केएल इंटर कॉलेज करनैलगंज का खेल मैदान बना कूड़ा डंपिंग ग्राउंड, जिम्मेदार मौन
ईदगाह-कब्रिस्तान के पास खुलेआम गंदगी और गौवंशों का जमावड़ा

नगर पालिका की खुली मनमानी,करनैलगंज प्रशासन की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल

गोंडा(करनैलगंज)। तहसील मुख्यालय स्थित करनैलगंज कस्बे में हुजूरपुर रोड स्थित कन्हैयालाल इंटर कॉलेज के क्रीड़ा स्थल और उसके बगल ईदगाह कब्रिस्तान के पास फैली भारी गंदगी और कूड़े कचरे का ढेर अब महज लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित कूड़ा डंपिंग का नतीजा बन चुकी है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां नगर पालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी के निर्देश पर कस्बे के विभिन्न मोहल्लों से प्रतिदिन बड़े पैमाने पर कूड़ा-कचरा और गंदगी लाकर यहां डंप कराई जा रही है। खेल मैदान,जहां बच्चों को स्वस्थ वातावरण मिलना चाहिए, आज कचरा डंपिंग जोन बन चुका है। सड़ा-गला कूड़ा, प्लास्टिक और खुले में फेंका गया अपशिष्ट न सिर्फ भीषण दुर्गंध फैला रहा है, बल्कि संक्रामक बीमारियों के फैलने का गंभीर खतरा भी पैदा कर रहा है। बेसहारा गौवंश कूड़े में मुंह मारते दिखाई दे रहे हैं,जिससे सड़क दुर्घटनाओं और पशुओं की मौत की आशंका भी बढ़ गई है। धुंध और गंदगी के बीच सड़क किनारे खड़े पशु न सिर्फ यातायात के लिए खतरा हैं, बल्कि यह दृश्य स्वच्छता अभियान और गौ-संरक्षण के दावों की पोल खुल रही है। स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटी और गौ-संरक्षण जैसे सरकारी दावे यहां कागज़ों में सिमटे नजर आते हैं,जबकि हकीकत में एक खेल मैदान को कूड़ा डंपिंग जोन में तब्दील कर दिया गया है।

ईदगाह और कब्रिस्तान जैसे संवेदनशील स्थल के सामने इस तरह की गंदगी सामाजिक और धार्मिक भावनाओं के साथ भी खुला खिलवाड़ है। नगर पालिका, पशुपालन विभाग, शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन—सबकी जिम्मेदारी तय होने के बावजूद कोई कार्रवाई क्यों नहीं? स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बाद भी न कूड़ा डंपिंग बंद होता है, न गौवंशों के उचित संरक्षण की व्यवस्था होती है,और न ही मैदान की साफ-सफाई। नतीजा बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। यह तस्वीरें सिर्फ गंदगी नहीं दिखातीं बल्कि प्रशासनिक उदासीनता,जवाबदेही के अभाव और सरकारी दावों की खोखलाहट को बेनकाब करती हैं।

चौंकाने वाली बात यह है कि यह सब दिन-दहाड़े, रोजाना हो रहा है, इसके बावजूद स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की नजर नहीं पड़ना कई सवाल खड़े करता है। क्या यह अनदेखी महज संयोग है या फिर जानबूझकर आंख मूंद ली गई है? आखिर कब तक प्रशासन इस गंभीर जनस्वास्थ्य संकट पर चुप्पी साधे रहेगा? क्या कर्नलगंज में खेल मैदान सिर्फ नाम के हैं? क्या स्वच्छता और गौ-संरक्षण केवल फाइलों तक सीमित रहेंगे? और आखिर कब होगी जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई।
यूपी कोआपरेटिव बैंक घोटाले में नया खुलासा,लोगों को विश्वास में लेकर किया गया फ्राड
कई ग्राहकों की चेकबुक अपने पास रखी

गोंडा।यूपी कोआपरेटिव बैंक की बडगांव शाखा में हुए घोटाले को लेकर एक के बाद एक नये खुलासे हो रहे हैं।इसके साथ ही साथ खाताधारक भी बैंक में पहुंचकर के अपने खातों की जानकारी ले रहे हैं।शिकायतकर्ता शिवेंद्र दूबे के माध्यम से खुलासा हुआ है कि बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन पाल सिंह ने कई ऐसे लोगों को बैंक लोन दिया जो इसकी पात्रता पूरी नहीं करते थे।लोन देने के बाद वह ग्राहकों को विश्वास में लेकर उनकी चेकबुक अपने पास रख लेते थे।इन चेकबुक का इस्तेमाल कर वह धोखाधड़ी से ग्राहकों के खाते से पैसा निकाल कर दूसरे लोन खातों में भेजते थे और फिर उन्हें निकाल लेते थे।पहले इस फ्राड और घोटाले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन पाल सिंह शामिल हुए।उन्होंने एक बैंक खाते में फ्राड किया और जब उस फ्राड से पैसे की कमाई की तो इस फ्राड में उन्होंने और लोगों को शामिल कर लिया।विरोध करने पर कई बार पवन पाल सिंह द्वारा अपने  साथियों को इस पूरे मामले में फंसाने की धमकी भी दिया गया,जिससे मजबूरी में आकर लोग साथ देते रहे।उन्होंने बड़े पैमाने पर फ्राड किया फिर उनके द्वारा तीन अन्य पूर्व शाखा प्रबंधक को इस पूरे घोटाले में शामिल किया गया है।इसके साथ ही साथ पूर्व कैशियर को भी शामिल करके इतना बड़ा घोटाला इन लोगों द्वारा किया गया है।इस पूरे घोटाले और फ्राड का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि पवन पाल सिंह है,जिसके द्वारा अपने अन्य साथियों को अपने इस जाल में फंसाकर इतना बड़ा फ्राड किया गया है।घोटाले में जो भी पैसा बैंक खातों से लोग दूसरे के खाते में भेज कर निकालते थे।वह आपस में इन लोगों द्वारा बंदरबांट कर लिया जाता था लेकिन एक बड़ा हिस्सा पवन पाल सिंह लोगों को धमका कर ले लेता था।पवन पाल सिंह के और उनके परिजनों के भी खातों के बारे भी पुलिस जांच कर रही है।ग्राहकों के खातों से करोड़ों रुपए का फ्राड किया गया है और यह घोटाला वर्ष 2021से 2024 के बीच हुआ।इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब कुछ खाताधारक अपनी बची हुई किश्तों की जानकारी लेने बैंक पहुंचे।उन्होंने बताया कि उन्होंने 10 से  12 लाख रुपए का लोन लिया था और नियमित रूप से किश्त भी चुका रहे थे।हालांकि बैंक पहुंचने पर उन्हें पता चला कि उनके नाम पर और बैंक लोन हो गया है और उनके खातों से अतिरिक्त पैसे निकाले गए हैं।इस खुलासे के बाद एक के बाद एक कई खाताधारक अपने खातों की जानकारी लेने बैंक पहुंच रहे हैं।बताते चलें कि इस पूरे घोटाले में 205 खाते शामिल हैं जिनसे एक खाते से दूसरे खाते में पैसे ट्रांसफर किये गए हैं।नगर कोतवाली पुलिस ने इन सभी खातों के लेनदेन का विवरण यूपी कोआपरेटिव बैंक बड़गांव शाखा से मांगा है और मामले की जांच जारी है।कई खाताधारकों को तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन पाल सिंह ने कमीशन देने के लालच में उनके चेकबुक अपने पास रखे थे और लगातार अपने बैंक खातों में दूसरे खातों से पैसा भेज करके निकाला जा रहा था।जांच तेज होने के बाद अब खाताधारकों में हड़कंप मचा हुआ है और लगातार परेशान चल रहे हैं।फ्राड को लेकर के मुकदमा दर्ज कराने वाले खाताधारक शिवेंद्र दूबे ने बताया कि यहां पर सस्ता लोन आज भी मिल जाता है इसीलिए हम लोग यहां पर जाकर लोन लेते थे,लेकिन बाद में हमें पता चला कि हमारे खाते में और लोन कर दिया गया है,जो कि मेरे द्वारा नहीं लिया गया था।यह भी पता चला है कि पवन पाल सिंह जो कि यहां के पूर्व शाखा प्रबंधक हैं उनके द्वारा लोगों के चेकबुक ले लिए जाते थे और उन्हें कहा जाता था कि आपका लोन हम पास कर देंगे और आधा पैसा आप रख लीजिएगा तथा आधा पैसा हम रख लेंगे और उसी के जरिये यहां पर कमाई करते थे।शिवेंद्र दूबे ने यह भी बताया कि पवन पाल सिंह द्वारा एक ग्राहक के खाते से दूसरे ग्राहक के खाते में पैसे को ट्रांसफर करके निकाला जा रहा था और उस ग्राहक के खाते में पैसा ट्रांसफर करते थे जिसका चेकबुक उनके पास होता था।वहीं शिवेंद्र दूबे ने इस पूरे मामले में पुलिस से विस्तार से जांच किए जाने की मांग किया है।उनका दावा है कि इसमें केवल छोटे खाताधारक ही नहीं बल्कि कई ऐसे बड़े खाताधारक भी शामिल हैं जिनके द्वारा पवन पाल सिंह के साथ मिलकर 21 करोड़ रुपए का घोटाला किया गया है।वहीं नगर कोतवाली के अपराध निरीक्षक व मामले के विवेचक सभाजीत सिंह ने बताया कि पूरे मामले को लेकर के जांच की जा रही है और जांच में जो भी निकल कर आएंगे उनके भी नाम शामिल कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने बताया कि अभी तो हम लोग यही जांच कर रहे हैं कि आखिर किस तरीके से इतना बड़ा फ्राड किया गया है और इस पूरे फ्राड में कौन कौन लोग शामिल हैं।
बाराबंकी टोल प्लाजा पर वकील से मारपीट के विरोध में कर्नलगंज बार एसोसिएशन का प्रदर्शन, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन

कर्नलगंज, गोंडा। बाराबंकी टोल प्लाजा पर एक अधिवक्ता के साथ की गई मारपीट की घटना से आक्रोशित कर्नलगंज बार एसोसिएशन ने आज जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन में बार एसोसिएशन ने मांग की है कि अधिवक्ता के साथ मारपीट करने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जाए तथा संबंधित टोल प्लाजा का लाइसेंस तत्काल रद्द किया जाए। इसके साथ ही प्रदेश भर में अधिवक्ताओं की गाड़ियों को टोल फ्री किए जाने और अधिवक्ता सुरक्षा कानून को शीघ्र लागू करने की मांग उठाई गई।

बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक व उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे और एकजुट होकर न्याय व सुरक्षा की मांग उठाई।
मेडिकल कॉलेज में चूहों के वीडियो पर चिकित्सा अधीक्षक की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित
*48 घंटे में प्रधानाचार्य ने मांगी जांच रिपोर्ट

गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज के आर्थो वार्ड में चूहों के आतंक का वीडियो वायरल होने के बाद अब कॉलेज प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है।मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डाक्टर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर डीएन सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है।जांच कमेटी को 48 घंटे के अंदर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रधानाचार्य, जिलाधिकारी व शासन को भेजने का निर्देश दिया गया है।वीडियो वायरल होने के बाद देश के कई राजनीतिक पार्टियों और नेताओं ने सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था,स्वास्थ्य मंत्री और गोंडा स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठाए थे।इस पर जिलाधिकारी और शासन द्वारा मेडिकल कॉलेज को फटकार लगाने के बाद अब जांच के आदेश दिए गए हैं।वहीं इस मामले में प्रधानाचार्य डाक्टर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि सभी वार्डों में दवा का छिड़काव कराया गया है और चूहे अब गायब हो गये हैं।उन्होंने कहा कि जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद उनके स्तर से विस्तृत रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी व शासन को भेजी जाएगी।रिपोर्ट में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।प्रधानाचार्य ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।ठंड के मौसम में मरीजों के साथ तीमारदार अधिक खाने पीने की चीजें लेकर आते हैं और पुरानी बिल्डिंग होने के कारण चूहे अंदर प्रवेश कर जाते हैं।उन्होंने बताया कि इस समस्या को दूर करने के लिए बिल्डिंग को एक महीने में दूसरे भवन में शिफ्ट किया जाएगा,जिससे पूरी समस्या खत्म हो जाएगी।
महिला समूह में 1.15 करोड़ का घोटाला,तत्कालीन ब्लॉक मिशन मैनेजर सहित 12 महिलाओं पर मुकदमा दर्ज
गोंडा।जिले के आकांक्षी ब्लॉक रुपईडीह में स्वयं सहायता समूहों के संचालन में 1.15 करोड़ रुपए के सामुदायिक निवेश निधि घोटाले का मामला सामने आया है।पुलिस ने इस मामले में तत्कालीन ब्लॉक मिशन मैनेजर कुलदीप कुमार सहित समूह, ग्राम संगठन और संकुल संघ की 12 महिला पदाधिकारियों के खिलाफ चार अलग अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं।सभी मुकदमे खरगूपुर थाने में दर्ज किए गए हैं और जांच शुरू कर दी गई है।जांच में खुलासा हुआ है कि यह घोटाला वर्ष 2022 से ही चल रहा था।रुपईडीह ब्लॉक नीति आयोग की निगरानी में एक आकांक्षी ब्लॉक के रूप में कार्य कर रहा था।दिसंबर 2024 में मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन के निर्देश पर पहला मुकदमा दर्ज किया गया था।इसके बाद ग्राम्य विकास आयुक्त के आदेश पर पूरे ब्लॉक की विस्तृत जांच कराई गई जो लगभग एक वर्ष तक चली।आरोपों की पुष्टि होने के बाद अब चार मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।सहायक विकास अधिकारी (ग्राम्य विकास) विष्णु प्रजापति के अनुसार,महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्वयं सहायता समूह,ग्राम संगठन और संकुल संघ का गठन किया गया था।नियमानुसार प्रत्येक समूह को पहले 1.10 लाख और बाद में 1.50 लाख रुपए सामुदायिक निवेश निधि के रूप में दिए जाने थे।हालांकि तत्कालीन बीएमएम कुलदीप कुमार की मिली भगत से नियमों को ताक पर रखकर कहीं 13 लाख तो कहीं 42 लाख तक की रकम जारी करवा लिया गया।दर्ज किए गए चार अलग अलग मामलों में अवस्थी पेंट्स स्वयं सहायता समूह,फरेंदा शुक्ल में 21,21,531रुपए के गबन का आरोप है।इसमें अध्यक्ष सावित्री देवी, सचिव रंजना तिवारी,कोषाध्यक्ष जोखना देवी और बीएमएम कुलदीप कुमार नामजद हैं।वहीं भारतीय महिला संकुल प्रेरणा संघ में 13,20,000 रुपए की हेराफेरी के आरोप में अध्यक्ष अर्चना, सचिव राजरानी और कोषाध्यक्ष अंक कुमारी पर मुकदमा दर्ज हुआ है।इसके अतिरिक्त महिला शक्ति ग्राम संगठन पचरन में 38,85,960 रुपए के गबन के मामले में अध्यक्ष अर्चना, सचिव नन्की,कोषाध्यक्ष कामू और बीएमएम कुलदीप कुमार को आरोपी बनाया गया है।राधा महिला ग्राम संगठन खरगूपुर डिंगुर में 42,61,900 रुपए की हेराफेरी के आरोप में अध्यक्ष अंक कुमारी,सचिव काजल तिवारी,कोषाध्यक्ष कांति देवी और बीएमएम कुलदीप कुमार के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने दो युवतियों को बरामद किया
गोंडा। जिले के वजीरगंज पुलिस ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान गायब दो युवतियों को बरामद किया है।
इस संबंध में थानाध्यक्ष विपुल पाण्डेय ने बताया कि,
10/2026 धारा 87 बीएनएस के अनावरण हेतु पुलिस अधीक्षक द्वारा दिये गये दिशा निर्देश के क्रम में मिशन शक्ति टीम के उ0 नि0 कैलाशनाथ
का0 मनीष कश्यप,म0का0 सोनम सिंह व सरिता कस्बे में भ्रमणशील थी,चेकिंग के दौरान एक व्यक्ति  मिशन शक्ति टीम को देखकर मौके पर ही दो युवतियाँ को छोड़कर भाग गया ,युवतियाँ थाने पर लाकर मिशन शक्ति केन्द्र में काउंसिलिंग करते हुये उनके परिजनो को सूचित किया गया है।जिसके उपरांत विशेष वाहक महिला कर्मी के साथ वन स्टाप सेन्टर रवाना किया गया है।
मूषक राज को देखकर स्वास्थ्य मंत्री को कहीं खांसी न आ जाए- अखिलेश यादव
*मेडिकल कॉलेज में चूहों की वीडियो पर राजनीति तेज

गोंडा।मेडिकल कालेज के आर्थो वार्ड में चूहों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में हड़कम्प मच गया है।मरीजों के वार्ड में चूहों की मौज देख विपक्षी पार्टियों ने राज्य सरकार व स्वास्थ्य मंत्री पर जमकर निशाना साधा।समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने अपने एक्स (ट्विटर) एकाउंट पर लिखा कि उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में मूषकराज देखकर स्वास्थ्य मंत्री जी को कहीं खांसी न आ जाए,लेकिन खांसने से पहले सोच लें कि कहीं कोई गलती से उनको अपने खास लोगों का बनाया,सीरप न पीने को दे दें।उन्होंने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए विभागीय मंत्री बृजेश पाठक को भी घेरा।कांग्रेस नेता रागिनी नायक और सुप्रिया श्रीनेत ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि गोंडा मेडिकल कॉलेज का यह वार्ड इंसानों के लिए नहीं,चूहों के लिए है।संक्रमण और गंभीर बीमारियों का खतरा मंड़रा रहा है लेकिन प्रशासन गंभीर नहीं।आम आदमी पार्टी ने भी ट्वीट कर कहा कि गोंडा में चूहे इतने सक्षम हो गये हैं कि अब डाक्टरों की जगह  मरीजों का इलाज कर रहे हैं।कौशांबी सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने लिखा,गोंडा आर्थो वार्ड में कूदफांद रहे हैं,संक्रमण और असमय मौतें भी इन्हीं कारणों से होती है।नौ साल के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में स्वास्थ्य विभाग का यही वास्तविक चेहरा है।मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉक्टर अनिल कुमार तिवारी ने बताया कि वार्ड में दवा का छिड़काव कराया गया और चूहे गायब हो गए हैं।उन्होंने कर्मचारियों को नोटिस देकर सफाई पर सख्ती करने के निर्देश दिए।सीएमएस ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों का का सवाल उठाना है और हमारा काम काम करना है।उनके सवालों का जवाब देना हमारा काम नहीं।
50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं  ने लगाई आस्था की डुबकी
सरयू और पसका घाटों पर उमड़ी भीड़, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

गोंडा।जिले में मकर संक्रांति का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है।जिले के करनैलगंज व पसका घाट पर सरयू नदी में लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई है।सुबह 4 बजे से ही घाटों पर भारी भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी।अब तक 50000 से अधिक लोग इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हो चुके हैं।श्रद्धालु सूर्य देवता की पूजा अर्चना कर पुण्य लाभ के लिए स्नान कर रहे हैं।

दूर दूर से लोग इन घाटों पर पहुंच रहे हैं।श्रद्धालुओं का मानना है कि मकर संक्रांति पर सरयू में स्नान करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और पुण्य मिलता है।हिन्दू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि इसे सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का दिन माना जाता है।इस आयोजन के सफल और सुरक्षित संचालन के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है।

एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को नदी के किनारे तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें भी घाटों पर लगातार चौकसी बरत रही हैं।श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नदियों के किनारे विशेष रैंप और मार्ग बनाए गए हैं।घाटों पर साफ सफाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी व्यवस्था की है कि इस धार्मिक अवसर पर कोई अप्रिय घटना न घटे और श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।
अवैध बालू खनन मामले में सीगल इंडिया कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि पर मुकदमा दर्ज
79.40 लाख रुपये का जुर्माना

गोंडा।जिले में सीगल इंडिया कंपनी द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन का मामला सामने आया है।नवाबगंज थाना क्षेत्र के दुर्गागंज माझा में मिट्टी खुदाई की आंड़ में यह अवैध खनन किया जा रहा है।जांच कज दौरान सामने निकलकर आया है कि 18600 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में 1.10 मीटर गहराई में कुल 20460 घनमीटर बालू का अवैध

उत्खनन पाया गया है।जिले के खनन अधिकारी डाक्टर अभय निरंजन द्वारा नवाबगंज थाने में सीगल इंडिया कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि विकास मणि त्रिपाठी निवासी इलाहाबाद के विरुद्ध तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करवाया गया है।उन पर अवैध खनन और सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने की 8 गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।खनन विभाग ने विकास मणि त्रिपाठी पर 79.40 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है और उन्हें तत्काल यह धनराशि जमा करने का निर्देश दिया है।यह कार्रवाई जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के आदेश पर किया गया है।बताते चलें कि कल ही नवाबगंज पुलिस व तरबगंज एसडीएम विश्वामित्र सिंह और खनन अधिकारी डाक्टर अभय निरंजन ने छापेमारी कर तीन डंपरों को जब्त कर नवाबगंज थाने में सीज किया था।

गौरतलब है कि इसी कंपनी द्वारा बीते 18 नवंबर 2025 को भी अयोध्या बाईपास रिंग रोड निर्माण की आंड़ में बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया गया था।तब भी खनन विभाग और पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात डंपर व एक पोकलैंड मशीन को जब्त कर नवाबगंज थाने के सुपुर्द कर दिया था।बीते नवंबर माह में भी लोगों ने अवैधि रूप से मिट्टी खनन करते हुए सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाया था।इनके ऊपर यह भी आरोप लगाया गया है कि यह कंपनी लगातार इस तरीके से कार्य करने को लेकर आदी हो चुकी है और ऐसे में उनके खिलाफ अब कार्यवाही किया जाना आवश्यक है।यहाँ यह बताना आवश्यक है कि सीगल इंडिया जो कि दिल्ली की कंपनी है इसे गोंडा में अयोध्या बाईपास रिंग रोड निर्माण को लेकर काम दिया गया है और उनके द्वारा वहां पर मिट्टी पटाई का काम किया जा रहा है।इन लोगों द्वारा मिट्टी खुदाई को लेकर के गोंडा से सटे अयोध्या की सीमा में परमीशन लिया गया था परन्तु इन लोगों द्वारा वहां पर मिट्टी की खुदाई न करके गोंडा की सीमा में अवैध रूप से पोकलैंड और जेसीबी के माध्यम से बालू का खनन किया जा रहा था।वहीं खनन अधिकारी डाक्टर अभय निरंजन ने बताया कि मौके पर पहुंच करके हम लोगों द्वारा पूरे मामले की जांच की गई तो 20460 घनमीटर अवैध रूप से बालू का खनन किये जाने को लेकर पुष्टि हुई है।मौके पर लेखपाल व उपजिलाधिकारी तरबगंज भी  थे और पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद थी तथा अब मेरे द्वारा इनके खिलाफ नवाबगंज थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया है।इस कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि विकास मणि त्रिपाठी के खिलाफ खनन विभाग द्वारा 79.40 लाख रुपए का अवैध बालू खनन को लेकर जुर्माना लगाते हुए इन्हें नोटिस देकर के जमा करने के निर्देश दिये गये हैं।यदि यह समय रहते जुर्माना नहीं जमा करते हैं तो उनके खिलाफ खनन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा अन्य अग्रिम विधिक कार्यवाही की जाएगी।
तीन पूर्व शाखा प्रबंधक सहित एक पूर्व कैशियर निलंबित
*205 खातों की होगी जांच

गोंडा।जिले के यूपी कोआपरेटिव बैंक की बडगांव शाखा में हुए बड़े पैमाने पर ऋण घोटाले के मामले में विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ हो गई है।बैंक के महाप्रबंधक कपिल पाठक ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल,पूर्व शाखा प्रबंधक अजय कुमार और सुशील कुमार गौतम तथा तत्कालीन सहायक कैशियर पवन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।इस मामले में दो मुकदमे पहले ही दर्ज हो चुके हैं।महाप्रबंधक कपिल पाठक ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।प्रारंभिक विभागीय जांच में इन चारों की घोटाले में अहम भूमिका सामने आई है।जांच प्रभावित न हो इसलिए पुलिस जांच शुरू होने से पहले इन्हें निलंबित कर दिया गया है।महाप्रबंधक कपिल पाठक ने निलंबित कर्मचारियों को पुलिस जांच में सहयोग करने के निर्देश दिये हैं।नगर कोतवाली पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।पुलिस विभाग 205 खाताधारकों के खातों की भी गहनता से पड़ताल करवा रहा है।आरोप है कि इन लोगों ने बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी कर 21.47 करोड़ रुपये का घोटाला किया है।यह घोटाला दिसंबर 2021से शुरु हुआ था,जहाँ गोंडा की इस शाखा में ऋण वितरण को कमाई का जरिया बना लिया गया था।आरोप है कि बैंक कर्मचारियों ने लोगों को विश्वास में लेकर उनके साथ धोखाधड़ी किया।नियमों के अनुसार ऋण देने से पहले पात्रता,आय प्रमाण पत्र,जमानत और फील्ड वेरीफिकेशन अनिवार्य होता है।हालांकि अधिकांश मामलों में इन नियमों का उल्लंघन किया गया और फाइलें केवल कागजों पर तैयार की गई।वहीं यूपी कोआपरेटिव बैंक के महाप्रबंधक कपिल पाठक ने बताया कि गोंडा में जिस तरीके से फ्राड और घोटाला किया गया है यह कतई बर्दाश्त नहीं है।उत्तर प्रदेश सरकार व विभाग द्वारा जीरो टालरेंस नीति के तहत इस फ्राड और भ्रष्टाचार को लेकर कार्रवाई की जा रही है।