सागर मैराथन में हंगामा: मेडल-इनाम न मिलने पर भड़के खिलाड़ी, चक्काजाम के बाद बांटे गए पुरस्कार

सागर। संभागीय खेल परिसर में आयोजित मैराथन प्रतियोगिता उस समय विवादों में घिर गई, जब प्रतिभागियों ने आयोजकों पर मेडल और नगद इनाम राशि न देने के गंभीर आरोप लगाए। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और आयुष मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस मैराथन में सागर सहित दूरदराज के इलाकों से बड़ी संख्या में युवक-युवतियों ने हिस्सा लिया था।

प्रतियोगिता समाप्त होते ही खिलाड़ियों का गुस्सा फूट पड़ा। आरोप है कि IMA अध्यक्ष डॉ. तल्हा शाद मेडल और नगद पुरस्कार लेकर कार्यक्रम स्थल से चले गए। इससे आक्रोशित प्रतिभागियों ने हंगामा शुरू कर दिया। हालात उस समय और बिगड़ गए, जब एक खिलाड़ी संभागीय खेल परिसर के मुख्य गेट पर चढ़ गया और अन्य प्रतियोगियों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया।

प्रतिभागियों का कहना था कि 10-10 किलोमीटर की दौड़ के बाद न तो पीने के पानी की समुचित व्यवस्था की गई और न ही प्रमाण पत्र, मेडल व घोषित इनाम राशि दी गई। प्रतिभागी राकेश ने बताया कि वह 90 किलोमीटर दूर से 500 रुपये खर्च कर प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आया था, लेकिन आयोजक बिना मेडल और सर्टिफिकेट दिए ही चले गए। वहीं अमिता ने आरोप लगाया कि टॉप-50 प्रतिभागियों को मेडल देने की घोषणा की गई थी, लेकिन किसी को भी कुछ नहीं मिला।

भाजपा नेता कैलाश यादव ने भी आयोजन पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि खिलाड़ियों के लिए बुनियादी सुविधाओं तक की व्यवस्था नहीं की गई और बाद में आयोजक मेडल, प्रमाण पत्र और इनाम राशि दिए बिना मौके से फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे खिलाड़ियों को समझाया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद IMA अध्यक्ष को वापस बुलाया गया। इसके बाद खिलाड़ियों को नगद राशि, मेडल और पुरस्कार वितरित किए गए, तब जाकर स्थिति सामान्य हो सकी।

हालांकि हंगामा शांत हो गया, लेकिन इस घटना ने आयुष मंत्रालय और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की आयोजन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतियोगियों और स्थानीय नागरिकों ने भविष्य में ऐसे आयोजनों में पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने की मांग की है।

कर्नल सोफिया कुरैशी टिप्पणी मामला: मंत्री विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, FIR रद्द करने से इनकार


भोपाल। कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी के मामले में मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। देश की सर्वोच्च अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि अब बहुत देर हो चुकी है और इस स्तर पर एफआईआर हटाने का कोई आधार नहीं बनता।

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह दो सप्ताह के भीतर यह तय करे कि मामले में अभियोजन चलाया जाएगा या नहीं। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार को जल्द निर्णय लेना होगा। यह एफआईआर भारत द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ किए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए मंत्री विजय शाह के कथित अपमानजनक बयान के बाद दर्ज की गई थी। विजय शाह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के. परमेश्वर ने दलील दी कि कोर्ट के निर्देश के बाद मंत्री ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी और यह माफीनामा सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, “ऑनलाइन माफीनामा क्या होता है? अगर माफी दी गई है तो उसे रिकॉर्ड पर रखा जाए।”

गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) के गठन के निर्देश दिए थे। SIT ने अपनी जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के समक्ष पेश की थी। रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा था कि जांच केवल विजय शाह के बयान तक सीमित न रहे, बल्कि उन सभी लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएं जिनकी भावनाएं उनके बयान से आहत हुई हैं।

उल्लेखनीय है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने मीडिया को ब्रीफिंग दी थी, जिसमें भारतीय सेना की कार्रवाई और पराक्रम की जानकारी दी गई थी। इसी दौरान मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई थी और एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

इस बीच, विजय शाह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका भी दाखिल की गई है। कांग्रेस नेता जया ठाकुर ने मंत्री विजय शाह को पद से हटाने की मांग करते हुए क्वो-वारंटो रिट याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि विजय शाह का बयान संविधान के अनुच्छेद 164(3) के तहत ली गई मंत्री पद की शपथ का उल्लंघन है, इसलिए उन्हें तत्काल मंत्री पद से हटाया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के ताजा रुख के बाद यह मामला और गंभीर होता दिख रहा है और आने वाले दिनों में मंत्री विजय शाह की कानूनी और राजनीतिक मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

इंदौर क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई

ड्रग्स तस्करी में दो युवतियों सहित तीन आरोपी गिरफ्तार


इंदौर। इंदौर क्राइम ब्रांच ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो युवतियों और एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये तीनों अंडर गारमेंट्स में ड्रग्स छुपाकर मुंबई और गोवा के पब व बार में सप्लाई करते थे। पकड़े गए आरोपियों के पास से 10 ग्राम एमडी ड्रग्स और 32 लाख रुपये कीमत की लग्जरी कारें भी जब्त की गई हैं।

क्राइम ब्रांच और कनाडिया थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में भोपाल निवासी ड्रग्स तस्कर अवान शकील को पहले गिरफ्तार किया था। उससे सख्ती से की गई पूछताछ में उसके नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने वैभव उर्स बाबा सहित दो युवतियों को दबोचा। गिरफ्तार युवतियों में एक मुंबई और दूसरी मंदसौर की रहने वाली बताई जा रही है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी मुंबई और गोवा के पब व बार संचालकों के संपर्क में थे और वहीं ड्रग्स की सप्लाई करते थे। इनके तार मंदसौर और राजस्थान के ड्रग्स तस्करों से भी जुड़े होने की जानकारी सामने आई है।

गौरतलब है कि इसी सप्ताह इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक निजी स्कूल के प्रिंसिपल को भी ड्रग्स तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसी मामले की कड़ी में यह कार्रवाई की गई है।

फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।

235 पेड़ों को बचाने सड़क पर उतरी गांधीगिरी

इंदौर के रीगल चौराहे पर 16 दिन से जारी है शांतिपूर्ण धरना



इंदौर। विकास के नाम पर लगातार सिमटती हरियाली के बीच इंदौर में पर्यावरण संरक्षण की एक अनोखी और प्रेरक मिसाल सामने आई है। शहर के व्यस्ततम रीगल चौराहे पर मेट्रो परियोजना के तहत प्रस्तावित पेड़ कटाई के विरोध में जागरूक नागरिकों ने गांधीगिरी का रास्ता अपनाते हुए पिछले 16 दिनों से लगातार धरना शुरू कर रखा है। प्रदर्शनकारी पेड़ों के बीच ही बिस्तर बिछाकर दिन-रात उनकी निगरानी कर रहे हैं, ताकि उन्हें किसी भी समय काटा न जा सके।

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में हरियाली का दायरा घटकर महज 9 प्रतिशत रह गया है। इसके बावजूद मेट्रो रेल परियोजना के अंतर्गत रीगल चौराहे के रानी सराय क्षेत्र में प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन के लिए यहां मौजूद 235 हरे-भरे पेड़ों को काटने की तैयारी की जा रही है। खास बात यह है कि इन पेड़ों पर प्रतिदिन शाम को हजारों तोते बसेरा करते हैं, जिनके जीवन पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

पेड़ों को बचाने की इस मुहिम की अगुवाई जनहित पार्टी के अभय जैन कर रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन, नगर निगम और मेट्रो रेल प्रबंधन को कई बार ज्ञापन सौंपे, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 1 जनवरी से शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया। उनके साथ कई पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय नागरिक लगातार डटे हुए हैं। अब इस आंदोलन को उन राहगीरों का भी समर्थन मिलने लगा है, जो किसी अन्य कार्य से यहां आते हैं लेकिन पेड़ों को बचाने के उद्देश्य से जुड़ रहे हैं।

धरना स्थल पर 235 पेड़ों का विस्तृत पंचनामा तैयार किया गया है, जिसमें उनकी प्रजाति, पर्यावरणीय उपयोगिता और उन्हें न काटने की अपील दर्ज की गई है। पूरे क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े स्लोगन और जागरूकता संदेश लिखे गए हैं, जो लोगों का ध्यान इस आंदोलन की ओर आकर्षित कर रहे हैं।

अभय जैन का कहना है:

“सभी जिम्मेदार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। इसके साथ ही इंदौर हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल की गई है, जिसकी सुनवाई शीघ्र होगी। 16 दिन और 16 रात से धरना इसलिए जारी है ताकि पेड़ दिन या रात किसी भी समय चोरी-छिपे न काटे जा सकें और हजारों तोतों की जान बचाई जा सके।”

वहीं मेट्रो रेल कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु ग्रोवर का कहना है कि,

“इस विषय में कोई भी निर्णय शीर्ष प्रबंधन स्तर पर ही लिया जा सकता है।”

पर्यावरणविदों और जागरूक नागरिकों का मानना है कि जयपुर, कानपुर, लखनऊ और पुणे जैसे शहरों में मेट्रो परियोजनाओं पर भारी निवेश के बावजूद यात्री संख्या अपेक्षा से कम रही है। इसके बावजूद हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लेकर ऐसी योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिनकी कीमत शहरों को अपनी हरियाली गंवाकर चुकानी पड़ रही है।

पर्यावरणविद मनीष काले का कहना है:

“मेट्रो जैसी परियोजनाएं अब फैशन आइकॉन बनती जा रही हैं। यह पश्चिमी विकास मॉडल है, जो कर्ज पर आधारित है। इसके बदले पेड़-पौधों का विनाश भविष्य में गंभीर संकट खड़ा करेगा। दिल्ली में सांसों का संकट इसका उदाहरण है। यदि इंदौर में भी हरियाली खत्म हुई, तो आने वाले समय में यहां भी वही हालात बन सकते हैं।”

फिलहाल रीगल चौराहे पर जारी यह गांधीगिरी विकास बनाम पर्यावरण के सवाल को एक बार फिर केंद्र में ले आई है और यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि क्या विकास की कीमत प्रकृति की बलि देकर चुकाई जानी चाहिए।

Bhopal News : इस महिला दिवस पर होगा तकनीक और नवाचार का संगम, आयोजन 9 को होगा


अमित सेन 

भोपाल। राजधानी भोपाल एक नए डिजिटल परिवर्तन का साक्षी बनने वाला है, जहां तकनीक और नवाचार का संगम होगा। एमपावरWP 

भोपाल 2025 वर्डप्रेस और टेक समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन बनने जा रहा है, जो विशेष रूप से महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को केंद्र में रखेगा। इस साल, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित यह कार्यक्रम तकनीकी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए समर्पित होगा।

कार्यक्रम 9 मार्च को भोपाल के ऑरेंज स्ट्रीट होटल में सुबह 10 बजे से शुरू होगा। जिसमें तकनीकी विशेषज्ञ, वर्डप्रेस पेशेवर, डिजिटल उद्यमी और उभरते हुए डेवलपर्स एक साथ आएंगे। यह मंच उन महिलाओं को प्रेरित करने का कार्य करेगा, जो करियर ब्रेक के बाद दोबारा अपनी राह तलाश रही हैं, छोटे व्यवसाय मालिक जो डिजिटल युग में आगे बढ़ना चाहते हैं, और वे सभी जो वर्डप्रेस के विशाल अवसरों का लाभ उठाना चाहते हैं।

होंगे कई सेशन

कार्यक्रम

प्रतिभागियों के लिए एक समृद्ध अनुभव भरा होगा। दिनभर चलने वाले इस कार्यक्रम में तकनीकी वर्कशॉप, विशेषज्ञ पैनल चर्चा, और एक विशेष योगदान सत्र शामिल होगा। जहां प्रतिभागी वर्डप्रेस के ओपन-सोर्स इकोसिस्टम में सक्रिय रूप से भागीदारी कर सकते हैं। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण प्रतिष्ठित महिला वक्ताओं की उपस्थिति होगी, जो उद्योग में अपनी सफलता की कहानियां साझा करेंगी और प्रतिभागियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी।

कार्यक्रम में भाग लेने वालों को न केवल तकनीकी ज्ञान और नेटवर्किंग के अवसर मिलेंगे, बल्कि आयोजन के दौरान विशेष गुडीज़ और स्वादिष्ट लंच का भी आनंद मिलेगा। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के इवेंट टेक इंडस्ट्री में समावेशिता को बढ़ावा देने और नई प्रतिभाओं को पहचान देने का एक सशक्त माध्यम हैं।

सभी के लिए खुला मंच

एमपावर WP भोपाल 2025 उन सभी के लिए खुला है, जो डिजिटल दुनिया का हिस्सा बनना चाहते हैं और वर्डप्रेस के असीमित संभावनाओं का लाभ उठाना चाहते हैं। इस पहल का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है, जिससे एक मजबूत और समावेशी समुदाय का निर्माण हो सके।

क्या होगा खास : 

• महिला सशक्तिकरण के लिए होगा आयोजन

• 9 मार्च को अहम पहल

• वर्डप्रेस और टेक क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं के लिए वर्कशॉप

• प्रतिष्ठित महिला वक्ता साझा करेंगी तकनीकी ज्ञान और नेटवर्किंग के गुर

• प्रतिभागियों के लिए विशेष गिफ्ट्स और लंच की व्यवस्था

• भोपाल के कस्तूरबा नगर में स्थित ऑरेंज स्ट्रीट होटल में आयोजन।

नायक... मोहन जी मोह रहे जन का मन.... अब साधारण यात्री बनकर ट्रेन में हुए सवार


भोपाल। कभी वे भुट्टे खाने के लिए काफिला सड़क किनारे रुकवा लेते हैं.... तो कभी किसी चाय की रेहड़ी वाली से जिद करके खुद चाय बनाने लगते हैं....! व्यस्त दौरे के बीच हादसाग्रस्त किसी साधारण परिवार के लिए भी वे चिंतित दिखाई दे जाते हैं...! नायक बनकर जनता के सीएम डॉ मोहन यादव सर्दी की व्यवस्थाएं देखने रैन बसेरे का चक्कर भी लगाने से गुरेज नहीं करते। और कभी कैंसर अस्पताल में आधी रात औचक रूप से पहुंचकर मरीजों की कुशलक्षेम भी जान आते हैं।

एक साल पहले प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा चौथी पंक्ति में बैठे एक गैर सियासी परिवार के व्यक्ति के कंधों पर प्रदेश की बागडोर सौंप दिया जाना शायद इसी दूरदर्शिता का हिस्सा था। डॉ मोहन यादव ने सालभर में खुद को साबित कर दिखाया। जन सरोकार की योजनाओं से लेकर प्रदेश विकास की नई तहरीर लिखने में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वास को बार बार मजबूत किया है।

सरल, सहज, सुलभ कहलाने वाले लोकनायक डॉ मोहन यादव का यही आसान रूप मंगलवार शाम फिर परिलक्षित हुआ। जब अपने शासकीय दौरे से लौटते हुए उन्होंने नर्मदापुरम से भोपाल का सफर सरकारी लवाजमे की बजाए साधारण यात्री के तौर पर करने का ऐलान किया। इंटरसिटी एक्सप्रेस में जब यह यात्रा शुरू हुई तो ट्रेन में मौजूद यात्रियों में आश्चर्य मिश्रित खुशी पसर गई।

सीएम डॉ मोहन यादव साधारण यात्री की तरह आमजन के साथ सीट शेयर करते नजर आए। इस स्थिति ने लोगों में हौंसला भरा तो कोई अपने मासूम बच्चे को उनके पास लेकर आने की हिम्मत जुटाता दिखाई दिया तो कोई स्टूडेंट उनकी बगल की सीट पर सुकून से आ बैठी। कुछ युवाओं ने अपने नायक के साथ सेल्फी लेने भी हिचकिचाहट महसूस नहीं की। रानी कमलापति स्टेशन पर जब यह सफर पूरा हुआ तो प्लेटफार्म पर मौजूद लोगों ने भी खुशियों भरी नजरों से अपने जननेता का साथ खड़े होकर स्वागत किया।

मिला 26 ऊर्जस्विताओं को सम्मान, मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा-हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं महिलाएं


भोपाल। सामाजिक संस्था अनुनय सोसायटी ने अलग-अलग क्षेत्रों मे आगे बढ़ रही 26 महिलाओं को ऊर्जस्विता सम्मान से सम्मानित किया। आईएचएम ऑडिटोरियम में महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री निर्मला भूरिया ने महिलाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। चाहे समाजसेवा हो या व्यापारिक क्षेत्र, नारी शक्ति अपनी पूरी ऊर्जा से काम करती है। इस कारण उन ऊर्जस्विताओं को समय-समय पर सराहा भी जाना चाहिए। देश और समाज को आगे बढ़ाने वाली नारी शक्ति जब सम्मान पाती है तो दूसरी महिलाएं भी प्रेरित होती हैं। इस तरह के आयोजन सार्थक होते हैं।

उन्होंने कहा कि मैं खुद वर्षों से प्रदेश के आदिवासी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रही हूं। महिला किसी भी क्षेत्र में अपना मुकाम हासिल करती है तो वह उसे अपने परिश्रम से हासिल करती है। वह लड़ना जानती है। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में पर्यावरण, लोक कला, महिला सशक्तिकरण के लिए कई महिलाएं खामोशी से सार्थक कार्य कर रही है। इसे समाज को सामने लाना, उचित सम्मान देना सभी की जिम्मेदारी है। इसका निर्वहन अनुनय सोसायटी पूरी तन्मयता से कर रही है। 

मार्गी वॉट्स कार्टर का लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान

कार्यक्रम में प्रफुल्लित तीर्थ के पीठाधीश स्वामी मनेश्वरानंद , छत्तीसगढ़ के पीसीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) सुधीर अग्रवाल, आईएचएम के प्राचार्य डॉ. रोहित सरीन, रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी डॉ. एके भट्टाचार्य, विभांशु जोशी, अजय देवनानी, ब्रजेश चौहान मौजूद थे। सोसाइटी की अध्यक्ष माही भजनी ने बताया कि बालाघाट में बैगा समुदाय के विकास में अपना योगदान देने वाली मार्गी वॉट्स कार्टर को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 

यह नारी शक्ति को मिला सम्मान 

डॉ अनामिका जैन- उच्च शिक्षा ( इंदौर), डॉ पल्लवी तिवारी - विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (यूएस), सुश्री संप्रिया पूजा- लोकनृत्य एवं गायन, (छत्तीसगढ़), डॉ वंदना अग्रवाल -स्कूल शिक्षा ( छत्तीसगढ़), ओरियल प्रिज़मैन - संरक्षण (यूके), डॉ आरती सिन्हा- साउंड हीलर एवम वेलनेस कोच, चंद्रकला परस्ते- जनजातीय संस्कृति (डिंडोरी), प्रभाकर खलको- प्रशासन (छत्तीसगढ़), मेघा मुक्तिबोध- शिक्षा, सुश्री मनीषा आनंद- मिसेज़ इंडिया, शोमिता भट्टाचार्य- पर्यावरण, (इंदौर), रोली शर्मा, विपणन पेशेवर (नई दिल्ली), आशा पठानिया- सत्कार उद्योग (हरियाणा), दिव्या अत्रि- समाज सेवा, भूमिका कलम- ज्योतिष (इंदौर), अंजु तड़ियाल - कौशल विकास, दक्षा वैदकर- प्रिंट मीडिया, हुमेरा ख़ान - सामाजिक उद्यमी, श्रुति सिंह - राजनीति, सुश्री विशाखा कवठेकर- आर्किटेक्ट, अर्पणा चेंडके- उद्यमी (इंदौर), दीक्षा पाटकर भदौरिया - नवाचार, आराधना मालवी - आदिम कल्याण एवं खेलकूद (बैतूल), मीरा - इंफ्लुएंसर (चीन), पूर्वा त्रिवेदी- इलेक्ट्रॉनिक मीडिया। 

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सेफ क्लिक" अभियान से जागरूक हो रहे विद्यार्थी, शिक्षकों ने भी की सहभागिता


भोपाल। सायबर सुरक्षा "सेफ क्लिक" अभियान के अंतर्गत मंगलवार को चोपड़ा कलां के एल एस मेमोरियल स्कूल में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सूखी सेवनिया थाना प्रभारी रामबाबू चौधरी एवं उपनिरीक्षक स्वाति दुबे द्वारा सेफ क्लिक अभियान में इंटरनेट से होने वाले अपराध की जानकारी तथा सुरक्षित तरीके से इंटरनेट का उपयोग करने की बातें साझा की गई।

फिशिंग की पहचान किस तरह कैसे की जाए इसके संबंध में विस्तार पूर्वक बच्चों को समझाइए दी गई तथा सेफ इंटरनेट डे के लिए स्लोगन तैयार कर सायबर अपराध के संबंध में जानकारी दी । इसके साथ ही मोबाइल ऐप डाउनलोड करने से पहले अपने डाटा की अनुमतियो और एक्सेस की जांच करने, कभी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने, केवायसी संबंधी, फर्जी कॉल व एसएमएस से साबधान रहने, सायबर वित्तीय धोखाधडी के संबंध में जानकारी दी साइबर अपराध के संबंध में उदाहरण देकर विद्यार्थियों को समझाया गया।

किसी के साथ सायबर फ्राड होंने पर तुरंत शिकायत करने के लिये हेल्पलाईन नं. 1930 पर सूचित करने हेतु बताया गया। तथा बच्चों के बीच स्लोगन प्रतियोगिता एवं साइबर सुरक्षा एवं अपराध से संबंधित क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी कराया गया उक्त कार्यक्रम में लगभग 500 बच्चे एवं स्कूल स्टाफ सम्मिलित हुआ ।

MP News : प्रदेश की प्रो अस्मिता बनीं सीसीएसईए सदस्य, तीसरी बार मिला मौका

अमित सेन 

8085661177

भोपाल। भैषजिक विज्ञान विभाग, डॉ हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर (एमपी) की प्रोफेसर एवं डीन डॉ अस्मिता गजभिये पाटिल को राजीव रंजन सिंह केबिनेट मंत्री भारत सरकार द्वारा जानवरों पर प्रयोगों के नियंत्रण और पर्यवेक्षण के उद्देश्य (सीसीएसईए) के लिए समिति के सदस्य के रूप में नामित किया गया है। उन्हें इस समिति का लगातार तीसरी बार सदस्य नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत पशुपालन और डेयरी विभाग, भारत सरकार द्वारा की गई है। वे मध्य प्रदेश की पहली महिला हैं, जिन्हें सीसीएसईए में सदस्य नामित किया गया है। यह समिति ऐसे सभी उपाय करने के लिए जिम्मेदार होगी, जो यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हो कि जानवरों पर प्रयोगों के प्रदर्शन से पहले, दौरान या बाद में अनावश्यक दर्द या पीड़ा न हो। ज्ञात हो कि प्रो अस्मिता वर्तमान में कई अन्य राष्ट्रीय समितियों की मेम्बर की हैसियत से कार्य कर रही जिन्हें मंत्रालय द्वारा नियुक्त किया गया है।

प्रो अस्मिता पाटिल की इस नियुक्त पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता ने बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि फार्मेसी विभाग ऐसे ही कार्य करते हुए आगे बढ़ता रहे, विभाग तथा यूनिवर्सिटी के लिए यह गौरव की बात है। विवि के अन्य वरिष्ठ प्रोफेसर्स एवं फार्मेसी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो पाटिल, प्रो जैन, प्रो वंदना सोनी, डॉ धर्मेन्द्र जैन तथा डॉ सुशील काशव सहित विभाग के ऑफिस के समस्त कर्मचारियों द्वारा बधाई दी गई है।

बजट पर भड़की कांग्रेस, बजट को बताया जनविरोधी, महंगाई और बेरोजगारी बढ़ाने वाला

भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट आम जनता के लिए निराशाजनक और पूंजीपतियों के लिए फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि देश पहले ही गरीबी, महंगाई और बेरोजगारी के संकट से गुजर रहा है, लेकिन मोदी सरकार ने इस बजट में जनता को कोई राहत नहीं दी। 

पटवारी ने कहा कि देश का किसान पहले से ही बदहाल स्थिति में है, लेकिन फिर भी इस बजट में किसानों के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई। बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं, लेकिन सरकार ने उन्हें कोई अवसर देने की बजाय केवल आंकड़ों की बाजीगरी की है।

उन्होंने कहा कि यह बजट उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने वाला है, जबकि गरीब और मध्यम वर्ग को इसमें कोई राहत नहीं दी गई। महंगाई चरम पर है, आवश्यक वस्तुएं आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं, लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया।

जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार का यह बजट साफ दर्शाता है कि यह सरकार केवल कुछ गिने-चुने उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है। जनता की उम्मीदों को फिर से तोड़ते हुए यह बजट पूरी तरह निराशाजनक साबित हुआ है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश की आम जनता की आवाज उठाती रहेगी और जनविरोधी नीतियों का डटकर विरोध करेगी।