रांची: नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर जिला प्रशासन ने दी श्रद्धांजलि, उपायुक्त और एसएसपी ने प्रतिमा पर अर्पित किए पुष्प

रांची, 23 जनवरी 2026: महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती के अवसर पर आज राजधानी रांची में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मुख्य कार्यक्रम कचहरी चौक स्थित नेताजी पार्क में आयोजित हुआ, जहाँ जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों ने नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

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साहस और देशभक्ति की मिसाल हैं नेताजी: उपायुक्त

श्रद्धांजलि अर्पित करने के पश्चात रांची के उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस का जीवन साहस, त्याग और अटूट देशभक्ति की एक अनुपम मिसाल है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में नेताजी के अतुलनीय योगदान को याद करते हुए कहा:

"नेताजी के विचार और उनका 'दिल्ली चलो' का उद्घोष आज भी युवाओं को राष्ट्रसेवा और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।"

वरीय अधिकारियों ने लिया संकल्प

इस अवसर पर वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री राकेश रंजन ने भी नेताजी को पुष्पांजलि अर्पित की। उनके साथ अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) श्री रजत कुमार, उपसमाहर्ता नजारत श्री सुदेश कुमार सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने भी नेताजी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। सभी अधिकारियों ने नेताजी के बताए मार्ग पर चलने और देश की एकता व अखंडता के लिए समर्पित रहने का संकल्प लिया।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने यूके की मंत्री सीमा मल्होत्रा से मुलाक़ात कर झारखण्ड–यूके सहयोग को नई दिशा दी

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने यूनाइटेड किंगडम सरकार की संसदीय अवर सचिव (समानता एवं इंडो-पैसिफ़िक मामलों की मंत्री) सीमा मल्होत्रा से भेंट कर शिक्षा, कौशल विकास, उत्तरदायी खनन, क्लाइमेट ट्रांजीशन, संस्कृति एवं विरासत संरक्षण जैसे क्षेत्रों में झारखण्ड यूके के बीच व्यावहारिक सहयोग को सुदृढ़ करने पर चर्चा की।

यूके ने झारखण्ड सरकार की मरांग गोमके जयपाल मुंडा ओवरसीज़ स्कॉलरशिप तथा चेवनिंग मरांग गोमके जयपाल मुंडा ओवरसीज़ स्कॉलरशिप की सराहना करते हुए इन्हें भारत यूके साझेदारी का सशक्त और जीवंत उदाहरण बताया। पिछले चार वर्षों में इन योजनाओं के माध्यम से 100 से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिला है। दोनों पक्षों ने सस्टेनेबिलिटी-लिंक्ड स्कॉलरशिप मार्गों पर कार्य करने तथा विदेश अध्ययन को मेंटोरशिप, इंटर्नशिप, नेतृत्व विकास और सार्वजनिक सेवा अनुभव से जोड़ने के लिए एक एक निश्चित योजना विकसित करने पर रुचि व्यक्त की।

बैठक में यूके के प्रमुख विश्वविद्यालयों, स्किल्स एवं क्वालिफ़िकेशन संस्थानों के साथ संस्थागत साझेदारी की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इसमें खनन प्रौद्योगिकी, पर्यावरण एवं सततता, डेटा एवं एआई, गवर्नेंस और सार्वजनिक नीति जैसे क्षेत्रों में संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम, फैकल्टी एक्सचेंज, एप्लाइड रिसर्च तथा टीवीईटी और अप्रेंटिसशिप मार्गों की स्थापना शामिल है।

आर्थिक और जलवायु सहयोग के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने उत्तरदायी खनन के क्षेत्र में यूके की क्षमताओं के साथ घनिष्ठ सहयोग का प्रस्ताव रखा, जिसमें ईएसजी सिस्टम, मिनरल ट्रेसबिलिटी, खदान सुरक्षा, स्वच्छ प्रसंस्करण तथा प्रौद्योगिकी प्रदर्शन शामिल हैं। इस अवसर पर उत्तरदायी क्रिटिकल मिनरल्स पर एक झारखण्ड–यूके वर्किंग ट्रैक स्थापित करने पर भी चर्चा हुई, जो मानकों, अनुसंधान एवं विकास, नवाचार और आपूर्ति-श्रृंखला साझेदारी को सुदृढ़ करेगा।

बैठक में यूके की जलवायु एवं वित्तीय संस्थाओं के साथ मिलकर कोयला क्षेत्रों के विविधीकरण, जलवायु अनुकूलन, श्रमिकों एवं समुदायों के समर्थन हेतु ट्रांज़िशन फाइनेंस संरचना विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। झारखण्ड को “जस्ट ट्रांज़िशन” कार्यक्रमों के लिए एक पायलट राज्य के रूप में स्थापित करने तथा शहरी गतिशीलता और जलवायु वित्त को सहयोग के पूरक क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया।

संस्कृति, खेल और विरासत संरक्षण को जन-जन के बीच संपर्क बढ़ाने के सरल एवं प्रभावी माध्यम के रूप में देखा गया। मुख्यमंत्री ने भारत–यूके विरासत संरक्षण समझौते के अंतर्गत झारखण्ड के मेगालिथ और मोनोलिथ स्थलों के संरक्षण हेतु यूके सहयोग का आग्रह किया। इस संदर्भ में स्टोनहेंज जैसे वैश्विक सर्वोत्तम उदाहरणों का उल्लेख करते हुए दीर्घकाल में यूनेस्को मान्यता की दिशा में कार्य करने की बात कही गई।

मुख्यमंत्री ने मंत्री सीमा मल्होत्रा को झारखण्ड भ्रमण का आमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को फ़ॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस (FCDO) मुख्यालय का भी अवलोकन कराया गया। साथ ही मंत्री मल्होत्रा ने मुख्यमंत्री को शनिवार को यूके के प्रतिष्ठित मेगालिथिक एवं मोनोलिथिक विरासत स्थल स्टोनहेंज के भ्रमण का आमंत्रण भी दिया।

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भाजपा का बयान हताशा और झूठ का पुलिंदा, दावोस में झारखंड की वैश्विक पहचान से बौखलाई है विपक्ष: विनोद पांडेय

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने दावोस ‘व्हाइट बैज’ को लेकर भाजपा द्वारा दिए गए बयान पर कड़ा और तथ्यपूर्ण पलटवार किया है। झामुमो के महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा का पूरा बयान न तो तथ्यों पर आधारित है और न ही उसे अंतरराष्ट्रीय मंचों की कार्यप्रणाली की बुनियादी समझ है। यह बयान केवल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता और झारखंड की वैश्विक पहचान से उपजी राजनीतिक हताशा का परिणाम है।

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विनोद पांडेय ने स्पष्ट किया कि दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान ‘व्हाइट बैज’ किसी साधारण पहचान पत्र की तरह नहीं, बल्कि एक निर्वाचित मुख्यमंत्री के रूप में आधिकारिक मान्यता और उच्च-स्तरीय बैठकों तक सीधी पहुंच का प्रतीक होता है। यह बैज केवल उन प्रतिनिधियों को दिया जाता है, जिनकी भूमिका नीतिगत संवाद, निवेश वार्ता और वैश्विक निर्णय प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसे महज “रंगीन कार्ड” बताकर भाजपा न सिर्फ जनता को गुमराह कर रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों की गरिमा का भी अपमान कर रही है।

उन्होंने कहा कि यदि यह इतना ही “सामान्य” होता, तो भाजपा यह बताए कि झारखंड जैसे आदिवासी बहुल, खनिज-संपन्न और विकासशील राज्य के मुख्यमंत्री को वैश्विक निवेशकों, उद्योगपतियों और नीति निर्माताओं के साथ एक मंच पर संवाद का अवसर क्यों मिला? सच यह है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की स्पष्ट नीतियों, स्थिर शासन और स्थानीय हितों को केंद्र में रखकर किए जा रहे विकास कार्यों के कारण ही आज झारखंड वैश्विक निवेश मानचित्र पर उभर रहा है।

विनोद पांडेय ने कहा कि आज जब झारखंड के लिए निवेश प्रस्ताव, औद्योगिक साझेदारियां और रोजगार के अवसर आकार ले रहे हैं, तब भाजपा इस सकारात्मक छवि को धूमिल करने के लिए जानबूझकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।

झामुमो महासचिव ने दो टूक कहा कि भाजपा की राजनीति हमेशा नकारात्मकता, अविश्वास और दुष्प्रचार पर टिकी रही है, जबकि हेमंत सोरेन की सरकार काम, परिणाम और सम्मान पर विश्वास करती है। जनता सब देख रही है और समय आने पर ऐसे भ्रामक बयानों का राजनीतिक जवाब भी देगी।

भारत पर्व में झारखंड की झांकी प्रस्तुत करेगी राज्य की हरियाली, वन्यजीव और आदिवासी संस्कृति

नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर लाल किले में आयोजित होने वाले भारत पर्व 2026 में झारखंड की झांकी इस बार दर्शकों के लिए सबसे बड़ी आकर्षण का केंद्र बनेगी। राज्य की झांकी के माध्यम से झारखंड की समृद्ध प्राकृतिक विरासत, बहुमूल्य जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित की जाएगी। इस वर्ष झांकी की थीम “स्वतंत्रता का मंत्र : वंदे मातरम्” और विकसित भारत रखी गई है, जो प्रकृति और राष्ट्रभक्ति के गहरे संबंध को उजागर करेगी।

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झांकी में झारखंड के प्रसिद्ध दसम जलप्रपात, वन्यजीव और इको-टूरिज्म को प्रमुखता से दर्शाया जाएगा। एशियाई हाथी और नीलगाय जैसे वन्यजीव राज्य की जैव विविधता और संरक्षण प्रयासों के प्रतीक बनेंगे। यह झांकी झारखंड की हरियाली, जलस्रोतों की प्रचुरता और आदिवासी समाज के प्रकृति से जुड़े जीवन को दर्शकों के सामने सशक्त रूप से प्रस्तुत करेगी।

भारत पर्व 2026 का आयोजन लाल किला प्रांगण में 26 जनवरी से 31 जनवरी तक किया जाएगा। इस दौरान झारखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां भारत की सांस्कृतिक विविधता, प्राकृतिक धरोहर और विकास यात्रा को प्रदर्शित करेंगी। झारखंड की झांकी राज्य को सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति-आधारित पर्यटन के अग्रणी उदाहरण के रूप में पेश करेगी।

यह उल्लेखनीय है कि भारत पर्व का आयोजन हर वर्ष पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर किया जाता है। यह कार्यक्रम 26 जनवरी से 31 जनवरी तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 9 बजे तक आम जनता के लिए निःशुल्क खुला रहेगा। भारत पर्व में दर्शक न केवल गणतंत्र दिवस परेड में शामिल विभिन्न राज्यों की झांकियों का आनंद लेंगे, बल्कि फूड वेंडर्स के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी उठा पाएंगे।

लंदन में शिक्षा व कौशल विकास पर झारखण्ड–यूके उच्चस्तरीय राउंड टेबल, युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने पर जोर

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लंदन प्रवास के दौरान झारखण्ड सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को शिक्षा एवं कौशल विकास पर केंद्रित एक उच्चस्तरीय राउंड टेबल संवाद के साथ एक नई और महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की। यह बैठक प्रातः 09:45 बजे से 11:30 बजे तक आयोजित हुई, जिसमें यूके के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, स्किलिंग संगठनों, अवार्डिंग बॉडीज़ और अप्रेंटिसशिप पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक की अध्यक्षता श्री सुदिव्य कुमार, माननीय मंत्री, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग सह उच्च शिक्षा विभाग तथा श्रीमती वंदना डाडेल, आईएएस, अपर मुख्य सचिव, झारखण्ड सरकार ने की। संवाद का उद्देश्य झारखण्ड के युवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप कौशल, व्यावहारिक प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ने की रणनीति पर विचार-विमर्श करना रहा।

मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि यह संवाद उस स्पष्ट सोच को मजबूती देता है, जिसमें शिक्षा को रोजगार से, कौशल को अवसर से और स्थानीय प्रतिभा को वैश्विक मंच से जोड़ा जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन जी के मार्गदर्शन में अबुआ सरकार द्वारा युवा शक्ति को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल है।

पूर्वी भारत के लिए समावेशी अंतरराष्ट्रीय शिक्षा का आह्वान

सत्र के उद्घाटन में झारखण्ड प्रतिनिधिमंडल ने राज्य को केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि वैश्विक शिक्षा और नवाचार के संभावित केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया। प्रतिनिधिमंडल ने इस तथ्य पर ध्यान आकृष्ट किया कि हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों की गतिविधियां मुख्यतः पश्चिमी भारत, दिल्ली एनसीआर और दक्षिण भारत तक सीमित रही हैं, जबकि पूर्वी और मध्य भारत अब भी अंतरराष्ट्रीय शिक्षा निवेश के मानचित्र से बाहर हैं। झारखण्ड ने अधिक संतुलित और समावेशी अंतरराष्ट्रीयकरण की आवश्यकता पर बल देते हुए पूर्वी भारत को वैश्विक शिक्षा साझेदारियों के अगले चरण का प्रमुख गंतव्य बनाने का आह्वान किया।

उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के तीन स्तंभ

झारखण्ड सरकार ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और परिणामों को सुदृढ़ करने हेतु तीन प्रमुख सुधारात्मक कदम प्रस्तुत किए—राज्य संकाय विकास अकादमी की स्थापना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप अनिवार्य 8-सप्ताह की इंटर्नशिप, तथा राष्ट्रीय बेंचमार्किंग के अनुरूप राज्य संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। सरकार ने यह भी रेखांकित किया कि उच्च शिक्षा में लैंगिक समानता सूचकांक के मामले में झारखण्ड राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। विदेशी छात्रवृत्ति मार्ग के तहत यूके जाने वाले छात्रों में 65 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो राज्य की युवा महिलाओं की वैश्विक शिक्षा के प्रति बढ़ती आकांक्षा को दर्शाता है।

कौशल, अप्रेंटिसशिप और उद्योग-आधारित शिक्षा

संवाद में अप्रेंटिसशिप-आधारित शिक्षा, उद्योग-संबद्ध डिग्री कार्यक्रम, फिनिशिंग स्कूल अवधारणा और आईटीआई पाठ्यक्रमों के आधुनिकीकरण पर विशेष चर्चा हुई। केयर इकॉनमी, पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी, हरित कौशल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और खनन से जुड़े अनुसंधान एवं कौशल को प्राथमिक क्षेत्र बताया गया।

भारत–यूके सहयोग के नए आयाम

राउंड टेबल में कौशल एवं योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता, संयुक्त डिग्री कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय कैंपस/सैटेलाइट केंद्र, छात्र एवं शिक्षक विनिमय तथा भारत–यूके हरित कौशल एजेंडा के तहत सहयोग के अवसरों पर सहमति बनी। सतत पर्यटन, आदिवासी ज्ञान प्रणालियां, संस्कृति, जलवायु कार्रवाई और नवाचार आधारित साझेदारियों पर भी चर्चा हुई।

यूके पक्ष की सकारात्मक प्रतिक्रिया

यूके के प्रतिभागियों ने झारखण्ड की दृष्टि की सराहना करते हुए ट्रांसनेशनल एजुकेशन, पाठ्यक्रम विकास, शिक्षक प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग की प्रबल इच्छा व्यक्त की। रांची और उसके आसपास स्मार्ट सिटी पारिस्थितिकी तंत्र में शिक्षा आधारित निवेश की संभावनाओं पर भी रुचि दिखाई गई।

बैठक का समापन संस्थागत स्तर पर आगे की ठोस चर्चाओं और साझेदारियों को आगे बढ़ाने की सहमति के साथ हुआ। झारखण्ड सरकार ने यूके भागीदारों को पूर्वी भारत के केंद्र में एक समावेशी, भविष्य-तैयार शिक्षा एवं कौशल पारिस्थितिकी के सह-निर्माण के लिए आमंत्रित किया।

दावोस में झारखंड का धमाका: 'क्रिटिकल मिनरल्स' का ग्लोबल हब बनेगा राज्य, मुख्यमंत्री ने पेश किया विजन-2050

दावोस / रांची, 22 जनवरी 2026: विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में झारखंड ने दुनिया के सामने अपनी नई पहचान 'जिम्मेदार खनिज केंद्र' के रूप में रखी है। इंडिया पवेलियन में आयोजित उच्चस्तरीय राउंड टेबल मीटिंग में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने “झारखंड की क्रिटिकल मिनरल्स अवसर: भूविज्ञान से मूल्य सृजन तक” विषय पर अपनी दूरगामी रणनीति साझा की।

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खनिज भंडार में झारखंड का एकाधिकार

बैठक में सचिव अरवा राजकमल ने रेखांकित किया कि भारत सरकार द्वारा चिन्हित 24 महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) में से 20 अकेले झारखंड में उपलब्ध हैं। यह स्थिति झारखंड को भारत के ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition), इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्रांति और स्वच्छ प्रौद्योगिकी के केंद्र में स्थापित करती है।

सिर्फ खनन नहीं, अब होगा 'मूल्य सृजन' (Value Creation)

झारखंड सरकार अब खनिजों के केवल उत्खनन तक सीमित नहीं रहेगी। चर्चा के मुख्य बिंदु रहे:

प्रसंस्करण और विनिर्माण: कच्चे माल के निर्यात के बजाय राज्य में ही प्रोसेसिंग यूनिट्स और रिफाइनरी की स्थापना।

इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्लस्टर: बैटरी निर्माण, मैग्नेट और एडवांस्ड मैटीरियल्स के लिए एकीकृत औद्योगिक क्लस्टर का विकास।

सस्टेनेबल माइनिंग: पर्यावरण (ESG) मानकों का पालन करते हुए जिम्मेदार खनन।

वैश्विक दिग्गजों ने क्या कहा?

जयंत सिन्हा (एवरसोर्स कैपिटल): उन्होंने स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन (Value Addition) को रोजगार सृजन के लिए अनिवार्य बताया।

मार्टिन (जर्मन विशेषज्ञ): उन्होंने कहा कि जर्मनी और यूरोपीय संघ क्रिटिकल मिनरल्स के लिए भारत और झारखंड को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में देखते हैं।

डॉ. मुकेश कुमार (कैम्ब्रिज विवि): उन्होंने वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए कौशल विकास और अनुसंधान सहयोग पर जोर दिया।

नीतिगत ढांचा और निवेश का भरोसा

खनन निदेशक राहुल सिन्हा और जियाडा के एमडी वरुण रंजन ने निवेशकों को एक पारदर्शी और निवेश-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र का आश्वासन दिया। वित्त सचिव प्रशांत कुमार ने बैठक का समापन करते हुए 'ब्राउनफील्ड माइनिंग' परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का प्रस्ताव रखा, ताकि मौजूदा खदानों के विस्तार से त्वरित परिणाम प्राप्त किए जा सकें।

फिल्म और 'कॉफी टेबल बुक' का विमोचन

इस अवसर पर झारखंड की खनिज क्षमता को दर्शाती एक विशेष फिल्म प्रदर्शित की गई और 'क्रिटिकल मिनरल्स इन झारखंड' नामक कॉफी टेबल बुक का विमोचन हुआ, जो राज्य की नई खनिज नीति और भविष्य के रोडमैप को दुनिया के सामने रखती है।

जन-जन का कार्यक्रम बन चुका है मोदी जी की मन की बात कार्यक्रम- डा. प्रदीप वर्मा


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भारतीय जनता पार्टी के रांची प्रदेश कार्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आगामी 25 जनवरी को होने वाले मन की बात कार्यक्रम को लेकर सभी ज़िलाध्यक्षों, कार्यक्रम संयोजक और सहसंयोजकों की बैठक सम्पन्न हुई।

बैठक को सम्बोधित करने हुए भाजपा प्रदेश महामंत्री सह राज्यसभा सांसद डा. प्रदीप वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का यह कार्यक्रम आज देश के जन जन का कार्यक्रम बन चुका है। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश के जनशक्ति को जागृत करने का काम कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने झारखण्ड के अनेक प्राकृतिक धरोहरों, गुमनाम सामाजिक कार्यकर्ताओं, महापुरुषों का नाम इस कार्यक्रम में उल्लेख कर इन्हें राष्ट्रीय पहचान दी है।

बैठक को प्रदेश उपाध्यक्ष श्री राकेश प्रसाद ने भी सम्बोधित करते हुए संगठन पर्व के अनेक विषयों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक का संचालन मन की बात कार्यक्रम का प्रदेश संयोजक श्री कुमार अमित ने और धन्यवाद ज्ञापन प्रदेश मंत्री श्री सरोज सिंह ने किया। बैठक में सभी जिला के अध्यक्ष, कार्यक्रम संयोजक और सह संयोजक उपस्थित रहे।

16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर राँची जिला समाहरणालय में मतदाता प्रतिज्ञा पाठ का आयोजन किया गया

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस (25 जनवरी 2026) के उपलक्ष्य में राँची जिला समाहरणालय में आज मतदाता प्रतिज्ञा पाठ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त सह निर्वाचन पदाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजंत्री ने की।

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कार्यक्रम में निर्वाचन विभाग से जुड़े विभिन्न पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से मतदाता प्रतिज्ञा पढ़ी, जिसमें लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की गई तथा मतदान के महत्व एवं निष्पक्षता को बनाए रखने का संकल्प लिया गया।

इस अवसर पर मतदाता सूची के शुद्धिकरण गतिविधियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र (सर्टिफिकेट) प्रदान कर सम्मानित किया गया। इन उत्कृष्ट प्रयासों से जिले में मतदाता सूची को और अधिक शुद्ध एवं अद्यतन बनाने में महत्वपूर्ण योगदान मिला है।

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे मतदाता जागरूकता अभियान को और तेज करें तथा आने वाले चुनावों में अधिक से अधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करें।

कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त राँची, श्री सौरभ भुवनिया, अनुमंडल पदाधिकारी सदर राँची, श्री कुमार रजत, अपर समाहर्ता राँची, श्री रामनारायण सिंह, अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था राँची, श्री राजेश्वर नाथ आलोक, उप निर्वाचन पदाधिकारी राँची, श्री बिवेक कुमार सुमन, जिला स्तर पर निर्वाचन से जुड़े सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। यह आयोजन My India, My Vote – मैं भारत हूँ” टैग लाइन Indian Citizen at the Heart of Indian Democracy

की थीम के अनुरूप था, जो नागरिकों को अपने मताधिकार के प्रति जागरूक करने एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देता है।

राँची जिला प्रशासन मतदाता जागरूकता एवं लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रतिबद्ध है।

*#वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में दूसरे दिन की गतिविधियों की झलक*
*#वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में दूसरे दिन की गतिविधियों की झलक*