होर्मुज से 'नंदा देवी' जहाज भी भारत लौटा, 47 हजार मीट्रिक टन LPG के साथ गुजरात के वाडिनार पोर्ट पहुंचा

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ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के हमले से पश्चिम एशिया में बने हालात के बीच सरकार ने सोमवार को कहा कि देश में कच्चे तेल और पेट्रोल-डीजल की कहीं कोई तंगी नहीं है। देश में गैस की किल्लत के बीच भारतीय जहाज "नंदा देवी" 46500 मीट्रिक टन LPG लेकर गुजरात के वाडिनार पोर्ट पहुंच गया है। इससे पहले 'शिवालिक' सोमवार शाम मुंद्रा पोर्ट पर पहुंच था।

नंदा देवी जहाज LPG कैरियर दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के वाडीनार टर्मिनल के पास मिड सी में पहुंचा है। मिड सी में ही नंदा देवी से पूरी 46500 मीट्रिक टन LPG दूसरी शिप में ट्रांसफर की जा रही है। जब ये काम पूरा हो जाएगा तो LPG का आधा स्टॉक एन्नोर पोर्ट में ऑफलोड किया जाएगा और आधा स्टॉक पश्चिम बंगाल के हल्दीआ पोर्ट पर ऑफलोड होगा।

भारत पहुंचने वाला नंदा देवी दूसरा जहाज

एमटी नंदा देवी हाल के दिनों में दूसरा भारतीय एलपीजी जहाज है, जिसने सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पार कर भारतीय तट तक पहुंच बनाई है। इससे ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के प्रयासों को मजबूती मिली है। इससे एक दिन पहले ही एलपीजी कैरियर शिवालिक करीब 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा था। अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्गो का एक हिस्सा मुंद्रा में उतारा जाएगा, जबकि बाकी एलपीजी को मैंगलोर भेजा जाएगा।

फारख की खाड़ी में फंसे कितने भारतीय जहाज

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, फारस की खाड़ी क्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में 22 भारतीय जहाज मौजूद थे, जिनमें 611 नाविक सवार थे. सरकार लगातार इन जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर नजर बनाए हुए है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात से करीब 81,000 टन कच्चा तेल लेकर आ रहा जहाज ‘जग लाडकी’ भी मुंद्रा बंदरगाह की ओर रवाना हो चुका है। इस जहाज और उसके चालक दल के सुरक्षित होने की भी पुष्टि की गई है। मंत्रालय ने बताया है कि देश के सभी प्रमुख बंदरगाह जहाजों की आवाजाही और माल ढुलाई पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। साथ ही शिपिंग कंपनियों और व्यापार से जुड़े हितधारकों को हर संभव सहायता दी जा रही है। इसमें लंगरगाह, किराया और भंडारण शुल्क में रियायतें भी शामिल हैं, ताकि आपूर्ति बाधित न हो।

आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत

‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ जैसे जहाजों का सुरक्षित भारत पहुंचना न सिर्फ ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी भारत अपनी सप्लाई चेन को बनाए रखने में सक्षम है। इन जहाजों से आई एलपीजी लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों सिलेंडरों की जरूरत पूरी कर सकती है, जो आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है।

इस्लामोफोबिया की मनगढ़ंत कहानियां गढ़ने में माहिर है हमारा पड़ोसी', यूएन में भारत ने पाकिस्तान को लताड़ा

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भारत ने पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर जमकर लताड़ लगाई है। यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि परवथानेनी हरीश ने कहा, नई दिल्ली का पश्चिमी पड़ोसी अपनी धार्मिक पहचान को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है और अपने राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों का इस्तेमाल कर रहा है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस्लामोफोबिया से निपटने के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर बोलते हुए भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथनेनी हरीश ने कहा, 'भारत एक ऐसा देश है जहां दुनिया के लगभग सभी प्रमुख धर्मों को मानने वाले लोग शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व में रहते हैं। साथ ही, हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और सिख धर्म जैसे चार प्रमुख धर्मों की उत्पत्ति भी भारत में ही हुई है। ऐसे में भारत किसी भी अन्य देश की तुलना में धार्मिक भेदभाव से मुक्त दुनिया की जरूरत को ज्यादा बेहतर समझता है।'

“पाकिस्तान इस्लामोफोबिया की मनगढ़ंत कहानियां गढ़ने में माहिर”

हरीश ने कहा, 'भारत का पश्चिमी पड़ोसी इस्लामोफोबिया की काल्पनिक कहानियां गढ़ने का बेहतरीन उदाहरण है।' हरीश ने कहा कि यह सोचने वाली बात है कि पाकिस्तान अपने ही देश में अल्पसंख्यक अहमदिया समुदाय के साथ जो क्रूर व्यवहार करता है, या रमजान में दूसरों पर बमबारी करता है, तो उसे क्या कहा जाएगा?

ओआईसी इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करने का आरोप

भारत ने इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी को लेकर कहा कि पाकिस्तान इस मंच का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करता है और पाकिस्तान के मनगढ़ंत दावों के आधार पर इस मंच से भारत के खिलाफ झूठे और निराधार आरोप लगाए जाते हैं। पी. हरीश ने कहा कि भारत में सभी धर्मों के लोग अपना प्रतिनिधि खुद चुनते हैं और वे प्रतिनिधि उनकी आवाज बनते हैं। भारत ने यूएन से अपील की कि वे अपना समय और संसाधन समावेशी समाज के निर्माण में लगाएं, जहां हर धर्म के व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो।

भारतीय राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र को भी दिखाया आईना

भारतीय राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र को भी आईना दिखाते हुए कहा, 'संयुक्त राष्ट्र की परिकल्पना एक ऐसे संस्थान के रूप में की गई थी जो धर्म, संस्कृति और राजनीति से ऊपर उठकर काम करे। इसलिए हम ऐसे किसी भी ढांचे को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत पर जोर देते हैं, जो केवल एक धर्म पर ध्यान दे और धार्मिक भय (रिलिजियोफोबिया) की व्यापक समस्या पर ध्यान न दे।'

संयुक्त राष्ट्र को भारत की सलाह

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र को धार्मिक पहचान को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने और संकीर्ण राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए उसका गलत इस्तेमाल किए जाने के प्रति आगाह रहना चाहिए और इन खतरों की बढ़ती प्रवृत्ति पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।'

पाकिस्तान ने काबुल में एयर स्ट्राइक कर ले ली 400 निर्दोष लोगों की जान, हमले के बाद गुस्‍से में तालिबान

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धू-धू कर उठती आग की लपटें और हर तरफ चीख-पुकार। ये मंजर दिखा अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में। जहां रमजान के महीने में पाकिस्तान ने 400 निर्दोष मुसलमानों एकसाथ मार दिया। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने एक नशा मुक्ति अस्पताल समेत 5 जगहों पर हमला किया गया। पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में 400 से ज़्यादा लोगों ने अपनी जान गंवा दी और 250 से ज़्यादा घायल हो गए।

पाकिस्तान की नापाक हरकत, आम लोगों को निशाना बनाया

अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान की सेना ने काबुल में जिस जगह को निशाना बनाया, वह नशा मुक्ति केंद्र था। अफगान तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा है कि पाकिस्तानी आर्मी ने अस्पताल में आम लोगों को निशाना बनाया है। इसमें 400 मौतें अब तक कंफर्म हो चुकी हैं और 250 से ज्यादा घायल हुए हैं। पाकिस्तानी की बमबारी में नशा मुक्ति अस्पताल तबाह हो गया है

नशा मुक्ति हॉस्पिटल पर हमला

तालिबान की सरकार के अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान ने सोमवार रात करीब 9 बजे काबुल में हवाई हमला किया। इस हमले में 2,000 बेड वाले उम्मीद नशा मुक्ति हॉस्पिटल को निशाना बनाया गया। तालिबान के उपप्रवक्ता मुल्ला हमदुल्ला फितरत ने बताया कि हमले में हॉस्पिटल की इमारत का ज्यादातर हिस्सा तबाह हो गया। फितरत ने बताया है कि मरने वालों की संख्या 400 के आंकड़े को पार कर गई है। राहत का काम जारी है, ऐसे में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि मरने वाले आम लोग थे। इनमे ज्यादातर संख्या यहां भर्ती नशे के मरीजों और मेडिकल स्टाफ की है।

इस हमले का जवाब देगा तालिबान

पाकिस्तान के काबुल में नशा मुक्ति अस्पताल पर हवाई हमले के बाद अफगान तालिबान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हमले में 400 से ज्यादा मौतें होने के बाद अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान ने कहा है कि अब बातचीत का कोई मतलब नहीं रह गया है, हम इस हमले का जवाब देंगे। तालिबान के शीर्ष अधिकारी सुहेल शाहीन ने पाकिस्तान के उन दावों को भी पूरी झूठा कहा है कि उसकी आर्मी ने अस्पताल नहीं बल्कि आतंकी ठिकाने पर बम गिराए हैं।

और बढ़ेगा तनाव

पाकिस्तान की इस एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच पहले से चला आ रहा तनाव और बढ़ गया है। पाकिस्तानी हमले के बाद अब आशंका जताई जा रही है कि तालिबान भी चुप नहीं बैठेगा और जल्द ही पाकिस्तान से इस हमले का बदला लेगा।

राज्यसभा चुनाव में विपक्ष को तगड़ा झटका, 37 सीटों में से 22 पर एनडीए का कब्जा

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राज्यसभा की 37 सीटों के लिए हुए सोमवार के हुए चुनावों के नतीजों ने विपक्षी कांग्रेस, आरजेडी और बीजेडी को बड़ी टेंशन दे दी है। कुल 10 राज्यों में हुई इस चुनाव प्रक्रिया में 26 सीटें पहले ही निर्विरोध तय हो चुकी थीं, जबकि तीन राज्यों बिहार, ओडिशा, और हरियाणा की 11 सीटों के लिए सोमवार मतदान कराया गया। इन 11 सीटों में से 9 पर एनडीए ने कब्जा कर लिया।

11 सीटों में से 9 एनडीए के खाते में

राज्यसभा के चुनाव के लिए सोमवार को तीन राज्यों ओडिशा, हरियाणा और बिहार की 11 सीटों के लिए मतदान हुआ। इनमें ओडिशा में दो बीजेपी और एक बीजेपी समर्थक निर्दलीय उम्मीदवार और एक बीजेडी के उम्मीदवार ने जीत हासिल की। बिहार की सभी पांचों सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। हरियाणा में 2 सीटों के लिए मतदान हुआ। जिसमें से भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध ने एक-एक सीट जीत ली।

बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए ने 22 सीटें

चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार इस बार देशभर में राज्यसभा की कुल 37 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं, जिनमें से 26 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों में भाजपा के सात, कांग्रेस के पांच, तृणमूल कांग्रेस के चार, डीएमके के तीन उम्मीदवार शामिल हैं। इसके अलावा शिवसेना, आरपीआई (ए), एनसीपी, एनसीपी (एसपी), एआईएडीएमके, पीएमके और यूपीपीएल के एक-एक उम्मीदवार भी बिना मुकाबले के राज्यसभा पहुंच चुके हैं। इस तरह से 37 राज्यसभा सीटों के चुनाव का फाइनल नतीजे देखें तो बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए ने 22 सीटें जीती हैं तो विपक्ष के खाते में 15 सीटें आईं हैं।

बिहार में राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग खत्म, महागठबंधन के चार MLA ने नहीं किया मतदान

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बिहार में राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग खत्म हो चुका है। शाम 4 बजे तक वोटिंग का समय था, लेकिन विपक्ष के चार विधायक मतदान करने नहीं पहुंचे। इनमें तीन कांग्रेस के विधायक और एक आरजेडी का विधायक शामिल है। वहीं, एनडीए के सभी 202 विधायक ने अपना मतदान पूरा कर लिया। इससे महागठबंधन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

एनडीए के सभी 202 विधायकों ने डाला वोट

एनडीए के सभी 202 विधायकों ने अपना मतदान पूरा कर लिया है, जबकि महागठबंधन की ओर से अब तक सिर्फ 37 विधायकों ने ही वोट डाला है। महागठबंधन के चार विधायक अभी तक मतदान करने नहीं पहुंचे। इनमें आरजेडी के फैसल रहमान के अलावा कांग्रेस के तीन विधायक मनोहर प्रसाद, सुरेंद्र कुशवाहा और मनोज बिश्वास शामिल हैं। इनकी अनुपस्थिति को लेकर सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है और सवाल उठने लगे हैं कि क्या महागठबंधन में कोई अंदरूनी खींचतान चल रही है।

चार वोट नहीं मिलने से महागठबंधन को हो गया नुकसान

बिहार राज्यसभा में 5 सीटों के लिए मतदान हुआ। पेंच पांचवीं सीट को लेकर ही फंसा हुआ है। इस सीट पर एनडीए के उपेंद्र कुशवाहा और आरजेडी के अमरेंद्र सिंह धारी के बीच मुकाबला था। महागठबंधन के 4 विधायकों के वोट नहीं डालने के कारण पूरा समीकरण ही बदल गया है। क्रॉस वोटिंग तो नहीं हुई लेकिन मतदान से दूर रहने का सीधा फायदा एनडीए को होगा। एनडीए के खाते में बिहार की पांचों सीटें आ जाएंगी।

एनडीए का तेजस्वी यादव पर हमला

राज्यसभा चुनाव को लेकर बिहार मंत्री अशोक चौधरी ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह केवल सीटों की लड़ाई नहीं, बल्कि विचारधाराओं की लड़ाई है। तेजस्वी यादव पर भी तंज कसा और कहा कि उन्हें दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपनी पार्टी और अपनी राजनीति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि एनडीए राज्यसभा की सभी पांच सीट पर जीत हासिल करेगा।

वहीं, जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने पत्रकारों से कहा, एनडीए के सभी पांच उम्मीदवार जीतेंगे। विपक्षी दल क्या दावा कर रहे हैं, इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।

विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल,डीजीपी समेत कई पुलिस अधिकारियों के तबादले

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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। चुनाव दो चरणों में होंगे। पहला 23 अप्रैल और दूसरा 29 अप्रैल, नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद पश्चिम बंगाल में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है।

सिद्धनाथ गुप्ता राज्य के नए डीजीपी

पश्चिम बंगाल के डीजीपी, एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) कोलकाता पुलिस कमिश्नर, आईजीपी समेत कई अफसरों का तबादला किया है। सिद्धनाथ गुप्ता राज्य के नए डीजीपी बनाए गए हैं। अजय नंद को कोलकाता पुलिस कमिश्नर का दियात्व सौंपा गया है। चुनाव आयोग ने 27 पुलिस इंस्पेक्टर्स के ट्रांसफर भी किए हैं।

मुख्य सचिव और गृह सचिव हटाए गए

चुनाव शेड्यूल की घोषणा के बाद मुख्य सचिव और गृह सचिव हटाए जा चुके हैं। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और राज्य के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा के तबादलों का आदेश दिया। यह भी आदेश दिया कि दोनों किसी भी प्रकार के चुनाव संबंधी कार्य में शामिल नहीं होंगे। अब दुष्यंत नारियावाला राज्य के नए मुख्य सचिव होंगे और संघमित्रा घोष को नया गृह सचिव बनाया गया है।

चुनावी माहौल के बीच प्रशासनिक बदलाव की अहमियत

माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कानून-व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए यह प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। राज्य में चुनावी माहौल के बीच सरकार और प्रशासन दोनों सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल मुख्य सचिव को इस आदेश का पालन आज दोपहर 3 बजे तक करने आदेश दिया है। चुनाव आयोग ने अपने आदेश में ये भी कहा गया है कि जिन पुलिस अधिकारियों का तबादला हुआ है उन्हें चुनाव से जुड़ी हुई कोई भी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।

चुनाव तारीख ऐलान से पहले ममता बनर्जी के किए गए ट्रांसफर रोके

पश्चिम बंगाल में कई अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के तबादले पर रोक लग गई है। इन तबादलों का आदेश रविवार दोपहर को भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की ओर से राज्य में दो चरणों में होने वाले मतदान की तारीखों की घोषणा किए जाने से ठीक एक घंटे पहले दिया गया था। चुनाव की घोषणा के बाद से ही राज्य में आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) लागू हो गई है, जिसके चलते पश्चिम बंगाल सरकार ईसीआई की अनुमति के बिना कोई भी प्रशासनिक निर्णय नहीं ले सकती।

ट्रंप ने होर्मुज पर सात देशों से मांगी मदद, सहयोगियों के इनकार के बाद क्या अकेला पड़ा यूएस?

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पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने करीब सात देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य में युद्धपोत भेजने के आह्वान किया था। लेकिन अमेरिका के सहयोगी देशों ने या तो सतर्क रुख अपनाया है या सीधे तौर पर इनकार कर दिया है।

ट्रंप ने कई देशों से मांगा सहयोग

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि उन्होंने करीब सात देशों से होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने के लिए वॉरशिप भेजने की मांग की। ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट के बारे में कहा, "मैं मांग कर रहा हूं कि ये देश आएं और अपने इलाके की रक्षा करें, क्योंकि यह उनका अपना इलाका है।" उन्होंने दावा किया कि शिपिंग चैनल ऐसी चीज नहीं है जिसकी अमेरिका को जरूरत है क्योंकि तेल तक उसकी अपनी पहुंच है। ट्रंप ने फ्लोरिडा से एयर फोर्स वन में वाशिंगटन वापस जाते समय पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए यह बात कही।

अमेरिका के करीबी सहयोगियों का इनकार

हालांकि, अब तक न तो ट्रंप किसी देश का नाम खुलकर बता पाए हैं और न ही किसी बड़े देश ने साफ तौर पर कहा है कि वह अमेरिका के साथ अपने युद्धपोत होर्मुज में भेजने जा रहा है। जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश जो अमेरिका के काफी करीबी सहयोगी हैं उन्होंने भी ट्रंप को झटका देते हुए होर्मुज में अपनी नौसेना भेजने से इनकार कर दिया है।

जापान ने कहा- नौसैनिक जहाज भेजने की कोई योजना नहीं

जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने संसद में कहा कि टोक्यो के पास हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए अपने नौसैनिक जहाज भेजने की कोई योजना नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा, "हमने अब तक कोई भी फैसला नहीं लिया है कि हम जहाज तैनात करेंगे या नहीं। हम यह देख रहे हैं कि जापान स्वतंत्र रूप से क्या कर सकता है और कानूनी ढांचे के भीतर क्या संभव है।"

ऑस्ट्रेलिया ने क्या कहा?

ऑस्ट्रेलिया का कहना है कि ट्रंप के अनुरोध के बाद भी वह हॉर्मुज जनडमरूमध्य में नौसेना का जहाज नहीं भेजेगा। ऑस्ट्रेलिया ने पुष्टि कर दी है कि वह इस क्षेत्र को नौसैनिक सहायता नहीं देगा। ऑस्ट्रेलिया के कैबिनेट मंत्री कैथरीन किंग ने ABC को बताया है कि हालांकि यह जलमार्ग बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन कैनबरा को कोई औपचारिक अनुरोध नहीं मिला है और फिलहाल उसकी वहां सेना तैनात करने की कोई योजना नहीं है।

हॉर्मुज जलमार्ग की अहमियत

दुनिया के तेल व्यापार के लिए हॉर्मुज जलमार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। अनुमान है कि दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल की सप्लाई इसी समुद्री मार्ग से गुजरती है। लेकिन मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के चलते इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। इसके कारण कई देशों में ईंधन की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। अगर यह रास्ता लंबे समय तक बंद रहता है तो इसका असर भारत समेत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

राज्यसभा की 11 सीटों के लिए मतदान जारी, बिहार पर टिकी सबकी नजर

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तीन राज्यों की 11 राज्यसभा सीटों के लिए आज मतदान है। जिनमें बिहार की पांच, ओडिशा की चार और हरियाणा की दो सीटें शामिल हैं। इस चुनाव में देश की राजनीति के हालात पर नजरें टिकी हैं, क्योंकि राज्यसभा में बहुमत के समीकरण सीधे केंद्र की नीतियों और विधायी शक्ति पर असर डालते हैं। इस बार कुल 37 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, लेकिन इनमें से 26 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं, जिससे राजनीतिक समीकरण पहले ही स्पष्ट हो चुके हैं।

इस बार बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के चुनाव में दिलचस्प मुकाबला दिख रहा है। सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन इन सभी 5 सीटों पर जीत का दावा कर रहा है। एनडीए की ओर से प्रमुख उम्मीदवारों में जदयू प्रमुख नीतीश कुमार, बीजेपी नेता नितिन नवीन और आरएलएम के उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर (जेडीयू) और भाजपा के प्रदेश महासचिव शिवेश कुमार भी मैदान में हैं। वहीं राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) अपने उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह के लिए समर्थन जुटाने में जुटा है।

ओडिशा की चार सीटों पर मुकाबला

ओडिशा की चार सीटों पर भाजपा दो सीटें निर्विरोध जीत सकती है और बीजेडी एक सीट। ऐसे में मुकाबला चौथे सीट को लेकर तेज हो गया है। इस बात को ऐसे समझ सकते हैं कि ओडिशा विधानसभा में कुल 147 सदस्य हैं। इनमें भाजपा के 79 विधायक हैं और तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है। वहीं, 15 जनवरी को अपने दो विधायकों के निलंबन के बाद बीजद के 48 सदस्य बचे हैं। कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं और एक सदस्य सीपीआई (एम) का है। चुनाव का समीकरण दिलचस्प हो गया है क्योंकि न तो सत्ताधारी भाजपा और न ही मुख्य विपक्षी बीजद के पास चौथी सीट जीतने के लिए पर्याप्त विधायक संख्या है। ऐसे में क्रॉस-वोटिंग की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।

हरियाणा में मुकाबला दिलचस्प

हरियाणा में दो राज्यसभा सीटों के लिए मुकाबला दिलचस्प हो गया है। यहां भाजपा के संजय भाटिया, कांग्रेस के करमवीर सिंह बौध और भाजपा समर्थित निर्दलीय सतीश नांदल चुनाव मैदान में हैं। राज्यसभा पहुंचने के लिए हर उम्मीदवार को 31 वोटों की जरूरत है।

जहां बंद होता है कांग्रेस वालों के दिमाग का ताला, वहां से शुरू होता है हमारा काम”, असम में बोले पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को असम के सिलचर में 23500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। पीएम मोदी ने शिलांग-सिचलर कॉरिडोर के भूमि पूजन के बाद कहा कि कांग्रेस वालों के दिमाग का ताला जहां बंद होता है, वहां से हमारा काम शुरू होता है।

कांग्रेस ने नॉर्थ-ईस्ट को दिल्ली से दूर रखा

असम के सिलचर में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के अनेक दशकों तक कांग्रेस की सरकारों ने नॉर्थ-ईस्ट को दिल्ली से और दिल से, दोनों से ही दूर रखा। कांग्रेस ने नॉर्थ-ईस्ट को एक तरह से भुला दिया था, लेकिन बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने नॉर्थ-ईस्ट को ऐसे कनेक्ट किया है कि आज हर तरफ इसकी चर्चा है।

भाजपा ने नॉर्थ-ईस्ट को कनेक्ट किया

प्रधानमंत्री ने कहा, कांग्रेस ने एक तरह से पूर्वोत्तर को भूला दिया, लेकिन भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने नॉर्थ-ईस्ट को ऐसे कनेक्ट किया है कि आज हर तरफ इसकी चर्चा है। आज नॉर्थ-ईस्ट भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्र है। दक्षिण पूर्व एशिया के साथ भारत को जोड़ने वाला सेतु बन रहा है।

बराक वैली को बेहाल करने में कांग्रेस की बड़ी भूमिका

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को अपने हाल पर छोड़ दिया था, ठीक वैसे ही बराक वैली को बेहाल करने में कांग्रेस की बहुत बड़ी भूमिका रही है। जब देश आजाद हुआ तो कांग्रेस ने ऐसी बाउंड्री खींचने दी, जिसने बराक घाटी का समुद्र से संपर्क कट गया। जो बराक वैली कभी ट्रेड रूट और एक औद्योगिक केंद्र के रूप में जानी जाती थी, उस बराक वैली से उसकी ताकत ही छीन ली गई। आजादी के बाद भी दशकों तक कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन बराक घाटी के विकास के लिए कुछ खास नहीं हुआ।

भारत समेत दुनिया के सामने भीख मांग रहा अमेरिका', रूसी तेल खरीद को लेकर ईरान के मंत्री का बड़ा दावा

#iranfmsaysusbeggingindiaandtheworldtobuyrussianoil

ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य मोर्चे पर तो लड़ाई जारी है, जुबानी जंग भी तेज हो गई है। एक दूसरे पर वार-पलटवार का दौर चल रहा है। रूसी तेल खरीदने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपील पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने उन पर तीखा हमला बोला है। अराघची ने अमेरिका पर हमला बोलते हुए कहा कि वॉशिंगटन, भारत समेत दुनिया भर के देशों के सामने रूसी तेल खरीदने के लिए गिड़गिड़ा रहा है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- अमेरिका महीनों से भारत पर रूसी तेल नहीं खरीदने का दबाव बना रहा था, लेकिन ईरान के साथ दो सप्ताह की जंग में ही व्हाइट हाउस अब भारत सहित दुनिया के सामने गिड़गिड़ा रहा हैष वह भीख मांग रहा है कि दुनिया रूस से तेल खरीदे। अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर टिप्पणी के साथ फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट शेयर की है, जिसमें कहा गया है कि ईरान युद्ध रूस की ऑयल इंडस्टी के लिए संजीवनी बनकर आया है।

यूरोपीय देशों पर भी साधा निशाना

अरगची ने अपनी पोस्ट में यूरोपीय देशों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यूरोप ने ईरान पर 'अवैध युद्ध' का साथ देकर सोचा था कि अमेरिका उसके बदले रूस के खिलाफ उनका साथ देगा, लेकिन अब वे निराश हैं। मंत्री ने लिखा, 'यूरोप ने सोचा कि ईरान पर अवैध युद्ध का समर्थन करने से अमेरिका रूस के खिलाफ उसकी मदद करेगा। यह बहुत दयनीय है।'

रूसी तेल खरीदने पर अमेरिका ने दी छूट

अराघची की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब एक दिन पहले ही अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने पर लगा प्रतिबंध अस्थायी रूप से हटाने की जानकारी दी थी। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि वित्त विभाग ने रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की मंजूरी देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा था कि यह मंजूरी केवल उस रूसी तेल के लिए होगी जो पहले से ही समुद्र में मौजूद है। अमेरिका ने कुछ दिन पहले भारत को भी इसी तरह की छूट दी थी।