मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक संपन्न, ₹820 करोड़ की सड़क परियोजनाओं सहित 15 प्रस्तावों पर मुहर

W.P.(S) No.-4299/2024 सुदर्शन महतो एवं अन्य बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-05.08.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 192/2025, सुदर्शन महतो एवं अन्य बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-12.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में जिन वादियों की नियमित सेवा 10 वर्ष से कम है के नियमित सेवा के रूप में की गयी सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य राजमार्ग प्राधिकार के माध्यम से "Construction of Elevated road/Flyover at Argora Chowk from Harmu (Near KAV's Restaurant) to Dibdih Bridge (Near Sailor's Knot Restaurant) with legs toward Kathal More (Chaputoli) and Towards Ashok Nagar (Near Road No. 3) including service road (कुल लंबाई-3.804 कि०मी०) (भू-अर्जन, युटिलिटी शिफ्टिंग एवं R&R सहित)" हेतु रू० 469,62,12,300/- (चार सौ उनहत्तर करोड़ बासठ लाख बारह हजार तीन सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य राजमार्ग प्राधिकार के माध्यम से "करमटोली से साईंस सिटी फ्लाईओवर (सर्विस पथ सहित) (कुल लम्बाई-3.216 कि०मी०) निर्माण कार्य (भू-अर्जन, R&R, युटिलिटी शिफ्टींग, वनरोपन एवं बागवानी सहित)" हेतु रू० 351,14,44,800 /- (तीन सौ इक्यावन करोड़ चौदह लाख चौवालीस हजार आठ सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

राज्य स्कूल मानक प्राधिकरण (State School Standard Authority) के गठन की स्वीकृति दी गई।

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत पथ एवं पुल निर्माण की स्वीकृति दी गई।

दिनांक-13.07.2024 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में W.P. (S) No.- 1298/2023 अनिल कुमार सिंह एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में पारित AWARD के आलोक में जिन वादियों की नियमित सेवा 10 वर्ष से कम है, के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

W.P.(S) No.- 4501/2024 प्रभाकर सारंगी एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-24.10.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 347/2025, प्रभाकर सारंगी एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-12.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में वादी श्री प्रभाकर सारंगी, सेवानिवृत कोषरक्षक-सह-चौकीदार, लघु सिंचाई प्रमंडल, गुमला एवं 24 अन्य के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, पलामू के अंतर्गत GEC Palamu Innovation and Incubation Centre Foundation की स्थापना करने, उक्त Foundation अन्तर्गत 04 Centre of Excellences (CoEs) का संचालन करने तथा उक्त हेतु कुल पाँच (05) वर्षों में कुल रूपये 22,97,31,238/-(बाईस करोड़ सत्तानवे लाख इकतीस हजार दो सौ अड़तीस रुपये) मात्र के अनुमानित व्यय की स्वीकृति दी गई।

L.P.A. No.-346/2017 The State of Jharkhand Vs Ram Bali Das & Ors. एवं L.P.A. No.-509/2017 The State of Jharkhand Vs Maini Devi में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक-12.01.2023 को पारित Common न्यायादेश के अनुपालन एवं विद्वान महाधिवक्ता से प्राप्त मंतव्य के आलोक में श्री रामबली दास, श्री उपेन्द्र शर्मा एवं श्रीमती मैनी देवी झारखण्ड सरकार के अधीनस्थ अनियमित रूप से नियुक्त एवं कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य एवं अन्य बनाम प्रदीप कुमार में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 14.11.2025 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में श्री प्रदीप कुमार, सेवानिवृत भा०व०से० पदाधिकारी (झा०-82) को प्रधान मुख्य वन संरक्षक (HoFF) के वेतनमान (पे मैट्रिक्स लेवल-17) में पेंशन एवं परिणामी लाभों के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली-2026 की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

झारखंड राज्य के गढ़वा जिला अंतर्गत "श्री बंशीधर नगर" अनुमंडल के नाम में आंशिक संशोधन करते हुए "श्री बंशीधर नगर उंटारी" के रूप में प्रतिस्थापित किए जाने की स्वीकृति दी गई।

राज्य में AI Innovation एवं Adoption को गति प्रदान करने के लिए Google LLC के साथ MoU करने की स्वीकृति दी गई।

विभागीय अधिसूचना सं०-3842/रा०, दिनांक-24.11.2023 में प्रथम संशोधन की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य के अनुसूचित जनजाति के अधिकतम 20, अनुसूचित जाति के अधिकतम 10, पिछड़ा वर्ग के अधिकतम 14 एवं अल्पसंख्यक के अधिकतम 06 कुल अधिकतम 50 (पचास) प्रतिभावान छात्र/छात्राओं को चयनित कर प्रत्येक वर्ष विदेश में स्थित चयनित अग्रणी विश्वविद्यालयों/संस्थानों के चयनित कोर्स (Course) में उच्च स्तरीय शिक्षा यथा 01 (एक) वर्षीय मास्टर्स (Masters) हेतु छात्रवृति सहायता प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।*

हेमन्त कैबिनेट का बड़ा फैसला: आपदा में अनुग्रह राशि बढ़ी, प्रक्रिया होगी सरल

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में कई मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय किस प्रकार हैं : -

अदर डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोग्राम (ODMP) योजना अंतर्गत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार के अधीन कार्यरत क्षमता संवर्धन पदाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी की सेवा अवधि विस्तार को संपुष्टि प्रदान की गई एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु सेवा अवधि का विस्तार किए जाने की स्वीकृति दी गई।

विभिन्न प्रकार के चिन्हित विशिष्ट स्थानीय आपदा में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को प्रदान किए जाने वाले अनुग्रह अनुदान की प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु सहमति दी गई, इस निमित्त मृतक के आश्रितों को उनके गृह जिला के उपायुक्त द्वारा घटना का सत्यापन प्राप्त कर अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।

अनुग्रह अनुदान की राशि के दोहरे भुगतान को नियंत्रित करने के उद्देश्य से सत्यापन कार्य अनिवार्य किए जाने पर सहमति दी गई, साथ ही यह निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार अथवा भारत सरकार की योजनाओं के अंतर्गत बीमित व्यक्ति या तो आपदा प्रबंधन अंतर्गत अनुग्रह अनुदान की राशि अथवा भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा आच्छादित बीमा की राशि में से एक प्राप्त कर सकेंगे।

सड़क दुर्घटना के अनुग्रह राशि बढ़ाने के संबंध में निर्णय : - विशिष्ट स्थानीय आपदा अंतर्गत चिन्हित अन्य आपदा अंतर्गत मृत व्यक्ति के आश्रितों के समरूप सड़क दुर्घटना में मृतक व्यक्ति के आश्रित को भी 4 लाख रुपए दिए जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि पूर्व में यह राशि मात्र एक लाख रुपए थी।

युवा आपदा मित्र स्कीम जो दुमका गोड्डा, पाकुड़ एवं साहिबगंज जिले में कार्यान्वित किया जा रहा है। इस स्कीम से जुड़े स्वयंसेवकों का डेटाबेस तैयार करने और उसे इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) से सम्बध करने का निर्णय लिया गया जिससे की आवश्यकता के समय आसानी से युवा आपदा मित्रों की सेवा ली जा सकेगी। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने SOP बनाने एवं कार्य लेने के दौरान उन्हें कुछ भत्ता प्रदान करने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।

राज्य में पानी में डूबने से होने वाली मृत्यु की संख्या को ध्यान में रखकर संप्रति-48, गोताखोरों को चिन्हित कर प्रशिक्षण दिलाने के प्रस्ताव पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने गोताखोरों की संख्या को बढ़ाने पर बल देते हुए पुलिस जवान/गृहरक्षकों को सम्मिलित किए जाने के साथ-साथ महिलाओं को भी शामिल किए जाने को लेकर कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया।

बैठक में राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, सचिव श्री प्रशांत कुमार, सचिव श्रीमती विप्रा भाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।*

CM हेमन्त सोरेन ने राष्ट्रीय विजेता छात्रों को दी बधाई

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मुंबई में आयोजित नेशनल वर्ड पावर चैंपियनशिप 2025-26 में झारखण्ड के स्टूडेंट्स (कक्षा 2 से 5) के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा यह अत्यंत गर्व का विषय है कि झारखण्ड के नन्हें स्टूडेंट्स ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर राज्य को गौरवान्वित किया है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से निकलकर मुंबई में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना और वहां अपनी योग्यता साबित करना राज्य में शिक्षा की मजबूत नींव को दर्शाता है। मैं इस उपलब्धि के लिए सभी सफल छात्र-छात्राओं को अपनी शुभकामनाएं देता हूं।

साथ ही मैं उन समर्पित शिक्षकों और अभिभावकों की भी सराहना करता हूं, जिनके मार्गदर्शन और सहयोग से यह सफलता संभव हुई है। झारखण्ड सरकार बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने और हमारे बच्चों को वैश्विक स्तर के अवसर प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुझे विश्वास है कि ये बच्चे भविष्य में और भी ऊंचाइयों को छुएंगे और पूरे राज्य के लिए प्रेरणा बनेंगे।

बच्चों ने अंग्रेजी दक्षता का लोहा मनवाया

झारखण्ड के बच्चों ने राज्य स्तरीय फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (FLN) चैंपियनशिप जीतने के बाद 22 अप्रैल 2026 को मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया और अपनी अंग्रेजी दक्षता का लोहा मनवाया।

झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद और राज्य के इंग्लिश लिटरेसी पार्टनर LeapForWord के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्राथमिक स्तर कक्षा 2 से 5 के बच्चों में बुनियादी शिक्षा को सुदृढ़ करना है।

सरकारी स्कूलों की बदलती तस्वीर

राज्य के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय रैंकिंग हासिल कर यह सिद्ध कर दिया है कि यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलें, तो वे किसी भी वैश्विक चुनौती का सामना कर सकते हैं। सरकार के निरंतर प्रयासों से राज्य के दूरस्थ जिलों के बच्चों को भी अब राष्ट्रीय स्तर का मंच मिल रहा है, जो उनके समग्र विकास और आत्मविश्वास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने एयर एम्बुलेंस हादसे के मृतकों के परिजनों से की मुलाकात, सरकारी मदद का दिया भरोसा

हेमन्त सोरेन से आज झारखंड मंत्रालय में एयर एम्बुलेंस क्रैश में मृत व्यक्तियों के आश्रितों ने मुलाकात की। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री को आश्रित परिजनों ने राज्य सरकार की ओर से सरकारी नौकरी एवं मुआवजा दिए जाने से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। मौके पर माननीय मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों की बातों को

आत्मतीयता के साथ सुना तथा परिजनों के प्रति सहानुभूति जताई। माननीय मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य सरकार की ओर से यथोचित मदद दिए जाने का भरोसा दिया। मौके पर राज्य सरकार के माननीय मंत्रीगण एवं एयर एंबुलेंस हादसा में मृत स्व० संजय कुमार के बड़े भाई श्री विजय कुमार, मृतक स्व० ध्रुव कुमार के पिता श्री दिनेश प्रसाद सहित अन्य परिजन उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि विगत 23 फरवरी 2026 को बर्न इंजरी के मरीज संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस के जरिए रांची से दिल्ली ले जाया जा रहा था, इसी क्रम में चतरा पहुंचते ही एयर एंबुलेंस क्रैश हो गया था,

इस हादसे में मरीज संजय कुमार उनकी पत्नी अर्चना देवी, भांजा-ध्रुव कुमार, डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता, पैरामेडिक सचिन कुमार मिश्रा, पायलट विवेक विकास भगत और को- पायलट स्वराजदीप सिंह का निधन हो गया था।

झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: धनबाद के 20 पुलिसकर्मियों का तबादला रद्द!


झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद जिले के 20 पुलिसकर्मियों के तबादला आदेश को रद्द कर दिया है. जस्टिस दीपक रोशन की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को यह समझना होगा कि तबादला एक नियमित प्रक्रिया और प्रशासनिक जरूरत हो सकता है, लेकिन इसका उपयोग किसी कर्मचारी को दंड देने के लिए ‘शॉर्टकट’ के रूप में नहीं किया जा सकता. अदालत ने पुलिस विभाग को आदेश दिया है कि इन सभी कर्मियों का योगदान उनके मूल स्थान (धनबाद) में तुरंत स्वीकार किया जाए.

सोमेश तिवारी बनाम भारत संघ मामले का दिया हवाला

अदालत ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध ‘सोमेश तिवारी बनाम भारत संघ’ मामले के कानूनी सिद्धांतों का उल्लेख किया. जस्टिस दीपक रोशन ने कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ लापरवाही के आरोप हैं, तो विभाग को उचित विभागीय जांच (Departmental Inquiry) और अनुशासनिक प्रक्रिया अपनानी चाहिए. जांच के बिना सीधे ट्रांसफर का आदेश देना और उसे ‘प्रशासनिक आवश्यकता’ का नाम देना कानूनी रूप से गलत और दुर्भावनापूर्ण है.

RTI ने खोली विभाग की पोल

सुनवाई के दौरान सूरज कुमार, अनुज कुमार सिंह, बलजीत कुमार और कौशल कुमार दुबे समेत 20 याचिकाकर्ताओं की ओर से पक्ष रखते हुए बताया गया कि उन्हें 24 फरवरी को तबादला किया गया था और 11 मार्च को वर्तमान पद से मुक्त (Relieve) करने का आदेश दिया गया. विभाग ने इसे ‘प्रशासनिक जरूरत’ बताया था, लेकिन जब सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी गई, तो सच्चाई कुछ और निकली. आरटीआई के दस्तावेजों से यह स्पष्ट हुआ कि धनबाद एसएसपी ने इन पुलिसकर्मियों पर लापरवाही के आरोपों के आधार पर दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी. बिना किसी औपचारिक जांच या स्पष्टीकरण के किया गया यह तबादला पूरी तरह से दंडात्मक (Punitive) का था.

अधिकारियों को कड़ा संदेश

हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अधिकारी अपनी शक्तियों का दुरुपयोग दंड देने के लिए न करें. अदालत ने तबादला और पद से मुक्त करने के आदेश को निरस्त करते हुए याचिकाकर्ताओं को राहत दी है. इस फैसले के बाद अब पुलिस महकमे के भीतर हलचल तेज है, क्योंकि यह आदेश भविष्य में उन अधिकारियों के लिए नजीर बनेगा जो बिना प्रक्रिया पूरी किए कर्मियों को इधर-उधर भेज देते हैं.

20 दिनों से सरकार,समिति, सीआईडी और एसआईटी जांच के बीच ट्रेज़री महाघोटाले को दफनाने की साजिश- प्रतुल शाह देव*

खजाने से गायब ₹10,000 करोड़ का कनेक्शन क्या ट्रेजरी घोटाले से है,वित्त मंत्री स्पष्ट करे

सीआईडी ने खुद जांच ना कर पुलिस के आईजी के नेतृत्व में एसआईटी क्यों बनाया?

एसआईटी के लिए कोई समय सीमा का निर्धारण नहीं करना भी संदेहास्पद

रांची। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड में सामने आ रहे ट्रेजरी घोटाले को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर को स्पष्ट करना चाहिए कि खजाने से गायब ₹10,000 करोड़ आखिर कहां गए और क्या यह राशि ट्रेजरी घोटाले से जुड़ी हुई है।प्रतुल शाहदेव ने कहा कि पूरी राज्य सरकार इस गंभीर घोटाले पर पर्दा डालने में लगी हुई है। मीडिया द्वारा लगातार मामले उजागर किए जाने के बावजूद सरकार ने अपनी तरफ से कोई ठोस पहल नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ “समिति पर समिति” और "एसआईटी पर एसआईटी” बनाकर असली घोटालेबाजों को बचाने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि पहले वित्त विभाग के उप सचिव ज्योति झा के नेतृत्व में बनी प्रारंभिक कमेटी ने बोकारो जाकर कई गंभीर गड़बड़ियों का खुलासा किया था, लेकिन सरकार ने उस रिपोर्ट को दबाने का प्रयास किया।हाल के खुलासे ने स्पष्ट किया कि बोकारो में एसपी के नाम पर 16 करोड रुपए निकाल लिए गए। इसके बाद 17 अप्रैल को उत्पाद सचिव के नेतृत्व में दूसरी कमेटी बनाकर मामले को लटकाना चाहा ताकि सच्चाई सामने न आ सके। वित्त विभाग की पुरानी समिति का पूरे तरीके से इसी एसआईटी में विलय कर दिया गया ताकि वो अलग रिपोर्ट ना दे पाए।

प्रतुल शाहदेव ने यह भी आरोप लगाया कि बोकारो के एसपी को अचानक हटाया जाना और सीआईडी जांच में देरी करना इस बात का संकेत है कि सरकार मामले को भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह तक सीआईडी ने जांच शुरू नहीं की और जब मामला मीडिया में उछला तब कार्रवाई का दिखावा किया गया।उन्होंने कहा कि हद तो तब हो गई जब सीआईडी द्वारा झारखंड पुलिस के आईजी (मानवाधिकार ) की अध्यक्षता में एसआईटी बना दिया गया।इससे जांच सीआईडी से निकल कर झारखंड पुलिस के अधिकारी के अधीन चली गई है। यहां बड़ा प्रश्न यह है की सीआईडी ने खुद से जांच क्यों नहीं की?प्रतुल ने कहा कि जब पुलिस के एक आईजी किसी टास्क फोर्स का नेतृत्व करेंगे तो उनके अधीन टास्क फोर्स के सीआईडी के कनिष्ठ अधिकारी कितने स्वतंत्र रह पाएंगे,ये बड़ा प्रश्न है। संदेह इस से भी पुख्ता होता है की एसआईटी के किए जांच की कोई समय सीमा नहीं दी गई है। यानी सरकार पूरे मामले को ठंडा बस्ती में डालना चाहती है। प्रतुल ने कहा कि अब समय आ गया है कि सिपाही, होमगार्ड के जवान और लेखापाल के अलावा बड़े मछलियों पर भी सरकार हाथ डाले।

प्रतुल शाहदेव ने स्पष्ट कहा कि यह मामला अत्यंत गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच केवल केंद्रीय एजेंसियां ही कर सकती हैं। उन्होंने मांग की कि इस पूरे ट्रेजरी घोटाले की जांच तत्काल सीबीआई और ईडी को सौंपी जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। प्रेस वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी श्री अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे।

राँची में जनगणना 2027 की तैयारी शुरू: 16 मई से घर-घर होगी मकानों की गिनती

राँची जिला अंतर्गत भारत जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की तैयारी में उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार आज दिनांक 27.04.2026 से चार्ज स्तर पर प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है।

सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को व्यावहारिक उदाहरणों, CMMS वेब पोर्टल तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित समस्त प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है

यह प्रशिक्षण दिनांक 09.05.2026 तक चलेगा।राँची जिले के कुल 19 चार्जों में आयोजित इस प्रशिक्षण में चार्ज स्तर के फील्ड ट्रेनरों द्वारा सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को व्यावहारिक उदाहरणों, CMMS वेब पोर्टल तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित समस्त प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में स्व-जनगणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया, जनगणना 2027 के विभिन्न चरणों, कार्यप्रणाली, डिजिटल उपकरणों के उपयोग तथा CMMS वेब पोर्टल पर डेटा प्रबंधन के महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है।प्रशिक्षण कार्यक्रम की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राँची जिले के सभी प्रखंडों के चार्ज/नोडल पदाधिकारी अपने-अपने चार्ज में उपस्थित रहकर निगरानी कर रहे हैं।

मुख्य तिथियाँ:प्रशिक्षण अवधि: 27 अप्रैल 2026 से 09 मई 2026 तक

स्व-जनगणना (Self Enumeration) विकल्प: 01 मई 2026 से 15 मई 2026 तक

मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना: 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक

सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों से अपेक्षा है कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और मैदान में उतरकर उच्च गुणवत्ता वाला कार्य सुनिश्चित करें

जिला प्रशासन का प्रयास है कि जनगणना 2027 का यह प्रथम चरण पूर्णतः डिजिटल, पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। प्रशिक्षित प्रगणक एवं पर्यवेक्षक क्षेत्र में जाकर प्रत्येक मकान का सूचीकरण करेंगे तथा आवासीय विवरण एकत्रित करेंगे। उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। राँची जिला इसे पूरी निष्ठा और प्रोफेशनलिज्म के साथ संपन्न करेगा। सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों से अपेक्षा है कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और मैदान में उतरकर उच्च गुणवत्ता वाला कार्य सुनिश्चित करें।

जनगणना संबंधी किसी भी जानकारी, सहायता या स्व-जनगणना पोर्टल के उपयोग के लिए नागरिक CMMS वेब पोर्टल एवं संबंधित मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं

जनगणना संबंधी किसी भी जानकारी, सहायता या स्व-जनगणना पोर्टल के उपयोग के लिए नागरिक CMMS वेब पोर्टल एवं संबंधित मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं। जिला जनगणना कार्यालय, राँची द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

जिला स्तर के वरीय पदाधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण की गुणता पर विशेष ध्यान रखी जा रही है। साथ ही इसका निरीक्षण भी किया जा रहा है।

जगन्नाथपुर मंदिर हत्याकांड: भाजपा नेताओं ने परिजनों से मिलकर दिया सांत्वना , सरकार की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल।


भारतीय जनता पार्टी द्वारा आज प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर के गर्भगृह की रखवाली करने वाले दिवंगत गार्ड बिरसा मुंडा के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी गई।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि स्वयं को आदिवासी हितैषी बताने वाली हेमंत सरकार में आदिवासी समाज सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि राँची राजधानी में विधानसभा से कुछ ही दूरी पर स्थित मंदिर के गर्भगृह में तैनात एक आदिवासी गार्ड की हत्या होना राज्य की लचर कानून-व्यवस्था को उजागर करता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन असम और बंगाल घूम रहे है और झारखंड में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है, लगातार आपराधिक घटनाक्रम को अंजाम दिया जा रहा है। अपराधियों द्वारा राज्य में समानांतर सरकार चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री आदिवासियों की सरकार होने का दंभ भरते हैं लेकिन राजधानी में सरकार के नाक के नीचे खुलेआम हत्याएं हो रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के किसी प्रतिनिधि का मृतक के परिजनों से मिलने नहीं आना, राज्य सरकार के आदिवासी विरोधी चेहरा और संवेदनहीनता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि मंदिर के आसपास पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से अवैध नशे का कारोबार फल-फूल रहा है, जिससे यह क्षेत्र नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है और आपराधिक घटनाओं को बढ़ावा मिल रहा है।

श्री साहू ने कहा कि यहां ट्रांसफर पोस्टिंग में पैसे का खेल चल रहा है। इस कारण पुलिस का लॉ एंड ऑर्डर दुरुस्त रखने पर फोकस नहीं रहता बल्कि उन्हें अपनी लागत पूंजी की सूद सहित वापसी की चिंता ज्यादा सताती रहती है। यही कारण अपराध लगातार बढ़ रहा है।

मंदिर प्रबंधन को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि वर्षों से स्थानीय लोग मंदिर की सेवा-सत्कार में योगदान देते आए हैं, लेकिन मंदिर समिति में एक भी स्थानीय व्यक्ति को स्थान नहीं दिया गया है और पूरी समिति का कांग्रेसीकरण कर दिया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार से मांग किया कि मृतक के परिजनों को अविलंब 50 लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा तत्काल जीविकोपार्जन हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

श्री साहू ने मृतक के परिजनों को पार्टी की ओर से 50 हजार रुपये की सहयोग राशि प्रदान की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, मेयर रोशनी खलखो, वरुण साहू, नीरज कुमार, अशोक बड़ाईक, नीलम चौधरी, उमेश यादव, उमेश तिवारी, नीरज सिंह, देवराज सिंह, पंकज सिन्हा, ललित ओझा, जितेंद्र वर्मा, संकेत तिवारी सहित कई प्रमुख नेता एवं कार्यकर्ता शामिल थे।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भ्रम फैला रहा विपक्ष, महिलाओं के साथ किया विश्वासघात: पूर्णिमा साहू


भाजपा नेत्री एवं जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि 16-17 अप्रैल को संसद में देश की आधी आबादी को समान अधिकार और भागीदारी देने का एक ऐतिहासिक अवसर आया था। किंतु दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के दलों ने इसका विरोध कर महिलाओं के साथ विश्वासघात किया। श्रीमति साहू भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रही थी।

श्रीमती साहू ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में स्पष्ट कहा है कि महिलाओं को सम्मान, अधिकार और नीति-निर्माण में भागीदारी देना कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका स्वाभाविक अधिकार है।

उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने वर्षों तक न विधानसभा में और न ही लोकसभा में महिलाओं को पर्याप्त अवसर दिया। लेकिन जब महिलाओं को अधिकार देने का समय आया, तब उनका महिला-विरोधी चरित्र उजागर हो गया।

श्रीमती साहू ने आगे कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सदन में स्पष्ट किया है कि परिसीमन से किसी राज्य को नुकसान नहीं होगा, बल्कि इसका उद्देश्य जनसंख्या के आधार पर संतुलित और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। इसके बावजूद कांग्रेस और इंडी गठबंधन देशभर में भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं और महिलाओं को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” पहले से ही जनगणना और परिसीमन से जुड़ा हुआ है। वर्ष 2023 में जब यह अधिनियम सदन में प्रस्तुत किया गया था, तब किसी भी विपक्षी दल ने इसका विरोध नहीं किया। उस समय लोकसभा चुनाव नजदीक होने के कारण कांग्रेस ने जल्दबाजी में समर्थन दिया, लेकिन अब जब इसे लागू करने की बात आई है, तो वही दल आज विरोध कर रहे हैं।

श्रीमति साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं को अधिक से अधिक अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जबकि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के प्रति नकारात्मक रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर महिलाओं के प्रति अपमानजनक और असंवेदनशील बयान देने का आरोप भी लगाया।

उन्होंने कहा कि आज की महिलाएं मूकदर्शक नहीं, बल्कि सशक्त और जागरूक हैं। वे अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं और उन्हें पाने के लिए आवाज उठाने को पूरी तरह तैयार हैं।

प्रेस वार्ता में पूर्णिमा साहू ने जानकारी देते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन और इंडी गठबंधन के महिला विरोधी मानसिकता को लेकर 28 अप्रैल को संध्या 5 बजे हजारों महिलाओं द्वारा रांची में जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक एक विशाल मशाल जुलूस निकाला जाएगा, जो नारी शक्ति, सम्मान और अधिकारों की मजबूत अभिव्यक्ति होगा।

इस अवसर पर आरती कुजूर, सीमा सिंह, रफिया नाज़ एवं बबीता झा भी उपस्थित थीं।

CM हेमन्त सोरेन की बैठक: जगुआर कैंपस रांची में बनेगा दिशोम गुरु शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय, DPR तैयार


मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों के साथ जगुआर कैंपस, रिंग रोड रांची में प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय परिसर के निर्माण को लेकर बैठक की। मौके पर मुख्यमंत्री के समक्ष अधिकारियों ने प्रस्तावित स्कूल निर्माण से संबंधित बिंदुओं पर पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से योजना की रूपरेखा, निर्माण कार्य, उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं एवं भविष्य की कार्य योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय परिसर के निर्माण कार्य के लिए जगुआर कैंपस में ही जल्द से जल्द भूमि चिन्हितिकरण कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय परिसर के निर्माण हेतु डीपीआर तैयार कर लिया गया है तथा जमीन चिन्हितिकरण का कार्य प्रगति पर है।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता

बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि स्कूल निर्माण से जुड़े सभी कार्य जल्द से जल्द पूरा कर ससमय विद्यालय की स्थापना करें तथा स्कूल में कक्षाएं संचालित हो इस निमित्त पूरी तत्परता के साथ बेहतर कार्ययोजना बनाते हुए योजना को मूर्त रूप दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कर्तव्य के दौरान शहीद हुए पुलिस कर्मी सहित आर्मी एवं सीपीएमएफ में कार्यरत जवानों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने प्रस्तावित स्कूल के संदर्भ में क्वालिटी एजुकेशन, आधुनिक संसाधनों एवं बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने विद्यालय में स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी, आईसीटी लैब, प्ले ग्राउंड, एवं खेलकूद की अन्य सुविधाओं सहित अन्य फैसिलिटीज की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए।

सभी सुविधाएं बेहतर हो यह सुनिश्चित करें

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय का संचालन उत्कृष्ट विद्यालय के अनुरूप हो यह सुनिश्चित की जाए। स्कूल परिसर की सभी सुविधाएं आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए। कक्षा 6 से 12 तक में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए बेहतर रेजिडेंशियल सुविधा प्रदान की जाए।छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल्स के साथ-साथ पठन-पाठन की सभी सुविधाएं उच्चस्तरीय हों यह सुनिश्चित करें।

जैप-10 होटवार में संचालित होने वाले अस्पताल पर हुई चर्चा

बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं अधिकारियों के बीच पुलिस परिवारों के लिए जैप-10 होटवार, रांची में प्रस्तावित अस्पताल के संचालन पर चर्चा हुई। मौके पर मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि यह अस्पताल पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर संचालित की जाएगी। प्रारंभिक चरण में यह अस्पताल 50 शैय्या वाला होगा। आवश्यकता के अनुरूप अपग्रेड करते हुए अस्पताल में बेड की 100 तक की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि यहां इलाज कराने पहुंचे पुलिस परिवार के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ की जा सके।

बैठक में इनकी रही उपस्थिति..

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग श्रीमती वंदना दादेल, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग श्री अजय कुमार सिंह, डीजीपी श्रीमती तदाशा मिश्रा, सचिव स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग श्री उमाशंकर सिंह, एडीजी मुख्यालय-सह-सीआईडी श्री मनोज कौशिक, डीआईजी जगुआर श्री अनूप बिरथरे, डीआईजी बजट श्रीमती संध्या रानी मेहता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।