देवघर-संघ यात्रा के 100 वर्ष प्रबुद्ध जन गोष्ठी संपन्न पंच परिवर्तन पर मुख्य वक्ता कुणाल कुमार का जोर, राष्ट्र निर्माण पर हुआ गहन मंथन।
देवघर:
में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा संघ यात्रा के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित प्रबुद्ध जन गोष्ठी रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। आरएल सर्राफ उच्च विद्यालय मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्धजनों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। आयोजन को लेकर शहर में पहले से उत्साह का माहौल था, जो कार्यक्रम के दौरान साफ नजर आया। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक विधि से हुआ।
इसके बाद मुख्य वक्ता प्रांत शारीरिक प्रमुख कुणाल कुमार ने विस्तार से अपने विचार रखते हुए संघ की कार्यप्रणाली और समाज निर्माण में उसकी भूमिका को रेखांकित किया। मौके पर मुख्य वक्ता कुणाल कुमार ने अपने संबोधन में पंच परिवर्तन स्वदेशी, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और कुटुंब प्रबोधन को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
उन्होंने कहा कि समाज में स्थायी परिवर्तन केवल नीतियों से नहीं, बल्कि व्यक्ति के आचरण और जीवनशैली में बदलाव से आता है। उन्होंने स्वदेशी को आत्मनिर्भरता का आधार बताते हुए कहा कि स्थानीय संसाधनों और उत्पादों को बढ़ावा देना राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है। नागरिक कर्तव्यों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का पालन भी उतना ही आवश्यक है, तभी एक जिम्मेदार समाज का निर्माण हो सकता है। पर्यावरण संरक्षण पर बोलते हुए उन्होंने प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखने की जरूरत पर बल दिया।
सामाजिक समरसता को उन्होंने राष्ट्र की एकता का मूल आधार बताते हुए कहा कि भेदभाव से ऊपर उठकर समाज को एक सूत्र में बांधना समय की मांग है। वहीं कुटुंब प्रबोधन के माध्यम से परिवार संस्था को मजबूत करने पर भी उन्होंने जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश और हिन्दुत्व का यह स्वर्णिम काल है, लेकिन इस दौर में हमें सजग और संतुलित होकर आगे बढ़ना होगा, ताकि विकास के साथ मूल्यों का संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अशोकानंद झा ने शिक्षा और संस्कार के महत्व पर बल दिया। विशिष्ट अतिथियों में डॉ मनीष राज और डॉ पूजा राय ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर लीलाबारानंद नाथ महाराज का आशीर्वचन भी प्राप्त हुआ, जिससे कार्यक्रम को आध्यात्मिक आयाम मिला। गोष्ठी में राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता, संगठन की भूमिका और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। वक्ताओं ने समाज में एकता और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का प्रारंभ भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर संघ व सामुहिक गीत के साथ अतिथियों का परिचय व स्वागत सम्मान के साथ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुनील कुमार गुप्ता ने व संचालन नगर कार्यवाह डॉ आनंद वर्धन ने किया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक नारायण दास, पूर्व मंत्री राज पलिवार, डॉ राजीव रंजन, मधुसुदन मंडल, डॉ गोपाल जी शरण, सुजीत सिंह, विनय बरनवाल, पंकज कुमार बरनवाल, शैलेश सिंह, अमित राव, अभिषेक मिश्रा, शुभम कृष्णा, विनायक कुमार, डॉ राजेश प्रसाद, धुव्र प्रसाद साह, विजया सिंह, अलका सोनी, अजय कुमार सिंह, गौरी शंकर शर्मा, धनंजय तिवारी, सुनील कुमार गुप्ता, प्रेमलता बरनवाल, दिलीप कुमार बरनवाल, संजय कुमार मिश्रा, संजीव जजवाडे़, आलोक मल्लिक, सुरज कुमार झा, मनोज कुमार, रीचा कुमारी, प्रकाश मंडल सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। अंत में आयोजकों ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संवाद और सामूहिक चिंतन को नई दिशा देते हैं।
3 hours ago
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