जनपद में हीटवेव से निपटने हेतु तैयारियों की समीक्षा बैठक कर जिलाधिकारी द्वारा दिये गये आवश्यक दिशा- निर्देश
भीषण गर्मी को लेकर प्रशासन गंभीर, जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण की बैठक में हुई तैयारियों की समीक्षा
सुलतानपुर, जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न प्रकार की सम्भावित आपदाओं विशेष रूप से बाढ़, लू, सूखा, भारी वर्षा से बचाव एवं योजना निर्माण किये जाने को दृष्टिगत रखते हुए जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0) राकेश सिंह सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे। बैठक में जनपद में हीट वेव से बचाव, राहत एवं जनजागरूकता, बाढ़ प्रबन्धन, सूखा प्रबन्धन, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, विद्युत, श्रम, शिक्षा सहित आदि विभागों द्वारा राहत बचाव सम्बन्धी तैयारियों का पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतीकरण का अवलोकन करते हुए विस्तृत समीक्षा की गयी तथा सम्बन्धित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।
जिलाधिकारी ने कहा कि हीट वेव को एक गंभीर आपदा के रूप में लेते हुए सभी विभाग समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं जिला चिकित्सालय में हीट स्ट्रोक, डायरिया, उल्टी, दस्त से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु पर्याप्त दवाओं, ओआरएस, पेयजल एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। साथ ही चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी संवेदनशीलता के साथ लगायी जाये।
बैठक में नगर निकायों एवं ग्राम पंचायतों को सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पेयजल की समुचित व्यवस्था करने, प्याऊ संचालित कराने तथा साफ-सफाई बनाये रखने तथा तहसील स्तर पर आम जनमानस हेतु कूलरूम तैयार किये जाने के निर्देश दिये गये। विद्युत विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा जारी हेल्पलाइन नम्बरों पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाये तथा जल निगम को पर्याप्त जलापूर्ति बनाये रखने के निर्देश दिये गये।
जिलाधिकारी ने श्रम विभाग एवं सम्बन्धित अधिकारियों को निर्माण स्थलों एवं खुले में कार्य करने वाले श्रमिकों के कार्य समय हेतु श्रम विभाग द्वारा एडवाइजरी जारी कर समय में परिवर्तन करते हुए दोपहर 12ः00 बजे से 03ः00 के मध्य किसी श्रमिक से कार्य न लिये जाने हेतु निर्देशित किया गया तथा निर्माण स्थलों, ईट भट्ठों सहित अन्य स्थलों का निरीक्षण कर जारी एडवाइजरी का अनुपालन सुनिश्चित किया जाये। स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर विभिन्न स्थलों पर श्रमिकों हेतु स्वास्थ्य परीक्षण कैम्प लगाया जाये।
जिलाधिकारी द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित करते हुए कहा गया कि सभी विद्यालयों को बन्द रखा जाये, किसी प्रकार का समर कैम्प आदि न संचालित किया जाये, यह भी सुनिश्चित करें।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि जनपद स्तर पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाये, जिसके अंतर्गत सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से प्रचार-प्रसार कर आमजन को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलने, अधिक मात्रा में पानी पीने, हल्के सूती वस्त्र पहनने एवं लू से बचाव सम्बन्धी उपायों की जानकारी दी जाये।
जिलाधिकारी द्वारा कम बारिश की स्थिति में पड़ने वाले सूखे से निपटने के लिये की गयी तैयारियों के सम्बन्ध में सम्बन्धित से जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देशित किया कि फसलों को बचाने हेतु उचित व्यवस्था, खराब नलकूपों व सूखे तालाबों को चिन्हित कर ससमय सही करा लिया जाये। सूखे की स्थिति में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ सभी को मिले यह सुनिश्चित किया जाय।
जिलाधिकारी द्वारा सम्भावित बाढ़ प्रबन्धन हेतु गोमती नदी में आने वाली बाढ़ से राहत व बचाव हेतु तैयार किये गये एक्शन प्लान की समीक्षा की गयी। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि राशन, जरूरत के सामान, दवाईयां, मूलभूत सुविधाएं, नाव, गोताखोर, बाढ़ चौकियां तहसीलवार, बाढ़ शरणालय, स्नेक वेनम, एनडीआरएफ, मेडिकल स्टाफ, पेयजल, खाद्य सामग्री आदि की पहले से तैयारियां कर ली जाय और दिये गये दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाये। उन्होंने निर्देशित किया कि सम्भावित भारी वर्षा के दौरान होने वाले जलभराव की स्थिति से निपटने के लिये नालों की सफाई, ड्रेनेज सिस्टम को साफ रखने की तैयारी पूर्व से करना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देशित किया कि सम्भावित प्रभावित क्षेत्रों में समय से पहले हेल्पलाइन नम्बरों को जनसामान्य तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाये।
जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि हीट वेव, सूखा, बाढ़ से सम्बन्धित किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने हेतु त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें तथा विभागीय कार्ययोजना के अनुसार सतत निगरानी बनाये रखें। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जायेगी। बैठक में सभी सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।![]()
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भीषण गर्मी को लेकर प्रशासन गंभीर, जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण की बैठक में हुई तैयारियों की समीक्षा

सुल्तानपुर में अयोध्या-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। गुप्तारगंज कस्बे के चंडिका देवी धाम के पास एक तेज रफ्तार ट्रेलर और कंटेनर की आमने-सामने की टक्कर में कंटेनर चालक की मौत हो गई। इस दुर्घटना के बाद राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कंटेनर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलते ही थाना कूरेभार पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल कंटेनर चालक को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस से राजकीय मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर भेजा गया।
मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद चालक को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान धम्मौर थाना क्षेत्र के बनकेपुर निवासी मोहम्मद कफील के रूप में हुई है। चालक की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों भारी वाहन तेज गति से गुजर रहे थे, तभी अचानक अनियंत्रित होकर उनमें जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए क्रेन की सहायता से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया और देर रात तक यातायात बहाल कराया। थाना कूरेभार के थानाध्यक्ष संदीप त्रिपाठी ने बताया कि घायल कंटेनर चालक मोहम्मद कफील की उपचार के दौरान मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बल्दीराय के सीओ आशुतोष कुमार ने जानकारी दी कि मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
सुल्तानपुर में मॉर्निंग वॉक कर रही एक महिला अनुदेशक की सड़क हादसे में मौत हो गई। यह घटना आज गुरुवार की सुबह कोतवाली नगर अमहट क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय रानीगंज के पास हुई। अज्ञात बोलेरो की टक्कर से दो अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं,जिन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
मृतक महिला की पहचान दीपिका गुप्ता के रूप में हुई है, जो अमहट, सुल्तानपुर की निवासी थीं। वह अनुदेशक के पद पर कार्यरत थीं और अजय आनंद गुप्ता (मास्टर) की पत्नी थीं। उनके दो छोटे बच्चे हैं,9 वर्षीय ओजस और 5 वर्षीय सिवांजय हैं।
पुलिस के अनुसार, दीपिका गुप्ता अपनी दो सहेलियों स्नेहलता पाण्डेय और पूनम तिवारी के साथ कर्मयोगी नगर मोहल्ले से मॉर्निंग वॉक पर निकली थीं। मौहरिया के पास पीछे से आ रही एक अज्ञात बोलेरो ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दीपिका गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बोलेरो चालक वाहन सहित फरार हो गया।
घायल महिलाओं में स्नेहलता पाण्डेय,जो दुर्गेश पांडेय (प्रधानाचार्य) की पत्नी हैं,और पूनम तिवारी, जो शिव शरण तिवारी की पत्नी हैं,दोनों महिलाएं कर्मयोगी नगर, महुअरिया,अमहट सुल्तानपुर की निवासी हैं। उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया,जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
यह घटना नगर कोतवाली के अमहट चौकी क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय के ठीक सामने हुई। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फरार बोलेरो चालक की तलाश जारी है।
सुल्तानपुर के बल्दीराय थाना क्षेत्र के देवरा पूरे बसुई गांव में 22 वर्षीय युवक मंजीत कुमार का शव संदिग्ध परिस्थितियों में एक जंगल में एक पेड़ से लटका मिला। परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए आरोप लगाया है कि युवक की बेरहमी से पिटाई कर हत्या की गई और फिर शव को पेड़ से लटका दिया गया। मृतक के भाई ने इस संबंध में स्थानीय थाने में तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मृतक के भाई राजकुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके भाई मंजीत कुमार (22 वर्ष) 17 मई,दिन रविवार की शाम करीब 6 बजे आटा चक्की से आटा लाने की बात कहकर घर से निकला था। घर से निकलने से ठीक पहले उनके मोबाइल पर किसी अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था। रात करीब 8 बजे मंजीत ने फोन पर बताया कि वह "अभी आ रहा है।" इसके बाद रात करीब 10:30 बजे दोबारा बात होने पर उन्होंने परिजनों से खाना खाकर सो जाने को कहा और सुबह आने की बात कही। अगली सुबह,18 मई को उनका फोन पहले व्यस्त आया और फिर स्विच ऑफ हो गया।
परिजनों को लगा कि फोन बंद होने के कारण मंजीत देर-सवेर घर लौट आएगा। हालांकि, सोमवार दोपहर उन्हें सूचना मिली कि मंजीत का शव जंगल में लटका हुआ है। मौके पर पहुंचे परिजनों ने देखा कि मंजीत का शव प्लास्टिक की रबड़ के सहारे पेड़ से लटका था और उनके पैर जमीन को छू रहे थे।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि मंजीत के शरीर पर मिले निशान हत्या की ओर इशारा करते हैं। उनके गुप्तांग पर चोट के गहरे निशान थे और खून बह रहा था। बाएं हाथ में ब्लेड से चीरा लगाने जैसा घाव था,जबकि दाहिने घुटने पर चोट के निशान के साथ खून बह रहा था। कमर से लेकर दाहिने पैर की गांठ तक मारपीट के कारण शरीर काला पड़ गया था और उनके सारे कपड़े गीले थे। मृतक के भाई राजकुमार ने बल्दीराय थानाध्यक्ष को तहरीर सौंपकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत करने और मामले की निष्पक्ष कानूनी जांच कर उचित कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
*सुलतानपुर।* सन 1962, जब देश पर चीनी आक्रमण हुआ था, तब मातृभूमि की रक्षा के लिए तत्कालीन भारत सरकार की एक अपील पर पूरा देश उठ खड़ा हुआ था। सुलतानपुर की जनता ने भी अपनी देशभक्ति का परिचय देते हुए वार फंड (युद्ध कोष) में बढ़-चढ़कर योगदान दिया। महिलाओं ने अपने सुहाग की निशानी मंगलसूत्र, सोना-चांदी और पुरुषों ने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी देश के नाम कर दी थी। युद्ध रुकने के बाद जब दान का सिलसिला थमा, तो सुलतानपुर के तत्कालीन जिला प्रशासन के पास जनता द्वारा समर्पित भारी-भरकम धनराशि बची रह गई।
*गंगा दशहरा और बकरीद को लेकर प्रशासन अलर्ट, जिलाधिकारी ने पीस कमेटी की बैठक में दिये गये कडे़ निर्देश*
सुल्तानपुर,भाजपा नेता संदीप मिश्र ने प्राचीन शिव दुर्गा मन्दिर में कराया आयोजन एवं ज्येष्ठ माह के तृतीय मंगलवार के पावन अवसर पर भाजपा नेता एवं जिला उपाध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा संदीप मिश्र के द्वारा अयोध्या प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित प्राचीन शिव दुर्गा मंदिर द्वारिकागंज पर सुंदरकाण्ड पाठ के पश्चात् भण्डारे का आयोजन कराया,जिसमें राहगीरों ने भक्तिभाव से प्रसाद ग्रहण किया।
इस मौके पर राम तिलक वर्मा, राम शंकर मिश्र, गोली प्रसाद निषाद, शीतला प्रसाद पांडेय, मित्रसेन यादव, दीपक शुक्ल, सनीत मिश्र, अभय मिश्र, रिशु मिश्र, आनंद मिश्र, अनंत मिश्र, कुलदीप गुप्ता, इंद्रसेन यादव, विशु, प्रांजल, देवांस, शौर्य, शुभ, शिवांस मौजूद रहे ।
सुल्तानपुर सहित पूरे उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। पिछले दो महीनों (मार्च और अप्रैल 2026) से मानदेय न मिलने से नाराज कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 20 मई तक उनका बकाया मानदेय नहीं चुकाया गया, तो 21 मई से 'नो पे-नो वर्क' की नीति अपनाते हुए पूर्ण कार्य बहिष्कार करेंगे।
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ ने सुल्तानपुर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और प्रशासन को एक पत्र सौंपा। इस पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि 20 मई तक लंबित मानदेय का भुगतान नहीं किया गया, तो जिले के सभी कर्मचारी 21 मई से पूर्ण कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे।
कर्मचारियों का कहना है कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, जिससे बच्चों की स्कूल फीस, किताबों और दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उनके पास पैसे नहीं हैं। इस स्थिति ने उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है।
प्रांतीय संगठन के निर्देशानुसार, 18, 19 और 20 मई को प्रदेश भर के सभी एनएचएम संविदा कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन दर्ज करा रहे हैं। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि 20 मई तक दो महीने का मानदेय नहीं मिला, तो 21 मई से पूरी तरह से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि, जनहित को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन सेवाएं सुचारू रूप से संचालित रहेंगी।
डॉ. आकर्ष शुक्ला ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जिले के एनएचएम कर्मचारियों का वेतन लंबित है। समय पर मानदेय न मिलने के कारण सभी कर्मचारी और उनके परिवार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी पूरी ईमानदारी से ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें घर का किराया, बिजली का बिल और बच्चों की स्कूल फीस भरने में दिक्कत हो रही है।
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