चाय बागान मजदूरों को अधिकार दिलाना हमारी प्राथमिकता: गोसाईंगांव में कल्पना सोरेन का बड़ा वादा।

गोसाईंगांव/असम: असम विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी क्रम में आज गोसाईंगांव विधानसभा क्षेत्र से जेएमएम प्रत्याशी श्री फैड्रिक्शन हांसदा के पक्ष में एक विशाल चुनावी जनसभा का आयोजन किया गया, जिसे मुख्य वक्ता के रूप में झारखंड की गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने संबोधित किया।

इतिहास बदलने वाला चुनाव

जनसभा को संबोधित करते हुए कल्पना सोरेन ने कहा कि असम विधानसभा का यह चुनाव कोई सामान्य राजनीतिक मुकाबला नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के वंचितों और आदिवासियों के लिए इतिहास बनाने का चुनाव है। उन्होंने कहा कि असम की जनता अब वर्तमान व्यवस्था से ऊब चुकी है और बदलाव का मन बना चुकी है।

चाय बागान मजदूरों और आदिवासियों के हितों पर जोर

कल्पना सोरेन ने असम के चाय बागान मजदूरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि जेएमएम इन मजदूरों को उनका उचित हक और अधिकार दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा:

असम के आदिवासियों के हितों की रक्षा अब केवल जेएमएम ही कर सकती है।

आपका एक-एक वोट बहुमूल्य है, जो असम में रहने वाले आदिवासी समुदाय को राजनीतिक और सामाजिक मजबूती प्रदान करेगा।

दिग्गज नेताओं की उपस्थिति

इस अवसर पर जेएमएम की वरिष्ठ नेता और सांसद श्रीमती जोबा माझी तथा विधायक श्री सोमेश चंद्र सोरेन ने भी जनता को संबोधित किया। नेताओं ने प्रत्याशी फैड्रिक्शन हांसदा की साफ-सुथरी छवि और सेवा भाव का जिक्र करते हुए उन्हें भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की।

बदलाव की बयार

सभा में उमड़ी भारी भीड़ और कार्यकर्ताओं के उत्साह को देखते हुए कल्पना सोरेन ने दावा किया कि गोसाईंगांव सहित असम की कई सीटों पर जेएमएम एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरी है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर तीर-धनुष (जेएमएम का चुनाव चिह्न) पर बटन दबाएं और शोषण मुक्त असम के निर्माण में भागीदार बनें।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने 3 अप्रैल को मशाल जुलूस,9 अप्रैल को झारखंड बंद को लिया वापस

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू आज देर शाम नई दिल्ली से रांची पहुंचते ही प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता के मीडिया को संबोधित किया।

श्री साहू ने विष्णुगढ़ कुसुंबा में बेटी की निर्मम हत्या को लेकर पार्टी द्वारा घोषित 3 अप्रैल के मशाल जुलूस और 9 अप्रैल की झारखंड बंदी को वायस लेने की घोषणा की।

उन्होंने राज्य सरकार पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा के प्रचंड दबाव के बाद कुसुंबा की बेटी की निर्मम हत्या का उद्भेदन हुआ है,लेकिन आगे इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए ताकि बलि देने संबंधी बातों की सच्चाई सामने आए। बलि पत्थर से मारकर नहीं दी जाती है। पुलिस ने जो बातें बताई है उसकी और छानबीन की जरूरत है, पोक्सो एक्ट आदि के उल्लंघन संबंधी बातें भी उजागर हो।

उन्होंने कहा कि गिरफ्तार भीम राम कभी भी किसी स्तर का भाजपा कार्यकर्ता नहीं रहा।मीडिया में सत्ता पक्ष के दबाव में भ्रामक खबरें चलाई जा रही है।

कहा कि भाजपा ही जिसके स्वयं प्रदेश अध्यक्ष सहित सांसद विधायकगण,,जिलाध्यक्ष रामनवमी जुलूस त्यौहार के बीच घटना स्थल गए, हजारीबाग बंद और आंदोलन के माध्यम से पुलिस प्रशासन पर दबाव का परिणाम है हत्या के षडयंत्र का उद्भेदन ,गिरफ्तारी।

कहा कि आज जो सड़कों पर झंडा लेकर कांग्रेस झामुमो के लोग नाच रहे,अनर्गल बयानबाजी कर रहे वे 8 दिन तक किस बिल में छुपे थे।क्यों मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन,विधायक कल्पना सोरेन ने कोई ट्वीट तक नहीं किया। क्यों नहीं घटना स्थल गए।

कहा कि पिछले 6 वर्षों में राज्य में लगातार लूट,हत्या दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ी है। अब तो हिंदू पर्व त्योहारों में पत्थरबाजी ,अड़ंगा आम बात हो गई है।ये सब सरकार के तुष्टीकरण नीति का परिणाम है।

कहा कि राज्य सरकार चेते,विधि व्यवस्था को ठीक करे, पुलिस प्रशासन को बालू कोयला पत्थर चोरों से वसूली कराना बंद करे।

उन्होंने कहा कि भाजपा चेतावनी देती है कि पुलिस प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में फिर कोई बेटी की इज्जत नहीं लूटी जाए, हत्या नहीं हो, खनिज बालू पत्थर की लूट बंद हो नहीं तो भाजपा कार्यकर्ता झारखंड को ठप करेंगे, सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

सरूपथर में उमड़ा जनसैलाब: मुख्यमंत्री सोरेन बोले—साहिल मुंडा को चुनना मतलब अपने हक-अधिकार को चुनना।

सरूपथर/असम: असम विधानसभा चुनाव के सियासी रण में झारखण्ड के मुख्यमंत्री और झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमन्त सोरेन ने पूरी ताकत झोंक दी है। शुक्रवार को असम के सरूपथर विधानसभा क्षेत्र में जेएमएम प्रत्याशी साहिल मुंडा के समर्थन में आयोजित एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विरोधियों पर जमकर प्रहार किया और क्षेत्र की जनता से 'मिट्टी और जज्बे' के नाम पर वोट मांगा।

साहिल मुंडा: सत्ता नहीं, सामाजिक परिवर्तन का चेहरा

जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि साहिल मुंडा का राजनीति में आना महज एक चुनाव लड़ना नहीं है, बल्कि यह असम की माटी और झारखण्ड के जज्बे का एक ऐतिहासिक संगम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि साहिल मुंडा केवल एक प्रत्याशी नहीं हैं, बल्कि वे उस वंचित समाज की आवाज हैं जिसे दशकों तक हाशिए पर रखा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा, "साहिल का लक्ष्य विधायक की कुर्सी पाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और विकास सुनिश्चित करना है। वे पद के लालच से ऊपर उठकर जनता के हक के लिए संघर्ष करने वाले नेता हैं।"

स्थानीय अधिकारों और अस्मिता की रक्षा

हेमन्त सोरेन ने अपने संबोधन में 'झारखण्डी अस्मिता' और स्थानीय अधिकारों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सरूपथर के युवाओं और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए साहिल मुंडा से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता। उन्होंने जनता को आगाह किया कि उन्हें अपने हक और अधिकार की रक्षा के लिए एक ऐसे नेतृत्व को चुनना होगा जो उनकी भाषा, उनकी संस्कृति और उनकी समस्याओं को गहराई से समझता हो।

मुख्यमंत्री ने युवाओं का विशेष आह्वान करते हुए कहा कि साहिल मुंडा युवाओं को केवल 'वोट बैंक' नहीं समझते, बल्कि उन्हें नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार कर रहे हैं। जेएमएम के नेतृत्व में सरूपथर में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय स्वायत्तता के मुद्दों पर ऐतिहासिक काम करने का रोडमैप तैयार किया गया है।

विरोधियों पर प्रहार और विकास का संकल्प

विपक्ष पर निशाना साधते हुए सोरेन ने कहा कि जो लोग केवल विभाजन की राजनीति करते हैं, उन्हें जनता इस बार करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि झारखण्ड में जिस तरह उनकी सरकार जल-जंगल-जमीन और आदिवासियों-मूलवासियों के हितों के लिए काम कर रही है, वही मॉडल अब जेएमएम असम में भी लागू करना चाहती है।

"साहिल मुंडा के रूप में आपके पास एक नई उम्मीद है। इन्हें चुनना मतलब अपनी आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करना है।"

— मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

जनसभा के दौरान जेएमएम कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर था और "जय झारखण्ड, जय असम" के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। इस सभा के बाद सरूपथर का चुनावी समीकरण काफी दिलचस्प हो गया है, क्योंकि मुख्यमंत्री की इस रैली ने स्थानीय मतदाताओं के बीच एक मजबूत संदेश दिया है।

विष्णुगढ़ कांड ने खोला भाजपा का राज: झामुमो का आरोप—साजिश और नफरत की राजनीति कर रही भाजपा।

झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने गुरुवार को प्रेस बयान जारी कर कहा है कि झारखंड की आत्मा को झकझोर देने वाली हजारीबाग के विष्णुगढ़ की मासूम 13 वर्षीय बच्ची की नरबलि की घटना ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। यह घटना न केवल अमानवीय और रोंगटे खड़े कर देने वाली है, बल्कि समाज में व्याप्त अंधविश्वास की भयावह सच्चाई को भी उजागर करती है। झारखंड मुक्ति मोर्चा इस दर्दनाक घटना पर गहरा शोक व्यक्त करता है और पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करता है।

परंतु इस संवेदनशील और दुखद घटना को लेकर जिस प्रकार भारतीय जनता पार्टी ने राजनीति करने की कोशिश की, वह निंदनीय ही नहीं बल्कि अत्यंत खतरनाक भी है। भाजपा ने इस मामले को जानबूझकर साम्प्रदायिक रंग देने की साजिश रची, ताकि राज्य में अशांति फैलाकर राजनीतिक लाभ लिया जा सके। अब जब जांच में सच्चाई सामने आ चुकी है, भाजपा का असली चेहरा बेनकाब हो गया है।

सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इस जघन्य अपराध का मुख्य आरोपी कोई और नहीं, बल्कि भाजपा से जुड़ा हुआ व्यक्ति भीम राम है, जो पार्टी का बूथ अध्यक्ष और एससी-एसटी प्रकोष्ठ से भी जुड़ा बताया जा रहा है। यह वही लोग हैं जो जनता को गुमराह कर राज्य में मशाल जुलूस और बंद का आह्वान कर रहे थे। आज जब सच्चाई सामने आ गई है, भाजपा नेताओं को जवाब देना चाहिए कि वे झारखंड की जनता से माफी कब मांगेंगे।

झामुमो यह स्पष्ट रूप से कहना चाहता है कि भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा एक बार फिर उजागर हो गया है। यह पार्टी हर बार समाज में हिन्दू-मुस्लिम का जहर घोलकर लोगों को आपस में लड़ाने की कोशिश करती है। इनके पास न विकास का विजन है, न समाज को जोड़ने की सोच। इनका एकमात्र एजेंडा है – नफरत फैलाओ और सत्ता पाओ।

महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि झारखंड की जागरूक जनता भाजपा की इन साजिशों को भलीभांति समझ चुकी है। आदिवासी, मूलवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, मजदूर, किसान, महिलाएं और युवा – हर वर्ग भाजपा की विभाजनकारी राजनीति से वाकिफ है। राज्य की जनता जानती है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार सबको साथ लेकर चलने और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि विष्णुगढ़ की यह घटना अत्यंत दुखद है, लेकिन उससे भी अधिक खतरनाक है उसका राजनीतिक दुरुपयोग। भाजपा ने इस संवेदनशील मुद्दे पर झूठ फैलाने, भ्रम पैदा करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का काम किया है। यह उनकी निम्न मानसिकता और गैर-जिम्मेदाराना राजनीति का प्रमाण है। राज्य सरकार ने इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों, जिनमें बच्ची की मां और कथित तांत्रिक शामिल हैं, को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

झामुमो भाजपा से पूछता है – क्या अब वे अपने द्वारा घोषित झारखंड बंद को वापस लेंगे? क्या वे अपनी गलती स्वीकार करेंगे? या फिर हमेशा की तरह सच्चाई सामने आने के बाद भी चुप्पी साध लेंगे?

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा को चाहिए कि वह इस मुद्दे पर राजनीति बंद करे और आत्ममंथन करे। हर बार अपराधियों के साथ खड़े होकर और बाद में उसे संयोग बताकर पल्ला झाड़ लेना उनकी पुरानी आदत बन चुकी है। लेकिन जनता सब देख रही है, ये देख रही है कि मुख्य आरोपी भीम राम की तस्वीर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के साथ वायरल है। भीम राम ने अपराध के साथ पुलिस की जांच को भटकाने का भी काम किया है। वह भाजपा के बड़े नेताओं के संपर्क में था तो क्या इस बात से इनकार किया जा सकता है कि उसने अपने आकाओं के इशारे पर यह काम नहीं किया ?

झारखंड मुक्ति मोर्चा एक बार फिर दोहराता है कि वह इस घटना के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राज्य में शांति, सौहार्द और विकास की राह पर मजबूती से आगे बढ़ता रहेगा।

झारखंड में बिगड़ी कानून-व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस का शंखनाद: चुटिया में काला बिल्ला बांध सड़क पर उतरे कार्यकर्ता।

रांची: झारखंड में बदतर होती कानून-व्यवस्था और खनन माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस के खिलाफ अब सत्ता पक्ष के भीतर से ही आवाजें बुलंद होने लगी हैं। इसी कड़ी में आज चुटिया प्रखंड कांग्रेस समिति द्वारा स्थानीय इंदिरा गांधी चौक पर झारखंड सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ एक जोरदार मौन विरोध प्रदर्शन किया गया।

प्रमुख मांगें और प्रदर्शन का स्वरूप

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें निम्नलिखित थीं:

राज्य की कानून-व्यवस्था में अविलंब आमूलचूल सुधार लाया जाए।

खनन माफियाओं की गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।

प्रशासनिक तंत्र को संवेदनशील बनाकर उसे जन-आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करने हेतु बाध्य किया जाए।

यह जुलूस इंदिरा गांधी चौक से शुरू होकर विभिन्न मोहल्लों का भ्रमण करते हुए चुटिया थाना के समक्ष पहुंचकर संपन्न हुआ। गौरतलब है कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू एवं प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के आह्वान पर आयोजित यह कार्यक्रम राज्य में अपनी तरह का पहला विरोध प्रदर्शन माना जा रहा है।

नेताओं की उपस्थिति

इस विरोध प्रदर्शन में संगठन के कई दिग्गज और स्थानीय कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्य रूप से:

अरुण चावला (रांची महानगर उपाध्यक्ष सह चुटिया प्रखंड प्रभारी)

प्रशांत गौरव (प्रखंड अध्यक्ष)

उनके साथ दीपेश पाठक, उर्मिला, राखी कौर, अंतरा कच्छप, गोपीचंद अग्रवाल, कृष्णा सहाय, संजीव महतो, प्रदीप, अजीत सिंह, महेश राय, बिरसा तिर्की, अजय महली, विवेक सिंह, सावन, अनुराग, शुभम, ऋषभ सिन्हा, भोला, पवन, और नीतीश तिर्की सहित भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

पतरातू: बनहरदी कोयला खनन परियोजना की बड़ी पहल, ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के लिए शुरू हुआ ट्रेनिंग प्रोग्राम।

पतरातू: बनहरदी कोयला खनन परियोजना (PVUNL) ने सामुदायिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए सिलाई (Tailoring) और LMV ड्राइविंग प्रशिक्षण कार्यक्रमों की शुरुआत की है।

बारी पंचायत स्थित मातेश्वरी मैरेज हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन स्वर्णरेखा महिला समिति की अध्यक्षा श्रीमती रेणु सहगल और परियोजना के महाप्रबंधक श्री एन.के. मलिक द्वारा किया गया।

सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम दो बैचों में संचालित होगा, जिसमें 40 महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। वहीं, 30 स्थानीय युवाओं के लिए ड्राइविंग ट्रेनिंग शुरू की गई है।

इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विस्थापित एवं परियोजना प्रभावित परिवारों की महिलाओं और युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है। इस अवसर पर परियोजना के वरिष्ठ अधिकारी और स्वर्णरेखा महिला समिति की सदस्याएं मुख्य रूप से उपस्थित रहीं।

बड़ी खबर: भाजपा ने बदली 'झारखंड बंद' की तारीख, अब 9 अप्रैल को ठप रहेगा प्रदेश।

रांची: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू ने झारखंड बंद की पूर्व घोषित तिथि में बदलाव की घोषणा की है। अब यह बंद 9 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। आदित्य साहू ने स्पष्ट किया कि भाजपा 'सर्व पंथ सम भाव' में विश्वास रखती है, इसलिए गुड फ्राइडे के त्यौहार और JEE Mains की परीक्षाओं को देखते हुए छात्रों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यह निर्णय लिया गया है।

उन्होंने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड में विधि व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और हजारीबाग के विष्णुगढ़ (कुसुंबा गांव) की बेटी के साथ हुई घटना अक्षम्य है। सरकार की तुष्टीकरण नीति के कारण अपराधियों के मनोबल बढ़े हुए हैं। इसके विरोध में 3 अप्रैल को सभी जिला और प्रखंड मुख्यालयों में मशाल जुलूस निकाला जाएगा और 9 अप्रैल को संपूर्ण झारखंड बंद रहेगा।

भाजपा का हेमंत सरकार पर बड़ा हमला: "झारखंड की हर गली में घूम रहा रहमान डकैत" - प्रतुल शाहदेव

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आज प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि राज्य में विधि व्यवस्था की स्थिति पूरे तरीके से चौपट हो गई है। प्रतुल ने कहा स्थिति ऐसी हो गई है जैसे हर गली में रहमान डकैत घूम रहा है और लोग पूरे तरीके से असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

प्रतुल ने बताया कि जनवरी, 2020 से जनवरी, 2026 तक नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो और झारखंड पुलिस के वेबसाइट से मिले आंकड़ों के अनुसार अब तक बलात्कार की 10113 घटनाएं, किडनैपिंग की 11000 से ज्यादा घटनाएं, चोरी की 60000 से ज्यादा वारदातें, 9213 हत्याएं और कुल 2 लाख 80 हजार संज्ञेय अपराध हो चुके हैं। 2020 से आपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी देखने को मिली है।

प्रतुल ने कहा कि झारखंड में पानी सर के ऊपर चला गया है। विधि व्यवस्था को लेकर उच्च न्यायालय भी कई बार सरकार को फटकार लगा चुकी है।प्रतुल ने कहा कि विधि व्यवस्था की यह दयनीय स्थिति इसलिए हुई है कि सरकार का फोकस विधि व्यवस्था ठीक करने में है ही नहीं। प्रदेश में माफिया बालू चोरी, कोयला चोरी ,लोहा चोरी का बड़ा खेल कर रहे हैं।

यह बिना सरकार के संरक्षण के संभव नहीं प्रतीत होता है। कांग्रेस के प्रभारी के राजू ने खुद बताया कि मुख्यमंत्री के अंतर्गत आने वाले माइनिंग विभाग पर राज्य के माइनिंग माफियाओं की चलती है। प्रभारी के राजू ने भी खुद स्वीकार किया था कि प्रदेश में विधि व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है।

प्रतुल ने कहा कि सबसे चिंताजनक बात है की पुलिस का अपराधियों को सजा दिलाने का भी रिकॉर्ड बहुत फिसड्डी रहा है। बलात्कार के आरोपियों को सजा दिलाने का भी झारखंड पुलिस का प्रतिशत संतोषजनक नहीं है। जब तक आरोपियों को सजा नहीं दिलाई जाएगी,वारदातें ऐसी ही बढ़ती जाएंगी। प्रतुल ने कहा कि प्रति लाख आंकड़ों में अपराध की बात करें तो तो भी झारखंड की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है।

प्रतुल ने पुलिस प्रशासन से कहा कि वह शीघ्र लोगों का विश्वास जीते,अपराधियों को सजा दिलाएं और अपने खुफिया तंत्र को मजबूत करें।वरना ऐसी घटनाएं होती रहें। झारखंड पुलिस ने नई गाड़ियां तो खरीद ली।लेकिन जब तक वो नए जज्बे से अपराध के खिलाफ अभियान नहीं चलाएंगे, स्थिति में सुधार नहीं होगा।

धनबाद में गूंजेगी राम कथा की अमृत वर्षा: 3 अप्रैल से शुरू होगा 54वाँ मानस महाधिवेशन

राँची। जिला प्रशासन द्वारा सेवानिवृत्त शिक्षकों के प्रति अपनी संवेदनशीलता और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए एक भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सोमवार को समाहरणालय के ब्लॉक-ए स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में पेंशन दरबार सह सेवानिवृत्ति विदाई सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने की। इस अवसर पर जिले के 10 सेवानिवृत्त शिक्षकों 01 कर्मी को उनके लंबे, समर्पित और अनुकरणीय सेवा काल के लिए सम्मानित किया गया। उपायुक्त ने स्वयं सभी शिक्षकों को स्मृति चिह्न, शॉल और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी पेंशनरी लाभ प्रदान करना जिला प्रशासन की शिक्षकों के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक है

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने कहा, “शिक्षक समाज के निर्माणकर्ता होते हैं। उनके अथक योगदान से ही आने वाली पीढ़ियाँ मजबूत और सशक्त बनती हैं।”

उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी पेंशनरी लाभ प्रदान करना जिला प्रशासन की शिक्षकों के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा: “जीवन की इस नई पारी में आप सभी नई ऊंचाइयों को छुएँ। स्वयं को व्यस्त रखें, समाज सेवा में सक्रिय रहें और नई उपलब्धियाँ हासिल करें। ईश्वर आपको लंबी आयु और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करे।”

नियुक्ति पत्र भी प्रदान किया गया।

नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया

इस अवसर पर श्री जगदीश्वर प्रमाणिक को सहायक शिक्षक पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया, जिनकी काउंसलिंग वर्ष 2024 में हुई थी।

सम्मानित सेवानिवृत्त शिक्षक एवं कर्मी:

(1) श्री रंजीत मोहन, स.शि., रा.म.वि. तैमारा, बुण्डू

(2) श्रीमती मरसी किरण पास्कली लकड़ा, स.शि., रा.म.वि. न्यू तुपुदाना, राँची-2

(3) श्री संतोष कुमार महतो, प्रधानाध्यापक, रा. हरिजन मध्य विद्यालय, तमाड़

(4) श्री रविन्द्र नाथ राय, स.शि., रा.प्रा.वि. बोधडीह, तमाड़

(5) मो. करीम आलम, स.शि., रा.म.वि. रडगाँव, तमाड़

(6) श्री खुर्शीद अनवर, स.शि., रा.प्रा.वि. खुदिया, ओरमाँझी

(7) श्री नील कमल महतो, स.शि., रा.उत्क्र.म.वि. हजाम, सिल्ली

(8) श्री भानु प्रताप यादव, स.शि., रा.प्रा.वि. रामपुर, सिल्ली।

(9) श्री हेन्डरी बागे, स.शि., संत अलोईस मध्य विद्यालय, राँची-1

(10) श्रीमती राधा लकड़ा, लिपिक, कार्यालय जिला शिक्षा अधीक्षक, राँची

(11) श्री गोपाल तिवारी, कार्यालय अधीक्षक, विधि शाखा, राँची।

कार्यक्रम में जिला उप समाहर्ता राँची, श्री बिवेक सुमन एवं जिला शिक्षा अधीक्षक राँची, श्री बादल राज उपस्थित रहे।

उपायुक्त ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए स्थापना उप समाहर्ता राँची, श्री बिवेक सुमन और जिला शिक्षा अधीक्षक श्री बादल राज एवं उनके समस्त टीम को विशेष धन्यवाद दिया।

यह आयोजन जिला प्रशासन की उस निरंतर पहल का हिस्सा है जिसमें कर्मचारियों, विशेषकर शिक्षकों के कल्याण, सम्मान और समय पर पेंशन संबंधी लाभों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे कार्यक्रम न केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ाते हैं बल्कि प्रशासन की पारदर्शिता और संवेदनशीलता को भी मजबूत करते हैं।

विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने कूटकू विस्थापितों को बसाने का किया विरोध

गढ़वा: गढ़वा-रंका विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने रंका प्रखंड के विश्रामपुर पंचायत (बरवहा टोला) में कूटकू मंडल डैम के विस्थापितों को बसाने की योजना के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय ग्रामीणों की सहमति के बिना यहाँ बाहरी लोगों को नहीं बसने दिया जाएगा।

प्रमुख घटनाक्रम और आपत्तियां

पेसा (PESA) कानून का उल्लंघन: विधायक ने सवाल उठाया कि जब झारखंड में पेसा कानून लागू है, तो जिला प्रशासन बिना ग्राम सभा की अनुमति के 1000 एकड़ वन भूमि पर 780 परिवारों को कैसे बसा सकता है?

प्रशासनिक बर्बरता: आरोप है कि 7 मार्च को जब उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) स्थल पर पहुंचे थे, तब अपनी बात रख रहे निर्दोष ग्रामीणों की पुलिस द्वारा बेरहमी से पिटाई की गई।

विस्थापितों का मुद्दा: विधायक ने तकनीकी सवाल उठाया कि अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को गैर-अनुसूचित गांवों में क्यों बसाया जा रहा है, प्रशासन को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

विधायक का आश्वासन और आगामी रणनीति

निजी खर्च पर इलाज: विधायक ने पुलिस पिटाई से घायल ग्रामीणों (जैसे राजेंद्र बड़ाइक और सुरेश उरांव) के इलाज का खर्च स्वयं उठाने की घोषणा की।

आंदोलन की चेतावनी: उन्होंने कहा कि इस मामले को जिला प्रशासन से लेकर केंद्र सरकार तक ले जाया जाएगा। यदि समाधान नहीं निकला, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

पारंपरिक स्वागत: ग्रामीणों ने विधायक का स्वागत मांदर की थाप, पलाश के फूलों के बुके और सखुआ के पत्तों की टोपी पहनाकर पारंपरिक तरीके से किया।

मुख्य सारांश: यह विवाद जल, जंगल और जमीन के अधिकारों के साथ-साथ विस्थापितों के पुनर्वास और स्थानीय ग्राम सभा की शक्तियों के टकराव का परिणाम है। विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने इस मुद्दे को स्थानीय अस्मिता और कानूनी प्रक्रियाओं के उल्लंघन से जोड़ते हुए प्रशासन को चुनौती दी है।