मातृ दिवस पर हजारीबाग यूथ विंग ने ओल्ड एज होम में बांटा अपनापन, बुजुर्गों का लिया आशीर्वाद

मातृ दिवस के पावन दिन पर हजारीबाग यूथ विंग द्वारा ओल्ड एज होम में विशेष सेवा एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान संस्था के पदाधिकारी एवं सदस्य वहां निवास कर रही मातृशक्ति एवं बुजुर्गों के बीच पहुंचे और पूरे आत्मीय भाव के साथ मातृ दिवस मनाया। इस दौरान ओल्ड एज होम का वातावरण भावुकता, सम्मान और अपनत्व से सराबोर हो उठा। संस्था की ओर से बुजुर्गों के बीच फल, बिस्किट ग्लूकोन-डी, हॉर्लिक्स, दूध के पैकेट, जूस, मुरी सहित कई आवश्यक खाद्य सामग्रियों का वितरण किया गया। संस्था के सदस्यों ने एक-एक बुजुर्ग से मिलकर उनका हालचाल जाना तथा उनके साथ समय बिताया। कार्यक्रम के दौरान कई बुजुर्ग भावुक हो उठे। किसी ने अपने परिवार की बातें साझा कीं तो किसी ने अपने जीवन के अनुभव सुनाए। पूरे धैर्य और आत्मीयता के साथ उनकी बातें सुनीं और उन्हें अपनेपन का एहसास कराया। मातृ दिवस के इस खास मौके पर बुजुर्ग माताओं के चेहरों पर जो मुस्कान देखने को मिली, वह पूरे कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि बन गई। कार्यक्रम के दौरान कई बुजुर्गों ने कहा कि ऐसे अवसर उन्हें अकेलेपन से बाहर निकालते हैं और यह एहसास कराते हैं कि वे समाज के लिए आज भी महत्वपूर्ण हैं। कार्यक्रम के समापन पर वहां उपस्थित सभी बुजुर्गों ने संस्था के सभी सदस्यों को दोनों हाथ उठाकर आशीर्वाद दिया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पूरे कार्यक्रम के दौरान ओल्ड एज होम में एक पारिवारिक वातावरण देखने को मिला। गौरतलब है कि हजारीबाग यूथ विंग समय-समय पर सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन करता रहा है। संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने कहा कि माता केवल एक शब्द नहीं, बल्कि त्याग, ममता और संस्कार का सबसे बड़ा स्वरूप होती हैं। मातृ दिवस का वास्तविक उद्देश्य केवल शुभकामनाएं देना नहीं, बल्कि उन माताओं और बुजुर्गों तक पहुंचना है जिन्हें सबसे अधिक अपनेपन और सहारे की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हजारीबाग यूथ विंग हमेशा समाज के हर वर्ग के बीच सेवा कार्य करता रहा है और आगे भी संस्था इसी भावना के साथ जनसेवा के कार्यों को निरंतर जारी रखेगी। संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि ओल्ड एज होम में पहुंचकर बुजुर्गों के साथ समय बिताना संस्था के लिए अत्यंत भावुक और प्रेरणादायी अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का आशीर्वाद किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी होती है। आज के दौर में जरूरत इस बात की है कि युवा पीढ़ी अपने बुजुर्गों के सम्मान और देखभाल के प्रति अधिक संवेदनशील बने। मौके पर संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन, उपाध्यक्ष विकास तिवारी, सचिव रितेश खण्डेलवाल,संस्था के मार्गदर्शक डॉक्टर बी वेंकटेश,संजय कुमार,विकाश केशरी,कार्यकारिणी सदस्य राजेश जैन,विवेक तिवारी,सनी देव,सेजल सिंह, सत्यनारायण सिंह,सनी सलूजा,साक्षी राणा सहित कई लोग उपस्थित रहें।

मातृ दिवस पर तरंग ग्रुप ने सजाया प्रतिभाओं का मंच, डांस-सिंगिंग और मॉडलिंग प्रतियोगिता में दिखा हुनर

हजारीबाग। मातृ दिवस के शुभ अवसर पर तरंग ग्रुप द्वारा कृष्णापुरी स्थित डांस एवं म्यूजिक अकादमी में नृत्य, गायन एवं मॉडलिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस चयन प्रतियोगिता में हजारीबाग एवं आसपास के क्षेत्रों से 50 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य मातृ दिवस के अवसर पर माता के महत्व को रेखांकित करना, स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना तथा उन्हें बड़े स्तर तक पहुँचाने का अवसर देना था।

प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने डांस, सिंगिंग एवं मॉडलिंग की आकर्षक प्रस्तुतियों से दर्शकों और निर्णायकों का दिल जीत लिया। पूरे कार्यक्रम में उत्साह, ऊर्जा और सांस्कृतिक रंग देखने को मिला। आयोजन समिति ने बताया कि यह चयन प्रतियोगिता आगामी भव्य फिनाले की तैयारी का हिस्सा है, जिसका आयोजन जल्द ही नगर भवन हजारीबाग में किया जाएगा। फिनाले में चयनित प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का विशेष अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम में बतौर निर्णायक प्रसिद्ध कलाकार हंसराज लोहरा, अभिषेक कुमार, शिप्रा जैन एवं अपराजिता तिवारी उपस्थित रहे। सभी निर्णायकों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर संस्था के निदेशक अमित कुमार गुप्ता ने कहा कि,

“तरंग ग्रुप का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि हजारीबाग की छुपी हुई प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का मार्ग तैयार करना है। आज बच्चों, युवाओं एवं प्रतिभागियों का उत्साह देखकर यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि हमारे शहर में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आने वाले समय में तरंग ग्रुप कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में और बड़े आयोजन करेगा।”

कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष मनोज कुमार, चंदन कुमार, लक्ष्मी यादव, अगस्त्य कुमार, दीपक झा, संध्या कुमारी, दीपक गुप्ता एवं शशिकांत सहित कई गणमान्य सदस्य और अभिभावक उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक पहल बताया। रंगारंग प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक माहौल के बीच पूरा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

अन्नदा महाविद्यालय में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का भव्य अनावरण, पूर्व छात्र युवा मूर्तिकार मंटू कुमार हुए सम्मानित

हजारीबाग स्थित अन्नदा महाविद्यालय परिसर में शनिवार को एक भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें माननीय कुलपति प्रो० (डॉ०) चन्द्र भूषण शर्मा के कर-कमलों द्वारा गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। यह अवसर महाविद्यालय परिवार के लिए ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण क्षण बन गया।

समारोह का शुभारंभ डॉ रत्ना चटर्जी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। वहीं महाविद्यालय का कुलगीत “विश्वविद्या तीर्थ प्रांगणे, करो महोज्ज्वल, महोज्ज्वल...” छात्रा तनिष्का, संस्कृति रंजन एवं रिया नंदी द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे वातावरण को सांस्कृतिक गरिमा से भर दिया।

अपने संबोधन में कुलपति प्रो० (डॉ०) चन्द्र भूषण शर्मा ने कहा कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर भारतीय साहित्य, संस्कृति और शिक्षा जगत के अमर प्रतीक हैं। उनके विचार आज भी नई पीढ़ी को मानवीय मूल्यों, सृजनशीलता और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देते हैं।

महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष मनोज सेन ने कहा कि अन्नदा महाविद्यालय सदैव शिक्षा एवं सांस्कृतिक चेतना के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव की प्रतिमा विद्यार्थियों को ज्ञान, सृजन और मानवीय संवेदनाओं की दिशा में प्रेरित करती रहेगी।

महाविद्यालय शासी निकाय के सचिव डॉ० सजल मुखर्जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह प्रतिमा केवल एक स्थापत्य नहीं, बल्कि महाविद्यालय की सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक विरासत का प्रतीक है। वहीं प्राचार्य प्रो० नीलमणि मुखर्जी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम को महाविद्यालय के इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

प्राचार्य ने जानकारी दी कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की प्रतिमा का निर्माण महाविद्यालय के वाणिज्य संकाय सत्र 2008-2011 के पूर्व छात्र एवं युवा मूर्तिकार मंटू कुमार द्वारा किया गया है। इस विशेष उपलब्धि के लिए समारोह में उन्हें सम्मानित भी किया गया। उपस्थित लोगों ने उनकी कला एवं सृजनशीलता की सराहना करते हुए इसे महाविद्यालय के लिए गर्व का विषय बताया।

कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ आकाश गोराई द्वारा किया गया। समारोह में शासी निकाय के अरविंद चौधरी के अलावा अन्नदा स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अभिजीत सेन, सदस्य काजल मुखर्जी, निखिल बंग साहित्य सम्मेलन के सचिव उज्ज्वल आयकत, भारती सान्याल समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रो इंचार्ज डॉ अजीत श्रीवास्तव, शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन हिंदी विभाग की प्राध्यापक डॉ रत्ना चटर्जी द्वारा लिखित पुस्तक “रवींद्रनाथ टैगोर की कहानियों में स्त्री - संवेदना” के लोकार्पण के साथ हुआ।

हजारीबाग में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, छात्राओं को बताया ऑनलाइन ठगी से बचने का तरीका

हजारीबाग। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के मामलों को देखते हुए सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस गर्ल्स स्कूल में शनिवार को साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन Unmasked Cyber Security Private Limited द्वारा किया गया, जिसमें छात्राओं को इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता Saurav Vishwakarma रहे। उन्होंने छात्राओं को साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग तेजी से बढ़ा है, ऐसे में सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी हो गई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्राइवेसी, ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग अटैक, फर्जी लिंक, ओटीपी धोखाधड़ी और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

सत्र के दौरान छात्राओं को बताया गया कि किस प्रकार छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर साइबर अपराधों से बचा जा सकता है। वक्ताओं ने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि अनजान लिंक पर क्लिक करना, किसी के साथ पासवर्ड या ओटीपी साझा करना तथा संदिग्ध वेबसाइटों का उपयोग करना खतरनाक साबित हो सकता है।

कार्यक्रम में छात्राओं ने काफी उत्साह के साथ भाग लिया और साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल भी पूछे। संवादात्मक सत्र के माध्यम से उन्हें वास्तविक जीवन में होने वाले साइबर अपराधों से बचने के व्यावहारिक तरीके बताए गए।

विद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम को वर्तमान समय की जरूरत बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को तकनीक के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग की जानकारी देना आवश्यक है, ताकि वे भविष्य में साइबर अपराधों का शिकार होने से बच सकें। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं और उन्हें इंटरनेट की दुनिया में सतर्क रहने का संदेश देते हैं।

हजारीबाग में 18 मई को होगा फेयर प्राइस शॉप डिलर एसोसिएशन का राज्य स्तरीय सम्मेलन

हजारीबाग में आल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डिलर एसोसिएशन द्वारा 18 मई 2026 को राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। यह सम्मेलन स्थानीय मुंद्रिका कुंज में सुबह 11 बजे से आयोजित होगा। सम्मेलन को सफल बनाने को लेकर एसोसिएशन की एक महत्वपूर्ण बैठक 11 मई 2026 को दोपहर 12 बजे जिला परिषदन भवन सर्किट हाउस के सभा कक्ष में बुलाई गई है।

एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष नंदु प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य स्तरीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में आल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डिलर एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव श्री विश्वाभर बसु शामिल होंगे। सम्मेलन में राज्य एवं जिला स्तर के कई पदाधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

बैठक में जिला के सभी पदाधिकारी, 16 प्रखंडों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सक्रिय सदस्य, नगर अध्यक्ष, उनकी टीम तथा कार्य समिति के सभी सदस्यों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। बैठक में सम्मेलन की तैयारी, जिम्मेदारियों के बंटवारे और कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

हजारीबाग में “टेक सखी 2026” कार्यशाला आयोजित, छात्राओं को साइबर सुरक्षा और AI के सुरक्षित उपयोग की दी गई जानकारी

हजारीबाग: शहर के टाउन हॉल, हजारीबाग में छात्राओं एवं युवतियों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा पर आधारित “टेक सखी 2026” कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम तरंग समूह की पहल पर “डिजिटल बेटी शक्ति महाअभियान” के अंतर्गत संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में अनमास्क्ड साइबर सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड के विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए छात्राओं को साइबर सुरक्षा, डिजिटल साक्षरता तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सुरक्षित उपयोग से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग हमला, सोशल इंजीनियरिंग और डाटा चोरी जैसे साइबर अपराधों से बचने के व्यावहारिक उपायों को सरल तरीके से समझाया गया।

कार्यशाला में प्रतिभागियों को वास्तविक साइबर हमलों के उदाहरणों के माध्यम से इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में जागरूक किया गया। विशेषज्ञ सौरव विश्वकर्मा ने बताया कि आज के समय में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति के दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बन चुकी है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना बेहद जरूरी है, क्योंकि जागरूकता ही साइबर अपराधों के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।

कार्यक्रम के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और डिजिटल साक्षरता से जुड़े कई सत्र आयोजित किए गए। सभी प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाणपत्र प्रदान किया गया, जबकि चयनित प्रतिभागियों को उपहार हैम्पर देकर सम्मानित किया गया।

आयोजकों ने इस पहल को समाज में डिजिटल सुरक्षा और तकनीकी जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

हजारीबाग में राणी सती मंदिर का 28वां स्थापना दिवस धूमधाम से शुरू, भक्ति और आस्था से गूंजा मंदिर परिसर

हजारीबाग: शहर के मालवीय मार्ग स्थित राणी सती मंदिर का 28वां स्थापना दिवस इस वर्ष भी भक्ति, उल्लास और पारंपरिक आस्था के साथ धूमधाम से मनाया जा रहा है। दो दिवसीय इस आयोजन के प्रथम दिन मंदिर परिसर “जय दादी” के जयकारों से पूरी तरह गुंजायमान रहा।

प्रथम दिन सुबह 9:00 बजे भव्य मंगल पाठ का शुभारंभ किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, विशेषकर महिलाएं पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में शामिल हुईं। मंदिर के प्रधान पुजारी शशिकांत मिश्रा ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद मंगल पाठ की शुरुआत कराई।

मंगल पाठ के दौरान इत्र उत्सव, जन्म उत्सव, हल्दी उत्सव, सिंदूर उत्सव और मेहंदी उत्सव जैसे कई धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। हर वर्ष की तरह इस बार भी स्थापना दिवस को ऐतिहासिक रूप देने का प्रयास किया गया।

इस अवसर पर धनबाद से पहुंचे सुप्रसिद्ध भजन गायक नीरज सांवरिया ने अपने मधुर भजनों के माध्यम से राणी सती दादी के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को प्रस्तुत किया। “जय दादी री, तेरी महिमा सबसे न्यारी री…” जैसे भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे और पूरा मंदिर परिसर भक्ति रस में सराबोर हो गया।

मंगल पाठ के दौरान दादी के जन्मोत्सव पर ट्रॉफी वितरण किया गया, वहीं विदाई के समय सुहाग सामग्री श्रद्धालु महिलाओं के बीच बांटी गई। कार्यक्रम के अंत में भव्य आरती के बाद सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया। मंदिर कमेटी की ओर से भजन गायक नीरज सांवरिया का स्वागत और अभिनंदन भी किया गया।

आयोजन को सफल बनाने में मंदिर कमेटी के सदस्यों और श्रद्धालुओं का विशेष योगदान रहा।

कार्यक्रम के दूसरे दिन गुरुवार को सुबह 5:00 बजे मंगला आरती के साथ अनुष्ठान की शुरुआत होगी। इसके बाद पाटा पूजन, दादी का अलौकिक श्रृंगार, भव्य दर्शन और प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा। संध्या बेला में 13 सुहागन महिलाओं द्वारा परंपरा के अनुसार भव्य महाआरती की जाएगी, जो इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होगा।

मंदिर कमेटी के अध्यक्ष फतेहचंद मुनका ने कहा कि राणी सती दादी की कृपा से हर वर्ष यह आयोजन और अधिक भव्य होता जा रहा है। वहीं, सचिव रमेश टिबड़ेवाल ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं और सभी से कार्यक्रम में शामिल होकर पुण्य लाभ लेने की अपील की गई है।

उपायुक्त हेमंत सती ने किया शेख़ भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निरीक्षण

उपायुक्त हेमंत सती ने आज 5 मई को शेख़ भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिसर का भ्रमण करते हुए पार्किंग व्यवस्था, एम्बुलेंस की उपलब्धता एवं उनकी संख्या की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने परिसर के अंदर सुव्यवस्थित पार्किंग सुनिश्चित करने हेतु नगर निगम को इसके संचालन की जिम्मेदारी सौंपने का निर्देश दिया।

अस्पताल में मरीजों की अधिक संख्या को देखते हुए उपायुक्त ने संचालित जन औषधि केंद्र एवं दवा काउंटर की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि मरीजों को समय पर एवं सहज रूप से दवाएं उपलब्ध हो सकें।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने कोल्ड चेन, विद्युत आपूर्ति सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को कार्यरत कर्मियों, एमपीडब्ल्यू (MPW) एवं रिक्त पदों की अद्यतन सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, जिससे संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

उपायुक्त ने नेत्र विभाग का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने उपलब्ध मशीनों की जानकारी ली तथा मौके पर अपनी आंखों की जांच भी कराई। उन्होंने संबंधित चिकित्सकों से मोतियाबिंद के मरीजों के ऑपरेशन की प्रक्रिया एवं संख्या के बारे में जानकारी प्राप्त की।

इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने आयुष्मान केंद्र, मेडिसिन ओपीडी, मनोरोग वार्ड, स्किन वार्ड, शिशु वार्ड, ईएनटी वार्ड, कार्डियोलॉजी वार्ड तथा डे-केयर कक्ष का सूक्ष्मता से निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं सेवाओं की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अस्पताल प्रबंधन को मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।

इस दौरान सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री आदित्य पांडेय, सिविल सर्जन,मेडिकल सुपरिटेंडेंट व अन्य चिकित्सक मौजूद थे।

हजारीबाग में कल से राणी सती मंदिर का 28वां स्थापना दिवस समारोह, दो दिनों तक भक्ति और श्रद्धा का संगम

हजारीबाग: शहर के मालवीय मार्ग स्थित राणी सती मंदिर में कल से 28वें स्थापना दिवस के पावन अवसर पर दो दिवसीय भव्य धार्मिक आयोजन का शुभारंभ होगा। इस अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक और भव्य रूप से सजाया गया है, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा है।

कार्यक्रम के प्रथम दिन बुधवार को प्रातः 9:00 बजे से भव्य मंगल पाठ का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान धनबाद के सुप्रसिद्ध भजन गायक नीरज सांवरिया अपनी मधुर भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर करेंगे।

दूसरे दिन गुरुवार को प्रातः 5:00 बजे मंगला आरती के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इसके पश्चात पाटा पूजन, दादी का अलौकिक श्रृंगार, भव्य दर्शन एवं प्रसाद वितरण किया जाएगा। संध्या बेला में 13 सुहागन महिलाओं द्वारा परंपरा के अनुसार भव्य महाआरती की जाएगी, जो आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेगा।

पूरे आयोजन के दौरान दादी को छप्पन भोग एवं सवामणि अर्पित किया जाएगा। साथ ही भजन संध्या के माध्यम से श्रद्धालु दादी के चरणों में अपनी आस्था अर्पित करेंगे और भक्ति में लीन होकर इस दिव्य आयोजन का हिस्सा बनेंगे।

मंदिर कमेटी के अध्यक्ष फतेहचंद मुनका ने बताया कि दादी की कृपा से पिछले 27 वर्षों से स्थापना दिवस समारोह भव्य रूप में आयोजित होता आ रहा है। इस वर्ष 28वां स्थापना दिवस और भी अधिक श्रद्धा एवं अलौकिक वातावरण के साथ संपन्न होगा।

वहीं मंदिर कमेटी के सचिव रमेश टिबड़ेवाल ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर दादी का आशीर्वाद प्राप्त करने और आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।

मंदिर परिसर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और श्रद्धालुओं में इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।

इचाक में पत्रकारों से मारपीट पर बढ़ा विवाद, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

इचाक। हजारीबाग में दो युवतियों और एक युवक की हत्या के चर्चित मामले के बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के दौरे के दौरान पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के विरोध में सोमवार को इचाक प्रखंड के पत्रकारों ने राज्यपाल के नाम बीडीओ संतोष कुमार को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग की।

ज्ञापन में पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि मंत्री के हजारीबाग अस्पताल पहुंचने पर कुछ असामाजिक तत्वों ने पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट की। सबसे गंभीर बात यह बताई गई कि घटना के समय मंत्री स्वयं मौजूद थे, लेकिन उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने या पीड़ित पत्रकारों को न्याय दिलाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की।

पत्रकारों ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों का रवैया भी संवेदनहीन रहा। उन्होंने न तो मारपीट कर रहे लोगों को रोकने का प्रयास किया और न ही पत्रकारों के प्रति सहानुभूति दिखाई। इसको लेकर ज्ञापन में संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित करने तथा सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग भी उठाई गई है।

प्रेस क्लब इचाक के अध्यक्ष अनिल राणा ने कहा कि यह घटना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

ज्ञापन सौंपने के दौरान सचिव गणेश कुमार प्रजापति, संरक्षक रामशरण शर्मा,अभिषेक कुमार, महेश कुमार मेहता, रंजीत मेहता, राम अवतार स्वर्णकार, सूरज कुमार, सुशांत सोनी, सहित कई पत्रकार मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन तेज किया जाएगा।