योगी सरकार के कौशल विकास अभियान को मिली नई रफ्तार
* आईटीओटी लखनऊ में नए वर्कशॉप ब्लॉक का उद्घाटन

* 20 व्यवसायों में मिलेगा प्रशिक्षण, युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के कौशल विकास अभियान को और मजबूत करते हुए प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने गुरुवार को ITOT Aliganj में न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी बिल्डिंग का उद्घाटन किया। नई बिल्डिंग में 10 नए व्यवसायों का संचालन शुरू होने से संस्थान की प्रशिक्षण क्षमता और रोजगारपरक अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह संस्थान केवल प्रशिक्षण केंद्र नहीं बल्कि युवाओं के सपनों को साकार करने का माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षकों से कहा कि छात्रों में आत्मविश्वास पैदा करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, ताकि वे अपने हुनर के बल पर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने ड्रॉपआउट रोकने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक छात्र की नियमित उपस्थिति और प्रगति सुनिश्चित करना संस्थानों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कमजोर और मध्यम वर्ग से आने वाले विद्यार्थियों के लिए कौशल प्रशिक्षण जीवन बदलने का अवसर है। प्रशिक्षकों से उन्होंने अभिभावकों के साथ संवाद बढ़ाने की भी अपील की, ताकि प्रशिक्षण के प्रति विश्वास मजबूत हो सके। इस दौरान उन्होंने कहा, “जो तपता है वही कुंदन बनता है”, इसलिए कठिन परिस्थितियों में मेहनत करने वाले विद्यार्थी ही भविष्य में सफल होते हैं।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास डॉ. हरिओम ने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में विभाग आधुनिक और उद्योग आधारित कोर्सेज, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और बेहतर प्लेसमेंट पर लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थानों का मूल्यांकन इस आधार पर होना चाहिए कि वहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कितने युवाओं को रोजगार या स्वरोजगार मिला।
निदेशक प्राविधिक डी.के. सिंह ने बताया कि नई बिल्डिंग बनने से पहले संस्थान में 10 व्यवसाय संचालित हो रहे थे, जो अब बढ़कर 20 हो गए हैं। संस्थान में लगभग 1300 छात्र प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीआईपीएस (CIPS) प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत अब तक 1338 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जबकि हाल ही में चयनित 1781 नए अनुदेशकों का प्रशिक्षण भी जारी है।
न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी में शुरू किए गए नए व्यवसायों में ड्रेस मेकिंग, ड्राफ्ट्समैन मैकेनिक, इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक, मैकेनिक डीजल, मैकेनिक ट्रैक्टर, ऑफिस मैनेजमेंट, पेंटिंग टेक्नोलॉजी, सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस (हिंदी), इलेक्ट्रीशियन पावर डिस्ट्रीब्यूशन और टर्नर शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। साथ ही परिसर में नीम का पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
योगी सरकार के कौशल विकास अभियान को मिली नई रफ्तार
* आईटीओटी लखनऊ में नए वर्कशॉप ब्लॉक का उद्घाटन

* 20 व्यवसायों में मिलेगा प्रशिक्षण, युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के कौशल विकास अभियान को और मजबूत करते हुए प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने गुरुवार को ITOT Aliganj में न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी बिल्डिंग का उद्घाटन किया। नई बिल्डिंग में 10 नए व्यवसायों का संचालन शुरू होने से संस्थान की प्रशिक्षण क्षमता और रोजगारपरक अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह संस्थान केवल प्रशिक्षण केंद्र नहीं बल्कि युवाओं के सपनों को साकार करने का माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षकों से कहा कि छात्रों में आत्मविश्वास पैदा करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, ताकि वे अपने हुनर के बल पर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने ड्रॉपआउट रोकने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक छात्र की नियमित उपस्थिति और प्रगति सुनिश्चित करना संस्थानों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कमजोर और मध्यम वर्ग से आने वाले विद्यार्थियों के लिए कौशल प्रशिक्षण जीवन बदलने का अवसर है। प्रशिक्षकों से उन्होंने अभिभावकों के साथ संवाद बढ़ाने की भी अपील की, ताकि प्रशिक्षण के प्रति विश्वास मजबूत हो सके। इस दौरान उन्होंने कहा, “जो तपता है वही कुंदन बनता है”, इसलिए कठिन परिस्थितियों में मेहनत करने वाले विद्यार्थी ही भविष्य में सफल होते हैं।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास डॉ. हरिओम ने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में विभाग आधुनिक और उद्योग आधारित कोर्सेज, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और बेहतर प्लेसमेंट पर लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थानों का मूल्यांकन इस आधार पर होना चाहिए कि वहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कितने युवाओं को रोजगार या स्वरोजगार मिला।
निदेशक प्राविधिक डी.के. सिंह ने बताया कि नई बिल्डिंग बनने से पहले संस्थान में 10 व्यवसाय संचालित हो रहे थे, जो अब बढ़कर 20 हो गए हैं। संस्थान में लगभग 1300 छात्र प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीआईपीएस (CIPS) प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत अब तक 1338 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जबकि हाल ही में चयनित 1781 नए अनुदेशकों का प्रशिक्षण भी जारी है।
न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी में शुरू किए गए नए व्यवसायों में ड्रेस मेकिंग, ड्राफ्ट्समैन मैकेनिक, इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक, मैकेनिक डीजल, मैकेनिक ट्रैक्टर, ऑफिस मैनेजमेंट, पेंटिंग टेक्नोलॉजी, सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस (हिंदी), इलेक्ट्रीशियन पावर डिस्ट्रीब्यूशन और टर्नर शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। साथ ही परिसर में नीम का पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
‘मौत का बक्सा’ बन गई ट्रेन: पिता ने बेटी की हत्या कर शव के किए टुकड़े, गोमतीनगर एक्सप्रेस में छोड़ा शव

लखनऊ । राजधानी के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में मिले युवती के कटे शव की गुत्थी सुलझाते हुए जीआरपी ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि यह कोई साधारण हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली खौफनाक साजिश थी, जिसमें एक पिता ने ही अपनी 16 वर्षीय बेटी को मौत के घाट उतार दिया।

बेटी के एक युवक से बातचीत करने से नाराज था

पुलिस सूत्रों के मुताबिक कुशीनगर के सेवरही निवासी आरोपी अपनी बेटी के एक युवक से बातचीत करने से नाराज था। परिवार में इसे लेकर लंबे समय से तनाव चल रहा था। आरोपी को डर था कि उसकी बेटी भी अपनी बहनों की तरह प्रेम विवाह न कर ले। इसी आशंका और कथित सामाजिक बदनामी के डर ने उसे इतना बेरहम बना दिया कि उसने बेटी की हत्या की साजिश रच डाली।

आरोपी बहन व बहनोई के साथ मिलकर घटना को दिया अंजाम

बताया जा रहा है कि वारदात से पहले आरोपी ने घर से पत्नी और बेटों को रिश्तेदारी में भेज दिया था। घर में केवल किशोरी और बुजुर्ग दादी मौजूद थीं। इसके बाद आरोपी ने अपनी बहन और बहनोई को बुलाया। देर शाम घर के अंदर ही किशोरी की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को धारदार हथियार से कई हिस्सों में काटा गया। पहचान छिपाने के लिए सिर को अलग कर तालाब में फेंक दिया गया, जबकि हाथ-पैर और धड़ को प्लास्टिक व पुराने कपड़ों में लपेटकर बक्से में भर दिया गया।

शव का सिर गायब था, जिससे नहीं हो पा रही थी पहचान

इसके बाद आरोपी अपने रिश्तेदारों के साथ ई-रिक्शा से तमकुही रोड रेलवे स्टेशन पहुंचा और छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के एस-1 कोच में वह बक्सा छोड़कर फरार हो गया। लेकिन आरोपी यह नहीं जानता था कि स्टेशन और ट्रेन में लगे सीसीटीवी कैमरे उसकी हर हरकत रिकॉर्ड कर रहे हैं।रविवार सुबह जब ट्रेन गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पहुंची तो कोच में पड़े संदिग्ध बक्से को देखकर हड़कंप मच गया। पुलिस ने जब बक्सा खोला तो अंदर युवती के शव के टुकड़े देखकर सभी दंग रह गए। शव का सिर गायब था, जिससे पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया था।

पूछताछ में आरोपी टूट गया और पूरी साजिश कबूल कर ली

जीआरपी और आरपीएफ ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी तक पहुंच बनाई। सख्त पूछताछ में आरोपी टूट गया और पूरी साजिश कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने तालाब से कटा हुआ सिर और हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया।इस खौफनाक हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
बिजली-पानी संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा, पारा में मोहान रोड जाम

* घंटों ठप रहा यातायात, महिलाओं-युवाओं ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
 
लखनऊ। राजधानी के पारा इलाके में लगातार बनी बिजली कटौती और पानी की समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। आक्रोशित स्थानीय नागरिकों ने मोहान रोड जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। सड़क पर प्रदर्शन के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
 
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और स्थानीय निवासी शामिल हुए। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई दिनों से बिजली और पानी का गंभीर संकट बना हुआ है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।
 
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बिजली कटौती से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, जिससे आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी के बीच हालात और खराब हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
 
रोड जाम की सूचना मिलने के बावजूद मौके पर पुलिस और प्रशासन की देरी से पहुंचने को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली। काफी देर तक चले प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा।
बिजली-पानी संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा, पारा में मोहान रोड जाम

* घंटों ठप रहा यातायात, महिलाओं-युवाओं ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
लखनऊ। राजधानी के पारा इलाके में लगातार बनी बिजली कटौती और पानी की समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। आक्रोशित स्थानीय नागरिकों ने मोहान रोड जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। सड़क पर प्रदर्शन के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और स्थानीय निवासी शामिल हुए। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई दिनों से बिजली और पानी का गंभीर संकट बना हुआ है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बिजली कटौती से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, जिससे आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी के बीच हालात और खराब हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
रोड जाम की सूचना मिलने के बावजूद मौके पर पुलिस और प्रशासन की देरी से पहुंचने को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली। काफी देर तक चले प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा।
कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने सड़क दुर्घटना में दिखाई संवेदनशीलता
* योगी सरकार के मंत्री ने काफिला रोक बच्चों को तत्काल पहुंचाया अस्पताल

कानपुर देहात/लखनऊ। झांसी की ओर जाते समय प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने मानवता एवं संवेदनशीलता का परिचय देते हुए कानपुर देहात क्षेत्र में सड़क दुर्घटना का शिकार हुए स्कूली बच्चों की तत्काल सहायता की।
जनपद कानपुर देहात में सिंगूर नदी के पास मावर शरीफ गांव में एक स्कूली बस की आमने-सामने से एक ट्रक से टक्कर हो गई। उसी दौरान मंत्री दारा सिंह चौहान का काफिला वहां से गुजर रहा था। दुर्घटना को देखकर उन्होंने तुरंत अपना काफिला रुकवाया और स्वयं मौके पर पहुंचकर बच्चों का हाल-चाल जाना।
कारागार मंत्री ने अधिकारियों एवं स्थानीय प्रशासन को निर्देश देते हुए घायल बच्चों को तत्काल अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था कराई। उनकी तत्परता एवं संवेदनशीलता के चलते बच्चों को समय पर चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा सकी।सौभाग्यवश दुर्घटना में किसी भी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई।
भीषण गर्मी का रेड अलर्ट: यूपी में दिन ही नहीं, रातें भी बनेंगी तपती भट्ठी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने 19 से 23 मई तक प्रदेश में तेज गर्मी और लू को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार बुंदेलखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के कई जिलों में लू चलने, उमस बढ़ने और तापमान में भारी बढ़ोतरी की संभावना है।

मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश के लिए “वॉर्म नाइट्स” का रेड अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि रात के समय भी तापमान में राहत नहीं मिलेगी और गर्म हवाओं के कारण लोगों को बेचैनी का सामना करना पड़ेगा। अनुमान है कि तापमान सामान्य से 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रह सकता है।

दिन में तेज धूप और उमस के साथ रात में भी गर्मी लोगों को बेहाल कर रही है। ऊपर से लगातार हो रही बिजली कटौती ने आमजन की परेशानी और बढ़ा दी है। शहरों से लेकर गांवों तक लोग गर्मी, उमस और बिजली संकट की “तिहरी मार” झेल रहे हैं।

विशेषज्ञों ने दोपहर में जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलने, पर्याप्त पानी पीने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।

बिजली कर्मचारियों का जन-जागरण अभियान तेज, निजीकरण और उत्पीड़न के खिलाफ खोला मोर्चा
लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर पूर्वांचल में बिजली कर्मचारियों ने जन-जागरण अभियान तेज कर दिया है। बस्ती और गोरखपुर से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब ओबरा और अनपरा जैसी बड़ी परियोजनाओं सहित कई जिलों में विरोध सभाएं आयोजित की जाएंगी।

संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि सरकार और ऊर्जा विभाग द्वारा कर्मचारियों पर लगातार दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है। कर्मचारियों, अभियंताओं और संविदा कर्मियों पर दर्ज एफआईआर, निलंबन, दूरस्थ स्थानों पर तबादले और अनुशासनात्मक कार्रवाइयों को लेकर कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।

विरोध सभा को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों जितेंद्र सिंह गुर्जर, महेंद्र राय, मोहम्मद वसीम और प्रेमनाथ राय ने कहा कि 3 दिसंबर 2022 को ऊर्जा मंत्री और शासन स्तर पर हुए लिखित समझौते को अब तक लागू नहीं किया गया। इससे बिजली कर्मियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

संघर्ष समिति ने मांग की कि मार्च 2023 के आंदोलन के बाद कर्मचारियों पर की गई सभी कार्रवाई तुरंत वापस ली जाए। साथ ही हटाए गए संविदा कर्मियों की बहाली, आउटसोर्स कर्मचारियों को उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम में समाहित करने और स्टेट विजिलेंस जांच समाप्त करने की मांग भी उठाई गई।

कर्मचारियों ने फेशियल अटेंडेंस के नाम पर वेतन कटौती, विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर तबादले, स्मार्ट मीटर लगाने के दबाव और ट्रांसफार्मर खराब होने पर अभियंताओं से वसूली जैसे आदेशों का भी विरोध किया।

संघर्ष समिति ने प्रदेश की जनता और उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि यह आंदोलन केवल कर्मचारियों का नहीं बल्कि सस्ती, सुलभ और विश्वसनीय बिजली व्यवस्था बचाने की लड़ाई है। समिति ने चेतावनी दी कि निजीकरण से बिजली महंगी होगी और सेवाओं की गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा।
छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस में ‘मौत का बक्सा’! युवती के शव के 5 टुकड़े मिलने से दहशत, सिर अब भी गायब

लखनऊ । राजधानी के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस की स्लीपर बोगी से एक युवती के शव के पांच टुकड़े बरामद हुए। बक्से और बैग में पॉलीथीन में पैक किए गए शव के हिस्सों को देखकर यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के होश उड़ गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक युवती का सिर बरामद नहीं हो सका है।
जांच में जुटी जीआरपी को अब इस हत्याकांड में बड़ा सुराग मिला है। शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि हत्यारों ने शव से भरा बक्सा बिहार से नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के किसी रेलवे स्टेशन से ट्रेन में रखा था। इसके बाद पुलिस ने तमकुही रोड से गोमतीनगर तक के रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक युवती की हत्या बेहद बेरहमी से की गई। पहचान मिटाने के लिए शव के टुकड़े किए गए और सिर अलग कर दिया गया। जांच एजेंसियों को शक है कि हत्या के पीछे अवैध संबंध, बदला या इज्जत छिपाने जैसी वजह हो सकती है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि इस खौफनाक वारदात में एक से ज्यादा लोग शामिल थे।
यात्रियों के अनुसार, शनिवार देर रात ट्रेन की एस-1 बोगी के टॉयलेट के पास एक लावारिस बक्सा रखा देखा गया था, लेकिन किसी ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। रविवार सुबह गोमतीनगर स्टेशन पहुंचने पर जब बक्सा खोला गया तो अंदर युवती का धड़ मिला, जबकि पास रखे बैग से हाथ और पैर बरामद हुए। यह नजारा देखकर मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए।
जीआरपी ने शव की पहचान के लिए बायोमेट्रिक मिलान की कोशिश की, लेकिन शव के टुकड़े होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। रेलवे एसपी रोहित मिश्र ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए तीन विशेष टीमें लगाई गई हैं और जल्द ही हत्यारों तक पहुंचने का दावा किया है।
ट्रक व मैजिक की टक्कर में दाे महिलाओं सहित दस मजदूरों की मौत

लखीमपुर में मजदूरी करने के बाद सभी मजदूर मैजिक वाहन से घर बहराइच रहे थे


प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख की आर्थिक मदद का किया ऐलान

मुख्यमंत्री याेगी ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता पहुंचाने के दिए निर्देश



लखनऊ । यूपी के लखीमपुर-नानपारा मार्ग पर सोमवार की सुबह एक सवारी मैजिक वाहन और ट्रक के बीच आमने-सामने की भिड़ंत में दस लोगों की मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मैजिक के परखच्चे उड़ गए। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी और राज्य के मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दाे लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। जानकारी के अनुसार लखीमपुर में मजदूरी करने के बाद सभी मजदूर मैजिक वाहन से घर बहराइच जनपद के नानपारा लौट रहे थे।

सुबह करीब 7:00 बजे ईसानगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम अदलीसपुर के मजरा भरेहटा के पास बहराइच की दिशा से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक और मजदूराें के मैजिक वाहन की आमने सामने की टक्कर हाे गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मैजिक के परखच्चे उड़ गए और चीख-पुकार मच गई। राहगीराें ने पुलिस काे हादसे की सूचना दी। भीषण हादसे की खबर पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने सभी को सरकारी एंबुलेंस से सीएचसी खमरिया भिजवाया, लेकिन डॉक्टरों ने आठ लोगों को तुरंत मृत घोषित कर दिया और अन्य दो की इलाज के दाैरान माैत हाे गई।

पुलिस के अनुसार मैजिक वाहन पर सवार सभी दस मजदूराें की माैत हाे गई, जिनमें आठ पुरुष और 2 महिलाएं हैं। घटना के बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पाेस्टमार्टम हाउस पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग ने बताया कि लखीमपुर से बहराइच की ओर जा रही सवारी मैजिक वाहन और सामने से आ रहे ट्रक की भिड़ंत हो गई। सभी मृतकों की शिनाख्त कर ली है और उनके शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतकाें की पहचान जयवीर सिंह (25) पुत्र पेशकार सिंह, निवासी मनगौढिया, मोतीपुर, बहराइच,पवन कुमार पुत्र संतोष, निवासी रामवचनपुरवा, बहराइच, सोहन (21) पुत्र संतोष, निवासी रामवचनपुरवा, बहराइच, अदनान (19) पुत्र वकील, निवासी सिसैया, धौरहरा, खीरी, राजेश गोयल (45) पुत्र मनीलाल गोयल, निवासी मिहीपुरवा, बहराइच, सहजराम (35) पुत्र छोटे निषाद, निवासी ककरहा, मूर्तिहा, बहराइच, पप्पू (18) पुत्र दूलन गौतम, निवासी देवदत्तपुर, खैरीघाट, बहराइच, गायत्री वैश्य (44) पत्नी रमेशचन्द्र गुप्ता, निवासी विजय लक्ष्मीनगर, सीतापुर (पेशा- शिक्षिका, प्रा. वि. रायबोझना, बहराइच), जुलेखा (55) पत्नी स्व. हबीब, निवासी पलटूपुरवा, धौरहरा, खीरी और कलैश (40) पुत्र झब्बू लाल वर्मा, निवासी ग्राम अमेठी, धौरहरा, खीरी के रूप में हुई है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया शोक, पीएम काेष से इस भीषण हादसे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गहरा दुख व्य किया। उन्हाेंने कहा कि लखीमपुर खीरी में हुई दुर्घटना के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ।

जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दाे लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस हादसे पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने लखीमपुर खीरी के उच्च अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने और मृतकों के परिजनों को हरसंभव प्रशासनिक व आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए हैं।