*आज के युवाओं के, कल के लक्ष्यों को ध्यान में रखेगा आईसीआईसीआई प्रू स्मार्ट इंश्योरेंस प्लान प्लस*
*आज के युवाओं के लिए, कल के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर बनाया गया आईसीआईसीआई प्रू स्मार्ट इंश्योरेंस प्लान प्लस*

*नई दिल्ली, जनवरी 2026* : भारत आज एक अहम् मोड़ पर खड़ा है। आने वाले दस वर्ष देश के युवाओं को समर्पित हैं, जो सपने देखने वाले भी हैं और उन्हें पूरा करने वाले भी और साथ ही जो देश की आर्थिक दिशा तय कर रहे हैं। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) के अनुसार, करीब 65% भारतीयों की उम्र 35 वर्ष से कम है। चाहे पहला घर खरीदना हो या जल्दी रिटायरमेंट की योजना बनाना, सपनों को हकीकत में बदलने के लिए लंबे समय तक अनुशासित वित्तीय योजना और बचत बेहद जरूरी है।
इसी सोच के साथ तैयार किया गया, आईसीआईसीआई प्रू स्मार्ट इंश्योरेंस प्लान प्लस एक ऐसा मार्केट-लिंक्ड जीवन बीमा उत्पाद है, जो कमाने वाले युवाओं की सुविधाओं को ध्यान में रखता है। यह न सिर्फ लंबे समय में संपत्ति बनाने में मदद करता है, बल्कि परिवार को वित्तीय सुरक्षा भी देता है। सिर्फ 1,000 रुपए प्रति माह से शुरू होने वाला यह किफायती प्लान युवा प्रोफेशनल्स और पहली बार निवेश करने वालों को जल्दी शुरुआत करने, निवेश बनाए रखने और भारत की विकास कहानी का लाभ लेने का मौका देता है।
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर श्री विकास गुप्ता ने कहा, "आईसीआईसीआई प्रू स्मार्ट इंश्योरेंस प्लान प्लस एक किफायती उत्पाद है, जिसमें ग्राहक द्वारा चुने गए एसेट एलोकेशन के अनुसार पूरा प्रीमियम निवेश किया जाता है। इसमें ग्राहकों के लिए 25 अलग-अलग फंड और चार पोर्टफोलियो स्ट्रेटेजीस का विकल्प शामिल है। यह आंशिक निकासी की सुविधा भी देता है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत वित्तीय जरुरत पूरी हो सके। इसके अलावा इसमें 'वेवर ऑफ प्रीमियम' का अतिरिक्त लाभ की सुविधा भी मिलती है, जिससे जीवन में किसी अनचाही स्थिति में भी परिवार के वित्तीय लक्ष्य सुरक्षित रहते हैं।"
यूलिप की संरचना ऐसी होती है कि यह लंबे समय तक निवेश करने और एसेट बनाने की आदत को बढ़ावा देती है। यह ग्राहकों के लिए इसलिए भी फायदेमंद है, क्योंकि मॉर्गन स्टैनली के अनुसार भारत 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर है। यूलिप में ग्राहकों को एसेट क्लास चुनने की आज़ादी मिलती है और वे बिना किसी अतिरिक्त लागत या टैक्स के एक एसेट से दूसरे एसेट में स्विच भी कर सकते हैं।
*केविनकेयर का चिक क्रेम हेयर कलर कैटेगरी में प्रवेश; पटना में  लॉन्च किया चिक क्विक क्रेम हेयर कलर*
* गुणवत्ता  के प्रति जागरूक और किफायती विकल्प चाहने वाले उपभोक्ताओं के लिए तैयार किया गया यह उत्पाद सिर्फ 10 मिनट में आसान और बेहतर हेयर कलरिंग अनुभव देता है, वह भी मात्र 10 रुपए में।
* यह तीन लोकप्रिय शेड्स- नेचुरल ब्लैक, नेचुरल ब्राउन और बरगंडी में उपलब्ध है। यह सिंगल-यूज़ सैशे में आता है और राज्य भर के जनरल ट्रेड दुकान पर आसानी से मिलेगा।
* टीवी की मशहूर हस्ती श्वेता तिवारी को ब्रांड एंबेसडर लेकर, चिक ने एक व्यापक 360° मार्केटिंग कैंपेन भी शुरू किया है, जिसमें प्रिंट, डिजिटल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
*पटना, जनवरी 2026:* केविनकेयर का चिक ब्रांड, पटना के बाजार में हेयर कलर कैटेगरी में एक क्राँतिकारी उत्पाद- चिक क्विक क्रेम हेयर कलर लेकर आया है। इस घोषणा के साथ चिक ने क्रेम हेयर कलर कैटेगरी में अपनी एंट्री दर्ज की है। यह उत्पाद एक अनोखे 10-मिनट के फास्ट एक्शन फॉर्मूले से लैस है, जो क्रेम हेयर कलरिंग को और आसान और समय-बचाने वाला बनाता है। इसमें आंवला और भृंगराज जैसे प्राकृतिक तत्वों की अच्छाई शामिल है, जिससे यह गहरे, नैचुरल दिखने वाले रंग का अनुभव देता है। यह लॉन्च चिक के उस मिशन में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें हर घर तक इनोवेटिव और आसान हेयर कलरिंग सॉल्यूशंस पहुँचाना शामिल है। ब्रांड ने लोकप्रिय टीवी अभिनेत्री श्वेता तिवारी को ब्रांड एंबेसडर बनाया है और राज्य में एक व्यापक मार्केटिंग कैंपेन शुरू किया है, जिसमें प्रिंट, ऑनलाइन और डिजिटल माध्यम शामिल हैं।
चिक क्विक क्रेम हेयर कलर एक सिंगल-यूज़ सैशे में उपलब्ध है, जो अन्य क्रेम हेयर कलर्स से अलग एक सुविधाजनक पैक है। यह उपभोक्ताओं की मुख्य समस्याओं- लंबे समय तक लगने वाली एप्लीकेशन, रूखापन और पाउडर फॉर्मेट में होने वाली गंदगी को दूर करता है। यह प्रोडक्ट कम तैयारी के साथ एक स्मूद कलरिंग अनुभव सुनिश्चित करता है। तीन आकर्षक शेड्स- नेचुरल ब्लैक, नेचुरल ब्राउन और बरगंडी में उपलब्ध यह रेंज उपभोक्ताओं की पसंद को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। मात्र 10 रुपए की कीमत में यह क्रेम फॉर्मेट पटना के किफायती उपभोक्ताओं के लिए हेयर कलरिंग को और सुलभ और समावेशी बनाता है। 10 मिनट की फास्ट एक्शन टेक्नोलॉजी के साथ, चिक क्विक क्रेम हेयर कलर गहरे रंग और चमकदार फिनिश के साथ हेयर कलरिंग अनुभव को नया रूप देता है, बिना इंतजार, बिना झंझट।
लॉन्च पर बोलते हुए, केविनकेयर के बिजनेस हेड- पर्सनल केयर, श्री रजत नंदा ने कहा, “पटना में हेयर कलर बाजार तेजी से बदल रहा है। उपभोक्ता अब ऐसे समाधान चाहते हैं, जो गुणवत्ता, सुविधा और किफायत को एक साथ लाएं। अब तक कई उपभोक्ता पारंपरिक हेयर कलर फॉर्मेट पर निर्भर रहे हैं, जिनमें उपयोग की आसानी और अनुभव की कमी रहती है। चिक क्विक क्रेम हेयर कलर के साथ, हम गर्व से कह सकते हैं कि हम इस अंतर को दूर कर रहे हैं। यह सच में एक ऐसा क्रेम फॉर्मेट है, जो केवल 10 मिनट में गहरे और शानदार परिणाम देता है। पटना के सबसे भरोसेमंद हेयर केयर ब्रांड्स में से एक होने के नाते, चिक हमेशा ब्यूटी को सबके लिए सुलभ बनाने के लिए खड़ा रहा है, और यह लॉन्च हमारे इनोवेशन और वैल्यू-ड्रिवन समाधानों की दिशा में एक और कदम है।”
चिक क्विक क्रेम हेयर कलर पटना के सभी रिटेल आउटलेट्स और किराना स्टोर्स पर सिंगल-यूज़ सैशे पैक में उपलब्ध होगा। उपभोक्ता अपनी पसंद के अनुसार तीन लोकप्रिय शेड्स- नेचुरल ब्लैक, नेचुरल ब्राउन और बरगंडी में से चुन सकते हैं। इस लॉन्च के साथ केविनकेयर पर्सनल केयर श्रेणी में चिक की उपस्थिति को और मजबूत करता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि गुणवत्तापूर्ण हेयर कलरिंग अब हर घर तक पहुँचे।

चिक के विषय में: चिक शैम्पू केविनकेयर की यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है। इस ब्रांड ने एफएमसीजी उद्योग में सैशे रिवॉल्यूशन लाया और आज यह केविनकेयर का प्रमुख ब्रांड है। इनोवेटिव सैशे पैकेजिंग, रणनीतिक मूल्य निर्धारण, व्यापक वितरण नेटवर्क और तेजी से बदलती उपभोक्ता जरूरतों को समझने की क्षमता ने चिक को आज देश के सफलतम ब्रांड्स में शामिल किया है।
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में अब तक का सर्वाधिक तिमाही एनआईआई 1,000 करोड़ रुपए

* वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में वितरण रिकॉर्ड स्तर 8,293 करोड़ रुपए
* जमा 7.7% तिमाही दर तिमाही बढ़ी, ऋण पुस्तिका वृद्धि 7.1% तिमाही दर तिमाही से आगे
* सकल ऋण पुस्तिका (दिसंबर’25) 37,057 करोड़ रुपए, 21.6% सालाना वृद्धि; जमा 42,223 करोड़ रुपए, 22.4% सालाना वृद्धि
* सुरक्षित ऋण पुस्तिका 17,825 करोड़ रुपए (दिसंबर’25), 48.7% सालाना वृद्धि; कुल ऋण में सुरक्षित ऋण का हिस्सा 48.1%
* माइक्रो बैंकिंग सकल ऋण पुस्तिका 19,372 करोड़ रुपए (दिसंबर’25); 4.1% सालाना वृद्धि
*मुंबई, , जनवरी, 2026* :उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड [BSE: 542904; NSE: UJJIVANSFB] ने आज 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा की।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक- व्यवसाय प्रदर्शन सारांश
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही एवं वित्त वर्ष 26 के 9 महीने
❖ परिसंपत्तियाँ
सकल ऋण पुस्तिका 37,057* करोड़ रुपए (दिसंबर’25), 21.6% सालाना / 7.1% तिमाही दर तिमाही वृद्धि
सुरक्षित ऋण पुस्तिका का हिस्सा 48.1% (दिसंबर’25) बनाम 39.3% (दिसंबर’24) और 46.8% (सितंबर’25)
अब तक का सर्वाधिक तिमाही वितरण 8,293 करोड़ रुपए; 54.7% सालाना / 4.5% तिमाही दर तिमाही वृद्धि
माइक्रो बैंकिंग वितरण 4,688 करोड़ रुपए; 62.4% सालाना / 10.1% तिमाही दर तिमाही वृद्धि
❖ संग्रह एवं परिसंपत्ति गुणवत्ता
समूह एवं व्यक्तिगत ऋण बकेट-एक्स की संग्रह दक्षता में सुधार; दिसंबर’25 में 99.7%
जोखिमग्रस्त पोर्टफोलियो*/जीएनपीए*/एनएनपीए* क्रमशः 3.98% / 2.39% / 0.58% (दिसंबर’25); जबकि दिसंबर’24 में 5.36% / 2.68% / 0.66%
प्रोविजन कवरेज रेशियो दिसंबर’25 में बढ़कर 76%
❖ जमा
जमा 42,223 करोड़ रुपए (दिसंबर’25), 22.4% सालाना / 7.7% तिमाही दर तिमाही वृद्धि
कासा 11,535 करोड़ रुपए; 33.2% सालाना वृद्धि, कासा अनुपात 27.3% (दिसंबर’25)
रिटेल टर्म डिपॉजिट^ + कासा 29,395 करोड़ रुपए; 16.3% सालाना वृद्धि
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में फंड की लागत (सीओएफ) 7.09%, वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही की तुलना में 25 बीपीएस कम

❖ वित्तीय प्रदर्शन
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में अब तक का सर्वाधिक एनआईआई 1,000 करोड़ रुपए; 12.8% सालाना वृद्धि
एनआईएम 33 बीपीएस बढ़कर वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 8.23%
कॉस्ट-टू-इनकम अनुपात तिमाही के लिए 66% पर स्थिर; हालाँकि नए श्रम संहिता के तहत एकमुश्त ग्रेच्युटी खर्च समायोजन के बाद 65% से नीचे
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में पीएटी 186 करोड़ रुपए; 70.8% सालाना वृद्धि
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में आरओए 1.5% (सालाना 45 बीपीएस वृद्धि); आरओई 11.5% (सालाना 423 बीपीएस वृद्धि)
❖ पूँजी एवं तरलता
पूँजी पर्याप्तता अनुपात 21.6%
मजबूत तरलता; दिसंबर’25 के लिए औसत दैनिक एलसीआर 165.6%
* जहाँ लागू हो, शर्तें/परिभाषाएँ बैंक की रिपोर्टिंग के अनुसार।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्री संजीव नौटियाल ने कहा, “भारत का व्यापक आर्थिक परिदृश्य अनुकूल बना हुआ है। वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में 8.2% की मजबूत जीडीपी वृद्धि ने ऋण वृद्धि और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार के लिए सहायक माहौल तैयार किया है।
उज्जीवन एसएफबी में जमा वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 7.7% तिमाही दर तिमाही और 22.4% सालाना बढ़कर 42,223 करोड़ रुपए हो गई, जबकि दिसंबर’25 के अंत में क्रेडिट–डिपॉजिट अनुपात 88% रहा। गुणवत्ता वाले ‘न्यू-टू-बैंक’ ग्राहकों को जोड़ने तथा ‘एग्ज़िस्टिंग-टू-बैंक’ ग्राहकों से बेहतर जुड़ाव के लिए समर्पित चैनलों पर स्पष्ट फोकस के चलते कासा अनुपात लगातार दो तिमाहियों से 27% से ऊपर बना हुआ है। वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही में किए गए जमा दरों में कटौती और बेहतर तरलता प्रबंधन के कारण फंड की लागत में गिरावट का रुझान जारी रहा। तिमाही के लिए सीआईएफ 7.08% रहा, जो सालाना आधार पर 49 बीपीएस कम है।
तिमाही के दौरान सकल ऋण पुस्तिका 7.1% तिमाही दर तिमाही और 21.6% सालाना बढ़कर 37,057 करोड़ रुपए हो गई, जिसे 8,293 करोड़ रुपए के अब तक के सर्वाधिक तिमाही वितरण का सहारा मिला। यह असुरक्षित और सुरक्षित, दोनों श्रेणियों के उत्पादों में सर्वांगीण प्रदर्शन का परिणाम रहा। आवास, एमएसएमई, गोल्ड, वाहन और कृषि ऋण जैसे सुरक्षित पोर्टफोलियो हमारी दीर्घकालिक विविधीकरण रणनीति के अनुरूप विस्तार करते रहे, जिससे दिसंबर’25 तक सुरक्षित ऋण का हिस्सा बढ़कर 48% हो गया।
बैंक का पीएआर 4% से नीचे रहा। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में स्लिपेज घटकर 221 करोड़ रुपए रहा, जबकि दिसंबर’25 के अंत में जीएनपीए 2.39% और एनएनपीए 0.58% रहा। तिमाही के लिए क्रेडिट लागत ₹195 करोड़ रही और हमें मौजूदा परिचालन तिमाही में इसमें और कमी की उम्मीद है। दिसंबर’25 तक पीसीआर बढ़कर 76% हो गया। माइक्रोफाइनेंस बकेट-एक्स की संग्रह दक्षता दिसंबर’25 में 99.7% तक पहुँचने के साथ प्रावधान आवश्यकताएं घटने लगी हैं।
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में हमारी नेट इंटरेस्ट मार्जिन (एमआईएम) 33 bps तिमाही दर तिमाही बढ़कर 8.23% हो गई, जिसे कम CoF, अनुकूल उत्पाद मिश्रण, कम ब्याज रिवर्सल और सीआरआर में ढील का समर्थन मिला। हमने तिमाही में ₹1,000 करोड़ का अब तक का सर्वाधिक एनआईआई दर्ज किया। इसके परिणामस्वरूप लाभप्रदता मजबूत हुई और वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में कर पश्चात लाभ (पीएटी) ₹186 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 70.8% की स्वस्थ वृद्धि दर्शाता है। नवंबर’25 से लागू नए श्रम संहिता के तहत एकमुश्त ग्रेच्युटी खर्च को समायोजित करने पर हमारा पीएटी लगभग ₹200 करोड़ होता। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 1.5% का आरओए और 11.5% का आरओई हमारे रिटर्न मेट्रिक्स में निरंतर सुधार को रेखांकित करता है।
21.6% की स्वस्थ पूंजी पर्याप्तता, मजबूत तरलता बफर और वृद्धि के प्रति अनुशासित दृष्टिकोण के साथ बैंक आने वाली तिमाहियों में टिकाऊ और लाभकारी वृद्धि देने के लिए सुदृढ़ स्थिति में है।”
राज अमित कुमार के हिट शो 'बिंदिया के बाहुबली' का सीज़न 2 पारिवारिक जंग में फँसे एक पूरे इलाके की कहानी लेकर लौट रहा है

मुंबई, जनवरी 2026: 'बिंदिया के बाहुबली' की दमदार दुनिया एक बार फिर वापसी के लिए तैयार है। 21 जनवरी को रिलीज़ होने जा रहे इसके दूसरे सीज़न का ट्रेलर साफ इशारा करता है कि अब बिंदिया की लड़ाई सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं रही, यह अब बेहद निजी, खतरनाक और जानलेवा हो चुकी है।

राज अमित कुमार द्वारा लिखित और निर्देशित पहले सीज़न में काल्पनिक कस्बे 'बिंदिया की कहानी' को एक ब्लैक कॉमेडी के अंदाज़ में सामने आई थी, जहाँ अपराध और राजनीति अजीबोगरीब तरीके से साथ-साथ चलते हैं। चुनाव के दौरान खौफनाक माफिया डॉन बड़े दवन की गिरफ्तारी से सत्ता का संतुलन बिगड़ जाता है। इस मौके को भाँपते हुए उसका महत्वाकांक्षी बेटा छोटे दवन सत्ता हथियाने की कोशिश करता है, भले ही इसके लिए उसे अपने ही परिवार के खिलाफ क्यों न जाना पड़े।

सीज़न 2 में पिता-पुत्र के इस टूटे रिश्ते और पारिवारिक टकराव को और भी गहराई से दिखाया गया है, जो अब एक भीषण सत्ता संघर्ष में बदल चुका है। ट्रेलर में बड़े दवन और छोटे दवन के बीच एक क्रूर आमना-सामना देखने को मिलता है, जिसमें बिंदिया बीच में फँस जाता है। गठजोड़ बदलते हैं, धोखे बढ़ते हैं और हर चाल जानलेवा साबित होती है। अब यह लड़ाई विरासत की नहीं, बल्कि खून-पसीने से सत्ता छीनने की है।

सीज़न 2 पर बात करते हुए निर्देशक राज अमित कुमार ने कहा, "सीज़न 1 कॉमेडी था, लेकिन सीज़न 2 में कॉमेडी त्रासदी में बदल जाती है। यदि पहला सीज़न सेट-अप था, तो यह उसका पे-ऑफ है। यदि सीज़न 1 नमक था, तो सीज़न 2 टकीला शॉट है। इस बार संघर्ष भावनात्मक और नैतिक रूप से कहीं ज्यादा खतरनाक हैं। पारिवारिक सत्ता संघर्ष अब सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि बेहद निजी और मानवीय हो गया है।"

रणवीर शौरी और सौरभ शुक्ला के साथ इस सीरीज़ में सीमा बिस्वास, सई ताम्हणकर, तनिष्ठा चटर्जी, क्रांति प्रकाश झा, दिब्येंदु भट्टाचार्य और शीबा चड्ढा अहम भूमिकाओं में नज़र आएँगे।

'बिंदिया के बाहुबली' सीज़न 2, 21 जनवरी, 2026 से अमेज़न प्राइम वीडियो और अमेज़न एमएक्स प्लेयर पर स्ट्रीम होने जा रहा है।
सेवलाइफ फाउंडेशन और पार्ले बिस्कुट्स प्राइवेट लिमिटेड ने नागपुर के ग्रामीण अस्पतालों को महत्वपूर्ण शल्य चिकित्सा उपकरण सौंपे*

*नागपुर, जनवरी 2026:* घातक सड़क दुर्घटनाओं के इतिहास वाले उच्च जोखिम वाले गलियारों में आपातकालीन चिकित्सा देखभाल और आघात देखभाल सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सेवलाइफ फाउंडेशन ने पार्ले बिस्कुट प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक सीएसआर साझेदारी में, महाराष्ट्र सरकार के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से, नागपुर ग्रामीण जिले में एनएच-353डी (उमरेड-भीवापुर रोड) पर स्थित उमरेड ग्रामीण अस्पताल और आघात देखभाल इकाई और एनएच-44 (नागपुर-देओलापार रोड) पर स्थित देओलापार ग्रामीण अस्पताल को महत्वपूर्ण शल्य चिकित्सा उपकरण सौंपे।
उमरेड ग्रामीण अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रभाकर वंजारी और देओलापार ग्रामीण अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय मेश्राम ने सेवलाइफ फाउंडेशन के प्रतिनिधियों के साथ संबंधित कार्यक्रमों में भाग लिया।
इस कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए उमरेड ग्रामीण अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रभाकर वंजारी ने कहा, "सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने पर समय पर हस्तक्षेप करना महत्वपूर्ण है, इसलिए इस शल्य चिकित्सा उपकरण के जुड़ने से उमरेड ग्रामीण अस्पताल की आपातकालीन आघात के मामलों से निपटने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।"
देवलापार ग्रामीण अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय मेश्राम ने प्रकाश डालते हुए कहा,“यह सहयोग हमारे अस्पताल की आपातकालीन तैयारियों को मजबूत करता है और एनएच-44 पर सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुए मरीजों को सीधे तौर पर लाभ पहुँचाएगा। ग्रामीण स्तर पर आघात देखभाल सेवाओं को सुदृढ़ करने में सेवलाइफ फाउंडेशन और पार्ले बिस्कुट प्राइवेट लिमिटेड के प्रयासों की हम सराहना करते हैं।”
एनएच-353डी और एनएच-44 पर यातायात बहुत अधिक रहता है और यहाँ गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का खतरा अधिक रहता है। जनवरी-नवंबर 2025 के बीच, एनएच-44 पर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में पिछले वर्ष की तुलना में 104% की वृद्धि दर्ज की गई, जो 2024 में 24 से बढ़कर 2025 में 49 हो गईं। वहीं, एनएच-353डी पर मौतों में पिछले वर्ष की तुलना में 10% की कमी दर्ज की गई, जो 2024 में 30 से घटकर 2025 में 27 रह गईं। कुल मिलाकर, नागपुर ग्रामीण क्षेत्र के उच्च मृत्यु दर वाले गलियारों में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में पिछले वर्ष की तुलना में 7.3% की वृद्धि दर्ज की गई, जो जनवरी-नवंबर 2024 के बीच 233 से बढ़कर इस वर्ष इसी अवधि में 250 हो गईं। ग्रामीण अस्पतालों को आवश्यक शल्य चिकित्सा और आपातकालीन देखभाल उपकरणों से लैस करके, इस पहल का उद्देश्य आघात देखभाल की तैयारियों में सुधार करना और सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली रोकी जा सकने वाली मौतों और गंभीर चोटों को कम करना है।
पारले बिस्कुट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) प्रयासों के तहत समर्थित, जीरो फैटैलिटी कॉरिडोर कार्यक्रम उन्नत दुर्घटना डेटा विश्लेषण, सामुदायिक सहभागिता, बेहतर आघात देखभाल और क्षमता निर्माण के माध्यम से उच्च जोखिम वाले राजमार्गों को सुरक्षित गलियारों में बदलने पर केंद्रित है।
उमरेड ग्रामीण अस्पताल और देओलापार ग्रामीण अस्पताल को महत्वपूर्ण शल्य चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने की पहल से सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए आपातकालीन देखभाल की तैयारी और समय पर उपचार सुनिश्चित होगा। जीरो फैटैलिटी कॉरिडोर कार्यक्रम के तहत यह पहल रोकी जा सकने वाली मौतों को कम करने और अधिक प्रभावी आपातकालीन देखभाल प्रणाली के निर्माण की दिशा में एक कदम है।
इस पहल के बारे में बात करते हुए, सेवलाइफ फाउंडेशन की कार्यक्रम प्रमुख डॉ. इलिया जाफर ने कहा, ”विशेषीकृत आघात देखभाल सुविधाओं की अनुपलब्धतादुर्घटनास्थलों के निकट स्थित अस्पताल सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों का एक प्रमुख कारण है। उमरेड ग्रामीण अस्पताल और देओलापार ग्रामीण अस्पताल की आपातकालीन चिकित्सा और आघात संबंधी देखभाल प्रदान करने की क्षमता को मजबूत करके, हम बेहतर उत्तरजीविता परिणामों को प्राप्त करने के प्रति आश्वस्त हैं।”
सेवलाइफ फाउंडेशन भारत के राजमार्गों पर शून्य मौतों के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से डेटा-आधारित साक्ष्यों का लाभ उठाते हुए सड़क सुरक्षा और आघात देखभाल के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
डर और हँसी का धमाकेदार संगम: नंदिता रॉय और शिबोप्रसाद मुखर्जी की 'भानुप्रिया भूतोर होटल' का ट्रेलर हुआ रिलीज़

मुंबई, जनवरी, 2026: बहुप्रतीक्षित फिल्म 'भानुप्रिया भूतोर होटल' का ट्रेलर आखिरकार रिलीज़ हो गया है और यह डरावने माहौल के साथ ठहाकों से भरपूर मनोरंजन का वादा करता है। रहस्यमय वातावरण, चुटीला हास्य और अप्रत्याशित मोड़ों से सजा यह ट्रेलर ऐसी दुनिया की झलक दिखाता है, जहाँ हॉरर और कॉमेडी का मज़ेदार टकराव देखने को मिलता है।

फिल्म में मिमी चक्रवर्ती, सोहम मजूमदार, बॉनी सेनगुप्ता और स्वस्तिका दत्ता अहम भूमिकाओं में नज़र आ रहे हैं। ट्रेलर में दिलचस्प किरदार, शानदार कॉमिक टाइमिंग और डर पैदा करने वाले विज़ुअल्स देखने को मिलते हैं, जो दर्शकों को डरते-डरते हँसने पर मजबूर कर देते हैं। चतुर संवादों से लेकर अलौकिक अराजकता तक, ट्रेलर एक ताज़ा और मनोरंजक सिनेमाई सफर का संकेत देता है।

फिल्म को लेकर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए सोहम मजूमदार ने कहा, "इस फिल्म ने मुझे इसलिए आकर्षित किया, क्योंकि यह हॉरर को बहुत ही खेल-खेल में पेश करती है। यह सिर्फ डर पर निर्भर नहीं है, बल्कि ऐसा माहौल रचती है, जहाँ हास्य और भय साथ-साथ चलते हैं। ट्रेलर उस संतुलन को बखूबी दर्शाता है, और मुझे लगता है दर्शकों के लिए यह एक बेहद मनोरंजक अनुभव होगा।"

वहीं मिमी चक्रवर्ती ने कहा, "भानुप्रिया भूतोर होटल मेरे लिए बिल्कुल अलग अनुभव है। यह डरावनी भी है, अजीब-सी भी और साथ ही बेहद मज़ेदार भी। ट्रेलर उस पागलपन की झलक देता है, जिसकी उम्मीद दर्शक फिल्म से कर सकते हैं। मैं उत्साहित हूँ कि दर्शक बड़े पर्दे पर हॉरर और कॉमेडी के इस अनोखे मेल का आनंद लें।"

हॉरर-कॉमेडी जॉनर में अपनी पहली कोशिश को लेकर निर्देशक अरित्र मुखर्जी ने कहा, "भानुप्रिया भूतोर होटल’ के साथ हम ऐसे जॉनर को एक्सप्लोर करना चाहते थे, जहाँ कल्पना, हास्य और भावनाएँ एक साथ मौजूद हों। हॉरर-कॉमेडी हमें यह आज़ादी देती है कि हम एक ऐसी कहानी कह सकें, जो मनोरंजक भी हों और किरदारों व परिस्थितियों के ज़रिए दर्शकों से जुड़ भी सकें। ट्रेलर को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया ने हमें और उत्साहित किया है।"

निर्माता नंदिता रॉय और शिबोप्रसाद मुखर्जी के लिए भी यह फिल्म हॉरर-कॉमेडी स्पेस में पहली पेशकश है। कंटेंट-समृद्ध और दर्शकों द्वारा पसंद की जाने वाली फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले इस जोड़ी के लिए, यह जॉनर उनकी कहानी कहने की विरासत में एक नया और रोमांचक अध्याय जोड़ता है। हॉरर-कॉमेडी पर उनका चंचल लेकिन सधा हुआ अंदाज़ इस फिल्म को खास बनाता है।

विंडोज़ प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी 'भानुप्रिया भूतोर होटल' 23 जनवरी, 2026 को छुट्टियों के मौके पर रिलीज़ होने के लिए तैयार है। ट्रेलर को देखकर इतना तय है कि दर्शकों को एक डरावना, हँसी से भरपूर और पूरी तरह मनोरंजक अनुभव मिलने वाला है।
आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने रचा अहम् चिकित्सकीय मुकाम, स्तन कैंसर मरीज की सफल सर्जरी

आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, स्तन कैंसर मरीज की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी की सफल सर्जरी की

*कोलकाता, जनवरी 2026* : आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने अपने आरजी इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस्ड ब्रेस्ट केयर के माध्यम से दाहिने स्तन के कैंसर से पीड़ित 68 वर्षीय महिला का सफल इलाज किया। वरिष्ठ ब्रेस्ट सर्जन डॉ. ताप्ती सेन के नेतृत्व में मरीज की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी के साथ बगल की लिम्फ नोड्स की सफाई (लेवल थ्री तक) की गई। यह सफल सर्जरी अस्पताल की ब्रेस्ट कैंसर के उन्नत इलाज में मजबूत विशेषज्ञता को दर्शाती है, जहाँ सटीक उपचार के साथ मरीज की जल्दी रिकवरी पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाता है।
प्रक्रिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता की ब्रेस्ट सर्जरी कंसल्टेंट डॉ. ताप्ती सेन ने कहा, "लिम्फ नोड्स से जुड़े स्तन कैंसर के मरीजों के लिए मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी आज भी एक अहम् उपचार विकल्प है। समय पर उचित जाँच, उपयुक्त सर्जरी और सर्जरी के बाद की व्यवस्थित देखभाल से बेहतर परिणाम मिलते हैं और साथ ही मरीज की जीवन गुणवत्ता में सुधार होता है।"
मरीज पिछले एक वर्ष से दाहिने स्तन में बिना दर्द की सूजन की शिकायत लेकर आई थीं, जिसका आकार धीरे-धीरे बढ़ रहा था। जाँच और इमेजिंग में स्तन के उनके निचले हिस्से में 3.3 x 3 सेमी की सख्त और अनियमित गाँठ पाई गई, जो त्वचा या अंदर की गहरी संरचनाओं तक नहीं फैली थी। मैमोग्राम और दाहिने स्तन से की गई ट्रू-कट बायोप्सी में कार्सिनोमा राइट ब्रेस्ट की पुष्टि हुई। पूरे शरीर की पीईटी-सीटी जाँच में बीमारी सिर्फ उसी क्षेत्र तक सीमित पाई गई और शरीर के अन्य हिस्सों में फैलाव नहीं दिखा।
इसके बाद आईएचसी जाँच के बाद मरीज की दाहिने स्तन की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी और बगल के लिम्फ नोड्स की सफाई की सर्जरी की गई। सर्जरी से पहले सभी जरूरी जाँचें और एनेस्थीसिया की अनुमति ली गई। ऑपरेशन से पहले मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट की राय भी ली गई। मरीज और उनके परिजनों को इलाज की पूरी प्रक्रिया और सर्जरी के बाद होने वाली सावधानियों, जैसे कि लिम्फ सूजन या घाव में संक्रमण से बचाव के बारे में विस्तार से समझाया गया। सर्जरी के 48 घंटे बाद ड्रेन के साथ मरीज को छुट्टी दे दी गई। फिलहाल मरीज की हालत अच्छी है। मेडिकल ऑन्कोलॉजी सहित पूरी मल्टीडिसिप्लिनरी टीम की देखरेख से बेहतर और लंबे समय तक अच्छे परिणाम सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
*पतंगों से लेकर तिल-गुड़ तक: सन नियो कलाकारों ने साझा की मकर संक्रांति से जुड़ी खुशियाँ*

*उत्तर प्रदेश, जनवरी 2026:* आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगें, तिल-गुड़ की मिठास और बचपन की प्यारी यादें, मकर संक्रांति वह त्यौहार है, जो दिल के बहुत करीब होता है। इस खास मौके पर सन नियो के कलाकार मेघा रे, भाग्यश्री मिश्रा और गौरी शेलगांवकर ने अपने बचपन की यादें, त्यौहार से जुड़ी परंपराएँ और इस साल के जश्न की झलक साझा की।

दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी शो में दिव्या का किरदार निभा रहीं मेघा रे कहती हैं, "मुझे मकर संक्रांति हमेशा से बहुत पसंद रही है, क्योंकि यह अपने साथ ढेर सारी खुशिया, उम्मीद और अपनों के साथ होने का एहसास कराती है। बचपन में परिवार के साथ पतंग उड़ाना और तिल-गुड़ बाँटना मेरी सबसे प्यारी यादों में शामिल है। इस साल काम की वजह से थोड़ी व्यस्त रहूँगी, लेकिन दिव्या प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी के सेट पर अपनी टीम के साथ मिठाइयाँ बाँटकर अपना त्यौहार ज़रूर मनाऊँगी। संक्रांति मुझे सिखाती है कि नकारात्मकता छोड़कर विश्वास, कृतज्ञता और खुशी के साथ आगे बढ़ना चाहिए। मैं सभी को रंगों से भरी, खुशहाल मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ देती हूँ। यह पर्व आपके जीवन में नई शुरुआत, सफलता, शांति, अच्छी सेहत और ढेर सारी मुस्कान लाए।"

सत्या साची में साची की भूमिका निभा रहीं भाग्यश्री मिश्रा ने कहा, "मकर संक्रांति मुझे इसलिए खास लगती है, क्योंकि यह नई शुरुआत और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। बचपन की वो यादें आज भी मन को खुश कर देती हैं, यानि रंगीन पतंगें उड़ाना और फिर कटी हुई पतंगों के पीछे पूरे जोश के साथ दौड़ना। वह मस्ती अब सोचने पर और भी खास लगती है। आज हम सब बड़े हो गए हैं और काम की वजह से समय कम मिल पाता है, लेकिन यदि इस साल मौका मिला तो हम 'सत्या साची' के सेट पर पतंग जरूर उड़ाएँगे और साथ में कुछ खुशनुमा पल बिताएँगे।"

प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी में घेवर का किरदार निभा रहीं गौरी शेलगांवकर ने अपने दिल की बात साझा करते हुए कहा, "मेरे लिए मकर संक्रांति हमेशा सादगी भरी खुशियों का त्यौहार रही है, जिसमें परिवार के साथ खाना, हँसी-मजाक करना और लोगों को बाँटकर खाने की कला को सीखना। मुझे याद है, बड़े हमें तिल-गुड़ देते हुए कहते थे कि हमेशा मीठा बोलो, सकारात्मक सोचो और खुश रहो। इस साल मैं सादगी से त्यौहार मनाऊँगी, अपने करीबियों को फोन करुँगी और उनके प्यार व सपोर्ट के लिए उन्हें धन्यवाद कहूँगी। साथ ही, मेरी माँ के हाथों से बने तिल के लड्डू 'प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी' के सेट पर ले जाकर सबके साथ बाटूँगी। बचपन में अपने पापा के साथ पतंग उड़ाने की यादें आज भी दिल को छू जाती हैं, वह पूरा दिन हमारे साथ पतंग उड़ाते थे।"

देखिए दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी शाम 7:30 बजे, सत्या साची शाम 8:00 बजे, प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी- रात 9:00 बजे, सिर्फ सन नियो पर।
बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' में नारी शक्ति ने रचा इतिहास, टीकमगढ़ की सविता राज रहीं विजेता

- टीकमगढ़ कीं सविता राज ने पहला, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया

छतरपुर, जनवरी 2026: लोकप्रिय चैनल बुंदेलखंड 24x7 द्वारा आयोजित बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' का ग्रैंड फिनाले रविवार को छतरपुर के अंबेडकर भवन में संपन्न हुआ। बुंदेली सुरों, भावनाओं और परंपरा की कसौटी का पर्याय कही जाने वाली इस निःशुल्क प्रतियोगिता में नारी शक्ति ने क्रमशः तीन स्थानों पर दबदबा बनाते हुए इतिहास रच दिया। पहले चरण में रिकॉर्ड 2735 एंट्रीज़, छह जिलों में ऑडिशन राउंड को पार करते हुए और तत्पश्चात उत्कृष्ट प्रदर्शन के बूते पाँच प्रतिभागी फाइनल में पहुँचे। सुरों की विभिन्न कसौटियों को पार कर टीकमगढ़ कीं सविता राज ने विजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया।
विजेता को 50 हजार मूल्य के पुरस्कार दिए गए, जिसमें नकद पुरस्कार समेत गिफ्ट हैंपर्स और ब्रांडिंग आदि शामिल है। साथ ही, उन्हें प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे के साथ गायन और विराज फोटोग्राफी के एल्बम में शामिल होने का मौका मिलेगा। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर छतरपुर की माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने कार्यक्रम का मान बढ़ाया।
बुंदेली लोकगीतों के महान साधक बैजू बावरा जी की स्मृति में आयोजित इस निःशुल्क प्रतियोगिता का उद्देश्य आला-ऊदल और बुंदेली लोकगीतों की विरासत को नए स्वर देना रहा। बुंदेली लोकगीतों के सम्राट पं. देशराज पठैरिया जी के पुत्र की भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की गई। मंच का संचालन बुंदेलखंड 24x7 की शिवांगी तिवारी और राजेंद्र सिंह जी ने किया। ललितपुर के अंकित परिहार और सागर के दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी ने क्रमशः चौथे और पाँचवें स्थान पर रहे।
माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने फाइनलिस्ट्स का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, "बुंदेलखंड का मान बढ़ाने वाले इस आयोजन में हर आवाज़ के पीछे एक कहानी थी और हर तान के साथ बुंदेलखंड की पहचान जुड़ी थी। इस लोकगीत प्रतियोगिता में अलग-अलग जिलों से कलाकारों का शामिल होना यह दर्शाता है कि बुंदेली लोकगीत आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। सभी ने अपने सुरों से यह बखूबी साबित किया।"
विजेता का खिताब हासिल होने पर भावुक स्वर में टीकमगढ़ कीं सविता राज ने कहा, "यह जीत सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि बुंदेलखंड की हर उस बेटी की है, जो लोकगीतों को अपनी साँसों में बसाए हुए है। इस मंच ने मुझे अपनी मिट्टी से जुड़े रहने की ताकत दी है। मैं इस सम्मान को अपने बुंदेलखंड को समर्पित करती हूँ।" वहीं, क्रमशः द्वितीय और तृतीय विजेता के रूप में सेजल सोनी और ज्योति पटेल ने भी बुंदेली सुरों को मान दिलाने के लिए प्रयासरत बुंदेलखंड 24x7 चैनल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
बुंदेलखंड 24x7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, "जीत और हार हर प्रतियोगिता का हिस्सा होती है, लेकिन मेरे लिए इस मंच पर पहुँचे सभी प्रतिभागी विजेता हैं। लोकसंस्कृति को सहेजने की कोशिश करने वाला प्रत्येक व्यक्ति वास्तव में विजेता है। बुंदेली बावरा का उद्देश्य ही यही है कि हर कलाकार को सम्मान और पहचान मिले। सभी को शुभकामनाएँ।" मुकाबला आसान नहीं था, हर प्रस्तुति में भाव भी था, साधना भी और अपनी मिट्टी से जुड़ाव भी। आखिरकार, जजेस द्वारा गहन मूल्यांकन के बाद पहले राउंड में 13, दूसरे राउंड में 8 और तीसरे राउंड में ऐसे 5 प्रतिभागी चुने गए, जिनके सुरों में परंपरा भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी और संस्कृति की बेशकीमती झलक भी। प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे, प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया और बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने निष्पक्ष मूल्यांकन कर उक्त प्रतियोगिता को सफल बनाया।
प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे ने कहा, "ग्रैंड फिनाले में जो आवाज़ें मंच पर गूँजी, वे सिर्फ सुर नहीं, बल्कि बुंदेली लोकजीवन की आत्मा थीं। इस मंच ने साबित कर दिया कि हमारी लोकगायकी आज भी उतनी ही जीवंत और सच्ची है। फाइनल तक पहुँचे सभी कलाकारों ने बुंदेलखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती दी है।"
प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया ने कहा, "मंच पर प्रस्तुत की गई प्रत्येक गायकी इस बात की मिसाल है कि बुंदेली लोकगीतों की विरासत आज भी कायम है और हमेशा कायम रहेगी। सभी बुंदेली कलाकारों के सुरों में परंपरा की पकड़ और भविष्य की उम्मीद, दोनों साफ नजर आईं।"
बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने कहा, "ग्रैंड फिनाले तक का सफर आसान नहीं था। हर कलाकार में अलग खासियत थी, लेकिन फाइनल में वही सुर सामने आए, जिन्होंने बुंदेली लोकगीतों को आगे ले जाने की क्षमता दिखाई। यह आयोजन लोकसंस्कृति को सहेजने की एक सशक्त कोशिश साबित हुआ। सभी को शुभकामनाएँ।"
बुंदेलखंड 24x7 के चैनल हेड आसिफ पटेल ने कहा, "बुंदेली लोकगीत की एक से बढ़कर एक प्रतिभा ने यह साबित कर दिया कि बुंदेली बावरा सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की आवाज़ को सम्मान देने का मंच है। फाइनल में गूँजे सुरों ने यह भरोसा और भी मजबूत किया कि हमारी लोकसंस्कृति अमर है।"
कार्यक्रम के इंस्ट्रूमेंट पार्टनर के रूप में आशीष बुंदेली म्यूजिकल ग्रुप ने शानदार प्रस्तुति दी, जिसमें आशीष विश्वकर्मा (अर्पण) ने बैंजो, रूपेश श्रीवास्तव ने कीबोर्ड, धीरज तूफानी ने ढोलक और मयंक विश्वकर्मा ने ऑक्टापैड पर संगत दी। साउंड और लाइट की जिम्मेदारी अमित नामदेव (अमित 09 साउंड सिस्टम एंड इवेंट, हमीरपुर) ने निभाई। वैन्यू पार्टनर के रूप में अंबेडकर भवन, स्टे पार्टनर के तौर पर द रुद्राक्ष होटल एवं राधिका कुंज पैलेस, नॉलेज पार्टनर के रूप में जे.के. कॉलेज ऑफ लॉ, पीआर पार्टनर के रूप में पीआर 24x7, सोशल पार्टनर 2030 का भारत, सपोर्टिंग पार्टनर रुद्राणी कलाग्राम और क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व मणिकांत चौरसिया ने मिलकर इस आयोजन को एक यादगार स्वरूप प्रदान किया।
चंदेरी स्थित लोकगीत के महानायक बैजू बावरा जी की समाधि पर श्रद्धांजलि के साथ शुरू हुई यह सांस्कृतिक यात्रा शहर में हुए पहले ऑडिशन से आगे बढ़ती हुई अपने ग्रैंड फिनाले के मुकाम तक पहुँची। झाँसी, हमीरपुर, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़ और सागर जिलों में आयोजित ऑडिशन राउंड में बुंदेलखंड के विभिन्न अंचलों से आए कलाकारों ने भाग लिया। प्रतिभागियों के जोश, दर्शकों के उत्साह और बुंदेलखंड से मिली सकारात्मक प्रतिक्रियाओं ने यह तो स्पष्ट कर दिया कि यह मंच लोगों के दिलों से जुड़ चुका है। इसी उत्साह और प्रेम को देखते हुए इसका अगला संस्करण और भी अधिक जीवंत, व्यापक और यादगार होने की उम्मीद के साथ बुंदेली लोकसंस्कृति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा।
अमेरिका में मोटेल 6 और स्टूडियो 6 को सफल बनाने पर जी6 हॉस्पिटैलिटी ने गुजराती उद्यमियों को सराहा
*नवसारी, जनवरी 2026:* अमेरिका और कनाडा में मोटल 6 और स्टूडियो 6 ब्रांड की मूल कंपनी जी6 हॉस्पिटैलिटी ने मकर संक्रांति से पहले नवसारी में एक खास समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में गुजरात के फ्रेंचाइज़ी मालिकों को सराहा गया, जिन्होंने मोटल 6 और स्टूडियो 6 को उत्तरी अमेरिका के सबसे बड़े इकॉनमी होटल ब्रांड बनाने में अहम् भूमिका निभाई। आज इन दोनों ब्रांड्स के तहत 1,500 से ज्यादा होटल संचालित हो रहे हैं। 'गुजराती अस्मिता' नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में उन गुजराती उद्यमियों की मेहनत और जज़्बे को पहचान मिली, जिन्होंने बदलते बाजार और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री की चुनौतियों के बीच भी उत्तरी अमेरिका में सफल कारोबार स्थापित किया।
नवसारी में एकत्रित ये प्रतिष्ठित होटल कारोबारी, जिनमें से कई सूरत, नवसारी और बारडोली से जुड़े हैं, को उनके उत्कृष्ट काम के लिए सराहा गया। इन्हीं लोगों की मेहनत से मोटल 6 और स्टूडियो 6 अमेरिका में किफायती और भरोसेमंद ठहरने का जाना-पहचाना नाम बने हैं। वैश्विक महामारी जैसी कठिन परिस्थितियों से लेकर उसके बाद यात्रा क्षेत्र में आई तेजी तक, इन उद्यमियों ने धैर्य और समझदारी से हर चुनौती का सामना किया। उनकी मेहनत से न सिर्फ ब्रांड और मजबूत हुए, बल्कि रोजगार के नए अवसर बने, स्थानीय समुदायों से जुड़ाव बढ़ा और लाखों मेहमानों को लगातार बेहतर सेवा मिलती रही।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन गुजरात के जाने-माने उद्यमियों श्री सावजी ढोलकिया और श्री चंद्रकांत 'चान' पटेल ने किया। सावजी ढोलकिया देश के प्रसिद्ध हीरा कारोबारी, समाजसेवी और हरि कृष्णा एक्सपोर्ट्स के संस्थापक हैं। वे कारोबार में सफलता के साथ-साथ समाज के लिए उदार योगदान और जिम्मेदारी निभाने के लिए दुनियाभर में सम्मानित हैं। वहीं चान पटेल स्टेट बैंक ऑफ टेक्सास के संस्थापक और चेयरमैन हैं और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में गहरी पकड़ रखने वाले प्रमुख उद्यमी माने जाते हैं। वे अमेरिका में कई सफल हॉस्पिटैलिटी कारोबार स्थापित करने के साथ-साथ रणनीतिक वित्तीय नेतृत्व के जरिए नए उद्यमियों को आगे बढ़ने में सहयोग करते रहे हैं।
जी6 हॉस्पिटैलिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सोनल सिन्हा ने कहा, "गुजराती अस्मिता सबसे ज्यादा हमारे होटल मालिकों की कहानियों में दिखती है, जिन्होंने अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए दुनिया भर में पहचान बनाई है। हम इस साझेदारी को बेहद अहम् मानते हैं और जो कुछ भी हमने मिलकर बनाया है, हमें उस पर गर्व है। इनका उद्यमी जज़्बा और मुश्किल हालात में भी डटे रहने की क्षमता यह साबित करती है कि वैश्विक कारोबार में गुजराती क्यों सबसे आगे रहते हैं।"
सीकेपी हॉस्पिटैलिटी के प्रेसिडेंट और सीईओ हर्षद पटेल ने कहा, "गुजरात हमेशा से मेहनती और उद्यमी लोगों के लिए जाना जाता है। हमने मेहनत, ईमानदारी और धैर्य के बल पर अमेरिका में मजबूत कारोबार स्थापित किए हैं। अपने ही लोगों के बीच आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। इस वर्ष हमारा फोकस तकनीक के सहारे आगे बढ़ने और अपने कारोबार को और मजबूत करने पर है।"
जी6 हॉस्पिटैलिटी अमेरिका और कनाडा में मोटेल 6 और स्टूडियो 6 ब्रांड का संचालन करती है, जिनके 1,500 से अधिक होटल हैं। किफायती और भरोसेमंद स्टे के लिए पहचाने जाने वाले ये ब्रांड्स छुट्टियाँ मनाने और बिज़नेस के सिलसिले में आने वाले, दोनों ही तरह के यात्रियों को स्वच्छ और आरामदायक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।