आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने रचा अहम् चिकित्सकीय मुकाम, स्तन कैंसर मरीज की सफल सर्जरी

आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, स्तन कैंसर मरीज की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी की सफल सर्जरी की

*कोलकाता, जनवरी 2026* : आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने अपने आरजी इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस्ड ब्रेस्ट केयर के माध्यम से दाहिने स्तन के कैंसर से पीड़ित 68 वर्षीय महिला का सफल इलाज किया। वरिष्ठ ब्रेस्ट सर्जन डॉ. ताप्ती सेन के नेतृत्व में मरीज की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी के साथ बगल की लिम्फ नोड्स की सफाई (लेवल थ्री तक) की गई। यह सफल सर्जरी अस्पताल की ब्रेस्ट कैंसर के उन्नत इलाज में मजबूत विशेषज्ञता को दर्शाती है, जहाँ सटीक उपचार के साथ मरीज की जल्दी रिकवरी पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाता है।
प्रक्रिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता की ब्रेस्ट सर्जरी कंसल्टेंट डॉ. ताप्ती सेन ने कहा, "लिम्फ नोड्स से जुड़े स्तन कैंसर के मरीजों के लिए मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी आज भी एक अहम् उपचार विकल्प है। समय पर उचित जाँच, उपयुक्त सर्जरी और सर्जरी के बाद की व्यवस्थित देखभाल से बेहतर परिणाम मिलते हैं और साथ ही मरीज की जीवन गुणवत्ता में सुधार होता है।"
मरीज पिछले एक वर्ष से दाहिने स्तन में बिना दर्द की सूजन की शिकायत लेकर आई थीं, जिसका आकार धीरे-धीरे बढ़ रहा था। जाँच और इमेजिंग में स्तन के उनके निचले हिस्से में 3.3 x 3 सेमी की सख्त और अनियमित गाँठ पाई गई, जो त्वचा या अंदर की गहरी संरचनाओं तक नहीं फैली थी। मैमोग्राम और दाहिने स्तन से की गई ट्रू-कट बायोप्सी में कार्सिनोमा राइट ब्रेस्ट की पुष्टि हुई। पूरे शरीर की पीईटी-सीटी जाँच में बीमारी सिर्फ उसी क्षेत्र तक सीमित पाई गई और शरीर के अन्य हिस्सों में फैलाव नहीं दिखा।
इसके बाद आईएचसी जाँच के बाद मरीज की दाहिने स्तन की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी और बगल के लिम्फ नोड्स की सफाई की सर्जरी की गई। सर्जरी से पहले सभी जरूरी जाँचें और एनेस्थीसिया की अनुमति ली गई। ऑपरेशन से पहले मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट की राय भी ली गई। मरीज और उनके परिजनों को इलाज की पूरी प्रक्रिया और सर्जरी के बाद होने वाली सावधानियों, जैसे कि लिम्फ सूजन या घाव में संक्रमण से बचाव के बारे में विस्तार से समझाया गया। सर्जरी के 48 घंटे बाद ड्रेन के साथ मरीज को छुट्टी दे दी गई। फिलहाल मरीज की हालत अच्छी है। मेडिकल ऑन्कोलॉजी सहित पूरी मल्टीडिसिप्लिनरी टीम की देखरेख से बेहतर और लंबे समय तक अच्छे परिणाम सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
*पतंगों से लेकर तिल-गुड़ तक: सन नियो कलाकारों ने साझा की मकर संक्रांति से जुड़ी खुशियाँ*

*उत्तर प्रदेश, जनवरी 2026:* आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगें, तिल-गुड़ की मिठास और बचपन की प्यारी यादें, मकर संक्रांति वह त्यौहार है, जो दिल के बहुत करीब होता है। इस खास मौके पर सन नियो के कलाकार मेघा रे, भाग्यश्री मिश्रा और गौरी शेलगांवकर ने अपने बचपन की यादें, त्यौहार से जुड़ी परंपराएँ और इस साल के जश्न की झलक साझा की।

दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी शो में दिव्या का किरदार निभा रहीं मेघा रे कहती हैं, "मुझे मकर संक्रांति हमेशा से बहुत पसंद रही है, क्योंकि यह अपने साथ ढेर सारी खुशिया, उम्मीद और अपनों के साथ होने का एहसास कराती है। बचपन में परिवार के साथ पतंग उड़ाना और तिल-गुड़ बाँटना मेरी सबसे प्यारी यादों में शामिल है। इस साल काम की वजह से थोड़ी व्यस्त रहूँगी, लेकिन दिव्या प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी के सेट पर अपनी टीम के साथ मिठाइयाँ बाँटकर अपना त्यौहार ज़रूर मनाऊँगी। संक्रांति मुझे सिखाती है कि नकारात्मकता छोड़कर विश्वास, कृतज्ञता और खुशी के साथ आगे बढ़ना चाहिए। मैं सभी को रंगों से भरी, खुशहाल मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ देती हूँ। यह पर्व आपके जीवन में नई शुरुआत, सफलता, शांति, अच्छी सेहत और ढेर सारी मुस्कान लाए।"

सत्या साची में साची की भूमिका निभा रहीं भाग्यश्री मिश्रा ने कहा, "मकर संक्रांति मुझे इसलिए खास लगती है, क्योंकि यह नई शुरुआत और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। बचपन की वो यादें आज भी मन को खुश कर देती हैं, यानि रंगीन पतंगें उड़ाना और फिर कटी हुई पतंगों के पीछे पूरे जोश के साथ दौड़ना। वह मस्ती अब सोचने पर और भी खास लगती है। आज हम सब बड़े हो गए हैं और काम की वजह से समय कम मिल पाता है, लेकिन यदि इस साल मौका मिला तो हम 'सत्या साची' के सेट पर पतंग जरूर उड़ाएँगे और साथ में कुछ खुशनुमा पल बिताएँगे।"

प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी में घेवर का किरदार निभा रहीं गौरी शेलगांवकर ने अपने दिल की बात साझा करते हुए कहा, "मेरे लिए मकर संक्रांति हमेशा सादगी भरी खुशियों का त्यौहार रही है, जिसमें परिवार के साथ खाना, हँसी-मजाक करना और लोगों को बाँटकर खाने की कला को सीखना। मुझे याद है, बड़े हमें तिल-गुड़ देते हुए कहते थे कि हमेशा मीठा बोलो, सकारात्मक सोचो और खुश रहो। इस साल मैं सादगी से त्यौहार मनाऊँगी, अपने करीबियों को फोन करुँगी और उनके प्यार व सपोर्ट के लिए उन्हें धन्यवाद कहूँगी। साथ ही, मेरी माँ के हाथों से बने तिल के लड्डू 'प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी' के सेट पर ले जाकर सबके साथ बाटूँगी। बचपन में अपने पापा के साथ पतंग उड़ाने की यादें आज भी दिल को छू जाती हैं, वह पूरा दिन हमारे साथ पतंग उड़ाते थे।"

देखिए दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी शाम 7:30 बजे, सत्या साची शाम 8:00 बजे, प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी- रात 9:00 बजे, सिर्फ सन नियो पर।
बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' में नारी शक्ति ने रचा इतिहास, टीकमगढ़ की सविता राज रहीं विजेता

- टीकमगढ़ कीं सविता राज ने पहला, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया

छतरपुर, जनवरी 2026: लोकप्रिय चैनल बुंदेलखंड 24x7 द्वारा आयोजित बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' का ग्रैंड फिनाले रविवार को छतरपुर के अंबेडकर भवन में संपन्न हुआ। बुंदेली सुरों, भावनाओं और परंपरा की कसौटी का पर्याय कही जाने वाली इस निःशुल्क प्रतियोगिता में नारी शक्ति ने क्रमशः तीन स्थानों पर दबदबा बनाते हुए इतिहास रच दिया। पहले चरण में रिकॉर्ड 2735 एंट्रीज़, छह जिलों में ऑडिशन राउंड को पार करते हुए और तत्पश्चात उत्कृष्ट प्रदर्शन के बूते पाँच प्रतिभागी फाइनल में पहुँचे। सुरों की विभिन्न कसौटियों को पार कर टीकमगढ़ कीं सविता राज ने विजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया।
विजेता को 50 हजार मूल्य के पुरस्कार दिए गए, जिसमें नकद पुरस्कार समेत गिफ्ट हैंपर्स और ब्रांडिंग आदि शामिल है। साथ ही, उन्हें प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे के साथ गायन और विराज फोटोग्राफी के एल्बम में शामिल होने का मौका मिलेगा। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर छतरपुर की माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने कार्यक्रम का मान बढ़ाया।
बुंदेली लोकगीतों के महान साधक बैजू बावरा जी की स्मृति में आयोजित इस निःशुल्क प्रतियोगिता का उद्देश्य आला-ऊदल और बुंदेली लोकगीतों की विरासत को नए स्वर देना रहा। बुंदेली लोकगीतों के सम्राट पं. देशराज पठैरिया जी के पुत्र की भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की गई। मंच का संचालन बुंदेलखंड 24x7 की शिवांगी तिवारी और राजेंद्र सिंह जी ने किया। ललितपुर के अंकित परिहार और सागर के दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी ने क्रमशः चौथे और पाँचवें स्थान पर रहे।
माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने फाइनलिस्ट्स का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, "बुंदेलखंड का मान बढ़ाने वाले इस आयोजन में हर आवाज़ के पीछे एक कहानी थी और हर तान के साथ बुंदेलखंड की पहचान जुड़ी थी। इस लोकगीत प्रतियोगिता में अलग-अलग जिलों से कलाकारों का शामिल होना यह दर्शाता है कि बुंदेली लोकगीत आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। सभी ने अपने सुरों से यह बखूबी साबित किया।"
विजेता का खिताब हासिल होने पर भावुक स्वर में टीकमगढ़ कीं सविता राज ने कहा, "यह जीत सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि बुंदेलखंड की हर उस बेटी की है, जो लोकगीतों को अपनी साँसों में बसाए हुए है। इस मंच ने मुझे अपनी मिट्टी से जुड़े रहने की ताकत दी है। मैं इस सम्मान को अपने बुंदेलखंड को समर्पित करती हूँ।" वहीं, क्रमशः द्वितीय और तृतीय विजेता के रूप में सेजल सोनी और ज्योति पटेल ने भी बुंदेली सुरों को मान दिलाने के लिए प्रयासरत बुंदेलखंड 24x7 चैनल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
बुंदेलखंड 24x7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, "जीत और हार हर प्रतियोगिता का हिस्सा होती है, लेकिन मेरे लिए इस मंच पर पहुँचे सभी प्रतिभागी विजेता हैं। लोकसंस्कृति को सहेजने की कोशिश करने वाला प्रत्येक व्यक्ति वास्तव में विजेता है। बुंदेली बावरा का उद्देश्य ही यही है कि हर कलाकार को सम्मान और पहचान मिले। सभी को शुभकामनाएँ।" मुकाबला आसान नहीं था, हर प्रस्तुति में भाव भी था, साधना भी और अपनी मिट्टी से जुड़ाव भी। आखिरकार, जजेस द्वारा गहन मूल्यांकन के बाद पहले राउंड में 13, दूसरे राउंड में 8 और तीसरे राउंड में ऐसे 5 प्रतिभागी चुने गए, जिनके सुरों में परंपरा भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी और संस्कृति की बेशकीमती झलक भी। प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे, प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया और बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने निष्पक्ष मूल्यांकन कर उक्त प्रतियोगिता को सफल बनाया।
प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे ने कहा, "ग्रैंड फिनाले में जो आवाज़ें मंच पर गूँजी, वे सिर्फ सुर नहीं, बल्कि बुंदेली लोकजीवन की आत्मा थीं। इस मंच ने साबित कर दिया कि हमारी लोकगायकी आज भी उतनी ही जीवंत और सच्ची है। फाइनल तक पहुँचे सभी कलाकारों ने बुंदेलखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती दी है।"
प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया ने कहा, "मंच पर प्रस्तुत की गई प्रत्येक गायकी इस बात की मिसाल है कि बुंदेली लोकगीतों की विरासत आज भी कायम है और हमेशा कायम रहेगी। सभी बुंदेली कलाकारों के सुरों में परंपरा की पकड़ और भविष्य की उम्मीद, दोनों साफ नजर आईं।"
बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने कहा, "ग्रैंड फिनाले तक का सफर आसान नहीं था। हर कलाकार में अलग खासियत थी, लेकिन फाइनल में वही सुर सामने आए, जिन्होंने बुंदेली लोकगीतों को आगे ले जाने की क्षमता दिखाई। यह आयोजन लोकसंस्कृति को सहेजने की एक सशक्त कोशिश साबित हुआ। सभी को शुभकामनाएँ।"
बुंदेलखंड 24x7 के चैनल हेड आसिफ पटेल ने कहा, "बुंदेली लोकगीत की एक से बढ़कर एक प्रतिभा ने यह साबित कर दिया कि बुंदेली बावरा सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की आवाज़ को सम्मान देने का मंच है। फाइनल में गूँजे सुरों ने यह भरोसा और भी मजबूत किया कि हमारी लोकसंस्कृति अमर है।"
कार्यक्रम के इंस्ट्रूमेंट पार्टनर के रूप में आशीष बुंदेली म्यूजिकल ग्रुप ने शानदार प्रस्तुति दी, जिसमें आशीष विश्वकर्मा (अर्पण) ने बैंजो, रूपेश श्रीवास्तव ने कीबोर्ड, धीरज तूफानी ने ढोलक और मयंक विश्वकर्मा ने ऑक्टापैड पर संगत दी। साउंड और लाइट की जिम्मेदारी अमित नामदेव (अमित 09 साउंड सिस्टम एंड इवेंट, हमीरपुर) ने निभाई। वैन्यू पार्टनर के रूप में अंबेडकर भवन, स्टे पार्टनर के तौर पर द रुद्राक्ष होटल एवं राधिका कुंज पैलेस, नॉलेज पार्टनर के रूप में जे.के. कॉलेज ऑफ लॉ, पीआर पार्टनर के रूप में पीआर 24x7, सोशल पार्टनर 2030 का भारत, सपोर्टिंग पार्टनर रुद्राणी कलाग्राम और क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व मणिकांत चौरसिया ने मिलकर इस आयोजन को एक यादगार स्वरूप प्रदान किया।
चंदेरी स्थित लोकगीत के महानायक बैजू बावरा जी की समाधि पर श्रद्धांजलि के साथ शुरू हुई यह सांस्कृतिक यात्रा शहर में हुए पहले ऑडिशन से आगे बढ़ती हुई अपने ग्रैंड फिनाले के मुकाम तक पहुँची। झाँसी, हमीरपुर, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़ और सागर जिलों में आयोजित ऑडिशन राउंड में बुंदेलखंड के विभिन्न अंचलों से आए कलाकारों ने भाग लिया। प्रतिभागियों के जोश, दर्शकों के उत्साह और बुंदेलखंड से मिली सकारात्मक प्रतिक्रियाओं ने यह तो स्पष्ट कर दिया कि यह मंच लोगों के दिलों से जुड़ चुका है। इसी उत्साह और प्रेम को देखते हुए इसका अगला संस्करण और भी अधिक जीवंत, व्यापक और यादगार होने की उम्मीद के साथ बुंदेली लोकसंस्कृति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा।
अमेरिका में मोटेल 6 और स्टूडियो 6 को सफल बनाने पर जी6 हॉस्पिटैलिटी ने गुजराती उद्यमियों को सराहा
*नवसारी, जनवरी 2026:* अमेरिका और कनाडा में मोटल 6 और स्टूडियो 6 ब्रांड की मूल कंपनी जी6 हॉस्पिटैलिटी ने मकर संक्रांति से पहले नवसारी में एक खास समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में गुजरात के फ्रेंचाइज़ी मालिकों को सराहा गया, जिन्होंने मोटल 6 और स्टूडियो 6 को उत्तरी अमेरिका के सबसे बड़े इकॉनमी होटल ब्रांड बनाने में अहम् भूमिका निभाई। आज इन दोनों ब्रांड्स के तहत 1,500 से ज्यादा होटल संचालित हो रहे हैं। 'गुजराती अस्मिता' नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में उन गुजराती उद्यमियों की मेहनत और जज़्बे को पहचान मिली, जिन्होंने बदलते बाजार और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री की चुनौतियों के बीच भी उत्तरी अमेरिका में सफल कारोबार स्थापित किया।
नवसारी में एकत्रित ये प्रतिष्ठित होटल कारोबारी, जिनमें से कई सूरत, नवसारी और बारडोली से जुड़े हैं, को उनके उत्कृष्ट काम के लिए सराहा गया। इन्हीं लोगों की मेहनत से मोटल 6 और स्टूडियो 6 अमेरिका में किफायती और भरोसेमंद ठहरने का जाना-पहचाना नाम बने हैं। वैश्विक महामारी जैसी कठिन परिस्थितियों से लेकर उसके बाद यात्रा क्षेत्र में आई तेजी तक, इन उद्यमियों ने धैर्य और समझदारी से हर चुनौती का सामना किया। उनकी मेहनत से न सिर्फ ब्रांड और मजबूत हुए, बल्कि रोजगार के नए अवसर बने, स्थानीय समुदायों से जुड़ाव बढ़ा और लाखों मेहमानों को लगातार बेहतर सेवा मिलती रही।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन गुजरात के जाने-माने उद्यमियों श्री सावजी ढोलकिया और श्री चंद्रकांत 'चान' पटेल ने किया। सावजी ढोलकिया देश के प्रसिद्ध हीरा कारोबारी, समाजसेवी और हरि कृष्णा एक्सपोर्ट्स के संस्थापक हैं। वे कारोबार में सफलता के साथ-साथ समाज के लिए उदार योगदान और जिम्मेदारी निभाने के लिए दुनियाभर में सम्मानित हैं। वहीं चान पटेल स्टेट बैंक ऑफ टेक्सास के संस्थापक और चेयरमैन हैं और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में गहरी पकड़ रखने वाले प्रमुख उद्यमी माने जाते हैं। वे अमेरिका में कई सफल हॉस्पिटैलिटी कारोबार स्थापित करने के साथ-साथ रणनीतिक वित्तीय नेतृत्व के जरिए नए उद्यमियों को आगे बढ़ने में सहयोग करते रहे हैं।
जी6 हॉस्पिटैलिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सोनल सिन्हा ने कहा, "गुजराती अस्मिता सबसे ज्यादा हमारे होटल मालिकों की कहानियों में दिखती है, जिन्होंने अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए दुनिया भर में पहचान बनाई है। हम इस साझेदारी को बेहद अहम् मानते हैं और जो कुछ भी हमने मिलकर बनाया है, हमें उस पर गर्व है। इनका उद्यमी जज़्बा और मुश्किल हालात में भी डटे रहने की क्षमता यह साबित करती है कि वैश्विक कारोबार में गुजराती क्यों सबसे आगे रहते हैं।"
सीकेपी हॉस्पिटैलिटी के प्रेसिडेंट और सीईओ हर्षद पटेल ने कहा, "गुजरात हमेशा से मेहनती और उद्यमी लोगों के लिए जाना जाता है। हमने मेहनत, ईमानदारी और धैर्य के बल पर अमेरिका में मजबूत कारोबार स्थापित किए हैं। अपने ही लोगों के बीच आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। इस वर्ष हमारा फोकस तकनीक के सहारे आगे बढ़ने और अपने कारोबार को और मजबूत करने पर है।"
जी6 हॉस्पिटैलिटी अमेरिका और कनाडा में मोटेल 6 और स्टूडियो 6 ब्रांड का संचालन करती है, जिनके 1,500 से अधिक होटल हैं। किफायती और भरोसेमंद स्टे के लिए पहचाने जाने वाले ये ब्रांड्स छुट्टियाँ मनाने और बिज़नेस के सिलसिले में आने वाले, दोनों ही तरह के यात्रियों को स्वच्छ और आरामदायक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मनरेगा बचाओ आंदोलन के तहत कांग्रेस का एक दिवसीय उपवास
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम के तहत रविवार को ज्ञानपुर स्थित गांधी पार्क में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय उपवास किया। कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार पर महत्वकांक्षी योजनाओं को कमजोर किए जाने का आरोप लगाया। कहा कि सरकार केवल नाम बदलने की राजनीति कर रही है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी कोऑर्डिनेटर दयाशंकर पांडेय ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना को लगातार कमजोर किया जा रहा है। मजदूरों को समय से काम और मजदूरी नहीं मिल पा रही है, जिससे ग्रामीण गरीबों का जीवन संकट में है। कोऑर्डिनेटर सुरेश चंद्र मिश्रा व पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कुमार दुबे ‘राजन’ ने कहा कि सरकार मनरेगा को समाप्त करने की साजिश कर रही है। कांग्रेस पार्टी इस साजिश के खिलाफ सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी। मांग किया कि मनरेगा में तत्काल पर्याप्त बजट आवंटन किया जाए, मजदूरी की दर बढ़ाई जाए और लंबित भुगतान शीघ्र किया जाए। कहा कि जब तक सरकार इन मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक मनरेगा बचाओ संग्राम जारी रहेगा। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष वसीम अंसारी ने किया। मौके पर राकेश मौर्य, विकास मिश्रा, दीनानाथ दुबे, प्रेम बिहारी उपाध्याय, राजेश दूबे, राजेश्वर दुबे, मुशीर इकबाल, सुबुकतगीन अंसारी, त्रिलोकी नाथ बिंद आदि रहे।
पत्थरों से इतिहास लिखने वाले गार्गोटी म्यूजियम के डायरेक्टर केसी पांडे का लल्लन तिवारी ने किया सम्मान

भायंदर। पत्थरों का महत्व निर्माण (मजबूती), इतिहास (स्मारक, शिलालेख), अर्थव्यवस्था (खनिज, उद्योग), संस्कृति (पूजा, कला), और दैनिक जीवन (आग जलाने से लेकर सजावट) तक फैला है, जो उन्हें मानव सभ्यता का एक अनिवार्य हिस्सा बनाता है, जो मजबूती, सौंदर्य और ऐतिहासिक जानकारी प्रदान करते हैं। कीमती और मूल्यवान पत्थरों को सजाकर उसे प्रेरणादायक स्वरूप में प्रस्तुत करने वाले नाशिक के सुप्रसिद्ध गार्गोटी द मिनरल म्यूजियम के संस्थापक चेयरमैन तथा प्रबंध निदेशक केसी पांडे का देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन लल्लन तिवारी ने मीरा रोड स्थित राहुल इंटरनेशनल स्कूल के आलीशान कार्यालय में सम्मान किया। इस अवसर पर आदित्य कॉलेज के चेयरमैन हरिश्चंद्र मिश्रा, समाजसेवी देवेंद्र तिवारी, युवा अधिवक्ता एडवोकेट राजकुमार मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, एडवोकेट भारत पांडे, सुरेंद्र पांडे, रामराज पाल, सुधीर आनंद पांडे, एडवोकेट त्रिभुवन तिवारी, सुरेंद्र मिश्रा, जेबी यादव समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। श्री पांडे मुंबई के सुप्रसिद्ध उद्योगपति दिनेश त्रिपाठी के निजी कार्यक्रम में भाग लेने मीरा रोड आए हुए थे।1960 में उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में स्थित सोहसा गांव में पुलिस अधिकारी रहे पंडित श्याम सुंदर पांडे के पुत्र के रूप में पैदा हुए केसी का बचपन से ही पत्थरों के प्रति अटूट प्रेम रहा। भारतीय नौसेना में चीफ एयर आर्टिफिशिर के रूप में 15 वर्षों तक देश की सेवा की। लोनावाला में प्रशिक्षण के दौरान पत्थरों के करीब आने का अवसर मिला। यहीं से शुरू हुई उनकी पत्थरों की एक नई दुनिया, जिसने उन्हें पूरे विश्व में चर्चित कर दिया। 9 साल तक श्री साईं बाबा संस्थान, शिर्डी के ट्रस्टी रहे। शिर्डी में 8 एकड़ के एरिया में उनका दूसरा प्रकल्प बन रहा है, जिसमें म्यूजियम के अलावा आलीशान होटल का भी निर्माण किया जा रहा है। गार्गोटी म्यूजियम देखने के बाद बाबा रामदेव ने कहा कि इस म्यूजियम में पत्थर भी बोलते हैं। संत राजेंद्र दास मलूक, स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य जैसे अनेक आध्यात्मिक संतों ने गार्गोटी म्यूजियम के पत्थरों को अद्भुत बताया है। हर कंकर में शंकर की अनुभूति करने वाले केसी पांडे तमाम उपलब्धियों के बावजूद खुद को समाज का अदना सा सेवक मात्र मानते हैं।
साहित्यिक संस्था आगमन द्वारा राष्ट्रीय कवि सम्मेलन सफल

दिल्ली । साहित्यिक संस्था आगमन द्वारा वैदूर्य समारोह विगत 4 जनवरी 2026 को किया गया जिसमें देश के कोने-कोने से साहित्यकारों की उपस्थिति देखी गई।सूत्रों से ज्ञात हुआ कि संस्था द्वारा आगमन आयोजकों की कुछ कमियां थीं।जिससे उपस्थित साहित्यकार नाराज़ हुए।आगमन पर धन उगाही का आरोप लगाना गलत पाया गया ऐसा कुछ भी नहीं है संस्था ने स्वयं खर्च किया था और युवा साहित्यकार योगेश बहुगुणा योगी के नाम का इस्तेमाल किसी उपस्थित व्यक्ति ने किया जो सच नहीं है।योगेश बहुगुणा योगी उत्कृष्ट साहित्यकार हैं उनके द्वारा ऐसा नहीं कहा गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार आगमन संस्था की न्यूज‌ जो लगी है घटना पूर्ण सत्य है‌ पर पैसे उगाही की बात नहीं‌ है किंतु धोखाधड़ी कवियों के साथ हुई यह सत्य है‌।सूचना के अनुसार कवियों के साथ‌ सम्मान जनक व्यवहार न करते हुए अंधेरे मे रखा गया। वीडियो और वहां के कवि साक्ष्य हैं।जो सूचना दी गई थी उसके ठीक उल्टा व्यवहार‌ किया गया।साहित्यिकारों ने बताया कि आयोजन सराहनीय था राष्ट्रीय कवि सम्मेलन के साथ सम्मान समारोह आयोजित किया गया था किन्तु आयोजन समिति के ज्यादा नजदीक एवं पहचान वाले कवियों को मंच दिया गया।
बस व डीसीएम में जबरदस्त टक्कर, डीसीएम चालक गंभीर रूप से घायल *बस चालक मौके से हुआ फरार

गोंडा।जिले के छपिया थाना क्षेत्र के मसकनवां गौराचौकी मार्ग पर फुटहिया बाजार महुलीखोरी के पास सुबह लगभग 9.30 बजे भीषण सड़क हादसा हुआ जिसमें मसकनवां से लखनऊ जा रही अवध एक्सप्रेस बस व मसकनवां से गोंडा जा रही डीसीएम के बीच आमने सामने जोरदार टक्कर हो गयी।हादसे के बाद अवध एक्सप्रेस बस का चालक मौके से फरार हो गया तो वहीं डीसीएम चालक विजयपाल गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छपिया ले जाया गया।बस में सवार किसी भी यात्री को किसी तरह की कोई चोट नहीं लगी है।टक्कर इतनी भीषण थी कि बस व डीसीएम का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।डीसीएम चालक बोरे लादकर ले जा रहा था कि तभी यह हादसा हो गया।इस हादसे के कारण लगभग दो घंटे तक मसकनवां से गोंडा, लखनऊ व बस्ती जाने वाले लोगों को आवागमन में अत्यधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा।घटना की सूचना मिलने पर पहुंची छपिया थाने की पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद बस व डीसीएम को सड़क से हटवाकर यातायात बहाल करवाया।इस संबंध में छपिया थानाध्यक्ष प्रबोध कुमार ने बताया कि अवध एक्सप्रेस बस प्रतिदिन मसकनवां से लखनऊ जाती है।पुलिस ने डीसीएम चालक द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पूरे मामले की जांच प्रारम्भ कर दिया है और फरार बस चालक की तलाश जारी है।
चार वर्ष से बंद पड़े राजकीय बालिका डिग्री कॉलेज के एक बार पुनः संचालित होने के बने आसार

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। चार वर्ष से बंद पड़े राजकीय बालिका डिग्री कॉलेज के  एक बार पुनः संचालित होने के बने आसार, ज्ञातव्य है कि, जनता जनार्दन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष संग्राम सिंह पटेल के अथक प्रयासों के  बाद भी नगर के मध्य बने राजकीय बालिका डिग्री कॉलेज का निर्माण कार्य पूरा होने के 4 वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी तक संचालित नहीं हो सका था जिसको लेकर  संग्राम सिंह पटेल  द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर डिग्री कॉलेज को संचालित किए जाने की मांग की गई थी, जिसपर  संयुक्त निदेशक उत्तर प्रदेश शिक्षा डॉ अर्पणा मिश्रा के द्वारा अवगत कराया गया था कि, महाविद्यालय को हैंडओवर करने के लिए समिति का गठन कर दिया गया है और स्थानांतरण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जिसपर संग्राम सिंह पटेल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र देकर पुनः डिग्री कॉलेज को संचालित किए जाने कि मांग की थी, जिसके उपरांत विगत 26 नवंबर को विशेष सचिव उत्तर प्रदेश शासन गिरजेश कुमार त्यागी ने निदेशक उच्च शिक्षा उत्तर प्रदेश को  पत्र भेजकर प्रधान मंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत निर्माणाधीन राजकीय बालिका डिग्री कॉलेज को पूर्ण कराने के लिए  9 करोड़ 72 लाख 86 हजार रुपए की वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृत प्रदान की, इस संबंध में जनता जनार्दन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष संग्राम सिंह पटेल ने बताया कि, डिग्री कॉलेज के नए मानकों के अनुसार सरकार द्वारा 9 करोड़ 72 लाख 86 हजार रुपए निर्माण कार्य पूरा कराए जाने का टेंडर भी जारी कर दिया गया है, शीघ्र ही डिग्री कालेज का कार्य पूरा होगा जिससे लहरपुर क्षेत्र की बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। एक बार फिर राजकीय कन्या महाविद्यालय के संचालित होने की प्रक्रिया प्रारंभ होने पर क्षेत्र की बालिकाओं में हर्ष की लहर।
सपा विधायक अनिल वर्मा व सपा नेता अतुल वर्मा ने किया व्यापक जनसंपर्क

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। किसान गोष्ठी को सफल बनाने के लिए सपा विधायक अनिल वर्मा व सपा नेता अतुल वर्मा ने किया व्यापक जनसंपर्क।

रविवार को सपा विधायक अनिल वर्मा व युवा सपा नेता अतुल वर्मा ने क्षेत्र के ग्राम भुसैला,कंजा, बाजार पुरवा , मदारपुर, उमरिया, परसेंडी पुरवा, मुलाहिमपुर, तालगांव, मोहरैय्या, दोस्तपुर, टकेला, करस्यौरा,टकेली, गोकुलपुर, मुबारकपुर, मिरकिल्लीपुर, जमालापुर, बस्ती पुरवा, खपुरा,बरगदहा, मोहद्दीनपुर, अनिया कलां आदि ग्रामों में जनसंपर्क कर आगामी 15 जनवरी को होने वाली किसान गोष्ठी में प्रतिभाग करने की अपील की।
ज्ञातव्य है कि पूर्व सांसद किसान नेता अमर शहीद स्वर्गीय हरगोविंद वर्मा की 38 वीं पुण्यतिथि पर एक विशाल किसान गोष्ठी का आयोजन नगर के तहसील मार्ग स्थित एक निजी लान में सपा विधायक अनिल वर्मा के द्वारा किया जा रहा है,  जिसके मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव होंगे।
आयोजक अनिल वर्मा ने बताया कि, कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सांसद आनंद भदौरिया, पूर्व एमएलसी राजपाल कश्यप, पूर्व मंत्री नरेंद्र वर्मा, पूर्व मंत्री रामहेत भारती, सदस्य विधान परिषद जास्मीर अंसारी, सपा जिला अध्यक्ष छत्रपाल यादव सहित भारी संख्या में किसान व सपा नेता भाग लेंगे।