परशुराम जयंती पर गोंठवा गोठाई में धूमधाम से सांस्कृतिक कार्यक्रम रामशिरोमणि तिवारी के नेतृत्व में कलाकारों ने बांधा समां
संजीव सिंह गोंठवा गोठाई नगरा (बलिया), 18 अप्रैल 2026: भगवान विष्णु के छठवें अवतार भगवान श्री परशुराम जी की जयंती के पावन अवसर पर गोंठवा गोठाई नगर में बड़े धूमधाम से उत्सव मनाया गया। रामशिरोमणि तिवारी जी के नेतृत्व में आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बृजेश भारती जी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा नेता व पूर्व मंत्री श्री छट्ठू राम जी उपस्थित रहे। उनके करकमलों द्वारा मंच पर अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया। मंच पर अन्य भाजपा के वरिष्ठ नेता भी विशेष रूप से मौजूद रहे।महुवा चैनल के देवानंद देव जी, लोकगायिका जौनपुरी की धरती से भावना सिंह जी तथा अनुज भाई राहुल ठाकुर विक्की ने अपनी कला से सभी को प्रभावित किया। अंत में रामशिरोमणि तिवारी ने सभी कलाकारों, अतिथिगण एवं उपस्थित जनसमूह का हृदय से आभार प्रकट किये!
कानपुर: जनगणना ड्यूटी हटवाने पहुंचे शिक्षक, DM ने 30 मिनट जनता की फरियाद सुनवाई कराई तो बदला सुर!
संजीव सिंह बलिया!कानपुर:18 अप्रैल 2026: डिजिटल जनगणना की तैयारियों के बीच सहायक अध्यापक जयप्रकाश शर्मा अपनी ड्यूटी हटवाने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। लेकिन DM जितेंद्र प्रताप सिंह ने एक अनोखे अंदाज में उन्हें सबक सिखाया।DM ने शिक्षक से कहा, "ड्यूटी नहीं करनी तो जनता की फरियाद सुनने में मेरी मदद करो।" फिर उन्होंने शिक्षक की कुर्सी अपने पास लगवा ली और करीब 30 मिनट तक विभिन्न शिकायतें सुनवाई करने को कहा। पेंशन की समस्या, जमीन विवाद से लेकर लड़के के भाग जाने जैसी फरियादें सुनते-सुनते शिक्षक थक गए।अंत में जयप्रकाश शर्मा ने DM को प्रणाम किया और बोले, "साहब, मैं जनगणना की ड्यूटी कर लूंगा, लेकिन यह जनता दरबार का 'अत्याचार' मेरे बस का नहीं।" DM ने शिक्षक को सम्मान देते हुए जनगणना ड्यूटी पर ही लगा दिया।यह वाकया कानपुर में चर्चा का विषय बन गया है। DM का यह अनोखा तरीका प्रशासनिक कुशलता का प्रतीक माना जा रहा है, जो न केवल समस्या सुलझाता है बल्कि जिम्मेदारी का अहसास भी कराता है।
बलिया में BJP जिला महामंत्री हिमांशु प्रताप सिंह 'मंटू' के स्वागत में अनोखा जलवा: दो बुलडोजरों से फूलों की वर्षा, वीडियो वायरल

संजीव  सिंह, नगरा (बलिया): बलिया जनपद के नगरा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नव-नियुक्त जिला महामंत्री  हिमांशु प्रताप सिंह 'मंटू' का स्वागत बेहद अनोखे अंदाज में किया गया। नगर पंचायत नगरा में BJP जिला कार्य समिति सदस्य व समाजसेवी प्रो. समरजीत बहादुर सिंह द्वारा आयोजित भव्य समारोह में पारंपरिक माल्यार्पण के साथ दो बुलडोजरों से फूलों की वर्षा ने सबका ध्यान खींच लिया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यसमिति सदस्य प्रो. समरजीत सिंह, मंडल अध्यक्ष नगरा सूर्य प्रकाश सिंह, मंडल अध्यक्ष मालीपुर पंचम गुप्ता और नगर पंचायत नगरा के पूर्व प्रत्याशी दीपक राम ने किया। स्वागत में माल्यार्पण, अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट के बाद बुलडोजरों से फूलों की वर्षा ने उत्साह दोगुना कर दिया।प्रमुख पदाधिकारियों की मौजूदगी
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष नगरा सूर्य प्रकाश सिंह, मालीपुर मंडल अध्यक्ष पंचम गुप्ता, वरिष्ठ कार्यकर्ता सुरेश सोनी, जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी मन्नू सिंह, अतुल आनंद सिंह, संजय पांडे, अमन पांडे, कृष्णा कुशवाहा,  पृथ्वी पाल सिंह पूर्व मंडल अध्यक्ष, परमहंस वर्मा, धर्मराज सिंह, मो. इरफान अहमद, मो. मंसूर अली, संजीव गिरी, चंद्रभूषण ‘टिंकू’ और मंडल महामंत्री अमरेंद्र सोनी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।वक्ताओं ने संगठन की एकजुटता और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन पार्टी को मजबूत बनाते हैं। नए जिला महामंत्री ने आभार व्यक्त करते हुए कहा, “आपका विश्वास मेरी प्रेरणा है। मैं संगठन की जिम्मेदारियों को निभाते हुए क्षेत्र के विकास के लिए कटिबद्ध रहूंगा।”यह अनोखा स्वागत बलिया के राजनीतिक पटल पर चर्चा का विषय बन गया है, जो BJP कार्यकर्ताओं के जोश को साफ दर्शाता है।
बलिया के बागी शेर चंद्रशेखर जी की 99वीं जयंती: सादगी, साहस और समाजवाद का प्रतीक:रामगोविंद चौधरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष,
संजीव सिंह बलिया, 17 अप्रैल 2026: भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष, 'युवा तुर्क' के नाम से विख्यात और समाजवाद एवं लोकतंत्र के नायक, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय चंद्रशेखर जी की 99वीं जयंती पर पूरे देश में श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। बलिया की पावन धरती से निकले इस महान समाजवादी योद्धा को पूर्व नेता प्रतिपक्ष उत्तर प्रदेश रामगोविंद चौधरी ने सादर नमन किया है।जननायक और वैचारिक प्रखरता का प्रतीकचंद्रशेखर जी केवल राजनेता नहीं, बल्कि सच्चे जननायक थे। बलिया की मिट्टी से निकलकर देश के प्रधानमंत्री बने उनका सफर कड़ी मेहनत और जनसेवा का जीवंत प्रमाण है। 1983 की ऐतिहासिक 'कन्याकुमारी से दिल्ली पदयात्रा' ने उन्हें जनमानस से जोड़ा। इस यात्रा का मकसद कुपोषण, पेयजल संकट और सामाजिक असमानता जैसी बुनियादी समस्याओं को उजागर करना था।निर्भीक वक्ता और संसदीय शेरसंसद में उनकी बेबाक आवाज पक्ष-विपक्ष दोनों को मंत्रमुग्ध कर देती थी। निर्भीक टिप्पणियों और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए वे विख्यात रहे।सादगी व शुचिता का जीवन दर्शनसत्ता के शिखर पर रहते हुए भी उनकी ग्रामीण सादगी बरकरार रही। "राजनीति मेरे लिए पेशा नहीं, राष्ट्र सेवा का माध्यम है"—यह उनका जीवन-दर्शन था, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।रामगोविंद चौधरी ने कहा, "आज उनकी जयंती पर हम सत्य, साहस और सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं। उनके आशीर्वाद से मार्गदर्शन मिलता रहे। शत-शत नमन!"जय चंद्रशेखर! जय बलिया! जय भारत!(रामगोविंद चौधरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष, उत्तर प्रदेश
जनगणना-2027: जिला स्तर पर तैयारियां तेज, DM ने दिए सख्त निर्देश
संजीव सिंह बलिया। जनगणना-2027 के सफल संचालन को लेकर जनपद स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार को विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जनगणना 2027 के कार्यक्रम और उसकी समय-सीमा पर विस्तार से चर्चा की गई।अधिकारियों को बताया गया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न कराई जाएगी। प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एचएलओ) का कार्य किया जाएगा, जिसमें 07 मई से 21 मई 2026 तक स्वगणना होगी, जबकि 22 मई से 20 जून 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर विवरण एकत्र करेंगे। द्वितीय चरण में जनसंख्या एवं जाति आधारित गणना की जाएगी। यह चरण 09 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक चलेगा, जबकि 01 मार्च से 05 मार्च 2027 तक पुनरीक्षण का कार्य किया जाएगा।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनगणना कार्य में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाए। प्रशिक्षण की सूची तैयार कर प्रत्येक तहसील स्तर पर ही ट्रेनिंग आयोजित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण के बाद कर्मियों की परीक्षा भी होगी, और जो कर्मचारी उसमें सफल नहीं होंगे, उन्हें पुनः प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा खंड शिक्षा अधिकारियों को इस कार्य का नोडल अधिकारी बनाने के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना कार्य में विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। सभी विभागाध्यक्ष अपने-अपने कार्यालयों के कर्मचारियों को स्वगणना के लिए प्रेरित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी जिला स्तरीय अधिकारी स्वयं स्वगणना करें और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से भी इसे अनिवार्य रूप से करवाएं, ताकि जनगणना का कार्य पूरी पारदर्शिता और शुद्धता के साथ संपन्न हो सके।
सेन्ट जान्स स्कूल सोनापाली नगरा बलिया के छात्रों ने कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा में लहराया परचम
संजीव सिंह बलिया। सेन्ट जान्स स्कूल सोनापाली नगरा बलिया के छात्रों ने 2025-26 सत्र की कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन किया है। उच्च अंकों से सफलता हासिल कर उन्होंने पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ा दी।प्रमुख सफल छात्रों में प्रथम स्थान पर प्रहर्षित शुक्ला (95.6%), द्वितीय आदित्य कुमार (93%), तृतीय जागृति पाण्डेय (90.4%) रहे। वहीं शिवशंकर यादव (90%), शिवांगी गुप्ता (89%), स्नेहा तिवारी (85%), सुनील चौहान (83%), गरिमा गुप्ता (80%), शिफा खातून (78.2%), दीपा यादव (77.1%) और दीपाली यादव (76.2%) ने भी शानदार अंक प्राप्त किए।विद्यालय के प्रधानाचार्य ने सभी सफल छात्रों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा, "यह सफलता छात्रों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और अभिभावकों के सहयोग का फल है।"इस अवसर पर प्रबंधक कृष्णपाल यादव (केपी), हरीश शुक्ला, अजय श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य व शिक्षकों ने छात्रों की उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी तथा आगे भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। विद्यालय में खुशी का माहौल रहा।
सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल रसड़ा ने चमकाया परचम: कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा में 93.20% के साथ टॉपर तानिया सिंह

संजीव सिंह रसड़ा (बलिया), 16 अप्रैल 2026: सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल, रसड़ा, जिला बलिया के कक्षा 10 के विद्यार्थियों ने उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर स्कूल का नाम रोशन किया है। टॉपर कैडेट तानिया सिंह ने 93.20 प्रतिशत अंक हासिल कर सभी को प्रभावित किया, जबकि अन्य छात्रों ने भी सराहनीय सफलता प्राप्त की।यह उपलब्धि शैक्षणिक उत्कृष्टता और सर्वांगीण विकास के प्रति स्कूल की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। विद्यार्थियों ने समर्पण, अनुशासन और दृढ़ता से संस्थान का मान बढ़ाया। टॉपर्स में तानिया सिंह (93.20%) के अलावा देवांश तिवारी (88.00%), अनुप्रिया (84.60%), विकास कुमार यादव (84.20%), अदिति सिंह (83.20%), हृषिका गुप्ता (82.80%), प्रियांशी यादव (82.20%) और ऋषभ सिंह (81.00%) शामिल हैं। इनकी मेहनत वाकई काबिले-तारीफ है।स्कूल के प्रधानाचार्य श्री संजीव सिंह चौहान ने सभी छात्रों को हार्दिक बधाई दी और शिक्षकों व अभिभावकों के सहयोग की सराहना की। उन्होंने छात्रों को एकाग्र रहने, उच्च लक्ष्य रखने और उत्साह बनाए रखने का आह्वान किया।इस अवसर पर स्कूल की निदेशक श्रीमती इंद्रा सिंह ने सफल छात्रों को मिठाई भेंट कर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने छात्रों, कर्मचारियों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयासों को सफलता का आधार बताया।पूरा विद्यालय परिवार सफल छात्रों को बधाई देता है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।
नगरा, बलिया: प्राथमिक विद्यालय भण्डारी की रसोईया कौशल्या देवी के परिजनों को 34,050 रुपये की सहयोग राशि प्रदान
  संजीव सिंह नगरा, बलिया। प्राथमिक विद्यालय भण्डारी पर कार्यरत रसोईया कौशल्या देवी का निधन पिछले माह हो गया था। उनके परिवार को सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से नगरा के समस्त अध्यापकों एवं शिक्षामित्रों ने एकजुट होकर सहयोग राशि संग्रह की। आज यह राशि कुल 34,050 रुपये उनके परिजनों को प्रदान की गई।इस अवसर पर प्राथमिक शिक्षक संघ नगरा के अध्यक्ष  वीरेन्द्र प्रताप यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। साथ ही उपाध्यक्ष  हेमन्त कुमार यादव, अशोक कुमार सिंह, वीरेन्द्र प्रसाद यादव (शिक्षक संकुल), राहुल उपाध्याय, मीना सिंह (प्रो.प्रो.ए. UPS नगरा), रैन कमल (प्र.प्र.अ. PS भण्डारी), कुसुमलता (सो.अ.), बच्चा लाल आदि गणमान्य शिक्षकगण उपस्थित रहे। इस पुनीत कार्य से क्षेत्रीय शिक्षा बिरादरी की एकजुटता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत हुआ।
न्याय पंचायत गोपालपुर में 'स्कूल चलो अभियान' की भव्य रैली: बीईओ हिमांशु सिंह ने बच्चों को दिया आशीर्वाद
संजीव सिंह बलिया, 16 अप्रैल 2026: न्याय पंचायत गोपालपुर, शिक्षा क्षेत्र चिलकहर में 'स्कूल चलो अभियान' के तहत आज एक भव्य रैली का आयोजन किया गया।खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) चिलकहर श्री हिमांशु कुमार सिंह के नेतृत्व में यह रैली विभिन्न ग्राम सभाओं का भ्रमण करते हुए यूपीएस गोपालपुर पहुंची। कार्यक्रम में गोपालपुर के प्रधान प्रतिनिधि, नोडल शिक्षक, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के ब्लॉक अध्यक्ष अभिषेक कुमार सिंह, यूपीएस गोपालपुर के प्राचार्य संजय सिंह, अध्यापक मंजय यादव, कम्पोजिट गोपालपुर के प्राचार्य राधेश्याम यादव, संजय सिंह (हरिजन बस्ती), सत्य प्रकाश जी, पंकज गुप्ता, चिंतामणिपुर से उमेश चंद्र वर्मा, धनंजय सिंह, अंजनी कुमार यादव, हरिंद्र जी, कन्हैया चौहान, विनध्येश्वरी प्रताप सिंह, प्रसेनजीत, राजेश उपाध्याय, बर्रे बोझ से मानिक चंद्र राम जी, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के मंत्री अनिल सिंह, दिगपाल बहादुर जी, रामपुर चौहान बस्ती से नित्यानंद शर्मा, भूपेंद्र शुक्ला, कैथीकला से अशोक यादव, सुरेश वर्मा, तारा देवी जी तथा बलिंद्र यादव की सक्रिय उपस्थिति रही।ग्राम सभाओं के बच्चे, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने बड़े उत्साह से भाग लिया। बीईओ महोदय ने बच्चों को आशीर्वचन देकर प्रेरित किया और अध्यापकों को अभिभावकों से संपर्क कर नामांकन बढ़ाने के निर्देश दिए। अंत में मिष्ठान वितरण के बाद रैली समाप्त हुई।इस अभियान से क्षेत्र में स्कूलों की उपस्थिति एवं नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है
प्रीपेड मीटर: सुधार या नया संकट? उपभोक्ताओं में बढ़ता असंतोष”
अमर बहादुर सिंह बलिया शहर,नगरा ! देश में बिजली सुधारों के नाम पर लागू की जा रही प्रीपेड मीटर व्यवस्था अब एक नई बहस का केंद्र बनती जा रही है। जहां सरकार इसे पारदर्शिता, बिलिंग सुधार और बिजली चोरी रोकने का प्रभावी उपाय बता रही है, वहीं जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग तस्वीर पेश कर रही है। आम उपभोक्ताओं के लिए यह व्यवस्था धीरे-धीरे एक गंभीर समस्या का रूप लेती नजर आ रही है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ताओं का कहना है कि प्रीपेड मीटर उनके लिए सुविधा नहीं, बल्कि अतिरिक्त बोझ बन गया है। जिन इलाकों में आज भी बिजली की आपूर्ति नियमित नहीं है, वहां पहले से ही परेशान लोग अब रिचार्ज और बैलेंस खत्म होने की नई चिंता में घिर गए हैं। कई जगहों पर यह स्थिति ऐसी हो गई है कि बिजली होने के बावजूद बैलेंस खत्म होने पर घर अंधेरे में डूब जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रीपेड मीटर व्यवस्था को सीधे लागू करने के बजाय इसे एक विकल्प के रूप में पेश किया जाना चाहिए था। बड़े शहरों और आर्थिक रूप से सक्षम वर्ग के लिए यह व्यवस्था उपयोगी हो सकती है, लेकिन कमजोर और ग्रामीण वर्ग पर इसे थोपना नीतिगत असंतुलन को दर्शाता है। वहीं, बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। बिजली चोरी रोकने के लिए पहले से ही अलग थाने, पुलिस बल और निगरानी तंत्र मौजूद हैं। इसके बावजूद उपभोक्ताओं पर ही जिम्मेदारी डालना कई लोगों को समझ से परे लग रहा है। यह भी एक बड़ा मुद्दा है कि वर्षों से संविदा पर काम कर रहे लाइनमैन और तकनीकी कर्मचारी आज भी स्थायी नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जबकि पूरी व्यवस्था उन्हीं के भरोसे चल रही है। प्रीपेड मीटर में तकनीकी खराबी आने पर उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बिजली घरों के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें समाधान नहीं मिल पाता, क्योंकि वहां मौजूद संविदा कर्मचारियों के पास सीमित अधिकार होते हैं। दूसरी ओर, स्थायी अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ अक्सर नए मीटर लगाने के कार्यों में व्यस्त रहते हैं। नीति-निर्माताओं के लिए यह एक चेतावनी का संकेत हो सकता है। बढ़ता असंतोष यदि समय रहते नहीं संभाला गया, तो यह एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है। यह केवल मीटर बदलने का मामला नहीं है, बल्कि जनता के विश्वास, सुविधा और बुनियादी अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है। सरकार को चाहिए कि वह इस व्यवस्था की जमीनी हकीकत को समझे, उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान निकाले और प्रीपेड मीटर को अनिवार्य बनाने के बजाय विकल्प के रूप में लागू करे। अन्यथा, यह सुधार का कदम कहीं सरकार के लिए ही भारी न पड़ जाए।