मोहब्बत और भाईचारे को मिटाने की एक शर्मनाक कोशिश, पहलगाम के पीड़ितों से मिलकर बोले राहुल

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कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को श्रीनगर में पहलगाम हमले में घायल लोगों और उनके परिजन से मुलाकात की। मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि इस घटना को अंजाम देकर आतंकवादियों ने भाइयों से भाइयों को लड़ाने के लिए किया है। आतंकी कितनी भी कोशिश कर लें, हम उन्हें हरा देंगे। हर भारतीय एकसाथ है। राहुल गांधी ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंल के नेता फारूक अब्दुल्ला से भी मुलाकात की।

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नफरती ताकतों को करारा जवाब देना होगा- राहुल गांधी

कांग्रेस के एक्स अकाउंट से राहुल गांधी की पीड़ितों से मुलाकात करते हुए तस्वीरें साझा कर लिखा गया कि पहलगाम में हुई आतंकी घटना मानवता पर प्रहार है, मोहब्बत और भाईचारे को मिटाने की एक शर्मनाक कोशिश है। आतंक के खिलाफ हम सभी एकजुट हैं। हमें साथ मिलकर इन नफरती ताकतों को करारा जवाब देना होगा।

सरकार जो कदम उठाएगी, हम उसके साथ- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि 24 अप्रैल को सर्वदलीय बैठक हुई, जिसमें सभी विपक्षी दलों ने एक मत से इस घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि पूरा देश इस वक्त एक साथ खड़ा है। ये वारदात भाई को भाई से लड़ाने के लिए हुई है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और सरकार जो कदम उठाएगी, हम उसके साथ हैं।

मुख्यमंत्री और एलजी से की मुलाकात

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बताया कि सीएम उमर अब्दुल्लाह से मिलकर हालत की जानकारी ली है। एलजी से भी मुलाकात की और उन्होंने मुझे जो कुछ हुआ उसके बारे में जानकारी दी और मैंने उन दोनों को आश्वासन दिया कि मेरी पार्टी और मैं उनका पूरा समर्थन करने जा रहे हैं। इसके साथ ही राहुल गांधी ने श्रीनगर में पार्टी नेताओं के साथ भी बैठक की।

इसरो के पूर्व अध्यक्ष के कस्तूरीरंगन का निधन, 84 साल की आयु में ली अंतिम सांस

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष कृष्णस्वामी कस्तूरीरंगन का शुक्रवार को बेंगलुरु में निधन हो गया। बेंगलुरु स्थित आवास पर उन्होंने 84 साल की आयु में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका पार्थिव शरीर 27 अप्रैल को अंतिम दर्शन के लिए रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (आरआरआई) में रखा जाएगा।

पूर्व इसरो प्रमुख के निधन पर पीएम मोदी ने शोक जताया। पीएम मोदी ने कहा कि के कस्तूरीरंगन ने इसरो में बहुत परिश्रम से काम किया और भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मसौदा तैयार करने के लिए भारत हमेशा डॉ. कस्तूरीरंगन का आभारी रहेगा।

कस्तूरीरंगन सबसे लम्बे समय तक इसरो चीफ के पद पर कार्यरत रहे हैं। वह 10 साल तक इसरो के चेयरमैन रहे। इसके अलावा कस्तूरी रंगन के सरकारी नीतियों के फार्मूलेशन में भी योगदान दिया। डॉ कस्तूरीरंगन ने 27 अगस्त, 2003 को रिटायरमेंट से पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, अंतरिक्ष आयोग के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग में भारत सरकार के सचिव के रूप में 9 वर्षों से अधिक समय तक काम किया।

कस्तूरीरंगन के नेतृत्व में इसरो ने रचा इतिहास

डॉ. कस्तूरीरंगन के नेतृत्व में इसरो ने भारत के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) के सफल प्रक्षेपण और संचालन सहित कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की। डॉ. कस्तूरीरंगन ने जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (जीएसएलवी) के पहले सफल उड़ान परीक्षण की भी देखरेख की। उनके कार्यकाल में आईआरएस-1सी और 1डी सहित प्रमुख उपग्रहों का विकास और प्रक्षेपण और दूसरी और तीसरी पीढ़ी के इनसैट उपग्रहों की शुरुआत हुई। इन प्रगति ने भारत को वैश्विक अंतरिक्ष क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति के रूप में मजबूती से स्थापित कर दिया।

इसरो के अध्यक्ष बनने से पहले डॉ. कस्तूरीरंगन इसरो उपग्रह केंद्र के निदेशक थे, जहां उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह (इनसैट-2) और भारतीय सुदूर संवेदन उपग्रहों (आईआरएस-1ए और आईआरएस-1बी) जैसे अगली पीढ़ी के अंतरिक्ष यान के विकास का नेतृत्व किया। उपग्रह आईआरएस-1ए के विकास में उनका योगदान भारत की उपग्रह क्षमताओं के विस्तार में महत्वपूर्ण था।

एनईपी मसौदा समिति के अध्यक्ष रहे

इसरो के पूर्व प्रमुख महत्वाकांक्षी नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को तैयार करने वाली मसौदा समिति के अध्यक्ष थे। कस्तूरीरंगन ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और कर्नाटक नॉलेज कमीशन के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया था।

2003 से 2009 तक रहे राज्यसभा सदस्य

कस्तूरीरंगन 2003 से 2009 तक राज्यसभा के सदस्य रहे। भारत के तत्कालीन योजना आयोग के सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थीं। कस्तूरीरंगन अप्रैल 2004 से 2009 तक नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज, बेंगलुरु के निदेशक भी रहे थे।

अमेरिका के लिए 30 सालों से करते आ रहे ये गंदा काम...पाकिस्तान ने कबूली आतंकियों को पनाह देने की बात

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पाकिस्तान आतंकवादियों का सबसे सुरक्षित पनाहगाह है ये तो पूरी दुनिया जानती है। अब खुद पाकिस्तान ने आतंकवाद पर बड़ा कबूलनामा किया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कबूल किया है कि पाकिस्तान, दशकों से आतंकवादी समूहों को समर्थन करने, सहायता करने और उन्हें फंड देने में शामिल रहा है। लाइव टीवी पर पाक के मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि पाकिस्तान, अमेरिका और ब्रिटेन के लिए आतंकवाद को फैलाता रहा है। यह टिप्पणी भारत के लंबे समय से चले आ रहे रुख की पुष्टि करती है, यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के लिए अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है।

तीन दशक से पश्चिम के लिए कर रहे गंदा काम- आसिफ

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बीच ब्रिटेन स्थित स्काई न्यूज को ख्वाजा आसिफ ने एक इंटरव्यू दिया है। इसमें उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान 30 वर्षों से ज्यादा समय से अमेरिका के लिए यह "गंदा काम" कर रहा है।"स्काई न्यूज पर इंटरव्यू के दौरान आतंकवादियों को धन मुहैया कराने में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर जब ख्वाजा आसिफ से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हम अमेरिका और ब्रिटेन समेत पश्चिमी देशों के लिए करीब तीन दशकों से यह गंदा काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का यह फैसला एक "गलती" थी और उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान को इसके लिए दोषी ठहराना अनुचित है, क्योंकि वह पश्चिमी देशों के निर्देश पर काम कर रहा था

अमेरिका ने भी आतंकवादियों को "प्रॉक्सी" के रूप में इस्तेमाल किया- आसिफ

आसिफ ने कहा कि अगर हम सोवियत संघ के खिलाफ युद्ध में शामिल नहीं होते और बाद में 9/11 के बाद के युद्ध में शामिल नहीं होते, तो पाकिस्तान का ट्रैक रिकॉर्ड बेदाग होता। इसके अलावा आतंकवादी गतिविधियों के लिए पाकिस्तान को दोषी ठहराने के लिए अमेरिका के फैसलों को लेकर ख्वाजा आसिफ ने कहा कि बड़ी शक्तियों के लिए पाकिस्तान को दोषी ठहराना सुविधाजनक है, जिसने 80 के दशक में सोवियत संघ के खिलाफ उनकी तरफ से युद्ध लड़ा था। आज के ये सभी आतंकवादी, वाशिंगटन में रो रहे थे और खाना खा रहे थे। उन्होंने कहा कि यहां तक कि अमेरिका ने भी अफगानिस्तान में सोवियत संघ से लड़ने के लिए आतंकवादियों को "प्रॉक्सी" के रूप में इस्तेमाल किया।

लश्कर-ए-तैयबा पर ख्वाजा आसिफ का दावा

भारत के साथ युद्ध की बात करने वाले ख्वाजा आसिफ ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा अब खत्म हो चुका है। उन्होंने माना कि अतीत में इस आतंकी संगठन के पाकिस्तान से कुछ संबंध थे, लेकिन अब यह संगठन मौजूद नहीं है।

भारत पर लगाया साजिश का आरोप

ख्वाजा आसिफ ने यह भी कहा कि अगर लश्कर से निकले किसी संगठन ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली है, तो यह भारत की साजिश हो सकती। आरिफ ने कहा कि उनकी एजेंसियों का मानना है कि यह काम भारत ने ही किया है। बड़े देश इस क्षेत्र में जो कुछ भी हो रहा है, उसके लिए पाकिस्तान को दोष देना आसान समझते हैं।

हर बार आरोपों को नकारता रहा है पाक

भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर आतंकवादी संगठनों का समर्थन करने का आरोप लगाता रहा है। भारत में दर्जनों आतंकवादी हमले हो चुके हैं और हर आतंकी हमले में पाकिस्तान शामिल रहा है। हालांकि पाकिस्तान हमेशा से भारत के आरोपों को नकारता रहा है और सबूत मांगता रहा है। जबकि पाकिस्तान में दर्जनों आतंकवादी संगठन एक्टिवेट हैं। कई आतंकी संगठनों के खिलाफ तो यूनाइटेड नेशंस ने प्रतिबंध लगाए हैं। पाकिस्तान ने कश्मीर में जिहाद फैलाने और भारत के खिलाफ आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए इन आतंकी संगठनों का इस्तेमाल प्रॉक्सी के तौर पर किया है। पहगाम में हुए आतंकी हमले की भी जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के ही एक शैडो संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। इस हमले में 26 लोग मारे गये हैं।

केंद्र ने वक्फ अधिनियम कानून का किया बचाव, सुप्रीम कोर्ट में दायर किया हलफनामा

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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन कानून का बचाव कया है। केन्द्र ने वक्फ कानून के खिलाफ दायर याचिकाओं पर अपना जवाब दाखिल किया है। वक्फ कानून में लाए गए संशोधनों का बचाव करते हुए, केंद्र ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा धर्म और संपत्ति के आधार पर चुनौतियों की सुनवाई के दौरान प्रावधानों पर किसी भी अंतरिम रोक के खिलाफ तर्क दिया। सरकार ने कहा है कि अदालत वक्फ मामले पर अंतरिम रोक न लगाते हुए पूरी सुनवाई कर अंत में कोई फैसला ले।

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याचिकाओं में लगाए गए सभी आरोपों को नकारा

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने सर्वोच्च अदालत में हलफनामा दायर किया है जिसमें अदालत में दायर याचिकाओं में लगाए गए सभी आरोपों को नकारा है। केंद्र ने कहा कि याचिकाएं इस झूठे आधार के साथ लगाई गई हैं कि संशोधन धार्मिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों को छीन लेंगे। सुप्रीम कोर्ट विधायी क्षमता, अनुच्छेद 32 के तहत मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के आधार पर कानून की समीक्षा कर सकता है। संसदीय पैनल की ओर से व्यापक, गहन, विश्लेषणात्मक अध्ययन के बाद संशोधन किया गया है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की वैधता के खिलाफ याचिकाओं को खारिज करने की मांग की।

संसद से पारित कानून पर रोक लगाना ठीक नहीं

केंद्र ने अधिनियम के किसी भी प्रावधान पर रोक लगाने का विरोध करते हुए कहा, कानून में यह स्थापित स्थिति है कि संवैधानिक अदालतें किसी वैधानिक प्रावधान पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोक नहीं लगाएंगी। अदालतें मामले पर अंतिम रूप से निर्णय लेंगी। सरकार ने कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय के पास संवैधानिकता को जांचने की ताकत है लेकिन संसद ने जिस कानून को पारित किया है, उस पर रोक लगाना ठीक नहीं है।

'वक्फ-बाय-यूजर' पर बोली सरकार

केंद्र ने कहा कि वक्फ-बाय-यूजर को वैधानिक संरक्षण से वंचित करने से मुस्लिम समुदाय के किसी व्यक्ति को वक्फ बनाने से वंचित नहीं किया जा सकता है। यहां एक जानबूझकर, उद्देश्यपूर्ण और भ्रामक कहानी बहुत ही शरारती तरीके से बनाई गई है, जिससे यह धारणा बनाई गई है कि जिन वक्फों ('वक्फ-बाय-यूजर' सहित) के पास अपने दावों का समर्थन करने के लिए दस्तावेज नहीं हैं, वे प्रभावित होंगे। यह न केवल असत्य और गलत है, बल्कि जानबूझकर इस अदालत को गुमराह करने वाला है।

पिछली सुनवाई में क्या हुआ?

इस महीने की शुरुआत में, सुप्रीम कोर्ट ने 'वक्फ बाय यूजर' को हटाने, वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों को शामिल करने और विवादित सरकारी भूमि पर वक्फ की स्थिति निर्धारित करने के मामले में कलेक्टर की शक्तियों पर चिंता जताई थी। भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने अधिनियम के कुछ प्रावधानों को चिह्नित करते हुए कहा था कि हम आम तौर पर चुनौती के इस चरण में किसी कानून पर रोक नहीं लगाते हैं, जब तक कि असाधारण परिस्थितियों में ऐसा न हो। यह एक अपवाद प्रतीत होता है। हमारी चिंता यह है कि अगर वक्फ-बाय-यूजर को गैर-अधिसूचित किया जाता है, तो इसके बहुत बड़े परिणाम हो सकते हैं।

पाकिस्तानियों की पहचान कर जल्द वापस भेजें”, अमित शाह का सभी राज्यों के सीएम को निर्देश

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भारत द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सभी मौजूदा वीजा रद्द करने के एक दिन बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सभी मुख्यमंत्रियों को पड़ोसी देश के नागरिकों की पहचान करने और उन्हें अपने-अपने राज्यों से तुरंत हटाने का निर्देश दिया। शीर्ष अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद, अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को उन्हें निर्वासित करने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सभी राज्य के मुख्यमंत्रियों से बात की। उन्होंने सभी से अपने-अपने राज्यों में सभी पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान करने और उनकी शीघ्र पाकिस्तान वापसी सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने को कहा। शाह ने कई मुख्यमंत्रियों से बात कर ली है और बाकियों से भी वे बात कर रहे हैं।

पहलगाम आतंकी हमलों के मद्देनजर, भारत ने सभी पाकिस्तानी नागरिकों को 27 अप्रैल तक भारत छोड़ने के लिए कहा। केंद्र ने आगे कहा कि मेडिकल वीजा वाले पाकिस्तानी नागरिकों को अतिरिक्त दो दिन मिलेंगे, लेकिन उन्हें 29 अप्रैल तक देश छोड़ना होगा।

विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान में कहा, "पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर सुरक्षा पर कैबिनेट समिति द्वारा लिए गए निर्णयों के क्रम में, भारत सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का फैसला किया है।" इसके अतिरिक्त, भारत ने अपने नागरिकों को पाकिस्तान की यात्रा न करने की "दृढ़ता से सलाह" दी।

स्वतंत्रता सेनानियों के खिलाफ ऐसा बयान स्‍वीकार नहीं” सावरकर विवाद पर राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट ने चेताया

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सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में टिप्पणी करने के खिलाफ चेतावनी दी है। शीर्ष अदालत ने वीर सावरकर के खिलाफ दिए कांग्रेस के बयान को गैरजिम्‍मेदार करार दिया और भविष्‍य में ऐसा न करने की नसीहत भी दे डाली। साथ ही कोर्ट ने वीडी सावरकर के बारे में टिप्पणी करने पर ट्रायल कोर्ट के समन पर रोक लगा दी है। बता दें कि कांग्रेस के सीनियर लीडर राहुल गांधी ने सावरकर पर दिए गए कथित विवादित बयान को लेकर दर्ज मानहानि मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

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राहुल गांधी के बयान को गैरजिम्‍मेदार बताया

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले पर सुनवाई की। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और मनमोहन की पीठ ने कांग्रेस नेता को सावरकर के खिलाफ आगे कोई अपमानजनक टिप्पणी करने से आगाह किया। सुप्रीम कोर्ट ने वीर सावरकर को लेकर दिए राहुल गांधी के बयान को गैरजिम्‍मेदार बताया। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि हमें यह स्वीकार नहीं कि किसी भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के खिलाफ इस तरह का स्‍टेटमेंट दिया जाए।

“महात्मा गांधी ने भी “आपका वफादार सेवक” शब्द का इस्तेमाल”

कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र में उनकी पूजा की जाती है। अदालत ने कहा कि अगर गांधी इस तरह की टिप्पणी करना जारी रखते हैं, तो उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे। जब वरिष्ठ अधिवक्ता एएम सिंघवी ने कहा कि इस मामले में धारा 196 लागू नहीं होती। जस्टिस दीपांकर दत्ता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि क्या आपके मुवक्किल को पता है कि महात्मा गांधी ने भी “आपका वफादार सेवक” शब्द का इस्तेमाल किया था। इस तरह आप कहेंगे कि महात्मा गांधी अंग्रेजों के सेवक थे। क्या उन्हें पता है कि उनकी दादी ने भी स्वतंत्रता सेनानी को पत्र भेजा था। उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में गैरजिम्मेदाराना बयान नहीं देना चाहिए।

भविष्य के लिए चेताया

अदालत ने कहा कि आप स्वतंत्रता सेनानियों के इतिहास- भूगोल को जाने बिना ऐसे बयान नहीं दे सकते। मैंने भी हमारे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को इसी तरह लिखते देखा है। कानून के बारे में आपकी बात सही है और आपको स्थगन मिल जाएगा। लेकिन उनके द्वारा आगे दिए गए किसी भी बयान पर स्वतः संज्ञान लेकर विचार किया जाएगा। अदालत ने सख्त भरे लहजे में कहा कि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में एक शब्द भी नहीं कहें।

देशभर में दर्ज हुए थे राहल के खिलाफ केस

राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान 17 नवंबर 2022 को महाराष्ट्र के अकोला में एक रैली में वीर सावरकर पर बयान दिया था, जिसे लेकर देशभर में उनके खिलाफ कई केस दर्ज हुए। लखनऊ में वकील नृपेंद्र पांडेय ने भी सिविल कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर राहुल पर स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करने का आरोप लगाया था। इस याचिका को पहले सत्र न्यायालय ने जून 2023 में खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ नृपेंद्र पांडेय ने पुनरीक्षण याचिका दाखिल की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया और राहुल गांधी को समन जारी कर दिया।

गलती से सीमा पार हो गया बीएसएफ जवान, 48 घंटे बाद भी पाकिस्तान ने नहीं छोड़ा

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पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव साफ बढ़ता दिख रहा है। इस बीच गलती से बॉर्डर पार गए बीएसएफ जवान को पाकिस्तान ने छोड़ने से मना कर दिया है। बीएसएफ के एक जवान को पाकिस्तान रेंजर्स ने बुधवार को हिरासत में लिया था। जवान को वापस लाने के लिए बीएसएफ के अधिकारी पाकिस्तान रेंजर्स के बात कर रहे हैं। बीएसएफ एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जवान की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए फ्लैग मीटिंग बुलाई, लेकिन मीटिंग बेनतीजा रही।

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इंडिया टुडे टीवी की रिपोर्ट के मुंताबिक सेना के सूत्रों ने बताया कि बुधवार दोपहर पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) को गलती से पार करने के बाद सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक जवान को पाकिस्तान रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया है। यह घटना बुधवार को हुई जब कांस्टेबल पीके सिंह नामक 182वीं बीएसएफ बटालियन के जवान भारत-पाक सीमा के पास खेतों के पास ड्यूटी पर थे। नियमित गतिविधि के दौरान सिंह अनजाने में भारतीय सीमा की बाड़ को पार कर पाकिस्तानी क्षेत्र में चले गए, जहां उन्हें फिरोजपुर सीमा के पार पाकिस्तान रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया।

बैठक में नहीं बनी बात

बुधवार को पाकिस्तान रेंजर्स द्वारा जवान को हिरासत में लेने की सूचना मिलते ही बीएसएफ के अधिकारी बॉर्डर पर पहुंचे। जवान को छुड़वाने के लिए पाकिस्तानी रेंजर्स और बीएसएफ के अधिकारियों के बीच बॉर्डर पर बुधवार रात तक फ्लैग मीटिंग की गई थी, लेकिन जवान को रिहा नहीं किया गया। ऐसे में गुरूवार दोपहर को फिर से दोनों मुल्कों के अधिकारियों के बीच बैठक हुई। इस बैठक में भी कोई हल नहीं निकला और पाकिस्तान ने जवान पीके सिंह को नहीं लौटाया।

छांव में बैठने के लिए गलती से जीरो लाइन पार की

बता दें कि जीरो लाइन से पहले इस क्षेत्र में किसानों को विशेष परमिट के साथ खेती करने की इजाजत दी जाती है। फसल बोने और काटने के दौरान बीएसएफ के जवान उनके साथ तैनात रहते हैं। इन्हें किसान गार्ड भी कहा जाता है। कंटीली तार जीरो लाइन से काफी पहले है। जीरो लाइन पर सिर्फ पिलर लगे हैं। पाकिस्तान ने अपनी तरफ कंटीली तार नहीं लगाई है। इस कारण गर्मी के कारण जवान पेड़ की छांव में बैठने के लिए गलती से जीरो लाइन पार कर पाकिस्तानी सीमा में चला गया। इतने में पाकिस्तानी रेंजर्स बीएसएफ की चेक पोस्ट जल्लोके पर पहुंच गए और उन्होंने बीएसएफ जवान को हिरासत में लेकर उसके हथियार कब्जे में ले लिए।

पहलगाम हमले के कारण मामला हुआ जटिल

रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए जल्द रिहाई की मांग की है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पहलगाम हमले ने दोनों देशों के रिश्तों को तनावपूर्ण बना दिया है। इस तरह के बॉर्डर क्रॉसिंग के मामले आमतौर पर कूटनीतिक प्रोटोकॉल के तहत जल्द सुलझ जाते हैं, लेकिन पहलगाम हमले ने दोनों देशों के रिश्तों को इतना तनावपूर्ण बना दिया है कि यह मामला जटिल हो गया है।

जम्मू कश्मीर में दहशतगर्दों पर कड़ा प्रहार, बांदीपोरा में लश्कर का टॉप कमांडर ढेर, दो जवान भी जख्मी

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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। शुक्रवार कुलनार इलाके सुरक्षाबलों ने लश्कर ए तैयबा के टॉप कमांडर को मार गिराया है। पहलगाम में नरसंहार के बाद भारतीय सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है। इसी दौरान बांदीपोरा में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हो गई। एनकाउंटर में लश्कर-ए-तइबा के शीर्ष कमांडर अल्ताफ लाली को मार गिराया गया है।

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टॉप लश्कर कमांडर अल्ताफ लाली ढेर

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बांदीपोरा जिले के कुलनार बाजीपुरा इलाके में सुरक्षा बलों ने इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद घेराबंदी की और तलाशी अभियान शुरू किया। छिपे हुए आतंकवादियों द्वारा सुरक्षाकर्मियों पर गोलीबारी कर दी। इसके बाद तलाशी अभियान मुठभेड़ में बदल गया। मुठभेड़ में एक आतंकी के मारे जाने की खबर है। मुठभेड़ में लश्कर-ए-तइबा के शीर्ष कमांडर अल्ताफ के मारे जाने की खबर है। जबकि दो जवान घायल हुए हैं। घायल जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सर्च ऑपरेशन के बाद मुभेड़

शुक्रवार की सुबह, आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने यह कार्रवाई की। भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बांदीपुरा में एक संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान छिपे हुए आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके कारण गोलीबारी हुई और इसमें दो सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। घायल कर्मियों को एक चिकित्सा सुविधा में स्थानांतरित कर दिया गया है, जबकि इलाके में कड़ी घेराबंदी की गई है। इलाके में तलाशी अभियान जारी है।

बॉर्डर पर सीजफायर का उल्लंघन

इससे पहले गुरूवार रात पाकिस्तान ने बॉर्डर पर सीजफायर का उल्लंघन किया है। भारतीय सेना के अधिकारी ने बताया कि नियंत्रण रेखा पर कुछ स्थानों पर पाकिस्तानी सेना द्वारा छोटे हथियारों से गोलीबारी की गई। भारतीय सेना ने इसका प्रभावी ढंग से जवाब दिया। कोई हताहत नहीं हुआ।

श्रीनगर पहुंचे सेना प्रमुख, करेंगे सुरक्षा स्थिति की समीक्षा, पहलगाम हमले के घायलों से मिलने राहुल भी पहुंच रहे अनंतनाग

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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान कनेक्शन सामने आने के बाद भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए पड़ोसी देश पर कई प्रहार किए हैं। जिसमें सिंधु नदी समझौता स्थगित करना भी शामिल हैष इस मुद्दे पर शुक्रवार को गृह मंत्री अमित शाह अपने आवास पर एक बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक में जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल समेत कई सीनियर केंद्रीय मंत्री शामिल हो सकते हैं। इस बीच, भारत ने पाकिस्तान को औपचारिक पत्र लिखकर सिंधु जल संधि को निलंबित करने की सूचना दे दी है। वहीं सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी भी आज श्रीनगर पहुंच गए हैं। वह 15 कोर में सुरक्षा बैठक की समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही वह आतंकी हमले वाली जगह पर भी जाएंगे। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी जम्मू-कश्मीर जाएंगे।

आर्मी चीफ पहुंचे श्रीनगर

पहलगाम में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान लेने वाले आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षाबल एक्टिव हो गए हैं। आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी श्रीनगर पहुंच चुके हैं। वे घाटी में सुरक्षा की समीक्षा करने के साथ ही आतंकवादियों और उनके गढ़ को तबाह करने की रणनीति भी बनाएंगे। उनका कश्मीर घाटी में तैनात वरिष्ठ सैन्य कमांडरों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक करने का कार्यक्रम है। वह घाटी में चल रही सुरक्षा स्थिति और पाकिस्तान सेना द्वारा नियंत्रण रेखा (लाइन ऑफ़ कंट्रोल) पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करने के प्रयासों की समीक्षा करेंगे।

यूएस दौरे रद्द कर देश लौटे राहुल गांधी

पहलगाम आतंकी हमले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर का दौरा करेंगे। राहुल गांधी अमेरिका की यात्रा पर थे लेकिन यात्रा बीच में छोड़कर गुरुवार सुबह वे दिल्ली लौट आए थे। राहुल गांधी से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी अपनी-अपनी विदेश यात्रा बीच में रद्द कर दी थी। पीएम मोदी सऊदी अरब तो सीतारमण अमेरिका के दौरे पर थीं।

गुस्से में देश

पहलगाम आतंकी हमले में हिंदुओं की बर्बर हत्या की गई। इससे लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को देशभर में प्रदर्शन हुए। शुक्रवार को भी देश भर में प्रदर्शन होगा। शुक्रवार को भी दिल्ली बंद का ऐलान किया गया है। दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर लोगों ने प्रदर्शन किया। करीब 300 लोगों ने उच्चायोग के समक्ष नारेबाजी की।

मिट्टी में मिला देंगे’, पहलगाम हमले में शामिल आसिफ का घर बम से उड़ाया, आदिल के घर चला बुलडोजर

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पहलगाम की बैसरन घाटी में 26 निहत्‍थे पर्यटकों की हत्‍या के बाद भारत का सख्‍त रुख सामने आ चुका है। देश बेकसूरों की “बलि” बदला लेकर रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिथिला की धरती से साफ शब्‍दों में कहा कि जिन्‍होंने इस हमले को अंजाम दिया है, उन्‍हें मिट्टी में मिला दिया जाएगा। इस बीच पहलगाम हमले के संदिग्‍ध आतंकवादियों के खिलाफ एक्‍शन शुरू हो गया है। अनंतनाग जिले के बिजबेहरा के त्राल के गोरी इलाके में एक आतंकी के घर को बम से उड़ाया गया है, जबकि दूसरे संदिग्ध के घर को बुलडोर से गिराया गया है।

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त्राल में जम्मू-कश्मीर पुलिस आतंकी आसिफ के घर पहुंची। बताया जा रहा है कि उसके घर में विस्फोटकों का जखीरा था, जिसमें धमाका हुआ। इसके अलावा एक आतंकी आदिल के घर पर भी जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बुलडोजर से कार्रवाई की और उसे ध्वस्त कर दिया।

हमले के बाद आसिफ-आदिल का वीडियो हुआ था वायरल

सुरक्षाबलों ने त्राल में जिन आतंकियों पर एक्शन लिया है। वे दोनों आतंकी लश्कर ए तैयबा से जुड़े हैं। बीते 22 अप्रैल को बैसरन घाटी में हुए आतंकवादी हमले से जुड़े वीडियो में दोनों नजर आए थे। बता दें कि पहलगाम हमले के बाद आतंकियों का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे सुरक्षा बलों को चुनौती देते नजर आ रहे हैं।

आसिफ और आदिल सहित हमले में शामिल अन्य आतंकियों को मार गिराने के लिए सुरक्षाबलों का अभियान जारी है। जम्मू कश्मीर पुलिस ने आतंकियों तक पहुंचने के लिए अब तक 2000 लोगों से पूछताछ की है। इसके साथ ही काफी लोगों को हिरासत में भी लिया है।

26 लोगों की नृशंस हत्या

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की जान ले ली थी। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम की बायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखा और फिर हिंदू हो कहकर गोली मार दी। 26 मृतकों में ज्यादातर पर्यटक हैं, जबकि दो विदेशी और दो स्थानीय नागरिक शामिल हैं।