एमपी-एमएलए कोर्ट ने विदेश राज्यमंत्री का निगरानी वाद किया खारिज,लगातार अनुपस्थित रहने के कारण खारिज हुआ वाद
*11 अगस्त को दिया था मुकदमे का आदेश
गोंडा।अपर सत्र न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट राजेश कुमार तृतीय की अदालत ने विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया के निगरानी वाद और स्थगन प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है।यह फैसला निगरानीकर्ता की लगातार अनुपस्थिति के कारण लिया गया है।न्यायालय द्वारा बार बार उपस्थित होने के कहा जा रहा था परन्तु वह उपस्थित नहीं हो रहे थे।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि निगरानीकर्ता लगातार अनुपस्थित चल रहे थे जबकि विपक्षी अजय सिंह लगातार कोर्ट में उपस्थित हो रहे थे।बार बार पुकारने के बावजूद निगरानीकर्ता की तरफ से कोई उपस्थित नहीं हुआ।विपक्षी के अधिवक्ता ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि निगरानीकर्ता विभिन्न तारीखों से बार बार स्थगन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं और सुनवाई नहीं चाहते।
दरअसल बीते 12 अगस्त को एमपी एमएलए कोर्ट ने मनकापुर भिटौरा निवासी अजय सिंह के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए मनकापुर कोतवाली को निर्देश दिया था कि विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया,उनके निजी सचिव राजेश सिंह, पिंकू,सहदेव यादव और क्रांति सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।इस आदेश को चुनौती देते हुए विदेश राज्यमंत्री ने ऊपरी अदालत में यह निगरानी वाद दायर किया था।
अजय सिंह ने आरोप लगाया था कि विदेश राज्यमंत्री ने अपने निजी सचिव राजेश सिंह, पिंकू,सहदेव यादव और क्रांति के साथ मिलकर एक महिला की जमीन को धोखाधड़ी से किसी और को बेंच दिया।अजय सिंह के अनुसार जब उनकी पत्नी मनीषा ने इस जालसाजी की शिकायत किया तो आरोपियों ने उन्हें सुलह करने की धमकी दिया और जब वे नहीं माने तो आरोपियों ने अपने निजी सचिव के माध्यम से उनके ऊपर झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया है।वहीं कोर्ट द्वारा निगरानी वाद खारिज किए जाने पर विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया के विपक्षी अजय सिंह ने कहा कि 2012 में हमने मनकापुर गांव में जमीन लिखवाया था और उसी जमीन को हड़पने के लिए विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया, उनके प्रतिनिधि राजेश सिंह,सहदेव, पिंकू और क्रांति ने योजनाबद्ध तरीके से मेरी जमीन को हड़प लेना चाहते हैं।इसी पर हमने शिकायत किया था तो एमपी एमएलए कोर्ट ने 11 अगस्त को इन सभी लोगों के ऊपर भारतीय न्याय संहिता की धारा 173(4) के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था और इस मुकदमे को रोकने के लिए इन लोगों ने जनपद न्यायाधीश के यहां निगरानी वाद दायर किया था,जिसे जिला जज के यहां से एमपी एमएलए कोर्ट राजेश कुमार तृतीय के यहां भेज दिया गया तथा इसी अदालत पर लगातार सुनवाई चल रही थी परन्तु यह लोग निरंतर मौका दरख्वास्त देकर भाग रहे थे।आज इस निगरानी वाद को एमपी एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश राजेश कुमार तृतीय ने खारिज कर दिया है।हम चाहते हैं कि न्यायालय ने जो आदेश दिया था वह मुकदमा दर्ज किया जाए और पुलिस इस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच करे।
3 hours ago
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