*ताप बिजली घरों का परिचालन और रख-रखाव ठेके पर देने के फैसले के विरोध में 13 मई को काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे एवं विरोध प्रदर्शन करेंगे बिजली


लखनऊ।विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर 13 मई को प्रदेशभर के बिजली कर्मचारी समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर पूरे दिन काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे तथा कार्यालय समय के उपरांत परियोजनाओं एवं कार्यस्थलों पर व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे।

संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने बताया कि काली पट्टी बांधने का निर्णय पनकी ताप बिजली घर एवं जवाहरपुर ताप बिजली घर के परिचालन एवं अनुरक्षण का कार्य 25 वर्षों के लिए निजी कंपनी को दिए जाने के विरोध में लिया गया है। कल सभी ऊर्जा निगमों में कार्यरत बिजली कर्मी, जूनियर इंजीनियर, अभियंता एवं संविदा कर्मी पूरे दिन काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

संघर्ष समिति ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के ताप बिजली घरों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद बिजली घरों के संचालन एवं रख-रखाव को निजी कंपनियों को सौंपने की कोशिश की जा रही है। इससे स्पष्ट है कि प्रबंधन की रुचि सुधार में नहीं, बल्कि निजीकरण में है।

संघर्ष समिति ने बताया कि जवाहरपुर ताप बिजली घर लगभग 14,000 करोड़ रुपये तथा पनकी ताप बिजली घर लगभग 8,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किए गए हैं। यह जनता की गाढ़ी कमाई का धन है। इतनी बड़ी सार्वजनिक धनराशि खर्च करने के बाद इन बिजली घरों को 25 वर्षों के लिए निजी क्षेत्र को सौंपना प्रदेश की जनता के साथ विश्वासघात है। ध्यान देने योग्य है कि ताप बिजली घरों की सामान्य आयु लगभग 25 वर्ष मानी जाती है।

संघर्ष समिति ने यह भी कहा कि मार्च 2023 से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे बिजली कर्मचारियों पर की गई समस्त उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों को वापस लेने की मांग को लेकर व्यापक जन-जागरण अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत आज शाहजहांपुर एवं बरेली में विरोध सभाएं आयोजित की गईं।

विरोध सभाओं को संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारी जितेंद्र सिंह गुर्जर, महेंद्र राय, सुहेल आबिद तथा राजेंद्र प्रसाद घिल्डियाल ने मुख्य रूप से संबोधित किया।

13 मई को राजधानी लखनऊ में शक्ति भवन पर अपराह्न 02 बजे विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

शैलेन्द्र दुबे
संयोजक
94150 06225
*भोगनीपुर लैंड स्कैम ने निजी कंपनियों का असली चरित्र उजागर किया : बिजली कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध :पूर्वांचल व दक्षिणांचल डिस्कॉ


भोगनीपुर में सामने आए लगभग 400 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि निजी कंपनियों को सार्वजनिक संसाधनों और जनहित से जुड़े क्षेत्रों का नियंत्रण सौंपना कितना खतरनाक हो सकता है। सरकारी जमीन के दुरुपयोग, नियमों की खुलेआम अनदेखी, बैंक अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की कथित मिलीभगत तथा चीटिंग, फर्जीवाड़ा और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप निजीकरण मॉडल की वास्तविकता को उजागर करते हैं।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने कहा है कि जब निजी कंपनियां सरकारी जमीन और सार्वजनिक संसाधनों के साथ इस प्रकार की अनियमितताओं में लिप्त पाई जा रही हैं, तब प्रदेश के बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपना जनता, किसानों और कर्मचारियों — तीनों के हितों के खिलाफ होगा।

संघर्ष समिति ने मांग की है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का प्रस्ताव तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। साथ ही पनकी तथा जवाहरपुर ताप बिजलीघरों के परिचालन एवं अनुरक्षण का कार्य 25 वर्षों के लिए निजी कंपनियों को देने का निर्णय भी सिरे से खारिज किया जाए।

संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली व्यवस्था कोई व्यावसायिक उत्पाद नहीं बल्कि जनता को दी जाने वाली मूलभूत सार्वजनिक सेवा है। निजी कंपनियों का मुख्य उद्देश्य अधिकतम लाभ कमाना होता है, जबकि सरकारी बिजली संस्थानों का उद्देश्य प्रदेश की जनता को सुरक्षित, सस्ती और निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है।

आज प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों, बिजलीघरों और परियोजनाओं में बिजली कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों तथा अभियंताओं ने पूरे दिन काली पट्टी बांधकर कार्य किया तथा कार्यालय समय के उपरांत व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित किए। विरोध कार्यक्रमों में पनकी और जवाहरपुर ताप बिजली घरों के निजीकरण, आउटसोर्सिंग और संविदा कर्मियों की छंटनी के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई गई।
संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि भोगनीपुर लैंड स्कैम में जिस प्रकार हिमावत पावर कंपनी एवं लैंको अनपरा पावर कंपनी पर चीटिंग, फर्जीवाड़ा और क्रिमिनल कांस्पिरेसी के आरोप सामने आए हैं, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि उत्तर प्रदेश के पावर सेक्टर में निजी क्षेत्र का असली चरित्र क्या है और उनका वास्तविक उद्देश्य केवल निजी लाभ अर्जित करना है।

उन्होंने निजी कंपनियों, बैंक अधिकारियों तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई प्रारंभ किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री से अपील की कि निजी कंपनियों के इस चरित्र के उजागर होने के बाद उत्तर प्रदेश के बिजली क्षेत्र में निजीकरण संबंधी किसी भी प्रस्ताव को आगे न बढ़ाया जाए।

संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह निजीकरण की नीति पर पुनर्विचार करे, सरकारी बिजली संस्थानों को मजबूत बनाए, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करे तथा सार्वजनिक क्षेत्र की जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए।

निजीकरण और उत्पीड़न के विरोध में चल रहे जनजागरण अभियान के अंतर्गत आज संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने सीतापुर और हरदोई में विरोध सभा की । विरोध सभा को संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारी मुख्यतया जितेन्द्र सिंह गुर्जर और महेन्द्र राय ने संबोधित किया।
     उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां के विरोध में 14 मई को लखनऊ में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्यालय पर अपराह्न 2:00 बजे  से शाम 5:00 बजे तक विरोध सभा होगी।

शैलेन्द्र दुबे
संयोजक
9425006225
*भोगनीपुर लैंड स्कैम ने निजी कंपनियों का असली चरित्र उजागर किया : बिजली कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध :पूर्वांचल व दक्षिणांचल डिस्कॉ


भोगनीपुर में सामने आए लगभग 400 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि निजी कंपनियों को सार्वजनिक संसाधनों और जनहित से जुड़े क्षेत्रों का नियंत्रण सौंपना कितना खतरनाक हो सकता है। सरकारी जमीन के दुरुपयोग, नियमों की खुलेआम अनदेखी, बैंक अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की कथित मिलीभगत तथा चीटिंग, फर्जीवाड़ा और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप निजीकरण मॉडल की वास्तविकता को उजागर करते हैं।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने कहा है कि जब निजी कंपनियां सरकारी जमीन और सार्वजनिक संसाधनों के साथ इस प्रकार की अनियमितताओं में लिप्त पाई जा रही हैं, तब प्रदेश के बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपना जनता, किसानों और कर्मचारियों — तीनों के हितों के खिलाफ होगा।

संघर्ष समिति ने मांग की है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का प्रस्ताव तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। साथ ही पनकी तथा जवाहरपुर ताप बिजलीघरों के परिचालन एवं अनुरक्षण का कार्य 25 वर्षों के लिए निजी कंपनियों को देने का निर्णय भी सिरे से खारिज किया जाए।

संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली व्यवस्था कोई व्यावसायिक उत्पाद नहीं बल्कि जनता को दी जाने वाली मूलभूत सार्वजनिक सेवा है। निजी कंपनियों का मुख्य उद्देश्य अधिकतम लाभ कमाना होता है, जबकि सरकारी बिजली संस्थानों का उद्देश्य प्रदेश की जनता को सुरक्षित, सस्ती और निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है।

आज प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों, बिजलीघरों और परियोजनाओं में बिजली कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों तथा अभियंताओं ने पूरे दिन काली पट्टी बांधकर कार्य किया तथा कार्यालय समय के उपरांत व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित किए। विरोध कार्यक्रमों में पनकी और जवाहरपुर ताप बिजली घरों के निजीकरण, आउटसोर्सिंग और संविदा कर्मियों की छंटनी के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई गई।
संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि भोगनीपुर लैंड स्कैम में जिस प्रकार हिमावत पावर कंपनी एवं लैंको अनपरा पावर कंपनी पर चीटिंग, फर्जीवाड़ा और क्रिमिनल कांस्पिरेसी के आरोप सामने आए हैं, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि उत्तर प्रदेश के पावर सेक्टर में निजी क्षेत्र का असली चरित्र क्या है और उनका वास्तविक उद्देश्य केवल निजी लाभ अर्जित करना है।

उन्होंने निजी कंपनियों, बैंक अधिकारियों तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई प्रारंभ किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री से अपील की कि निजी कंपनियों के इस चरित्र के उजागर होने के बाद उत्तर प्रदेश के बिजली क्षेत्र में निजीकरण संबंधी किसी भी प्रस्ताव को आगे न बढ़ाया जाए।

संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह निजीकरण की नीति पर पुनर्विचार करे, सरकारी बिजली संस्थानों को मजबूत बनाए, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करे तथा सार्वजनिक क्षेत्र की जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए।

निजीकरण और उत्पीड़न के विरोध में चल रहे जनजागरण अभियान के अंतर्गत आज संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने सीतापुर और हरदोई में विरोध सभा की । विरोध सभा को संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारी मुख्यतया जितेन्द्र सिंह गुर्जर और महेन्द्र राय ने संबोधित किया।
     उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां के विरोध में 14 मई को लखनऊ में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्यालय पर अपराह्न 2:00 बजे  से शाम 5:00 बजे तक विरोध सभा होगी।

शैलेन्द्र दुबे
संयोजक
9425006225
*आईआईटी मद्रास बीएस डिग्री प्रोग्राम के आगामी बैच के लिए प्रवेश प्रारंभ, 31 मई आवेदन करने की अंतिम तिथि*

* आईआईटी मद्रास की उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक से अधिक और विभिन्न पृष्ठभूमियों के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए सुलभ बनाने का यह प्रोग्राम कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी कर चुके सभी उम्मीदवारों के लिए है और इसमें आयु की कोई सीमा नहीं है

*लखनऊ, मई, 2026:* भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) के बीएस डिग्री प्रोग्राम ने शैक्षणिक सत्र-2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दिया है। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई, 2026 है। आईआईटी की उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक से अधिक और विभिन्न पृष्ठभूमि के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए सुलभ बनाने का यह प्रोग्राम कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी कर चुके सभी उम्मीदवारों के लिए है और इसमें आयु की कोई सीमा नहीं है।
बीएस इन डेटा साइंस एंड एप्लिकेशंस, बीएस इन इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स, बीएस इन मैनेजमेंट एंड डेटा साइंस और बीएस इन एरोनॉटिक्स एंड स्पेस टेक्नोलॉजी नाम से चार अलग-अलग प्रोग्राम उपलब्ध हैं। इनकी संरचना इस तरह की गई है कि विद्यार्थी स्वतंत्र डिग्री के रूप में या किसी नियमित कॉलेज डिग्री के साथ भी इस प्रोग्राम का लाभ उठाएँ।
इन प्रोग्राम्स में पढ़ाई मुख्य रूप से ऑनलाइन होती है, जबकि शैक्षणिक गुणवत्ता बनाए रखने और विद्यार्थियों की सुविधा के लिए पूरे भारत में मौजूद परीक्षा केंद्रों पर व्यक्तिगत उपस्थिति में परीक्षाएँ आयोजित होती हैं। विद्यार्थी अपनी गति से पढ़ाई कर सकते हैं तथा उन्हें सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री समेत कई एग्जिट ऑप्शन दिए जाते हैं, ताकि वे शिक्षा और करियर के अपने लक्ष्यों के अनुसार इस सुविधा का लाभ उठाएँ।
आवेदन करने के इच्छुक विद्यार्थी और उनके अभिभावक अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल विजिट कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई, 2026 की नजदीक आ गई है। इसलिए इच्छुक विद्यार्थी https://study.iitm.ac.in  के माध्यम से आवेदन कर दें।
इन प्रोग्राम्स के बारे में प्रो. प्रताप हरिदोस, डीन (अकादमिक कोर्स), आईआईटी मद्रास ने कहा, “ये बीएस डिग्री प्रोग्राम शिक्षा की गुणवत्ता कायम रखते हुए विद्यार्थियों को अपनी सुविधा से पढ़ाई करने का अवसर देते हैं। हम यह देख रहे हैं कि विद्यार्थियों को डेटा, प्रौद्योगिकी और अंतःविषयी सोच का मजबूत आधार देने की जरूरत बढ़ रही है चाहे वे मुख्य रूप से जिस डिग्री के लिए पढ़ाई कर रहे हों। इस प्रोग्राम के माध्यम से विद्यार्थी अन्य शैक्षणिक या प्रोफेशनल कोर्स के साथ-साथ आईआईटी मद्रास की उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त कर अच्छे करियर के अवसर बढ़ा सकते हैं।” ‘भविष्य के लिए तैयार कौशल’
आईआईटी मद्रास चाहता है कि विद्यार्थी भविष्य के लिए तैयार कौशल का विकास करें। यह इसलिए जरूरी है, क्योंकि करियर के अवसर तेजी से बदल रहे हैं और उम्मीदवारों से उद्योगों की अपेक्षाएँ बढ़ रही हैं। इसके मद्देनजर इस शिक्षा मॉडल में सब की सुविधा का ध्यान रखा गया है। यह भौगोलिक सीमाओं, पारंपरिक प्रवेश प्रक्रियाओं और कठोर शिक्षण संरचनाओं जैसी बाधाओं को दूर करता है।
बीएस डिग्री प्रोग्राम में प्रवेश के लिए आम इंजीनियरिंग प्रोग्राम की तरह संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) उत्तीर्ण करना आवश्यक नहीं है। विद्यार्थी एक क्वालिफायर प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह आईआईटी मद्रास की शिक्षा पूरे देश के अधिक से अधिक विद्यार्थियों के लिए सुलभ हो गई है।
बीएस डिग्री प्रोग्राम्स की सबसे बड़ी खूबी इनका अन्य अंडरग्रैजुएट कोर्सेस के साथ तालमेल होना है। बीकॉम, बीएससी, बीबीए या इंजीनियरिंग डिग्री के विद्यार्थी इसके साथ-साथ आईआईटी मद्रास के बीएस प्रोग्राम में नामांकन कर सकते हैं। ये उन्हें मुख्य शिक्षा कोर्स करने के साथ-साथ विश्लेषण, प्रौद्योगिकी और निर्णय लेने की क्षमताएं बढ़ाने में सक्षम बनाते हैं।
आज के रोजगार परिदृश्य में डुअल-डिग्री का यह लचीलापन बहुत महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि आम तौर पर संगठन ऐसे ग्रैजुएट चाहते हैं, जो क्षेत्रीय विशेषज्ञता को डेटा के अनुसार काम करने की विशेषज्ञता से जोड़ने में सक्षम हों। साथ ही, उम्मीदवारों से यह अपेक्षा रखते हैं कि उनके पास विभिन्न विषयों को परस्पर जोड़ कर समस्या-समाधान करने का कौशल हो।
आईआईटी मद्रास के बीएस डिग्री प्रोग्राम्स में पूरे भारत के लाखों विद्यार्थी नामांकित हैं। इस तरह जन-जन तक आईआईटी मद्रास की विश्वस्तरीय शिक्षा पहुँचाने का सपना पूरा हो रहा  है। संस्थान सब के विकास पर जोर देते हुए कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि के योग्य उम्मीदवारों को 75 प्रतिशत तक शुल्क सहायता भी प्रदान करता है। यह सुनिश्चित करता है कि अर्थाभाव किसी की पढ़ाई में बाधक नहीं हो।
इन प्रोग्राम्स के करिकुलम उद्योग और शिक्षा जगत के विशेषज्ञों के परामर्श से तैयार किए गए हैं। इनमें व्यावहारिक शिक्षा, वास्तविक जन-जीवन के उपयोगों और नवोदित प्रौद्योगिकियों पर जोर दिया गया है। विद्यार्थियों को अच्छे करियर के उभरते अवसरों के लिए तैयार करने के लिए डेटा विश्लेषण, व्यावसायिक निर्णय, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियों जैसे जरूरी शिक्षा क्षेत्रों का अनुभव मिलता है।
*आईआईटी मद्रास बीएस डिग्री प्रोग्राम के आगामी बैच के लिए प्रवेश प्रारंभ, 31 मई आवेदन करने की अंतिम तिथि*

* आईआईटी मद्रास की उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक से अधिक और विभिन्न पृष्ठभूमियों के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए सुलभ बनाने का यह प्रोग्राम कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी कर चुके सभी उम्मीदवारों के लिए है और इसमें आयु की कोई सीमा नहीं है

*लखनऊ, मई, 2026:* भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) के बीएस डिग्री प्रोग्राम ने शैक्षणिक सत्र-2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दिया है। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई, 2026 है। आईआईटी की उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक से अधिक और विभिन्न पृष्ठभूमि के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए सुलभ बनाने का यह प्रोग्राम कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी कर चुके सभी उम्मीदवारों के लिए है और इसमें आयु की कोई सीमा नहीं है।
बीएस इन डेटा साइंस एंड एप्लिकेशंस, बीएस इन इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स, बीएस इन मैनेजमेंट एंड डेटा साइंस और बीएस इन एरोनॉटिक्स एंड स्पेस टेक्नोलॉजी नाम से चार अलग-अलग प्रोग्राम उपलब्ध हैं। इनकी संरचना इस तरह की गई है कि विद्यार्थी स्वतंत्र डिग्री के रूप में या किसी नियमित कॉलेज डिग्री के साथ भी इस प्रोग्राम का लाभ उठाएँ।
इन प्रोग्राम्स में पढ़ाई मुख्य रूप से ऑनलाइन होती है, जबकि शैक्षणिक गुणवत्ता बनाए रखने और विद्यार्थियों की सुविधा के लिए पूरे भारत में मौजूद परीक्षा केंद्रों पर व्यक्तिगत उपस्थिति में परीक्षाएँ आयोजित होती हैं। विद्यार्थी अपनी गति से पढ़ाई कर सकते हैं तथा उन्हें सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री समेत कई एग्जिट ऑप्शन दिए जाते हैं, ताकि वे शिक्षा और करियर के अपने लक्ष्यों के अनुसार इस सुविधा का लाभ उठाएँ।
आवेदन करने के इच्छुक विद्यार्थी और उनके अभिभावक अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल विजिट कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई, 2026 की नजदीक आ गई है। इसलिए इच्छुक विद्यार्थी https://study.iitm.ac.in  के माध्यम से आवेदन कर दें।
इन प्रोग्राम्स के बारे में प्रो. प्रताप हरिदोस, डीन (अकादमिक कोर्स), आईआईटी मद्रास ने कहा, “ये बीएस डिग्री प्रोग्राम शिक्षा की गुणवत्ता कायम रखते हुए विद्यार्थियों को अपनी सुविधा से पढ़ाई करने का अवसर देते हैं। हम यह देख रहे हैं कि विद्यार्थियों को डेटा, प्रौद्योगिकी और अंतःविषयी सोच का मजबूत आधार देने की जरूरत बढ़ रही है चाहे वे मुख्य रूप से जिस डिग्री के लिए पढ़ाई कर रहे हों। इस प्रोग्राम के माध्यम से विद्यार्थी अन्य शैक्षणिक या प्रोफेशनल कोर्स के साथ-साथ आईआईटी मद्रास की उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त कर अच्छे करियर के अवसर बढ़ा सकते हैं।” ‘भविष्य के लिए तैयार कौशल’
आईआईटी मद्रास चाहता है कि विद्यार्थी भविष्य के लिए तैयार कौशल का विकास करें। यह इसलिए जरूरी है, क्योंकि करियर के अवसर तेजी से बदल रहे हैं और उम्मीदवारों से उद्योगों की अपेक्षाएँ बढ़ रही हैं। इसके मद्देनजर इस शिक्षा मॉडल में सब की सुविधा का ध्यान रखा गया है। यह भौगोलिक सीमाओं, पारंपरिक प्रवेश प्रक्रियाओं और कठोर शिक्षण संरचनाओं जैसी बाधाओं को दूर करता है।
बीएस डिग्री प्रोग्राम में प्रवेश के लिए आम इंजीनियरिंग प्रोग्राम की तरह संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) उत्तीर्ण करना आवश्यक नहीं है। विद्यार्थी एक क्वालिफायर प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह आईआईटी मद्रास की शिक्षा पूरे देश के अधिक से अधिक विद्यार्थियों के लिए सुलभ हो गई है।
बीएस डिग्री प्रोग्राम्स की सबसे बड़ी खूबी इनका अन्य अंडरग्रैजुएट कोर्सेस के साथ तालमेल होना है। बीकॉम, बीएससी, बीबीए या इंजीनियरिंग डिग्री के विद्यार्थी इसके साथ-साथ आईआईटी मद्रास के बीएस प्रोग्राम में नामांकन कर सकते हैं। ये उन्हें मुख्य शिक्षा कोर्स करने के साथ-साथ विश्लेषण, प्रौद्योगिकी और निर्णय लेने की क्षमताएं बढ़ाने में सक्षम बनाते हैं।
आज के रोजगार परिदृश्य में डुअल-डिग्री का यह लचीलापन बहुत महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि आम तौर पर संगठन ऐसे ग्रैजुएट चाहते हैं, जो क्षेत्रीय विशेषज्ञता को डेटा के अनुसार काम करने की विशेषज्ञता से जोड़ने में सक्षम हों। साथ ही, उम्मीदवारों से यह अपेक्षा रखते हैं कि उनके पास विभिन्न विषयों को परस्पर जोड़ कर समस्या-समाधान करने का कौशल हो।
आईआईटी मद्रास के बीएस डिग्री प्रोग्राम्स में पूरे भारत के लाखों विद्यार्थी नामांकित हैं। इस तरह जन-जन तक आईआईटी मद्रास की विश्वस्तरीय शिक्षा पहुँचाने का सपना पूरा हो रहा  है। संस्थान सब के विकास पर जोर देते हुए कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि के योग्य उम्मीदवारों को 75 प्रतिशत तक शुल्क सहायता भी प्रदान करता है। यह सुनिश्चित करता है कि अर्थाभाव किसी की पढ़ाई में बाधक नहीं हो।
इन प्रोग्राम्स के करिकुलम उद्योग और शिक्षा जगत के विशेषज्ञों के परामर्श से तैयार किए गए हैं। इनमें व्यावहारिक शिक्षा, वास्तविक जन-जीवन के उपयोगों और नवोदित प्रौद्योगिकियों पर जोर दिया गया है। विद्यार्थियों को अच्छे करियर के उभरते अवसरों के लिए तैयार करने के लिए डेटा विश्लेषण, व्यावसायिक निर्णय, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियों जैसे जरूरी शिक्षा क्षेत्रों का अनुभव मिलता है।
अब सिर्फ मौजूदगी नहीं, नेतृत्व की तैयारी: मध्य प्रदेश की 40 साल पुरानी कंपनी बदलने
जा रही है भारतीय बेवरेज इंडस्ट्री की तस्वीर

 भारत के कई बड़े और चर्चित ब्रांड्स के पीछे काम करने वाली मैन्युफैक्चरिंग कंपनी, ग्रेट गैलियन वेंचर्स
लिमिटेड अब अपने नए कंज्यूमर ब्रांड्स के साथ आ रही है
 अपने लंबे अनुभव, मजबूत कौशल और बाजार की बदलती जरूरतों की समझ के साथ भारतीय बेवरेज
मार्केट में नई पहचान बनाने की तैयारी
इंदौर, मई 2026: पिछले चार दशकों से ग्रेट गैलियन वेंचर्स लिमिटेड (जीजीवीएल) भारत की बेवरेज मैन्युफैक्चरिंग
इंडस्ट्री में एक भरोसेमंद नाम रहा है। कंपनी हमेशा से ही साइलेंट फोर्स की तरह इंडस्ट्री के कई बड़े ब्रांड्स और अहम्
पड़ावों का हिस्सा रही है, भले ही वह खुद ज्यादा चर्चा में न रही हो। सन् 1985 में मध्य प्रदेश के धार में 'हाउस ऑफ
केडियाज़' के तहत शुरू हुई इस कंपनी ने प्रोडक्शन, कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग और सस्टेनेबल पैकेजिंग इनोवेशन के क्षेत्र
में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। इसी वजह से कई ग्लोबल स्पिरिट ब्रांड्स ने भी कंपनी पर भरोसा जताया है।
अब यही अनुभव और समझ कंपनी अपने खुद के भारतीय ड्रिंक्स पोर्टफोलियो को तैयार करने में लगा रही है, जिसे
खासतौर पर आज के मॉडर्न ग्राहकों की पसंद और जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है।
ग्रेट गैलियन वेंचर्स लिमिटेड के वीपी- बिज़नेस ग्रोथ, उत्सव केडिया ने कहा, "बैच मास्टर की सबसे खास बात यह है
कि यह लोगों को सच में आश्चर्यचकित करती है और अपनी गुणवत्ता से प्रभावित करती है। इसमें इस्तेमाल किए गए
एज्ड स्कॉच माल्ट्स इसे ऐसी गहराई और स्वाद देते हैं, जिसकी उम्मीद लोग इस कीमत में नहीं करते। यह प्रीमियम
फील देती है, लेकिन ऐसी नहीं कि उसे खरीदने से पहले ज्यादा सोचना पड़े। हम इसी संतुलन को हासिल करना
चाहते थे और हमें लगता है कि हम इसमें सफल रहे हैं।"
जीजीवीएल की यह यात्रा भारत की एल्को-बेव इंडस्ट्री में हो रहे बड़े बदलाव को भी उजागर करती है। कंपनी मध्य
प्रदेश में बेवरेज रिटेल के निजीकरण को आगे बढ़ाने वाली शुरुआती कंपनियों में शामिल रही है। इसके साथ ही, क्षेत्र
में बड़े स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग सेटअप स्थापित करने में भी कंपनी की भूमिका अहम् रही है। समय के साथ इसने एक
ज़ीरो-वेस्ट मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का रूप ले लिया, जहाँ आधुनिक तकनीक के साथ इन-हाउस बॉटल प्रोडक्शन भी
किया जाता है। आज कंपनी के प्रोडक्ट्स ओमान, सिंगापुर, टोगो, कैमरून, नाइजर और फ्रीटाउन जैसे देशों तक पहुँच
रहे हैं और अपनी सटीकता, लगातार एक जैसी क्वालिटी और बड़े स्तर पर उत्पादन क्षमता के चलते कंपनी इंडस्ट्री की
भरोसेमंद पार्टनर बन चुकी है।
पिछले कुछ सालों में, कंपनी ने अपने रिसर्च, डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग अनुभव को कई कंज्यूमर ब्रांड्स तैयार
करने में लगाया है। इनमें वी21 प्रीमियम, जो भारत की पहली ऐसी वोडका है, जिसे 100 प्रतिशत सर्टिफाइड
आरपीईटी पैकेजिंग में पेश किया गया है, के साथ रास्कल आरटीडी, बिग बुल रम, रिट्ज प्रीमियम व्हिस्की और गोवा
व्हिस्की जैसे ब्रांड्स शामिल हैं।

कंपनी के इसी पोर्टफोलियो में नया नाम जुड़ा है- बैच मास्टर व्हिस्की। यह एक ब्लेंडेड व्हिस्की है, जिसे एज्ड स्कॉच
माल्ट्स के साथ तैयार किया गया है और खासतौर पर उन ग्राहकों के लिए बनाई गई है, जो अपने रोजमर्रा के ड्रिंकिंग
एक्सपीरियंस को एक बेहतर स्तर पर ले जाना चाहते हैं। आईडब्ल्यूएसआर के आँकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 की
पहली छमाही में भारतीय व्हिस्की मार्केट में 7 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि प्रीमियम और उससे ऊपर की
कैटेगरी में 8 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। ऐसे समय में, जब दुनियाभर के कई बाजारों में प्रीमियमाइजेशन की
रफ्तार धीमी पड़ रही है, भारत लगातार आगे बढ़ रहा है। 700 रुपए की कीमत में उपलब्ध बैच मास्टर फिलहाल
मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों- इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, रतलाम, सागर, देवास, सतना, रीवा और
बुरहानपुर में उपलब्ध है। यह ब्रांड जीजीवीएल के उसी विज़न को आगे बढ़ाता है, जहाँ मजबूत मैन्युफैक्चरिंग
अनुभव और बदलते बाजार की माँग का सही मेल देखने को मिलता है।
*ऑर्बोसिस स्टार्टअप अवॉर्ड्स 2026 में इंदौर के टॉप 50 इमर्जिंग स्टार्टअप्स हुए सम्मानित*


*स्टार्टअप में भी इंदौर बनेगा नंबर 1, 'ऑर्बोसिस स्टार्टअप अवॉर्ड्स 2026' में 50 विजनरी फाउंडर्स का सम्मान*

* शहर के 50 इमर्जिंग स्टार्टअप्स को मंच पर सम्मान मिला
* परसेप्शन बिल्डिंग पर खास टॉक शो ने फाउंडर्स को नई दिशा दी
* क्वालिटी और स्मार्ट पीआर से ब्रांड पहचान बनाने पर गहन चर्चा हुई

*मुंबई* *मई, 2026* : हर स्टार्टअप के पीछे सिर्फ एक विचार नहीं, बल्कि हजारों प्रयोग, रिस्क लेने की हिम्मत और कुछ अलग कर दिखाने की जिद छिपी होती है। लेकिन इन सबसे परे, जब उन्हें सही पहचान और मंच मिल जाता है, तभी ये कोशिशें असली मायने में उड़ान भरती हैं और नए मुकाम तय करती हैं। इसी सोच को साकार करता नजर आया इंदौर में आयोजित 'ऑर्बोसिस स्टार्टअप अवॉर्ड्स 2026', जहाँ शहर के उभरते स्टार्टअप्स और उनके पीछे खड़े विजनरी फाउंडर्स को सम्मानित किया गया। साथ ही, 100 से ज्यादा स्टार्टअप्स की मेहनत और जुनून को ‘रैंप वॉक रनवे’ जैसे अनोखे कॉन्सेप्ट के जरिए पेश किया गया।
इस पहल का नेतृत्व ऑर्बोसिस ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर प्रभात अग्रवाल ने किया। उनके साथ डायरेक्टर्स पूजा मोगल, ऋतु अग्रवाल, प्रकाश अग्रवाल और शुभम पाटीदार ने भी आयोजन को सफल बनाने में अहम् भूमिका निभाई। वहीं, एआईएस सिग्नेचर ने ऑफिशियल पॉवर पार्टनर के रूप में इस पहल को मजबूती दी, जिससे स्थानीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को और गति मिली।
कार्यक्रम का सबसे चर्चित हिस्सा रहा पीआर 24x7 के साथ आयोजित टॉक शो, जिसमें परसेप्शन बिल्डिंग और ब्रांड प्रेजेंस पर गहन चर्चा हुई। इस सेशन ने नए फाउंडर्स को यह समझने का मौका दिया कि सिर्फ अच्छा प्रोडक्ट ही नहीं, बल्कि सही कहानी और सही प्रस्तुति भी उतनी ही जरूरी होती है। इस चर्चा में पीआर 24x7 की सीईओ नेहा गौर के साथ नीवक्लाउड और रैकबैंक के फाउंडर नरेंद्र सेन, वियासॉकेट और वॉकओवर के फाउंडर पुष्पेंद्र अग्रवाल और मोशनजिलिटी के फाउंडर हिमांशु चतुर्वेदी जैसे अनुभवी उद्यमी शामिल हुए।

नेहा गौर ने अपने विचार साझा करते हुए कहा,"स्टार्टअप की शुरुआत में उसकी कहानी ही उसकी सबसे बड़ी ताकत होती है। पब्लिक रिलेशंस सिर्फ दिखने का माध्यम नहीं, बल्कि भरोसा बनाने की नींव है, जो किसी भी ब्रांड को मुश्किल समय में भी मजबूत बनाए रखती है। सभी विजेताओं को बहुत-बहुत बधाई।"
इस पहल के विज़न पर बात करते हुए प्रभात अग्रवाल ने कहा, "हमारा उद्देश्य सिर्फ सम्मान देना नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच बनाना है जहाँ स्थानीय स्टार्टअप्स को वही पहचान और सम्मान मिले, जिसके वे हकदार हैं। ‘रनवे’ कॉन्सेप्ट के जरिए हम यह प्रदर्शित करना चाहते हैं कि अब इनोवेशन ही मध्य भारत की नई पहचान बन रहा है।"
इस इवेंट में 50 ऐसे स्टार्टअप फाउंडर्स को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने अपने क्षेत्र में शानदार काम करते हुए एक अलग पहचान बनाई है। समारोह में जिन विजेताओं को सम्मान मिला, उनमें रोशन कुशवाहा (इंश्योर मार्केटिंग सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड), शुभम पाटीदार (ऑर्बोटॉक्स), आशीष गुप्ता (ऑर्बोसिस रियलिटी), वैभव मेहरोत्रा (वैभव परफ्यूमरी), पूजा विश्वकर्मा (गीता की रसोई), दीपक पंचाल (एट्जियन टेक्नोलॉजीस एलएलपी), भरत राठौड़ (गेटजी), निहित सबलोक (भोजनकार्ट), हेमंत पवार (एमपी सेलेब्रिटीज), प्रकाश अग्रवाल (घरतकसेवा), अमित चावला (अल्फाग्रोथविलेज प्राइवेट लिमिटेड), सोहम शर्मा (बॉटमार्ट्ज आईटी सॉल्यूशन), अभिषेक उपाध्याय (एयू प्रोडक्शन), रोशन भारद्वाज (गुरु प्रगति), पुष्पेंद्र और करुणा सिंह राजपूत (स्वर्णिक स्टूडियो), गौरव फांसे (जिटा टेक्नोलॉजी), यशराज गायकवाड़ (राइट ईट), प्रतीक पंडित (एआईएस सिग्नेचर), डॉ. रितेश अग्रवाल (मेडीलैब्स), अक्षय शेलट (डोमिगो), तुषार मोहबे और राहुल साहू (जस्टर्फ स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड), प्रबल जैन (इंदौरी आर्टिस्ट), पंकज सूर्य (काम मिलेगा), रुचि वर्मा (आध्या ऑर्बोटेक), विपुल जैन (विपुलांचल वेल्थ मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड), अनुज भटनागर (डीज़लॉग डिलीवरी), मोहित शर्मा (फिक्सपॉइंट), प्रशांत पटेल (आस्मो डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड), मनीष यादव (दबंग दुनिया), जयेश कुमार गुलाटी (मिस्टिक मंत्रा पिक्चर्स एंड मोशन प्राइवेट लिमिटेड), शुभम परमार (कोराज), अमित अग्रवाल (ऑर्गेनिक स्किन), फर्स्ट पार्टनर कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड, रितेश जायसवाल (स्टेवरस), पूजा पडियार (पीनॉक्स सॉल्यूशंस), काशिश जायसवाल और पुलकित जायसवाल (ब्लूओशन बिल्डिंग सॉल्यूशन), श्रेयांश जैन (व्हाइट कॉलर), नरेंद्र पिपलीवाल और आलोक जांगिड़ (त्रिनेत्रम नेक्स्टजेन), कृष्णा धाकड़ और उमंग अग्रवाल (ब्रांड्स ऑन ट्रेंड), उत्कर्ष चौरसिया (ब्लैक लियो वेंचर्स), आनंद शर्मा (ऑर्बोएविएशन), अंशुमन उपाध्याय (टिकट बुक करो), साशी ससपुटे (एनजीओ महासंग), अमन जगताप (रेयर फ्लोरिंग्स), अविधा चतुर्वेदी (पेपरटू प्लांट), अमित केवलरामानी (शॉपहोल इंडिया गिफ्ट्स), ईशान मिश्रा (मेधावी इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड) और श्री शर्मा (शाइनविदश्री) शामिल रहे।
ऑर्बोसिस ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड एक मल्टीडिसिप्लिनरी कंपनी है, जो टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, एजुकेशन और ह्यूमन कैपिटल जैसे क्षेत्रों में इनोवेशन को बढ़ावा दे रही है। यह एक डायनामिक आईटी कंपनी है, जो हाई क्वालिटी वेबसाइट्स, मोबाइल एप्लिकेशन और ब्रांडिंग सॉल्यूशंस देने के लिए प्रतिबद्ध है।
शॉपर्स स्टॉप ने ‘स्टाइल इनिंग्स’ के विजेता को बीएमडब्ल्यू 310 आरआर बाइक से किया सम्मानित

रांची, 04 मई 2026: शॉपर्स स्टॉप, जो इंडिया का प्रीमियर फैशन, लाइफस्टाइल और गिफ्टिंग डेस्टिनेशन है, ने अपनी क्रिकेट थीम पर आधारित “स्टाइल इनिंग्स” कैंपेन को सक्सेसफुली कन्क्लूड किया। इस मौके पर रांची मंह एक ग्रैंड ऑन-ग्राउंड सेलिब्रेशन आयोजित किया गया।

इस इवेंट में मिस्टर आनंद कुमार को कैंपेन का ग्रैंड प्राइज विनर घोषित किया गया और उन्हें एक ब्रांड-न्यू बीएमडब्ल्यू जी 310 आरआर बाइक देकर सम्मानित किया गया। यह विशेष समारोह विद्यातपति नगर स्थित शॉपर्स स्टॉप स्टोर में आयोजित की गई। स्टाइल इनिंग्स कैंपेन, जिसे आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान पूरे देश में शुरू किया गया था, इसमें शॉपिंग को मजेदार बनाने के लिए गेम्स और आकर्षक इनाम शामिल किए गए। इससे स्टोर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर ग्राहकों की भागीदारी बढ़ी। इस कैंपेन में शॉपिंग वाउचर्स, खास प्रोडक्ट्स और प्रीमियम अनुभव जैसे इनाम दिए गए। इसके जरिए शॉपर्स स्टॉप ने अपनी उस पहचान को और मजबूत किया, जहां फैशन और जश्न एक साथ आते हैं। इस समारोह में श्री जितेन महेंद्र, कस्टमर केयर एसोसिएट और सीएमओ, शॉपर्स स्टॉप ने कहा, “शॉपर्स स्टॉप में, हम ऐसे अनुभव बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो केवल शॉपिंग तक सीमित नहीं हैं।

स्टाइल इनिंग्स इसका एक बेहतरीन उदाहरण है, जहां हम अपने ग्राहकों के लिए स्टाइल, उत्साह और रिवॉर्ड्स को एक साथ लाते हैं। अपने फर्स्ट सिटीजन क्लब के माध्यम से, हम वफादार ग्राहकों का एक मजबूत समुदाय बना रहे हैं, जो विशेष लाभ, व्यक्तिगत अनुभव और ऐसे जश्न के पलों का आनंद लेते हैं। हमारे लिए यह हमेशा खास होता है जब हम उन्हंि इस तरह सार्थक तरीके से कुछ वापस दे पाते हैं।” स्टाइल इनिंग्स ने अलग-अलग मार्केट्स में मजबूत भागीदारी देखी, जहां कस्टमर्स ने आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप सीजन के दौरान इन-स्टोर एक्टिवेशन्स और शॉपिंग-आधारित रिवॉर्ड्स के जरिए कैंपेन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रांची में आयोजित इवेंट ने इस कैंपेन के औपचारिक समापन को दर्शाया, जिसमें ग्रैंड प्राइज विनर का सम्मान किया गया और इस नेशनवाइड पहल का समापन किया गया।
दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी' शो के बच्चों ने खोले अपने दिल के राज़ और बताया गर्मी की छुट्टियाँ क्यों हैं खास

मध्य प्रदेश/उत्तर प्रदेश, अप्रैल 2026: जब स्कूल बैग को मिलती है छुट्टी और अलार्म घड़ी भी लेती है आराम, तभी शुरू होता है खुशियों का सबसे प्यारा मौसम और वह है गर्मी की छुट्टियाँ। यह एक ऐसा समय होता है, जब हर दिन एक नई कहानी, हँसी, मस्ती और छोटे-छोटे एडवेंचर से भरा होता है। गर्मी सिर्फ छुट्टी नहीं, बल्कि आज़ादी, खुशियों और यादगार पलों का खज़ाना है, जो हमेशा दिल में बस जाता है। वहीं, 'दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी' शो के नन्हें सितारों के लिए भी यह मौसम किसी जादू से कम नहीं है, जहाँ हर किसी के पास अपनी-अपनी खुशियों की एक खास वजह है।
तारा का रोल निभाने वालीं बाल कलाकार हरीति जोशी कहती हैं, "मुझे गर्मी की छुट्टियाँ बहुत पसंद हैं, क्योंकि यह आम का मौसम होता है। मेरी मम्मी जानती हैं कि मुझे आम बहुत पसंद है, इसलिए वे मेरे लिए आम से बनी अलग-अलग चीज़ें बनाती रहती हैं। कभी आम का शेक, कभी आमरस और कभी घर पर आम की आइसक्रीम। इसलिए लगभग हर दिन मुझे आम खाने को मिलता है। इसी वजह से मुझे गर्मी बहुत पसंद है और मैं पूरे साल इसका इंतज़ार करती हूँ।"
शुद्धि का किरदार निभाने वालीं रिद्धि शर्मा के लिए गर्मी का मतलब है परिवार का प्यार। वे कहती हैं, "मुझे सबसे ज्यादा अच्छा लगता है गर्मी की छुट्टियों में अपनी नानी के घर जाना। वह मेरे लिए ढेर सारी खुशियों से भरी जगह है, क्योंकि वहाँ मुझे बहुत प्यार और दुलार मिलता है। मेरी नानी मेरा पसंदीदा खाना बनाती हैं, मजेदार कहानियाँ सुनाती हैं और मैं पूरे दिन अपने कज़िन्स के साथ खेलती हूँ। ऐसा लगता है, जैसे पूरा परिवार एक साथ खूब मौज कर रहा हो और मैं चाहती हूँ कि ये दिन कभी खत्म न हों।"
जीनू का रोल निभाने वाले अनाफ खत्री के लिए गर्मी का मतलब है खूब सारा खेल और मस्ती। वे कहते हैं, "गर्मी की छुट्टियाँ सबसे अच्छी होती हैं, क्योंकि मैं पूरे दिन खेल सकता हूँ और कोई मुझे रोकता नहीं है। क्रिकेट, फुटबॉल और छुपन-छुपाई जैसे खेलों से हर दिन मजेदार बन जाता है। मैं और मेरे दोस्त खूब हँसते हैं, दौड़ते हैं और कभी-कभी खेलते-खेलते थोड़ा झगड़ भी लेते हैं, लेकिन वही मज़ा है। मेरे लिए गर्मी का मतलब है खूब मस्ती।"
सप्पू का किरदार निभाने वाले अकदास खान को छुट्टियों में नई जगहें घूमना बहुत पसंद है। वे कहते हैं, "मुझे गर्मी की छुट्टियाँ बहुत अच्छी लगती हैं, क्योंकि इसी समय हम फैमिली ट्रिप पर जाते हैं। मुझे नई जगहों पर जाना, अलग-अलग शहर देखना और नया खाना ट्राई करना बहुत अच्छा लगता है। हर ट्रिप एक नया एडवेंचर होता है, जहाँ मैं कुछ नया सीखता हूँ। मुझे फोटो खींचना और यादें बनाना भी बहुत पसंद है। मेरे लिए गर्मी का मतलब है घूमना, मज़े करना और नई चीज़ें सीखना।"
गीक का किरदार निभाने वाले हनीश कौशल के लिए गर्मी सीखने और आगे बढ़ने का समय है। वे कहते हैं, "मेरे लिए गर्मी की छुट्टियाँ बहुत खास होती हैं, क्योंकि हर साल मैं कुछ नया सीखने की कोशिश करता हूँ। कभी कोई मजेदार एक्टिविटी, तो कभी कोई नई हॉबी। छुट्टियों के अंत तक मुझे गर्व होता है कि मैंने कुछ नया सीखा है। मुझे नई चीज़ें ट्राई करना बहुत पसंद है और गर्मी का समय इसके लिए सबसे अच्छा होता है।"

आप देख सकते हैं 'दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी' शो हर सोमवार से शनिवार, शाम 7:30 बजे, सिर्फ सन नियो पर।
*पुणे के जेएम रोड पर नए फ्लैगशिप स्टोर के साथ यू.एस. पोलो एसोसिएशन ने बढ़ाई अपनी उपस्थिति*
*पुणे, अप्रैल 2026:* भारत के प्रमुख कैजुअल वियर ब्रांड और यूनाइटेड स्टेट्स पोलो एसोसिएशन (यूएसपीए) के आधिकारिक ब्रांड, यू.एस. पोलो एसोसिएशन ने महाराष्ट्र में अपनी उपस्थिति का विस्तार किया। बीते सप्ताह ब्रांड ने पुणे के जेएम रोड पर अपना नया फ्लैगशिप स्टोर का भव्य शुभारम्भ किया। यह जगह शहर के सबसे प्रमुख और पुराने रिटेल क्षेत्रों में से एक मानी जाती है।
इस खास मौके पर अभिनेता और यूथ आइकन सनी कौशल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनकी उपस्थिति ने पूरे माहौल को और भी उत्साह से भर दिया। उन्होंने मेहमानों के साथ मजेदार गेम्स खेले और बातचीत की, जिससे स्टोर में एक रोमांचक और दिलचस्प माहौल बना रहा। उन्होंने रिबन काटकर स्टोर का उद्घाटन किया और फैंस से भी गर्मजोशी से मुलाकात की।
ब्रांड के साथ अपने अनुभव को साझा करते हुए, सनी कौशल ने कहा, "यू.एस. पोलो एसोसिएशन की खासियत है इसका आसान और स्टाइलिश अंदाज़, जो बिना ज्यादा कोशिश के भी अच्छा लगता है। मेरी पर्सनैलिटी भी कुछ ऐसी ही है, मैं आमतौर पर टी-शर्ट, डेनिम और स्नीकर्स पहनना पसंद करता हूँ।"
करीब 3,300 वर्ग फुट में फैला यह स्टोर दो मंजिलों में बना है। इसके जरिए पुणे में यू.एस. पोलो एसोसिएशन का नया रिटेल फॉर्मेट पेश किया गया है, जिसे आज के समय के हिसाब से ज्यादा मॉडर्न और बेहतर शॉपिंग अनुभव देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस स्पेस में ब्रांड के नए डिज़ाइन और विज़ुअल एलिमेंट्स को शामिल किया गया है, जो इसके ग्लोबल स्टोर्स की झलक प्रस्तुत करते हैं और इसकी पहचान को बनाए रखते हुए एक नया अंदाज़ पेश करते हैं।
जेएम रोड पर स्थित यह स्टोर मेन्सवियर, किड्सवियर (बॉयज़) और फुटवियर की पूरी रेंज लेकर आया है। यहाँ ऐसे प्रोडक्ट्स मिलते हैं, जो आसान स्टाइल के साथ असली पहचान और स्पोर्ट्स से जुड़े अंदाज़ को प्रदर्शित करते हैं।
स्टोर में स्प्रिंग समर '26 कलेक्शन को खास तौर पर पेश किया गया है। इसमें समर समर ड्रेसिंग को नए और बेहतर अंदाज़ में पेश किया गया है, जिसकी प्रेरणा ब्रांड की स्पोर्ट्स विरासत से ली गई है। इस सीज़न में पोलो टी-शर्ट्स पर खास फोकस है, जो हल्के, आरामदायक और नए फैब्रिक व टेक्सचर के साथ आते हैं। आरामदायक सीरसकर फैब्रिक, प्रीमियम समर मटेरियल और बेहतर फ्लैट निट्स इस कलेक्शन की खासियत हैं, जो दिन से लेकर शाम तक आसानी से पहने जा सकते हैं।
इस कलेक्शन में लिनन और गर्म मौसम के लिए जरूरी कपड़ों की नई रेंज भी शामिल की गई है, जो आज की लाइफस्टाइल के हिसाब से तैयार की गई है। इसके साथ ही डेनिम कैटेगरी का भी विस्तार किया गया है, जिसमें नए फिट्स और नए वॉशेज जोड़े गए हैं, ताकि ग्राहकों को हर दिन पहनने के लिए ज्यादा विकल्प मिल सकें। ये सभी पेशकश मिलकर मॉडर्न स्टाइल और क्लासिक आराम के बीच सही संतुलन बनाती हैं और स्पोर्ट्स से प्रेरित फैशन के जरिए क्लासिक अमेरिकन लाइफस्टाइल को भारतीय ग्राहकों तक पहुँचाती हैं।
इस सीज़न में एचएच महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह के साथ ब्रांड की साझेदारी भी जारी है, जो अब चौथे सीज़न में है। पोलो खेल से उनका गहरा जुड़ाव यूएसपीए की स्पोर्ट्स विरासत और उसकी ग्लोबल पहचान को और मजबूत बनाता है।
लॉन्च के अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए, यू.एस. पोलो एसोसिएशन इंडिया के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अमिताभ सूरी ने कहा, "पुणे हमेशा से हमारे लिए एक महत्वपूर्ण बाजार रहा है। यहाँ ऐसे ग्राहक हैं, जो सहज और स्पोर्ट्स से प्रेरित फैशन को पसंद करते हैं। जेएम रोड पर हमारी शुरुआत विशेष रूप से मायने रखती है, क्योंकि यह हमें शहर के सबसे प्रमुख रिटेल स्थानों में जगह देती है। यह स्टोर पुणे में हमारे नए रिटेल फॉर्मेट को भी पेश करता है, जो यू.एस. पोलो एसोसिएशन की बदलती दिशा को प्रदर्शित कार्य है। स्प्रिंग-समर '26 कलेक्शन के साथ हम ग्राहकों को ब्रांड के स्टाइल और स्पोर्ट्स से जुड़े खास अनुभव को एक नए अंदाज़ में देने के लिए उत्साहित हैं।"
स्टोर का पता: यू.एस. पोलो एसोसिएशन, सुयोग प्लाज़ा, डेक्कन जिमखाना, जंगली महाराज रोड, पुणे, महाराष्ट्र- 411004