केडीआर फाउंडेशन द्वारा आयोजित निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर संपन्न
जौनपुर। प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था केडीआर फाउंडेशन द्वारा बदलापुर बाजार के पास स्थित कठार गांव में केडीआर हाउस में निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के गांवों में रहने वाले 46 मरीजों ने लाभ उठाया। संस्था के अध्यक्ष विनोद सिंह ने बताया कि शिविर में जरूरतमंद मरीजों के नेत्र परीक्षण के साथ मोतियाबिंद परीक्षण अभी किया गया ।

चयनित मरीजों का लेंस प्रत्यारोपण आरजे शंकरा आई हॉस्पिटल के कुशल चिकित्सककों द्वारा किया जाएगा चयनित मरीजों को अस्पताल ले जाने और ले आने के लिए बस सेवा तथा भोजन पानी की भी व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारी अशोक सिंह तथा ठाकुर अमरधारी सिंह उपस्थित रहे। सिर्फ संस्था द्वारा पिछले अनेक वर्षों से आंख के मरीजों के लिए निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिल रहा है।
डॉ. प्रतिभा सिंह को संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में मिली सफलता


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की शोध छात्रा डॉ. प्रतिभा सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के पश्चात् प्रथम जनपद आगमन पर शोध छात्र अश्वनी तिवारी के संयोजन में विविध कार्यक्रम संपन्न हुए।सर्वप्रथम जिलाधिकारी जौनपुर आई.ए.एस. डॉ. दिनेश चन्द्र सिंह द्वारा डॉ. प्रतिभा सिंह को अपनी कर्मकुम्भ शीर्षक पुस्तक सम्मानस्वरूप प्रदान किए। डाॅ. प्रतिभा ने जिलाधिकारी को कोशिश संस्था की मञ्जरी शीर्षक पुस्तक भेंट की। दूरभाष पर साहित्यकार अमित श्रीवास्तव आईपीएस संप्रति आईआरबी प्रथम रामनगर, नैनीताल ने शुभकामना दी। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण,जौनपुर आतिश कुमार सिंह ने उन्हें इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी एवं मान्यता प्राप्त पत्रकार एवं पूर्वांचल बुक डिपो के अधिष्ठाता रामदयाल द्विवेदी ने बधाई के साथ कवि प्रदीप दुबे कृति जीवन उमंग शीर्षक पुस्तक भेंट की।

टी.डी.कॉलेज,जौनपुर के हिन्दी विभाग के प्राध्यापकगण प्रो. सुषमा सिंह, प्रो. राजदेव दुबे, प्रो. महेन्द्र त्रिपाठी, प्रो. पुष्पा सिंह तथा डॉ. ओम प्रकाश सिंह ने डाॅ.प्रतिभा को ‘मंथन’ पत्रिका भेंट कर सम्मानित किया। प्रोफेसर महेन्द्र त्रिपाठी द्वारा लोक साहित्य एवं लोक संस्कृति शीर्षक पुस्तक डाॅ.प्रतिभा को प्रदान किए।आजमगढ़ के करिया गोपालपुर की मूल निवासी डॉ. प्रतिभा सिंह ने काशी हिन्दूविश्वविद्यालय से स्नातक,परास्नातक एवं राजा श्रीकृष्ण दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राध्यापिका डॉ. उर्मिला सिंह के मार्गदर्शन में पी-एच.डी. हिन्दी की उपाधि प्राप्त की। वर्तमान में उनकी नियुक्ति जवाहरलाल नेहरू राजकीय महाविद्यालय, पोर्ट ब्लेयर, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में हुई है।डॉ. प्रतिभा सिंह ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपनी माता अंजू सिंह, पिता रंजन सिंह, पति अतुल कुमार सिंह, भाई डॉ. ए.पी. सिंह तथा अपने समस्त गुरुजन के स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन को दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी यह सफलता युवाओं, विशेषकर छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर राज कॉलेज के हिंदी विभागाध्यक्षा प्रो. सुधा सिंह, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह, उपकुलसचिव शैक्षणिक अजीत प्रताप सिंह, प्राचार्य कुटीर पी.जी.कालेज चक्के प्रोफेसर राघवेन्द्र पाण्डेय, प्रो. विनय पाठक, रज्जू भैया संस्थान के प्रो. प्रमोद कुमार, प्रो. देवराज सिंह बधाई दी एवं विभागाध्यक्ष पत्रकारिता प्रो. मनोज मिश्र ने पुस्तक भेंट की। वही पत्रकार राजन, अंकित जायसवाल एवं कृष्णा सिंह ने साक्षात्कारोपरांत स्मारिका भेंट की। महाकवि पं. रूप नारायण त्रिपाठी के सुपुत्र पं. रामकृष्ण त्रिपाठी संप्रति प्रबंधक, जगतनारायण इंटर कॉलेज, जगतगंज ने कालजयी महाकाव्य एवं रूप रचनावली पुस्तक भेंट किए।बताया कि उनके पिताजी की आज 36वीं पुण्यतिथि है।

प्रतिवर्ष 09 मार्च को कॉलेज में गीत-रूपेण नमन समारोह का आयोजन किया जाता है।डाॅ. प्रतिभा के इस उपलब्धि पर शिक्षाविदों, शुभचिंतकों एवं क्षेत्रवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त किए।
विज्ञान शिक्षक के रूप में चयनित होने पर धर्मेंद्र यादव का ग्रामवासियों ने किया सम्मान
जौनपुर। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित शाहपुर सानी गांव निवासी धर्मेंद्र यादव पुत्र बीपत यादव का भदोही जिले के जूनियर हाई स्कूल में विज्ञान शिक्षक के रूप में चयनित होने पर आज ग्रामवासियों द्वारा उनका भव्य सम्मान किया गया। अत्यंत विनम्र, शालीन और सहयोगी प्रवृत्ति के धर्मेंद्र यादव का विज्ञान शिक्षक के रूप में चयन होने पर लोगों ने खुशी जाहिर की है। आज सम्मान समारोह में ग्राम प्रधान चंद्रशेखर यादव, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, पूर्व प्रधानाचार्य रामबाबू यादव, लालता यादव, हृदय नारायण सिंह, ब्रिजलाल यादव, जगपत यादव, शिवनारायण यादव, अनिल कुमार यादव, शैलेंद्र यादव, मुकेश यादव, नंदलाल यादव, आलोक यादव, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य कमल कुमार यादव, विकास यादव, विवेक यादव समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। चंद्रशेखर यादव ने कहा कि यह पूरे गांव ही नहीं अपितु पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उन्होंने धर्मेंद्र यादव के साथ-साथ उनके पिता बीपत यादव को भी माला पहनाकर बधाई दी।
UPSC की सफलता पर अखंड राजपूताना सेवासंघ ने किया शुभम सिंह का सम्मान
जौनपुर। अखंड राजपूताना सेवासंघ के महाराजगंज मंडल अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह के सौजन्य से तथा जिला अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने जौनपुर जनपद से UPSC परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले शुभम सिंह पुत्र दीनानाथ सिंह छेदी सिंह को शुभकामनाएँ देने हेतु उनके पैतृक निवास ग्राम धोबहा, पोस्ट शेरवा, क्षेत्र सिकरारा, जौनपुर पहुँचकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर महाराजगंज मंडल कार्यालय प्रमुख सरनाम सिंह, सचिव त्रिभुवन सिंह, ट्रस्ट बोर्ड सदस्य अवधेश कुमार सिंह सहित संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने शुभम सिंह को उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा उनके पिता दीनानाथ सिंह और माताजी का भी सम्मानपूर्वक अभिनंदन किया। इस दौरान दूरभाष के माध्यम से संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर आर. पी. सिंह से भी संपर्क कराया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपनी शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ईमानदारी, न्यायप्रियता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए कुल-वंश की मर्यादा और समाज का गौरव निरंतर बढ़ाते रहें। उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं की ऐसी उपलब्धियाँ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती हैं और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देती है।
सम्मानित व्यक्ति का अपमान उसकी मौत के समान : पंडित धर्मराज तिवारी
जौनपुर। किसी भी सम्मानित व्यक्ति के लिए उसका सम्मान ही सबसे बड़ी पूंजी होती है। यदि उसे व्यक्ति का अपमान होता है तो वह उसके लिए मृत्यु के समान होता है। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित घनश्यामपुर में प्रमोद तिवारी के यहां आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के 6ठे दिन कथा व्यास से बोलते हुए प्रख्यात कथावाचक पंडित धर्मराज तिवारी ने उपरोक्त बातें कही। भगवान श्री कृष्णा और रुक्मणी के विवाह की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन केवल धर्म स्थापना और युद्ध विजय तक सीमित नहीं था, बल्कि यह प्रेम, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना से भी जुड़ा हुआ था। उनके जीवन की अनेक लीलाओं में से एक सबसे महत्वपूर्ण घटना थी रुक्मिणी विवाह। यह केवल एक राजकुमारी और एक राजकुमार का विवाह नहीं था, बल्कि यह सच्चे प्रेम, भक्ति और समर्पण की विजय की कथा है। उन्होंने बताया कि रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को मन, वचन और कर्म से अपना पति मान लिया था, लेकिन उनके भाई रुक्मी ने उनके विवाह को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया। फिर भी, जब प्रेम सच्चा हो और भक्ति अडिग हो, तो स्वयं भगवान उसे सफल बनाते हैं। यही सिद्धांत इस कथा का मूल है।

इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख लोगों में कमला प्रसाद तिवारी बड़े बाबू, डॉ श्रीपाल पांडे, पूर्व प्रधानाचार्य रामकीरत दुबे, राम अनंद पांडे, रमेश दुबे, पूर्व प्रधान राम जियावन तिवारी, प्रधान हरसू पाठक, रामधारी तिवारी, प्रवक्ता मयाशंकर तिवारी, जिला पंचायत सदस्य शिव प्रताप सिंह , वीरेंद्र सिंह, रामसागर सिंह, रविंद्र तिवारी, हृदय प्रकाश तिवारी,  प्रधान अवधेश तिवारी, अगर्दी पांडे, स्वतंत्र मिश्रा, शशिधर तिवारी, श्रवण तिवारी, राजेंद्र तिवारी, गोरखनाथ गुप्ता, पारसनाथ गुप्ता , शिवपूजन बरनवाल, हरिओम बरनवाल ,दुर्गेश श्रीवास्तव, अच्छेलाल मिश्र, शंभूनाथ मिश्र, दिवाकर मिश्र, विजय प्रकाश मिश्र, अभिनव तिवारी, शिव तिवारी, नीरज तिवारी, धीरज तिवारी, रिंकल तिवारी समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
पंडित रूपनारायण त्रिपाठी की 36वीं पुण्यतिथि पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन
जौनपुर । कालजयी रचनाकार , पत्रकार पं0 रूपनारायण त्रिपाठी की 36वीं पावन पुण्य स्मृति को समर्पित ‘‘गीत रूप नमन समारोह‘‘- 2026 के अवसर पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं गीत रूप नमन समारोह का आयोजन उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान लखनऊ एवं रूप सेवा संस्थान जगतगंज जौनपुर के संयुक्त तत्वाधान मे जगत नारायण इण्टर काजेज जगतगंज जौनपुर के परिसर मे आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत मानस कुम्भ से हुई जिसमें मानस मर्मज्ञ डाॅ आर0पी0 ओझा के व्याख्यान से हुआ। उन्होने मानसकृत गोस्वामी तुलसीदास जी के श्रीरामचरितमानस पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए विशेष रूप से स्व0 त्रिपाठी के मुक्तकों को उससे जोड़ते हुए सस्वर अद्भुत स्वरूप प्रस्तुत किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी डा0 दिनेश चन्द्र सिंह, पं0 रूपनारायण त्रिपाठी के चरणो मे नमन करते हुए  कहा कि जौनपुर का सौभाग्य है कि स्व0 त्रिपाठी जी यहाॅ की मिट्टी में उत्पन्न हुए। उन्होने अपने साहित्यिक योगदान से पूरे हिन्दी जगत को गौरवान्वित किया। वे उस ऊॅचाई पर पहुॅचे जहाॅ कोई बिरला ही पहुॅच पाता है। उनकी रचनाएं सार्वभौमिक सर्वकालिक है। उनकी रचनाओ मे भारतीय सनातन संस्कृति के मूल्य निहित है। गीत रूप नमन समारोह के अवसर पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का शुभारम्भ प्रयागराज से पधारे डा0 श्लेष गौतम के वाणी वन्दना से हुई एवं उनकी कविता- लिखा था रह जायेगा रहता नही शशीर इसीलिये मरते नही तुलसी,सूर, कबीर सराही गयी। विनम्रसेन सिंह (प्रयागराज) ने ‘‘तरूणाई पर डगमग मन चंचल मधु छाया है। गीत का ये मौसम है अब बसन्त आया है’’ से ’’मधुमास का रंग बिखेरा’’ वीर रस ओज के यशस्वी कवि अतुल वाजपेयी (लखनऊ) ने बल-बुद्धि पराक्रम के सागर, जिनके आयुष धनु सायक है। वह पुरूषोत्तम भारत गौरव श्री राम हमारे नायक है। पंक्तियों से राष्ट्रीय उर्जा का संचार किया। ख्यातिलब्ध कवि प्रियांशु गजेन्द्र (बाराबंकी) ने ‘‘कहीं प्रशंसा कहीं पे ताली, कहीं भरा मन कहीं से खाली, जैसे-तैसे उमर बिता ली मैने तेरे प्यार में। रात-रात भर तुमकों गाया सुबह छपे अखबार में। जैसे गीतों से कवि की व्यथा का चित्रण किया। कलकत्ता से पधारे कवि डा0 सुशील साहिल ने बढ़ने लगे तरंग तो हमसे मिला करो, मन में उठे उमंग तो हमसे मिला करो। अंगरेजी देशी पौवा गटकने के बाद भी पानी से अगर हो भंग तो मुझसे मिला करो। जैसी कविताओं से लोगों को फागुन में रंग दिया। व्यग्यकार सभाजीत द्विवेदी प्रखर ने बीच-बीच में अपनी कविताओं से हास्य की छटा विखेरी। देश के शीर्षस्थ रचनाकार डा0 वुद्धिनाथ मिश्र ने यादों के गजरे कुम्हलाये, आप न आये। यह अमराई कौन अगोरे, अब तो हुए हैं भार टिकोरे, अंग-अंग महुआ गदरायें, आप न आये गीत से बिरहिणी नायिका की मनादेशा कर सजीव चित्रण किया।  गीत रूप नमन समारोह की अध्यक्षता पूर्व कुलपति शिक्षाविद् प्रो0 राममोहन पाठक ने किया, संचालन श्लेष गौतम ने किया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में दीप प्रज्जवलन के पश्चात्  आगन्तुको एवं अतिथि कवियों को उ0प्र0 भाषा संस्थान लखनऊ एवं रूप सेवा संस्थान लखनऊ की तरफ से संरक्षक राम कृष्ण त्रिपाठी, प्रो0 मनोज मिश्र, एवं सचिव लोकेश त्रिपाठी आभार द्वारा स्मृतिचिन्ह एवं अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक ओम प्रकाश दूबे ’बाबा’, डा0 मनोज मिश्र जनसंचार विभागाध्यक्ष पू0वि0वि0, अशोक दूबे, पूर्व प्रमुख श्रीपति उपाध्याय, वशिष्ठ नारायण सिंह, राम दयाल द्विवेदी, शशिमोहन सिंह ’क्षेम’, डा0 प्रभाकर त्रिपाठी, डा0 अरूण कुमार मिश्रा, डा0 वी0एस0 उपाध्याय, पूर्व प्राचार्य गौरीशंकर त्रिपाठी, पूर्व पुलिस अधीक्षक राम मोहन सिंह, रमेश चन्द्र उपाध्याय एडवोकेट, गौरीशंकर मिश्र एडवोकेट, डा0 देवेश उपाध्याय, इन्द्रसेन श्रीवास्तव, दयासागर राय, संजय उपाध्याय प्रबन्धक, संजय सिंह प्रबन्धक, फूलचन्द भारती, घनश्याम ओझा एडवोकेट, बृजभूषण शुक्ल, अरविन्द सिंह ’बेहोश’, वरिष्ठ पत्रकार लोलारक दूबे, सी0बी0 त्रिपाठी एडवोकेट, अवधेश पाठक, विकेश उपाध्याय, शिवाकान्त शुक्ल एडवोकेट, रामजी त्रिपाठी, राहुल त्रिपाठी, प्रशान्त त्रिपाठी, सुनील त्रिपाठी, अनिल त्रिपाठी, प्रधानाचार्य नागेश पाठक, छविनाथ मिश्र सहित जनपद के संभ्रान्तजनों, शिक्षाविदों ने पं0 रूपनारायण त्रिपाठी की प्रतिमा पर माल्यार्पण अर्पित किया। आगन्तुकों का अभिवादन प्रो0 मनोज मिश्र एवं लोकेश त्रिपाठी ने किया। आभार पं0 रामकृष्ण त्रिपाठी ने व्यक्त किया।
अपने गांव के विकास की लड़ाई लड़ रहा एक रिटायर्ड सेना अधिकारी
जौनपुर। अवकाशप्राप्त मानद कैप्टन अशोक उपाध्याय ने जिलाधिकारी से मिलकर चकबन्दी प्रक्रिया पुन: प्रारम्भ कराने एवं सड़क निर्माण को लेकर ज्ञापन सौंपा। यह मांग जनपद के खुटहन क्षेत्र के बीरमपुर गांव की मूलभूत समस्याओं को लेकर की गयी है। जिलाधिकारी को दिये गये ज्ञापन के माध्यम से श्री उपाध्याय ने बताया कि उक्त गांव में लगभग 25 वर्ष पहले चकबन्दी प्रक्रिया प्रारम्भ हुई थी किन्तु विगत वर्ष बिना चकबन्दी पूर्ण हुये ही अभिलेख पुन: तहसील को वापस कर दिये गये। वर्तमान में गांव से सम्बन्धित समस्याओं के समाधान हेतु समुचित समन्वय एवं मार्गदर्शन के अभाव में ग्रामवासियों के हित से जुड़े कार्य अपेक्षित रूप से पूर्ण नहीं हो पा रहे हैं। श्री उपाध्याय ने बताया कि इसके अलावा गांव में सड़क मार्ग का अभाव है जिसके चलते ग्रामवासियों को आवागमन में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वहीं सड़क न होने से स्वास्थ्य सेवाओं, विद्यालय सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंचना भी कठिन हो जाता है। शिकायतकर्ता के अनुसार उक्त गांव सैनिक बाहुल ग्राम है जहां तमाम युवक भारतीय सेना, वायु सेना सहित अन्य सुरक्षा बलों में सेवा देकर देश की रक्षा कर रहे हैं। इसके बावजूद ग्रामवासी आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। कैप्टन अशोक उपाध्याय का ज्ञापन लेते हुये जिलाधिकारी डा. दिनेश चन्द्र ने तत्काल सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस पर त्वरित कार्यवाही की जाय।
देश का सुनहरा भविष्य युवाओं पर निर्भर : बाबा दुबे
जौनपुर। भारत जैसे विशाल और विविधता से भरे देश के लिए उसकी सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा पीढ़ी है।आज का भारत युवाओं का देश है, जहाँ लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष से कम उम्र की है। यह एक सुनहरा अवसर है, क्योंकि युवा किसी भी देश की रीढ़ होते हैं। वे जितने सक्षम, जागरूक, शिक्षित और जिम्मेदार होंगे, देश का भविष्य उतना ही उज्ज्वल होगा। युवा समाजसेवी सतीश तिवारी के नेतृत्व में मिलने आई युवा टीम द्वारा सम्मानित किए जाने के बाद बदलापुर विधानसभा के पूर्व विधायक ओमप्रकाश दुबे उर्फ बाबा दुबे ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि युवाओं के सपनों को पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है, परंतु दुर्भाग्य से सरकार UGC जैसे कानून लाकर युवाओं का भविष्य बर्बाद करने में लगी है। युवा शक्ति का आपसी टकराव देश को विनाश के रास्ते पर ले जाएगा। इस कानून से सभी का नुकसान होगा। उन्होंने पिछले दिनों सतीश तिवारी द्वारा 25 प्राथमिक स्कूलों के 5000 बच्चों को बाटी गई शैक्षणिक सामग्री की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, श्रीकृष्ण तिवारी, वैभव कृष्ण तिवारी, सुजल तिवारी, उत्कर्ष तिवारी, सचिन तिवारी तथा प्रमोद गिरी उपस्थित रहे। बाबा दुबे ने सभी को उज्जवल भविष्य की शुभकामना देते हुए बाबा कुंज में आने के लिए धन्यवाद दिया।
भगवान के सामने अहंकार लेकर जाओगे तो कुछ नहीं मिलेगा  :  डॉ सुधा पांडे
जौनपुर। महराजगंज क्षेत्र के हनुमान जी माता दुर्गा मंदिर फक्तूपुर के प्रांगण में चल रही पांच दिवसीय श्री राम कथा के आज चतुर्थ दिन वाराणसी की धरती से पधारी मानस कोकिला पूज्य कथा व्यास डॉ. सुधा पांडे द्वारा बड़े ही मार्मिक ढंग से श्री राम कथा सुनाई जा रही है प्रह्लाद द्वारा विष्णु भक्ति करने पर हिरण्यकशिपु ने उन्हें मारने के कई प्रयास किए, जिसमें होलिका दहन का प्रयास भी शामिल था, जिसमें होलिका जल गई और प्रह्लाद बच गए।नरसिंह अवतार का वध: भगवान विष्णु ने नरसिंह रूप में अवतरित होकर, सांझ के समय, दहलीज पर, अपनी जांघों पर रखकर, नाखूनों से उसका वध किया।पौराणिक कथाओं के अनुसार, हिरण्यकशिपु और उसका भाई हिरण्याक्ष भगवान विष्णु के द्वारपाल 'जय' और 'विजय' थे, जो शाप के कारण राक्षस बने। वही शबरी और श्रीराम जी कथा का वर्णन करते हुए कहा कि नवधा भक्ति राम जी ने सुनाया लेकिन मैया शबरी रहती है कि है भगवान मैं बहुत बड़ी आत्मा हूं अधमा हूं वही सभी से निवेदन करते हुए यह कहा कि भगवान श्री रामचंद्र जी कहते हैं कि अगर कोई हमारी भक्ति करना नहीं जानता है भगवान ने कहा हमारे चरणों में गिर करके निश्चल भाव से स्तुति वंदना करना नहीं जानता तो शरणागत होकर केवल इतना कह दे की मैं आपकी स्तुति करना नहीं जानता हूं वही सबसे बड़ी स्तुति होगी तथा यह भी कहा भगवान के सामने अहंकार लेकर जाओगे तो कुछ नहीं मिलेगा जिसके जीवन में भक्ति नहीं उसके जीवन में कुछ नहीं हनुमान जी की कथा सुनाते हुए कहा कि लंका दहन करते समय उन्होंने अशोक वाटिका को नहीं जलाया था, क्योंकि वहां सीताजी रहती थीं। इसी तरह उन्होंने रावण के भाई विभीषण का भवन भी नहीं जलाया, क्योंकि विभीषण के भवन के द्वार पर तुलसी का पौधा लगा था। साथ ही भगवान विष्णु के चिन्‍ह शंख, चक्र और गदा भी बने हुए थे। सबसे महत्‍वपूर्ण बात यह थी कि विभीषण के घर के ऊपर राम नाम अंकित था। उसी क्षण से विभीषण, हनुमान जी के प्रिय हो गए थे। यही कारण है कि जब विभीषण श्री राम की शरण में आये और सुग्रीव ने उनके प्रति आशंका प्रकट करते हुए दंड देने का सुझाव दिया, तो हनुमानजी ने उन्हें शिष्ट मान कर शरण में लेने का अनुरोध किया था और प्रभु राम ने उसे स्‍वीकार कर लिया था। वही वृंदावन की धरती से पधारे कथा व्यास माधव दास जी महाराज द्वारा भक्तों को सुंदर कथा सुनाई जा रही है जिसका सभी ने बखान किया कथा मंच का कुशल संचालन आशीष द्विवेदी द्वारा किया जा रहा है वहीं कथा प्रांगण में पहुंचे पत्रकार अमित पांडे का डा. सुधा पाण्डेय ने बखान कर आशीर्वाद दिया और कहा कि हर धार्मिक आयोजन में उपस्थित सराहनीय है। इस मौके पर कथा समिति के अध्यक्ष संदीप सिंह सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया इस मौके पर दिनेश सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अजय प्रताप सिंह, सुनील सिंह, चंदन सिंह, राहुल सिंह, मंदिर पुजारी ओंकार नाथ मिश्रा, गिरीश चंद्र उपाध्याय, विनोद सेठ सच्चिदानंद त्रिपाठी, राजेश तिवारी सहित सैकड़ो की संख्या में कथा प्रेमी उपस्थित रहे।
पीड़ित लाइनमैन छह माह से लगा रहा अधिकारियों के यहाँ चक्कर
जौनपुर।  बिजली विभाग के मछलीशहर डिवीजन में अधिशासी अभियंता द्वारा किए गए घोटाले की जांच के लिए दो सदस्यीय एक टीम मछलीशहर कार्यालय पहुंची। जहाँ पीड़ित संविदा लाइनमैन अखिलेश कुमार ने अपने गलत तरीके से किए गए निष्कासन के मामले की सुनवाई के लिए जाँच टीम से पुरजोर मांग की। मुंगरा बादशाहपुर के धौरहरा गांव निवासी पवन कुमार पाण्डेय ने अधिशासी अभियंता मछलीशहर राजन कुमार द्वारा किए गए बिजली विभाग के राजस्व घोटाले का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री सहित विद्युत उच्चाघिकारियों को शिकायती पत्र के साथ साक्ष्य सहित शपथ पत्र देते हुए आरोप लगाया है जिसमे दस लोगों के साथ हुए इस भ्रष्टाचार को प्रमुखता से उठाया गया है। इन उपभोक्तओं का 1 लाख का बिजली बिल महज 5 हजार लेकर एक्स ई एन मछलीशहर द्वारा खत्मकर दिया गया हैं। पी.डी. करने के बाद उसी नाम से उसी परिसर में नया कनेक्शन दे दिया गया हैं।अधिशासी अभियंता  की शिकायत कि जाँच के लिए अधिशासी अभियंता मीटर व लेखाकार की टीम मछलीशहर पहुँची। उधर पवन का यह भी आरोप है कि वहाँ
लाइन शिफ्ट करने के नाम पर लाखो के राजस्व का  नुकसान हुआ है। बिल रिवीजन के नाम पर यदि  मछलीशहर डिविजन कि जाँच करायी जाये तो कई करोड़ का घोटाला सामने आयेगा। आरोप यह भी है की विद्युत विभाग के नियमों व दिशा निर्देशों को दर किनार करते हुए कनेक्शन के नाम पर अलग-अलग देय शुल्को में रसीद काटी जा रही हैं। जिले के इस डिविजन में सुविधा शुल्क देने पर 1100, 1000, 2700 कि रसीद काटी जाती है जबकि सामान्यतः  6100 कि रसीद कट रही हैं। अधिशासी अभियंता की शिकायत पाँच माह पूर्व ही की गई थी। साक्ष्य सहित आठ मामलों को विभाग को दिया गया था। अभी यह जांच पूरी नहीं हुई थी, तब तक  आठ मामलों को और उजागर करते हुए फिर से जांच कराये जाने की माँग की गई। अधीक्षण अभियंता बिजली जौनपुर, अनिल कुमार पाठक ने बताया कि राजस्व घोटाले के मामले की शिकायत में अधिशासी अभियंता मछलीशहर की जाँच के लिए टीम गठित कर दी गई है। जाँच टीम वहाँ अपना काम कर रही है। जाँच रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जायेगी।