बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2025: समस्तीपुर की साक्षी कुमारी, भोजपुर के रंजन वर्मा और गाहिरी की अंशु कुमारी बनीं टॉपर

बिहार बोर्ड ने शनिवार को मैट्रिक परीक्षा के रिजल्ट जारी कर दिए। समस्तीपुर की साक्षी कुमारी, भोजपुर के रंजन वर्मा और गाहिरी की अंशु कुमारी ने 97.8% अंकों के साथ टॉपर बनीं। तीनों को 489-489 अंक मिले हैं। रंजन ने गणित और अंशु ने हिंदी में 100 में से 100 प्राप्त किए हैं। साक्षी को 100 प्रतिशत अंक तो नहीं मिले, लेकिन 98 से कम किसी विषय में नहीं पाए।

बिहार बोर्ड की 10वीं परीक्षा 2025 में 15.85 लाख छात्र शामिल हुए थे। इनमें से 12 लाख 79 हजार 294 यानी 82.11 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए हैं। यानी 2 लाख से ज्यादा छात्र फेल हो गए हैं। टॉप-10 सूची में 123 और टॉप-5 सूची में 25 स्टूडेंट हैं।

टाॅपर्स को छात्रों को विषयवार मिले अंक

कौन हैं साक्षी कुमारी, कैसे किया टॉप?

समस्तीपुर की साक्षी कुमारी ने बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा 2025 में टॉप किया है। साक्षी को हिंदी और गणित में 98-98 और संस्कृत सामाजिक विज्ञान में 99-99 नंबर मिले हैं। विज्ञान में इन्होंने 95 नंबर प्राप्त किए हैं। बताया कि टॉप करने का तो नहीं सोचा था, लेकिन बेहतर रिजल्ट की उम्मीद थी। मैंने घंटे देखकर कभी पढ़ाई नहीं की। जितना समय मिलता था, पूरे फोकस के साथ टॉपिक क्लियर करती थी।

रंजन को गणित में मिले 100 से 100 अंक

रंजन वर्मा भोजपुर के अगिआंव बाजार में मां शीला देवी (गृहणी) और भाई रंजीत कुमार के साथ रहते हैं। उनके पिता की 2003 में ब्रेन हैमरेज के चलते मौत हो गई थी। रंजन ऑनलाइन पढ़ाई करते थे। 500 में 489.80 अंक प्राप्त कर उन्होंने प्रथम रैंक हासिल की है। रंजन को गणित में 100 से 100 अंक मिले हैं।

अंशु को हिंदी में 100 में से 100 अंक

अंशु कुमारी भारतीय इंटर कॉलेज गहिरी की छात्रा है। इन्होंने हिंदी में 100 में से 100 अंक हासिल किए हैं। संस्कृत में 97, गणित और विज्ञान में 98-98 अंक प्राप्त किए हैं। अंशु कुमारी को सामाजिक विज्ञान में 96 और अंग्रेजी (ऐच्छिक विषय) में 84 अंक मिले हैं।

शरीर पर कपड़े नहीं, गैंगरेप की आशंका… प्रतापगढ़ में महिला नर्सिंग कर्मी की मौत से बवाल, पथराव में CO का सिर फूटा

उत्तर प्रदेश में प्रतापगढ़ में नर्सिंग कर्मी की मौत का मामला गहरा गया है. परिजनों ने गैंगरेप के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया, वहीं मौके पर पहुंचे सीओ के ऊपर लोगों ने पथराव कर दिया. इस घटना में सीओ का सिर फूट गया है. फिलहाल पुलिस ने नर्सिंगकर्मी की मां की तहरीर पर अस्पताल संचालक समेत छह लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. मामला प्रतापगढ़ के रानीगंज थाना क्षेत्र में दुर्गागंज बाजार का है.

पुलिस के मुताबिक दुर्गागंज बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में काम करने वाली नर्सिंग कर्मी की गुरुवार की देर शाम संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी. आरोप है कि अस्पताल कर्मी देर रात नर्सिंग कर्मी का शव एंबुलेंस में लेकर आए और घर के बाहर रखकर भागने लगे. हालांकि परिजनों ने उन्हें पकड़ लिया. इस घटना को लेकर शुक्रवार की सुबह जमकर बवाल हुआ. परिजनों का आरोप है कि नर्सिंगकर्मी का शव एंबुलेंस से उतारा गया तो उसके बदन पर अंडर गारर्मेंट नहीं थे.

पथराव में सीओ का सिर फूटा

अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाली नर्सिंगकर्मी की मां ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के साथ अस्पताल में गैंगरेप हुआ है. इसी आरोप के साथ परिजनों ने अस्पताल के सामने शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया. सूचना मिलने पर सीओ के नेतृत्व में पुलिस मौके पर पहुंची. सीओ अभी परिजनों से बातचीत कर ही रहे थे कि लोगों ने पुलिस के ऊपर पथराव शुरू कर दिया. इस दौरान एक पत्थर सीओ के सिर पर लगा और उनका सिर फूट गया. इस घटना में कुल 13 लोग घायल हुए हैं.

गुरुवार देर शाम की है घटना

नर्सिंग कर्मी की मां ने बताया कि उनकी बेटी चार साल से यहां मां मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में काम कर रही थी. बृहस्पतिवार की शाम करीब छह बजे बेटी वह ड्यूटी पर आई, लेकिन रात में करीब आठ बजे अस्पताल से उन्हें फोन आया और अस्पताल पहुंचने के लिए कहा गया. इसके बाद वह अस्पताल पहुंची तो उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया और थोड़ी देर बाद बताया गया कि उनकी बेटी की मौत हो चुकी है. फिर अस्पताल वालों ने एंबुलेंस से बेटी का शव उनके घर पहुंचा दिया.

अस्पताल के बाहर शव रखकर हंगामा

पीड़ित मां के मुताबिक एंबुलेंस के कर्मचारी शव रखकर भागने लगे तो उनका शक मजबूत हुआ और उन्होंने शोर मचाया तो परिजनों ने तीनों कर्मचारियों को पकड़ लिया. पीड़ित मां ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी का शव देखा, तो पता चला कि उसके शरीर पर अंडर गारर्मेंट नहीं थे. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस तीनों कर्मचारियों को मुक्ता कराकर हिरासत में लिया है. परिजनों के मुताबिक पूरी रात गुजर जाने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो परिजन शुक्रवार की सुबह चारपाई पर शव रखकर अस्पताल पहुंच गया. यहां पुलिस के साथ परिजनों की कई बार झड़प हुई. आखिर में परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया.

सीसीटीवी के जरिए पहचान में जुटी पुलिस

आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया. इसकी वजह से मौके पर अफरातफरी मच गई. आनन फानन में पूरा बाजार बंद हो गया. बताया जा रहा है कि प्रदर्शन कर रहे परिजनों के साथ कुछ बाहरी लोग भी थे. इन्हीं बाहरी लोगों ने पुलिस के ऊपर पथराव किया, जिसके बाद पुलिस ने भी लाठीचार्ज किया. पुलिस के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज के जरिए पथराव करने वालों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है.

बिहार में स्मार्ट प्रीपेड मीटर वालों को मिलेगी सस्ती बिजली, 1 अप्रैल से लागू होंगी नई दरें

स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले बिजली उपभोक्ताओं को बिहार राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने बड़ी राहत दी है। उन्हें अब प्रति यूनिट 25 पैसे कम खर्च करना होगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं की दर में 54 पैसे प्रति यूनिट की कमी की गई है।

स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने वालों को मिलेगा फायदा

स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के छह महीने बाद तक लोड से अधिक खपत करने पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा। अगर ग्रामीण क्षेत्र में बिजली उपभोक्ता ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाया हुआ है तो उसे बिजली खपत पर 79 पैसे प्रति यूनिट का लाभ मिलेगा। इसके अलावा बिजली दर में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।

बिहार राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने एक अप्रैल से प्रभावी हो रही बिजली की नई दर की घोषणा की। यह दर 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी। विनियामक आयोग के अध्यक्ष आमिर सुबहानी ने नए दर की घोषणा की।

ग्रामीण इलाके में घरेलू श्रेणी में दो स्लैब

ग्रामीण इलाके में घरेलू श्रेणी की बिजली का दो स्लैब बना दिया गया है। ग्रामीण इलाके में कुटीर ज्योति और घरेलू श्रेणी में सवा करोड़ उपभोक्ता हैं।

जो उपभोक्ता महीने में 50 यूनिट से अधिक बिजली की खपत करेंगे उन्हें बिजली 54 पैसे प्रति यूनिट कम की दर से मिलेगी। वहीं, इस श्रेणी के स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं का लाभ 25 पैसे प्रति यूनिट जुड़कर 79 पैसे प्रति यूनिट हो जाएगा।

औद्योगिक इकाईयों को भी राहत

बिजली कंपनी ने औद्योगिक

इकाईयों के लिए एक रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था, जिसे विनियामक आयोग ने स्वीकार नहीं किया। औद्योगिक उपभोक्ता अगर डिजिटल भुगतान करेंगे तो उन्हें एक फीसद या फिर अधिकतम 50 हजार रुपए की छूट मिलेगी।

कोल्ड स्टोरेज के लिए नई श्रेणी बनाई गई

नई बिजली दर की घोषणा में कृषि क्षेत्र को भी राहत मिली है। कृषि उत्पादों के भंडारण को ध्यान में रख कोल्ड स्टोरेज के लिए नई श्रेणी बनाई गई है।

इस क्रम में यह जानकारी दी गई कि 74 किलोवाट तक के अनुबंध मांग वाले कोल्ड स्टोरेज को एलटी-आईएएस श्रेणी में शामिल किया गया है। एचटी कोल्ड स्टोरेज (11 केवी) में 50 केवीए से 1500 केवीए तक के लिए कोल्ड स्टोरेज की नई श्रेणी बनाई गई है।

इस तरह एक अप्रैल से प्रभावी होंगी दरें

कुटीर ज्योति 0-50 यूनिट-7.42 रुपए प्रति यूनिट

50 यूनिट से अधिक(ग्रामीण)- 7.42 रुपए प्रति यूनिट

1-100 यूनिट (शहरी घरेलू) -7.42 रुपए प्रति यूनिट

100 से अधिक यूनिट- 8.95 रुपए प्रति यूनिट

गड्ढे का गंदा पानी पीकर बुझा रहे प्यास, 1 Km पैदल चलकर जंगल आते; MP के इस गांव का हाल

देश को आजाद हुए सात दशक बीत गए, लेकिन कई राज्यों में ऐसे जिले हैं हैं जहां ग्रामीण आज भी गुलामी की जिंदगी जी रहे हैं. ऐसा ही एक मध्यप्रदेश का डिंडोरी जिला है. जिले सरकार कागजों में आदिवासियों के लिए लाख दावे तो करती है, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही है. डिंडोरी जिला मुख्यालय से करीब 85 किलोमीटर दूर करंजिया विकासखंड के चौरा दादर ग्राम पंचायत के बैराग टोला के बैगा आदिवासी ग्रामीण आज भी स्वच्छ पेयजल से वंचित हैं. लगभग 1200 की आबादी वाले इस गांव में नल जल योजना अब तक शुरू नहीं हो पाई है.

ग्रामीणों के अनुसार, उनके क्षेत्र में पांच हैंडपंप हैं, लेकिन उनमें से किसान टोला के हैंडपंप से फ्लोराइड युक्त बदबूदार पानी निकलता है, जिसे पीने से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है. गांव के लोग जल संकट से इतने परेशान हैं कि वे करीब एक किलोमीटर दूर जंगल में स्थित एक गड्ढे का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं. इस पानी की गुणवत्ता इतनी खराब है कि उसे जानवर भी पीने से कतराते हैं. बावजूद इसके, ग्रामीणों को इसी पानी पर निर्भर रहना पड़ता है.

समस्या का नहीं निकला हल

ग्रामीणों का कहना है कि पानी की समस्या को लेकर उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला. ग्रामीणों का कहना है कि वे बार-बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के पास गए, लेकिन उनकी समस्या अनसुनी रह गई. ऐसे में जो पानी वह पी रहे हैं मवेशियों के पीने के लायक भी नहीं है लेकिन इसके बावजूद भी यह पानी पीकर जीवन यापन कर रहे हैं. पानी पीने से कई बार लोगों को कई बीमारियों का सामना भी करना पड़ा पानी की समस्या को लेकर हर बार जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक की चौखट में जा जाकर माथा टेक चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद भी आज तक समस्या का हल नहीं निकला.

लोकल जनप्रतिनिधियों ने की शिकायत

गांव के लोगों का कहना है कि अभी गर्मी की शुरुआत है, फिर भी पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. ऐसे में जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, जल संकट और गहरा जाएगा. यदि जल्द कोई समाधान नहीं निकला, तो आने वाले दिनों में ग्रामीणों को एक-एक बूंद पानी के लिए तरसना पड़ेगा. ग्राम चौरादादर की सरपंच मालती पेंन्द्रो ने बताया कि अब तक गांव में नल जल योजना की शुरुआत भी नहीं हुई है. वहीं, जनपद सदस्य मधुवन सिंह ने पीएचई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द समाधान की मांग की है. इस पूरे मामले पर पीएचई विभाग डिंडोरी के कार्यपालन यंत्री अफजल अमानुल्लाह का कहना है कि गांव में जल निगम के माध्यम से काम होना है. चौरा दादर में लगभग 11 हैंडपंप हैं, लेकिन किसान टोला में जल संकट को देखते हुए सर्वे कराकर जरूरत पड़ने पर एक नया हैंडपंप खनन किया जाएगा.

ग्रामीणों की मांग :

ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द उनके गांव में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जाए. प्रशासन को इस दिशा में तत्काल कदम उठाने की जरूरत है ताकि ग्रामीणों को साफ पानी उपलब्ध हो सके और वे जल जनित बीमारियों से बच सकें.

10वीं का चल रहा था एग्जाम, बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी पर तैनात अफसर को सांप ने काटा; स्कूल में मचा हड़कंप

आंध्र-प्रदेश में 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं. 10वीं कक्षा की परीक्षा 17 मार्च से 31 मार्च 2025 तक आयोजित की जा रही हैं. इसी बीच परीक्षा के दौरान एक हादसा हो गया. यहां ड्यूटी पर तैनात एक परीक्षा निरीक्षक (examination invigilator) को सांप ने काट लिया. निरीक्षक को सांप के काटे जाने के बाद परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया.

यह घटना आंध्र प्रदेश के पालनाडु के चिलकालूरिपेट से सामने आई है, जहां 17 मार्च से शुरू हुई बोर्ड परीक्षा चल रही है. निरीक्षक का नाम करीमुल्लाह बताया जा रहा है, जो वेद स्कूल में 10वीं की बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी पर तैनात थे. इसी दौरान एक सांप ने उन्हें काट लिया, जिसके बाद वहां मौजूद बच्चों में अफरा तफरी मच गई. पीड़ित करीमुल्लाह को तुरंत अस्पताल ले जाया गया और इलाज के लिए भर्ती कराया गया. इलाज के बाद अब पीड़ित की हालत ठीक है.

परिजनों ने जताई चिंता

परीक्षा केंद्र पर सांप के काटने की घटना के बारे में जानकारी मिलने के बाद स्कूल के बच्चों के अभिभावकों ने चिंता जताई. अभिभावकों ने प्रशासकों पर गुस्सा जाहिर किया. उनका कहना है कि अगर किसी बच्चे को सांप ने काट लिया तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा. इसके साथ ही उन्होंने स्कूल पर लापरवाही बरतने का भी आरोप लगाया. इस तरह स्कूल के अंदर निरीक्षक को सांप के काटे जाने के बाद से बच्चों के परिजन चिंता में आ गए हैं कि कहीं उनके बच्चों के साथ इस तरह की घटना न घट जाए. निरीक्षक के काटे जाने के बाद परिजनों में डर है.

पहले छात्र को काटा था

स्कूल में सांप के काटे जाने की ये कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले कि हाल ही में एक छात्र को सांप के काटने की घटना सामने आई थी, जहां एक दसवीं कक्षा के छात्र को सांप ने काट लिया था. अब परीक्षा केंद्र में ड्यूटी पर तैनात निरीक्षक को ही सांप ने काट लिया, जिसके बाद इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. यह घटना पालनाडु जिले के चिलकालूरिपेट वेद स्कूल में घटी.

RG Kar में लेडी डॉक्टर से नहीं हुआ है गैंगरेप… कोर्ट में CBI का बड़ा दावा

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय को सूचित किया कि कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की महिला जूनियर डॉक्टर के साथ सामूहिक बलात्कार नहीं हुआ था. न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की एकल पीठ पिछले साल अगस्त में एक महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही है.

इससे पहले, 24 मार्च को अपनी पीठ में नई सुनवाई के पहले दिन, न्यायमूर्ति घोष ने सीबीआई को यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया था कि यह बताए कि यह घटना बलात्कार का मामला था या सामूहिक बलात्कार का.

शुक्रवार को सीबीआई ने उसी पीठ को दिए अपने स्पष्टीकरण में मामले में सामूहिक बलात्कार की संभावना को खारिज कर दिया.

इसके बाद, सीबीआई ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले में जांच का वर्तमान चरण साक्ष्यों से छेड़छाड़ और फेरबदल के कोण से संबंधित था, जबकि मामले में प्रारंभिक जांच कोलकाता पुलिस द्वारा की जा रही थी.

सीबीआई ने कोर्ट में सौंपी तीन पन्नों की रिपोर्ट

शुक्रवार दोपहर को, सीबीआई ने मामले में जांच की प्रगति पर कोलकाता की एक विशेष अदालत को तीन पन्नों की स्थिति रिपोर्ट भी सौंपी. स्थिति रिपोर्ट उसी विशेष अदालत में प्रस्तुत की गई, जिसने हाल ही में मामले में एकमात्र दोषी संजय रॉय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.

शुक्रवार को, सीबीआई ने मामले में केस डायरी भी न्यायमूर्ति घोष की पीठ को सौंपी, जैसा कि 24 मार्च को सुनवाई के पहले दिन न्यायमूर्ति घोष ने निर्देश दिया था.

केंद्रीय एजेंसी ने यह स्पष्टीकरण प्रस्तुत करते हुए कि यह त्रासदी “सामूहिक बलात्कार” का मामला नहीं था, यह भी कहा कि मामले में उनके निष्कर्षों के बाद इन पंक्तियों पर उनके दावों की पुष्टि 14 विशेषज्ञों की एक फोरेंसिक टीम द्वारा रिपोर्ट में की गई थी, जिसने मामले में जांच अधिकारियों द्वारा एकत्र किए गए विभिन्न दस्तावेजों की जांच की थी.

सीबीआई के वकील ने सोमवार को न्यायमूर्ति घोष की पीठ को यह भी बताया कि जांच का मौजूदा चरण साक्ष्यों से छेड़छाड़ और उन्हें बदलने के संबंध में अपराध के बाद के आचरण से संबंधित है, जो अपराध के पीछे बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है.

आरोपी संजय रॉय को मिली है आजीवन कारावास की सजा

मामले में न्यायमूर्ति घोष की पीठ में अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की गई है. पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि मामले की प्रारंभिक जांच की केस डायरी अगली सुनवाई की तारीख पर अदालत में पेश की जाए. याद रहे कि पिछले साल 9 अगस्त की सुबह पीड़िता का शव अस्पताल परिसर के सेमिनार हॉल से बरामद किया गया था.

कोलकाता पुलिस की एक विशेष जांच टीम ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की और संजय रॉय को भी गिरफ्तार किया. हालांकि, जल्द ही कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद जांच का प्रभार सीबीआई को सौंप दिया गया और तदनुसार, रॉय को शहर की पुलिस की हिरासत से सीबीआई को सौंप दिया गया.

हाल ही में कोलकाता की एक विशेष अदालत ने रॉय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. हालांकि, सीबीआई ने पहले ही कलकत्ता उच्च न्यायालय में विशेष अदालत के आदेश को चुनौती दी है और उसके लिए मृत्युदंड की मांग की है.

उत्तराखंड: ’15 दिनों में जवाब दो, नहीं तो…’ 114 होटलों को क्यों भेजा गया नोटिस? जानें पूरा मामला

उत्तराखंड में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बड़े एक्शन की तैयारी कर रहा है. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कुमाऊं के पांच जिलों के 114 होटलों को नोटिस भेजा है. ये नोटिस मानकों को पूरा ना करने और लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने के मामले में भेजा है. बोर्ड की तरफ से कहा गया कि इनमें से कुछ होटल ऐसे हैं जो पिछले एक-दो सालों में खुले हैं और अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है. वहीं ये भी कहा गया कि जो होटल पहले से खुले हैं उनकी एनओसी पूरी हो चुकी है लेकिन उन्होंने रिन्युअल नहीं कराया है.

उत्तराखंड में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कुमाऊं जिलों के 114 होटलों को नोटिस भेजकर 15 दिनों में जवाब मांगा है. दरअसल, इन घोटलों में लापरवाही और मानकों को पूरा नहीं किया जा रहा है. जिसके बाद बोर्ड इनके खिलाफ एक्शन की तैयारी में है. बोर्ड ने कहा कि इनमें से अधिकांश होटल ऐसे हैं जिनकी एनओसी पूरी हो चुकी है लेकिन रिन्युअल नहीं कराया है.

इन जिलों के होटलों को मिला नोटिस

बोर्ड द्वारा नोटिस भेजकर मांगे गए जवाब में नैनीताल के 68, अल्मोड़ा के 32, पिथौरागढ़ के 12 और चंपावत बागेश्वर के दो होटल शामिल हैं. वहीं जवाब नहीं देने पर होटलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना वसूला जाएगा. वहीं बोर्ड के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि कुमाऊं में ऐसे 800 से अधिक होटल हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे होटलों को चिंहित किया जा रहा है.

15 दिन में देना होगा जवाब

वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अनुराग नेगी ने कहा कि जिन होटलों को नोटिस भेजा गया है. नोटिसा का 15 दिन में जवाब देना है. इन होटलों में अनियमितताएं पाई गई थीं. जिसके बाद ये कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने ये भी कहा कि अगर नोटिस का जवाब समय रहते नहीं भेजा जाता है तो होटल के खिलाफ जुर्माने के कार्रवाई की जाएगी. लोगों के स्वास्थ्य को लेकर बोर्ड चिंतित है. लापरवाही और मानकों को पूरा नहीं करने वाले होटलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

साल का पहला सूर्य ग्रहण कल, इस दौरान भूलकर भी न करें ये काम, वरना होगा भारी नुकसान

पंचांग के अनुसार, इस बार शनि अमावस्या के दिन कर्म शनिदेव मीन राशि में गोचर कर रहें हैं साथ ही साल का पहला सूर्य ग्रहण भी इसी दिन लगने जा रहा है. ज्योतिष शास्त्र के दृष्टी से यह दिन बहुत ही खास हैं. यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण है जोकि भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन इसके प्रभाव से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी बहुत ही जरूरी होती है. शास्त्रों मे ग्रहण के दौरान कुछ कार्यों की सख्त मनाही होती है. कहते हैं ग्रहण के दौरान की गई गलतियों के कारण व्यक्ति को तमाम कष्टों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में ये जान लेना बहुत जरूरी है कि ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या नहीं.

ग्रहण में क्या न करें?

ग्रहण के दौरान भूलकर भी मंदिर या भगवान की मूर्तियों को स्पर्श ना करें, इसलिए ही ग्रहण को दौरान सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं.

ग्रहण में भोजन पकाने तथा खाने से बचें. कहते हैं इससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है.

सूर्य ग्रहण शनि अमावस्या को है, इस दिन बाल, नाखून काटना अच्छा नहीं माना जाता है. ऐसा करने से परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

ग्रहण के दौरान मांस और शराब के सात किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन का सेवन करने से बचना चाहिए.

ग्रहण के दौरान महिलाएं ग्रहण के दौरान श्रृंगार न करें

हण के समय नुकीली व धारदार चीजों जैसे कैंची, चाकू और सुई आदि का प्रयोग भूल से भी न करें.

ग्रहण में गर्भवती महिलाएं घर में ही रहें, साथ ही किसी किसी नकारात्मक जगहों पर जाने से बचें.

ग्रहण के दौरान क्या करें?

ग्रहण के दौरान क्या करें?

सूतक काल शुरू होने से पहले घर में रखी सभी खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते या कुशा डाल दें, तकि वह दुषित न हो.

ग्रहण को दौरान धर्मिक ग्रंथों का पाठ मंत्र पजा करें. मान्यता है कि ऐसा करने स ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव कम होता है.

ग्रहण के बाद मंदिर की साफ-सफाई और पूजा करने से बाद दान अवश्य करें.

ग्रहण समाप्त होने का बाद स्नान अवश्य करना चाहिए.

डिस्क्लेमर इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. हम इसकी पुष्टि नहीं करता है.*

महाराष्ट्र: ड्रम नहीं,इलेक्ट्रिक पंप बॉक्स में मिली लाश, सनकी पति ने गला घोंटा,और काटे हाथ पैर,ऐसे खुली पोल

कहते हैं कि नशा आदमी को बर्बाद कर देता है. ऐसे कई मामले आपने सुने होंगे, लेकिन महाराष्ट्र के सांगली में पति ने नशे में पत्नी का गला घोंटकर उसे हमेशा हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया. बर्बरता की हद तो देखिये, हत्या के बाद पति ने पत्नी के शव को इलेक्ट्रिक पंप बॉक्स में ठूंस दिया.

मामला शिराला तालुका के मंगले इलाके की है. मृतक महिला का नाम प्राजक्ता मंगेश कांबले (उम्र 28) था. वहीं, उसके कातिल पति का नाम मंगेश चंद्रकांत कांबले है. हत्या के बाद मंगेश कांबले को गिरफ्तार कर लिया गया है.

जानकारी के मुताबिक, मंगेश का भाई नीलेश और उसकी मां पिछले पंद्रह वर्षों से मंगले में रह रहे हैं. वो यहां वारनानगर रोड पर ज्योतिबा मंदिर के सामने रामचंद्र वाघ के कौलारू घर में किराए पर रहते हैं. चार दिन पहले मंगेश, उसकी पत्नी प्राजक्ता, छह वर्षीय बेटा शिवम और तीन वर्षीय बेटी शिवन्या मुंबई से अपनी मां और भाई के पास रहने आए थे.चार दिन बाद नीलेश और प्राजक्ता के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई. बहस इस कदर बढ़ी कि मंगेश ने रस्सी से प्राजक्ता का गला घोंटकर उसे मार डाला.

इलेक्ट्रिक पंप के बॉक्स में मिला कटा शव

प्राजक्ता की हत्या करने के बाद मंगेश कांबले ने उसके शरीर को काटा. फिर कटे हाथ पैर सहित शव को नीलेश के मकान मालिक के घर पर रखे इलेक्ट्रिक पंप बॉक्स में डाला. ऊपर से फिर पंप को ढक दिया. इसके बाद मंगेश ने कमरे को भी बाहर से बंद कर दिया. फिर उसने अपने भाई नीलेश को फोन करके बताया कि वह शिराला जा रहा है. नीलेश की मानें तो- उसने मुझसे कार लाने को कहा था. इसके बाद वो कार से शिराला के लिए निकल गया.

बेटे ने उगला चाचा के सामने पापा का राज

इस बीच, मंगेश का छह वर्षीय बेटा शिवम दरवाजे पर रो रहा था. तभी नीलेश ने उससे सवाल किया कि क्या हो गया. छह वर्षीय शिवम ने उसे बताया कि उसके माता-पिता के बीच झगड़ा हुआ था. उसके पापा ने उसकी मां को पीटा था. उसे अपने कमरे में बंद कर दिया था. बस यहीं से पूरे मामले का खुलासा हुआ. मामला पुलिस तक पहुंचा. पुलिस ने फिर मंगेश को गिरफ्तार कर लिया. मामले में आगामी कार्रवाई जारी है.

दिल्ली से पटना जाने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी, अप्रैल से चल सकती है वंदे भारत, क्या मिलेगी सुविधा?

बिहार की राजधानी पटना और दिल्ली के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है. अप्रैल से इस रूट पर वंदे भारत ट्रेन चलेगी. इससे यात्रियों का सफर तेज़, आरामदायक और सुविधाजनक हो जाएगा. लग्जरी सुविधाएं पसंद करने वाले यात्रियों को अब राजधानी या तेजस जैसी ट्रेनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.

पूर्व मध्य रेलवे ने वंदे भारत ट्रेन की रैक के लिए नॉर्दर्न रेलवे और रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजा है. उम्मीद की जा रही है कि अगले सप्ताह तक इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी. वंदे भारत ट्रेन में एसी चेयर कार और एक्जीक्यूटिव चेयर कार कोच की सुविधा होती है. यात्रियों को टिकट के साथ ही ट्रेन के अंदर ही भोजन और नाश्ते की सुविधा भी मिल जाती है.

ट्रेन में ही मिलेगी खास सुविधा

यात्रियों को ट्रेन में ही पानी, चाय और चिप्स मिलता है. इसके लिए यात्रियों को सीट के अलावा खाने के लिए भी पैसे देने पड़ते हैं. हालांकि, जिन यात्रियों को ये खाने की सुविधा नहीं चाहिए, वो इसे नहीं ले सकते हैं. अभी इस वंदे भारत ट्रेन के टाइमिंग और स्टेशनों के ठहराव को लेकर कोई रेलवे की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. लेकिन माना जा रहा है कि ये ट्रेन दिल्ली से चलकर कानपुर होते हुए पंडित दिनदयाल, बक्सर, आरा होते हुए पटना जाएगी. इस ट्रेन का किराया कितना होगा, इसकी अभी जानकारी सामने नहीं आई है.

यात्रियों को मिलेंगी अधिक सेवाएं

वंदे भारत ट्रेन में आरामदायक सीटें, आधुनिक इंटीरियर, बेहतर साफ-सफाई, और ऑन-बोर्ड इंफोटेनमेंट जैसी सुविधाएं होंगी. साथ ही, यात्रियों को तेज़ गति से सफर पूरा करने का लाभ मिलेगा. इससे दिल्ली और पटना के बीच यात्रा का समय भी कम हो जाएगा. रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और कुशल रेलवे सेवा प्रदान करना है. इन सबसे उनकी यात्रा न केवल तेज़ बल्कि अधिक आरामदायक और अचछी हो जाएगी.