सीजफायर बाद विदेश सचिव विक्रम मिसरी को क्यों किया जा ट्रोल, समर्थन में उतरे ओवैसी-अखिलेश

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भारत-पाकिस्‍तान तनाव के बीच भारत का पक्ष दुनिया के सामने रखने वाले विदेश सचिव विक्रम मिसरी की कुछ लोग सोशल मीडिया पर आलोचना कर रहे हैं। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी, सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी और वायुसेना की अधिकारी विंग कमांडर व्योमिका सिंह पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर की आवाज बनकर सामने आए। इन तीनों अधिकारियों ने बीते दिनों लगातार प्रेस ब्रीफिंग कर सेना के पराक्रम से भरी कार्रवाई की जानकारी दुनिया को दी थी। लेकिन सीजफायर की घोषणा के बाद मिसरी लोगों के निशाने पर आ गए।

ट्रोलिंग के बाद अकाउंट किया प्रोटेक्टेड

10 मई को भारत पाकिस्‍तान के बीच सीजफायर के ऐलान के बाद कई यूजर्स उनके पोस्‍ट्स पर ऑनलाइन एब्‍यूज कर रहे थे। यहां तक कि उनके परिवार के साथ उनकी पुरानी तस्‍वीरें शेयर हो रही थीं जिसके साथ उनकी बेटी का मोबाइल नंबर और कई तरह के कमेंट्स किए जा रहे थे। इसके बाद उन्‍होंने अपना अकाउंट सिक्‍योर कर लिया। इसका मतलब है कि केवल वेरिफाइड यूजर्स ही उनका अकाउंट देख सकते हैं, या उनके पोस्‍ट्स पर कोई कमेंट कर सकते हैं।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने की निंदा

सीजफायर का ऐलान करने के बाद विदेश सचिव विक्रम मिसरी और उनके परिवार के खिलाफ की गई ट्रोलिंग और उनकी बेटियों पर किए गए कमेंट के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने अपने बयान में कहा कि भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी के परिवार, खासकर उनकी बेटी के खिलाफ किए गए निंदनीय ऑनलाइन दुर्व्यवहार की राष्ट्रीय महिला आयोग कड़े शब्दों में निंदा करता है। विदेश सचिव की बेटी की व्यक्तिगत संपर्क जानकारी शेयर करना गंभीर रूप से गैर-जिम्मेदाराना काम है। यह गोपनीयता का गंभीर उल्लंघन है, जो उनकी सुरक्षा को खतरे में डालता है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने अपने बयान में आगे कहा कि जैसे देश के वरिष्ठतम सिविल सेवकों के परिवार के सदस्यों पर इस तरह के व्यक्तिगत हमले न केवल अस्वीकार्य हैं, बल्कि नैतिक रूप से भी अक्षम्य हैं। हम सभी से शालीनता, सभ्यता और संयमित व्यवहार का आग्रह करते हैं। आइए, हम इससे ऊपर उठें।

मिस्री के बचाव में उतारे ओवैसी-अखिलेश

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी विक्रम मिसरी के पक्ष में बयान दिया। उन्होंने कहा, ‘विक्रम मिस्री एक सभ्य, ईमानदार और मेहनती राजनयिक हैं, जो भारत की सेवा में जुटे हैं। उन्हें सरकार के फैसलों के लिए दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए

वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी ट्रोलिंग की निंदा करते हुए लिखा, ऐसे बयान उन ईमानदार अधिकारियों का मनोबल गिराते हैं, जो देश के लिए दिन-रात काम करते हैं। सरकार का निर्णय व्यक्तिगत अधिकारियों का नहीं होता। जो असामाजिक तत्व अधिकारी और उनके परिवार के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

विक्रम देश के 35वें विदेश सचिव हैं

साल 2024 में विक्रम मिसरी ने देश के 35वें विदेश सचिव के रूम में कार्यभार संभाला था। इनमें पहले विनय मोहन क्वातरा विदेश सचिव के रूप में काम कर रहे थे। जनवरी 2022 से 2024 तक विक्रम मिसरी भारत के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर यानी NSA के डिप्टी का काम कर रहे थे। 2019 से 2021 तक वो चीन में भारतीय एम्बैसडर रहे। वो इंदर कुमार गुजराल, मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री रहते हुए प्राइवेट सेक्रेटरी रह चुके हैं। इसके अलावा वो स्पेन और म्यांमार में भी भारत के एम्बैसडर रहे हैं

युद्ध बॉलीवुड फिल्मों जैसा नहीं”, पाकिस्तान के सीथ सीजफायर के बीच ऐसा क्यों बोले पूर्व सेना प्रमुख मनोज नरवणे

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पाकिस्तान और भारत के बीच सीजफायर पर पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने बड़ा बयान दिया है। रिटायर्ड जनरल मनोज नरवणे ने उन लोगों की आलोचना की है, जो भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष विराम पर सवाल उठा रहे हैं और पाकिस्तान के खिलाफ बड़े पैमाने पर लड़ाई छेड़ने की वकालत कर रहे हैं। पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि युद्ध कोई रोमांटिक बॉलीवुड फिल्म नहीं है।

सीजफायर पर सवाल उठा रहे लोगों को जवाब

पुणे के इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के डायमंड जुबली समारोह में उन्होंने कहा कि यह सैन्य कार्रवाई को रोकने का ऐलान किया है, सीजफायर नहीं। हमें इंतज़ार करना होगा और देखना होगा कि आने वाले दिनों और हफ़्तों में क्या होता है। जनरल नरवणे ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को लाइन ऑफ़ कंट्रोल पर गलत हरकतें करने से रोकने का कड़ा संदेश दिया है। अगर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आता है तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

युद्ध रोमांटिक नहीं है, यह गंभीर मामला- जनरल नरवणे

जनरल नरवणे ने कहा कि पिछले हफ्ते हालात बहुत तनावपूर्ण थे। इसकी शुरुआत ऑपरेशन सिंदूर से हुई। भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी कैंपों और उनके ठिकानों पर हमला किया। इसके बाद चार दिनों तक ज़मीन और आसमान में ज़ोरदार लड़ाई हुई। आखिर में सैन्य कार्रवाई रोकने का ऐलान किया गया। उन्होंने कहा कि वॉर तुम्हारी बॉलीवुड फिल्म नहीं है, युद्ध रोमांटिक नहीं है, यह गंभीर मामला है। युद्ध में बच्चे अपने माता-पिता को खो देते हैं।

युद्ध का सदमा पीढ़ी दर पीढ़ी चलता है- जनरल नरवणे

नरवणे ने कहा कि जिन लोगों ने लड़ाई में अपनों को खोया है, उसका सदमा अब पीढ़ी दर पीढ़ी रहेगा। एक पीटीएसडी (पोस्ट ट्रोमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर) नामक समस्या के चलते पीड़ित लोग 20 साल बाद भी घबराहट और चिंता का शिकार रहते हैं। ऐसे लोगों को कई बार मनोचिकित्सक की मदद लेनी पड़ती है। युद्ध या हिंसा सबसे आखिरी उपाय होना चाहिए। यही वजह है कि हमारे प्रधानमंत्री ने कहा है कि यह दौर युद्ध का दौर नहीं है। हालांकि कुछ बेवकूफ लोगों द्वारा हमारे ऊपर लड़ाई थोपी जाएगी, लेकिन हमें इसका जश्न नहीं मनाना चाहिए।

युद्ध मेरी पहली पसंद नहीं- जनरल नरवणे

अभी भी लोग सोच रहे हैं कि बड़े पैमाने पर लड़ाई होनी चाहिए। जनरल नरवणे ने कहा कि युद्ध एक महंगा सौदा है, जिसमें लाखों डॉलर के सैन्य उपकरण बर्बाद हो जाते हैं। युद्ध के बाद फिर से सब कुछ बनाने में बहुत पैसा खर्च होता है। यह एक बड़ा आर्थिक बोझ होता है। उन्होंने यह भी कहा कि झगडे से बचने के लिए रक्षा और सेना में निवेश करना ज़रूरी है। एक सैनिक होने के नाते अगर मुझे आदेश मिलेगा तो मैं लड़ाई लड़ूंगा, लेकिन यह मेरी पहली पसंद नहीं होगी।' उन्होंने कहा कि उनकी पहली पसंद कूटनीति है, जिसमें बातचीत के जरिए मसलों को निपटाया जाता है ताकि युद्ध की जरूरत ही न पड़े।

विराट कोहली ने की टेस्ट से संन्यास की घोषणा, कहा- टेस्ट में सीखे सबक जीवनभर याद रहेंगे

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विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। पिछले कुछ दिनों से इसको लेकर काफी चर्चा हो रही थी कि वो आगे खेलेंगे या इस फॉर्मेट को अलविदा कह देंगे। चयनकर्ताओँ द्वारा उनको इंग्लैंड दौरे को देखते हुए फैसले पर विचार करने तक की बात सामने आई थी लेकिन 12 मई 2025 को विराट कोहली ने आधिकारिक तौर पर टेस्ट को अलविदा कर दिया।उनका टेस्ट करियर 14 साल का रहा।

इंस्टाग्राम पर लिखा खास नोट

विराट कोहली ने इंस्टाग्राम पर टेस्ट क्रिकेट से अपने संन्यास की जानकारी देते हुए लिखा कि टेस्ट क्रिकेट में पहली बार बैगी ब्लू जर्सी पहने हुए 14 साल हो चुके हैं। ईमानदारी से कहूं तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि ये फॉर्मेट मुझे किस सफर पर ले जाएगा। इसने मेरी परीक्षा ली, मुझे आकार दिया और मुझे ऐसे सबक सिखाए जिन्हें मैं जीवन भर अपने साथ रखूंगा।

सफेद जर्सी में खेलना मेरे लिए बहुत ही खास और निजी अनुभव है। परिश्रम, लंबे दिन, छोटे-छोटे पल जिन्हें कोई नहीं देखता, लेकिन यह हमेशा आपके साथ रहते हैं।

जब मैं इस फॉरमेट से दूर जा रहा हूं, तो यह आसान नहीं है, लेकिन यह फिलहाल सही लगता है। मैंने इसमें अपना सबकुछ दिया है और इसने मुझे मेरी उम्मीद से कहीं ज्यादा दिया है।

मैं खेल के लिए, मैदान पर खेलने वाले लोगों के लिए और हर उस व्यक्ति के लिए आभारी हूं, जिसने मुझे इस सफर में आगे बढ़ाया। मैं हमेशा अपने टेस्ट करियर को मुस्कुराते हुए देखूंगा।' उन्होंने आगे अपनी जर्सी का नंबर '269' लिखा और लिखा 'साइनिंग ऑफ'।

पिछली सीरीज में 25 से कम था औसत

विराट कोहली ने 10 मई को बीसीसीआई से कहा था कि मैं टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेना चाहता हूं। बीसीसीआई ने कोहली को अपने फैसले पर फिर विचार करने को कहा था। 11 मई को बोर्ड के एक अधिकारी ने उनसे बात भी की थी।

बता दें कि दिसंबर/जनवरी में ऑस्ट्रेलिया में हुई बॉर्डर- गावस्कर सीरीज में विराट का प्रदर्शन बेहतर नहीं था। उन्होंने इस सीरीज में 23.75 की औसत से रन बनाए थे। वहीं 8 में से 7 बार ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर आउट हुए। BGT में कोहली ने 9 पारियों में 190 रन बनाए। इनमें एक शतक शामिल था।

विराट कोहली का टेस्ट करियर

विराट कोहली ने अपने 14 साल के करियर में 123 टेस्ट खेले, जिसकी 210 पारियों में उन्होंने 9230 रन 46.85 की औसत से बनाए। मतलब विराट कोहली अपने 10000 टेस्ट रन के सपने से 770 रन दूर रहे। विराट कोहली के टेस्ट शतकों और अर्धशतकों की संख्या लगभग बराबर रही। उन्होंने टेस्ट में 30 शतक और 31 अर्धशतक लगाए हैं।

हमारे सैनिक ही नहीं इसरो की 10 आंखों भी कर रहीं थीं देश की निगरानी, पाकिस्तान से विवाद के बीच इसरो चीफ का बयान

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पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान को सबक सिखाया। आतंकियों को पालने वाले पाकिस्तान पर भारतीय सेना कहर बनकर टूटी। भारतीय सेना ने एयर स्ट्राइक कर पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।भारत की ओर से जारी ऑपरेशन सिंदूर के तहत किए गए सटीक हमलों में 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया गया। भारत की इस कार्वाई से बौखलाए पाकिस्तान ने भारत पर हमला कर दिया, जिसका जवाब भारतीय एयरफोर्स ने बखूबी दिया और उसके एयरबेस को नुकसान पहुंचाया। साथ ही साथ रडार सिस्टम को भी ध्वस्त कर दिया। सेना के इस एक्शन को पूरा देश सराह रहा है। इस बीच भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के प्रमुख वी नारायणन का बड़ा बयान सामने आया है।

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‘आप सभी हमारे पड़ोसियों के बारे में जानते हैं’

इसरो के चेयरमैन वी नारायणन ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि देश के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक उद्देश्य से 10 सेटेलाइट चौबीसों घंटे काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी हमारे पड़ोसियों के बारे में जानते हैं। ऐसे में हमें देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सैटेलाइट्स की मदद लेनी पड़ती है। हम 7000 किलोमीटर का इलाका कवर कर रहे हैं। साथ ही पूरे उत्तर पूर्व पर भी लगातार निगरानी की जा रही है और बिना सैटेलाइट्स और ड्रोन की मदद ली जा रही है।

‘सैटेलाइट और ड्रोन बहुत कुछ हासिल नहीं कर सकते’

अगरतला में केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में उन्होंने कहा, अगर हम अपने देश की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं, तो हमें अपने उपग्रहों के माध्यम से सेवा करनी होगी। हमें अपने 7,000 किलोमीटर के समुद्री इलाकों की निगरानी करनी है। सैटेलाइट और ड्रोन तकनीक के बिना हम बहुत कुछ हासिल नहीं कर सकते।

9 आतंकी ठिकाने में 100 से दहशतगर्द ढेर

बता दें कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें सवाई नल्ला, सरजाल, मुरीदके, कोटली, कोटली गुलपुर, महमूना जोया, भीमबर और बहावलपुर शामिल हैं। इन ठिकानों में चार पाकिस्तान में और पांच पीओके में थे। प्रमुख स्थलों में बहावलपुर, जैश-ए-मोहम्मद का अड्डा और मुरीदके शामिल थे। वहीं, भारत की ओर से जारी ऑपरेशन सिंदूर के तहत किए गए सटीक हमलों में 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया गया। जिसके बाद पाकिस्तान ने भी भारत पर हमला कर दिया। हालांकि, से करारा जवाब दिया गया।

19 दिनों में एलओसी पर पहली बार न फायरिंग-न गोलाबारी, शांतिपूर्ण रात बीती, सेना ने दी ये जानकारी

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जम्मू-कश्मीर और अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे अन्य इलाकों में बीती रात रात काफी हद तक शांतिपूर्ण रही। भारत पाकिस्तान के बीच 10 मई को हुए संघर्ष विराम का असर एक दिन बाद 11 मई को देखने को मिला है। इस दौरान कोई भी नई घटना नहीं घटी है। इस बारे में भारतीय सेना की तरफ से जानकारी दी गई है। पिछले महीने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले के बाद तनाव बढ़ने के कारण चार दिनों तक भारत और पाकिस्तान के बीच हुई भीषण गोलीबारी के बाद शनिवार शाम को दोनों देशों ने संघर्ष विराम समझौते पर सहमति जताई थी।

हालात सामान्य हो रहे

भारत पाकिस्तान के बीच लगभग 18 दिन भारी तनाव देखने को मिला। 23 अप्रैल से 6 मई तक नियंत्रण रेखा से लगे कई सेक्टरों में छोटे हथियारों से गोलीबारी की घटनाएं सामने आईं, जो 7 से 11 मई के बीच भारी गोलाबारी और हवाई हमलों तक बढ़ गईं थी। पुंछ के सुरनकोट में सामान्य स्थिति हो गई है, यह एक सीमावर्ती इलाका है जो हाल ही में भारी गोलाबारी और संघर्ष विराम के उल्लंघनों की मार झेलने के बाद काफी हद तक नुकसान पहुंचा था।

10 मई को सीजफायर के ऐलान के बाद अब हालात सामान्य होते नजर आ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर और इंटरनेशनल बॉर्डर से लगे अन्य इलाकों में बीती रात शांतिपूर्ण रही है। पिछले कई दिनों बाद ऐसा हुआ जब किसी तरह की कोई घटना सामने नहीं आई है। भारतीय सेना की तरफ से ये जानकारी सामने आई है।

19 दिन बाद शांति वाली रात

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद से ही पूरे इलाके में तनाव देखने को मिल रहा था। हर रोज किसी न किसी क्षेत्र में गोलीबारी या फिर पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठ की कोशिश की जा रही थी। सेना की मानें तो पिछले करीब 19 दिन बाद इतनी शांति वाली रात निकली है। जब किसी भी तरह की कोई घटना सामने नहीं आई है।

सीजफायर के बाद आज फिर DGMO स्तर पर होगी बात, जानें कैसे बनी युद्धविराम पर बात

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ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव खत्म हो चुका है। भारत की कड़ी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की ओर से सीजफायर का प्रस्ताव रखा गया। भारत ने अपनी शर्तों पर सीजफायर को सहमति दे दी। भारत और पाकिस्तान के बीच शनिवार को हुए सीजफायर के बाद आज सोमवार को डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) स्तर पर बातचीत होगी।

सवाल ये है कि भारत-पाक में सीजफायर पर सहमति कैसी बनी? दरअसल, 9 मई को भारत ने पाकिस्तान पर जवाबी हवाई हमले किए और 10 मई की सुबह भी जवाबी गोलाबारी की। भारत की जवाई कार्रवाई के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर से बात की। मुनीर से बातचीत के बाद रूबियो ने भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को फोन किया और बताया कि पाकिस्तान बातचीत के लिए तैयार है।

सीजफायर पर DGMO ने क्या कहा?

इससे पहले रविवार को तीनों सेनाओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस में DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि 10 मई को दोपहर 3.35 बजे पाक DGMO के साथ मेरी बातचीत हुई और इसके बाद शाम 5 बजे से दोनों पक्षों द्वारा सीमा पार से गोलीबारी और हवाई घुसपैठ बंद हो गई। हमने 12 मई को 12 बजे आगे बात करने का भी फैसला किया ताकि इस समझौते को लंबे समय तक बनाए रखने के तौर-तरीकों पर चर्चा की जा सके।

राजीव घई ने आगे बताया कि सीजफायर के कुछ घंटे बाद पाकिस्तान ने इसका उल्लंघन कर दिया। सीमा पार और नियंत्रण रेखा के पार से गोलीबारी की गई। हमने मजबूती से इसका जवाब दिया। हमने रविवार सुबह पाकिस्तान के DGMO को एक और हॉटलाइन संदेश भेजा है, जिसमें 10 मई को DGMO के बीच हुए समझौते के उल्लंघन को उजागर किया है और कहा है कि अगर आज रात या उसके बाद या बाद में ऐसा दोबारा हुआ तो हम इसका कड़ा जवाब देंगे। सेना प्रमुख ने हमें जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी छूट दी है।

एयर स्ट्राइक में 100 से ज्यादा आतंकी ढेर

ऑपरेशन सिंदूर पर लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, DG MO ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कई आतंकी ठिकानों की पहचान हमने की थी। पर कई आतंकी ठिकाने डर की वजह से खाली हो गए थे। काफी सोच-समझकर टारगेट तय किए गए। 100 से ज्यादा आतंकी स्ट्राइक में मारे गए। इसमें हाई वैल्यू टारगेट भी थे। DG AO ने बताया कि एयर टू सर्फेस गाइडेड एम्युनिशन का इस्तेमाल किया गया ताकि कोलेटरल डैमेज ना है।

पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकाने तबाह किए

भारत के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि हमने कई आतंकी ठिकानों की पहचान हमने की थी। लेकिन कई आतंकी ठिकाने डर की वजह से खाली हो गए थे। भारत ने काफी सोच-समझकर टारगेट तय किए। सेना ने आतंकी हमले का जवाब दिया। सेना ने पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया।

मुरीदके और बहावलपुर में आतंकी ट्रेनिंग कैंप तबाह

डीजीएओ ने बताया कि एयरफोर्स ने मुरीदके और बहावलपुर में आतंकी ट्रेनिंग कैंप को सटीक निशाना बनाया। बहावलपुर में हाई वैल्यू टारगेट था। हमने प्रिसिजन स्ट्राइक की। उन्होंने बताया कि 8/9 मई की रात को बड़ी संख्या में अलग-अलग वेब में ड्रोन आए। हमारा एयर डिफेंस पूरी तरह तैयार था। 7 की और 8 की रात को फर्क ये था कि 7 मई को ज्यादा ड्रोन थे पर 8 को ज्यादा कॉडकॉप्टर भी थे। ये जासूसी के लिए हो सकते थे और सिविलियंस को निशाना बनाने को लिए। हमने जवाब में फिर पाकिस्तान के मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया। DG MO ने कहा कि 8/9 मई की रात को पाकिस्तान के ड्रोन सारे बॉर्डर पर आए और मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया पर ज्यादातर फेल हो गए। हमारे एयर डिफेंस सिस्टम ने उन्हें फेल किया।

बैकफुट पर पाकिस्तान, डीजीएमओ ने की बातचीत की पहल, तब तैयार हुआ भारत

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आखिरकार भारत की कार्रवाई से डरकर पाकिस्तान ने अपने पैर पीछे खींच लिए हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच आज शाम 5 बजे से सीजफायर हुआ है। विदेश सचिव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि आज दोपहर पाकिस्तान के डीजीएमओ का भारत के डीजीएमओ के पास फोन आया था। जिसके बाद दोनों देश गोलीबारी बंद करने पर सहमत हुए हैं।

भारत ने अपनी शर्तों पर सीजफायर के लिए दी सहमति: विदेश मंत्रालय

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, "पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) ने आज दोपहर 15:35 बजे भारतीय DGMO को फोन किया। उनके बीच सहमति बनी कि दोनों पक्ष भारतीय मानक समयानुसार 17:00 बजे से जमीन, हवा और समुद्र में सभी तरह की गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई बंद कर देंगे। आज दोनों पक्षों को इस सहमति को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। सैन्य संचालन महानिदेशक 12 मई को 12:00 बजे फिर से बात करेंगे।"

भारत-पाकिस्तान सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत-एस जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत और पाकिस्तान ने आज गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनाई है। भारत ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ लगातार दृढ़ और अडिग रुख अपनाया है। वह ऐसा करना जारी रखेगा।

ट्रंप ने देशों को दी बधाई

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दोनों देशों के बीच सीजफायर की घोषणा की। ट्रंप ने एक्स पर लिखा है, ‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। भारत और पाकिस्तान ने सामान्य समझदारी और शानदार बुद्धिमत्ता का परिचय दिया है। दोनों देशों को बधाई।

मार्को रूबियो ने बताया पिछले 48 घंटों में क्या हुआ

वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि पिछले 48 घंटों में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और मैंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर, सेना प्रमुख असीम मुनीर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और असीम मलिक सहित वरिष्ठ भारतीय और पाकिस्तानी अधिकारियों से बातचीत की है। मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान की सरकारें तत्काल युद्ध विराम और तटस्थ स्थल पर व्यापक मुद्दों पर बातचीत शुरू करने पर सहमत हो गई हैं। हम शांति का मार्ग चुनने में प्रधानमंत्री मोदी और शरीफ की बुद्धिमत्ता, विवेक और नेतृत्व की सराहना करते हैं।

भारत और पाकिस्तान सीजफायर के लिए तैयार!, ट्रंप का बड़ा दावा

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारत और पाकिस्तान ने ‘पूर्ण और तत्काल सीजफायर’ पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि यह समझौता अमेरिका की मध्यस्थता से देर रात बातचीत के बाद संभव हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं।

ट्रंप ने एक्स पर लिखा है, ‘भारत और पाकिस्तान ने सामान्य समझदारी और शानदार बुद्धिमत्ता का परिचय दिया है। दोनों देशों को बधाई। हालांकि, अभी तक भारत या पाकिस्तान सरकार की ओर से इस सीजफायर पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इससे पहले समाचार एजेंसी पीटीआई ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया है कि भारत ने फैसला लिया है कि अब किसी भी आतंकी हमले को सीधा ‘युद्ध का कार्य’ माना जाएगा और उसी हिसाब से जवाब भी दिया जाएगा। यह सिर्फ मौजूदा हालात तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में अगर कोई आतंकवादी हमला होता है तो भारत उसे युद्ध समझकर प्रतिक्रिया देगा।

कोई भी आतंकी हमला युद्ध माना जाएगा, भारत की पाकिस्तान को दो टूक

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पाकिस्तान के साथ लगातार बढ़ रहे तनाव के बीच भारत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया है कि देश में भविष्य में किसी भी आतंकवादी कृत्य को भारत के खिलाफ युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। ये खबर ऐसे समय में आ रही है जब पाकिस्तान लगातार भारत के खिलाफ उकसावे वाली नीती अपनाए हुए है। पिछले चार दिनों से सीमा पार से ड्रोन और मिसाइल अटैक किए जा रहे हैं।

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सूत्रों के मुताबिक, भारत ने फैसला लिया है कि अब किसी भी आतंकी हमले को सीधा ‘युद्ध का कार्य’ माना जाएगा और उसी हिसाब से जवाब भी दिया जाएगा। यह सिर्फ मौजूदा हालात तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में अगर कोई आतंकवादी हमला होता है तो भारत उसे युद्ध समझकर प्रतिक्रिया देगा। यह बदलाव भारत की आतंकवाद के प्रति रणनीति में बड़ा बदलाव है और इसका मकसद है आतंक को जड़ से खत्म करना है।

शनिवार दोपहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल, सेना प्रमुख और शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल हुए। इससे कुछ घंटे पहले विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेस ब्रीफिंग में पाकिस्तान की हालिया हरकतों को ‘उकसावे वाली और खतरनाक’ करार दिया।

बता दें कि विगत 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुई आतंकी वारदात के बाद आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद करने के लिए भारतीय सेना ने बीते सात मई को पाकिस्तानी कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (POJK) और पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की। ऑपरेशन सिंदूर के तहत इस कार्रवाई के बाद तिलमिलाया पाकिस्तान लगातार भारत को उकसाने के प्रयास कर रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने मार गिराए ये 5 बड़े आतंकवादी, सेना ने दी पूरी लिस्ट

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भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में स्थित नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। भारत ने 7 मई की तड़के पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए ऑपरेशन शुरू किया था। इस मिशन में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंक के अड्डे चला रहे आतंकियों को निशाना बनाया गया था। अब खबर आ रही है कि इस मिशन में पांच खूंखार आतंकी ढेर हो गए है। जिन आतंकियों की सूची समने आई है, उसमें मसूद अजहर का भाई और उसके बीवी का भाई भी शामिल है। वह आईसी-814 अपहरण मामले में वांछित था।

सेना के स्ट्राइक में जो 5 बड़े आतंकी मारे गए हैं, इनमें मुदस्सर खादियान, खालिद, हाफिज जमील, यूसुफ अजहर और हसन खान का नाम शामिल हैं। ये सभी आतंकवादी लश्कर और जैश से जुड़े थे। जो हाफिज सईद और मसूद अजहर के इशारे पर आतंकी वारदातों को अंजाम देता था।

भारत में 'ऑपरेशन सिंदूर' में मारे गए आतंकियों के बारे में-

1.मुदस्सर खादियन खास उर्फ अबू जुंदाल

भारतीय बलों की ओर से मुरीदके में किए गए हमले में लश्कर-ए-तैयबा के इस आतंकी को मार गिराया था। यह मुरीदके में मरकज तैयबा का प्रभारी था। उसके अंतिम संस्कार में पाकिस्तानी सेना ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल मुनीर और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज की तरफ से उसके लिए श्रद्धांजलि दी गई। उसके जनाजे की नमाज एक सरकारी स्कूल में पढ़ी गई। इसकी अगुवाई आतंकी संगठन जमात-उद-दावा के कुख्यात हाफिज अब्दुल रऊफ ने किया। पाकिस्तानी सेना के एक लेफ्टिनेंट जनरल और पंजाब पुलिस के आईजी इसमें हिस्सा लिया।

2.हाफिज मुहम्मद जमील

जमील को संगठन के मुख्यालय बहावलपुर में हुए हमले में निशाना बनाया गया। यह मसूद अजहर की सबसे बड़ी बहन का पति और बहावलपुर में मरकज सुभान अल्लाह की कमान संभाल रहा था। युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और जैश-ए-मोहम्मद के लिए फंडिंग जुटाने में सक्रिय था।

2.मोहम्मद यूसुफ अजहर

जैश के इस आतंकवादी को उस्ताद और मोहम्मद सलीम के नाम से भी जाना जाता था। यह मसूद अजहर का साला था। जैश के मदरसे में अजहर हथियारों की ट्रेनिंग संभालता था। अजहर जम्मू के कई आतंकवादी हमलों में शामिल था। आईसी-814 अपहरण मामले में उसे वांछित माना गया था।

4. खालिद उर्फ अबू आकाश

लश्कर-ए-तैयबा का यह आतंकवादी अफगानिस्तान से हथियार सप्लाई का काम करता था। जिस दिन हमला हुआ, उस दिन वह अपने घर में सो रहा था। खालिद पर जम्मू में आतंक फैलाने का आरोप था। खालिद का अंतिम संस्कार फैसलाबाद में किया गया, जहां वरिष्ठ पाकिस्तानी सेना के अधिकारी और फैसलाबाद के डिप्टी कमिश्नर शामिल हुए।

5. मोहम्मद हसन खान

जैश का यह आतंकवादी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जैश-ए-मोहम्मद के ऑपरेशनल कमांडर मुफ़्ती असगर खान कश्मीरी का बेटा था। इसने पहले जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमलों के समन्वय में अहम भूमिका निभाई थी।