अजीत पवार ने गले लगाकर दिया एमएम यादव को टिकट
मुंबई। पिछले 40 वर्षों से कांग्रेस के निष्ठावान सिपाही बनकर, पार्टी के लिए समर्पित भावना के साथ काम करने वाले एमएम यादव ने जोगेश्वरी पश्चिम स्थित वार्ड क्रमांक 63 से टिकट मांगा । उन्हें पूरा विश्वास था कि उनके समर्पित कार्यों को देखते हुए पार्टी टिकट जरूर देगी। परंतु सियासत के खेल ने उन्हें बाहर कर दिया। कांग्रेस ने एक ऐसे व्यक्ति को टिकट दे दिया, जिसका वार्ड में कोई जनाधार नहीं है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख अजीत पवार को जब यह बात मालूम पड़ी तो उन्होंने श्री यादव को अपने बंगले पर बुलाकर सम्मान के साथ उन्हें अपनी पार्टी का टिकट दिया। 1985 से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी में काम कर रहे श्री यादव ने सुनील दत्त प्रिया दत्त गुरु दास कामत को चुनाव में जिताने से लेकर बलदेव खोसा को चार बार विधायक बनाने में कड़ी मेहनत की है। महापालिका चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए कड़ी मेहनत की। श्री यादव कांग्रेस  पार्टी में अनेक पदों पर रहे। कोरोना संकट काल में उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में लोगों की भलाई के लिए अनेक काम किए। गुरुदास कामत के अत्यंत करीबी रहे एमएम यादव कांग्रेस के बुरे दिनों में भी चट्टान की तरह खड़े रहे । ऐसे में उनका टिकट काटकर कांग्रेस ने बड़ी भूल की है। उसे चुनाव में इसका बड़ा खामियाजा उठाना पड़ सकता है।
श्री गौरीशंकर ग्राम सेवा मंडल के 112 वें वार्षिक उत्सव में दानदाताओं का  सम्मान
मुंबई। उत्तर भारतीयों की सबसे पुरानी सामाजिक संस्था, श्री गौरीशंकर ग्राम सेवा मंडल मुंबई का 112 वां स्थापना दिवस समारोह मालाड पूर्व के दत्त मंदिर रोड स्थित शारदा ज्ञानपीठ इंटरनेशनल स्कूल के सभागृह में आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता डॉ. शारदा प्रसाद शर्मा ने की। मुख्य अतिथि भाजपा नेता कृपाशंकर सिंह के साथ सम्मानित अतिथि के रूप में इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अजीत कुमार, जस्टिस शेखर कुमार यादव, जेएनयू के प्रो. रामनाथ झा, स्वामी डॉ. चंद्रदेव मिश्र, डॉ. राधेश्याम तिवारी, दिनेशचंद्र उपाध्याय पिछले वर्ष के बोहनी कर्ता डॉ. ओमप्रकाश दुबे एवं इस वर्ष के बोहनी कर्ता आचार्य मंसाराम तिवारी, पत्रकार भानु प्रकाश मिश्र, पत्रकार शिवपूजन पांडेय आदि मौजूद थे। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में एक दर्जन से अधिक शिक्षा संस्थान का संचालन करने वाले मंडल की स्थापना 1 जनवरी 1914 को की गई थी। तभी से हर साल संस्था नववर्ष के प्रथम दिन अपना स्थापना दिवस मनाती आ रही है। साथ ही प्रमुख उत्तर भारतीय समाजसेवियों को सम्मानित करती रहती है। संस्था के डॉ. शारदा प्रसाद शर्मा, रामसेवक पांडेय, अक्षैवर तिवारी, कौशल कुमार तिवारी, मानकेश्वर चौबे, विनोद कुमार मिश्र, राधेश्याम दुबे, राकेश उपाध्याय आदि ने अतिथियों का सम्मान किया।
इस अवसर पर प्रबंध ट्रस्टी सुभाष चन्द्र उपाध्याय, सुधाकर उपाध्याय, विजय शंकर मिश्र, पी. एन. द्विवेदी, डॉ. शिव श्याम तिवारी, मिथिलेश उपाध्याय आदि लोग मौजूद थे। संचालन आनंद सिंह एवं आभार राकेश उपाध्याय ने व्यक्त किया।
क्रांतिकारी वीर भाई कोतवाल की मनाई गई पुण्यतिथि
मुंबई । दादर स्थित संत सेना भवन सभागृह पदाधिकारियों के आयोजन में शुक्रवार 2 फरवरी 2026 को प्रातः 9 बजे वीर भाई कोतवाल उद्यान दादर में क्रांतिकारी वीर भाई कोतवाल को उनके पुण्यतिथि पर सामाजिक बंधुओं ने दीप प्रज्वलित करके माल्यार्पण किया तथा दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दिया।कोतवाल का पूर्ण नाम विट्ठल लक्ष्मण कोटवाल था जो नाभिक परिवार से एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे।जिनका जन्म 1 दिसंबर 1912 को माथेरान में हुआ जिन्होंने पुणे शहर से एल.एल.बी. की शिक्षा ग्रहण की थी।किसान और आदिवासियों के अधिकार के लिए लड़ाई लड़ते रहे।उन्होंने 'भारत छोड़ो' आंदोलन में सक्रिय रूप से भागीदारी की तथा कोतवाल दस्ता नामक एक सशस्त्र समूह का गठन किया जिसमें 50 से अधिक वीरों का समायोजन था।शहीद भाई कोतवाल के नाम से चित्रपट/फिल्म भी आया।1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए 2 जनवरी 1943 को सिद्धगढ़ में हीराजी पाटिल के साथ देश के लिए खुद को शहीद कर दिया।इसलिए उन्हें वीर भाई कोतवाल के नाम से जाना जाता है। वीर भाई कोटवाल ने 31 वर्ष की उम्र में देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। उन्होंने अपना जीवन देश की सेवा में समर्पित कर दिया और उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना।ऐसे वीर योद्धा के पुण्यतिथि पर वीर भाई कोतवाल प्रतिमा पर माल्यार्पण करने वालों में घाटकोपर से अशोक झिंजे,परेल से शांताराम चव्हाण,दादर से अरविंद क्षीरसागर,मढ़ से प्रमोद कदम, साकीनाका से तुषार चव्हाण, केइएम अनंत चव्हाण, दादर शरद पवार, जगन्नाथ पवार, प्रमोद पाटिल, परेल से सुरेश शर्मा, डोंबिवली से उपेंद्र माने, विक्रोली से ओमप्रकाश सविता, दादर से विलास चव्हाण, सूर्यकांत शिंदे, कांदिवली से ज्योतिष्ण गोविंद हुजरे, भांडुप से गीता ज्ञानेश्वर चव्हाण,थाने से जीवन यादव, सायन से अभय चव्हाण एवं डोंबिवली से कवि ,पत्रकार विनय शर्मा दीप उपस्थित थे।
बागी बनें अनुरागी, कृपाशंकर के प्रयासों से बीजेपी में लौटे निर्दलीय प्रत्याशी
भायंदर। भारतीय जनता पार्टी की गढ़ कहे जाने वाले मीरा भायंदर में उत्तर भारतीयों और राजस्थानियों की संख्या करीब 35 से 40 प्रतिशत है। इस बात का ध्यान रखते हुए भाजपा ने 14 उत्तर भारतीयों तथा 14 राजस्थानियों को टिकट दिया। इसके बावजूद कुछ वार्डों में बागी तेवर दिखाई दिए। प्रभाग क्रमांक 3 में जहां एडवोकेट राजकुमार मिश्रा ने टिकट न मिलने पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया, वहीं प्रभाग क्रमांक 18 में बीजेपी की प्रदेश पदाधिकारी रेनू मल्लाह ने बागी तेवर दिखाते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया। इस बात की जानकारी होते ही महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री तथा लोकप्रिय उत्तर भारतीय नेता कृपाशंकर सिंह ने सार्थक पहल करते हुए दोनों बागी प्रत्याशियों को नाम वापस लेने के लिए मनाया। दोनों प्रत्याशियों ने कहा कि वे पार्टी नेतृत्व से पूरी तरह से संतुष्ट हैं तथा पार्टी के 70 पार अभियान को सफल बनाने के लिए समर्पित भावना के साथ काम करेंगे।
विवेक उपाध्याय ने लिया लल्लन तिवारी और कृपाशंकर सिंह का आशीर्वाद

भायंदर। मीरा भायंदर महानगरपालिका चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जिन 14 उत्तर भारतीयों को टिकट दिया है, उसमें से प्रभाग क्रमांक 18 के प्रत्याशी विवेक उपाध्याय सबसे युवा और विनम्र चेहरा माने जा रहे हैं। आज उन्होंने देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन प्रख्यात समाजसेवी लल्लन तिवारी और उत्तर भारतीयों के सबसे लोकप्रिय नेता तथा महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर विवेक उपाध्याय के चाचा बिल्डर सुरेंद्र उपाध्याय, जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह, उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष संतोष दिक्षित, जिला महामंत्री कमलेश दुबे, भाजपा नेता एडवोकेट राजकुमार मिश्रा, जिला महामंत्री बृजेश तिवारी समेत अनेक लोग उपस्थि त रहे। विवेक के दादा स्वर्गीय देवी प्रसाद उपाध्याय दो बार उत्तर भारतीय मोर्चा के जिला अध्यक्ष रहे। वर्ष 2013 में बीजेपी विद्यार्थी सेल के वार्ड अध्यक्ष के रूप में राजनीति में पदार्पण करने वाले विवेक उपाध्याय, मंडल युवा उपाध्यक्ष, सोशल मीडिया के जिला संयोजक की जिम्मेदारी का सराहनीय निर्वहन करने के बाद जिला महामंत्री की भूमिका में पार्टी के लिए लगातार समर्पित भावना और संपूर्ण निष्ठा के साथ काम कर रहे हैं। युवाओं में विशेष लोकप्रिय विवेक उपाध्याय का मानना है कि राजनीति सेवा का सबसे प्रभावशाली माध्यम है। राजनीति में पारदर्शिता और ईमानदारी के पक्षधर रहे विवेक उपाध्याय ने विधायक नरेंद्र मेहता का विशेष आभार मानते हुए कहा कि पार्टी के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के साथ-साथ सभी समाज का प्यार और आशीर्वाद मेरी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि अपने वार्ड को आदर्श वार्ड बनाना मेरी प्राथमिकता होगी।
स्वागत है नव वर्ष तुम्हारा
–डॉ मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार

आओ तुम ऐसे आना
जैसे घर में
नवजात शिशु आता है—
जिसका सुंदर, सलोना मुखड़ा देख
माँ अपनी सारी पीड़ा भूल जाती है।

वैसे ही 2026,
तुम भी ऐसे ही आना,
और
पिछले वर्ष की
सारी कड़वी यादें
भुला देना।

आओ आओ नए वर्ष,
हम पलकें बिछाए
तुम्हारा इंतज़ार कर रहे हैं।

इस बार कुछ ऐसा आना
कि चारों ओर
खुशियों की हरियाली छा जाए।
न कहीं अराजकता हो,
न कहीं आतंक का साया
हर घर में
खुशियाँ हों
अपरंपार।

रोटी, कपड़ा, मकान के लिए
कोई न तरसे।
सबको मुफ्त दवा मिले,
इलाज सबका सुलभ हो।
शिक्षा अधूरी न रहे,
हर बच्चा पढ़े, बढ़े, सपने गढ़े।

पेड़ लगें,
वातावरण शुद्ध हो,
नदियाँ स्वच्छ बहें,
पहाड़ अडिग रहें।
न भूकंप हो,
न बाढ़,
न कोई बड़ा हादसा—
जीवन स्वर्ग-सा
शांत और सुरक्षित हो।

आओ नए वर्ष,
हमारे मन से भी
ईर्ष्या, द्वेष और अहंकार
धो देना।
शब्दों में संयम हो,
व्यवहार में करुणा हो,
विचारों में उजास हो
ऐसा कुछ दे जाना।

बच्चे सुरक्षित हों,
स्त्रियाँ निडर हों,
वृद्धों को सम्मान मिले,
यह वरदान दे जाना।

धर्म हो मानवता का,
कर्म हो सेवा का,
और प्रेम हो
सबसे बड़ा उत्सव।

तकनीक प्रगति लाए,
पर मनुष्य
मनुष्य बना रहे
संवेदना कहीं
पीछे न छूट जाए।

और जाते-जाते,
हमें इतना साहस देना
कि हम भी
इस सुंदर वर्ष के
योग्य बन सकें।

हमारी सोच को
और अधिक व्यापक,
और अधिक विशाल बना देना।
हमारे मन को
एक नई ऊँचाई देना।

आओ 2026,
नवजात शिशु की तरह आओ,
मेहमान बनकर नहीं,
घर के सदस्य बनकर आओ।

केवल कैलेंडर नहीं बदलना,
हमारे दृष्टिकोण को भी
एक नई दृष्टि देना ।
उमंग चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा जरूरतमंदों को कंबल वितरण

मुंबई। रे रोड के दारूखाना में उमंग चैरिटेबल ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी जावेद खान के नेतृत्व में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी हजारों जरूरतमंदों को ठंड से राहत के लिए कंबल वितरण किया गया। इस मौके पर उमंग चैरिटेबल ट्रस्ट के नए वर्ष 2026 के कैलेंडर का विमोचन भी दक्षिण मुंबई के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डाॅ अभिनव देशमुख व पोर्ट जोन के पुलिस उपायुक्त विजयकांत सागर द्वारा किया गया।

बता दें कि युवा समाजसेवी जावेद खान पिछले एक दशक से इस तरह के कार्यक्रम करते आ रहे हैं। वे दीवाली और ईद के मौके पर भी जरूरतमंदों को राशन किट देते हैं। उनका कहना है कि समाज के हर सक्षम व्यक्ति को इस तरह के सेवा कार्य करना चाहिए और उनको जरूरतमंदों की मदद कर के बेहद खुशी होती है।


इस कार्यक्रम में दीवान बिल्डर्स एंड डेवलपर्स के सीईओ मुर्तजा दीवान, कांतिलाल जैन, उमंग चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी जोएब बूटवाला, अध्यक्ष जावेद खान, राजू वाघमारे, मेहबूब खान खैरवा, मखमूर खान, खालिद खान, ओमप्रकाश पांडे, विजय लोखंडे, अहमद खान समेत तमाम गणमान्य उपस्थित रहे।
बाबू आरएन सिंह की जयंती पर, 20 दिव्यांगों को मिला तिपहिया इलेक्ट्रिक साइकिल का  उपहार

मुंबई। उत्तर भारतीय संघ के पूर्व अध्यक्ष बाबू आरएन सिंह की 78वीं जयंती सेवा, संवेदना और समाज के प्रति समर्पण के संदेश के साथ मनाई गई। नववर्ष के शुभ अवसर पर बांद्रा पूर्व स्थित उत्तर भारतीय संघ भवन में आयोजित कार्यक्रम में 20 दिव्यांगजनों को तिपहिया इलेक्ट्रिक साइकिल भेंट कर उन्हें आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई गई। कार्यक्रम में संघ के ट्रस्टी, पदाधिकारी, सदस्यगण और बड़ी संख्या में उत्तर भारतीय समाज के लोग उपस्थित रहे। भावनात्मक माहौल के बीच समाजसेवा की प्रेरक मिसालें सामने आईं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राधेश्याम तिवारी ने कहा कि उत्तर भारतीय संघ के संस्थापक स्वर्गीय बांकेराम तिवारी का संघ भवन का सपना उनके जीवनकाल में पूरा नहीं हो सका, लेकिन बाबू आरएन सिंह ने पूरे समाज को साथ लेकर उस सपने को साकार किया। आज उत्तर भारतीय संघ न केवल मुंबई बल्कि पूरे महाराष्ट्र में एक सशक्त और प्रतिनिधि संस्था के रूप में पहचाना जाता है।
उन्होंने कहा कि बाबू आरएन सिंह के निधन के बाद उनके पुत्र संतोष आरएन सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समाज के लोग संघ से जुड़ रहे हैं, जिससे संस्था और अधिक मजबूत हो रही है।
तिवारी ने यह भी बताया कि बाबू आरएन सिंह की जयंती केवल उनकी कर्मभूमि मुंबई में ही नहीं, बल्कि उनकी जन्मभूमि गोरखपुर के भरौली गांव में भी मनाई गई, जहां गरीब परिवारों को एक हजार कंबल वितरित किए गए। उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि बाबू आरएन सिंह जैसे लोग कभी मरते नहीं, वे समाज के दिलों में हमेशा जीवित रहते हैं। जब भी उत्तर भारतीय संघ का इतिहास लिखा जाएगा, उनका नाम पहले पन्ने पर होगा। कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ उपाध्यक्ष राधेश्याम तिवारी, विशेष ट्रस्टी अमरजीत सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों द्वारा बाबू आरएन सिंह की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर उनके सामाजिक जीवन और योगदान पर आधारित वृत्तचित्र फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
समारोह को आध्यात्मिक रंग देते हुए लोकगायक सुरेश शुक्ला और उनकी टीम ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए, जिससे पूरा वातावरण श्रद्धा और भक्ति से सराबोर हो गया। यह आयोजन न सिर्फ एक महान समाजसेवी को श्रद्धांजलि था, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता का प्रेरक संदेश भी।
भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के माध्यम से श्रीमद् भागवत कथा का दिव्य ज्ञान प्रदान
मुंबई। कांदिवली (पूर्व) स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मैदान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का अंतिम दिवस अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और भावविभोर वातावरण में सम्पन्न हुआ। समापन दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने यह सिद्ध किया कि श्रीमद् भागवत कथा आज भी समाज को आध्यात्मिक दिशा देने वाली अमृतधारा है।

स्वामी जी ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल, किशोर एवं दिव्य लीलाओं के माध्यम से श्रद्धालु भक्तों को श्रीमद् भागवत कथा के आध्यात्मिक, नैतिक और जीवनोपयोगी संदेशों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण की लीलाएँ केवल कथा नहीं, बल्कि मानव जीवन को कर्म, भक्ति और ज्ञान के संतुलित मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।

प्रवचन में ध्रुव, प्रह्लाद, गजेंद्र मोक्ष, गोवर्धन लीला और रास लीला जैसे प्रसंगों के माध्यम से यह प्रतिपादित किया गया कि सच्ची भक्ति अहंकार, माया और लोभ से मुक्ति का मार्ग है।
स्वामी जी ने कहा कि कलियुग में श्रीमद् भागवत का श्रवण, कीर्तन और स्मरण ही आत्मशुद्धि का सर्वोत्तम साधन है।

स्वामी जी ने स्पष्ट किया कि संसार के दुखों का मूल कारण आसक्ति है और परमात्मा की शरण में जाने से ही जीवन में शांति, संतोष और सार्थकता आती है। श्रीमद् भागवत मानव को सेवा, करुणा, प्रेम और समर्पण का संदेश देती है, जो आज के सामाजिक जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है।

समापन अवसर पर भजन, कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन से संपूर्ण परिसर भक्तिरस में डूब गया। श्रद्धालुओं ने भावपूर्ण जयघोषों के साथ कथा को विदाई दी। आयोजकों ने ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में संस्कार, नैतिकता और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का संकल्प दोहराया।

अंत में महाप्रसाद वितरण के साथ श्रीमद् भागवत ज्ञानयज्ञ का विधिवत समापन हुआ। यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आत्मचिंतन, वैराग्य और भक्ति का अनुपम आध्यात्मिक अनुभव बन गया।
आदर्श शिक्षक विनय कुमार सिंह का सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह संपन्न


मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका शिक्षण विभाग द्वारा संचालित एमपीएस एक्सर हिंदी शाला के आदर्श शिक्षक विनय कुमार सिंह का आज सैकड़ो शिक्षकों की उपस्थिति में सेवानिवृत्ति सम्मान किया गया। महानगर की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था समरस फाउंडेशन की तरफ से संगठन मंत्री सुरेंद्र पांडे तथा विशेष सलाहकार एड. भारत पांडे ने उनका सम्मान किया। इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख लोगों में डॉ शिवधनी पांडे, प्रशासकीय अधिकारी कासले, विनोद सिंह, राम सकल मिश्रा, ब्रह्मदेव मिश्रा, योगेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, रमाकांत तिवारी, प्रेमचंद दुबे, कौशलेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह, अरविंद कुमार सिंह, प्रकाश गैरोला, विद्या नौटियाल, शैलेंद्र दुबे, इंद्रभान सिंह, राजेश तिवारी, बिहारी सिंह, अरुण सिंह, राजेंद्र पाल, रामकृपाल यादव आदि का समावेश रहा।