करनैलगंज रेलवे स्टेशन पर कर्मचारियों की लापरवाही से यात्री परेशान,हो सकती है बड़ी घटना


गोण्डा। करनैलगंज रेलवे स्टेशन पर रेलवे कर्मचारियों की गंभीर लापरवाही यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है। आरोप है कि यहां ट्रेनों के प्लेटफॉर्म परिवर्तन की सूचना ट्रेन के आने से महज़ 1 या 2 मिनट पहले की जाती है,जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच जाती है। यात्रियों का कहना है कि समय पर सही जानकारी न मिलने के कारण उन्हें भारी सामान के साथ प्लेटफॉर्म बदलने के लिए दौड़ना पड़ता है। इस दौरान बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार यात्री जल्दबाज़ी में ट्रैक पार करने की कोशिश करते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है।

स्थानीय यात्रियों के अनुसार, स्टेशन पर पहले से प्लेटफॉर्म तय होने के बावजूद अंतिम समय में घोषणा की जाती है, जो रेलवे नियमों और सुरक्षा मानकों के विपरीत है। यात्रियों ने आरोप लगाया कि यह स्थिति रोज़ की बन चुकी है, लेकिन रेलवे प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। रेलवे की इस लापरवाही से न केवल यात्रियों की असुविधा बढ़ रही है, बल्कि भविष्य में किसी बड़े हादसे से भी इनकार नहीं किया जा सकता। सवाल यह है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो किसी अनहोनी की ज़िम्मेदारी कौन लेगा? यात्रियों और स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि
प्लेटफॉर्म परिवर्तन की सूचना समय से पहले दी जाए, अनाउंसमेंट सिस्टम को दुरुस्त किया जाए और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।

अब देखना यह है कि रेलवे अधिकारी इस गंभीर मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेते हैं या फिर किसी बड़ी घटना के बाद ही जागेंगे।
गोंडा में अवैध मिट्टी खनन बेलगाम, पुलिस चौकी–थानों के सामने से बेधड़क निकल रहीं ट्रैक्टर-ट्रॉलियां

गोंडा। जिले में शहर, कोतवाली देहात और कर्नलगंज थाना क्षेत्र इन दिनों अवैध मिट्टी खनन के बड़े गढ़ बन गये हैं। हालात यह हैं कि पुलिस चौकी और थानों के सामने से ही मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दिन-रात सड़कों पर फर्राटा भर रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही। सूत्रों के अनुसार, अवैध खनन का यह कारोबार पुलिस और खनन विभाग के कुछ जिम्मेदारों की कथित मिलीभगत से संचालित हो रहा है। थानों और चौकियों से “लाइन” सेट कर खनन माफिया रात के अंधेरे में जेसीबी मशीनों से खुलेआम मिट्टी की खुदाई कर रहे हैं।

जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाज से ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है। नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत सद्भावना पुलिस चौकी के सामने से रात में मिट्टी लदे वाहन गुजरते देखे जा सकते हैं। वहीं, कोतवाली देहात क्षेत्र के खोरहंसा चौकी से लगभग 500 मीटर की दूरी पर तकिया गांव के पास रात के समय बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी खनन किया जा रहा है। कर्नलगंज कोतवाली के भंभुआ चौकी क्षेत्र में भी कई स्थानों पर खनन जारी है। वर्तमान में भंभुआ गांव के पास जेसीबी से खुदाई किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता के चलते खनन माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं। इसी तरह नगर कोतवाली क्षेत्र के तिवारी बाजार चौकी से करीब 300 मीटर दूर, केला गोदाम के पास रात के अंधेरे में जेसीबी से मिट्टी की खुदाई की जा रही है।

इस अवैध गतिविधि से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन-रात हो रहे अवैध खनन से खेतों, खाली जमीनों और जल स्रोतों को नुकसान पहुंच रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इतने बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध खनन के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा पसरा हुआ है। अब देखना यह है कि शासन-प्रशासन इस मामले में कब तक सख्ती दिखाता है और अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई जाती है।
प्राथमिक स्कूल में लापरवाही का ताला! बिना अनुमति विदेश यात्राएं, स्कूल में पढ़ाई ठप
रूपईडीह के नव्वागांव प्राथमिक विद्यालय पर उठे गंभीर सवाल

गोंडा। जिले के शिक्षा क्षेत्र रूपईडीह अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय नव्वागांव इन दिनों शिक्षा के लिए नहीं, बल्कि अव्यवस्था और घोर लापरवाही के कारण चर्चा में है। विद्यालय में तैनात एक सहायक अध्यापक पर आरोप है कि वे बिना किसी अवकाश स्वीकृति और विभागीय अनुमति के बार-बार विदेश (नेपाल) भ्रमण कर रहे हैं, जबकि विद्यालय में पढ़ने वाले मासूम बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है।

सरकार की मंशा के अनुरूप सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालयों को भवन, फर्नीचर, पाठ्य पुस्तकें, मिड-डे मील और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। लेकिन नव्वागांव विद्यालय की स्थिति इन दावों को आईना दिखा रही है, जहां कुछ गैर-जिम्मेदार शिक्षकों की मनमानी से शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतरती नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि विद्यालय में प्रधानाध्यापक का पद लंबे समय से रिक्त है। इसी का फायदा उठाकर सहायक अध्यापकों की मनमानी बढ़ गई है।

अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षक समय से विद्यालय नहीं आते, नियमित पढ़ाई नहीं होती और बच्चों का भविष्य अंधकार की ओर धकेला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक धर्मेन्द्र तिवारी को अस्थायी रूप से प्रधानाध्यापक का प्रभार सौंपा गया है। लेकिन वे विद्यालय में उपस्थित रहकर बच्चों को पढ़ाने के बजाय बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) में अधिक समय बिताते हैं, जिससे शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इतना ही नहीं, सूत्र यह भी बताते हैं कि श्री तिवारी अक्सर नेपाल की यात्राओं पर निकल जाते हैं, जिनसे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या विभागीय अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ना नियमों की खुली अवहेलना नहीं है? विभागीय नियम स्पष्ट हैं कि कोई भी शिक्षक बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकता, इसके बावजूद बार-बार विदेश भ्रमण होना न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाता है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।

इस पूरे मामले में जब बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, “मुझे इस प्रकरण की फिलहाल जानकारी नहीं है। यदि बिना अनुमति विदेश यात्रा की गई है, तो जांच कराकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।” अब सवाल यह है कि क्या बच्चों की शिक्षा से ज्यादा जरूरी विदेश भ्रमण हो गया है? क्या विभागीय निगरानी सिर्फ कागजों तक सीमित है? और कब तक मासूम बच्चों का भविष्य इस तरह लापरवाही की भेंट चढ़ता रहेगा? यह मामला केवल एक शिक्षक का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की जवाबदेही का है। यदि समय रहते ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका सीधा खामियाजा उन नौनिहालों को भुगतना पड़ेगा, जिनके हाथों में आज किताब की जगह अनिश्चित भविष्य थमा दिया गया है।
शादी का झांसा देकर रेप करने वाला गिरफ्तार,मुंबई की महिला का 7 साल तक किया शोषण
*घर पहुंचने पर फिर किया दुष्कर्म

गोंडा।जिले के कटरा बाजार पुलिस ने शादी का झांसा देकर एक महिला का शारीरिक शोषण और रेप करने के आरोपी रामबाबू को गिरफ्तार कर लिया है।गिरफ्तारी के बाद आरोपी को चिकित्सकीय परीक्षण के पश्चात न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।मामला मुंबई की एक महिला से जुड़ा है,जिसने गोंडा आ कर मुकदमा दर्ज कराया था।आरोप है कि कटरा बाजार थाना क्षेत्र के चरेरा चहलवां गांव निवासी रामबाबू लगभग 7 साल पहले मुंबई में मजदूरी करने गया था और वहीं उसकी पहचान एक महिला से हुई।जिसके बाद धीरे धीरे दोनों बातचीत करने लगे और साथ रहने लगे।रामबाबू ने महिला से शादी का वादा किया था और उसके बाद लगातार 7 वर्षों तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाकर उसका शोषण करता रहा।जब महिला ने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी रामबाबू लगभग चार महीने पहले अचानक अपने घर गोंडा भाग आया और शादी से इंकार कर दिया।महिला को किसी तरह से रामबाबू का दूसरा मोबाइल नंबर और पता मिला।जिसके बाद वह 5 फरवरी को गोंडा पहुंची तथा दो दिन तक रामबाबू के घर पर रही,इस दौरान भी रामबाबू ने महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए।7 फरवरी को जब महिला ने एक बार फिर शादी की बात कही तो आरोपी ने इंकार कर दिया और महिला को घर से भगा दिया।इसके बाद महिला ने कटरा बाजार थाने में तहरीर दिया,जिसके बाद कटरा बाजार पुलिस ने तत्काल आरोपी रामबाबू के खिलाफ दुष्कर्म सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दिया।जिसके बाद पुलिस ने पूर्वान्ह आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।पीड़ित महिला का जिला महिला अस्पताल गोंडा में मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है।पुलिस धारा 164 के तहत पीड़िता का बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया में है।कटरा बाजार थाने के प्रभारी निरीक्षक विवेक त्रिवेदी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है।उन्होंने बताया कि महिला और रामबाबू ने शादी के लिए बात किया परन्तु रामबाबू बार बार शादी से मना कर रहा था,जिसके कारण महिला ने मुकदमा दर्ज कराया है और पुलिस ने कार्रवाई किया है।
लल्ला दूबे हत्याकांड में भाई पुलिस हिरासत में,6 दिन पहले हुई थी हत्या
*गांव के 5 लोगों पर दर्ज हुआ था मुकदमा

गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र 4 फरवरी को हुए लल्ला दूबे हत्याकांड में अब नया मोड़ आ गया है।मृतक शिव शंकर दूबे उर्फ लल्ला दूबे के भाई अमरनाथ दूबे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।पुलिस को संदेह है कि लल्ला दूबे की हत्या में अमरनाथ दूबे का हाथ है,जिसके संबंध में उससे पूछताछ की जा रही है।शिव शंकर दूबे (32) की हत्या दुल्हिन पुरवा गांव में खेत में सिंचाई के दौरान चाकू से गोदकर किया गया था।इस मामले में पहले गांव के ही 5 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।हालांकि, जांच में सामने आया है कि उन लोगों ने हत्याकांड को अंजाम नहीं दिया था।पुलिस सूत्रों के अनुसार हिरासत में लिए गए अमरनाथ दूबे पूछताछ के दौरान सही जानकारी नहीं दे रहे हैं।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने हत्याकांड के खुलासे के लिए चार पुलिस टीमों का गठन किया है,जो पिछले छ:दिनों से लगातार जांच कर रही है।करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और 24 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।उन्होंने यह भी पुष्टि किया कि जिन लोगों पर पहले आरोप लगाया गया था,वे इस हत्याकांड में शामिल नहीं थे।पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है और मृतक के परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं उसी के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
पूर्व विधायक परिवार का विवाद पहुंचा ग्राम न्यायालय, बहन ने याचिका दायर किया कार्रवाई की मांग
*परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने को लेकर झगड़ा

गोंडा।जिले के करनैलगंज विधानसभा के पूर्व विधायक कुंवर अजय प्रताप सिंह उर्फ़ लल्ला भैया के परिवार का विवाद अब परिवार तक सीमित नहीं रहा।विवाद अब सोशल मीडिया से हटकर ग्राम न्यायालय तक पहुंच गया है।पूर्व विधायक की बहन कुंवरि शैल सिंह ने करनैलगंज ग्राम न्यायालय में याचिका दायर कर पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की है।ग्राम न्यायालय में इस मामले में सुनवाई 17 फरवरी को होगी।याचिका में आरोप लगाया गया है कि कूरी ग्राम पंचायत में कुंवर कमलेश मोहन सिंह और कुंवर अजयेन मोहन सिंह के शिकायत पत्र पर उनके नाम परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने को लेकर खुली बैठक हुई थी।हालांकि,दोनों पक्ष खुली बैठक में नहीं पहुंचे।बैठक के बाद इसे स्थगित कर कटरा शाहबाजपुर ग्राम पंचायत में नियम विरुद्ध बैठक आयोजित की गई।याचिका में दावा किया गया है कि बैठक में स्थानीय नेताओं और एसडीएम की मौजूदगी के बावजूद परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई और जनता के सामने कोई फैसला नहीं लिया गया।कुंवर कमलेंद्र मोहन सिंह व अजयेन मोहन सिंह पर यह भी आरोप है कि उन्होंने कूरी ग्राम सभा की मतदाता सूची में अपने नाम दर्ज कर पूर्व विधायक के बेटे होने का दावा किया,जबकि मकान संख्या पर 35 अन्य बाहरी लोगों के नाम दर्ज हैं।याचिका में इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गयी है।पूर्व विधायक की पहली पत्नी के बेटे कुंवर शारदेन मोहन व कुंवर वेंकटेश मोहन प्रताप सिंह तथा पूर्व विधायक की बहन कुंवरि शैल सिंह चाहते हैँ कि नाम परिवार रजिस्टर में न दर्ज हो तो वहीं, दूसरी पत्नी के दोनों बेटे नाम दर्ज कराने के पक्ष में हैं।बीते 5 फरवरी को कटरा शाहबाजपुर के कंपोजिट विद्यालय में दोनों परिवारों के बीच खुली बैठक हुई थी और इस बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच आरोप प्रत्यारोप भी हुए थे।
संजय सेत मरम्मत के लिए 8.96 करोड़ के पीपा पुल का प्रस्ताव
*500 मीटर लंबा वैकल्पिक पुल बनने तक नहीं शुरू होगा काम

गोंडा।गोंडा लखनऊ मार्ग को जोड़ने वाले 42 वर्ष पुराने संजय सेतु की मरम्मत का काम अब वैकल्पिक पीपा पुल बनने के बाद ही शुरु होगा।अधिकारियों के अनुसार,500 मीटर लंबा यह पीपा पुल बनाने में लगभग एक महीने का समय लगेगा और इस पर लगभग 8.96 करोड़ रूपए का खर्च आएगा।गोंडा लोक निर्माण विभाग ने इस संबंध में शासन को एक प्रस्ताव भेजा है।शासन से मंजूरी मिलने के बाद ही पीपा पुल का निर्माण शुरू किया जाएगा।यह निर्णय जनहित को देखते हुए लिया गया है क्योंकि पहले पुल को दो महीने के लिए बंद करने की योजना थी।कल सोमवार को लखनऊ में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक नकुल वर्मा और प्राधिकरण के अवर अभियंताओं की बैठक हुई।लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने पुष्टि किया कि पीपे का पुल बनाकर वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाएगा और मरम्मत के दौरान केवल वही मार्ग बंद रहेगा।बिना पीपे पुल के बने अब संजय सेतु को मरम्मत के लिए बंद नहीं किया जाएगा क्योंकि इसे न बंद करने को लेकर अब जनप्रतिनिधि भी मांग कर रहे हैं।बताते चलें कि घाघरा नदी पर बना संजय सेतु गोंडा सहित आठ जिलों को जोड़ता है और देवीपाटन मंडल की जीवनरेखा माना जाता है।रोजाना हजारों यात्री, व्यापारी और एंबुलेंस इसी पुल से गुजरते हैं तथा नेपाल सीमा तक जाने वाला तह सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है,जिसके बंद होने से पूरे मंडल आवागमन ठप हो सकता है।संजय सेतु बंद होने से होने वाली संभावित दिक्कतों को देखते हुए जिले के पांच विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर पीपा पुल निर्माण की मांग किया था।
नाले में मिले युवक के शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा
*आई ओ डब्लयू कार्यालय के सामने नाले में मिला युवक का शव

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत आई ओ डब्ल्यू कार्यालय के सामने बने नाले में एक 30 वर्षीय युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गयी है।स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची नगर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दिया है।पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को नाले से बाहर निकाला,साथ ही मौके पर फोरेंसिक टीम व डाग स्क्वायड टीम को भी बुलाया गया तथा पुलिस ने आवश्यक कार्यवाही कर शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।घटना की सूचना मिलते ही सहायक पुलिस अधीक्षक प्रशिक्षु प्रदीप कुमार, क्षेत्राधिकारी आनंद राय व नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दिया है।मृतक युवक की पहचान नहीं हो सकी है,जिसके लिए नगर कोतवाली पुलिस व सेमरा चौकी की पुलिस युवक की पहचान के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा ले रही है।नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि मृतक की उम्र लगभग 30वर्ष बताई जा रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।पुलिस आसपास के लोगों से भी मृतक युवक के संबंध में पूछताछ कर रही है।
संत रविदास जयंती पर एक कार्यक्रम का आयोजन
गोंडा। कांग्रेस भवन में शहर कांग्रेस कमेटी की ओर से संत रविदास जयंती पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शाहिद अली कुरैशी के नेतृत्व में संत रविदास जी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। जिला मीडिया प्रभारी शिव कुमार दुबे ने संत रविदास जी के समाज सुधारक कार्यों को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शाहिद अली कुरैशी ने कहा कि संत रविदास जी का जीवन दर्शन हमें समाज में एकता और सौहार्द्र बनाए रखने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में कंट्रोल रूम इंचार्ज सैयद अब्दुल मुजीब, दिवाकर पांडे, शहर उपाध्यक्ष वसीम सिद्दीकी, जानकी देवी, शहर प्रवक्ता जर्निल हयात, जाकिर अली, पिछड़ा वर्ग शहर अध्यक्ष रिजवान अली, इरफान अली समेत कई प्रमुख कांग्रेस नेता मौजूद थे।
कहासुनी को लेकर दो पक्षों में हुई मारपीट, पीड़ित महिला ने दिया तहरीर
*पुलिस ने शुरू किया जांच

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बभनी कानूनगो गांव में दो गुटों में आपसी कहासुनी को लेकर मारपीट हुई है,जिसका एक वीडियो भी सामने आया है।उक्त गांव निवासी राधा यादव की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दिया है।राधा यादव द्वारा नगर कोतवाली में दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि जब वह अपने घर के बच्चों के साथ काम में व्यस्त थी कि तभी अजय यादव, विक्की यादव,मंजीत यादव, राम दर्शन यादव,पूजा यादव और बृजनंदन यादव उनके घर में घुस आए।आपसी कहासुनी के बाद इन लोगों ने उनके परिवार के सदस्यों के साथ गाली गलौज शुरू कर दिया और जब उन लोगों को रोका गया तो आरोपियों ने लाठी डंडों से हमला कर दिया।राधा यादव ने बताया कि घर में कोई पुरुष सदस्य न होने के कारण यह घटना हुई।राधा यादव के अनुसार,हमलावरों ने उनके सिर पर वार किया जिससे उनका सिर फट गया।उनके भाई रंजीत यादव और गंभीर बीमारी से ग्रस्त उनकी माता सरफा यादव के साथ भी मारपीट की गयी।नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो का भी संज्ञान लिया गया है और उसकी भी जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि इस घटना में कौन लोग दोषी हैं।यह वायरल वीडियो तीन दिन पुराना बताया जा रहा है और परिजनों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग किया है।