाली की व्यापक एवं गहन समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों द्वारा विभिन्न कर मदों के अंतर्गत प्राप्त राजस्व के आंकड़ों का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया, साथ ही कर संग्रह में आ रही चुनौतियों एवं संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। समीक्षा के क्रम में वस्तु एवं सेवा कर (GST), मूल्य वर्धित कर (VAT), प्रोफेशनल टैक्स तथा अन्य राज्य स्तरीय करों के निर्धारण, वसूली, निगरानी एवं प्रवर्तन से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। करदाताओं के बीच अनुपालन बढ़ाने, कर वंचना पर नियंत्रण स्थापित करने तथा तकनीकी साधनों के माध्यम से निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, विभागीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने हेतु आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए।

समीक्षा के क्रम में कर निर्धारण, वसूली, निगरानी एवं प्रवर्तन से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष ध्यान दिये जाने पर बल दिया गया। करदाताओं के बीच स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करने, कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा आधुनिक तकनीकी साधनों के माध्यम से निगरानी प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर भी बल दिया गया।

पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाने के निर्देश

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि विभागीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, सरल एवं जवाबदेह बनाया जाए, ताकि करदाताओं को सुविधा मिल सके और राजस्व संग्रह में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सक्रियता से कार्य करने तथा समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में विभागीय मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव श्री प्रशांत कुमार तथा वाणिज्य-कर विभाग के सचिव श्री अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

भाजपा प्रदेश चुनाव समिति का फैसला: राज्यसभा चुनाव में उतारेगी प्रत्याशी

भारतीय जनता पार्टी राज्यसभा का चुनाव लड़ेगी और अपने प्रत्याशी को उतारेगी। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। यह बैठक प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में संपन्न हुई। उक्त बैठक आगामी 18 जून को राज्य में होने वाले राज्यसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति को लेकर आयोजित की गई थी। बैठक में राज्यसभा चुनाव के सभी पहलुओं पर गहन चर्चा हुई।

बैठक के बाद प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाऊरी ने प्रेस ब्रीफिंग करते हुए कहा कि बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि भारतीय जनता पार्टी राज्यसभा का यह चुनाव लड़ेगी और अपने प्रत्याशी को उतारेगी। पार्टी न केवल प्रत्याशी को उतारेगी बल्कि वह प्रत्याशी निश्चित तौर पर विजयी भी होगा।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के अलावा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, बिहार झारखंड के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेन्द्र नाथ त्रिपाठी, झारखंड प्रदेश के संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, राज्यसभा सांसद सह पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र कुमार राय, प्रदेश उपाध्यक्ष नीलकंठ सिंह मुंडा एवं बालमुकुंद सहाय, विद्युत वरण महतो, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, श्याम नारायण दुबे,आरती सिंह, गणेश तिवारी भी उपस्थित थे।

3 करोड़ रूपया लेकर वोट को बेचने वालों को हर जगह भ्रष्टाचार दिखता है-प्रतुल शाह देव


भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि झामुमो के सांसदों ने नरसिम्हा राव सरकार को बचाने के लिए 3 करोड़ की रिश्वत ली थी।इसलिए उनको हर कदम पर भ्रष्टाचार ही दिखता है।

प्रतुल ने कहा कि वह संसदीय इतिहास का सबसे काला अध्याय था जब 75-75 लाख रुपयों लेकर झामुमो सांसदों ने अपने वोट को बेच दिया था और पैसे को बैंक में जमा भी कर दिया था।

अब झामुमो अपने ही विधायकों की निष्ठा पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।वैसे भी झारखंड मुक्ति मोर्चा का इतिहास रहा है कि उसने थैलीशाहों को झारखंड के रास्ते राज्यसभा भेजा है।

जिस गठबंधन के नेता स्वयं दावा करते हैं कि उनके पास पूर्ण बहुमत है, वही अब राज्यसभा चुनाव से पहले भय, खरीद-फरोख्त और अस्थिरता की आशंका जता रहा है। यह साफ संकेत है कि गठबंधन के भीतर भारी अंतर्विरोध और अविश्वास व्याप्त है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखने वाली पार्टी है। राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारना हर राजनीतिक दल का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। यदि भाजपा उम्मीदवार उतारने की घोषणा करती है तो झामुमो को इसमें “लोकतंत्र पर खतरा” क्यों दिखाई देने लगता है? क्या झामुमो यह मान चुका है कि उसके विधायक स्वेच्छा से भी उसके खिलाफ मतदान कर सकते हैं?उन्होंने कहा कि झामुमो का पूरा पत्र डर, भ्रम और राजनीतिक हताशा से भरा हुआ है। सत्ता में बैठे लोग आज केंद्रीय एजेंसियों और चुनाव आयोग को पत्र लिखकर माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सच यह है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और अंदरूनी कलह से घिरी हुई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा आज उन्हीं संस्थाओं से हस्तक्षेप करने का गुहार लगा रही है जिनको वह रोज पानी पी कर गाली देने से परहेज नहीं करती रही है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि यदि गठबंधन इतना ही मजबूत है तो उन्हें भाजपा के उम्मीदवार उतारने से डर क्यों लग रहा है? लोकतंत्र में चुनाव प्रतिस्पर्धा का विषय होता है, भय और बहानों का नहीं। झामुमो को पहले अपने घर को संभालना चाहिए, क्योंकि खतरा भाजपा से नहीं बल्कि उनके अपने असंतुष्ट विधायकों से है।

महंगाई पर कांग्रेस की बयानबाजी केवल राजनीति से प्रेरित : आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने पेट्रोल डीजल की कीमतों में वृद्धि के आरोप पर कांग्रेस द्वारा बार बार भारत सरकार के खिलाफ बयानबाजी पर पलटवार किया है।

श्री साहू ने कहा कि आज पूरा विश्व वैश्विक संकट से जूझ रहा है। यह सर्वविदित है कि भारत में ना पेट्रोल का कुंआ है और ना डीजल का। लगभग 115 देशों में मूल्य वृद्धि हुई है। कांग्रेस को पहले भारत के अगल-बगल के देश में हुई वृद्धि का आकलन करना चाहिए, फिर भारत सरकार पर दोषारोपण करनी चाहिए। कांग्रेस का महंगाई पर रोना धोना केवल राजनीतिक ड्रामा है।

साथ ही उन्होंने कहा कि भारत के अंदर ही कांग्रेस पार्टी को अपने और अपनी सहयोगी दलों के शासन वाले राज्यों पर भी नज़र डालनी चाहिए। तेलंगाना में 118.30 रुपये, केरल 114.90 रुपए, कर्नाटक में 110.30 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल है। यह बतलाने की जरूरत नहीं कि यहां किसका शासन है। बावजूद कांग्रेस द्वारा महंगाई पर बयानबाजी समझ से परे है। जहां तक झारखंड की बात है झारखंड सरकार द्वारा भी 22% अधिक वैट वसूला जाता है और साथ ही ₹1 प्रति लीटर सेस भी लिया जाता है। कांग्रेस शासित राज्य या झारखंड सरकार अपने राज्यों में वैट कम क्यों नहीं करती ?

श्री साहू ने कहा कि आज जो भी स्थिति है यह कांग्रेस की देन है। कांग्रेस के सरकार के समय से पहले केंद्र सरकार क्राइसिस को कंट्रोल करती थी। उदारीकरण के दौर में कांग्रेस ने यह हक ऑयल कंपनियों को दे दिया। अभी भी भारत में लगभग 7% की ही वृद्धि हुई है। जबकि दूसरे देशों हुई वृद्धि पर एक नजर इन्हें डाल लेनी चाहिए। बाजार में काफी उतार चढ़ाव के बाद भी 4 वर्षों से पेट्रोल डीजल की कीमत भारत में यथावत थी। कई देशों में तो राशनिंग शुरू हो गई, दूसरे देशों में स्कूल तक बंद कर दिया गया। जबकि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के कारण महंगाई पर बहुत हद तक नियंत्रण है। कांग्रेस की बयानबाजी केवल राजनीति से प्रेरित है। यह राजनीतिक नौटंकी की पराकाष्ठा के सिवाय कुछ नहीं है।

औद्योगिक सुरक्षा की जांच: पीवीयूएनएल में अम्ल रिसाव पर मॉक ड्रिल सफल, सीईओ ने कंट्रोल रूम से खुद संभाली कमान।

आज दिनांक को पीवीयूएनएल में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), पीवीयूएनएल के निर्देशन में आपदा एवं किसी भी शत्रुतापूर्ण परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु कर्मचारियों, सीआईएसएफ एवं प्रबंधन को सजग एवं प्रशिक्षित रखने के उद्देश्य से अम्ल रिसाव (एसिड लीकेज) पर आधारित एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

इसी क्रम में आज सीआईएसएफ एवं एनडीआरएफ टीम की सहभागिता से मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई। उक्त मॉक ड्रिल का आयोजन डीएम प्लांट स्थित अम्ल भंडारण टैंक क्षेत्र में किया गया, जहां अम्ल रिसाव की काल्पनिक आपात स्थिति उत्पन्न कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान सीआईएसएफ एवं एनडीआरएफ के मध्य उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला तथा प्रबंधन का सहयोग अत्यंत सराहनीय रहा। चिकित्सालय एवं एम्बुलेंस दल पूर्ण तत्परता के साथ सक्रिय रहे। सुरक्षा अधिकारी, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजना) एवं महाप्रबंधक (परियोजना) भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पीवीयूएनएल के साथ मानव संसाधन विभागाध्यक्ष नियंत्रण कक्ष में उपस्थित रहकर संपूर्ण स्थिति पर सतत निगरानी बनाए हुए थे।

इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य अम्ल रिसाव जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करना तथा विभिन्न एजेंसियों के मध्य बेहतर तालमेल स्थापित करना था।

समाज को बांटना और तोड़ना, कांग्रेस की फितरत, यह षड्यंत्र सफल नहीं होने देंगे : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और झामुमो पर आदिवासी समाज को बांटने और तोड़ने की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला किया है। आदिवासी समागम का विरोध करने को लेकर श्री मरांडी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। उन्होंने इन दलों को चेताते हुए कहा कि समाज को बांटने और मूल आदिवासी अधिकारों को कमजोर करने की उनकी साजिश कतई सफल नहीं होगी। श्री मरांडी भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि सरना, सनातन और हिंदू में कोई अंतर नहीं है। बल्कि इनमें समानता है। ये प्रकृति की पूजा करते हैं और पेड़, पहाड़, पत्थर, जल, धरती माता की भी पूजा करते हैं। सरना, सनातन और हिंदू में ही जाति व्यवस्था है। यहां जातियों की अनेकों समूह हैं। यहां 36 कोटि देवी देवता हैं। आदिवासी समाज में देश के अंदर 700 से अधिक जातियां हैं, झारखंड में भी 32-33 जातियां हैं। अपने गांव घरों में इनकी अपनी अपनी देवी देवता हैं। यह जो विविधता में एकता है, इसका समावेश सनातन, हिंदू, सरना में है। जहां इतनी अधिक समानता है वहां पर कांग्रेस और jmm के लोग कहते हैं कि इन्हें हिंदू बनाया जा रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि हिंदू बनाने का कहीं कोई परंपरा ही नहीं है। बनाए तो क्रिश्चन और मुसलमान जाते हैं। सरना, सनातन और हिंदू तो पैदाइशी होते हैं।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास सभी को पता है। कांग्रेस का गठन करने वाले अंग्रेज रहे हैं। 1857 के सिपाही विद्रोह के बाद ही अंग्रेजों को लगने लगा कि अब देश को संभालना होगा तो एक सेफ्टी वाल्ब के रूप में कांग्रेस पार्टी का गठन किया गया। अंग्रेज ने समाज को विभाजित और तोड़कर, लोगों को आपस में लड़ा कर इस देश पर राज किया। कांग्रेस पार्टी तो उन्हीं के एक मानस पुत्र रहे हैं। इसलिए जब देश स्वतंत्र हुआ तो महात्मा गांधी ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी को खत्म कर देनी चाहिए परंतु कांग्रेस ने गांधी जी की बातों को अनसुना कर दिया। अंग्रेजों की "फूट डालो और राज करो" की संस्कृति पर ही कांग्रेस देश में लंबे वर्षों तक कार्य करती रही। अब जब देश से कांग्रेस की विदाई हो रही है तो यह पार्टी समाज को तोड़ने का नया-नया हथकंडा अपना रही है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा भाजपा व आरएसएस पर आदिवासियों को हिंदू बनाने का लगाया गया आरोप उसी हथकंडा का एक हिस्सा है। समाज को तोड़ना और कुर्सी प्राप्त करना तो कांग्रेस की फितरत है।

श्री मरांडी ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो वोट बैंक की राजनीति के लिए आदिवासी समाज में विभाजन पैदा करने का काम कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा पेसा कानून की नियमावली में आदिवासी परंपराओं और रूढ़िगत व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया गया है। जो लोग आदिवासी संस्कृति, आस्था और परंपराओं को बदलने का काम करते हैं, उन पर ये दल मौन रहते हैं। इसलिए कांग्रेस और झामुमो के मुँह से आदिवासी हित की बात शोभा नहीं देती।

श्री मरांडी ने कहा कि जहां 32वां या सुदृढ़ीकरण कर आदिवासियों को क्रिश्चियन बनाया जा रहा है, कलमा पढ़ाकर किसी को मुसलमान बनाया जाता है, लोगों की संस्कृति, परंपरा, विश्वास, आस्था को मिटाने का काम किया जा रहा है, उस मुद्दे पर कांग्रेस और झामुमो के लोग कुछ नहीं बोलते हैं। वोट बैंक की राजनीति के लिए यहां के आदिवासी, जनजाति जो मूल समाज है उनको कैसे समाज से अलग किया जाए, उनमें अलगाव पैदा किया जाए, इसके लिए षड्यंत्र किया जा रहा है, इसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। सत्ता में बैठे कांग्रेस और jmm के लोग समाज को सिर्फ बांटने तोड़ने का काम कर रहे हैं। इस प्रकार की नीतियां बहुत दिनों तक नहीं चलेगी। बहुत दिनों तक इन दलों ने बरगलाकर समाज को गुमराह किया। अब समाज जागरूक हो चुका है। समाज की अपनी मूल पहचान है, इसे समाज पहचान चुका है।

श्री मरांडी ने कहा कि जितनी भी जनजातियों की पूजा स्थल है, उसको संरक्षित, सुरक्षित और विकसित करने की जरूरत है। जगह-जगह पर सरना मसना, पहनाई की जमीन जमीन बर्बाद हो रही है, माफियाओं के चंगुल में जा रहा है। इसको बचाने और संरक्षित करने की जरूरत है, तभी संस्कृति बचेगी। जब झारखंड बना और हमारी सरकार बनी तो हमने ही जाहेरथान की घेराबंदी शुरू करवाई, मांझी थान बनवाने का काम शुरू हुआ। रघुवर दास की सरकार ने इस काम को आगे बढ़ाया।

इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद और प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी उपस्थित रही।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने भीषण गर्मी और हीटवेव को देखते हुए सभी अधिकारियों को आदेश दिए।

रांची:- मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव को देखते हुए राज्य के सभी उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी, अंचलाधिकारी , प्रखंड विकास पदाधिकारी,पंचायत प्रतिनिधियों को निदेश दिया है कि सभी सरकारी कार्यालयों के बाहर, एवं सार्वजनिक स्थलों पर आम जनों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा इसकी स्पष्ट सूचना भी प्रदर्शित करें, ताकि राहगीरों एवं आम लोगों को राहत मिल सके।

किसी भी गाँव, टोला या मोहल्ले में पेयजल की कमी के कारण लोगों को परेशानी न हो - यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सभी उपायुक्त यह भी सुनिश्चित करने का निदेश दिया है कि जहाँ कहीं भी जल संकट की स्थिति हो, वहाँ तत्काल टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति करें साथ ही चापाकलों की मरम्मत एवं अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाएँ की जाएँ। किसी भी गाँव, टोला या मोहल्ले में पेयजल की कमी के कारण लोगों को परेशानी न हो - यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने एक्स के माध्यम से कहा है कि जनहित सर्वोपरि है। भीषण गर्मी के इस दौर में प्रशासन पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्य करें ।

पीवीयूएनएल में “गर्ल्स एम्पावरमेंट मिशन 2026” का शुभारंभ 50 बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य हेतु विशेष पहल

पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल), पतरातू द्वारा 22 मई 2026 को “गर्ल्स एम्पावरमेंट मिशन (GEM) 2026” कार्यक्रम का शुभारंभ township me किया गया। इस विशेष पहल के अंतर्गत आसपास के विद्यालयों की 50 बालिकाओं का पंजीकरण किया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के साथ उन्हें भविष्य के लिए आत्मनिर्भर एवं सक्षम बनाना है।

सायंकाल आयोजित उद्घाटन समारोह में पिछले वर्ष की GEM प्रतिभागी बालिकाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं तथा अपने अनुभव साझा करते हुए नई प्रतिभागियों को प्रेरित किया। उन्होंने कार्यशाला से प्राप्त सीख, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास के बारे में बताया तथा आगामी बैच की छात्राओं को इस अवसर का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर पीवीयूएनएल के सीईओ श्री ए.के. सहगल एवं स्वर्णरेखा महिला समिति की अध्यक्षा श्रीमती रेनू सहगल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पीवीयूएनएल परिवार के महाप्रबंधकगण, वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिवारजन एवं बच्चे भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को बैग, यूनिफॉर्म, जूते, किट एवं अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई। पीवीयूएनएल द्वारा GEM 2026 के माध्यम से बालिकाओं को नई चीजें सीखने, आत्मविश्वास बढ़ाने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत एवं रोल मॉडल बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

पीवीयूएनएल, पतरातू से प्रथम फ्लाई ऐश रेक रवाना : हरित एवं सतत भविष्य की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम

पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (PVUNL), पतरातू ने 22 मई 2026 को 4000 टन फ्लाई ऐश की पहली ऐश रेक को मि./ स्टार सीमेंट, टेटेलिया, असम के लिए रवाना किया। यह गंतव्य पतरातू से लगभग 1243 किलोमीटर दूर स्थित है। विशेष बात यह रही कि पीवीयूएनएल में प्राप्त कोयला रेक को ही बैक-लोडिंग के माध्यम से फ्लाई ऐश परिवहन हेतु उपयोग में लाया गया, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हुआ।

इस ऐतिहासिक अवसर पर रेक को पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री ए.के. सहगल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर श्री अनुपम मुखर्जी, सीजीएम (प्रोजेक्ट), श्री मनीष खेतरपाल, जीएम (ओ एंड एम), श्री ओम प्रकाश सोलंकी, जीएम (मेंटेनेंस एवं एडमिनिस्ट्रेशन), पीवीयूएनएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण एवं मि./ स्टार सीमेंट के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

यह पहल पीवीयूएनएल की सतत विकास एवं कार्बन फुटप्रिंट को कम करने की प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ करती है। रेल रेक के माध्यम से 4000 टन फ्लाई ऐश के परिवहन से लगभग 15,000 लीटर डीजल की बचत हुई है, जो सामान्यतः ऐश को डिस्पोजल साइट तक पहुँचाने में प्रयुक्त होता। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ऊर्जा संसाधनों की भी महत्वपूर्ण बचत सुनिश्चित होगी।

पलामू में भाजपा प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ: आदित्य साहू बोले- विचारों की मजबूती ही संगठन की सबसे बड़ी शक्ति

पलामू महाराजा पैलेस में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान-2026 के अंतर्गत आयोजित जिला प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू एवं प्रदेश महामंत्री (संगठन) कर्मवीर सिंह के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में दोनों नेताओं द्वारा अपने सम्बोधन से कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा, कार्यपद्धति एवं राष्ट्रहित के संकल्प को लेकर मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

मौके पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है और स्वाभाविक रूप से हमारा दायित्व भी उतना ही व्यापक है। ऐसे प्रशिक्षण शिविर कार्यकर्ताओं में संगठन के प्रति निष्ठा, वैचारिक स्पष्टता, सेवा भाव एवं राष्ट्रहित के प्रति समर्पण को और अधिक सशक्त बनाते हैं।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान–2026’ केवल एक कार्यक्रम नहीं है बल्कि यह संगठन की विचारधारा, सेवा और राष्ट्र समर्पण को मजबूत करने का अभियान है। प्रशिक्षण वर्गों के माध्यम से कार्यकर्ता न केवल संगठन की विचारधारा, बल्कि व्यावहारिक कार्ययोजना से भी अवगत होते हैं।

वहीं #जिलाप्रशिक्षणवर्ग के द्वितीय सत्र में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि यह प्रशिक्षण अभियान कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा, सेवा भाव और जनसंपर्क के प्रति अधिक जागरूक एवं सक्रिय बनाने का सशक्त माध्यम है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का अंत्योदय और राष्ट्रसेवा का विचार आज भी प्रत्येक कार्यकर्ता को जनहित के लिए समर्पित होकर कार्य करने की प्रेरणा देता है। विचारों की मजबूती ही संगठन की सबसे बड़ी शक्ति होती है।

इस अवसर पर महामंत्री संगठन प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह, विधायक द्वय आलोक चौरसिया एवं शशिभूषण मेहता, पूर्व विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी, पुष्पा देवी, जिला अध्यक्ष अमित तिवारी सहित भाजपा के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।