चैटजीपीटी डाउन: घिबली स्टाइल फोटो की वजह से सैम आल्टमैन की बढ़ी मुसीबत!

Ghibli style आपको चारों तरफ देखने को मिल रहा है. हर कोई अपनी फोटो को घिबली स्टाइल में बनाकर अपलोड कर रहा है. दिन दिन में ये ट्रेंड काफी पॉपलुर हो गया है. लेकिन इसकी वजह से ओपनएआई कंपनी के मालिक सैम आल्टमैन का सुकून छीन लिया है. एआई प्लेटफॉर्म ChatGPT दुनिया भर में डाउन हो गया है. कई यूजर्स इसे एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं. यूजर्स ने स्टूडियो घिबली स्टाइल एनिमेटेड फोटो बनाने के लिए चैटबॉट का काफी इस्तेमाल कर लिया है. चैटजीपीटी पर एक बाढ़ सी आ गई है जिसकी वजह से चैटजीपीटी GPUs पर असर पड़ रहा है.

डाउनडिटेक्टर की रिपोर्ट के मुताबिक, यूजर्स को चैटजीपीटी पर Ghibli इमेज बनाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. 229 लोगों ने शिकायत दर्ज की हैं. जिनमें से करीब 59 प्रतिशत कंप्लेंट्स चैटजीपीटी के लिए थी. ज्यादातर यूजर्स चैटजीपीटी को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं.

Sam Altman ने यूजर्स से की अपील

OpenAI के सीईओ Sam Altman ने X पर एक पोस्ट के जरिए यूजर्स से इस फीचर का इस्तेमाल कम करने की अपील की है. Altman ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि क्या आप लोग इमेज जेनरेट करना थोड़ा कम कर सकते हैं? ये बहुत ज्यादा हो गया है. हमारी टीम को नींद की ज़रूरत है. उन्होंने ये भी कहा कि उनकी टीम के लिए ये सिचुएशन कठिन हो गई है और उन्हें कुछ राहत की जरूरत है.

चैटजीपीटी पर लगेगी लिमिट?

आल्टमैन ने चैटजीपीटी पर दिन में तीन फोटो जेनरेट करने की लिमिट की बात कही है. इसके जवाब ने एक यूजर ने सुझाव दिया कि मॉडल पर लिमिट लगान से यूजर्स निराश हो सकते हैं. Altman ने जवाब इसके जवाब में कहा कि, हम मॉडल की कैपेसिटी को कम करने के बजाय, इसका उल्टा करेंगे, लेकिन फिर भी थोड़ा शांत हो जाइए.

चैटजीपीटी रिकवर

ग्लोबल आउटेज के बाद चैटजीपीटी रिकवर हो गया है. लेकिन कुछ टाइम के लिए प्लेटफॉर्म की कैपेसिटी को कम कर दिया गया है. इमेज जेनरेशन पर लिमिट सेट कर दी गई है.

सैम आल्टमैन के मुताबिक, चैटजीपीटी पर काम करने वाली टीम दुनिया की सबसे बेहतरीन टीम है. जो दो- ढ़ाई साल पहले से दुनिया की सबसे बड़ी वेबसाइट बनाने की राह पर काम कर रही है.

सीढ़ियों से नहीं, रोपवे से जाइए बजरंग बली की जन्मस्थली, कर्नाटक सरकार की बड़ी पहल

अपने पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध अंजनाद्रीपहाड़ी हनुमान की जन्मस्थली के रूप में भी प्रसिद्ध है. हालांकि, पहाड़ी पर हनुमानजी की एक झलक पाने के लिए भक्तों को काफी कठिनाइयों से गुजरना पड़ता है. बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए पहाड़ पर चढ़ना और दर्शन करना सबसे कठिन है. इन सब परेशानियों को देखते हुए प्रशासन ने रोपवे के निर्माण को मंजूरी दे दी है.

देश-विदेश से हजारों भक्त प्रतिदिन कर्नाटक के कोप्पल जिले की अंजनाद्री पहाड़ी पर हनुमानजी के दर्शन के लिए आते हैं. यह अंजनाद्रीपहाड़ी रामायण के हनुमान की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है. इसलिए अधिकतर भक्त अंजनाद्री आते हैं. हालांकि, अंजनाद्रीपहाड़ी पर चढ़ने और हनुमानजी के दर्शन करने के लिए पहाड़ी पर 575 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं. वर्तमान में सीढ़ियों के अलावा पहाड़ी पर चढ़ने का कोई अन्य रास्ता नहीं है.

हार्ट अटैक से हुई थी कईयों की मौत

पहाड़ी पर हनुमानजी के दर्शन करने के लिए भक्तों सीढ़ी चढ़नी पड़ती है, जो कि काफी मुश्किल काम है. बुजुर्गों, बच्चों और स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त लोगों को पहाड़ पर चढ़ने में काफी परेशानी हो रही थी. पहाड़ी पर चढ़ते हुए ऐसी भी घटनाएं हुई हैं, जहां कई लोगों की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. इस कारण पहाड़ पर चढ़ने के लिए रोपवे के निर्माण की जोरदार मांग हो रही थी. पिछले कई सालों से अधिकारी और जनप्रतिनिधि रोपवे निर्माण को लेकर आश्वासन दे रहे थे.

अंजनाद्रीपहाड़ी पर रोपवे के निर्माण को मिली मंजूरी

वह कह रहे थे कि जल्द रोपवे का निर्माण होगा, जिससे आपकी समस्या कम होगी. रोपवे निर्माण का प्रस्ताव पास न होने के कारण लोगों ने कई बार विरोध प्रदर्शन किया था, लेकिन अब भक्त का की मांग को सरकार ने मान लिया है. रोपवे प्रस्तवा को मंजूरी मिल गई है. योजना के अनुसार, अंजनाद्रीपहाड़ी तक एक-दो नहीं बल्कि तीन रोपवे बनाने की योजना को क्रियान्वित किया जा चुका है और पहले चरण में एक रोपवे के निर्माण के लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं.

कहां होगा बेस स्टेशन?

कर्नाटक राज्य पर्यटन विभाग के अधिकारियों और केंद्रीय राइट इंस्टीट्यूट के अधिकारियों ने अंजनाद्रीहिल्स का दौरा किया और निरीक्षण किया. उन्होंने यह निर्धारित करने के लिए स्थल निरीक्षण भी किया है कि रोपवे का निर्माण कहां किया जाना चाहिए और इसके क्या फायदे और नुकसान हैं. फिलहाल राज्य पर्यटन विभाग की योजना अंजनांद्री पहाड़ी के बाईं ओर एक बेस स्टेशन तैयार करने और पहाड़ी पर एक छोटी झील के पास लैंडिंग स्टेशन बनाने की है.

450 मीटर लंबा होगा रोपवे

कुल 450 मीटर लंबा रोपवे बनाया जाएगा, जिसमें प्रति घंटे आठ सौ श्रद्धालुओं को आने-जाने की अनुमति होगी. सुबह 6 बजे से रात तक दर्शन की व्यवस्था की गई है. यह कार्य अगले 45 दिनों में शुरू होगा और एक साल के अंदर पूरा हो जाएगा. इसके अलावा दो और रोपवे बनाने की योजना है.

PM मोदी के दौरे से पहले 50 नक्सलियों का सरेंडर; 14 पर था 68 लाख का इनाम

प्रधानमंत्री के छत्तीसगढ़ दौरे से ठीक पहले 50 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए हैं. माओ की विचारधारा को खोखला बताते हुए ये नक्सली सुरक्षा बलों के सामने आए और सरेंडर कर दिया. इन नक्सलियों में 14 ऐसे नक्सली हैं, जिनके सिर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 68 लाख रुपये से अधिक का इनाम घोषित किया गया था. इसके बाद से पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान इनकी तलाश कर रहे थे. यह जानकारी बीजापुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने दी.

उन्होंने बताया कि सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने दावा किया है कि वह माओ की खोखली विचारधारा से तंग आ चुके थे. आदिवासियों के शोषण और आपसी मतभेदों से परेशान होकर उन लोगों ने राष्ट्र की मुख्य धारा से जुड़ने का फैसला किया. इन नक्सलियों ने बताया कि वह सुरक्षा बलों की ओर से आयोजित होने वाली शिविरों और ‘निया नेल्लनार’ (आपका अच्छा गांव) योजना से प्रभावित हैं. माना जा रहा है कि बड़ी संख्या में नक्सलियों का सरेंडर सुरक्षा बलों की बड़ी जीत है.

14 नक्सलियों पर घोषित था इनाम

एसएसपी जितेंद्र कुमार यादव के मुताबिक आत्मसमर्पण करने वाले 50 लोगों में से छह नक्सलियों पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम था. इसी प्रकार तीन नक्सलियों पर पांच लाख रुपये और पांच अन्य नक्सलियों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था. एसएसपी के मुताबिक इन नक्सलियों के सरेंडर में डीआरजी, बस्तर फाइटर्स, एसटीएफ और सीआरपीएफ के जवानों की भूमिका महत्वपूर्ण है. उन्होंने बताया कि राष्ट्र की मुख्यधारा में लौटे इन नक्सलियों का नियमानुसार पुर्नवास किया जाएगा.

एनकाउंटर में 18 नक्सली मारे गए

एक तरफ 50 नक्सलियों ने सरेंडर किया है, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों की नक्सलियों के साथ दो बड़ी मुठभेड़ भी हुई है. सुकमा और बीजापुर जिलों में हुए इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने 11 महिलाओं सहित 18 नक्सलियों को ढेर कर दिया है. इसे नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई में सुरक्षा बलों की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. बता दें कि बीते एक साल में कुल 792 नक्सलियों ने सरेंडर किया है. जबकि 134 नक्सली एनकाउंटर में मारे गए हैं.

रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन से गिरती महिला को जीआरपी के जवान ने बचाया, दिखाई सूझबूझ

मध्य प्रदेश के अशोक नगर रेलवे स्टेशन से एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है. रेलवे स्टेशन पर एक लड़की की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती थी.हालांकि रेलवे के जवान ने ये बड़ा हादसा होने से बचा लिया. जानकारी के मुताबिक लड़की चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रही थी, लेकिन तभी उसका पैर फिसल गया, जिसकी वजह से वो ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच बने गैप में गिरने लगी. इसी दौरान प्लेटफॉर्म पर तैनात रेलवे के जवान ने उसे बचा लिया.

जवान ने बताया कि चलती ट्रेन पर जैसे ही लड़की ने चढ़ने की कोशिश की तभी उसका पैर फिसला और वो गिरने लगी. इसी बीच जवान ने तुरंत ही दौड़कर लड़की को पकड़कर बाहर खींचा, जिससे उसकी जान बच गई. बताया जा रहा है कि, बीना-कोटा मेमू ट्रेन पर चढ़ते समय लड़की के साथ ये हादसा हुआ है. घटना स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई.

जीआरपी जवान ने बचाई जान

प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक बीना से कोटा जा रही बालिका अशोकनगर स्टेशन पर पानी लेने उतरी थी. इस दौरान अचानक ट्रेन चल पड़ी. ट्रेन खुलते ही एक किशोरी ने चलती ट्रेन पर चढ़ने की कोशिश की, लेकिन वह नीचे गिर गई थी और ट्रेन के नीचे आने वाली थी. लड़की को गिरता देख मौके पर तैनात जीआरपी आरक्षक गोविंद सिंह चौहान ने स्थितियों को भांपते हुए सूझबूझ दिखाते हुए लड़की को प्लेटफार्म की ओर खींच लिया, जिससे उसकी जान बच सकी.

10 हजार रुपए दिए इनाम

लड़की के पैर में मामूली चोटें आई, जिसका इलाज करवा दिया गया है. मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से जवान की सराहना की गई है. इसके साथ ही जीआरपी आरक्षक को इनाम स्वरूप 10 हजार रुपए दिए हैं. लोग भी जवान के काम की सराहना कर रहे हैं. साथ ही तारीफ भी कर रहे हैं.

सलमान खान को बहुत बड़ा झटका, लीक हुई सिकंदर, मेकर्स को करोड़ों का नुकसान!

सलमान खान की फिल्म ‘सिकंदर’ का भाईजान के फैंस को लंबे समय से इंतजार था, जो कि अब पूरा हुआ. ये फिल्म 30 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. हालांकि, रिलीज होने से पहले ही भाईजान और फिल्म के मेकर्स को बड़ा झटका लगा है. रिलीज से पहले ये फिल्म ऑनलाइन लीक हो गई, जिससे मेकर्स को करोड़ों का नुकसान हुआ.

ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया के जरिए दी है. उन्होंने बताया कि रिलीज से एक दिन पहले यानी 29 मार्च को ये फिल्म लीक हो गई. X पर उन्होंने लिखा, “थिएट्रिकल रिलीज से पहले किसी फिल्म का लीक हो जाना किसी प्रो़ड्यूसर के लिए एक बुरे सपने की तरह है. दुर्भाग्य से यही कल (शनिवार) शाम साजिद नाडियाडवाला की ‘सिकंदर’ के साथ हुआ.”

600 साइट्स से फिल्म हटाने के आदेश

कोमल नाहटा ने आगे लिखा, “प्रोड्यूसर ने कल रात अधिकारियों को फिल्म को 600 साइट्स से हटवाने के लिए कहा, लेकिन नुकसान हो चुका था. ये सलमान की फिल्म के प्रोड्यूसर को महंगा पड़ सकता है.” जब भी कोई भी रिलीज होती है तो इस तरह के मामले जरूर सामने आते हैं कि थिएटर में रिलीज होते ही फिल्म लीक हो गई, लेकिन ‘सिकंदर’ रिलीज से पहले पाइरेसी का शिकार हो गई.

सिकंदर’ को बनाने में कितने पैसे खर्च हुए?

पाइरेसी की वजह फिल्म की कमाई पर असर पड़ता है और उसका खामियाजा मेकर्स को भुगतना पड़ता है, क्योंकि फिल्म को बनाने में मोटी रकम खर्च होती है. कुछ समय पहले ऐसी जानकारी सामने आई थी कि ‘सिकंदर’ को बनाने के लिए मेकर्स ने तकरीबन 400 करोड़ रुपये खर्च किए हैं.

सलमान इस फिल्म में एक्शन अवतार में नजर आए हैं. उनका अंदाज फैंस को पसंद आ रहा है. सोशल मीडिया पर लोगों को रिएक्शन आने लगे हैं, जो फिल्म के पक्ष में हैं. सलमान के साथ रश्मिका मंदाना, काजल अग्रवाल और सत्यराज भी इस फिल्म का हिस्सा हैं.

भारत में 31 मार्च को होगी ईद, पाकिस्तान में कब मनाया जाएगा ये त्योहार?

दुनियाभर में ईद-उल-फितर का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. ये त्योहार रमजान के पूरे होने के बाद यानी 10वें महीने शव्वाल की पहली तारीख को पड़ता है. इस दिन मुसलमान अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं और अपनी गलतियों की माफी मांगते हैं. 29 मार्च को सऊदी अरब में चांद दिखाई देने की उम्मीद थी और सऊदी अरब ने ईद की तारीख का ऐलान कर दिया है.

सऊदी अरब में ईद का चांद 29 मार्च को देखा गया है, ऐसे में सऊदी में ईद 30 मार्च, रविवार को मनाई जाएगी. जबकि भारत में 30 मार्च को ईद का चांद नजर आएगा और 31 मार्च को यह त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा. ऐसे में आइए आपको बताते हैं कि पाकिस्तान में ईद कब मनाई जाएगी.

पाकिस्तान में ईद-उल-फितर कब है?

सऊदी अरब में ईद के अगले दिन भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे मुस्लिम देशों में ईद मनाई जाती है. ऐसे में पाकिस्तान में भी 31 मार्च 2025 को ईद मनाई जाएगी. इसके अलावा, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, मलेशिया और ईरान में भी ईद-उल-फितर 31 मार्च (सोमवार) को मनाई जाएगी.

पाकिस्तान में 30 मार्च को दिखेगा ईद का चांद

सऊदी अरब में चांद दिखने के अगले दिन भारत समेत अन्य देशों में चांद नजर आता है. ऐसे में भारत में ईद के चांद का दीदार 30 मार्च को होगा और इससे अगले दिन यानी 31 मार्च को ईद मनाई जाएगी. वहीं, पाकिस्तान में भी उसी दिन ईद होती है, जिस दिन भारत में होती है. ऐसे में पाकिस्तान में ईद का चांद 30 मार्च को नजर आएगा और 31 मार्च को ईद-उल-फितर मनाई जाएगी.

ईद क्यों मनाई जाती है?

ऐसा कहा जाता है कि पैगंबर हजरत मुहम्मद ने इस दिन बद्र की लड़ाई में जीत हासिल की थी और इस जीत की खुशी में सबका मुंह मीठा करवाया गया था. तब से इस दिन को मीठी ईद या ईद-उल-फितर के रूप में मनाते हैं. ईद के दिन मुसलमान नमाज अदा करने के बाद एक-दूसरे से गले लगकर ईद की मुबारकबाद देते हैं. इसके साथ ही, जरूरतमंद लोगों को जकात देते हैं.

मेरे पास टाइम नहीं’… साहिल के पिता ने पैरवी से किया इनकार, सौरभ राजपूत हत्याकांड में आरोपी है बेटा

मेरठ का चर्चित सौरभ हत्याकांड इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है. इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी साहिल इस वक्त जेल में बंद है, लेकिन उसका परिवार भी उससे दूरी बनाए हुए है. खासकर साहिल के पिता ने उससे किसी भी तरह का संबंध रखने से इनकार कर दिया है. जब उनसे साहिल की पैरवी करने या उससे मिलने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया कि उनके पास इसके लिए समय नहीं है.

मेरठ में सौरभ राजपूत की उसकी पत्नी मुस्कान और पत्नी के प्रेमी साहिल ने बेरहमी से हत्या कर दी थी. इस घटना की चर्चा पूरे देश में हो रही है. साहिल की गिरफ्तारी के बाद से अब तक उससे मिलने सिर्फ उसकी बुजुर्ग नानी ही आई हैं. बाकी परिवार के लोग उससे दूरी बनाए हुए हैं. साहिल के पिता, जो नोएडा में रहते हैं, उन्होंने भी अब तक बेटे से मिलने की कोई इच्छा नहीं जताई है.

नोएडा में रहते है साहिल के पिता

जब साहिल के पिता से बेटे से मिलने को लेकर पूछा गया तो उन्होंने दो टूक जवाब दिया कि उनके पास समय नहीं है और उन्होंने इस बारे में कुछ सोचा भी नहीं है. साहिल की मां का कुछ साल पहले निधन हो गया था, जिसके बाद उसके पिता मेरठ छोड़कर नोएडा में बस गए थे. वे कभी-कभी मेरठ आकर साहिल और उसकी नानी से मिलते थे, लेकिन इस हत्याकांड के बाद से उनका रवैया पूरी तरह बदल गया है.

पैरवी करने से किया मना

उन्हें अपने बेटे की हरकतों पर गुस्सा है और वे अब उससे कोई संबंध नहीं रखना चाहते. साहिल को पहले ही सरकारी वकील मिल चुका है, लेकिन जब उसके पिता से पूछा गया कि क्या वे बेटे की पैरवी करेंगे, तो उन्होंने दोबारा यही जवाब दिया कि उनके पास समय नहीं है. उनका यह बयान दिखाता है कि वे साहिल की हरकतों से बेहद नाराज हैं और उन्होंने खुद को इस मामले से पूरी तरह अलग कर लिया है.

सौरभ हत्याकांड मेरठ का बहुचर्चित मामला बन चुका है, और साहिल के पिता के इस बयान के बाद यह मामला और भी चर्चा में आ गया है. अब देखना यह होगा कि कानूनी प्रक्रिया में आगे क्या मोड़ आता है.

मेरे पास टाइम नहीं’… साहिल के पिता ने पैरवी से किया इनकार, सौरभ राजपूत हत्याकांड में आरोपी है बेटा

मेरठ का चर्चित सौरभ हत्याकांड इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है. इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी साहिल इस वक्त जेल में बंद है, लेकिन उसका परिवार भी उससे दूरी बनाए हुए है. खासकर साहिल के पिता ने उससे किसी भी तरह का संबंध रखने से इनकार कर दिया है. जब उनसे साहिल की पैरवी करने या उससे मिलने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया कि उनके पास इसके लिए समय नहीं है.

मेरठ में सौरभ राजपूत की उसकी पत्नी मुस्कान और पत्नी के प्रेमी साहिल ने बेरहमी से हत्या कर दी थी. इस घटना की चर्चा पूरे देश में हो रही है. साहिल की गिरफ्तारी के बाद से अब तक उससे मिलने सिर्फ उसकी बुजुर्ग नानी ही आई हैं. बाकी परिवार के लोग उससे दूरी बनाए हुए हैं. साहिल के पिता, जो नोएडा में रहते हैं, उन्होंने भी अब तक बेटे से मिलने की कोई इच्छा नहीं जताई है.

नोएडा में रहते है साहिल के पिता

जब साहिल के पिता से बेटे से मिलने को लेकर पूछा गया तो उन्होंने दो टूक जवाब दिया कि उनके पास समय नहीं है और उन्होंने इस बारे में कुछ सोचा भी नहीं है. साहिल की मां का कुछ साल पहले निधन हो गया था, जिसके बाद उसके पिता मेरठ छोड़कर नोएडा में बस गए थे. वे कभी-कभी मेरठ आकर साहिल और उसकी नानी से मिलते थे, लेकिन इस हत्याकांड के बाद से उनका रवैया पूरी तरह बदल गया है.

पैरवी करने से किया मना

उन्हें अपने बेटे की हरकतों पर गुस्सा है और वे अब उससे कोई संबंध नहीं रखना चाहते. साहिल को पहले ही सरकारी वकील मिल चुका है, लेकिन जब उसके पिता से पूछा गया कि क्या वे बेटे की पैरवी करेंगे, तो उन्होंने दोबारा यही जवाब दिया कि उनके पास समय नहीं है. उनका यह बयान दिखाता है कि वे साहिल की हरकतों से बेहद नाराज हैं और उन्होंने खुद को इस मामले से पूरी तरह अलग कर लिया है.

सौरभ हत्याकांड मेरठ का बहुचर्चित मामला बन चुका है, और साहिल के पिता के इस बयान के बाद यह मामला और भी चर्चा में आ गया है. अब देखना यह होगा कि कानूनी प्रक्रिया में आगे क्या मोड़ आता है.

पटना से दिल्ली जा रही इंडिगो फ्लाइट में यात्री की मौत, लखनऊ एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग

पटना से दिल्ली जा रही एक फ्लाइट में यात्री की मौत हो गई. असम का रहने वाला यह यात्री इलाज के लिए अपनी पत्नी के साथ दिल्ली जा रहा था. इसके लिए यात्री ने पटना से इंडिगो की फ्लाइट ली थी. अभी फ्लाइट लखनऊ के पास से गुजर रही थी कि यात्री ने दम तोड़ दिया. जानकारी होने पर फ्लाइट के पायलट ने चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग की.

इसके बाद शव को फ्लाइट से उतार कर पोस्टमार्टम के लिए केजीएमयू भेज दिया गया. इस यात्री के साथ उनकी पत्नी और चचेरे दामाद भी थे. एयरपोर्ट अथॉरिटी से मिली जानकारी के मुताबिक यात्री की पहचान असम में नलबारी के रहने वाले सतीश बर्मन के रूप में हुई है. उनकी तबियत काफी समय से खराब चल रही थी. वह इलाज के लिए अपनी पत्नी कंचन और चचेरे दामाद केशव कुमार के साथ दिल्ली के लिए चले थे.

उड़ान भरते बिगड़ी थी तबियत

इन लोगों ने पटना से इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E 2163 से शनिवार की सुबह 10 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी.उनकी फ्लाइट पटना से उड़ी ही थी कि सतीश बर्मन की तबियत बिगड़ गई और देखते ही देखते उनकी मौत हो गई. इतने में विमान लखनऊ के आसपास पहुंच चुका था. जानकारी होने पर क्रू मेंबर्स ने तत्काल पायलट को अवगत कराया और फिर पायलट ने लखनऊ एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी.

पुलिस ने शव कब्जे में लिया

वहीं एयर ट्रैफिक कंट्रोल की अनुमति मिलने के बाद इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. इसके बाद एयरपोर्ट पर तैनात मेडिकल टीम ने यात्री को फ्लाइट से नीचे उतार कर जांच की और मृत घोषित कर दिया. सूचना मिलने पर पहुंची सरोजनी नगर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है.

बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2025: समस्तीपुर की साक्षी कुमारी, भोजपुर के रंजन वर्मा और गाहिरी की अंशु कुमारी बनीं टॉपर

बिहार बोर्ड ने शनिवार को मैट्रिक परीक्षा के रिजल्ट जारी कर दिए। समस्तीपुर की साक्षी कुमारी, भोजपुर के रंजन वर्मा और गाहिरी की अंशु कुमारी ने 97.8% अंकों के साथ टॉपर बनीं। तीनों को 489-489 अंक मिले हैं। रंजन ने गणित और अंशु ने हिंदी में 100 में से 100 प्राप्त किए हैं। साक्षी को 100 प्रतिशत अंक तो नहीं मिले, लेकिन 98 से कम किसी विषय में नहीं पाए।

बिहार बोर्ड की 10वीं परीक्षा 2025 में 15.85 लाख छात्र शामिल हुए थे। इनमें से 12 लाख 79 हजार 294 यानी 82.11 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए हैं। यानी 2 लाख से ज्यादा छात्र फेल हो गए हैं। टॉप-10 सूची में 123 और टॉप-5 सूची में 25 स्टूडेंट हैं।

टाॅपर्स को छात्रों को विषयवार मिले अंक

कौन हैं साक्षी कुमारी, कैसे किया टॉप?

समस्तीपुर की साक्षी कुमारी ने बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा 2025 में टॉप किया है। साक्षी को हिंदी और गणित में 98-98 और संस्कृत सामाजिक विज्ञान में 99-99 नंबर मिले हैं। विज्ञान में इन्होंने 95 नंबर प्राप्त किए हैं। बताया कि टॉप करने का तो नहीं सोचा था, लेकिन बेहतर रिजल्ट की उम्मीद थी। मैंने घंटे देखकर कभी पढ़ाई नहीं की। जितना समय मिलता था, पूरे फोकस के साथ टॉपिक क्लियर करती थी।

रंजन को गणित में मिले 100 से 100 अंक

रंजन वर्मा भोजपुर के अगिआंव बाजार में मां शीला देवी (गृहणी) और भाई रंजीत कुमार के साथ रहते हैं। उनके पिता की 2003 में ब्रेन हैमरेज के चलते मौत हो गई थी। रंजन ऑनलाइन पढ़ाई करते थे। 500 में 489.80 अंक प्राप्त कर उन्होंने प्रथम रैंक हासिल की है। रंजन को गणित में 100 से 100 अंक मिले हैं।

अंशु को हिंदी में 100 में से 100 अंक

अंशु कुमारी भारतीय इंटर कॉलेज गहिरी की छात्रा है। इन्होंने हिंदी में 100 में से 100 अंक हासिल किए हैं। संस्कृत में 97, गणित और विज्ञान में 98-98 अंक प्राप्त किए हैं। अंशु कुमारी को सामाजिक विज्ञान में 96 और अंग्रेजी (ऐच्छिक विषय) में 84 अंक मिले हैं।