स्वाति मालीवाल बीजेपी में शामिल, पीएम मोदी के नेतृत्व पर जताया भरोसा, केजरीवाल पर साधा निशाना

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'आम आदमी पार्टी' में बड़ी टूट हो गई है। राघव चड्ढा समेत सात सांसद आप का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं।इनमें राज्य सभा सांसद स्वाति मालीवाल भी है। राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने शनिवार को ऐलान करते हुए कहा कि वो भाजपा में शामिल हो गई हैं। आप के साथ करीब दो दशक पुराना रिश्ता तोड़ते हुए मालीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास जताया और अरविंद केजरीवाल पर चुन-चुनकर हमले किए।

केजरीवाल को महिला-विरोधी बताया

मालीवाल ने बताया कि वह 2006 से अरविंद केजरीवाल के साथ काम कर रही थीं। उन्होंने हर आंदोलन में उनका साथ दिया। मालीवाल ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने उनके घर में एक गुंडे से पिटाई करवाई। आवाज उठाने पर उन्हें धमकाया गया। उन पर एफआईआर वापस लेने का बहुत दबाव डाला गया। पार्टी ने उन्हें दो साल तक संसद में बोलने का अवसर नहीं दिया। इसे उन्होंने बहुत शर्मनाक बताया। उन्होंने केजरीवाल को महिला-विरोधी भी कहा।

बीजेपी ज्वाइन करने की वजह बताया

स्वाति मालीवाल ने बीजेपी क्यों ज्वाइन की इसकी वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि मैं मानती हूं कि प्रधानमंत्री मोदी न सिर्फ देश में बल्कि विश्व में सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं चाहे वह ऑपरेशन सिंदूर हो, देश से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म करना हो, या महिला आरक्षण बिल संसद में लाना हो। मैं किसी मजबूरी में बीजेपी में शामिल नहीं हो रही, मैं इसलिए बीजेपी में शामिल हो रही हूं क्योंकि मैं दिल से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विश्वास करती हूं।

पार्टी अंदर से टूट रही है-मालीवाल

राज्यसभा सांसद मालीवाल ने कहा, 'प्रशांत भूषण हों, शांति भूषण हों, कुमार विश्वास हों, और अनगिनत लाखों-करोड़ों स्वयंसेवक अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में पार्टी छोड़ चुके हैं। मेरा मानना है कि कोई भी अच्छा व्यक्ति अरविंद केजरीवाल के साथ लंबे समय तक काम नहीं कर सकता। पार्टी अंदर से टूट रही है। मैं सभी के संपर्क में हूं। कोई भी अरविंद केजरीवाल से खुश नहीं है।'

केजरीवाल को सुनाई खरी-खरी

अरविंद केजरीवाल के बारे में राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने कहा कि अगर कोई गद्दार है, तो वह अरविंद केजरीवाल हैं। जब उन्होंने अपना आंदोलन शुरू किया था, तो वह फटी हुई पैंट पहनते थे, दो रुपये का पेन इस्तेमाल करते थे, और एक बिल्कुल खस्ताहाल कार में घूमते थे। हम सब उनसे प्रेरित थे, यह सोचकर कि यह आदमी देश में बदलाव लाएगा। आंदोलन के दौरान, उन्होंने पूरे देश को इतने बड़े-बड़े, मीठे सपने दिखाए, और देश उनसे प्रभावित हुआ। लेकिन उन्होंने किया क्या? सत्ता में आते ही, उन्होंने सौ करोड़ का घर बनवा लिया।

मालीवाल बोलीं- केजरीवाल से बड़ा कोई गद्दार नहीं

स्वाती मालीवाल ने उसमें एक बार बनवाया, करोड़ों के कालीन लगवाए, और लाखों-करोड़ों का फ्रिज खरीदा। उनका सोफा इतना आलीशान है। और अब, जब दिल्ली की जनता ने उन्हें हरा दिया, तो वह पंजाब चले गए हैं। वे पंजाब को एक एटीएम की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। जिस आदमी से उन्होंने मुझे पिटवाया था, उसे जेड-प्लस सुरक्षा दी गई। आज, उसे भगवंत मान का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया है। वह आदमी जो वीआईपी प्रोटोकॉल के खिलाफ बोला करता था, जब उसका काफिला निकलता है, तो हम पचास गाड़ियां गिनते हैं, लेकिन गाड़ियां पचास से भी ज़्यादा होती हैं। तो, देशद्रोह किसे कहते हैं? मैं अपने मूल सिद्धांतों के खिलाफ काम करने को देशद्रोह मानती हूँ। और अरविंद केजरीवाल से बड़ा कोई गद्दार नहीं है।

7 राज्यसभा सांसदों ने छोड़ा केजरीवाल का साथ

इससे पहले शुक्रवार को ही सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल बीजेपी में शामिल हुए थे और दावा किया था कि आप के 4 और सांसद- स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता और विक्रमजीत साहनी बीजेपी में शामिल होंगे। अब राघव चड्ढा के दावे पर मुहर लगाते हुए स्वाति मालीवाल ने बीजेपी जॉइन करने की पुष्टि कर दी है।

फिर संकट में सीईसी ज्ञानेश कुमार, हटाने की मांग हुई तेज, राज्यसभा में दिया गया नया नोटिस

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मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त की मुश्किले एक बार फिर बढ़ती दिख रही है। विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राज्‍यसभा में नोटिस दिया है। ससे पहले भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में नोटिस जारी किया गया था, जिसे स्‍पीकर और चेयरमैन ने खारिज कर दिया था। अब एक बार फिर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नोटिस दिया गया है।

73 सदस्यों का नोटिस पर हस्ताक्षर

कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने बताया कि संसद के उच्च सदन के 73 सदस्यों के हस्ताक्षर वाला यह नोटिस राज्यसभा के महासचिव पी सी मोदी को दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीईसी के खिलाफ अब नौ विशिष्ट आरोप हैं जिन्हें काफी विस्तार से दस्तावेजीकृत किया गया है और इन्हें आसानी से नकारा या खारिज नहीं किया जा सकता।

18 मार्च के पीएम मोदी के संबोधन का भी जिक्र

नए प्रस्ताव में सांसदों ने ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 'आचार संहिता लागू करने में लगातार पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है।' सांसदों ने 18 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 29 मिनट के भाषण का हवाला दिया, जिसे दूरदर्शन, संसद टीवी और आकाशवाणी पर लाइव प्रसारित किया गया था। पत्र में आरोप लगाया गया है कि यह भाषण उसी दिन तमिलनाडु के कोयंबटूर में चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषण से 'लगभग समान' था।

बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड मतदान के बाद विपक्ष की मुहिम

विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी ताजा मुहिम तब शुरू की है, जब पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान और तमिलनाडु में भी रिकॉर्ड टूटने की वजह से भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी सुप्रीम कोर्ट में बंगाल एसआआर पर सुनवाई के दौरान खुशी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे मजबूत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का संकेत बताया है। जबकि, टीएमसी ने शुरू से एसआईआर के लिए चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार का विरोध किया है।

पहले भी लाया जा चुका है प्रस्ताव

इससे पहले लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 विपक्षी सदस्यों ने बीते 12 मार्च को दोनों सदनों में कुमार के खिलाफ नोटिस सौंपा था। विपक्षी सांसदों ने अपने पहले के नोटिस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार पर कार्यपालिका के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था। इसके अलावा, उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के माध्यम से लोगों को बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित करने का भी आरोप लगाया था। हालांकि राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने छह अप्रैल को इसे अस्वीकार कर लिया था।

राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक की सांसदी रद्द करने की मांग, पार्टी छोड़ने वालो के लिए आप का दांव

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आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने बगावत कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। शुक्रवार 24 अप्रैल आप को तब बड़ा झटका लगा जब उसके 7 राज्यसभा सदस्यों ने पार्टी छोड़ने और बीजेपी में शामिल होने की घोषणा की। इस बगावत की अगुवाई राघव चड्ढा ने किया।

इन सांसदों ने दिया आप को झटका

राघव चड्ढा के साथ जिन सांसदों ने आप छोड़ी, उनमें संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल, अशोक मित्तल, विक्रमजीत साहनी, राजेंद्र गुप्ता और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह शामिल हैं। इनमें से 6 सांसद पंजाब से और एक दिल्ली से है, जिससे पंजाब की राजनीति पर इसका सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।

उच्च सदन से अयोग्य घोषित करने की मांग

अब आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कारण उनकी राज्यसभा सदस्यता अयोग्य घोषित करने की मांग की है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि वह बीजेपी में शामिल होने के लिए राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक को उच्च सदन से अयोग्य घोषित करने की मांग करेंगे।

संजय सिंह ने क्या कहा?

संजय सिंह ने एक्स पर लिखा, "मैं माननीय राज्यसभा सभापति को एक पत्र प्रस्तुत करूंगा, जिसमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कारण राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की मांग की जाएगी, क्योंकि यह संविधान की दसवीं अनुसूची के अंतर्गत स्वेच्छा से अपनी पार्टी की सदस्यता त्यागने के समान है।"

क्या है दल-बदल कानून?

भारतीय संविधान के 10वीं अनुसूची के तहत 'दल-बदल विरोधी कानून' को 1985 में लाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य राजनीति में पार्टी बदलने वाले चलन को रोकना और जनता के द्वारा चुनी गई सरकारों में स्थिरता लाना है। आसान शब्दों में कहें तो अगर कोई सांसद या विधायक अपनी मर्जी से उस पार्टी को छोड़ता है जिसके टिकट पर वह चुनाव जीता है या सदन में अपनी पार्टी के व्हिप के खिलाफ जाकर वोट करता है तो उसकी सदन की सदस्यता खत्म की जा सकती है। 10वीं अनुसूची का खंड 4 कहता है कि अगर किसी दल के दो-तिहाई (2/3) सदस्य एक साथ टूटकर किसी अन्य दल में मिलते हैं तो उन पर यह कानून लागू नहीं होता और उनकी सदस्यता बरकरार रहती है।

बंगाल में बंपर वोटिंग, दोपहर 3 बजे तक 78.77 प्रतिशत मतदान, तमिलनाडु में अब तक 70% पड़े

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देश के दो प्रमुख राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान जारी है। दोपहर 3 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 78.77% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है, जो भारी उत्साह को दर्शाता है। वहीं, तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर एक साथ हो रहे चुनाव में अब तक 70% मतदान दर्ज किया गया है। कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों राज्यों में मतदाता लंबी कतारों में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

आसनसोल में भाजपा उम्मीदवार की गाड़ी पर पथराव

हिंसा के बीच बंगाल में बंपर वोटिंग हुई है। कई जगहों से हिंसा की खबरें आ रही हैं। आसनसोल दक्षिण सीट से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की गाड़ी पर कथित तौर पर पथराव की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, यह घटना रहमत नगर इलाके में हुई, जिसमें गाड़ी के शीशे टूट गए। इसके बाद अग्निमित्रा पॉल ने हिरापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जांच की जा रही है।

दक्षिण दिनाजपुर और झारग्राम में सर्वाधिक वोटिंग

बीरभूम- 80.22

झारग्राम - 81.4

दक्षिण दिनाजपुर - 81.49

मालदा -76.22

पूर्वी मेदिनीपुर- 78.94

उत्तर दिनाजपुर - 77.3

पश्चिम बर्धमान -75.44

दार्जीलिंग - 76.5

अलीपुरद्वार- 77.5

पुरुलिया - 75.94

नेपाल की ‘नई नवेली’ बालेन सरकार मुश्किलों में घिरी, 26 दिन में दो मंत्रियों के इस्तीफे से बढ़ी परेशानी

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नेपाल में बालेन शाह की सरकार बने एक महीने भी नहीं हुए हैं। लेकिन, महीने भर के अंदर ही दो-दो मंत्रियों को इस्तीफा देना पड़ा है और वो भी भ्रष्टाचार या भाई-भतीजावाद जैसे आरोपों में। गृह मंत्री सुदान गुरुंग ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बिजनेसमैन दीपक भट्टा के साथ कथित कनेक्शन के मामले को लेकर जारी विवाद के बीच गुरुंग ने गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दिया। इससे पहले श्रमिक मंत्री कुमार शाह को अनुशासनहीनता के आरोप में हटा दिया गया था। ऐस में ‘नई नवेली’ सरकार सवालो के घेरे में आ गई है।

क्या नेपाल में सब ठीक चल रहा है?

नेपाल में पिछले साल GEN-Z क्रांति देखी गई। ऐसी क्रांति जिसमें नेपाल की राजनैतिक व्यवस्था बदलकर रख दी। ऐसी क्रांति जिसकी आग में झुलसने के बाद नेपाल की जनता ने इस आस में नई सरकार चुनी कि अब नेपाल में सब ठीक हो जाएगा। लेकिन बीते एक महीनों में जो हुआ, उससे एक सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या नेपाल में सब ठीक चल रहा है?

सरकार में अस्थिरता जैसे हालात

रैपर से राजनेता बने बालेन शाह ने बीते महीने के आखिर में 35 वर्ष की उम्र में प्रधानमंत्री का पद संभाला है। चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने वाले बालेन की सरकार से काफी ज्यादा उम्मीदें नेपाली जनता को है। हालांकि, 26 दिनों के भीतर ही बालेन शाह के दो मंत्रियों ने इस्तीफा दिया है, जिससे अस्थिरता जैसे हालात बनने लगे हैं।

सीमा से सटे इलाक़ों में नाराजगी

इसके अलावा भारत की सीमा से सटे इलाक़ों में लोगों से कस्टम लिए जाने को लेकर भी नेपाली जनता बालेन सरकार से नाराज़ दिखाई दे रही है। बालेन सरकार ने भारत से 100 नेपाली रुपए से ज्यादा का सामान लाने पर सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) चुकाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नियम को सख्ती से लागू करने के खिलाफ आम लोग सड़कों पर उतर गए हैं। दरअसर, नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में रहने वालों में काफी लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारत से मिलने वाले सस्ते सामान पर निर्भर हैं। ऐसे में उनके लिए बालेन सरकार का यह कदम एक बड़ा झटका साबित हुआ है।

चौतरफा नाराजगी झेल रही सरकार

बालेन सरकार के युवा मंत्रियों को लेकर उठ रहे विवादों और सीमा पर जनता के रोष की वजह से नेपाल सरकार को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा छात्र संघों पर शिकंजे के खिलाफ भी युवा प्रदर्शन कर रहे हैं। इन मुद्दों के अलावा देश के आर्थिक हालात भी चीजों को खराब कर रहे हैं। पेट्रोल की कीमतें बढ़ने से देश में मंहगाई बढ़ी है और लोग इससे परेशान नजर आ रहे हैं।

तमिलनाडु में 4023 उम्मीदवारों की किस्मत आज होगी लॉक, पीएम मोदी ने की रिकॉर्ड मतदान की अपील

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तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर नई सरकार चुनने के लिए आज सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया है। इस बार चुनाव में जहां द्रमुक के नेतृत्व वाला गठबंधन एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए से मुकाबला करेगा। वहीं, पहली बार चुनाव में उतरे तमिल सुपरस्टार विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम चुनाव को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में है।

एक चरण में सभी सीटों पर मतदान

तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में मतदान कराया जा रहा है। चुनाव के नतीजे 4 मई को मतगणना के बाद घोषित किए जाएंगे।इस बार राज्य में कुल 75,032 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

हर एक केंद्र पर अधिकतम मतदाताओं की सीमा तय

मतदान के दिन भीड़ कम करने के लिए हर एक केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा तय की गई है। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी और पारदर्शिता के लिए 100% मतदान केंद्रों के अंदर और बाहर वेबकास्टिंग की जाएगी। इसे लगातार जारी रखने के इंतजाम भी किए गए हैं।

पीएम मोदी की खास अपील

पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, "जैसे-जैसे तमिलनाडु के लोग विधानसभा चुनावों में मतदान करने की तैयारी कर रहे हैं, मैं सभी मतदाताओं से आग्रह करता हूं कि वे इस पवित्र लोकतांत्रिक कर्तव्य को पूरे उत्साह के साथ निभाएं। विशेष रूप से, मैं तमिलनाडु के युवाओं और महिलाओं से आह्वान करता हूं कि वे बड़ी संख्या में बाहर निकलें और मतदान के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त करें।

तमिलनाडु चुनाव पर मल्लिकार्जुन की अपील

मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, 'तमिलनाडु के प्यारे भाइयों और बहनों, आज की लड़ाई आपके अधिकारों को सुरक्षित करने की है। यह लड़ाई संघवाद, तर्कसंगतता, समानता, न्याय और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए है। यह समावेशी कल्याण सुनिश्चित करने और आपके आदर्शों द्वारा अपनाए गए सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए भी है। अब समय आ गया है कि आप अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करें और उन लोगों के खिलाफ़ खड़े हों जो आपके संघीय अधिकारों को छीनना चाहते हैं। मैं विशेष रूप से पहली बार वोट देने वाले युवा मतदाताओं से आग्रह करता हूं कि वे बड़ी संख्या में बाहर निकलें और तमिलनाडु के भविष्य के लिए मतदान करें। जय हिंद, जय तमिलनाडु।'

पश्चिम बंगाल में पहले चरण के लिए 152 सीटों पर वोटिंग जारी, बूथों पर लंबी कतार

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की वोटिंग हो रही है। पहले चरण में 16 जिलों की 152 विधानसभा में वोटिंग हो रही है। इस बार बंगाल में मुख्य मुकाबला ममता बनर्जी की टीएमसी और बीजेपी के बीच है। इस बार चुनाव सिर्फ दो चरणों में कराए जा रहे हैं, जबकि 2021 में आठ और 2016 में छह चरणों में मतदान हुआ था।

शाम पांच बजे तक मतदान

मतदान सुबह सात बजे शुरू हुई और शाम पांच बजे तक चलेगी। सुबह 7 बजे से ही दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी जैसे उत्तर के जिलों से लेकर मुर्शिदाबाद, नदिया, बीरभूम और हुगली तक मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं।

कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में

पहले चरण में बंगाल के कुल 3,60,77,171 वोटर्स वोट करेंगे। पंजीकृत सभी 3,60,77,171 मतदाताओं को फोटो पहचान पत्र जारी किए गए हैं। 100 वर्ष या उससे अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या 4,025 है, जबकि 85 वर्ष या उससे अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या 2,04,618 है। कुल 43 अनिवासी भारतीय मतदाता हैं, और 69,468 सेवारत मतदाता हैं। पहले चरण में होने वाले इन 152 विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं। पुरुष उम्मीदवारों की संख्या 1,311 है, जबकि महिला उम्मीदवारों की संख्या 167 है।

पीएम मोदी की खास अपील

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के मतदाताओं से लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि सभी नागरिक पूरे उत्साह और ताकत के साथ मतदान करें, ताकि लोकतंत्र मजबूत हो सके। उन्होंने खास तौर पर राज्य के युवाओं और महिलाओं से बड़ी संख्या में वोट डालने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी भागीदारी न सिर्फ चुनाव को मजबूत बनाएगी, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव भी लाएगी। 

सुरक्षा को लेकर निर्वाचन आयोग सख्त

निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को निर्देश दिया है कि वे 23 अप्रैल को सुबह छह बजे से मतदान समाप्त होने तक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से बाहर नहीं जाएं। अधिकारी ने बताया कि एक दिशानिर्देश के अनुसार, उम्मीदवारों को मतदान के समय अपने निर्वाचन क्षेत्रों में ही रहना चाहिए और किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल होने से बचना चाहिए जिससे चुनावी प्रक्रिया बाधित हो सकती है।

नेपाल की बालेन शाह सरकार के गृहमंत्री पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, 26 दिन में ही दिया इस्तीफा

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नेपाल में भारी बहुमत के साथ सत्ता में आई बालेन शाह की सरकार पहले महीने में ही मुश्किल में फंस गई है। मार्च के आखिर में प्रधानमंत्री बनने वाले बालेन शाह की कैबिनेट के बेहद अहम सदस्य सुदन गुरुंग मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे हैं। जिसके बाद सुधन गुरुंग ने पद संभालने के बाद 26 दिन के अंदर ही इस्तीफा दे दिया है।

विरोध के बाद पद छोड़ने का फैसला

सुधन गुरुंग ने गृहमंत्री बनने के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया था और अब उन्हें निजी निवेशों के चलते आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने व्यापक विरोध के बाद पद छोड़ने का फैसला किया है। फेसबुक पोस्ट में सुधन गुरुंग ने लिखा, 'मुझसे जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और पदों पर रहते हुए हितों के टकराव से बचने और जांच प्रक्रिया पर किसी भी तरह के प्रभाव से बचने के लिए मैंने गृहमंत्री के पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है।'

श्रम मंत्री के बाद गृह मंत्री का इस्तीफा

पहले महीने में ही कैबिनेट के दो बड़े स्तंभ ढह गए हैं। अनुशासनहीनता के मामले में श्रम मंत्री दीपक कुमार शाह की विदाई के ठीक बाद अब गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने भी इस्तीफा दे दिया है। गुरुंग पर विवादित व्यवसायी दीपक भट्ट के साथ मिलकर मनी लॉन्ड्रिंग और शेयरों में हेरफेर के गंभीर आरोप लगे हैं।

सरकार को शुरूआत में ही बड़ा झटका

भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का वादा कर सत्ता में आई इस नई सरकार के लिए अपने ही मंत्रियों का विवादों में घिरना एक बड़ी नैतिक और राजनीतिक चुनौती बन गया है। बालेन शाह सरकार अभी ठीक से काम शुरू भी नहीं कर पाई थी कि मंत्रियों के हटने का सिलसिला शुरू हो गया। सबसे पहले श्रम मंत्री दीपक कुमार शाह को अनुशासनहीनता के चलते पद से हाथ धोना पड़ा। अब गृह मंत्री सुदन गुरुंग का इस्तीफा सरकार के लिए दूसरा बड़ा झटका है।

भारत निभा सकता है अमेरिका-ईरान युद्धविराम में अहम भूमिका…”राजनाथ सिंह का चौंकाने वाला बयान

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अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को रुकवाने में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जिसको लेकर भारत में काफी सवाल उठ रहे हैं। इस बीच भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने हमेशा संतुलित और समझदारी भरी विदेश नीति अपनाई है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में भारत वैश्विक संघर्षों को सुलझाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है, जिसमें पश्चिम एशिया का संकट भी शामिल है।

हम संभावना से इनकार नहीं कर सकते-राजनाथ सिंह

पहली बार जर्मनी के दौरे पर गए भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से पूछा गया कि पश्चिम एशिया संकट में शांति कायम करने में भारत की कोई भूमिका है या नहीं? इसपर उन्होंने कहा, "भारत ने अपनी तरफ से कोशिश की, लेकिन हर चीज का सही समय होता है। हो सकता है कल ऐसा समय आए जब भारत इसमें अपनी भूमिका निभाए और सफल हो। हम संभावना से इनकार नहीं कर सकते। प्रधानमंत्री ने दोनों पक्षों से शांति की अपील की है और कूटनीतिक मामलों में प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण संतुलित है।"

भारत का रुख किसी एक पक्ष के खिलाफ नहीं-राजनाथ सिंह

बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा प्रधानमंत्री मोदी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी कई देशों के नेताओं से सीधे बातचीत की है। उन्होंने बताया कि जब प्रधानमंत्री ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, यूक्रेन के राष्ट्रपति और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की, तब भी शांति और समाधान पर चर्चा की गई। रक्षा मंत्री ने वैश्विक राजनीति में भारत की स्थिति को मजबूत बताते हुए कहा कि भारत का रुख किसी एक पक्ष के खिलाफ नहीं है। यही कारण है कि न तो अमेरिका भारत को दुश्मन मानता है और न ही ईरान।

भारत सरकार की कूटनीति को सराहा

उन्होंने भारत की कूटनीति की सराहना करते हुए कहा कि इसी संतुलित नीति की वजह से भारत के जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजर पाए, जबकि उस समय कई देशों के जहाजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

पाकिस्तान की मध्यस्थता से उठ रहे सवाल

राजनाथ सिंह का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब पाकिस्तान अमेरिका-ईरान के बीच समझौता कराने के लिए दूसरे दौर की वार्ता आयोजित करने जा रहा है। प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस सवाल उठा रही है कि प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अच्छे रिश्ते बताते हैं, लेकिन मध्यस्थता का मौका पाकिस्तान को मिल रहा है। यह मुद्दा तब और गरमा गया, जब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को मध्यस्थता वाला 'दलाल' कहा था।

पीएम मोदी पर बयान देकर बुरे फंसे मल्लिकार्जुन खरगे, बीजेपी ने चुनाव आयोग में दर्ज कराई शिकायत

#bjpapproacheseciagainstcongresschiefkharge

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे प्रदानमंत्री पर विवादित बयान देकर मुश्किल में पड़ते दिख रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने मल्लिकार्जुन खरगे के बयान के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई है।

संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू और निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में भाजपा का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज चुनाव आयोग से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कथित रूप से दिए गए बयान को लेकर आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई।

आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन-किरण रिजिजू

इसकी जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 'एक्स' पर अपने पोस्ट में कहा, 'हमने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ उनके चौंकाने वाले और शर्मनाक बयान के लिए कड़ी शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'आतंकवादी' कहा था। यह सिर्फ अपमानजनक ही नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर एक खतरनाक और पहले कभी नहीं हुआ हमला है। यह आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। तुरंत कार्रवाई से कोई समझौता नहीं होगा।'

खरगे ने दी सफाई

वहीं, पीएम मोदी पर अपनी टिप्पणी के बारे में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, 'मैंने प्रधानमंत्री के खिलाफ कुछ नहीं कहा। प्रधानमंत्री राजनेताओं और उम्मीदवारों को डरा रहे हैं और इस संबंध में मैंने कहा था कि कर आतंकवाद हो रहा है, ईडी छापेमारी कर रही है, आयकर विभाग छापेमारी कर रहा है, सीबीआई छापेमारी कर रही है। इस आतंकवाद को प्रधानमंत्री बढ़ावा दे रहे हैं। मैंने उन्हें आतंकवादी नहीं कहा; वे लोगों को डराने के लिए आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। वे छापेमारी के जरिए लोगों को चुप कराने और चुनावों में उन्हें हराने की कोशिश कर रहे हैं। चेन्नई में मैंने यही कहा था।'