सरकार ईंधन के दाम किस्तों में बढ़ा रही है…’, पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों पर राहुल गाधी का सरकार पर हमला

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पेट्रोल-डीजल के दामों में पिछले 10 दिनों में चौथी बार बढ़ोतरी हुई है। बढ़ती महंगाई पर विपक्ष केंद्र सरकार पर जमकर हमलावर है। नेता प्रतीपक्ष राहुल गांधी ने किस्तों में ईंधन के दाम बढ़ाकर सरकार पर आम लोगों की जेब पर डाका डालने का आरोप लगाया है।

चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने के आरोप

कांग्रेस सांसद ने सोमवार को चौथी बार पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ईंधन के दाम किस्तों में बढ़ा रही है, ताकि आम लोगों की जेब पर लगातार बोझ पड़ता रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से आर्थिक संकट की चेतावनी दी जा रही थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावों में व्यस्त थे और चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल के दाम 8 रुपये तक बढ़ा दिए गए।

प्रियंका चतुर्वेदी का सरकार पर तंज

वहीं, शिवसेना (यूबीटी) नेता व पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने अंदाज में सरकार पर तंज कसा। प्रियंका चतुर्वेदी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'मुंबई में पेट्रोल की कीमत शगुन के 11 नंबर पर पहुंच गई है। उन्होंने दावा किया कि अगले 24 घंटों में महानगरों में डीजल की कीमत 100 रुपये तक पहुंच सकती है।'

पेट्रोल की कीमत 102 रूपये के पार

बता दें कि वैश्विक संकट के बीच देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में सोमवार को एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पेट्रोल की कीमतों में 2.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। कीमतों में बढ़ोतरी से पहले दिल्ली में पेट्रोल 99.51 रुपए प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपए प्रति लीटर बिक रहा था। लेकिन अब, राजधानी में पेट्रोल 102.12 रुपए प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है।

महंगाई का एक और झटका, पेट्रोल-डीजल की कीमत में उछाल, 10 दिन में चौथी बार बढ़े दाम

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पेट्रोल और डीजल ने आम आदमी को फिर झटका दिया है। सरकार ने आज एक बार फिर तेल के दाम बढ़ा दिए हैं। पेट्रोल ₹2.61 बढ़े तो डीजल 2.71 रुपये महंगा हो गया है। पिछले दस दिनों में ईंधन की कीमतों में चौथी बार इजाफा किया गया है।

पेट्रोल के दाम जहां 102 रुपये के पार पहुंचा

10 दिन पहले 15 मई को पेट्रोल का रेट 94.77 रुपये के करीब था और डीजल भी लगभग 87.67 पैसे पर था। लेकिन हाल ही में एक बार फिर पेट्रोल में ₹2.61 और डीजल में ₹2.71 रुपये की बढ़ोत्तरी के साथ बीते 10 दिनों में पेट्रोल के दाम जहां 102 रुपये के पार पहुंच चुका हैं, वहीं डीजल भी अब ₹95+ हो गया है।

किन शहरों में कितना महंगा हुआ पेट्रोल?

नई दरों के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यहां 2.61 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया, जहां 2.87 रुपये की बढ़ोतरी हुई। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि चेन्नई में यह 107.77 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई।

डीजल के दाम में कितना इजाफा?

डीजल की कीमतों में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिल्ली में डीजल अब 95.20 रुपये प्रति लीटर बिकेगा, जहां 2.71 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। कोलकाता में डीजल की कीमत 99.82 रुपये प्रति लीटर हो गई है। मुंबई में डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। डीजल महंगा होने का असर ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई पर ज्यादा पड़ता है। यही वजह है कि बाजार में सामानों की कीमतें बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी?

इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।

2024 से स्थिर थे दाम

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी। हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया। सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं । पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है ।

एस जयशंकर ने उठाया यूएस वीजा का मुद्दा, रुबियो ने कहा- नियम भारत को निशाना बनाकर नहीं बनाए गए

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दिल्ली के हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच बैठक हुई। एस. जयशंकर ने रविवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के सामने यूएस वीजा का मुद्दा उठाया और होने वाली परेशानियों से अवगत कराया। जिस पर मार्को रुबियो ने कहा कि ये नियम भारत को निशाना बनाकर नहीं बनाए गए हैं।

एस जयशंकर ने कहा कि हमारे संबंधों का आधार जन-संबंध हैं। मैंने विदेश मंत्री रुबियो को वैध यात्रियों को वीजा जारी करने में आने वाली चुनौतियों से अवगत कराया। हालांकि, हम अवैध और अनियमित आवागमन से निपटने के लिए सहयोग कर रहे हैं, लेकिन हमारी अपेक्षा है कि इससे वैध आवागमन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। आखिरकार यह हमारे व्यापार, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान सहयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

भारत को सबसे खास रणनीतिक साझेदार बताया

द्विपक्षीय बातचीत के दौरान जयशंकर ने जैसे ही वीजा का मुद्दा उठाया, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि 'यह पाबंदियां या कड़े नियम भारत को टारगेट करके नहीं बनाए गए हैं। यह एक ऐसी प्रणाली है जिसे वैश्विक स्तर पर लागू किया जा रहा है। लेकिन हम संक्रमण काल से गुजर रहे हैं और किसी भी संक्रमण काल की तरह, इस राह में कुछ बाधाएं तो आएंगी ही। इसके साथ ही रुबियो ने भारत को अमेरिका का सबसे खास और रणनीतिक साझेदार बताया। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लगा दिया।

भारत-अमेरिका संबंधों को बहाल करने की जरूरत नहीं- रुबियो

रुबियो ने कई क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की संभावना भी जताई है। रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और यही साझा लोकतांत्रिक आधार दोनों देशों के मजबूत सहयोग की नींव है। उनके मुताबिक दोनों देशों के कई साझा हित हैं, जिन पर मिलकर काम करना स्वाभाविक और आवश्यक है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत-अमेरिका संबंधों को बहाल करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह साझेदारी पहले से ही बेहद मजबूत और ठोस है। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य इस रिश्ते को और आगे ले जाने तथा नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का है.

व्यापार समझौते पर हुई बातचीत

इस बैठक में सिर्फ वीजा ही नहीं, बल्कि कई और बड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। भारत और अमेरिका के बीच जल्द से जल्द बड़े व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर बातचीत आगे बढ़ी। विदेश मंत्री जयशंकर ने बैठक के बाद कहा कि 'हमने पश्चिम एशिया, भारतीय उपमहाद्वीप और पूर्वी एशिया की स्थिति पर चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच हालिया सहयोग का स्वागत किया गया।

25 मई से 3 जून तक झुलसाएगी गर्मी, जानिए क्या है नौतपा

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देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। आसमान आग उगल रहा है। पूरे उत्तर भारत से लेकर दिल्ली-एनसीआर तक लोग तेज धूप और गर्म हवाओं से परेशान हैं। इसी बीच अब नौतपा की चर्चा भी तेज हो गई है। हर साल मई और जून के बीच आने वाले नौतपा को सबसे ज्यादा गर्म दिनों का दौर माना जाता है। इस बार 25 मई से 3 जून तक नौतपा की रहेगा।

क्या है नौतपा?

सनातन परंपरा और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य देव वृषभ राशि में भ्रमण करते हुए रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो उस अवधि के शुरुआती 9 दिनों को 'नौतपा' कहा जाता है। रोहिणी नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा है, जो शीतलता और जल का प्रतीक माना जाता है। जब प्रचंड अग्नि का स्रोत 'सूर्य' इस नक्षत्र में आता है, तो वह इसकी सारी शीतलता को सोख लेता है। परिणामस्वरूप, पृथ्वी पर तापमान अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच जाता है।

25 मई से 3 जून तक आसमान से बरसेगी आग

ज्योतिष गणना के अनुसार इस बार यह खगोलीय घटना 25 मई से शुरू होकर 3 जून तक चलेगा। खगोलीय विज्ञान की दृष्टि से, मई के अंत में सूर्य उत्तरी गोलार्ध में कर्क रेखा के बिल्कुल समीप होता है। इस स्थिति में सूर्य की किरणें भारत के विशाल भूभाग पर बिल्कुल लंबवत पड़ती हैं। इस समय तक मानसूनी हवाएं भारत के मुख्य भूभाग तक नहीं पहुँचती हैं, जिससे वातावरण में नमी कम और शुष्कता अधिक होती है। यही कारण है कि हवाएं 'लू' का रूप ले लेती हैं।

50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है पारा

मौसम विशेषज्ञों और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस साल का नौतपा पिछले रिकॉर्ड तोड़ सकता है। उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक, आसमान से आग बरसने वाली है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एस.एन. सुनील पांडेय के अनुसार, इस बार नौतपा के दौरान पारा 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

नौतपा की गर्मी को क्यों माना जाता है जरूरी?

ग्रामीण भारत में नौतपा का खेती से गहरा संबंध माना जाता है। किसानों का मानना है कि नौतपा जितना ज्यादा तपता है। मानसून उतना ही बेहतर होता है। गांवों में एक कहावत भी कही जाती है- "नौतपा में जितनी तपन, उतनी बरखा सुखद।" जानकारों के अनुसार, तेज गर्मी की वजह से जमीन गर्मी होती है, जिससे समुद्र में उठने वाली नमी मानसूनी बादलों को तेजी से खींचती है। यही कारण है कि कई लोग नौतपा की गर्मी को अच्छी बारिश का संकेत मानते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से भी नौतपा की गर्मी खेतों के लिए फायदेमंद मानी जाती है। भीषण गर्मी के दौरान खेतों में मौजूद कई कीट-पतंगे, बैक्टीरिया और जहरीले जीव खत्म हो जाते हैं, जिससे फसलों को नुकसान कम होता है।

व्हाइट हाउस के बाहर फिर चलीं गोलियां, सीक्रेट सर्विस ने संदिग्ध को किया ढेर, राष्ट्रपति ट्रंप अंदर थे मौजूद

#whitehousefiringtwopeopleshotinencounterwithsecretservice

एक बार फिर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में बड़ी चूक हुई है। शनिवार शाम को व्हाइट हाउस के चेकप्वाइंट पर एक शख्स ने फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि घटना के समय डोनाल्ड ट्रंप भी व्हाइट हाउस के अंदर मौजूद थे। वहीं फायरिंग की घटना के बाद व्हाइट हाउस के सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी को गोली मार दी, जिससे वह घायल हो गया। इसके बाद उसे अस्पताल लेकर जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इस घटना में एक राहगीर को भी गोली लगी है।

फायरिंग करने वाले आरोपी की मौत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाइट हाउस परिसर के नजदीक 17th स्ट्रीट और पेनसिल्वेनिया एवेन्यू NW इलाके में करीब 30 राउंड गोलियां चलने की आवाज सुनी गई। यह इलाका आइजनहावर कार्यकारी कार्यालय भवन के पास स्थित है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक संदिग्ध बंदूकधारी ने व्हाइट हाउस के बाहर बने सुरक्षा बूथ पर फायरिंग शुरू कर दी, जहां सीक्रेट सर्विस के अधिकारी तैनात थे। जवाबी कार्रवाई में सीक्रेट सर्विस के जवानों ने भी गोली चलाई, जिसमें संदिग्ध हमलावर घायल हो गया। इस गोलीबारी में एक राहगीर भी घायल हुआ। हमलावर को अस्पताल लेकर जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

गोलीबारी के समय व्हाइट हाउस में मौजूद थे ट्रंप

घटना के समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के अंदर मौजूद थे। घटना के समय सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की निगरानी बढ़ा दी थी। इस गोलीबारी के बाद पूरे इलाके में भारी सुरक्षा तैनात कर दी गई। व्हाइट हाउस के नॉर्थ लॉन को तुरंत खाली कराया गया और कुछ समय के लिए लॉकडाउन लागू किया गया।

एक महीने पहले व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में हुई थी गोलीबारी

यह घटना ऐसे समय हुई है जब पिछले महीने व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में गोलीबारी हुई थी। उस मामले में आरोपी शॉटगन लेकर सिक्योरिटी चेकपॉइंट तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश कर रहा था और उस पर ट्रंप की हत्या की कोशिश का केस चल रहा है। हाल ही में डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया की अमेरिकी अटॉर्नी जीनिन पिरो ने उस कथित हमले से जुड़ा वीडियो जारी किया था। उन्होंने दावा किया कि वीडियो में संदिग्ध कोल टॉमस एलन को अमेरिकी सीक्रेट सर्विस अधिकारी पर गोली चलाते हुए देखा गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह हमला पहले से योजना बनाकर किया गया था। वीडियो में आरोपी को घटना से एक दिन पहले होटल इलाके की रेकी करते हुए भी दिखाया गया। अमेरिकी अटॉर्नी टोंड ब्लैंच ने बताया कि आरोपी कोल टॉमस एलन पर तीन संघीय आरोप लगाए गए हैं और एफबीआई के साथ मिलकर मामले की जांच जारी है।

व्हाइट हाउस के बाहर फिर चलीं गोलियां, सीक्रेट सर्विस ने संदिग्ध को किया ढेर, राष्ट्रपति ट्रंप अंदर थे मौजूद

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एक बार फिर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में बड़ी चूक हुई है। शनिवार शाम को व्हाइट हाउस के चेकप्वाइंट पर एक शख्स ने फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि घटना के समय डोनाल्ड ट्रंप भी व्हाइट हाउस के अंदर मौजूद थे। वहीं फायरिंग की घटना के बाद व्हाइट हाउस के सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी को गोली मार दी, जिससे वह घायल हो गया। इसके बाद उसे अस्पताल लेकर जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इस घटना में एक राहगीर को भी गोली लगी है।

फायरिंग करने वाले आरोपी की मौत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाइट हाउस परिसर के नजदीक 17th स्ट्रीट और पेनसिल्वेनिया एवेन्यू NW इलाके में करीब 30 राउंड गोलियां चलने की आवाज सुनी गई। यह इलाका आइजनहावर कार्यकारी कार्यालय भवन के पास स्थित है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक संदिग्ध बंदूकधारी ने व्हाइट हाउस के बाहर बने सुरक्षा बूथ पर फायरिंग शुरू कर दी, जहां सीक्रेट सर्विस के अधिकारी तैनात थे। जवाबी कार्रवाई में सीक्रेट सर्विस के जवानों ने भी गोली चलाई, जिसमें संदिग्ध हमलावर घायल हो गया। इस गोलीबारी में एक राहगीर भी घायल हुआ। हमलावर को अस्पताल लेकर जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

गोलीबारी के समय व्हाइट हाउस में मौजूद थे ट्रंप

घटना के समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के अंदर मौजूद थे। घटना के समय सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की निगरानी बढ़ा दी थी। इस गोलीबारी के बाद पूरे इलाके में भारी सुरक्षा तैनात कर दी गई। व्हाइट हाउस के नॉर्थ लॉन को तुरंत खाली कराया गया और कुछ समय के लिए लॉकडाउन लागू किया गया।

एक महीने पहले व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में हुई थी गोलीबारी

यह घटना ऐसे समय हुई है जब पिछले महीने व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में गोलीबारी हुई थी। उस मामले में आरोपी शॉटगन लेकर सिक्योरिटी चेकपॉइंट तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश कर रहा था और उस पर ट्रंप की हत्या की कोशिश का केस चल रहा है। हाल ही में डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया की अमेरिकी अटॉर्नी जीनिन पिरो ने उस कथित हमले से जुड़ा वीडियो जारी किया था। उन्होंने दावा किया कि वीडियो में संदिग्ध कोल टॉमस एलन को अमेरिकी सीक्रेट सर्विस अधिकारी पर गोली चलाते हुए देखा गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह हमला पहले से योजना बनाकर किया गया था। वीडियो में आरोपी को घटना से एक दिन पहले होटल इलाके की रेकी करते हुए भी दिखाया गया। अमेरिकी अटॉर्नी टोंड ब्लैंच ने बताया कि आरोपी कोल टॉमस एलन पर तीन संघीय आरोप लगाए गए हैं और एफबीआई के साथ मिलकर मामले की जांच जारी है।

लुटियंस दिल्ली के प्रतिष्ठित जिमखाना क्लब पर संकट !
* केंद्र सरकार ने 5 जून तक परिसर खाली करने का दिया आदेश

नई दिल्ली। राजधानी के प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक दिल्ली जिमखाना क्लब को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। केंद्र सरकार ने क्लब को 5 जून 2026 तक जमीन और परिसर खाली करने का निर्देश दिया है। सरकार ने अपने आदेश में “सार्वजनिक उद्देश्य”, “रक्षा ढांचे” और “राष्ट्रीय सुरक्षा” का हवाला दिया है।

इस फैसले के बाद लुटियंस दिल्ली के राजनीतिक, नौकरशाही और कारोबारी हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर देश के सबसे प्रभावशाली क्लबों में गिने जाने वाले इस संस्थान की जमीन पर किसकी नजर है और सरकार की आगे की योजना क्या है।

करीब 27 एकड़ में फैला दिल्ली जिमखाना क्लब राजधानी के सफदरजंग रोड इलाके में स्थित है। लगभग 108 वर्ष पुराने इस क्लब की स्थापना ब्रिटिश काल में “इम्पीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब” के रूप में हुई थी। आजादी के बाद इसका नाम बदलकर “दिल्ली जिमखाना क्लब” कर दिया गया।

दिल्ली जिमखाना क्लब की सदस्यता देश की राजनीति, नौकरशाही, सेना, न्यायपालिका और उद्योग जगत की कई प्रमुख हस्तियों के पास रही है। यही वजह है कि क्लब से जुड़ा यह घटनाक्रम सत्ता और प्रशासनिक गलियारों में खासा महत्व रखता है।

हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि परिसर खाली कराने के बाद उक्त जमीन का उपयोग किस परियोजना या उद्देश्य के लिए किया जाएगा। आने वाले दिनों में इस मामले पर और तस्वीर साफ होने की संभावना है।
पीएम मोदी से मिले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, जानें किन मुद्दों पर हुई बात?

#ussecretaryofstatemarcorubiometwithprimeministernarendra_modi

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को पीएम मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटें तक चर्चा चली। इस बैठक में विदेश मंत्री एस जय शंकर के अलावा एनएसए अजीत डोभाल भी मौजूद रहे हैं।

इन मुद्दों पर मंथन

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि बातचीत के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि वैश्विक हितों के लिए भारत और अमेरिका का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका भविष्य में भी आपसी सहयोग को और गहरा करते रहेंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिरता व विकास के लिए मिलकर काम करेंगे।

अमेरिका-भारत सहयोग को और गहरा करने पर सार्थक चर्चा- सर्जियो गोर

वहीं, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने X पर मीटिंग की फोटो शेयर की। उन्होंने लिखा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के लिए मार्को रूबियो के साथ शामिल होकर बहुत अच्छा लगा। हमने सुरक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण तकनीकों के क्षेत्रों में अमेरिका-भारत सहयोग को और गहरा करने के तौर-तरीकों पर सार्थक चर्चा की। ये ऐसे क्षेत्र हैं जो हमारे दोनों राष्ट्रों को मजबूत करते हैं और एक स्वतंत्र व खुले इंडो-पैसिफिक को आगे बढ़ाते हैं। भारत और अमेरिका का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साझेदार है!

पीएम को व्हाइट हाउस आने का दिया न्योता

अमेरिकी विदेश मंत्री ने पीएम मोदी को व्हाइट हाउस आने का भी न्योता दिया। इससे पहले नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के नेताओं के बीच व्यापार, सुरक्षा संबंधों समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

कल जयशंकर के साथ रूबियो की द्विपक्षीय वार्ता

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो रविवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा वह नई दिल्ली में होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भी शामिल होंगे। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, निवेश, महत्वपूर्ण तकनीक और जन-जन के संबंधों को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। साथ ही पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति जैसे विषय भी बातचीत का हिस्सा रहेंगे।

जनता की कमाई को किश्तों में लूटा जा रहा है', पेट्रोल-डीजल के बढ़े दाम पर खरगे का हमला

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पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। बीते 10 दिनों में ये तीसरी बार बढ़े हैं। पेट्रोल की कीमतों में 87 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया है, वहीं डीजल के रेट 91 पैसे प्रति लीटर बढ़ाए गए हैं। देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर सियासत तेज हो गई है। इसको लेकर कांग्रेस ने शनिवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।

जनता की कमाई पर किश्तों में लूटमार-खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को केंद्र सरकार पर जनता की कमाई किस्तों में लूटने का आरोप लगाया। खरगे ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा कि पेट्रोल अब हुआ 100 रूपये पार, अबकी बार… जनता की कमाई पर किश्तों में लूटमार। पेट्रोल-डीजल पर रोजाना 1000 रुपये करोड़ का केंद्रीय कर लगाकर भाजपा का पेट नहीं भरा। अंतरराष्ट्रीय दाम जब कम थे तब जनता को फायदा नहीं पहुंचाया, उन्हें जमकर लूटा।'

लोगों को “त्याग” का संदेश दिया- खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'जब संकट आया तो, चुनाव में जुट गए और चुनाव बाद त्याग का उपदेश दिया, फिर 8 दिनों में 3 बार पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ाए। हमें बताया गया कि विदेशों के मुकाबले भारत में दाम सबसे कम हैं। पश्चिम एशिया में जंग शुरू होने के बाद जब मोदी जी हम भारतीयों को सब ठीक है की घुट्टी पिला रहे थे तब बाकि देश अपनी-अपनी जनता को राहत पहुंचा रहे थे।'

खरगे ने इन देशों का दिया उदाहरण

खरगे ने कई देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि इटली ने ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर लोगों को राहत दी। उन्होंने कहा कि, ऑस्ट्रेलिया ने भी टैक्स कम कर पेट्रोल की कीमतों में करीब 17 रुपये प्रति लीटर तक राहत दी। जर्मनी ने तेल पर टैक्स घटाकर कीमतों में 17 से 19 रुपये प्रति लीटर तक कमी की। ब्रिटेन ने परिवारों को 100 पाउंड की सहायता देने के साथ ईंधन और बिजली पर टैक्स कम किए। आयरलैंड ने भी राहत पैकेज देकर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की।

खरगे ने पूछा- लूट की किश्त किस-किस को जा रही?

पोस्ट के अंत में खरगे ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री मोदी बताइए, इस लूट की किश्त किस-किस को जा रही है? आप इतने 'कंप्रोमाइज्ड' क्यों हैं?' उन्होंने दावा किया कि इस सरकार में नेतृत्व का संकट असली है, 140 करोड़ भारतीय अब ये समझ गए हैं।

कांग्रेस बोली-‘महंगाई मैन’ मोदी

वहीं, कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘महंगाई मैन’ मोदी ने पिछले 9 दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम 5 रुपये बढ़ा दिए हैं। आज फिर पेट्रोल 94 पैसे और डीजल 95 पैसे महंगा कर दिया गया। मोदी को सिर्फ तेल कंपनियों के मुनाफे की चिंता है। दुनिया भर की सरकारें अपने नागरिकों को राहत दे रही हैं, जबकि मोदी सरकार अपने ही लोगों को लूटने में लगी है। कम से कम एक बार जनता के हित के बारे में सोचिए, आखिर कब तक पूंजीपतियों का पक्ष लेते रहेंगे?'

भारत पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री, कोलकाता में ‘मदर हाउस’ का किया दौरा, आज दिल्ली में PM मोदी से मुलाकात

#ussecretaryofstatemarcorubioarrivesinindia

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो शनिवार को अपनी पहली भारत यात्रा पर पहुंचे। चार दिन के भारत दौरे पर आए रुबियो का कोलकाता एयरपोर्ट पर भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से मार्को रुबियो सीधे सेंट टेरेसा की संस्था ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ के मुख्यालय ‘मदर हाउस’ पहुंचे। जहां उन्होंने संस्था के अधिकारियों से मुलाकात की और वहां चल रहे सेवा कार्यों की जानकारी ली।

14 साल बाद किसी अमेरिकी विदेश मंत्री का कोलकाता दौरा

अमेरिका के किसी विदेश मंत्री का यह 14 साल बाद कोलकाता दौरा है। इससे पहले मई 2012 में तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन कोलकाता आई थीं। मार्को रुबियो का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब पश्चिम बंगाल में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में नई सरकार बनी है।

पीएम मोदी से भी करेंगे मुलाकात

भारत में अमेरिकी राजदूत राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर रुबियो के आगमन की जानकारी दी। रुबियो का भारत दौरा 23 से 26 मई तक प्रस्तावित है। अपने दौरे के दौरान रुबियो की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात होगी, जिसमें व्यापार, टेक्नोलॉजी, रक्षा सहयोग और क्वाड समेत कई रणनीतिक विषयों पर चर्चा की जाएगी।

एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय मीटिंग

वहीं, रविवार 24 मई 2026 को सुबह 11.30 बजे वह विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय मीटिंग करेंगे। मेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग प्रमुख एजेंडा है। भारत की सैन्य क्षमताओं में पहले से ही अमेरिकी तकनीक की अहम भूमिका है। भारतीय वायुसेना और नौसेना बोइंग पी-8 पोसाइडन विमान, एमक्यू-9बी स्काईगार्डियन ड्रोन, एम777 हॉवित्जर तोप और बोइंग सी-17 ग्लोबमास्टर-III जैसे आधुनिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रही हैं। हालांकि, बातचीत अब केवल रक्षा खरीद तक सीमित नहीं रह गई है। दोनों देश रक्षा प्रणालियों के को-प्रोडक्‍शन, एआई, सेमीकंडक्टर और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दे रहे हैं। माना जा रहा है कि यह साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करेगी।

क्‍वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे रुबियो

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ऐसे समय भारत पहुंचे हैं, जब क्वाड देशों भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने के लिए अहम बैठक कर रहे हैं। भारत के लिए क्वाड हाल के वर्षों में रक्षा सहयोग, उभरती प्रौद्योगिकियों और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच क्वाड को चार लोकतांत्रिक देशों के बीच रणनीतिक समन्वय बढ़ाने वाले समूह के रूप में भी देखा जा रहा है।