उत्तराखंड : अंकिता भंडारी हत्याकांड पर कांग्रेस की राजनीति पर सीएम धामी का हमला, बोले—कहीं कोई षड्यंत्र तो नहीं?


देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन और दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मंगलवार को देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ऑडियो के आधार पर देहरादून की बजाय सीधे दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बवंडर खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या इसके पीछे कोई षड्यंत्र चल रहा है?”

सीएम धामी ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड एक अत्यंत हृदयविदारक घटना थी और राज्य सरकार ने शुरुआत से ही पूरी गंभीरता से कार्रवाई की। आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया गया और महिला आईपीएस अधिकारी की अध्यक्षता में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई। एसआईटी की गहन जांच और मजबूत पैरवी के चलते तीनों दोषियों को न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं अंकिता के पिता से बात करूंगा। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। हम हर तरह की जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”
उन्होंने बताया कि हाल ही में सामने आए ऑडियो में जिन लोगों के नाम लिए जा रहे हैं, उनकी जांच के लिए दोबारा एसआईटी गठित की गई है। सीएम ने कहा, “आज एक नाम लिया जा रहा है, कल किसी और का। एक ऑडियो में हत्या की बात है, दूसरे में आत्महत्या की। सच्चाई सामने आएगी और दोषी चाहे कोई भी हो, बचेगा नहीं।”

विरोध-प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर कल आपका नाम आ जाए तो आप क्या करेंगे? सामने आकर जवाब देना चाहिए। जल्द ही धुंध हटेगी और तस्वीर साफ होगी।” उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राज्य का माहौल खराब कर राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश कर रहे हैं।

पार्टी नेताओं के अलग-अलग बयानों पर सीएम धामी ने कहा कि यह पार्टी का आंतरिक विषय है, लेकिन ऐसे बयानों से भ्रम की स्थिति बनती है। उन्होंने स्पष्ट किया, “अंकिता हमारी बेटी है। एक दिन के लिए भी कोई दोषी बाहर नहीं आया।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरेश राठौर अब पार्टी में नहीं हैं और एक जिम्मेदार व्यक्ति के रूप में उन्हें सामने आकर जवाब देना चाहिए। उन्होंने दोहराया, “मैं गारंटी के साथ कह रहा हूं कि कोई भी दोषी नहीं बचेगा।”

आरोपियों को पकड़ने में हो रही देरी के सवाल पर सीएम ने कहा कि पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, नोटिस जारी किए जा रहे हैं और मोबाइल लोकेशन ट्रेस की जा रही है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना वीबी जी राम जी (विकसित भारत–जी राम जी) अधिनियम की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि यह केवल मनरेगा का नाम बदलना नहीं है, बल्कि ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। योजना के तहत साप्ताहिक वेतन भुगतान, महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान, पारदर्शिता, नई तकनीक का उपयोग और हिमालयी राज्यों के लिए 90:10 के वित्तीय सहयोग का प्रावधान किया गया है। इसके लिए 1 लाख 51 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

गौरतलब है कि सीएम की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर अंकिता भंडारी मर्डर केस में सीबीआई जांच की मांग की थी। कांग्रेस ने इस मामले को भाजपा के “असली चेहरे” से जोड़ते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

उल्लेखनीय है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी एंगल को लेकर राज्यभर में धरना-प्रदर्शन जारी हैं। विपक्ष लगातार इस मुद्दे को उठा रहा है, जबकि सरकार इसे साजिश बताते हुए जांच में पूरी पारदर्शिता का दावा कर रही है।
तीर्थ पुरोहितों की मांग - कुंभ मेला क्षेत्र को हिंदू क्षेत्र घोषित करे सरकार, जल्द भेजा जाएगा प्रस्ताव
हरिद्वार, उत्तराखंड। 2027 में प्रस्तावित अर्धकुंभ मेले से पहले धर्मनगरी हरिद्वार में कुंभ मेला क्षेत्र को हिंदू क्षेत्र घोषित किए जाने की मांग तेज हो गई है। हिंदूवादी नेता एवं श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम सहित कई तीर्थ पुरोहितों ने कुंभ क्षेत्र को गैर-हिंदू प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करने की मांग उठाई है। इस संबंध में देवपुरा स्थित प्रेस क्लब हरिद्वार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सरकार से मांग की गई।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए नितिन गौतम ने कहा कि अंग्रेजों के शासनकाल में भी नगर पालिका हरिद्वार में गैर-हिंदुओं के ठहरने और व्यवसाय करने को लेकर नियम बने हुए थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की परिस्थितियों को देखते हुए आने वाले कुंभ मेले से पहले सभी गंगा घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाई जानी चाहिए। उनका कहना था कि भव्य और दिव्य कुंभ के साथ-साथ सुरक्षित कुंभ के लिए यह कदम जरूरी है।

नितिन गौतम ने कहा कि कुंभ क्षेत्र को हिंदू क्षेत्र घोषित किया जाए और यदि कोई गैर-हिंदू इस क्षेत्र में प्रवेश करता है, तो उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक स्थलों और गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित किया जाए तथा पूरे कुंभ क्षेत्र में कड़े नियम लागू किए जाएं।

उन्होंने तर्क दिया कि जब पहले बायलॉज बनाए गए थे, तब आबादी और क्षेत्र का विस्तार सीमित था, लेकिन अब दोनों में काफी वृद्धि हो चुकी है। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से गलत संदेश फैलने की बात कहते हुए उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर दिया। नितिन गौतम ने बताया कि इस संबंध में एक प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा, ताकि इस पर आवश्यक कार्रवाई शुरू की जा सके।

इस मौके पर तीर्थ पुरोहित उज्ज्वल पंडित ने कहा कि इस पहल को सफल बनाने के लिए सभी सनातनियों को एकजुट होकर आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि योजना लागू होने के बाद भी घाटों पर पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में किसी को कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने अन्य देशों में हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि अपने धर्म और समाज की रक्षा करना सभी का दायित्व है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मौजूद अन्य तीर्थ पुरोहितों और संत समाज के लोगों ने भी इस मांग का समर्थन किया और सरकार से इसे गंभीरता से लेने की अपील की।
हरिद्वार: ललतारौ पुल पर भीषण आग, सात दुकानें जलकर राख
हरिद्वार, उत्तराखंड। शहर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ललतारौ पुल पर बीती देर रात भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में आकर पुल पर बनी सात दुकानें (खोके) पूरी तरह जलकर राख हो गईं। इस हादसे में दुकानों में रखा लाखों रुपये का सामान जलने का अनुमान है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात करीब डेढ़ बजे ललतारौ पुल पर स्थित एक दुकान में अचानक आग भड़क उठी। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और आसपास की अन्य दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें उठती देख स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए और क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। हालांकि रेलवे रोड पर चल रहे सीवर कार्य के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को फायर स्टेशन से शंकराचार्य चौक और चंडी चौक होते हुए वैकल्पिक मार्ग से आना पड़ा। इससे दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में लगभग एक घंटे की देरी हो गई। जब तक फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, तब तक सभी दुकानें पूरी तरह जल चुकी थीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि दमकल वाहन मुख्य मार्ग से समय पर पहुंच जाते, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था।

दमकल कर्मियों ने दुकानों के शटर तोड़कर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक दुकानों में रखा सारा सामान जलकर खाक हो चुका था। आग से प्रभावित दुकानदारों ने बताया कि इस हादसे में उनकी वर्षों की मेहनत और पूरी रोजी-रोटी नष्ट हो गई है, जिससे उनके सामने जीवन यापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच की जा रही है, जिसके बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
उत्तराखंड: आतंक का पर्याय बना गुलदार पिंजरे में कैद, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
अल्मोड़ा। जनपद अल्मोड़ा के विकासखंड चौखुटिया अंतर्गत सिमलखेत ग्राम सभा के तोक पुराना लोहबा में लंबे समय से दहशत का कारण बना गुलदार आखिरकार वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया। सोमवार तड़के गुलदार के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

बताया जा रहा है कि यह गुलदार काफी समय से सिमलखेत और आसपास के गांवों में सक्रिय था और कई बार गौशालाओं पर हमला कर गौवंश समेत अन्य पालतू जानवरों को अपना शिकार बना चुका था। गुलदार की बढ़ती गतिविधियों के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल था और लोग रात के समय घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे थे।

लगातार हो रही घटनाओं से परेशान ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने पुराना लोहबा तोक में गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था। सोमवार सुबह तड़के गुलदार पिंजरे में फंस गया। उसकी दहाड़ सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत वन विभाग को सूचना दी।

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गुलदार को सुरक्षित रूप से कब्जे में लिया। वन क्षेत्र अधिकारी गोपाल दत्त जोशी ने बताया कि गुलदार लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय था और कई बार गौशालाएं तोड़कर नुकसान पहुंचा चुका था। पिंजरा लगाए जाने के बाद यह कार्रवाई सफल रही।

पकड़े गए गुलदार को रेस्क्यू कर द्वाराहाट रेंज कार्यालय भेज दिया गया है, जहां से उसे आगे अल्मोड़ा स्थित रेस्क्यू सेंटर भेजा जाएगा। वन विभाग के अनुसार क्षेत्र में अन्य गुलदारों की मौजूदगी की सूचना भी मिली है, जिसको देखते हुए गश्त बढ़ा दी गई है। द्वाराहाट रेंज क्षेत्र में तीन स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं और ट्रैप कैमरों के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है, ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
उत्तराखंड : ऋषिकेश में वन भूमि सर्वे का उग्र विरोध

* नेशनल हाईवे-जाम, रेलवे ट्रैक बाधित, पथराव, 16 नामजद और 200 से अधिक पर मुकदमा

ब्यूरो

देहरादून: ऋषिकेश में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चल रहे वन भूमि सर्वे के खिलाफ शनिवार और रविवार को विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे और मनसा देवी रेलवे लाइन को जाम किया, जिससे ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई। इस दौरान पुलिस पर पथराव भी किया गया।

पुलिस ने अब तक तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं, जिनमें 16 लोगों को नामजद और 200 से अधिक अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। रायवाला थाने में तैनात एसएसआई मनवर सिंह नेगी के अनुसार, शनिवार को सेक्टर-2 प्रभारी के रूप में मालवीय नगर पहुंचे थे, जहां अमितग्राम और श्यामपुर बायपास मार्ग जाम रहा।

एक मामले में गुमानीवाला क्षेत्र में वन विभाग की महिला रेंजर के साथ धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार का आरोप भी सामने आया। इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

कोतवाली ऋषिकेश के निरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट की शिकायत पर मनसा देवी रेलवे फाटक क्षेत्र में सड़क और रेल मार्ग बाधित करने, पुलिस पर पथराव करने समेत अन्य गंभीर आरोपों में आठ से दस लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

एसपी देहात जया बलूनी ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार की जा रही थी। रेलवे लाइन बाधित होने से करीब छह ट्रेनें प्रभावित हुईं और हजारों यात्रियों को परेशानी हुई।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लाठीचार्ज नहीं किया गया और सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जनता से अपील की गई है कि यदि किसी ने सरकारी वन भूमि को निजी बताकर धोखाधड़ी की है, तो वह पुलिस में शिकायत दर्ज कराए।

त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा हत्याकांड पर CM धामी ने जताया गहरा शोक

* मुख्यमंत्री ने परिवार को दिलाया कड़ी कार्रवाई का भरोसा

देहरादून, उत्तराखंड। त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले ने न्याय की मांग को तेज कर दिया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मृतक के पिता तरुण प्रसाद चकमा से फोन पर बात कर गहरा शोक व्यक्त किया और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक आरोपी के नेपाल भागने की आशंका है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और उस पर इनाम भी घोषित किया गया है।

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड एक शांतिप्रिय राज्य है, जहां देश-विदेश से छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं। इस तरह की घटना न केवल राज्य बल्कि पूरे समाज के लिए पीड़ादायक है। उन्होंने साफ कहा कि राज्य सरकार किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

धामी ने यह भी बताया कि उन्होंने त्रिपुरा के CM डॉ. माणिक साहा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से इस घटना पर चर्चा की है। उन्होंने आश्वस्त किया कि उत्तराखंड सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और त्रिपुरा सरकार के साथ मिलकर हर संभव मदद की जाएगी।

एंजेल चकमा का अंतिम संस्कार 27 दिसंबर को त्रिपुरा में किया गया। घटना के बाद छात्र संगठनों और आम लोगों में भारी आक्रोश है, और सभी आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग जोर पकड़ रही है।

विनय त्यागी मर्डर केस की जांच करेगी एसआईटी

750 करोड़ रुपए के लेन-देन के एंगल की भी होगी पड़ताल

हरिद्वार। लक्सर में गैंगस्टर विनय त्यागी पर हुए दिनदहाड़े गोलीकांड और उसकी मौत के मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए हरिद्वार पुलिस ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है। एसएसपी हरिद्वार प्रमेंद्र सिंह डोबाल के निर्देश पर गठित एसआईटी हत्याकांड से जुड़े हर पहलू की गहनता से जांच करेगी।

एसआईटी का नेतृत्व सिटी सर्किल ऑफिसर (हरिद्वार) शिशुपाल सिंह नेगी को सौंपा गया है। टीम में बहादराबाद थानाध्यक्ष एसआई अंकुश शर्मा, लक्सर कोतवाली एसआई विपिन कुमार, हेड कॉन्स्टेबल विनोद कुंडलिया और रुड़की सीआईयू यूनिट के कॉन्स्टेबल महिपाल को शामिल किया गया है। एसआईटी को तय समय सीमा में जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि एसआईटी का गठन जनविश्वास बनाए रखने और मामले की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच के उद्देश्य से किया गया है। जांच के दौरान यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोष सामने आता है, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

24 दिसंबर को हुआ था हमला

जानकारी के अनुसार, 24 दिसंबर को हरिद्वार पुलिस मोस्ट वांटेड अपराधी विनय त्यागी को रुड़की जेल से लक्सर कोर्ट पेशी के लिए ले जा रही थी। इसी दौरान लक्सर फ्लाईओवर पर बाइक सवार दो बदमाशों ने पुलिस सुरक्षा के बीच पुलिस वाहन पर फायरिंग कर दी, जिसमें विनय त्यागी गंभीर रूप से घायल हो गया। हमलावर मौके से फरार हो गए थे।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 25 दिसंबर को खानपुर थाना क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर के जंगल में बिजनौर हाईवे के पास से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 28 वर्षीय सन्नी यादव उर्फ शेरा और 24 वर्षीय अजय पुत्र कुंवर सैन, निवासी काशीपुर, उधम सिंह नगर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी हार्डकोर अपराधी हैं और उनके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

इलाज के दौरान हुई मौत

घायल विनय त्यागी को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था, जहां 27 दिसंबर को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार विनय त्यागी के सीने, हाथ और गले में गोलियां लगी थीं।

₹750 करोड़ की ब्लैक मनी का एंगल

पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि रुपये के लेन-देन को लेकर सन्नी यादव की विनय त्यागी से रंजिश थी और इसी कारण वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि मृतक के परिजन पुलिस की इस थ्योरी से संतुष्ट नहीं हैं। परिजनों ने हत्या के पीछे ईडी जांच और करीब ₹750 करोड़ की कथित ब्लैक मनी से जुड़े मामले का एंगल होने की आशंका जताई है। इसके बाद त्यागी समाज से जुड़े संगठनों ने भी पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। अब एसआईटी की जांच से यह स्पष्ट होगा कि विनय त्यागी की हत्या केवल आपसी रंजिश का परिणाम थी या इसके पीछे कोई बड़ा आर्थिक और आपराधिक नेटवर्क सक्रिय था।

उत्तराखंड : उधम सिंह नगर में शीतलहर और घने कोहरे के चलते स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश

रुद्रपुर। उधम सिंह नगर जनपद में बढ़ती ठंड, शीतलहर और घने कोहरे की संभावना को देखते हुए जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने सोमवार को बड़ा निर्णय लिया है। जिलाधिकारी ने जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी निजी, अर्ध सरकारी और सरकारी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया है।

जिलाधिकारी ने बताया कि यह निर्णय छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। बीते कुछ दिनों से तराई क्षेत्र में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे सड़कों पर दृश्यता लगभग शून्य हो गई है और जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

जिलाधिकारी ने आदेश जारी करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि अवकाश के आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। आदेश की अवहेलना करने वाले विद्यालयों और संस्थानों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

मौसम विभाग ने भी उधम सिंह नगर सहित हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत, देहरादून और पौड़ी जिलों में घने कोहरे की संभावना जताई है। विशेष रूप से हरिद्वार और उधम सिंह नगर में शीत दिवस की स्थिति बनने का पूर्वानुमान है, जिसके चलते येलो अलर्ट जारी किया गया है।

प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। राजधानी देहरादून में आज आंशिक बादल छाए रहने और कोहरे की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 8 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

उत्तराखंड: मसूरी टाउन हॉल में अराजक तत्वों की तोड़फोड़, प्रशासन सख्त; सीसीटीवी फुटेज से होगी कार्रवाई

मसूरी, उत्तराखंड। पहाड़ों की रानी मसूरी में चल रहे विंटरलैंड कार्निवल के दौरान टाउन हॉल परिसर में हुई तोड़फोड़ की घटना को लेकर प्रशासन और नगर पालिका ने सख्त रुख अपना लिया है। देर रात कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाए जाने के बाद दोषियों की पहचान के लिए टाउन हॉल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

एसडीएम मसूरी राहुल आनंद और नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने घटना पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि टाउन हॉल एक महत्वपूर्ण सरकारी संपत्ति है और विंटरलैंड कार्निवल का आयोजन स्थानीय जनता और पर्यटकों के मनोरंजन के लिए किया जाता है, न कि अराजकता फैलाने के लिए।

एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि शनिवार देर रात आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर माहौल खराब किया और टाउन हॉल परिसर में अभद्रता व तोड़फोड़ की। प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने बताया कि टाउन हॉल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने साफ कहा कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

प्रशासन और नगर पालिका ने आम जनता और पर्यटकों से अपील की है कि वे विंटरलैंड कार्निवल का आनंद शांति और अनुशासन के साथ लें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना प्रशासन को दें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

उत्तराखंड : नए साल पर पुलिस की पैनी नजर, हुड़दंग करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

देहरादून, उत्तराखंड। नए साल के स्वागत को लेकर दून पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। 31 दिसंबर और न्यू ईयर के दौरान शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसएसपी अजय सिंह ने जनपद के सभी होटल संचालकों, आयोजकों और प्रतिष्ठान स्वामियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

एसएसपी अजय सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी आयोजन से पूर्व फायर सेफ्टी ऑडिट कराना अनिवार्य होगा। सभी प्रतिष्ठानों को अग्नि सुरक्षा उपकरणों को क्रियाशील स्थिति में रखने, निर्धारित समय सीमा के बाद लाउड म्यूजिक न बजाने और सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक के दौरान होटल और कार्यक्रम आयोजकों को अपने प्रतिष्ठानों में आने वाले वाहनों के लिए समुचित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने और सुरक्षा की दृष्टि से पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित सुरक्षा गार्ड तैनात करने को कहा गया। किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति या विवाद उत्पन्न होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इसके अलावा, प्रतिष्ठानों में आने वाले विदेशी नागरिकों की जानकारी स्थानीय अभिसूचना इकाई को देने, सभी सीसीटीवी कैमरों को चालू रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने के निर्देश दिए गए। अवैध गतिविधियों, शराब पीकर वाहन चलाने और सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग मचाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

एसएसपी ने प्रतिष्ठान स्वामियों को यह भी निर्देशित किया कि उनके यहां नियुक्त स्टाफ पर्यटकों और आगंतुकों के साथ शालीन और मर्यादित व्यवहार करे। उन्होंने कहा कि नए साल का स्वागत उत्साह और उल्लास के साथ किया जाए, लेकिन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस द्वारा न्यू ईयर के दौरान विशेष चेकिंग और निगरानी अभियान भी चलाया जाएगा।