कराटे चैंपियनशिप में खिलाड़ी दिखायेंगे दम

भोपाल। एमपीएसकेए मध्य प्रदेश स्टेट सब जूनियर, कैडेट एवं जूनियर कराटे चैंपियनशिप 2026 का आयोजन 1, 2 एवं 3 मई 2026 को आईपीएस स्कूल, इंदौर (मध्य प्रदेश) में किया जा रहा है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में वॉरियर जर्नी डोजों (डब्ल्यूजेकेएफआई) के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जो महू एवं इंदौर शाखा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों में सागर लांडेगे, रचित खोट, अद्विका माहेश्वरी, आध्या चांडक, आर्या सोनी, एजरील अनायशा भान एवं धानी सिंह शामिल हैं। इन सभी खिलाड़ियों ने ट्रेनर करण साहू, कोच जसप्रीत सिंह एवं हरिओम परमार के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

यह प्रतियोगिता नेशनल चैंपियनशिप के चयन के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो खिलाड़ियों के लिए अपने कौशल को प्रदर्शित करने और आगे बढ़ने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करती है। चैंपियन वही बनता है जो निरंतर मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता है। सभी खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।

मध्य प्रदेश के धार में मजदूरों से भरा पिकअप वाहन पलटा, 16 लोगों की मौत

  • प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया हादसे पर दुख, मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता का ऐलान

भोपाल। मध्य प्रदेश के धार जिले में इंदौर अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिकलिया फाटा के पास बुधवार रात मजदूरों से भरा एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में 6 बच्चों समेत 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।

जानकारी के अनुसार, धार जिले के तिरला थाना क्षेत्र में चिकलिया फाटा पर जिओ पेट्रोल पंप के पास बुधवार रात करीब साढ़े 8 बजे तेज रफ्तार पिकअप वाहन अनियंत्रित हो गया और तीन-चार बार पलटी खाते हुए सड़क के दूसरी तरफ जाकर स्कॉर्पियो से टकरा गया। पिकअप वाहन करीब 100 किलोमीटर की रफ्तार में था। प्रत्यक्षदर्शी शुभम सिसोदिया ने बताया कि हादसे के समय मैं घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर मौजूद था। स्कॉर्पियो मांगूद से धार की ओर जा रही थी, जबकि पिकअप वाहन धार से मांगूद की तरफ आ रहा था। इसी दौरान अचानक पिकअप का टायर फट गया। अनियंत्रित होकर पिकअप डिवाइडर को पार करते हुए रॉन्ग साइड में आ गया और सामने से आ रही स्कॉर्पियो से टकरा गया और फिर पलट गया।

हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई. राहगीरों और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर तत्काल राहत कार्य शुरू किया और दबे हुए लोगों को बाहर निकाला। सड़क पर कई घायल मजदूर पड़े हुए थे, जिससे स्थिति बेहद गंभीर और संवेदनशील बन गई। एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को धार के जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

धार जिला चिकित्सालय में एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के आने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यहां पहुंचे कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम लगातार उपचार में जुटी हुई है। जिला अस्पताल में मौजूद इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर छत्रपाल सिंह चौहान ने बताया कि मौके पर पहुंचे सभी घायलों का उपचार किया जा रहा है। पिकअप के दुर्घटना के बाद यहां घायल पहुंचे हुए हैं।

हादसे की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी ने बताया कि तेज रफ्तार पिकअप वाहन से एक हादसा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुँची और सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल कुछ मरीजों को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है, जबकि अन्य का उपचार यहीं जारी है। मौके पर प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम मौजूद है और सभी घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मिले, इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। साथ ही 108 एंबुलेंस सेवाओं को भी सक्रिय किया गया है। इंदौर जिला प्रशासन, वहां के सीएमएचओ और स्वास्थ्य टीम से समन्वय स्थापित कर लिया गया है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को इंदौर के सरकारी और निजी अस्पतालों में रेफर किया जाएगा।

इंदौर कमिश्नर सुदाम खाड़े ने बताया कि पिकअप वाहन में करीब 46 लोग सवार थे। घायलों के इलाज को लेकर प्रशासन ने व्यवस्था की है। गंभीर रूप से घायल सात लोगों को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है। वहीं करीब 15 घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है, जबकि छह अन्य का उपचार निजी अस्पतालों में जारी है। धार के पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बताया कि पिकअप वाहन तेज रफ्तार में था। चालक के नियंत्रण छूटने से वाहन तीन-चार बार पलटा। इसी दौरान सड़क के दूसरी तरफ जाकर स्कॉर्पियो से टकरा गया। हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई।

एसपी अवस्थी के अनुसार, मृतकों में तनु (9 वर्ष) पुत्री उमेश निवासी नयापुरा धार, अंगूरी बाई (35) पत्नी भूरिया निवासी सेमलीपुरा धार, मैना बाई (45) पत्नी कृष्णा निवासी पटेलपुरा धार, सुमित (14) पुत्र नानूनाम निवासी नयापुरा धार, किरण (9) पुत्री दिनेश निवासी सेमलीपुरा धार, भूरी बाई (35) पत्नी सुंदर निवासी सेमलीपुरा धार, रंजना (25) पुत्री मनीष निवासी सेमलीपुरा धार, आयुष (14) पुत्र राजेन्द्र निवासी नयापुरा धार, गोकुल (15) पुत्र कैलाश निवासी नयापुरा धार, सुनीता (42) पत्नी नारायण निवासी नयापुरा धार, कांता (45) पत्नी उदयसिंह निवासी सेमलीपुरा, रिंकू (19) पुत्र कंवर लाल निवासी नयापुरा धार, रंजना (22) पुत्री रामसिंह निवासी नयापुरा धार, सावित्री बाई (30) फत्नी सुभाष निवासी धार, संगीता (35) पत्नी पप्पू निवासी नयापुरा धार और प्रिया पुत्री विष्णु निवासी रामपुरा धार शामिल हैं।

  • पीएम राहत कोष से मृतकों के परिजन को 2-2 लाख की सहायता

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने धार हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर कहा कि मध्य प्रदेश के धार जिले में हुई दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

  • मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये की सहायता का ऐलान किया

वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार हादसे के प्रभावितों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि धार जिले में इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित चिकलिया फाटा के पास हुआ सड़क हादसा हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं प्रभावित परिजनों के साथ हैं। मृतकों के परिवारजनों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 1-1 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। इंदौर संभागायुक्त और आईजी को उपचार व्यवस्था के लिए धार जाने के निर्देश दिए हैं। सभी घायलों का उपचार नि:शुल्क किया जाएगा। ईश्वर दिवंगतों को शांति व शोकाकुल परिजनों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना है।

धार के जिला प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने घटना पर दुख जताया है। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने कहा कि इंदौर में भी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। धार से आने वाले घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं।

जल गंगा संवर्धन अभियान से शहडोल में पुराने जल स्त्रोतों को मिल रहा पुनर्जीवन

  • वर्षा जल के संचयन से जल स्तर में होगी वृद्धि

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दूरगामी सोच के साथ मध्यप्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान जनभागीदारी से जनआंदोलन का रूप ले चुका है। जल संरक्षण, संवर्धन तथा जल के प्रति जनमानस में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शहडोल जिले में यह अभियान तेज गति से प्रगति पर है। अभियान के तहत जिले में पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवन मिल रहा है।

कलेक्टर डॉ. केदार सिंह एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति के निर्देशानुसार शहडोल जिले की समस्त ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पुराने तालाबों की साफ-सफाई, जल स्रोतों के जीर्णोद्धार, सोक पिट निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं।

जिले में अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, समाजसेवियों, स्वयंसेवी संगठनों के सदस्यों एवं आमजन के सहयोग से विभिन्न कार्य संचालित किए जा रहे हैं। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिले में 5613 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 1006 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 2834 कार्य प्रगतिरत हैं।

अभियान के तहत जिले में 3217 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 722 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 1902 कार्य प्रगतिरत हैं। ब्यौहारी जनपद पंचायत में 347 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 81 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 266 कार्य प्रगतिरत हैं।

बुढार जनपद पंचायत में 766 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 88 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 494 कार्य प्रगतिरत हैं। गोहपारू जनपद पंचायत में 596 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 236 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 224 कार्य प्रगतिरत हैं। जयसिंहनगर जनपद पंचायत में 925 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 218 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 539 कार्य प्रगतिरत हैं। सोहागपुर जनपद पंचायत में 493 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 99 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 379 कार्य प्रगतिरत हैं।

जिले में डगवेल रिचार्जिंग के 620 कार्य हाथ में लिए गए हैं, जिनमें से 241 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। अमृत सरोवर के तहत जिले में 8 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जो प्रगतिरत हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा 32 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7 कार्य पूर्ण हो चुके हैं।

जल संरक्षण एवं वाटर रिचार्ज के तहत 1042 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 105 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगतिरत हैं। वाटरशेड से संबंधित 229 कार्यों में से 19 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के तहत 105 कार्य संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से 53 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 56 कार्य प्रगतिरत हैं।

नगरीय निकाय शहडोल द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 25 जल ग्रहण संरचनाओं के कार्य, 8 नाले-नालियों की साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण, 26 रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्य, 61 जल मंदिर (प्याऊ) की स्थापना तथा पौधरोपण हेतु 13 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।

उद्यानिकी विभाग द्वारा 29 फलदार पौधरोपण कार्य, 226 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई विस्तार तथा पानी चौपालों का आयोजन किया गया। जन अभियान परिषद शहडोल द्वारा 64 जल स्रोतों की साफ-सफाई, 571 प्रभात फेरियां एवं जनजागरूकता कार्यक्रम, 31 कलश यात्राएं, 87 वृक्ष पूजन, 81 जल स्रोत पूजन, 42 मानस पाठ एवं भजन संध्या कार्यक्रम, 51 जल मंदिर स्थापना, 14 नदी तटों की साफ-सफाई एवं गहरीकरण, 53 कुएं-बावड़ी एवं तालाबों की साफ-सफाई तथा गहरीकरण, 8 मुख्य एवं सहायक नदियों पर सामूहिक श्रमदान, 12 नदी अनुभूति कार्यक्रम, 45 जल चौपाल एवं जल संवाद तथा 39 नारा लेखन कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा भी निर्धारित लक्ष्यों के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विविध कार्य किए जा रहे हैं।

रेल सुरक्षा को लेकर हाई लेवल बैठक, डीजीपी कैलाश मकवाणा ने दिए कड़े निर्देश

  • सिंहस्थ-2028 की तैयारियों पर विशेष फोकस, यात्रियों की सुरक्षा और समन्वय बढ़ाने पर जोर

भोपाल। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय भोपाल में राज्य रेल सुरक्षा उच्चस्तरीय समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य मध्यप्रदेश से होकर गुजरने वाले विस्तृत रेल नेटवर्क की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाना तथा आगामी बड़े आयोजनों के मद्देनजर रणनीतिक तैयारी सुनिश्चित करना था।

बैठक में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेलवे सुरक्षा से जुड़े सभी बिंदुओं पर पूर्व तैयारी, सतत निगरानी और त्वरित समन्वय सुनिश्चित किया जाए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा सुविधा मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से सिंहस्थ-2028 जैसे विशाल आयोजन को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक सुरक्षा रणनीति तैयार करने पर जोर दिया।

  • इन मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा

बैठक में रेलवे के सुरक्षित और सुचारु संचालन के लिए विभिन्न अहम विषयों पर विस्तार से मंथन किया गया। इनमें रेलवे परिक्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, ट्रैक को अवरोधमुक्त रखना, भीड़ नियंत्रण, यात्रियों की सुरक्षा, महिला एवं वरिष्ठ नागरिक सुरक्षा, अपराधों की रोकथाम, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी तथा संवेदनशील स्टेशनों पर सुरक्षा प्रबंधन शामिल रहे।

  • सिंहस्थ-2028 को लेकर बनी प्रारंभिक रूपरेखा

आगामी सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए रेल यातायात, यात्री दबाव, अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन, स्टेशन प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था तथा बहु-एजेंसी समन्वय की प्रारंभिक रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया।

  • कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में विशेष पुलिस महानिदेशक रेलवे रवि कुमार गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुप्तवार्ता ए. सांई मनोहर, उप पुलिस महानिरीक्षक पंकज श्रीवास्तव, श्रीमती सिमाला प्रसाद, सहायक पुलिस महानिरीक्षक रेलवे अरविन्द कुमार दुबे सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, भारत सरकार की ओर से इंटेलिजेंस ब्यूरो के ज्वाइंट डायरेक्टर सहित पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर, पश्चिम रेलवे मुंबई, मध्य रेलवे मुंबई, उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज तथा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के रेलवे सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए।

  • सुरक्षा एजेंसियों के बीच संयुक्त कार्ययोजना की दिशा में बड़ा कदम

यह बैठक राज्य और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों के बीच संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। मध्यप्रदेश देश के प्रमुख रेल कॉरिडोर का केंद्र है, ऐसे में विभिन्न राज्यों और रेलवे जोन के साथ समन्वय से अपराध नियंत्रण, ट्रैक सुरक्षा, यात्री सुरक्षा और आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और मजबूत होगी।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, UCC, OBC आरक्षण और किसानों के मुद्दों पर उठाए सवाल

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बुधवार को मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदेश सरकार को कई अहम मुद्दों पर घेरा और उसकी नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC), OBC आरक्षण, किसानों की समस्याओं और बीना विधायक निर्मला सप्रे प्रकरण पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

  • UCC पर जनता की राय क्यों नहीं?

उमंग सिंघार ने महिला आरक्षण और समान नागरिक संहिता को लेकर कहा कि एक ओर सरकार 2029 के सपने दिखा रही है, वहीं दूसरी ओर बंद कमरों में फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या केवल 6-7 लोगों की कमेटी मध्यप्रदेश का भविष्य तय करेगी? क्या भाजपा सरकार के लिए जनता की राय कोई मायने नहीं रखती?

उन्होंने दलित और आदिवासी समाज को लेकर भी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अब तक यह स्पष्ट क्यों नहीं किया गया कि UCC में उन्हें शामिल किया जाएगा या नहीं।

  • OBC को अधिकार देने में हिचकिचा रही सरकार

नेता प्रतिपक्ष ने OBC आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि प्रदेश में 50 प्रतिशत से अधिक आबादी होने के बावजूद सरकार उन्हें अधिकार देने में हिचकिचा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार OBC का वोट तो चाहती है, लेकिन उन्हें उनका हक देने को तैयार नहीं है।

सिंघार ने कहा कि OBC चेहरों को आगे रखकर राजनीति की जा रही है, जबकि उनके अधिकारों को अदालत के पाले में डाल दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हाईकोर्ट में लंबित मामले में OBC वर्ग को न्याय मिलेगा।

  • निर्मला सप्रे मामला न्यायालय में

बीना से विधायक निर्मला सप्रे के मामले पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रकरण हाईकोर्ट में विचाराधीन है और उन्हें विश्वास है कि न्यायालय जल्द फैसला देगा।

  • गेहूं खरीदी में किसान परेशान

किसानों की समस्याओं को उठाते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि गेहूं खरीदी को लेकर प्रदेश में सर्वर डाउन, स्लॉट गायब और अव्यवस्थाओं के कारण किसान परेशान हैं। पहले मंडियों में पर्ची कटते ही तुलाई हो जाती थी, लेकिन अब इंटरनेट व्यवस्था के कारण किसानों का हक अटक गया है। उन्होंने कहा कि पहले ही खरीदी देर से शुरू हुई है और अब लगातार बाधाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि अन्नदाताओं को उनकी मेहनत का उचित मूल्य आखिर कब मिलेगा।

भोपाल स्लॉटर हाउस मामले में बड़ा खुलासा

  • धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और भ्रष्टाचार पर सरकार जवाब दे : अमित शर्मा

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव श्री अमित शर्मा ने आज पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भोपाल स्लॉटर हाउस का मामला केवल एक प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, सनातन परंपराओं, धार्मिक भावनाओं तथा शासन-प्रशासन की जवाबदेही से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है।

उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से भोपाल के जहांगीराबाद स्थित मॉडर्न स्लॉटर हाउस को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं। इस मामले में असलम चमड़ा एवं उसके ड्राइवर की गिरफ्तारी हुई, बाद में उन्हें जमानत भी मिल गई, लेकिन प्रश्न यह है कि क्या इतना बड़ा अवैध कारोबार केवल एक व्यक्ति के भरोसे संचालित हो सकता है?

श्री शर्मा ने कहा कि भोपाल की महापौर, एमआईसी सदस्य तथा संबंधित अधिकारियों ने लगातार यह कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं थी, लेकिन आज प्रस्तुत दस्तावेज स्पष्ट करते हैं कि यह दावा पूरी तरह असत्य है।

उन्होंने पत्रकारों को दस्तावेज दिखाते हुए बताया कि दिनांक 24 अक्टूबर 2025 की एमआईसी बैठक में प्रस्ताव क्रमांक 6 के अंतर्गत जहांगीराबाद स्थित मॉडर्न स्लॉटर हाउस के कार्य को पूर्ण करने हेतु 8 अक्टूबर 2025 तक मात्र 6 माह की अवधि विस्तार का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। किन्तु बाद में उसी प्रक्रिया में संशोधन कर बिना पेनल्टी समयावधि बढ़ाते हुए संचालन एवं संधारण का अनुबंध 20 वर्षों के लिए दे दिया गया। यह गंभीर अनियमितता है।

श्री शर्मा ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की पेनल्टी, जो संबंधित पक्ष पर लगाई गई थी, उसे भी माफ कर दिया गया। पहले दंड लगाया गया और बाद में मिलीभगत से उसे समाप्त कर दिया गया। यह सीधे-सीधे भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का मामला है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्हें जानकारी नहीं थी, उनके हस्ताक्षर दस्तावेजों पर मौजूद हैं। इनमें महापौर श्रीमती मालती राय सहित कई एमआईसी सदस्यों के हस्ताक्षर दर्ज हैं। इससे स्पष्ट है कि जनता को गुमराह किया गया।

श्री शर्मा ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी केवल खानापूर्ति साबित हुई है। मूल दस्तावेजों को जांच से दूर रखा गया और पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गौ संरक्षण, सनातन संस्कृति और धार्मिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है, तो फिर इस मामले पर भाजपा के बड़े नेता और स्वयंभू धर्म रक्षक मौन क्यों हैं?

श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए, सभी दोषी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संरक्षण देने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा जनता के सामने सत्य रखा जाए। उन्होंने कहा कि कल असलम चमड़ा को जमानत मिलना यह स्पष्ट करता है कि मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़े संरक्षणकर्ताओं की भूमिका है, जिनकी पहचान उजागर होना आवश्यक है। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को जनता की आवाज बनाकर लगातार उठाएगी और धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ तथा भ्रष्टाचार करने वालों को बेनकाब करेगी।

मप्र : मंत्री लखन पटेल ने कार्यकर्ताओं से किया संवाद, जनसमस्याओं का कराया त्वरित समाधान

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के मंत्री लखन पटेल ने भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचकर प्रदेशभर से आए पार्टी कार्यकर्ताओं एवं आमजन से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही त्वरित समाधान कराया।

मंत्री लखन पटेल ने कार्यकर्ताओं से चर्चा करते हुए उनकी कठिनाइयों को गंभीरता से सुना और शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव नहीं हो सका, उन्हें संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजा गया। उन्होंने कहा कि सरकार जनता और कार्यकर्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है तथा प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव व वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन अध्यक्ष संजय नगायच ने संभाला पदभार

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल की उपस्थिति में भाजपा प्रदेश कार्यालय में अपेक्स बैंक के नव नियुक्त प्रशासक महेंद्र सिंह यादव तथा मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन के नव नियुक्त अध्यक्ष संजय नगायच ने पदभार ग्रहण किया।

इससे पूर्व दोनों पदाधिकारियों ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद अपेक्स बैंक एवं वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन कार्यालय पहुंचकर मध्यप्रदेश शासन के मंत्रियों और पार्टी नेताओं की मौजूदगी में विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर कार्यभार संभाला।

महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि उन्होंने पं. दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर सेवा का संकल्प लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपेक्स बैंक की कार्यप्रणाली को और मजबूत बनाकर सहकारिता क्षेत्र को सशक्त किया जाएगा तथा किसानों को अधिकतम लाभ दिलाने का प्रयास होगा।

वहीं, संजय नगायच ने कहा कि संगठन और सरकार ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे पूरी निष्ठा से निभाया जाएगा। वेयरहाउसिंग व्यवस्था से जुड़े किसानों के कार्यों का प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा। साथ ही कृषि को रोजगार और उद्योग से जोड़ने वाली योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा।

कार्यक्रम में मंत्री विश्वास सारंग, प्रद्युम्न सिंह तोमर, कृष्णा गौर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

एमएसपी फर्जीवाड़ा और किसान उत्पीड़न से घिरी मोहन सरकार जवाब दे : जीतू पटवारी

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र( जीतू) पटवारी ने कहा है कि प्रदेश में गेहूं खरीदी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। मोहन सरकार पहले खरीदी की तारीख बढ़ाती रही और अब स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ाकर किसानों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। वास्तविकता यह है कि सरकार का पूरा खरीदी तंत्र विफल हो चुका है और किसान भारी परेशानी झेल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पहले ही चेताया था कि जिस धीमी गति से खरीदी चल रही है, उस हिसाब से सरकार को अपने ही घोषित 100 लाख मीट्रिक टन खरीदी लक्ष्य को पूरा करने में लगभग 140 दिन लगेंगे। प्रदेश में अनुमानित 245 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के बावजूद सरकार ने 50 प्रतिशत से भी कम खरीदी का लक्ष्य रखा है, जो किसानों के साथ अन्याय है।

श्री पटवारी ने कहा कि किसान लगातार स्लॉट बुकिंग में दिक्कत झेल रहे हैं, पुनः सत्यापन के संदेश आ रहे हैं, सर्वर धीमा पड़ रहा है, वेबसाइट बंद हो रही है और छोटे किसानों की भी समय पर तुलाई नहीं हो पा रही है। सरकार की लापरवाही का खामियाजा अन्नदाता भुगत रहा है। उन्होंने कहा कि इसी बीच समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा भी सामने आया है। भिंड, मुरैना और राजगढ़ जिलों में ऐसे लोगों के नाम पर पंजीयन कर दिया गया, जिनके पास स्वयं जमीन तक नहीं है, जबकि असली किसानों की जमीन का उपयोग कर फर्जी किसान बनाए गए। यह किसानों के हक पर सीधा डाका है।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रही है, जबकि बाजार भाव 2000 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल है। इसी अंतर का लाभ उठाकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई। यह बिना प्रशासनिक संरक्षण और मिलीभगत के संभव नहीं हो सकता। जबकि खरीदी में देरी के चलते किसानों के साथ हो रही अवस्थाओं के चलते बाजार भाव लगातार नीचे है मंडी में किसानों के साथ खुली लुटाई हो रही है सरकार जानबूझकर किसानों का शोषण कर रही है जितनी देर से खरीदी होगी उतना ही किसानों को नुकसान होगा ,सरकार भले ही स्लॉट बुकिंग की तिथि बढ़ा ले लेकिन यह तथ्य किसी से नहीं छुपा है कि किसान ज्यादा दिनों तक अपने खलियान में अनाज रख नहीं सकता क्योंकि उसके पास भंडारण की व्यवस्था नहीं है जिसके चलते मजबूरी है उसे मंडी में ही अपना माल बेचना पड़ रहा है जहां उसे केवल 1800 से 2000 का दाम मिल रहा है 

उन्होंने कहा कि सरकार ने अभी तक मूंग खरीदी को लेकर भी कोई स्पष्ट नीति घोषित नहीं की है। तीसरी फसल के रूप में मूंग किसानों की अतिरिक्त आय का महत्वपूर्ण साधन है, लेकिन सरकार लगातार मूंग उत्पादक किसानों की उपेक्षा कर रही है।

 श्री पटवारी ने कहा कि दूसरी ओर विदिशा जिले में किसान गोविंद गुर्जर का शव रेलवे पटरियों पर मिलना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। मृतक किसान द्वारा बनाए गए वीडियो में पूर्व विधायक एवं बीजेपी नेता पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह दर्शाता है कि भाजपा शासन में सत्ता से जुड़े लोगों में कानून का भय समाप्त हो चुका है।

उन्होंने मांग की कि गेहूं खरीदी व्यवस्था तत्काल सुचारु की जाए, स्लॉट बुकिंग प्रणाली दुरुस्त की जाए, छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाए, मूंग खरीदी पर तत्काल निर्णय लिया जाए, एमएसपी फर्जीवाड़े की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर आपराधिक कार्रवाई हो तथा किसान गोविंद गुर्जर प्रकरण की न्यायिक जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय, सुरक्षा और आर्थिक सहायता दी जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के सम्मान, अधिकार और न्याय की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी और किसानों के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।

...और खूबसूरत हुई एमपी की वाइल्ड लाइफ

- कान्हा टाइगर रिजर्व में 150 साल बाद लौटा जंगली भैंसा, सीएम डॉ. मोहन यादव ने छोड़ीं 4 वन भैंसें

- बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र में हुआ कार्यक्रम, टूरिज्म पर होगा सकारात्मक असर

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फिर समृद्ध हो रहे जंगल



भोपाल/बालाघाट। मध्यप्रदेश की वन्यजीव संपदा और पर्यावरण संरक्षण के लिए 28 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक बन गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व में चार जंगली भैंसों को वन क्षेत्र में छोड़ा। इनमें एक नर और तीन मादा शामिल हैं। इन वन भैंसों को असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से लाया गया है।

करीब 150 वर्षों बाद मध्यप्रदेश की धरती पर जंगली भैंसों की वापसी को वन्यजीव संरक्षण की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे प्रदेश के ईको-सिस्टम को मजबूती मिलेगी, जैव विविधता बढ़ेगी और पर्यटन को भी नया आकर्षण मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। जंगली भैंसों की वापसी से प्रदेश का पारिस्थितिक तंत्र मजबूत होगा और जंगलों की समृद्धि बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विलुप्त और संकटग्रस्त वन्यजीवों के पुनर्वास की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं।

उन्होंने असम सरकार और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच वन्यजीव संरक्षण को लेकर सहयोग का नया अध्याय शुरू हुआ है। भविष्य में गैंडे जैसे अन्य वन्यजीवों के पुनर्वास की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।

पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि कान्हा टाइगर रिजर्व पहले से ही देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। जंगली भैंसों के आने से पर्यटन गतिविधियों को और गति मिलेगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

* वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी बन रहा मध्यप्रदेश

डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज चीता, तेंदुआ, मगरमच्छ, घड़ियाल, भेड़िया और गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन चुका है। अब जंगली भैंसों की वापसी से प्रदेश की वन्यजीव विरासत और समृद्ध होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को भी इस पहल का लाभ मिलेगा और मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में नया इतिहास रच रहा है।