छापेमारी में दो साइबर अपराधी पकडे गये, एक भागने में सफल

हाजीपुर
साइबर थाना की पुलिस ने काजीपुर थाने क्षेत्र के पहेतिया गांव में अलग-अलग दो जगहों पर छापेमारी कर दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है गिरफ्तार साइबर अपराधी काजीपुर थाना क्षेत्र का पहेतिया गांव निवाशी उमाकांत साहनी का पुत्र निखिल कुमार एवं दिनेश साहनी के पुत्र मनदीप कुमार बताया गया है। साइबर डीएसपी सह थानाध्यक्ष चांदनी सुमन ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।
साइबर अपराधी मनरेगा में काम दिलाने और फिनो बैंक से लोन दिलाने के लिए ठगी करते थे
पुलिस ने अपराधियों के पास से 309 एटीएम कार्ड, 234 सिम कार्ड, 53 व्यक्तियों का आधार कार्ड का अचायतितयों का आधार कार्ड का से जुड़े, 04 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 01 माइक्रो एटीएम हैंडलर, 01 फिंगरप्रिंट स्कैनर, कुछ डायरी एवं अन्य दस्तावेज बरामद किया गया है।
उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना मिली कि काजीपुर थाना क्षेत्र के पहेतिया गांव के कुछ व्यक्ति अपने घर में विभिन्न व्यक्तियों के साथ साइबर ठगी की घटना को अंजाम देते हैं। सूचना मिलते ही साइबर थाना प्रभारी के द्वारा एटीएम का गठन किया गया। टीम में पुलिस निरीक्षक अशोक कुमार, ओम प्रकाश, अवर निरीक्षक मनीष कुमार एवं अन्य पुलिस बलों को शामिल किया गया। टीम ने काजीपुर थाना की पुलिस के सहयोग से पहेतिया, गांव में छापेमारी किया। इस दौरान एक व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया। जिसे पुलिस बल के सहयोग से पकड़ लिया गया।
मंदीप और निखिल दोनों साइबर अपराधिक घटना में संलिप्त थे
पकड़े गए मंदीप कुमार के घर की तलाशी ली गई तो उसके पास से 02 मोबाइल, 01 लैपटॉप, दानवी फाइनेंस सर्विस लिमिटेड का लोन संबंधित ढेर सारे कागजात, आधार कार्ड एवं महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किया गया। काफी संख्या में मिले पेपर देख पुलिस ने हिरासत में लिए मनदीप से पूछा कि तुम किसके साथ मिलकर साइबर अपराधिक घटना को अंजाम देते हो।
अपने आप को फंसता देख मंदीप पुलिस को लेकर निखिल कुमार के पास पहुंचा। निखिल के घर छापेमारी कर पुलिस ने 309 एटीएम कार्ड, 234 सिम कार्ड, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के कुल 35 फाइल, 32 व्यक्तियों का अलग-अलग आधार कार्ड की छायाप्रति, 02 मोबाइल फोन, कुछ सादा एटीएम कार्ड, 01 माइक्रो चिप एटीएम हैंडलर, 01 फिंगरप्रिंट स्कैनर एवं 01 डायरी बरामद की।
पूछताछ के दौरान दोनों साइबर अपराधियों ने बताया गया कि दानवी फाइनेंस सर्विस लिमिटेड नामक फर्जी कंपनी बनाकर पहेतिया पंचायत के लोगों को बहला-फुसलाकर उनके सारे दस्तावेज लेकर लोन देने का कार्य करते थे। साथ ही आम लोगों का आधार कार्ड एवं फोटो लेकर मनरेगा में काम दिलाने को एवं पैसा खाते में मंगवाने के नाम पर फिनो बैंक में खाता खोलते थे। मनरेगा का पैसा आने के बाद कुछ लोगों को पैसा देकर बाकी सभी पैसा दूसरे के खातों पर ट्रांसफर कराकर रख लिया जाता था। वहीं मजदूरों को नया सिम दे दिया जाता था। ठगी करने के उद्देश्य से जॉब कार्ड खोलने के नाम पर भी लोगों से उनकी निजी जानकारी एवं आधार कार्ड व अंगूठा का निशान ले लिया जाता था।
दोनों के पास से फर्जी दस्तावेज बरामद किया गया
इस संबंध में साइबर डीएसपी सह थानाध्यक्ष चांदनी सुमन ने बताया कि पकड़े गए दोनों साइबर अपराधी एक साल से स्थानीय लोगों को गुमराह कर मनरेगा में काम दिलाने और फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर रुपए दोगुने करने के साथ ही ये अपराधी लोगों को गुमराह कर रुपए ऐंठने का काम रहे हैं। इन लोगों के पास से फर्जी डॉक्यूमेंट बरामद हुई है जो कि अनुसंधान विषय है। प्रेस के द्वारा स्थानीय मुखिया व मनरेगा 'पदाधिकारी की संलिप्ता को लेकर पूछे गए सवाल पर तो कहना है कि इसकी जांच जिलाधिकारी के द्वारा गठित टीम के द्वारा कराई जायेगी इसके उपरांत और जानकारी स्पष्ट हो पायेगी।
Apr 16 2025, 13:16
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
2- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
0.9k