अलीगढ़ में चर्चा बनी अजब प्रेम की गजब कहानी
* शादी में नाचने आई डांसर संग दूल्हा फरार, नवविवाहिता ने लगाया हनीट्रैप का आरोप
अलीगढ़। अलीगढ़ के गांधी पार्क थाना क्षेत्र से एक ऐसी फिल्मी कहानी सामने आई है, जिसने दो परिवारों की खुशियों को अचानक चिंता में बदल दिया। शादी के जश्न, बैंड-बाजे और मेहमानों की भीड़ के बीच जो हुआ, उसने सभी को हैरान कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, हाल ही में इलाके के एक युवक की धूमधाम से शादी हुई थी। विवाह समारोह में रंग जमाने के लिए एक डांसर को बुलाया गया था। कार्यक्रम के दौरान दूल्हा और डांसर के बीच बातचीत शुरू हुई, जो देर रात तक चलती रही। परिजनों का कहना है कि शादी के कुछ ही समय बाद दूल्हा अचानक लापता हो गया। बाद में पता चला कि वह उसी डांसर के साथ घर छोड़कर चला गया है।
घटना के बाद नई नवेली दुल्हन ने आरोप लगाया है कि डांसर ने उसके पति को हनीट्रैप में फंसाकर अपने साथ ले गई। दुल्हन का कहना है कि शादी के दौरान ही डांसर ने योजनाबद्ध तरीके से उसके पति से नजदीकियां बढ़ाईं और फिर उसे बहला-फुसलाकर फरार हो गई।
परिवार वालों ने इस मामले की शिकायत पुलिस से की है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और दोनों की तलाश की जा रही है। मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर संभावित ठिकानों की छानबीन की जा रही है।
इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। जहां एक ओर दुल्हन और उसका परिवार सदमे में है, वहीं दूसरी ओर लोग इस ‘अजब प्रेम की गजब कहानी’ को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पुलिस जांच के बाद ही सच्चाई पूरी तरह सामने आ सकेगी।
सीएम योगी आज सिंगापुर-जापान दौरे पर रवाना
यूपी को ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ बनाने की मुहिम तेज, 33 वैश्विक कंपनियों से करेंगे संवाद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ बनाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज चार दिवसीय सिंगापुर और जापान दौरे पर रवाना होंगे। वर्ष 2017 में म्यांमार यात्रा के बाद यह उनका पहला विदेशी दौरा है, जिसे प्रदेश की निवेश कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
23-24 फरवरी को सिंगापुर और 25-26 फरवरी को जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 33 वैश्विक कंपनियों के शीर्ष प्रतिनिधियों से मुलाकात कर प्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार के अवसरों पर चर्चा करेंगे।

* जी-टू-बी और राउंड टेबल मीटिंग में होगा सीधा संवाद
दौरे की खास बात यह होगी कि मुख्यमंत्री जी-टू-बी (गवर्नमेंट टू बिजनेस) बैठकों और राउंड टेबल मीटिंग के माध्यम से निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे। वे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक रोडमैप, नीति स्थिरता, भूमि बैंक, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स व्यवस्था और कौशल विकास की संभावनाओं पर स्पष्ट और परिणामोन्मुख चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री प्रवासी भारतीयों और उत्तर प्रदेश मूल के लोगों को संबोधित करने के साथ स्कूली बच्चों से भी संवाद करेंगे और प्रदेश की बदली तस्वीर साझा करेंगे।

* सिंगापुर में 25 कंपनियों से मुलाकात
सिंगापुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 25 प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से मिलेंगे।

* डेटा सेंटर और टेक्नोलॉजी: Google, ST Telemedia Global Data Centres

* एग्रीबिजनेस: Japfa, Olam International

* लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर: Mapletree Investments, SATS Ltd

* ग्रीन और सौर ऊर्जा: AVPN, EDP Renewables

* इंडस्ट्रियल पार्क और एविएशन: Sembcorp Industries, Singapore Airlines Engineering Company

* ग्लोबल फंड्स: Temasek Holdings, GIC, Blackstone Inc.

* फिनटेक व बैंकिंग: DBS Bank

* जापान में ऑटोमोबाइल और सेमीकंडक्टर पर फोकस
जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री आठ प्रमुख कंपनियों से निवेश वार्ता करेंगे।

* ऑटोमोबाइल: Kubota, Suzuki

* सेमीकंडक्टर: Tokyo Electron

* इलेक्ट्रॉनिक्स: Toshiba

- ग्रीन हाइड्रोजन व रियल एस्टेट: Marubeni

* वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर कदम
प्रदेश सरकार का मानना है कि 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश उत्पादन और उपभोग दोनों का बड़ा केंद्र बन सकता है। मजबूत कानून व्यवस्था, नीति स्थिरता और तीव्र कनेक्टिविटी के आधार पर यह दौरा राज्य को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।मुख्यमंत्री की यह विदेश यात्रा न केवल निवेश आकर्षित करने का प्रयास है, बल्कि वैश्विक मंच पर ‘ब्रांड यूपी’ को सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में भी एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है।
लखनऊ मेट्रो की पटरियां मानकों से कमजोर, CAG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
* स्पीड लिमिट प्रमाणपत्र का नवीनीकरण नहीं, सुरक्षा मानकों की अनदेखी; तत्कालीन एमडी कुमार केशव पर उठे सवाल

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मेट्रो संचालन को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। Comptroller and Auditor General of India (CAG) की हालिया रिपोर्ट में सामने आया है कि मेट्रो की रेल पटरियां निर्धारित तकनीकी मानकों से कमजोर पाई गईं। रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की बात कही गई है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, मेट्रो ट्रैक से संबंधित कई विशेष मानकों का पालन नहीं किया गया। इतना ही नहीं, स्पीड लिमिट प्रमाणपत्र का समय पर नवीनीकरण भी नहीं कराया गया, जिससे उच्च गति पर संचालन के दौरान संभावित खतरे की आशंका बढ़ गई। यह स्थिति सीधे तौर पर यात्रियों की सुरक्षा को जोखिम में डालने वाली मानी जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, परियोजना से जुड़ी प्रमुख कंपनियों जैसे Tata Group और Larsen & Toubro (L&T) ने पहले ही मेट्रो प्रशासन को तकनीकी खामियों को लेकर आगाह किया था। बावजूद इसके, आवश्यक सुधारात्मक कदम समय पर नहीं उठाए गए।

जांच में यह भी सामने आया है कि ‘कालिंदी’ नामक फर्म को पटरियां बिछाने का ठेका दिया गया था, जो कथित तौर पर कागजों पर ही सक्रिय बताई जा रही है। इस फर्म और मेट्रो प्रशासन के बीच सांठगांठ के आरोप भी उभरकर सामने आए हैं।

मामले में तत्कालीन प्रबंध निदेशक Kumar Keshav की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि परियोजना में अनियमितताओं के बावजूद उन्होंने प्रभावी निगरानी नहीं की। सूत्रों का दावा है कि इस मुद्दे पर संपर्क किए जाने के बावजूद उन्होंने फोन उठाना भी बंद कर दिया है।

इस पूरे मामले ने मेट्रो प्रशासन की कार्यशैली और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना यह है कि संबंधित एजेंसियां इस रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई करती हैं और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण मोर्चा की रैली, हलवासिया चौराहे पर पुलिस से नोकझोंक


* सैकड़ों ब्राह्मण बटुकों के शंखनाद के साथ परिवर्तन चौक से गांधी प्रतिमा तक शांति मार्च का प्रयास

लखनऊ। यूजीसी कानून को वापस लेने, सवर्ण आयोग के गठन और आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर शनिवार को सवर्ण मोर्चा के बैनर तले परिवर्तन चौक से गांधी प्रतिमा, हजरतगंज तक शांति मार्च निकाला गया।
हजारों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने जगह-जगह बैरिकेडिंग की व्यवस्था की थी। परिवर्तन चौक और केडी सिंह बाबू मेट्रो स्टेशन के पास लगाए गए बैरिकेड्स को पार करते हुए कई कार्यकर्ता हलवासिया चौराहे तक पहुंच गए, जहां भारी पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। बाद में कई कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया।
रैली की शुरुआत परिवर्तन चौक से हुई, जहां सैकड़ों ब्राह्मण बटुकों ने शंखनाद कर कार्यक्रम का आगाज किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तिरंगा और भगवा ध्वज लेकर मार्च में शामिल हुए। शंखनाद की गूंज के बीच मार्च आगे बढ़ा, जिससे क्षेत्र में विशेष माहौल देखने को मिला।
सवर्ण मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक प्रदीप सिंह और राष्ट्रीय प्रवक्ता पंडित अभिनव नाथ त्रिपाठी ने कहा कि यूजीसी का यह कानून सवर्ण समाज के हितों के विरुद्ध है और इसे वापस लिए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सवर्ण आयोग के गठन, आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने तथा सवर्ण समाज के इतिहास के संरक्षण की मांग उठाई। साथ ही बिना पर्याप्त जांच के एससी-एसटी कानून के तहत दर्ज मुकदमों पर रोक लगाने की भी मांग की।
प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि रैली को प्रभावित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रदेश भर में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट किया तथा नोटिस जारी किए। उन्होंने इसे जनआवाज दबाने का प्रयास बताया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय राजपूत करनी सेना के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह रघुवंशी, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवनीश सिंह तथा अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी अपने समर्थकों के साथ मौजूद रहे।
इसके अतिरिक्त सवर्ण मोर्चा के संरक्षक कुंवर दुर्गेश प्रताप सिंह, बसंत सिंह बघेल, टी.पी. पांडे (समाजसेवी), आनंद त्रिपाठी और मीडिया प्रभारी उमेश मिश्रा व प्रवक्ता पंडित अभिनव नाथ त्रिपाठी सहित अनेक कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल रहे।
SIR-2026 के तहत 22 फरवरी को प्रदेशभर में विशेष अभियान, बूथों पर मिलेंगे बीएलओ
* मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और त्रुटि सुधार का अवसर, सुबह 10:30 से दोपहर 1:30 बजे तक चलेगा अभियान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने जानकारी दी कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR)-2026 के अंतर्गत दावा एवं आपत्ति अवधि में अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने तथा सूची को शुद्ध करने के उद्देश्य से चार विशेष अभियान दिवस निर्धारित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पूर्व में 11 जनवरी, 18 जनवरी और 31 जनवरी 2026 को विशेष अभियान दिवस आयोजित किए जा चुके हैं। इसी क्रम में रविवार, 22 फरवरी 2026 को प्रदेश के सभी मतदेय स्थलों पर चौथा विशेष अभियान दिवस आयोजित किया जा रहा है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विशेष अभियान दिवस पर प्रत्येक मतदेय स्थल पर प्रातः 10:30 बजे से अपराह्न 1:30 बजे तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) उपस्थित रहेंगे। उनके पास 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची तथा फार्म-6, 6A, 7 और 8 उपलब्ध रहेंगे।
प्रत्येक मतदान केंद्र पर हेल्प डेस्क की व्यवस्था की जाएगी, जहां मतदाताओं को फार्म भरने में सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) को भी अभियान की जानकारी देकर सहयोग लिया जाएगा। सभासदों, ग्राम प्रधानों एवं स्वयंसेवकों का नियमानुसार सहयोग भी सुनिश्चित किया जाएगा।
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भ्रमणशील रहकर पर्यवेक्षण करेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेश के नागरिकों से अपील की है कि 22 फरवरी 2026 को अपने-अपने बूथ पर जाकर 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित मतदाता सूची में अपना एवं परिवार के सदस्यों का नाम अवश्य जांच लें। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज नहीं है या 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवाओं का नाम शामिल नहीं है, तो वे फार्म-6 भरकर बीएलओ को जमा करें। आवेदन ECINET मोबाइल एप्लीकेशन अथवा Voters' Service Portal (voters.eci.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन भी किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त मतदाता सूची में दर्ज विवरण में किसी भी प्रकार की त्रुटि के सुधार के लिए फार्म-8 भरा जा सकता है।
यूपी बजट सत्र खत्म, ‘लखनऊ दर्शन’ बस में फिर शामिल हुई विधानसभा की सैर

* इलेक्ट्रिक डबल डेकर से राजधानी के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण, रिंग थियेटर से लोकतंत्र के दरबार तक खास अनुभव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश का बजट सत्र समाप्त होते ही राजधानी के पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। अब ‘लखनऊ दर्शन’ बस सेवा के जरिए पर्यटक एक बार फिर भव्य उत्तर प्रदेश विधानसभा भवन का भ्रमण कर सकेंगे। बजट सत्र के दौरान सुरक्षा कारणों से विधानसभा भ्रमण अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया था, जिसे अब पुनः शुरू कर दिया गया है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि विशाल गुंबद, भव्य स्थापत्य और ऐतिहासिक महत्व से युक्त विधानसभा भवन राजधानी की पहचान है। इसके दोबारा टूर में शामिल होने से ‘लखनऊ दर्शन’ और भी आकर्षक हो गया है।

* रिंग थियेटर (जीपीओ): काकोरी कांड की गूंज आज भी जीवंत
‘लखनऊ दर्शन’ के प्रमुख स्थलों में जनरल पोस्ट ऑफिस लखनऊ (पूर्व का रिंग थियेटर) भी शामिल है। 9 अगस्त 1925 को हुए काकोरी कांड के बाद अंग्रेज सरकार ने करीब 40 क्रांतिकारियों को गिरफ्तार किया था। सुरक्षा कारणों से तत्कालीन रिंग थियेटर में विशेष अदालत गठित की गई, जहां लगभग 10 महीने तक मुकदमा चला।
अदालत ने राम प्रसाद बिस्मिल, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, ठाकुर रोशन सिंह और अशफाक उल्ला खान को फांसी की सजा सुनाई। वहीं शचीन्द्रनाथ सान्याल को आजीवन कारावास (कालापानी) तथा मन्मथनाथ गुप्त सहित अन्य क्रांतिकारियों को कठोर कारावास दिया गया। आज भी यहां मौजूद ऐतिहासिक निशानियां और संग्रहालय पर्यटकों को उस दौर की याद दिलाते हैं।

* पर्यटन विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “बजट सत्र की समाप्ति के साथ ही विधानसभा भ्रमण दोबारा शुरू किया जा रहा है। ‘लखनऊ दर्शन’ इलेक्ट्रिक डबल डेकर बस सेवा के माध्यम से पर्यटक राजधानी की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक विरासत को नजदीक से देख सकेंगे। सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रदेश की समृद्ध परंपराओं से लोगों को जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।”

* इलेक्ट्रिक डबल डेकर से करें लखनऊ की सैर
उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) द्वारा संचालित ‘लखनऊ दर्शन’ इलेक्ट्रिक डबल डेकर बस सेवा प्रतिदिन सुबह और शाम दो पालियों में 1090 चौराहे से संचालित होती है। यह बस राजधानी के प्रमुख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक स्थलों का भ्रमण कराती है।
विधानसभा भवन के पुनः शामिल होने से इस टूर का आकर्षण और बढ़ गया है। टिकट आधिकारिक वेबसाइट या प्रस्थान स्थल से प्राप्त की जा सकती है। किराया वयस्कों के लिए ₹500 और बच्चों के लिए ₹400 निर्धारित है। बस में प्रशिक्षित टूर गाइड यात्रा के दौरान विस्तृत जानकारी देते हैं और इलेक्ट्रिक बस होने के कारण सफर पर्यावरण के अनुकूल एवं आरामदायक रहता है।
युवाओं को विरासत से जोड़ने की अनूठी पहल, लखनऊ में ‘यूथ हेरिटेज लीडरशिप प्रोग्राम’ आयोजित
* छतर मंजिल से कैसरबाग तक ऐतिहासिक धरोहरों का शैक्षणिक भ्रमण, 70 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भारतीय विरासत के संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय “यूथ हेरिटेज लीडरशिप प्रोग्राम” का आयोजन किया गया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व निदेशालय (संस्कृति विभाग) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का सफल संचालन इतिहास संस्थान, नई दिल्ली के सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को भारतीय सांस्कृतिक धरोहरों के महत्व से परिचित कराना और उन्हें विरासत संरक्षण के लिए नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करना था। इसी क्रम में प्रतिभागी छात्रों को लखनऊ के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।
विद्यार्थियों ने छतर मंजिल तथा कैसरबाग स्थित जनरल कोठी का भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें इन इमारतों के इतिहास, स्थापत्य शैली और संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी सरल भाषा में दी गई, जिससे वे अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
निदेशक सुश्री रेनू द्विवेदी ने विद्यार्थियों को विरासत की परिभाषा, स्वरूप और उसकी पहचान के बारे में विस्तार से बताया। संवादात्मक सत्र के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों को अपनी विरासत के प्रति जागरूक, संवेदनशील और जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित किया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अपने संदेश में कहा, “इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक इमारतों का भ्रमण कराना नहीं है, बल्कि युवाओं को अपनी विरासत से भावनात्मक रूप से जोड़ना है। विरासत केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि हमारी पहचान और भविष्य की दिशा भी है। इसलिए युवा पीढ़ी को सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।”
इस अवसर पर जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालक विद्यालय एवं जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय के कक्षा 9वीं और 11वीं के लगभग 70 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में इतिहास संस्थान से सुश्री सुयशा सहित पुरातत्व निदेशालय के अधिकारी, शिक्षकगण और विद्यालय कर्मचारी उपस्थित रहे। युवा सहभागिता के माध्यम से विरासत संरक्षण की दिशा में यह कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है।
लखनऊ में हैंडलूम, सिल्क एवं खादी एक्सपो का शुभारंभ

* योगी सरकार पारंपरिक उद्योगों को दे रही नई ताकत, 39 उत्कृष्ट बुनकर सम्मानित

लखनऊ। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि योगी सरकार पारंपरिक उद्योगों को सशक्त बनाकर बुनकरों और दस्तकारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के स्टाम्प पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल के साथ 17 फरवरी से 02 मार्च 2026 तक रवीन्द्रालय, मोतीलाल नेहरू मार्ग, लखनऊ में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश हैंडलूम, सिल्क एवं खादी एक्सपो’ का शुभारंभ किया गया।
एक्सपो में विभिन्न राज्यों के खादी, सिल्क एवं हैंडलूम उत्पादों का प्रदर्शन एवं बिक्री की व्यवस्था की गई है। मंत्री राकेश सचान ने कहा कि वस्त्र उद्योग कृषि के बाद देश में सर्वाधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है और उत्तर प्रदेश सदियों से बुनकरी एवं दस्तकारी का प्रमुख केंद्र रहा है। प्रदेश में लगभग 1.91 लाख बुनकर एवं दस्तकार इस परंपरा से जुड़े हैं, जिनकी कलाकृतियाँ देश-विदेश में पहचान बना रही हैं।
उन्होंने कहा कि एक्सपो का उद्देश्य बुनकरों को सशक्त विपणन मंच उपलब्ध कराना और उनके उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। इस आयोजन में विभिन्न जनपदों के 60 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। 19 फरवरी को प्रदेश के उत्कृष्ट उत्पादों का फैशन शो के माध्यम से प्रदर्शन भी किया जाएगा।
39 उत्कृष्ट बुनकर सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु चयनित 13 परिक्षेत्रों के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त 39 उत्कृष्ट बुनकरों को डिमांड ड्राफ्ट, शील्ड, अंगवस्त्र एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
मंत्री सचान ने बताया कि सरकार द्वारा बुनकरों के कल्याण के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। हैंडलूम बुनकरों को विद्युत बिल में प्रतिमाह प्रतिपूर्ति, बुनकर बहबूदी फंड से पुत्रियों के विवाह हेतु सहायता, भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान वाराणसी (IIHT) के छात्रों को छात्रवृत्ति, झलकारी बाई हैंडलूम एवं पावरलूम विकास योजना तथा मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना लागू की गई हैं। इसके अतिरिक्त अटल बिहारी वाजपेयी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के माध्यम से हजारों बुनकरों को राहत प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 के तहत निवेशकों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है तथा पीएम मित्र योजना के अंतर्गत मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। हरदोई एवं लखनऊ में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, जिससे प्रदेश वस्त्र उद्योग का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
मंत्री राकेश सचान ने प्रदेशवासियों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में एक्सपो में पहुंचकर बुनकरों के उत्पाद खरीदें और उनकी आर्थिक समृद्धि में भागीदार बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन पारंपरिक उद्योगों को नई ऊर्जा देने के साथ ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
राज्य संग्रहालय में ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का भव्य शुभारम्भ

* नई पीढ़ी को कला और विरासत से जोड़ने की अनूठी पहल, 28 फरवरी तक चलेगा ज्ञान संवाद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग की ओर से राज्य संग्रहालय लखनऊ में 18 से 28 फरवरी 2026 तक आयोजित ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का शुभारम्भ आज भव्य समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम में देशभर के विद्वान भारतीय कला के विविध आयामों पर दस दिनों तक व्याख्यान देंगे।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. माण्डवी सिंह, कुलपति भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय ने किया। मुख्य वक्ता प्रो. के.के. थप्पल्याल (पूर्व विभागाध्यक्ष, प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय), विशिष्ट अतिथि संजय कुमार बिसवाल एवं डॉ. सृष्टि धवन उपस्थित रहे।
प्रो. माण्डवी सिंह ने कहा कि कला अभिरुचि जैसे आयोजनों से समाज में कला और संस्कृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है। यह कार्यशाला जनसामान्य को कला से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी।
मुख्य वक्ता प्रो. के.के. थप्पल्याल ने अपने व्याख्यान में कला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कला मनुष्य के जीवन का अनिवार्य अंग है। उन्होंने प्रागैतिहासिक काल से मानव द्वारा कला सृजन की परंपरा का उल्लेख करते हुए भीमबेटका शैलाश्रय का उदाहरण दिया, जो प्रागैतिहासिक चित्रों का विश्वप्रसिद्ध स्थल है। उन्होंने कहा कि कला का रसास्वादन करने के लिए दर्शक में भी संवेदनशीलता और समझ आवश्यक है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों, शोधार्थियों और कला-प्रेमियों के लिए अत्यंत उपयोगी होगा। सरल भाषा में भारतीय कला, इतिहास और संग्रहालय विज्ञान की जानकारी प्रदान कर नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

* दस दिनों तक होंगे विशिष्ट व्याख्यान

19 फरवरी को “प्राचीन कला का उद्भव एवं विकास” विषय पर डॉ. राकेश तिवारी (पूर्व महानिदेशक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, नई दिल्ली) व्याख्यान देंगे। 20 फरवरी को “गुप्त कालीन कला में सांस्कृतिक चेतना” विषय पर प्रो. एस.एन. कपूर (लखनऊ विश्वविद्यालय) बोलेंगे।
21 फरवरी को “मिनिएचर मार्बल्स: शाही संरक्षण, परंपरा, तकनीक और कलात्मक उत्कृष्टता” विषय पर डॉ. विजय माथुर (सलाहकार, संघ लोक सेवा आयोग) व्याख्यान देंगे। 22 फरवरी को “क्यों किसी को संग्रहालय जाना चाहिए” विषय पर प्रो. ऊषा रानी तिवारी, काशी हिंदू विश्वविद्यालय व्याख्यान देंगी।
24 फरवरी को “भारत की प्राचीन मौद्रिक यात्रा” विषय पर डॉ. अमित कुमार उपाध्याय (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) अपने विचार रखेंगे। 25 फरवरी को “प्रागैतिहासिक भारत की संस्कृतियां” विषय पर प्रो. अनिल कुमार (विभागाध्यक्ष, पुरातत्व विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय) व्याख्यान देंगे।
26 फरवरी को “गुप्त कालीन भारतीय वास्तुकला” विषय पर डॉ. राजीव द्विवेदी, निदेशक वृन्दावन शोध संस्थान अपने विचार साझा करेंगे। 27 फरवरी को “संग्रहालय की वस्तुओं का निवारक संरक्षण” विषय पर धर्मेन्द्र मिश्रा, निदेशक इंटैक लखनऊ व्याख्यान देंगे।
28 फरवरी को प्रमाण-पत्र वितरण के साथ इस दस दिवसीय ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का समापन होगा। आयोजकों के अनुसार यह पहल कला और विरासत के प्रति नई पीढ़ी में रुचि और जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उत्तर प्रदेश में ईको टूरिज्म को नई रफ्तार, 10 स्थलों के संचालन हेतु प्रस्ताव आमंत्रित

*27 फरवरी 2026 तक कर सकते हैं आवेदन, 15 वर्षों के लिए सौंपा जाएगा संचालन*

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के हरित पर्यटन को नई दिशा देने की पहल करते हुए उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड (UPETDB) ने राज्य के 10 प्रमुख ईको टूरिज्म स्थलों के संचालन और देखरेख के लिए इच्छुक संस्थाओं, कंपनियों एवं अनुभवी एजेंसियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। यह पहल प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के पेशेवर प्रबंधन, दीर्घकालिक निवेश और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि चयनित एजेंसियों को परियोजनाओं का संचालन प्रारंभिक रूप से 15 वर्षों के लिए सौंपा जाएगा। संतोषजनक प्रदर्शन की स्थिति में यह अवधि आगे भी बढ़ाई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय जिम्मेदार और पर्यावरण-संवेदनशील पर्यटन विकास के लिए संस्थागत ढांचा तैयार करेगा, जिससे स्थानीय समुदायों को रोजगार मिलेगा और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित संरक्षण सुनिश्चित होगा।

* 10 प्रमुख स्थलों पर विकसित होंगी परियोजनाएं

बोर्ड द्वारा जिन स्थलों के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं, उनमें प्रमुख रूप से अयोध्या की उधेला झील, ललितपुर के बदरौन स्थित करकरावल जलप्रपात, बाराबंकी की बघर झील, बलिया का मैरीटार गांव, सीतापुर की अज्जेपुर झील, महराजगंज का देवदह स्थल, कुशीनगर की रामपुर सोहरौना झील, चित्रकूट का रामनगर, जालौन का पचनदा तथा बांदा जनपद की तहसील नरैनी में कालिंजर किले के समीप पर्यटन सुविधा केंद्र शामिल हैं।
सभी परियोजनाएं पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP मोड) पर विकसित की जाएंगी, जिससे निजी सहभागिता के माध्यम से गुणवत्ता, पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

* 27 फरवरी तक करें आवेदन

इच्छुक आवेदकों को निर्धारित पात्रता मानदंडों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपने प्रस्ताव 27 फरवरी 2026 तक प्रस्तुत करने होंगे। विस्तृत जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्राकृतिक संपदा, जैव-विविधता और सांस्कृतिक धरोहर के क्षेत्र में समृद्ध है। ईको टूरिज्म के क्षेत्र में अपार संभावनाओं को पेशेवर प्रबंधन के माध्यम से वैश्विक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश को ईको टूरिज्म हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।