भारतीय जनभाषा प्रचार समिति की मासिक काव्यगोष्ठी संपन्न

ठाणे । साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था भारतीय जनभाषा प्रचार समिति ठाणे के तत्वावधान में शनिवार 23 मई 2026 को मुन्ना विष्ट कार्यालय सिडको ठाणे में मासिक काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार त्रिलोचन सिंह अरोरा ने किया तथा मुख्य अतिथि के रूप में संगीत साहित्य मंच के संस्थापक रामजीत गुप्ता उपस्थित थे।मंच का खूबसूरत संचालन नरसिंह हैरान जौनपुरी ने किया।गोष्ठी का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके वंदना से हुआ।साहित्यकारों में वरिष्ठ साहित्यकार एवं मार्गदर्शक तिलकराज खुराना,विनय सिंह विनम्र,नंदलाल क्षितिज,अनिल कुमार राही,डॉ वफ़ा वारसी, अजय कुमार सिंह,ओमप्रकाश सिंह एवं युवा कवि प्रथमेश प्रवीण नाईक मुख्य रूप से उपस्थित थे।उपस्थित सभी साहित्यकारों एवं लेखकों ने अपनी रचनाओं से उपस्थित श्रोता साहित्यकारों को मंत्रमुग्ध कर दिया।अंत में संस्था अध्यक्ष विनय सिंह विनम्र ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए राष्ट्रगान के साथ समापन किया।
एक जीवित विश्वविद्यालय का स्वरूप है स्त्री
—  डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार


माना कि महिलाएँ आज भी
रसायन विज्ञान, भौतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र,
प्रबंधन, बैंकिंग और अनेक क्षेत्रों में
संख्या के आधार पर पुरुषों से कम दिखाई देती हैं…

लेकिन फिर भी
इन सभी क्षेत्रों के बड़े-बड़े वैज्ञानिकों,
अर्थशास्त्रियों, प्रबंधकों और विद्वानों की
पहली गुरु, पहली पाठशाला
और पहली प्रयोगशाला
एक स्त्री ही होती है —
माँ।

वह प्रयोगशाला
जहाँ इंसान गढ़े जाते हैं…
जहाँ संस्कारों की नींव रखी जाती है,
जहाँ प्रेम, त्याग, अनुशासन
और मानवता का निर्माण होता है।

स्त्रियाँ जन्मजात विदुषी होती हैं।
वह लक्ष्मी भी हैं,
अन्नपूर्णा भी हैं,
सरस्वती भी हैं…
और समय आने पर
दुर्गा भी बन जाती हैं।

जिसे दुनिया अक्सर
केवल “घर संभालना” कहकर
छोटा समझ लेती है,
असल में वही
सबसे बड़ा प्रबंधन है।

एक पुरुष शायद घर चला सकता है,
पर एक स्त्री
पूरे घर में जीवन भर देती है।
वह दीवारों को घर
और घर को परिवार बनाती है।

इतिहास गवाह है
कि संसार के बड़े-बड़े वीर,
महापुरुष और युग निर्माता भी
किसी स्त्री की गोद में ही
संस्कार पाकर महान बने।

वह माँ राजमाता जिजाबाई ही थीं
जिन्होंने बालक शिवा को
केवल पुत्र नहीं,
एक वीर, धर्मरक्षक और राष्ट्रनायक
छत्रपति शिवाजी महाराज बनाया।

वह माँ जयवंता बाई ही थीं
जिन्होंने अपने पुत्र में
स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रप्रेम के
ऐसे संस्कार डाले
कि वही बालक आगे चलकर
महाराणा प्रताप बना।

क्योंकि संसार की हर महान प्रतिभा की
पहली पाठशाला
एक माँ होती है।

एक स्त्री कितनी विदुषी होती है,
आइए उसके जीवन को ही
एक जीवित विश्वविद्यालय मानकर
उसकी अद्भुत विद्वता को समझने का प्रयास करें।

क्या कभी किसी ने
सच में समझा है
उस स्त्री की बुद्धिमत्ता को
जो दिन-रात
सिर्फ घर नहीं संभालती,
बल्कि जीवन सँवारती है?

हम डिग्रियों में ज्ञान ढूँढते हैं,
पद और पहचान में सम्मान ढूँढते हैं…
पर हर घर में
एक चलता-फिरता विश्वविद्यालय बसता है।

जहाँ बिना किसी किताब के
हर दिन जीवन का विज्ञान जन्म लेता है…
जहाँ अनुभव ही शिक्षा है,
और प्रेम ही सबसे बड़ी डिग्री।

जिसे दुनिया केवल घर समझती है,
वहीं से पीढ़ियाँ संस्कार सीखती हैं।
वहाँ केवल दिनचर्या नहीं चलती,
वहाँ रिश्ते, संवेदनाएँ
और सभ्यताएँ जन्म लेती हैं।

गणित वहाँ हर रोज़ मुस्कुराता है—

कितने लोगों की कितनी ज़रूरतें,
कहाँ कितना समय देना है,
कैसे सीमित साधनों में
सबकी इच्छाओं को संतुलित करना है।

बिना कॉपी-कलम के
हर हिसाब सही हो जाता है,
क्योंकि माँ के अनुभव में
ईश्वर का ज्ञान समा जाता है।

भौतिक विज्ञान भी वहीं बसता है—

कब धैर्य रखना है,
कब दृढ़ होना है,
कब मौन रहकर समझाना है,
और कब आवाज़ उठानी है।

जीवन की परिस्थितियों का
इतना सटीक संतुलन,
शायद किताबें भी
इतने प्रेम से न सिखा पाएँ।

रसायन विज्ञान का अद्भुत संसार—

वह टूटे मनों को जोड़ देती है,
क्रोध को प्रेम में बदल देती है,
उदासी में आशा घोल देती है,
और संघर्षों में साहस मिला देती है।

उसके स्पर्श में ऐसा जादू होता है
कि बिखरे हुए रिश्ते भी
फिर मुस्कुराने लगते हैं।

प्रबंधन कला की वह जीवित मिसाल है—

एक साथ चार काम करना,
सबको समय पर संभालना,
कम समय में सब व्यवस्थित करना।

यह किसी बड़ी कंपनी का
मैनेजमेंट नहीं तो और क्या है?

कॉरपोरेट की बड़ी-बड़ी बैठकों में
जिस “मैनेजमेंट स्किल” की बातें होती हैं,
उसका सबसे जीवंत रूप तो
सदियों से एक स्त्री के जीवन में दिखाई देता है।

मल्टीटास्किंग उसकी पहचान है—

एक तरफ चाय उबल रही है,
पूजा की थाली भी सज रही है,
पति और बच्चों का टिफिन भी भर रहा है,
बच्चों को उठाकर तैयार भी किया जा रहा है।

फोन भी उठा रही है,
दरवाज़ा भी खोल रही है,
और बारिश आ जाए तो
छत से कपड़े भी दौड़कर ला रही है।

खुद भी ऑफिस के लिए
तैयार हो रही है,
फिर भी चेहरे पर मुस्कान रहती है,
और घर व्यवस्थित चलता रहता है।

उसकी निरीक्षण शक्ति अद्भुत होती है—

दाल पकी या नहीं,
बच्चे का मन उदास है या नहीं,
पति की थकान चेहरे पर दिख रही है या नहीं,
घर में कौन चुपचाप किसी चिंता में है—

उसकी नज़र सब समझ जाती है।
वह शब्दों से पहले
चेहरों की भाषा पढ़ लेती है।

अर्थशास्त्र भी वही संभालती है—

सीमित बजट में घर चलाना,
भोजन तैयार करना,
बचे हुए संसाधनों का सदुपयोग करना,
मौसम के अनुसार आवश्यकताओं को चुनना।

तीज-त्योहार की तैयारी,
अतिथियों की आवभगत,
नेग और रिश्तों का निर्वाह—
घर की आर्थिक नीति
अक्सर उसी की समझ से चलती है।

मनोविज्ञान भी उसे भलीभाँति आता है—

किसका मन उदास है,
किसे प्रोत्साहन चाहिए,
कौन बिना कहे दर्द छिपा रहा है—

वह सब जानती है।

कभी वह
मदर टेरेसा सी ममता बन जाती है,
तो कभी अपने दुःख छिपाकर
सबके जीवन में उजाला भर देती है।

वह केवल परिवार नहीं संभालती,
पूरा संसार सँभालने की क्षमता रखती है।

वह स्त्री चाहे पढ़ी-लिखी हो या नहीं,
अंग्रेज़ी जानती हो या नहीं,
पर उसके अनुभव, धैर्य और प्रेम के आगे
बड़ी-बड़ी डिग्रियाँ भी छोटी लगती हैं।

वह केवल अन्नपूर्णा नहीं,
समय आने पर दुर्गा भी बन जाती है।
प्रेम दे तो गंगा सी निर्मल,
और अन्याय हो तो
चंडी सी प्रखर हो जाती है।

स्त्री को कम मत आँकिए,
क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक,
डॉक्टर, लेखक, सैनिक और उद्योगपति भी
सबसे पहले
एक माँ की गोद में ही गढ़े जाते हैं।

दुनिया की हर महान प्रतिभा की
पहली प्रयोगशाला,
एक स्त्री की ममता ही होती है।

क्योंकि
स्त्री केवल घर नहीं संभालती,
वह पीढ़ियाँ गढ़ती है,
संस्कार बोती है,
और प्रेम से संसार रचती है।

इसलिए अगली बार
जब वह चुपचाप
सबकी चिंता करती दिखाई दे,
तो उसे सामान्य मत समझिए…

एक पल रुककर
उस माँ, पत्नी, बहन या बेटी को
दिल से धन्यवाद ज़रूर कहिए,
जो अपने हिस्से की थकान छिपाकर भी
आपके जीवन को सहज बनाती है।

और केवल धन्यवाद ही नहीं…
कभी उसके लिए भी
थोड़ा समय निकालिए,
उसकी मुस्कान का कारण बनिए।

आइए नमन करें
उस महामानवी को,
जो अपने हाथों से
केवल कार्य नहीं करती,
बल्कि पूरे घर में
प्रेम, अपनापन और जीवन भर देती है।

जो हर परेशानी को
मुस्कान से हल्का कर देती है,
और अपने त्याग से
घर को सचमुच स्वर्ग बना देती है।
समरस फाउंडेशन ने किया गौरव उमेश तिवारी का सम्मान

मुंबई। मुंबई की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था समरस फाउंडेशन द्वारा आज सोइथा, जौनपुर के ब्लॉक प्रमुख डॉ उमेश तिवारी के सुपुत्र गौरव तिवारी का सम्मान किया गया। इस अवसर पर संस्था के चेयरमैन डॉ किशोर सिंह, महासचिव वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, उपाध्यक्ष मानिकचंद यादव, रामकृपाल शर्मा, पूरव गांधी,अनिल कनौजिया तथा शमशाद भाई उपस्थित रहे। देहरादून से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद गौरव तिवारी मुंबई में Waaree RTL में एसोसिएट मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं।
प्रिंसिपल संजय मिश्रा के पिता गणेश मिश्रा का निधन, श्रद्धांजलि देने पहुंचे लल्लन तिवारी
भायंदर। श्री एल आर तिवारी डिग्री कॉलेज मीरा रोड के प्रिंसिपल संजय मिश्रा के पिता गणेश माखनलाल मिश्रा का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे। आज सुबह अंत्येष्टि के पूर्व राहुल एजुकेशन के चेयरमैन लल्लन तिवारी, सीओओ उत्सव तिवारी ने देवी दर्शन टावर, भायंदर पश्चिम स्थित उनके आवास पर पहुंचकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मीरा भायंदर महानगरपालिका परिवहन समिति सभापति एडवोकेट राजकुमार मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, प्रोफेसर महेश काबरा, देवाशीष साहा, संतोष हुबाले, विकास तिवारी, ईगल बैंकर, सुशील सिंह, जैनेन्द्र पेंडेकर,भावेश सावंत, प्रवीण पांडे, नितिन जाधव, नरेंद्र दुबे समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। राजस्थान के नवलगढ निवासी गणेश माखनलाल मिश्रा अत्यंत विनम्र उदार और धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति रहे। यही कारण था कि उनके निधन की खबर सुनते ही सभी शोकाकुल हो गए। उनके पुत्र संजय मिश्रा ने उन्हें मुखाग्नि दी।
बिंद समाज विकास संघ ने मृत्युभोज बंद करने की चलाई मुहिम
मुंबई । बिंद समाज विकास संघ के पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश के जिलों का दौरा कर रहे हैं जिसमें गत दिवस बिंद समाज विकास संघ द्वारा मृत्यु भोज बंद करो अभियान चलाया गया।जिसमें भदोही,आजमगढ़, गाजीपुर, जौनपुर , प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली, सारनाथ, प्रतापगढ़, कई जिलों में संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ शेषधर बिंद की अगुवाई में अभियान चलाया गया।प्रकृति की मार तेज आंधी तूफान से जान माल के नुकसान होने पर संघ के कार्यकर्ताओं ने सभी के घर जा जाकर मृतक के पार्थिव शरीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना किया।मृतक के परिवार एवं ग्राम वासियों को 13वीं भोज यानी मृत्यु भोज से बचने के लिए बैठकर विस्तार में चर्चा करते हुए मृत्यु भोज का बहिष्कार किया। जिसमें ग्राम वासियों में  बिंद समाज विकास संघ के कार्यों की जमकर सराहना की और मृत्यु भोज न खाने न खिलाने  का फैसला किया। संघ के कार्यकर्ताओं ने लोगों को समझाते हुए बताया कि कफन देने के बजाय कफन खरीदने में जो पैसे खर्च होते हैं। सौ, दो सौ, पांच सौ, वह मृतक के परिवार को सहयोग रूप में दें, पूरा कफन जलाया नहीं जाता  सब गंगा जी में फेंक दिया जाता है। जिससे गंगा का पानी भी दूषित हो रहा है, और अगर किसी अस्पताल में परिवार का कोई भी सदस्य भर्ती रहता है वहां जाकर फल या कुछ खाने की वस्तु ले जाकर देने के बजाय सौ , दो सौ, पांच सौ, जो सहयोग हो सके उनको दे ताकि उनके एक दिन की दवा के काम आता है, उनके परिवार को चाय नाश्ता  खाना खिलाए उनका चाय भी न पिए।अभियान में, मुख्य रूप से अध्यक्ष सहित, उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोक जयशंकर कलंदर बिंद,सूरत गुजरात प्रदेश अध्यक्ष फूलचंद बिंद, सूरत महासचिव दीनानाथ बिंद, सूरत प्रवक्ता गुलाब चंद्र बिंद, सूरत युवसेना अध्यक्ष सुरेश कुमार बिंद, बी एस वी एस न्यूज रिपोर्टर अरविंद बिंद, सूरत महानगर महिला प्रदेश अध्यक्ष बिंदु बिंद, भदोही जिला अध्यक्ष डॉ रमाशंकर बिंद,जिला भदोही सलाहकार डॉ हरिश्चंद्र बिंद,जिला भदोही संगठन मंत्री मोहनलाल बिंद, युवासेना संगठन मंत्री राज बिहारी बिंद, उदल कुमार बिंद, बसंत लाल मौर्य,सुभाष बिंद, गोरेलाल बिंद, मौजूद रहे।
उत्तर भारतीय मोर्चा, मुंबई अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा के जन्मदिन समारोह में शामिल हुए गणमान्य
मुंबई । भारतीय जनता पार्टी उत्तर भारतीय मोर्चा के मुंबई अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा का जन्मदिन पूरे उत्साह और भव्यता के साथ मुलुंड, अंधेरी  सहित अन्य स्थानों पर मनाया गया। इस अवसर पर जहाँ भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा ईशान्य मुंबई द्वारा मुलुंड पश्चिम स्थित श्री मुलुंड नागरिक सभा में  वरिष्ठ पदाधिकारी आरडी यादव, उभामो मुंबई उपाध्यक्ष विजय सिंह की माध्यम से कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में  मनीष तिवारी, राजेश यादव , आरके मिश्रा, मनोज सिंह, राजेश गुप्ता, कौशिक पाटिल सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, मंडल पदाधिकारी, वार्ड अध्यक्ष एवं वार्ड पदाधिकारियों ने उपस्थित होकर प्रमोद मिश्रा को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं तथा उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और जय श्री राम के उद्घोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। विजय सिंह ने कहा कि प्रमोद मिश्रा के नेतृत्व में संगठन लगातार मजबूत हो रहा है तथा उत्तर भारतीय समाज को जोड़ने कार्य कर रहे हैं ।
राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की पहली बैठक में शामिल हुए मुंबई कांग्रेस के पदाधिकारी
मुंबई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के अल्पसंख्यक विभाग की राष्ट्रीय सलाहकार परिषद पूरे भारत से 50 सदस्यों की कमेटी बनाई गई है ।आज पहली बैठक का आयोजन नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में किया गया। राहुल गांधी की अध्यक्षता में आयोजित इस मीटिंग में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के सी वेणुगोपाल, अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी, तारिक अनवर आदि के अलावा मुंबई कांग्रेस के अनेक पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक मे सिख ईसाई, बौद्ध , पारसी मुस्लीम समाज को ज्यादा से ज्यादा जोड़ने तथा युवाओं को भी कांग्रेस पार्टी से जोड़ने पर जोर दिया गया। साथ ही बूथ स्तर पर कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने की दिशा में चर्चा की गई। बैठक के दौरान एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी की अध्यक्षता में लीगल विंग सेल बनाया गया और तय किया गया कि देश में किसी भी युवा को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर यह सेल उनके लिए कानूनी लड़ाई लड़ेगा तथा न्याय दिलाने का काम करेगा।  इस अवसर पर मुंबई से उपस्थित प्रमुख लोगों में मुंबई अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष फरहान आज़मी, पूर्व सांसद मोहम्मद अजहरूद्दीन, महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आरिफ नसीम खान, विधायक असलम शेख विधायक अमीन पटेल का समावेश रहा।
दि कुर्ला नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड का IFSC कोड कार्यान्वित
मुंबई। दि कुर्ला नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड का IFSC कोड आधिकारिक रूप से कार्यान्वित किया गया। कुर्ला सगो बर्वे शाखा में नई सुविधा का उद्घाटन आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली के हाथों बैंक के अध्यक्ष तुकाराम धोंडे पाटील की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर अनिल गलगली ने अध्यक्ष, संचालक मंडल, अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने सदस्यों एवं खाताधारकों से नए खाते खोलने तथा डिपॉजिट बढ़ाने के लिए आगे आने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बैंक के अध्यक्ष तुकाराम धोंडे पाटील, संचालक बाळासाहेब काटकर, गणेश विरकर, संजय पवार, वालचंद माने, मोहन गव्हाणे, शेखर भोसले, अमोल शेडगे, माधव गडदे, गोपाळ शेलार, बाळासाहेब पुकळे, वनिता साळुंखे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशिकांत अभंग, आईटी सहायक सरव्यवस्थापक पियुष महाजन, शाखाधिकारी सुनिल पोळ. तुषार कदम उपस्थित थे।
पूर्वांचल विकास परिवार ने किया युवा समाजसेवी मानिकचंद यादव का सम्मान
मुंबई। पूर्वांचल राज्य के गठन से लेकर वहां की बुनियादी समस्याओं के निराकरण के लिए सतत प्रयत्नशील सामाजिक संस्था पूर्वांचल विकास परिवार द्वारा आज युवा समाजसेवी मानिकचंद यादव के जन्मदिन के उपलक्ष में सम्मान किया गया। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ द्रिगेश यादव ने संस्था की तरफ से उनका सम्मान करते हुए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि मानिकचंद यादव हर व्यक्ति के सुख-दुख में पहुंचने वाले इंसान हैं। इनके सामाजिक कार्यों की जितनी भी सराहना की जाए कम है। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे विशेष रूप से उपस्थित रहे।
पूर्वांचल विकास परिवार ने किया युवा समाजसेवी मानिकचंद यादव का सम्मान
मुंबई। पूर्वांचल राज्य के गठन से लेकर वहां की बुनियादी समस्याओं के निराकरण के लिए सतत प्रयत्नशील सामाजिक संस्था पूर्वांचल विकास परिवार द्वारा आज युवा समाजसेवी मानिकचंद यादव के जन्मदिन के उपलक्ष में सम्मान किया गया। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ द्रिगेश यादव ने संस्था की तरफ से उनका सम्मान करते हुए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि मानिकचंद यादव हर व्यक्ति के सुख-दुख में पहुंचने वाले इंसान हैं। इनके सामाजिक कार्यों की जितनी भी सराहना की जाए कम है। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे विशेष रूप से उपस्थित रहे।