बागरोदा में शंकर पट बैलगाड़ी प्रतियोगिता: परंपरा और संरक्षण का अनोखा संगम

60 किमी रफ्तार से दौड़े बैल, दर्शकों को किया रोमांचित

भोपाल (हुजूर विधानसभा)। ग्राम बागरोदा में आयोजित शंकर पट बैलगाड़ी प्रतियोगिता ने ग्रामीण संस्कृति और परंपरा की जीवंत झलक पेश की। प्रतियोगिता में क्षेत्रभर से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जहां फाइनल राउंड में बैलों ने लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ लगाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

प्रतियोगिता में ‘आमखो’ ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व जिला पंचायत सदस्य विष्णु विश्वकर्मा ने विजेताओं को पुरस्कार वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया।

इस आयोजन ने न केवल ग्रामीण खेल परंपराओं को जीवित रखने का संदेश दिया, बल्कि गौवंश संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई। बैल प्रेमियों ने बताया कि ऐसे आयोजनों से पूर्वजों के संस्कार आज भी सजीव बने हुए हैं और पशुधन के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है।

कार्यक्रम के दौरान इब्राहिम भाई, आशिक भाई, कमलेश विश्वकर्मा सहित अन्य ग्रामीणों ने बारिश के बाद भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। बड़ी संख्या में उपस्थित दर्शकों ने प्रतियोगिता का आनंद लिया और आयोजन को सफल बनाया।

मार्केट बंद होने में दो कानून नहीं चलेगा, पुलिस को सख्‍ती से अंकुश लगाना आवश्‍यक : आलोक शर्मा


सांसद ने कहा - भोपाल वक्फ की जागीर नहीं

सांसद आलोक शर्मा ने पुलिस आयुक्त से की मुलाकात

भोपाल। सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल में मार्केट बंद होने के दो कानून प्रचलित है, जिस पर पुलिस को सख्ती से अंकुश लगाना चाहिए। उन्होंने कहा पुराने भोपाल शहर में रातभर दुकानें खुली रहती है, जहां पर आपराधिक गतिविधियों को बल मिलता है। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने रात सोने के लिए बनाई है। घर पर अब्बू, अम्मी इंतजार करते हैं कि बेटा आएगा और हमें दवाई देगा लेकिन बेटा तो रातभर बिरयानी की दुकान और मार्केट में ही बिताता है। ये चिंता आज कई परिवारों की है। युवा गलत रास्ता अपना लेते हैं। शनिवार को सांसद आलोक शर्मा ने भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से मुलाकात कर उन्हें इस आशय का एक पत्र सौंपा है जिसमें भोपाल के सभी मार्केट एक समय पर बंद करने का आग्रह किया है। ज्ञात रहे सांसद शर्मा पूर्व में भी कई बार ये मुद्दा उठाते रहे हैं लेकिन पुलिस की सख्ती न होने के कारण आज भी व्यवस्था वैसी ही है। सांसद शर्मा ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात के दौरान बताया कि अभी भोपाल शहर में दो कानून प्रचलित हैं, न्यू मार्केट, एमपी नगर, संत हिरदाराम नगर, बीएचईएल बरखेड़ा, इंद्रपुरी सोनागिरि, 6 नंबर मार्केट, 10 नंबर मार्केट, लखेरापुरा, सराफा चौक आदि रात में 10 बजे तक बंद हो जाते हैं। जबकि पुराने भोपाल शहर के मार्केट्स काजीकैंप, लक्ष्मी टॉकीज, बसस्टैंड, रेलवे स्टेशन, रॉयल मार्केट जीपीओ, इमामी गेट, राजू टी-स्टाल, जिंसी-जहांगीराबाद, सब्बन चौराहा, इतवारा, बुधवारा में दुकानें रातभर खुली रहती हैं जिससे आपराधिक गतिविधियों को बल मिलता है और शहर की कानून व्यवस्था बिगड़ती है। सांसद शर्मा को पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने शहर के सभी मार्केट्स एक समय पर बंद कराने की कार्यवाही सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया है।

* भोपाल वक्फ की जागीर नहीं

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल वक्फ की जागीर नहीं है। शहर में कहीं भी डेवलपमेंट के काम करने जाएं तो खड़े हो जाते हैं कि यह वक्फ की जमीन है। महापौर रहते जब हम पॉलिटेक्निक से भारत माता चौराहे तक स्मार्ट रोड बनाने गए तो रोड़ा अटकाया। बोले कि यह वक्फ की जमीन है जबकि आज वहां स्मार्ट रोड बन जाने के बाद मुसलमान भी उस रोड पर निकलता है, हिंदू भी उस पर रोड पर निकलता है, सभी वर्ग के लोग उस स्मार्ट रोड का उपयोग करते हैं। इसी प्रकार श्यामला हिल्स पर मानस भवन के पीछे की झुग्गियां का हटाने का मामला भी है। वहां पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी को आवास का पैसा जमा किया गया है। किसी को बेघर नहीं किया जाएगा लेकिन शहर के अंदर सरकारी जमीन पर किसी को भी अतिक्रमण करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। वक्फ के नाम पर किसी को भी अवैध कब्जा नहीं करने दिया जाएगा।

6 मई को भव्य होगा रामनिवास रावत का कार्यभार ग्रहण समारोह

- वन विकास निगम के अध्यक्ष पद की संभालेंगे जिम्मेदारी, समारोह को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी तेज

भोपाल। आगामी 6 मई 2026 को प्रातः 10 बजे पूर्व मंत्री रामनिवास रावत मध्यप्रदेश वन विकास निगम के अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण करेंगे। इस अवसर पर वन भवन में आयोजित होने वाले समारोह को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

समारोह की रूपरेखा तय करने के लिए मप्र मीना समाज सेवा संगठन की बैठक प्रदेश संगठन महामंत्री एड. संतोष मीना की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों और समाज के वरिष्ठ जनों ने व्यापक चर्चा करते हुए कार्यक्रम को यादगार बनाने का संकल्प लिया।

बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष लीलेन्द्र सिंह मारण, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लखन सिंह मीना सहित समाजसेवी विमल सिंह मारण, ब्रजेश मीणा, हरभजन मीना, रामसेवक मीना, रामजीवन मीना, सुदेश मारण, जीवन मारण, जगदीश मारण, पर्वत सिंह मारण, सत्यम मीना और भैयालाल मारण सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।

सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि रामनिवास रावत के कार्यभार ग्रहण समारोह को भव्य स्वरूप दिया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग और गणमान्य नागरिक शामिल होंगे।

RSF की प्रेस स्वतंत्रता रिपोर्ट: वैश्विक पैमाना या भारत की अधूरी तस्वीर?

डॉ. पंकज सोनी

Reporters Without Borders (RSF) की सालाना रिपोर्ट पर भरोसा करने से पहले एक बुनियादी सवाल है—यह बनती कैसे है? किसके संसाधनों से, किन स्रोतों के आधार पर और किस दृष्टिकोण के साथ? 140 करोड़ की आबादी, दर्जनों भाषाओं और सैकड़ों संस्कृतियों वाले भारत की प्रेस स्वतंत्रता क्या पेरिस में बैठकर तैयार प्रश्नावलियों से मापी जा सकती है?

हर साल 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पेरिस स्थित एक NGO Reporters Without Borders (RSF) अपनी वार्षिक रिपोर्ट जारी करता है। इस रिपोर्ट में भारत का स्थान प्रायः 150 के बाद ही दिखाई देता है। 2026 की रिपोर्ट में भारत 157वें स्थान पर है, जबकि 2025 में भी यही रैंक और 2024 में 159वां स्थान था।

रिपोर्ट आते ही देश का एक वर्ग चिंतित स्वर में कहता है—“लोकतंत्र खतरे में है”, “पत्रकारिता समाप्त हो रही है”, “प्रेस पर दबाव बढ़ गया है।” लेकिन इन प्रतिक्रियाओं के बीच एक मूल प्रश्न अक्सर अनदेखा रह जाता है—यह सूचकांक तैयार कैसे होता है? भारत इसमें लगातार पीछे क्यों रहता है?

दरअसल, RSF एक फ्रांसीसी गैर-सरकारी संगठन है, जिसकी फंडिंग के स्रोत पूरी तरह पारदर्शी नहीं माने जाते। यूरोपीय सरकारें और कुछ निजी फाउंडेशन इसे सहयोग देते हैं। इसका प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक मुख्यतः सर्वेक्षण, धारणाओं और सीमित केस स्टडी पर आधारित होता है। यह कोई पूर्णतः वैज्ञानिक या वस्तुनिष्ठ मापदंड नहीं, बल्कि चुनिंदा लोगों की राय का संकलन है, जिसमें पश्चिमी उदारवादी मूल्यों को पत्रकारिता का मानक मान लिया जाता है।

यहीं एक महत्वपूर्ण प्रश्न खड़ा होता है—क्या इतने विशाल और विविध देश की मीडिया स्वतंत्रता का आकलन सीमित प्रश्नावलियों के आधार पर किया जा सकता है? भारत में प्रेस स्वतंत्रता का मूल्यांकन यहाँ के संविधान, न्यायपालिका और नागरिक अधिकारों के संदर्भ में होना चाहिए, न कि केवल किसी बाहरी संस्था के आकलन से।

इस रिपोर्ट का एक बड़ा विरोधाभास यह भी है कि इसमें पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों को कई बार भारत से बेहतर स्थान दिया गया है। पाकिस्तान में पत्रकारों के लापता होने, मीडिया पर सैन्य दबाव और वरिष्ठ पत्रकार Arshad Sharif की हत्या जैसी घटनाएं व्यापक रूप से सामने आ चुकी हैं। वहीं बांग्लादेश में डिजिटल सुरक्षा कानून के तहत पत्रकारों पर कार्रवाई के मामले भी सामने आए हैं। ऐसे में यह तुलना स्वाभाविक रूप से प्रश्न खड़े करती है।

वैश्विक स्तर पर भी मीडिया स्वतंत्रता की स्थिति जटिल है। अमेरिका में Julian Assange के खिलाफ लंबे समय तक कानूनी कार्रवाई चली। पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने मीडिया को “एनिमी ऑफ द पीपल” तक कहा। रूस और चीन में मीडिया पर राज्य का प्रभाव जगजाहिर है। इसके बावजूद RSF रैंकिंग में इन देशों की स्थिति अपेक्षाकृत कम आलोचनात्मक दिखाई देती है, जिससे भू-राजनीतिक पूर्वाग्रह की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

International Federation of Journalists (IFJ) के अनुसार 2025 में दुनिया भर में 128 पत्रकारों की हत्या हुई, जिनमें अधिकांश मध्य-पूर्व और संघर्ष क्षेत्रों से थे। भारत में ऐसे मामलों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, और हर घटना पर न्यायिक व प्रशासनिक प्रक्रिया सक्रिय होती है।

भारत की जमीनी तस्वीर देखें तो यहाँ 900 से अधिक सैटेलाइट चैनल, 17,000 से ज्यादा पंजीकृत समाचारपत्र और लाखों डिजिटल प्लेटफॉर्म सक्रिय हैं। अनेक मीडिया संस्थान सरकार की खुलकर आलोचना करते हैं और निर्बाध रूप से कार्य कर रहे हैं। संसद, न्यायपालिका और सोशल मीडिया—तीनों स्तरों पर अभिव्यक्ति की विविधता स्पष्ट दिखाई देती है।

हालाँकि, भारतीय पत्रकारिता की एक चुनौती यह भी है कि बिना प्रशिक्षण या मान्यता के बड़ी संख्या में लोग मीडिया के नाम पर सक्रिय हो गए हैं। कुछ मामलों में यह स्थिति अव्यवस्था और अविश्वसनीयता को जन्म देती है, जो समग्र तस्वीर को प्रभावित करती है।

RSF की निष्पक्षता पर सवाल केवल भारत तक सीमित नहीं हैं। The GuardianGlobal Times और अन्य संस्थानों द्वारा इसके वित्तीय स्रोतों व दृष्टिकोण पर प्रश्न उठाए गए हैं। यहाँ तक कि Encyclopaedia Britannica में भी कुछ संदर्भों में इसके संभावित पक्षपात का उल्लेख मिलता है।

स्पष्ट है कि RSF का सूचकांक एक उपयोगी संकेतक हो सकता है, लेकिन इसे अंतिम सत्य मानना उचित नहीं। उतना ही गलत इसे पूरी तरह खारिज कर देना भी होगा।

भारत जैसे विशाल और विविध लोकतंत्र में प्रेस स्वतंत्रता का मूल्यांकन बहुआयामी दृष्टिकोण से ही संभव है—जहाँ वैश्विक सूचकांक, स्थानीय वास्तविकता और संस्थागत अनुभव, तीनों को संतुलित रूप से समझा जाए।

(लेखक जनसंपर्क विभाग भोपाल में सहायक मीडिया सलाहकार हैं और यह इनके व्यक्तिगत विचार हैं।)

आवलीघाट में अवैध बजरी माफिया का आतंक, राहगीरों से मारपीट और वसूली

 

रेहटी। रेहटी तहसील के ग्राम आवलीघाट क्षेत्र में अवैध बजरी खनन करने वाले माफिया का आतंक बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, खनन से जुड़े गुंडे खुलेआम राह चलते लोगों और वाहन चालकों के साथ मारपीट कर रहे हैं और जबरन अवैध वसूली भी की जा रही है।

बताया जा रहा है कि हाल ही में हुई एक घटना में पीड़ित के साथ मारपीट की गई, जिसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई। इस मामले में पुलिस ने NCR (नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट) दर्ज करते हुए धारा 352, 131 और 115(2) के तहत मामला लिया है, लेकिन अभी तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन की ढिलाई के कारण इन असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं, जिससे आम जनता में भय का माहौल बना हुआ है। क्षेत्र के लोगों ने मांग की है कि पुलिस और प्रशासन तत्काल सख्त कदम उठाकर अवैध खनन और गुंडागर्दी पर रोक लगाए।

जनता की मांग:

अवैध बजरी खनन पर तुरंत रोक

दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

* क्षेत्र में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए

अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला और गंभीर रूप ले सकता है।

प्रदेश सरकार फेल, जनता की जान से खिलवाड़”- जीतू पटवारी का हमला

- जहरीले पानी, हादसों और किसानों के मुद्दों पर सरकार को घेरा

- 7 मई को बड़वानी से मुरैना तक चक्का जाम करने का किया ऐलान

भोपाल, प्रतिनिधि। मध्यप्रदेश में विपक्ष ने एक बार फिर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में “जनता की जान से खिलवाड़” किया जा रहा है। पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में पानी जैसी बुनियादी जरूरत भी सुरक्षित नहीं रह गई है। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में जहरीले पानी के कारण 36 लोगों की मौत हुई, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं।

बरगी बांध की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां 9 लोगों की मौत हुई, लेकिन सरकार की ओर से संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब मां-बेटे के शव निकाले जा रहे थे, उस समय मुख्यमंत्री अन्य कार्यक्रमों में व्यस्त थे। परिवहन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पटवारी ने कहा कि नियमों की अनदेखी के कारण आदिवासी क्षेत्रों में लोग ट्रकों और बसों की छतों पर सफर करने को मजबूर हैं, जिससे हादसे बढ़ रहे हैं। इसे उन्होंने सरकार की नीतिगत विफलता बताया।

किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपये और धान का 3100 रुपये देने का वादा किया था, लेकिन किसानों को इससे कम कीमत मिल रही है। उन्होंने भावांतर योजना की राशि तुरंत किसानों के खातों में डालने की मांग की।

पटवारी ने 7 मई को बड़वानी से मुरैना तक चक्का जाम का ऐलान करते हुए कहा कि यह आंदोलन किसानों के हित में होगा, भले ही इससे आमजन को असुविधा उठानी पड़े। न्याय व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई और कहा कि लोगों का भरोसा कमजोर हो रहा है। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह से मुलाकात का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने उनके काम की सराहना की है। पटवारी ने कहा कि वे प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर प्रदेश की स्थिति से अवगत कराएंगे।

कराटे चैंपियनशिप में खिलाड़ी दिखायेंगे दम

भोपाल। एमपीएसकेए मध्य प्रदेश स्टेट सब जूनियर, कैडेट एवं जूनियर कराटे चैंपियनशिप 2026 का आयोजन 1, 2 एवं 3 मई 2026 को आईपीएस स्कूल, इंदौर (मध्य प्रदेश) में किया जा रहा है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में वॉरियर जर्नी डोजों (डब्ल्यूजेकेएफआई) के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जो महू एवं इंदौर शाखा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों में सागर लांडेगे, रचित खोट, अद्विका माहेश्वरी, आध्या चांडक, आर्या सोनी, एजरील अनायशा भान एवं धानी सिंह शामिल हैं। इन सभी खिलाड़ियों ने ट्रेनर करण साहू, कोच जसप्रीत सिंह एवं हरिओम परमार के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

यह प्रतियोगिता नेशनल चैंपियनशिप के चयन के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो खिलाड़ियों के लिए अपने कौशल को प्रदर्शित करने और आगे बढ़ने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करती है। चैंपियन वही बनता है जो निरंतर मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता है। सभी खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।

मध्य प्रदेश के धार में मजदूरों से भरा पिकअप वाहन पलटा, 16 लोगों की मौत

  • प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया हादसे पर दुख, मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता का ऐलान

भोपाल। मध्य प्रदेश के धार जिले में इंदौर अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिकलिया फाटा के पास बुधवार रात मजदूरों से भरा एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में 6 बच्चों समेत 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।

जानकारी के अनुसार, धार जिले के तिरला थाना क्षेत्र में चिकलिया फाटा पर जिओ पेट्रोल पंप के पास बुधवार रात करीब साढ़े 8 बजे तेज रफ्तार पिकअप वाहन अनियंत्रित हो गया और तीन-चार बार पलटी खाते हुए सड़क के दूसरी तरफ जाकर स्कॉर्पियो से टकरा गया। पिकअप वाहन करीब 100 किलोमीटर की रफ्तार में था। प्रत्यक्षदर्शी शुभम सिसोदिया ने बताया कि हादसे के समय मैं घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर मौजूद था। स्कॉर्पियो मांगूद से धार की ओर जा रही थी, जबकि पिकअप वाहन धार से मांगूद की तरफ आ रहा था। इसी दौरान अचानक पिकअप का टायर फट गया। अनियंत्रित होकर पिकअप डिवाइडर को पार करते हुए रॉन्ग साइड में आ गया और सामने से आ रही स्कॉर्पियो से टकरा गया और फिर पलट गया।

हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई. राहगीरों और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर तत्काल राहत कार्य शुरू किया और दबे हुए लोगों को बाहर निकाला। सड़क पर कई घायल मजदूर पड़े हुए थे, जिससे स्थिति बेहद गंभीर और संवेदनशील बन गई। एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को धार के जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

धार जिला चिकित्सालय में एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के आने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यहां पहुंचे कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम लगातार उपचार में जुटी हुई है। जिला अस्पताल में मौजूद इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर छत्रपाल सिंह चौहान ने बताया कि मौके पर पहुंचे सभी घायलों का उपचार किया जा रहा है। पिकअप के दुर्घटना के बाद यहां घायल पहुंचे हुए हैं।

हादसे की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी ने बताया कि तेज रफ्तार पिकअप वाहन से एक हादसा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुँची और सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल कुछ मरीजों को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है, जबकि अन्य का उपचार यहीं जारी है। मौके पर प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम मौजूद है और सभी घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मिले, इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। साथ ही 108 एंबुलेंस सेवाओं को भी सक्रिय किया गया है। इंदौर जिला प्रशासन, वहां के सीएमएचओ और स्वास्थ्य टीम से समन्वय स्थापित कर लिया गया है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को इंदौर के सरकारी और निजी अस्पतालों में रेफर किया जाएगा।

इंदौर कमिश्नर सुदाम खाड़े ने बताया कि पिकअप वाहन में करीब 46 लोग सवार थे। घायलों के इलाज को लेकर प्रशासन ने व्यवस्था की है। गंभीर रूप से घायल सात लोगों को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है। वहीं करीब 15 घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है, जबकि छह अन्य का उपचार निजी अस्पतालों में जारी है। धार के पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बताया कि पिकअप वाहन तेज रफ्तार में था। चालक के नियंत्रण छूटने से वाहन तीन-चार बार पलटा। इसी दौरान सड़क के दूसरी तरफ जाकर स्कॉर्पियो से टकरा गया। हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई।

एसपी अवस्थी के अनुसार, मृतकों में तनु (9 वर्ष) पुत्री उमेश निवासी नयापुरा धार, अंगूरी बाई (35) पत्नी भूरिया निवासी सेमलीपुरा धार, मैना बाई (45) पत्नी कृष्णा निवासी पटेलपुरा धार, सुमित (14) पुत्र नानूनाम निवासी नयापुरा धार, किरण (9) पुत्री दिनेश निवासी सेमलीपुरा धार, भूरी बाई (35) पत्नी सुंदर निवासी सेमलीपुरा धार, रंजना (25) पुत्री मनीष निवासी सेमलीपुरा धार, आयुष (14) पुत्र राजेन्द्र निवासी नयापुरा धार, गोकुल (15) पुत्र कैलाश निवासी नयापुरा धार, सुनीता (42) पत्नी नारायण निवासी नयापुरा धार, कांता (45) पत्नी उदयसिंह निवासी सेमलीपुरा, रिंकू (19) पुत्र कंवर लाल निवासी नयापुरा धार, रंजना (22) पुत्री रामसिंह निवासी नयापुरा धार, सावित्री बाई (30) फत्नी सुभाष निवासी धार, संगीता (35) पत्नी पप्पू निवासी नयापुरा धार और प्रिया पुत्री विष्णु निवासी रामपुरा धार शामिल हैं।

  • पीएम राहत कोष से मृतकों के परिजन को 2-2 लाख की सहायता

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने धार हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर कहा कि मध्य प्रदेश के धार जिले में हुई दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

  • मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये की सहायता का ऐलान किया

वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार हादसे के प्रभावितों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि धार जिले में इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित चिकलिया फाटा के पास हुआ सड़क हादसा हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं प्रभावित परिजनों के साथ हैं। मृतकों के परिवारजनों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 1-1 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। इंदौर संभागायुक्त और आईजी को उपचार व्यवस्था के लिए धार जाने के निर्देश दिए हैं। सभी घायलों का उपचार नि:शुल्क किया जाएगा। ईश्वर दिवंगतों को शांति व शोकाकुल परिजनों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना है।

धार के जिला प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने घटना पर दुख जताया है। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने कहा कि इंदौर में भी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। धार से आने वाले घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं।

जल गंगा संवर्धन अभियान से शहडोल में पुराने जल स्त्रोतों को मिल रहा पुनर्जीवन

  • वर्षा जल के संचयन से जल स्तर में होगी वृद्धि

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दूरगामी सोच के साथ मध्यप्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान जनभागीदारी से जनआंदोलन का रूप ले चुका है। जल संरक्षण, संवर्धन तथा जल के प्रति जनमानस में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शहडोल जिले में यह अभियान तेज गति से प्रगति पर है। अभियान के तहत जिले में पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवन मिल रहा है।

कलेक्टर डॉ. केदार सिंह एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति के निर्देशानुसार शहडोल जिले की समस्त ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पुराने तालाबों की साफ-सफाई, जल स्रोतों के जीर्णोद्धार, सोक पिट निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं।

जिले में अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, समाजसेवियों, स्वयंसेवी संगठनों के सदस्यों एवं आमजन के सहयोग से विभिन्न कार्य संचालित किए जा रहे हैं। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिले में 5613 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 1006 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 2834 कार्य प्रगतिरत हैं।

अभियान के तहत जिले में 3217 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 722 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 1902 कार्य प्रगतिरत हैं। ब्यौहारी जनपद पंचायत में 347 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 81 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 266 कार्य प्रगतिरत हैं।

बुढार जनपद पंचायत में 766 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 88 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 494 कार्य प्रगतिरत हैं। गोहपारू जनपद पंचायत में 596 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 236 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 224 कार्य प्रगतिरत हैं। जयसिंहनगर जनपद पंचायत में 925 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 218 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 539 कार्य प्रगतिरत हैं। सोहागपुर जनपद पंचायत में 493 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 99 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 379 कार्य प्रगतिरत हैं।

जिले में डगवेल रिचार्जिंग के 620 कार्य हाथ में लिए गए हैं, जिनमें से 241 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। अमृत सरोवर के तहत जिले में 8 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जो प्रगतिरत हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा 32 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7 कार्य पूर्ण हो चुके हैं।

जल संरक्षण एवं वाटर रिचार्ज के तहत 1042 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 105 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगतिरत हैं। वाटरशेड से संबंधित 229 कार्यों में से 19 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के तहत 105 कार्य संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से 53 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 56 कार्य प्रगतिरत हैं।

नगरीय निकाय शहडोल द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 25 जल ग्रहण संरचनाओं के कार्य, 8 नाले-नालियों की साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण, 26 रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्य, 61 जल मंदिर (प्याऊ) की स्थापना तथा पौधरोपण हेतु 13 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।

उद्यानिकी विभाग द्वारा 29 फलदार पौधरोपण कार्य, 226 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई विस्तार तथा पानी चौपालों का आयोजन किया गया। जन अभियान परिषद शहडोल द्वारा 64 जल स्रोतों की साफ-सफाई, 571 प्रभात फेरियां एवं जनजागरूकता कार्यक्रम, 31 कलश यात्राएं, 87 वृक्ष पूजन, 81 जल स्रोत पूजन, 42 मानस पाठ एवं भजन संध्या कार्यक्रम, 51 जल मंदिर स्थापना, 14 नदी तटों की साफ-सफाई एवं गहरीकरण, 53 कुएं-बावड़ी एवं तालाबों की साफ-सफाई तथा गहरीकरण, 8 मुख्य एवं सहायक नदियों पर सामूहिक श्रमदान, 12 नदी अनुभूति कार्यक्रम, 45 जल चौपाल एवं जल संवाद तथा 39 नारा लेखन कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा भी निर्धारित लक्ष्यों के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विविध कार्य किए जा रहे हैं।

रेल सुरक्षा को लेकर हाई लेवल बैठक, डीजीपी कैलाश मकवाणा ने दिए कड़े निर्देश

  • सिंहस्थ-2028 की तैयारियों पर विशेष फोकस, यात्रियों की सुरक्षा और समन्वय बढ़ाने पर जोर

भोपाल। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय भोपाल में राज्य रेल सुरक्षा उच्चस्तरीय समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य मध्यप्रदेश से होकर गुजरने वाले विस्तृत रेल नेटवर्क की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाना तथा आगामी बड़े आयोजनों के मद्देनजर रणनीतिक तैयारी सुनिश्चित करना था।

बैठक में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेलवे सुरक्षा से जुड़े सभी बिंदुओं पर पूर्व तैयारी, सतत निगरानी और त्वरित समन्वय सुनिश्चित किया जाए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा सुविधा मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से सिंहस्थ-2028 जैसे विशाल आयोजन को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक सुरक्षा रणनीति तैयार करने पर जोर दिया।

  • इन मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा

बैठक में रेलवे के सुरक्षित और सुचारु संचालन के लिए विभिन्न अहम विषयों पर विस्तार से मंथन किया गया। इनमें रेलवे परिक्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, ट्रैक को अवरोधमुक्त रखना, भीड़ नियंत्रण, यात्रियों की सुरक्षा, महिला एवं वरिष्ठ नागरिक सुरक्षा, अपराधों की रोकथाम, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी तथा संवेदनशील स्टेशनों पर सुरक्षा प्रबंधन शामिल रहे।

  • सिंहस्थ-2028 को लेकर बनी प्रारंभिक रूपरेखा

आगामी सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए रेल यातायात, यात्री दबाव, अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन, स्टेशन प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था तथा बहु-एजेंसी समन्वय की प्रारंभिक रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया।

  • कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में विशेष पुलिस महानिदेशक रेलवे रवि कुमार गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुप्तवार्ता ए. सांई मनोहर, उप पुलिस महानिरीक्षक पंकज श्रीवास्तव, श्रीमती सिमाला प्रसाद, सहायक पुलिस महानिरीक्षक रेलवे अरविन्द कुमार दुबे सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, भारत सरकार की ओर से इंटेलिजेंस ब्यूरो के ज्वाइंट डायरेक्टर सहित पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर, पश्चिम रेलवे मुंबई, मध्य रेलवे मुंबई, उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज तथा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के रेलवे सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए।

  • सुरक्षा एजेंसियों के बीच संयुक्त कार्ययोजना की दिशा में बड़ा कदम

यह बैठक राज्य और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों के बीच संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। मध्यप्रदेश देश के प्रमुख रेल कॉरिडोर का केंद्र है, ऐसे में विभिन्न राज्यों और रेलवे जोन के साथ समन्वय से अपराध नियंत्रण, ट्रैक सुरक्षा, यात्री सुरक्षा और आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और मजबूत होगी।