यह जानकर राहत मिली कि ट्रंप सुरक्षित, डिनर पार्टी में फायरिंग पर पीएम मोदी की प्रतिक्रिया

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व्हाइट हाउस के डिनर प्रोग्राम में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग पर भारत की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। साथ ही उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को टैग कर आगे कहा कि यह जानकर राहत मिली कि वो और उनकी पत्नी ठीक हैं।

पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'यह जानकर राहत मिली कि वाशिंगटन डीसी के एक होटल में हुई हालिया सुरक्षा घटना के बाद राष्ट्रपति ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस सुरक्षित और स्वस्थ हैं। मैं उनकी निरंतर सुरक्षा और कुशल मंगल की कामना करता हूं। लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और इसकी स्पष्ट रूप से निंदा की जानी चाहिए।'

ट्रंप ने भी दी हमले की जानकारी

वहीं, इस घटना के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक अपडेट शेयर किया, जिसमें उन्होंने कन्फर्म किया कि स्थिति कंट्रोल में आ गई है और सिक्योरिटी एजेंसियों के तुरंत प्रतिक्रिया की तारीफ की। उन्होंने बताया कि संदिग्ध को पकड़ लिया गया है और कहा कि इवेंट को जारी रखने के बारे में कोई भी फैसला लॉ एनफोर्समेंट अथॉरिटीज करेंगी।

सुरक्षा बलों की तत्परता से टली बड़ी घटना

बता दें कि यह घटना उस समय हुई जब वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस संवाददाता डिनर चल रहा था। इसी दौरान एक व्यक्ति हथियारों और चाकू के साथ होटल की लॉबी में घुस गया और बॉलरूम की ओर बढ़ने लगा, जहां बड़ी संख्या में अमेरिकी नेता और पत्रकार मौजूद थे। जैसे ही संदिग्ध व्यक्ति ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तुरंत तैनात सीक्रेट सर्विस के जवानों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए उसे काबू में ले लिया और हिरासत में ले लिया। सुरक्षा बलों की तत्परता की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया।

डोनाल्ड ट्रंप पर हमला, बाल-बाल बचे अमेरिकी राष्ट्रपति, वॉइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में फायरिंग

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है। वॉशिंगटन के हिल्टन होटल में शनिवार रात एक कार्यक्रम के दौरान अचानक गोलीबारी की घटना हुई, जिससे वहां हड़कंप मच गया। कार्यक्रम में जब गोली चली, उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति और फर्स्ट लेडी मंच पर ही मौजूद थीं। गोली चलने की आवाज सुनकर कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद सीक्रेट सर्विस एजेंट्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तुरंत वहां से निकाला।

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे ही गोलियों की आवाज सुरक्षा एजेंसियों ने सुनी, वैसे ही यूएस सीक्रेट सर्विट तुरंत एक्टिव हो गई। एजेंट्स ने तेज आवाज में अलर्ट देते हुए ट्रंप को स्टेज से हटाया और बाहर ले गए। उनके साथ उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और कैबिनेट के अन्य सदस्य भी मौजूद थे, जिन्हें भी तुरंत सुरक्षित जगह पहुंचाया गया।

ट्रंप के साथ वेंस भी थे मौजूद

राजधानी वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया गया। इस कार्यक्रम में ट्रंप के साथ उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी मौजूद थे।

हमलावर पकड़ा गया

घटना के लगभग एक घंटे बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने जानकारी दी है। ट्रंप ने बताया कि हमलावर को पकड़ लिया गया है और स्थिति से निपटने के लिए सीक्रेट सर्विस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जमकर तारीफ की। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'वॉशिंगटन डीसी में आज क्या शाम रही। सीक्रेट सर्विस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने शानदार काम किया है।'

हमारे संविधान पर हुआ हमला- ट्रंप

ट्रंप ने कहा कि यह सब कुछ अचानक हुआ। एक आदमी कई हथियारों से लैस होकर सिक्योरिटी चेकपाइंट पर घुस गया। इस दौरान सीक्रेट सर्विस ने बहुत अच्छा काम किया और तेजी से एक्शन लेते हुए उसे पकड़ लिया। उन्होंने आगे कहा कि आदमी ने हमारे संविधान पर हमला किया है। 

एक अधिकारी को लगी गोली

गोलीबारी की घटना का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि एक अधिकारी को लगी है, लेकिन वह बच गया, क्योंकि उसने एक बहुत अच्छी बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी हुई थी। उसे बहुत करीब से बंदूक से गोली मारी गई और जैकेट ने अपना काम किया। वह बहुत अच्छा है। वह बहुत अच्छी स्थिति में है, उसका मनोबल बहुत ऊंचा है और हमने उससे कहा कि हम उससे प्यार करते हैं और उसका सम्मान करते हैं।

गाजीपुर कांड पर राहुल गांधी का हमला, बोले- दोषी पुलिस पर कार्रवाई हो, उच्च स्तरीय जांच कराए सरकार

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में महिला के साथ बलात्कार और हत्या की घटना पर राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
राहुल गांधी ने कहा कि पीड़िता को तुरंत न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने हाथरस, कठुआ, उन्नाव और अब गाजीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक पैटर्न बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार पीड़िता दलित, पिछड़ी, आदिवासी या गरीब परिवार से होती है और अपराधियों को संरक्षण मिलता है।
उन्होंने मणिपुर की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक महिला न्याय की राह देखते-देखते दम तोड़ गई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सत्ता हर बार चुप रहती है और जिनसे बोलने की उम्मीद होती है, वे मौन रहते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि जिस देश में माता-पिता को अपनी बेटी की एफआईआर लिखवाने के लिए भीख मांगनी पड़े, उस सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इस सरकार के शासन में बेटियां इतनी असुरक्षित क्यों हैं। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसे हालात में न्याय मांगा नहीं जाता, बल्कि छीना जाता है और हम न्याय छीनकर लाएंगे।
तमिलनाडु-बंगाल में पहले चरण के मतदान बाद जांच पूरी, किसी बूथ पर पुनर्मतदान की जरूरत नहीं
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान के बाद फॉर्म 17ए (मतदाता रजिस्टर) और अन्य चुनावी दस्तावेजों की जांच पूरी कर ली है। आयोग ने बताया कि दोनों राज्यों में किसी भी मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान की सिफारिश नहीं की गई है।
आयोग के अनुसार, यह प्रक्रिया 24 अप्रैल को निर्वाचन अधिकारियों की देखरेख और पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में पूरी की गई। पश्चिम बंगाल की 152 विधानसभा सीटों पर हुए मतदान के बाद 1,478 उम्मीदवारों को जांच की तारीख, समय और स्थान की जानकारी दी गई थी। इस प्रक्रिया में 600 से अधिक उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। 44,376 मतदान केंद्रों की जांच के बाद किसी भी केंद्र पर पुनर्मतदान की जरूरत नहीं पाई गई। वहीं, तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों पर हुए मतदान के बाद 4,023 उम्मीदवारों को जांच में शामिल होने के लिए सूचित किया गया था। इसमें 1,825 उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 75,064 मतदान केंद्रों की जांच के बाद यहां भी किसी केंद्र पर पुनर्मतदान की सिफारिश नहीं हुई।
चुनाव आयोग ने बताया कि पूरी जांच प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई और जांच के बाद फॉर्म 17ए सहित संबंधित सामग्री को दोबारा सील कर दिया गया। ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को सुरक्षित स्ट्रॉन्ग रूम में रखा गया है, जहां दोहरे ताले, सीसीटीवी निगरानी और 24 घंटे दो-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है।
आयोग ने निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्ट्रॉन्ग रूम का दिन में दो बार निरीक्षण किया जाए। जिला निर्वाचन अधिकारी मुख्यालय स्थित स्ट्रॉन्ग रूम का रोजाना तथा बाहरी क्षेत्रों में स्थित स्ट्रॉन्ग रूम का हर तीन-चार दिन में निरीक्षण करेंगे। उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को भी परिसर में निगरानी के लिए कैंप लगाने की अनुमति दी गई है।
पवन खेड़ा के समर्थन में उतरी कांग्रेस, जयराम रमेश बोले- न्याय की जीत होगी
नई दिल्ली। गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश उनके समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पूरी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पवन खेड़ा के साथ मजबूती से खड़ी है और हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की प्रक्रिया जारी है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कांग्रेस को विश्वास है कि धमकी, डराने-धमकाने और उत्पीड़न की राजनीति पर न्याय की जीत होगी।
दरअसल, गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराए गए आपराधिक प्रकरण से जुड़ा है।
बताया गया कि पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिंकी भुइयां सरमा पर कई पासपोर्ट रखने और विदेश में संपत्तियां होने का आरोप लगाया था। इसके बाद उनके खिलाफ गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया।
इसके बाद 7 अप्रैल को असम पुलिस ने दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के घर पर छापेमारी की। 10 अप्रैल को तेलंगाना हाईकोर्ट ने उन्हें एक सप्ताह की अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने उस फैसले पर रोक लगा दी। बाद में 21 अप्रैल को गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था और 24 अप्रैल को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
अमेरिका में नौकरी पाना होगा मुस्किल! ट्रंप के सांसदों ने संसद में पेश H-1B वीजा को रोकने का बिल

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अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में बीते एक वर्षों में विदेशियों के प्रवास का मुद्दा गर्माया हुआ है। ट्रंप प्रशासन न सिर्फ अवैध प्रवासियों, बल्कि अब वैध तौर पर अमेरिका में काम के लिए जाने वाले लोगों को भी निशाना बना रहा है। इसी बीच ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सांसदों ने अमेरिकी संसद में एच-1बी वीजा पर रोक लगाने का प्रस्ताव पेश किया है।

बिल में आश्रितों को लाने की अनुमति नहीं देने का प्रस्ताव

एरिजोना से सांसद एली क्रेन ने ‘एंड एच-1बी वीजा एब्यूज एक्ट ऑफ 2026’ पेश किया, जिसे सात अन्य रिपब्लिकन सांसदों ने भी समर्थन दिया है। विधेयक में एच-1बी कार्यक्रम में सुधारों का प्रस्ताव है, जिसमें वार्षिक सीमा को 65,000 से घटाकर 25,000 करना, न्यूनतम वेतन 2,00,000 अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष निर्धारित करना और एच-1बी वीजा धारकों को आश्रितों को अमेरिका लाने की अनुमति नहीं देना शामिल है।

अमेरिकी कर्मचारी का ना मिलना करना होगा साबित

बिल में एच-1बी कार्यक्रम में लॉटरी प्रणाली को वेतन-आधारित चयन प्रणाली से बदलने के साथ ही नियोक्ताओं को यह प्रमाणित करना अनिवार्य होगा कि उन्हें कोई योग्य अमेरिकी कर्मचारी नहीं मिल पा रहा है और उन्होंने छंटनी नहीं की है। एच-1बी कर्मचारियों को एक से ज्यादा नौकरियां करने से रोकना और तृतीय-पक्ष भर्ती एजेंसियों की ओर से उन्हें रोजगार देने पर प्रतिबंध लगाना शामिल है।

विधेयक पारित हुआ तो भारत पर क्या होगा असर?

अगर अमेरिकी संसद में रखा गया एंड एच-1बी वीजा अब्यूज एक्ट पारित हो जाता है, तो भारत पर इसका नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। क्योंकि एच-1बी वीजा हासिल करने वालों में भारत का पहला स्थान है। भारतीय पेशेवर एच-1बी कार्यक्रम के सबसे बड़े लाभार्थी हैं। वित्त वर्ष 2024 के आंकड़ों के मुताबिक, कुल मंजूर 3,99,395 एच-1बी याचिकाओं में से 71% (करीब 2.83 लाख वीजा) सिर्फ भारतीयों को मिले थे। वर्ष 2015 से 70 प्रतिशत से ज्यादा एच-1बी वीजा से जुड़ी मंजूरी भारतीयों को ही मिल रही है। अगर यह विधेयक पारित होता है तो अमेरिका में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए एफ-1 (स्टूडेंट वीजा) से ओपीटी (छात्रों को काम करने की मंजूरी देने वाला कार्यक्रम) संकट में पड़ जाएगा। इसके अलावा एच-1बी और अंत में ग्रीन कार्ड तक पहुंचने का दशकों पुराना स्थापित मार्ग पूरी तरह से टूट जाएगा। इस विधेयक के चलते भारतीय पेशेवरों के अमेरिका में नौकरी के लिए प्रवेश पर या तो पूरी तरह रोक लग जाएगी या इसमें भारी देरी होगी।

स्वाति मालीवाल बीजेपी में शामिल, पीएम मोदी के नेतृत्व पर जताया भरोसा, केजरीवाल पर साधा निशाना

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'आम आदमी पार्टी' में बड़ी टूट हो गई है। राघव चड्ढा समेत सात सांसद आप का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं।इनमें राज्य सभा सांसद स्वाति मालीवाल भी है। राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने शनिवार को ऐलान करते हुए कहा कि वो भाजपा में शामिल हो गई हैं। आप के साथ करीब दो दशक पुराना रिश्ता तोड़ते हुए मालीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास जताया और अरविंद केजरीवाल पर चुन-चुनकर हमले किए।

केजरीवाल को महिला-विरोधी बताया

मालीवाल ने बताया कि वह 2006 से अरविंद केजरीवाल के साथ काम कर रही थीं। उन्होंने हर आंदोलन में उनका साथ दिया। मालीवाल ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने उनके घर में एक गुंडे से पिटाई करवाई। आवाज उठाने पर उन्हें धमकाया गया। उन पर एफआईआर वापस लेने का बहुत दबाव डाला गया। पार्टी ने उन्हें दो साल तक संसद में बोलने का अवसर नहीं दिया। इसे उन्होंने बहुत शर्मनाक बताया। उन्होंने केजरीवाल को महिला-विरोधी भी कहा।

बीजेपी ज्वाइन करने की वजह बताया

स्वाति मालीवाल ने बीजेपी क्यों ज्वाइन की इसकी वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि मैं मानती हूं कि प्रधानमंत्री मोदी न सिर्फ देश में बल्कि विश्व में सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं चाहे वह ऑपरेशन सिंदूर हो, देश से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म करना हो, या महिला आरक्षण बिल संसद में लाना हो। मैं किसी मजबूरी में बीजेपी में शामिल नहीं हो रही, मैं इसलिए बीजेपी में शामिल हो रही हूं क्योंकि मैं दिल से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विश्वास करती हूं।

पार्टी अंदर से टूट रही है-मालीवाल

राज्यसभा सांसद मालीवाल ने कहा, 'प्रशांत भूषण हों, शांति भूषण हों, कुमार विश्वास हों, और अनगिनत लाखों-करोड़ों स्वयंसेवक अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में पार्टी छोड़ चुके हैं। मेरा मानना है कि कोई भी अच्छा व्यक्ति अरविंद केजरीवाल के साथ लंबे समय तक काम नहीं कर सकता। पार्टी अंदर से टूट रही है। मैं सभी के संपर्क में हूं। कोई भी अरविंद केजरीवाल से खुश नहीं है।'

केजरीवाल को सुनाई खरी-खरी

अरविंद केजरीवाल के बारे में राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने कहा कि अगर कोई गद्दार है, तो वह अरविंद केजरीवाल हैं। जब उन्होंने अपना आंदोलन शुरू किया था, तो वह फटी हुई पैंट पहनते थे, दो रुपये का पेन इस्तेमाल करते थे, और एक बिल्कुल खस्ताहाल कार में घूमते थे। हम सब उनसे प्रेरित थे, यह सोचकर कि यह आदमी देश में बदलाव लाएगा। आंदोलन के दौरान, उन्होंने पूरे देश को इतने बड़े-बड़े, मीठे सपने दिखाए, और देश उनसे प्रभावित हुआ। लेकिन उन्होंने किया क्या? सत्ता में आते ही, उन्होंने सौ करोड़ का घर बनवा लिया।

मालीवाल बोलीं- केजरीवाल से बड़ा कोई गद्दार नहीं

स्वाती मालीवाल ने उसमें एक बार बनवाया, करोड़ों के कालीन लगवाए, और लाखों-करोड़ों का फ्रिज खरीदा। उनका सोफा इतना आलीशान है। और अब, जब दिल्ली की जनता ने उन्हें हरा दिया, तो वह पंजाब चले गए हैं। वे पंजाब को एक एटीएम की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। जिस आदमी से उन्होंने मुझे पिटवाया था, उसे जेड-प्लस सुरक्षा दी गई। आज, उसे भगवंत मान का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया है। वह आदमी जो वीआईपी प्रोटोकॉल के खिलाफ बोला करता था, जब उसका काफिला निकलता है, तो हम पचास गाड़ियां गिनते हैं, लेकिन गाड़ियां पचास से भी ज़्यादा होती हैं। तो, देशद्रोह किसे कहते हैं? मैं अपने मूल सिद्धांतों के खिलाफ काम करने को देशद्रोह मानती हूँ। और अरविंद केजरीवाल से बड़ा कोई गद्दार नहीं है।

7 राज्यसभा सांसदों ने छोड़ा केजरीवाल का साथ

इससे पहले शुक्रवार को ही सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल बीजेपी में शामिल हुए थे और दावा किया था कि आप के 4 और सांसद- स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता और विक्रमजीत साहनी बीजेपी में शामिल होंगे। अब राघव चड्ढा के दावे पर मुहर लगाते हुए स्वाति मालीवाल ने बीजेपी जॉइन करने की पुष्टि कर दी है।

फिर संकट में सीईसी ज्ञानेश कुमार, हटाने की मांग हुई तेज, राज्यसभा में दिया गया नया नोटिस

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मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त की मुश्किले एक बार फिर बढ़ती दिख रही है। विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राज्‍यसभा में नोटिस दिया है। ससे पहले भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में नोटिस जारी किया गया था, जिसे स्‍पीकर और चेयरमैन ने खारिज कर दिया था। अब एक बार फिर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नोटिस दिया गया है।

73 सदस्यों का नोटिस पर हस्ताक्षर

कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने बताया कि संसद के उच्च सदन के 73 सदस्यों के हस्ताक्षर वाला यह नोटिस राज्यसभा के महासचिव पी सी मोदी को दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीईसी के खिलाफ अब नौ विशिष्ट आरोप हैं जिन्हें काफी विस्तार से दस्तावेजीकृत किया गया है और इन्हें आसानी से नकारा या खारिज नहीं किया जा सकता।

18 मार्च के पीएम मोदी के संबोधन का भी जिक्र

नए प्रस्ताव में सांसदों ने ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 'आचार संहिता लागू करने में लगातार पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है।' सांसदों ने 18 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 29 मिनट के भाषण का हवाला दिया, जिसे दूरदर्शन, संसद टीवी और आकाशवाणी पर लाइव प्रसारित किया गया था। पत्र में आरोप लगाया गया है कि यह भाषण उसी दिन तमिलनाडु के कोयंबटूर में चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषण से 'लगभग समान' था।

बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड मतदान के बाद विपक्ष की मुहिम

विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी ताजा मुहिम तब शुरू की है, जब पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान और तमिलनाडु में भी रिकॉर्ड टूटने की वजह से भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी सुप्रीम कोर्ट में बंगाल एसआआर पर सुनवाई के दौरान खुशी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे मजबूत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का संकेत बताया है। जबकि, टीएमसी ने शुरू से एसआईआर के लिए चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार का विरोध किया है।

पहले भी लाया जा चुका है प्रस्ताव

इससे पहले लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 विपक्षी सदस्यों ने बीते 12 मार्च को दोनों सदनों में कुमार के खिलाफ नोटिस सौंपा था। विपक्षी सांसदों ने अपने पहले के नोटिस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार पर कार्यपालिका के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था। इसके अलावा, उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के माध्यम से लोगों को बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित करने का भी आरोप लगाया था। हालांकि राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने छह अप्रैल को इसे अस्वीकार कर लिया था।

राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक की सांसदी रद्द करने की मांग, पार्टी छोड़ने वालो के लिए आप का दांव

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आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने बगावत कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। शुक्रवार 24 अप्रैल आप को तब बड़ा झटका लगा जब उसके 7 राज्यसभा सदस्यों ने पार्टी छोड़ने और बीजेपी में शामिल होने की घोषणा की। इस बगावत की अगुवाई राघव चड्ढा ने किया।

इन सांसदों ने दिया आप को झटका

राघव चड्ढा के साथ जिन सांसदों ने आप छोड़ी, उनमें संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल, अशोक मित्तल, विक्रमजीत साहनी, राजेंद्र गुप्ता और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह शामिल हैं। इनमें से 6 सांसद पंजाब से और एक दिल्ली से है, जिससे पंजाब की राजनीति पर इसका सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।

उच्च सदन से अयोग्य घोषित करने की मांग

अब आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कारण उनकी राज्यसभा सदस्यता अयोग्य घोषित करने की मांग की है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि वह बीजेपी में शामिल होने के लिए राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक को उच्च सदन से अयोग्य घोषित करने की मांग करेंगे।

संजय सिंह ने क्या कहा?

संजय सिंह ने एक्स पर लिखा, "मैं माननीय राज्यसभा सभापति को एक पत्र प्रस्तुत करूंगा, जिसमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कारण राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की मांग की जाएगी, क्योंकि यह संविधान की दसवीं अनुसूची के अंतर्गत स्वेच्छा से अपनी पार्टी की सदस्यता त्यागने के समान है।"

क्या है दल-बदल कानून?

भारतीय संविधान के 10वीं अनुसूची के तहत 'दल-बदल विरोधी कानून' को 1985 में लाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य राजनीति में पार्टी बदलने वाले चलन को रोकना और जनता के द्वारा चुनी गई सरकारों में स्थिरता लाना है। आसान शब्दों में कहें तो अगर कोई सांसद या विधायक अपनी मर्जी से उस पार्टी को छोड़ता है जिसके टिकट पर वह चुनाव जीता है या सदन में अपनी पार्टी के व्हिप के खिलाफ जाकर वोट करता है तो उसकी सदन की सदस्यता खत्म की जा सकती है। 10वीं अनुसूची का खंड 4 कहता है कि अगर किसी दल के दो-तिहाई (2/3) सदस्य एक साथ टूटकर किसी अन्य दल में मिलते हैं तो उन पर यह कानून लागू नहीं होता और उनकी सदस्यता बरकरार रहती है।

बंगाल में बंपर वोटिंग, दोपहर 3 बजे तक 78.77 प्रतिशत मतदान, तमिलनाडु में अब तक 70% पड़े

#westbengalassemblyelection2026

देश के दो प्रमुख राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान जारी है। दोपहर 3 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 78.77% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है, जो भारी उत्साह को दर्शाता है। वहीं, तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर एक साथ हो रहे चुनाव में अब तक 70% मतदान दर्ज किया गया है। कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों राज्यों में मतदाता लंबी कतारों में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

आसनसोल में भाजपा उम्मीदवार की गाड़ी पर पथराव

हिंसा के बीच बंगाल में बंपर वोटिंग हुई है। कई जगहों से हिंसा की खबरें आ रही हैं। आसनसोल दक्षिण सीट से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की गाड़ी पर कथित तौर पर पथराव की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, यह घटना रहमत नगर इलाके में हुई, जिसमें गाड़ी के शीशे टूट गए। इसके बाद अग्निमित्रा पॉल ने हिरापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जांच की जा रही है।

दक्षिण दिनाजपुर और झारग्राम में सर्वाधिक वोटिंग

बीरभूम- 80.22

झारग्राम - 81.4

दक्षिण दिनाजपुर - 81.49

मालदा -76.22

पूर्वी मेदिनीपुर- 78.94

उत्तर दिनाजपुर - 77.3

पश्चिम बर्धमान -75.44

दार्जीलिंग - 76.5

अलीपुरद्वार- 77.5

पुरुलिया - 75.94