बजट निर्माण में जनता की भागीदारी: सीएम हेमन्त सोरेन ने लॉन्च किया "अबुआ दिशोम बजट पोर्टल", सर्वश्रेष्ठ सुझावों पर मिलेगा सम्मान।

झारखंड सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को अधिक समावेशी और जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप बनाने की तैयारी में जुट गई है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में "अबुआ दिशोम बजट पोर्टल तथा मोबाइल ऐप" का औपचारिक शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से राज्य के विशेषज्ञ और आम नागरिक बजट निर्माण के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव सीधे सरकार तक पहुँचा सकेंगे।

योजनाओं से नहीं, जन-भागीदारी से बनेगा मजबूत राज्य पोर्टल लॉन्च करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "मजबूत राज्य की नींव केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि सक्रिय जन-भागीदारी से रची जाती है। हमारी सरकार समावेशी बजट लागू करने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज बजट का हिस्सा बन सके।"

17 जनवरी तक दे सकेंगे सुझाव; मिलेगा सम्मान राज्य के नागरिक 17 जनवरी 2026 तक इस पोर्टल, मोबाइल ऐप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (WhatsApp, Instagram, Facebook, X) के माध्यम से अपने सुझाव भेज सकते हैं। विशेष रूप से राजस्व संवर्द्धन (Revenue Generation) से संबंधित सुझावों को आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण माना जाएगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सबसे शानदार और उपयोगी तीन सुझाव देने वाले व्यक्तियों को सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने का निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अगले वित्तीय वर्ष से इस प्रक्रिया को और पहले शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि 15 नवंबर (राज्य स्थापना दिवस) से ही पोर्टल के माध्यम से सुझाव लेने की कार्रवाई शुरू की जाए, ताकि सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों की भागीदारी समय रहते सुनिश्चित हो सके।

प्रमुख उपस्थिति इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री, मुख्य सचिव, सचिव (व्यय), सचिव (संसाधन) सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशासनिक अधिकारियों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात: झाप्रसे संघ ने सीएम हेमन्त सोरेन को दी नववर्ष की शुभकामनाएं।

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज झारखंड मंत्रालय में 'झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ' (ZHAPSA) के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को नववर्ष 2026 की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्य: मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संघ की अध्यक्ष श्रीमती रंजीता हेम्ब्रम ने किया। उनके साथ संघ के महासचिव श्री राहुल कुमार तथा सदस्य श्री सुनील कुमार एवं श्री रिंकू कुमार मुख्य रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने दीं मंगलकामनाएं: प्रतिनिधिमंडल की शुभकामनाओं को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने भी अपनी ओर से संघ के सभी सदस्यों और राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों को नूतन वर्ष की हार्दिक मंगलकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने राज्य के विकास और प्रशासनिक कार्यों में अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।

झारखंड मंत्रालय में नववर्ष की गूँज: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मिले मंत्री और विधायक, दीं नूतन वर्ष की शुभकामनाएँ।

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से शुक्रवार को झारखंड मंत्रालय में राज्य सरकार के मंत्रियों, विधायकों और विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने औपचारिक मुलाकात की। यह मुलाकात नववर्ष 2026 के स्वागत और शुभकामनाओं के आदान-प्रदान के उद्देश्य से आयोजित एक शिष्टाचार भेंट थी।

शुभकामनाओं का आदान-प्रदान मुख्यमंत्री से मिलने पहुँचे मंत्रियों और विधायकों ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर नववर्ष 2026 की हार्दिक बधाई दी। मुख्यमंत्री ने भी सभी जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए अपनी ओर से उन्हें नूतन वर्ष की शुभकामनाएँ दीं और उनके सुखद एवं मंगलमय जीवन की कामना की।

इन प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने की मुलाकात: मुलाकात करने वालों में मुख्य रूप से:

मंत्री: श्री संजय प्रसाद यादव और डॉ. इरफान अंसारी।

विधायक: श्री हेमलाल मुर्मू, श्री जिगा सुसरन होरो, श्रीमती श्वेता सिंह, श्रीमती ममता देवी और श्री उदय शंकर सिंह (चुन्ना सिंह)।

पूर्व विधायक: श्रीमती पूर्णिमा नीरज सिंह एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल थे।

इस अवसर पर राज्य के विकास और आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर भी संक्षिप्त अनौपचारिक चर्चा हुई।

रांची DC का सख्त निर्देश: बिना कारण सर्टिफिकेट रिजेक्ट करने वाले अंचल अधिकारियों पर होगी कड़ी कार्रवाई।

रांची: उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर्स (VLE) के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रज्ञा केंद्रों को आधुनिक तकनीक से लैस करना और सरकारी सेवाओं की डिलीवरी में पारदर्शिता सुनिश्चित करना था।

प्रमाण पत्रों के रिजेक्शन पर उपायुक्त की सख्ती बैठक के दौरान उपायुक्त ने अंचल और प्रखंड कार्यालयों की कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जाति, आवासीय और आय प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण आवेदनों को बिना किसी ठोस कारण के रिजेक्ट न किया जाए। यदि कोई कार्यालय तय समय सीमा से अधिक आवेदन लंबित रखता है या बिना वैध कारण के रिजेक्ट करता है, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

प्रज्ञा केंद्रों का तकनीकी अपग्रेडेशन उपायुक्त ने VLEs को संबोधित करते हुए कहा कि प्रज्ञा केंद्र डिजिटल इंडिया की रीढ़ हैं। उन्होंने केंद्रों को 5G रेडी, हाई-स्पीड इंटरनेट और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन सिस्टम से लैस करने का निर्देश दिया। साथ ही, सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड-बेस्ड सिस्टम को शामिल करने पर जोर दिया ताकि ग्रामीणों को उनके घर के पास ही त्वरित सेवाएं मिल सकें।

जमीन दाखिल-खारिज और 'अबुआ साथी' DC ने बताया कि पिछले एक वर्ष में 10 डिसमिल जमीन के दाखिल-खारिज के लंबित मामलों का रिकॉर्ड निष्पादन किया गया है। जन समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने 'अबुआ साथी' (WhatsApp: 9430328080) हेल्पलाइन शुरू की है। अब इसे तकनीकी रूप से और उन्नत करते हुए 'अबुआ साथी डैशबोर्ड' का निर्माण किया गया है, जिससे शिकायतों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग आसान हो गई है।

सावधानी और पारदर्शिता के निर्देश उपायुक्त ने प्रज्ञा केंद्र संचालकों को चेतावनी दी कि वे किसी भी परिस्थिति में फर्जी या गलत दस्तावेज अपलोड न करें। उन्होंने कहा कि फर्जीवाड़ा पाए जाने पर केंद्र संचालक की जिम्मेदारी तय होगी। उन्होंने सभी केंद्रों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुँचाने का भी निर्देश दिया।

अंश-अंशिका अपहरण कांड का 8वां दिन: कल रांची की सड़कों पर निकलेगा मशाल जुलूस, 11 जनवरी को HEC क्षेत्र में महाबंद।

रांची: मौसीबाड़ी (मल्लारकोचा) से अपहृत 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका का 8वें दिन भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। इसके विरोध में और बच्चों की सकुशल वापसी की मांग को लेकर 'अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति' ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। शुक्रवार को समिति के सदस्यों ने धुर्वा बस स्टैंड, जेपी मार्केट (सेक्टर 2) और झोपड़ी मार्केट में नुक्कड़ सभाएं कर स्थानीय दुकानदारों और आम जनता से 11 जनवरी के 'एचईसी बंद' को सफल बनाने का आह्वान किया।

मशाल जुलूस की तैयारी समिति के संयोजक कैलाश यादव ने बताया कि कल, 10 जनवरी को शाम 4:30 बजे मौसीबाड़ी और पुराना विधानसभा से एक विशाल शांतिपूर्ण मशाल जुलूस निकाला जाएगा। यह पद मार्च भगवान बिरसा चौक तक जाएगा, जहाँ भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के समक्ष बच्चों की सलामती की प्रार्थना की जाएगी।

प्रशासन को सहयोग और सवाल दोनों कैलाश यादव ने कहा कि "हम बच्चों को खोजने में जुटी पुलिस और प्रशासन का पूरा सहयोग कर रहे हैं और उनका मनोबल बढ़ाना चाहते हैं, लेकिन जब तक अंश और अंशिका घर नहीं लौटते, हमारे लोकतांत्रिक सवाल जारी रहेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो-तीन दिनों में पुलिस की सक्रियता बढ़ी है, लेकिन यदि यही गंभीरता पहले दिन दिखाई गई होती तो शायद अब तक सफलता मिल गई होती।

जनता का समर्थन कांग्रेस के धुर्वा मंडल अध्यक्ष सह समिति सदस्य रंजन यादव ने कहा कि परिजनों के टूटते सब्र और जनता के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए समिति ने बंद का कड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने क्षेत्र के सभी व्यापारियों और हाट-बाजार संचालकों से मानवीय संवेदना के आधार पर स्वैच्छिक बंद रखने की अपील की है।

झारखंड की किशोरियों को मिल रहा है सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ

झारखंड सरकार किशोरियों एवं महिलाओं को शिक्षित और सशक्त बनाने हेतु निरंतर आगे बढ़ रही है ताकि झारखण्ड एक स्वस्थ और सशक्त प्रदेश बन सके। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की सोच झारखंड की हर महिला को सम्मान और किशोरियों को बेहतर शिक्षा और बेहतर जीवन के साथ ऊँचाईयों तक पहुँचने के सभी अवसर मिले । इसी सोच के साथ झारखण्ड सरकार द्वारा बालिकाओं के शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना की शुरूआत 2022-23 वित्तीय वर्ष में की गई है।

स्कूल में अध्ययनरत पात्र किशोरियों को चरणबद्ध मिलती है चालीस हजार रूपया की प्रोत्साहन राशि

इस योजना के अंतर्गत स्कूल में अध्ययनरत पात्र किशोरियों को चरणबद्ध चालीस हजार रूपया प्रोत्साहन राशि प्रदान कर शिक्षा में निरंतरता सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि वे सब अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और आर्थिक बाधाओं से मुक्त होकर उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ सकें।

सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का आवेदन प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन की प्रक्रिया की गई है शुरू

महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा इस वित्तीय वर्ष से सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का आवेदन प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन की प्रक्रिया शुरू किया गया है।

आठवीं कक्षा से बारहवीं कक्षा के सभी बालिकाएं अपने विद्यालय से अबुआ सरकार की इस महत्वकांक्षी सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ लेने के लिए पोर्टल पर जल्द से जल्द आवेदन कर के अपनी शिक्षा और सशक्तिकरण की उड़ान भरने की तैयारी करें।

अब तक 6,07,467 बालिकाओं का ऑनलाइन आ चुका है आवेदन

बता दें कि अब तक 6,07,467 बालिकाओं का आवेदन ऑनलाइन आ चुका है इनमें से 2,78,463 बालिकाओं को 104 करोड़ 65 लाख से अधिक राशि भुगतान की जा चुकी है एवं शेष लाभुकों की भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। पूरे राज्य में अबतक ई विद्यावाहिनी में अंकित 15007 विद्यालय में से 13,469 विद्यालय से आवेदन प्राप्त हुआ है। शेष विद्यालय से आवेदन प्राप्त करने हेतु आवश्यक निर्देश शिक्षा विभाग में कार्यरत क्षेत्रीय कर्मियों को दी गई है।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को ससमय निष्पादित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को दिया जा चुका है प्रशिक्षण

सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का संबंधित विभागीय पोर्टल (savitribaipksy.jharkhand.gov.in) पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया का निष्पादन ससमय होनिया हेतु संबंधित पदाधिकारियो, कर्मियों, प्रधानाध्यापक, BEEO एवं प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को समाज कल्याण निदेशालय द्वारा प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही समय समय पर तकनीकी सहयोग प्रदान भी किया जा रहा है।

योजना से लाभान्वित किये जाने संबंधी अधिक जानकारी या सहायता के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला समाज कल्याण पदाधिकारी या विद्यालयों के प्रधानाध्यापक / BEEO या प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

आदित्यपुर में स्वास्थ्य क्रांति: सीएम हेमन्त सोरेन ने किया NSMCH के पहले MBBS बैच का शुभारंभ, कहा— "5 साल में होंगे 30 मेडिकल कॉलेज।"

झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज आदित्यपुर स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (NSMCH) में एमबीबीएस पाठ्यक्रम (प्रथम बैच) का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि के रूप में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नए मेडिकल कॉलेजों के खुलने से न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित हो रही है, बल्कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है।

अगले 5 वर्षों का 'हेल्थ रोडमैप' मुख्यमंत्री ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अपना विजन साझा करते हुए कहा कि सरकार एक मजबूत 'हेल्थ इको सिस्टम' तैयार कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि वर्तमान में मेडिकल कॉलेजों की संख्या को अगले 5 वर्षों में बढ़ाकर 25 से 30 करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा, "जब चुनौतियां सामने होती हैं, तभी काम करने का असली आनंद भी मिलता है।"

छात्रों से अपील: बेहतर चिकित्सक बनें एमबीबीएस के पहले बैच के विद्यार्थियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 वर्षों बाद जब आप यहाँ से अपनी पढ़ाई पूरी कर निकलेंगे, तो समाज को आपसे बहुत उम्मीदें होंगी। उन्होंने भरोसा जताया कि ये विद्यार्थी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए एक संवेदनशील और बेहतर चिकित्सक के रूप में सेवा देंगे।

बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य संरचना को सुदृढ़ करने के लिए पूरी ताकत से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि झारखंड में अधिक से अधिक बेहतर अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर और विशेषज्ञ चिकित्सक आएं, ताकि यहाँ के लोगों को इलाज के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े।

समारोह में गरिमामय उपस्थिति इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, सांसद श्रीमती जोबा मांझी, विधायक दशरथ गागराई, सविता महतो, समीर मोहंती, मंगल कालिंदी, सोमेश चंद्र सोरेन, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह और संस्थान के अध्यक्ष मदन मोहन सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

झारखंड को मिले नए मुख्य न्यायाधीश: जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनाक ने ली शपथ, राज्यपाल ने दिलाई पद और गोपनीयता की जिम्मेदारी।

रांची: झारखंड उच्च न्यायालय के नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनाक ने आज अपने पद और गोपनीयता की शपथ ली। राजभवन के बिरसा मंडप में आयोजित एक गरिमामय समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें शपथ दिलाई।

गरिमामय उपस्थिति शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और न्यायिक सेवा से जुड़े गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। शपथ ग्रहण के उपरांत राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्य न्यायाधीश को उनके नए कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।

जस्टिस तरलोक सिंह चौहान का स्थान लिया नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सोनाक का कार्यकाल 28 नवंबर 2026 तक रहेगा। उन्होंने जस्टिस तरलोक सिंह चौहान का स्थान लिया है, जिन्हें बीते कल (8 जनवरी) एक भव्य 'फुल कोर्ट फेयरवेल' के माध्यम से विदाई दी गई थी।

जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनाक का परिचय

जन्म: 28 नवंबर 1964।

शिक्षा: गोवा के पणजी से स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के बाद एमएस कॉलेज ऑफ लॉ से प्रथम श्रेणी में एलएलबी किया।

विशेष योग्यता: पुर्तगाली भाषा में डिप्लोमा भी हासिल किया है।

करियर: अक्टूबर 1988 में बार काउंसिल में नामांकित हुए। उन्होंने मुंबई हाईकोर्ट की पणजी पीठ में नागरिक, संवैधानिक, पर्यावरण और कंपनी कानून जैसे विविध क्षेत्रों में वकालत की।

न्यायिक सफर: 21 जून 2013 को मुंबई उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त हुए और 2 मार्च 2016 को स्थायी न्यायाधीश बने।

जयराम महतो का ढुल्लू महतो पर सीधा वार: "सांसद के पास है 40 हजार करोड़ की संपत्ति, सरकार करे उच्चस्तरीय जांच।"

धनबाद: डुमरी विधायक और जेबीकेएसएस (JBKSS) नेता जयराम महतो गुरुवार को धनबाद पहुंचे। बोकारो के बीएसटी थाना में दर्ज 'सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने' के एक मामले में उन्होंने धनबाद कोर्ट में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कोर्ट से बाहर निकलने के बाद जयराम महतो ने मीडिया से बातचीत करते हुए धनबाद सांसद ढुल्लू महतो के खिलाफ जमकर जुबानी हमला बोला और उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए।

40 हजार करोड़ की संपत्ति और सुप्रीम कोर्ट का हवाला जयराम महतो ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका के अनुसार सांसद ढुल्लू महतो ने लगभग 40 हजार करोड़ रुपये की अकूत संपत्ति अर्जित की है। उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को जांच का आदेश दिया है। सरकार को चाहिए कि वह सांसद और उनके तीन व्यावसायिक पार्टनर्स की संपत्ति की गहन जांच कराए।" जयराम ने इस दौरान सांसद के कथित करीबियों के नामों का खुलासा करने का भी दावा किया।

राम मंदिर निर्माण पर उठाए सवाल सांसद ढुल्लू महतो द्वारा बनाए गए राम मंदिर पर कटाक्ष करते हुए विधायक जयराम ने कहा कि धर्म का सहारा लेकर गलत कारनामों को छुपाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि "बिना सार्वजनिक चंदे के इतना भव्य मंदिर कैसे खड़ा हो गया? लोग एक मंदिर बनाने में पूरी उम्र लगा देते हैं, लेकिन इनके पास इतनी अकूत संपत्ति कहाँ से आई, यह बड़ा सवाल है।"

निकाय चुनाव और पेसा कानून पर रुख राजनीतिक मुद्दों पर बात करते हुए जयराम महतो ने भाजपा की उस मांग का समर्थन किया जिसमें नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर कराने की बात कही गई है। वहीं, पेसा (PESA) कानून को लेकर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए इसकी गहन समीक्षा करने की आवश्यकता है।

अंश-अंशिका अपहरण कांड: 7 दिन बीते पर पुलिस के हाथ खाली, 10 को मशाल जुलूस और 11 जनवरी को संपूर्ण HEC क्षेत्र बंद।

रांची: मौसीबाड़ी (मल्लारकोचा) से अपहृत 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका का 7 दिन बीत जाने के बाद भी कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस प्रशासन द्वारा गठित SIT और भारी पुलिस बल की तैनाती के बावजूद परिणाम शून्य रहने से नाराज 'अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति' ने आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया है। गुरुवार को समिति के संयोजक कैलाश यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की गई।

11 जनवरी को HEC क्षेत्र बंद का आह्वान समिति ने निर्णय लिया है कि मासूम बच्चों की सुरक्षित वापसी के प्रति संवेदना व्यक्त करने और प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए 11 जनवरी 2026 को संपूर्ण एचईसी (HEC) क्षेत्र बंद रहेगा। इस दौरान आवासीय क्षेत्रों के बाजार, हाट और दुकानों को स्वतः बंद रखने की अपील की गई है।

कल से शुरू होगा जनसंपर्क बंद के समर्थन और जनजागरूकता के लिए कल, 9 जनवरी को शाम 4 बजे से धुर्वा बस स्टैंड, जेपी मार्केट, सेक्टर 2 और झोपड़ी मार्केट में नुक्कड़ सभाएं आयोजित की जाएंगी। इसके अगले दिन, 10 जनवरी को पुराना विधानसभा से बिरसा चौक तक एक विशाल मशाल जुलूस निकाला जाएगा।

प्रशासनिक वादों पर सवाल संयोजक कैलाश यादव ने कहा कि 6 जनवरी को एसएसपी (SSP) ने जल्द खुशखबरी देने का वादा किया था, लेकिन आज 7 दिन हो गए और परिजनों की मानसिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। उन्होंने कहा, "हम प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा प्रहरी के रूप में प्रशासन की विफलता पर हमारे लोकतांत्रिक सवाल जारी रहेंगे।"

बैठक में बच्चों के पिता सुनील यादव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि जब तक अंश और अंशिका घर नहीं लौटते, यह संघर्ष थमेगा नहीं।