राष्ट्रगान विवाद को लेकर विपक्ष सीएम पर हमलावर, राबड़ी और तेजस्वी का सामने आया यह बड़ा बयान

डेस्क : राष्ट्रगान विवाद को लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है। इस मामले को लेकर विपक्ष सीएम नीतीश कुमार पर हमलावर है। आज विधानमंडल के दोनों ही सदनों ने विपक्ष ने इस मामले को लेकर सीएम नीतीश कुमार से इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार हंगामा किया। विपक्ष का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने राष्ट्रगान का अपमान किया है। इसके लिए मुख्यमंत्री सदन में माफी मांगे या फिर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दें। सत्र की आज की कार्यवाही शुरु होने के पहले जहां विपक्ष ने सदन के बाहर भारी बवाल किया। वहीं बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने सदन में जोरदार हंगामा किया है। राष्ट्रगान के अपमान को लेकर विपक्षी सदस्य सीएम नीतीश कुमार से इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा करते हुए वेल तक पहुंच गए। विपक्ष के हंगामे को देखते हुए स्पीकर ने सदन का कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी है।

इस बीच विधान परिषद में नेता विरोधी दल राबड़ी देवी और विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश पर हमला बोलेत हुए बड़ी मांग कर दी है। राबड़ी देवी ने कहा है कि मुख्यमंत्री ने बिहार को शर्मसार करने का काम किया है। यह राष्ट्रगान का अपमान तो है ही पूरे राष्ट्र का अपमान हुआ है। अगर नीतीश कुमार का दिमाग ठीक नहीं है तो इस्तीफा देकर अपने बेटा निशांत या किसी और को मुख्यमंत्री बना दें। नीतीश कुमार का दिमाग काम नहीं कर रहा है, ऐसी हालत में नीतीश कुमार अपने बेटा का आगे लेकर आएं।

वहीं तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथों में बिहार और बिहार के लोग पूरी तरह से असुरक्षित हैं। बिहार के 14 करोड़ लोगों का भविष्य खतरे में आ गया है। लोग सवाल करते हैं कि सीएम की ऐसी स्थिति है तो बिहार कैसे चल रहा है। आखिर बिहार को कौन चला रहा है, इसके ऊपर बहस होनी चाहिए। मुख्यमंत्री एक सदन के नहीं बल्कि पूरे बिहार के नेता है, उनसे लोग क्या सीखेंगे।

बिहार बजट सत्र : विधान सभा में सीएम के इस्तीफे की मांग करते हुए विपक्ष ने किया भारी हंगामा, सदन की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित

डेस्क : बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के आज 15वें दिन कार्यवाही विपक्ष के हंगाम के साथ शुरू हुई है। सत्र की आज की कार्यवाही शुरु होने के पहले जहां विपक्ष ने सदन के बाहर भारी बवाल किया। वहीं बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने सदन में जोरदार हंगामा किया है। राष्ट्रगान के अपमान को लेकर विपक्षी सदस्य सीएम नीतीश कुमार से इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा करते हुए वेल तक पहुंच गए। विपक्ष के हंगामे को देखते हुए स्पीकर ने सदन का कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी है।

दरअसल एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान के बीच सीएम नीतीश कुमार उनके ठीक बगल में खड़े दीपक कुमार से बातचीत करते नजर आए थे। विपक्षी दलों का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने राष्ट्रगान का अपमान किया है। आज विधानसभा के बाहर और भीतर दोनों ही सदनों में विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाकर मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया और मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सदन में कहा कि हम व्यक्तिगत तौर पर मुख्यमंत्री का पूरा सम्मान करते हैं लेकिन जब कोई राष्ट्रगान का अपमान करगा तो इसे हिन्दुस्तान किसी कीमत पर नहीं सहेगा। इसके बाद स्पीकर ने कहा कि शून्यकाल में इस मुद्दे पर बात कीजिएगा। जिसके बाद तेजस्वी ने बात रखने के लिए समय की मांग की लेकिन स्पीकर ने समय देने से इनकार कर दिया। इसके बाद विपक्षी दल के सदस्य सदन के भीतर हंगामा करने लगे। लगातार हंगामे की बीच प्रश्नकाल जारी रहा।

इसी बीच सरकार की तरफ से मंत्री विजय कुमार चौधरी ने इसके ऊपर जवाब दिया। मंत्री ने कहा कि अगर कार्यस्थगन की सूचना है तो कार्य स्थगन की सूचना पढ़ने का समय भी निर्धारित है। राष्ट्रगान या राष्ट्रीय परंपराओं के लिए मुख्यमंत्री की कितना सम्मान है यह बिहार की जनता अच्छी तरह से जानती है। इसे जबरदस्ती किसी को समझाने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री हमेशा राष्ट्र के सम्मान के लिए प्रतीक के रूप में जाने जाते हैं। इनको किसी दूसरे से समझने की जरुरत नहीं है।

इसके बाद विपक्ष के विधायक वेल में पहुंच गए और रिपोर्टिंग टेबल को पटकने लगे। मार्शल पोस्टर लहरा रहे विधायकों से पोस्टर छीन रहे थे। मार्शल टेबल पकड़कर खड़े रहे। स्पीकर ने विधायकों को डांटा औऱ कहा कि गलत काम नहीं कीजिए। सदन में विपक्ष के विधायकों ने भारी हंगामा किया। विपक्ष के हंगामा के वजह से स्पीकर ने पहली बार बजट सत्र में सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

बिहार बजट सत्र : विधान सभा के बाहर विपक्ष का भारी हंगामा, इस मामले को लेकर सीएम इस्तीफा दें के लगाए नारे

बिहार बजट सत्र : बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के आज 15वें दिन कार्यवाही विपक्ष के हंगाम के साथ शुरू हुई है। सत्र की आज की कार्यवाही शुरु होने के पहले सदन के बाहर विपक्ष ने भारी बवाल किया। विपक्ष के हंगामे के बीच सीएम नीतीश और तेजस्वी यादव सदन मे पहुंचे। तेजस्वी यादव के विधायक हाथ में तिरंगा लेकर विधानसभा पहुंच गए और कहा का राष्ट्रगान का अपना किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विपक्ष के द्वारा सीएम नीतीश पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाया गया और सदन के बाहर प्रदर्शन किया गया।

दरअसल बीते गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान के बीच सीएम नीतीश कुमार उनके ठीक बगल में खड़े दीपक कुमार से बातचीत करते नजर आए थे। इसका वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने राष्ट्रगान का अपमान किया है। जिसे मुद्दा बनाकर विपक्ष ने मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

वैशाली के महुआ से आऱजेडी विधायक मुकेश रोशन हाथ में तिरंगा लेकर विधानसभा पहुंच गए और सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। विधायक के हाथ में पोस्टर भी था जिसपर लिखा था कि राष्ट्रगान का अपमान नहीं सहेगा हिन्दुस्तान।

राजद विधायक ने सीएम नीतीश से इस्पीफे की मांग करते हुए कहा कि सीएम नीतीश को मांफी मांगनी चाहिए। राजद विधायक ने कहा कि राष्ट्रगान का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान, नीतीश कुमार मांफी मांगे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार पर कार्रवाई होना चाहिए। नीतीश कुमार की दिमागी हालत ठीक नहीं है, उनको हटा के बिहार में राष्ट्रपति शासन लागू होना चाहिए। सीएम नीतीश का व्यवहार देख के लगता है कि उनकी मानसिक स्थिति खराब हो गई है।

नौकरी की तलाश में जुटे बिहार के युवक-युवतियों के लिए खुशखबरी, इस विभाग में जल्द होगी बंपर बहाली

डेस्क : नौकरी की तलाश में जुटे बिहार के युवक-युवतियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। जल्द ही उन्हें सरकारी नौकरी मौका मिलने जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग में 38733 पदों पर नियमित नियुक्ति होगी। इसके अलावा सात नये मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे और ग्रामीण स्तर पर 1500 नये अस्पतालों के भवन बनेंगे। यही नहीं, इस साल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 21009 ग्रामीण आशा, 1050 आशा फैसिलेटर, 5316 शहरी आशा की भी नियुक्ति होगी। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने गुरुवार को विधानसभा में यह घोषणा की।

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने विधानसभा में विभाग का ₹20,036 करोड़ का बजट पेश करते हुए बताया कि कुल 66,108 पदों पर बहाली की जाएगी। इनमें 38,733 नियमित नियुक्ति और 27,375 मानदेय पर भर्ती शामिल है। सदन ने विपक्ष की अनुपस्थिति में बजट को ध्वनिमत से पारित कर दिया।

BPSC के द्वारा मेडिकल कॉलेजों में 1827 असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति की जाएगी। बिहार तकनीकी सेवा आयोग की ओर 3623 स्पेशलिस्ट डॉक्टर और 667 मेडिकल अफसर की बहाली होगी। 808 डेंटिस्ट और पटना स्थित IGIC में 18 असिस्टेंट डायरेक्टर की नियुक्ति होगी। 11,925 पारा मेडिकल कर्मी और 19,110 ANM-GNM ट्यूटर के पद भी भरे जाएंगे। आशा कार्यकर्ता की बात करें तो 26,325 आशा और 1050 आशा फैसिलिटेटर की मानदेय पर बहाली होगी।

मंत्री ने कहा कि सरकार सात जिलों अररिया, औरंगाबाद, बांका, जहानाबाद, कैमूर, खगड़िया और नवादा में नये मेडिकल कॉलेज की स्थापना करेगी। इसके बाद सूबे में 34 मेडिकल कॉलेज हो जाएंगे। पांच जिलों पूर्णिया, बेतिया, मधेपुरा, समस्तीपुर व सारण में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। दस जिलों सीतामढ़ी, झंझारपुर (मधुबनी), सीवान, बक्सर, जमुई, बेगूसराय, महुआ (वैशाली), मुंगेर, भोजपुर (आरा) और सुपौल में निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अलावा मोतिहारी, गोपालगंज और सहरसा में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होगा।साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के क्रम में की गयी घोषणाओं के तहत सात जिलों में नये मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी है। यहां अगले वित्तीय वर्ष में कार्य शुरू होगा। आगामी वर्षों में 22 नये मेडिकल कॉलेज बनने के बाद एमबीबीएस की सीटें 5220 और बेड की संख्या 28884 हो जाएगी।

बड़ी खबर : पटना के इस प्रतिष्ठित मिष्ठान भंडार का मालिक गिरफ्तार, जानिए क्या है मामला

डेस्क : राजधानी पटना से एक बड़ी खबर सामने आई है। जहां बीते गुरुवार को इनकम टैक्स (IT) विभाग की छापेमारी के दौरान फेमस हरि लाल मिष्ठान भंडार के मालिक संदीप कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। दरअसल, देर रात हरिलाल स्वीट्स के मालिक के बुद्धा कॉलोनी स्थित आवास पर आईटी का रेड पड़ा। आईटी की टीम गई तो थी बड़े कारोबारी के घर नोट खोजने लिए आवास ने आयकर विभाग को महंगी विदेशी शराब की बोतलें मिल गई। बिहार में 2016 से ही शराबबंदी कानून लागू है। ऐसे में शराबबंदी वाले राज्य में मिठाई कारोबारी के घर शराब मिलने से हड़कंप मच गया। आईटी टीम ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी और पुलिस ने हरिलाल स्वीट्स के मालिक को गिरफ्तार कर लिया।

बता दें हरि लाल मिष्ठान भंडार का पटना में बड़ा नाम है और इसकी कई शाखाएं शहरभर में हैं। इनकम टैक्स विभाग पहले से ही टैक्स चोरी के मामले में इस प्रतिष्ठान की जांच कर रहा था। दो महीने पहले जनवरी में भी IT टीम ने पटना के 14 ठिकानों और सीवान में छापेमारी की थी। विभाग अब आय और कर विवरण की गहन जांच कर रहा है, ताकि टैक्स चोरी के सबूत जुटाए जा सकें। इस छापेमारी और गिरफ्तारी के बाद पटना के व्यापार जगत में हड़कंप मच गया है। IT विभाग और पुलिस की संयुक्त जांच जारी है। अधिकारियों का मानना है कि यह कार्रवाई आगे और बड़े खुलासे कर सकती है।

मिली जानकारी अनुसार गुरुवार को इनकम टैक्स विभाग की टीम ने पटना में हरि लाल मिष्ठान भंडार के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान बुद्धा कॉलोनी स्थित हरि निवास की तलाशी ली गई, जहां अलमारी में छिपाकर रखी गई महंगी विदेशी शराब की बोतलें बरामद हुईं। विभाग ने तुरंत स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची बुद्धा कॉलोनी थाना पुलिस ने शराब को जब्त कर लिया और संदीप को हिरासत में ले लिया।

पटना में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में कुख्यात सोनू को लगी गोली, दही गोप हत्याकांड समेत कई मामलों का है आरोपी

डेस्क : राजधानी पटना से एक बड़ी खबर सामने आई है। जहां में पुलिस और एसटीएफ (STF) की संयुक्त टीम ने मनेर थाना क्षेत्र में छापेमारी के दौरान अपराधियों के साथ हुई मुठभेड़ में जिले के टॉप-10 अपराधियों में शामिल सोनू कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।

बताया जा रहा है कि अपराधियों ने पुलिस को देखकर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। इस दौरान सोनू कुमार के पैर में गोली लगी। घायल हालत में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। जानकारी अनुसार सोनू दही गोप हत्याकांड का वांछित अभियुक्त है। सोनू मनेर के हुलासी गांव का रहने वाला है और इस पर दानापुर और मनेर के कांडों का आरोपी भी है।

घटना के संबंध में पटना के पश्चिमी पुलिस अधीक्षक सरथ आर.एस. ने बताया कि पुलिस को सोनू कुमार के मनेर इलाके में छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली सोनू के पैर में लगी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया। सोनू की ओर से 4 राउंड फायरिंग की गई।

मौसम का मिजाज : बिहार में वज्रपात से दो लोगो की मौत, इन जिलों में आज तेज आंधी-बारिश के साथ वज्रपात का ऑरेज अलर्ट

डेस्क : बिहार के मौसम के मिजाज में बदलाव जारी है। पिछले तीन-चार दिनों से पटना समेत कई जिलों में बादल छाए हुए है और हल्की बारिश के साथ वज्रपात भी हुई है। वहीं वज्रपात से दो लोगों की जान चली गई है। वहीं पिछले साल मॉनसून के बाद पहली बार तेज आंधी, बारिश और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग ने 23 मार्च तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। शुक्रवार को भभुआ, रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा, जमुई और बांका में गरज-चमक और ओलावृष्टि के साथ बारिश होने का अनुमान है। वहीं, दक्षिण बिहार, उत्तर-मध्य और उत्तर-पूर्वी जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार रात से ही प्रदेश के कई इलाकों में बारिश हुई। बीते 24 घंटों में दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य भागों में हल्की बारिश दर्ज की गई। गया के शेरघाटी में सबसे अधिक 6 मिमी बारिश हुई, जबकि गया में 1.4 मिमी, डेहरी में 0.2 मिमी, बक्सर में 0.5 मिमी, औरंगाबाद में 1.5 मिमी और अरवल में 2 मिमी बारिश हुई। पटना और भागलपुर में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई।

बीते गुरुवार को बिहार में वज्रपात से दो लोगों की जान चली गई। गया जिले में ठनका गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि बक्सर के इटाढ़ी थाना क्षेत्र के मंगोलपुर गांव में खेत में काम कर रहे 18 वर्षीय दीपक चौहान की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

प्रदेश में अगले तीन-चार दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में खास बदलाव नहीं होने का अनुमान है। हालांकि, बादल छाए रहने के कारण रात के तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है। गुरुवार को पटना में अधिकतम तापमान में 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। प्रदेश का सबसे ठंडा शहर 14.6 डिग्री के साथ सीतामढ़ी का पुपरी रहा, जबकि मधुबनी 36.2 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा।

बिहार प्रशासनिक सेवा के इन 43 अफसरों को बैठक से अनुस्थित रहना पड़ा महंगा, कारण बताओ नोटिस जारी

डेस्क : बिहार प्रशासनिक सेवा के 43 अधिकारियों को सामान्य प्रशासन विभाग ने शो-कॉज नोटिस जारी किया है। विभाग की ओर से इनपर कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। विभाग के इस एक्शन के बाद बिहार के प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है।

दरअसल, सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव विनोद कुमार सिंह ने बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों के लिए निर्मित सर्विस हिस्ट्री पोर्टल के अपडेशन कार्य के लिए बुलाई गई बैठक से अनुपस्थित रहने पर बिहार प्रशासनिक सेवा के 43 अधिकारियों को शोकॉज नोटिस जारी किया है और उनसे स्पष्टीकरण पूछा है। संतोष जनक जवाब नहीं देने पर इन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी हो सकती है।

विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों हेतु निर्मित ऑनलाईन सेवा इतिहास पोर्टल पर बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों की उनकी सेवा से संबंधित सभी सूचना/अभिलेख का संधारण किये जाने हेतु प्रसंगवर्णित सूचना के द्वारा कार्यक्रम निर्धारित करते हुए पदाधिकारियों को निर्धारित तिथि को सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना में उपस्थित होकर सेवा इतिहास पोर्टल पर स्वयं से संबंधित डाटा को अपलोड करने हेतु निर्देशित किया गया था।

निर्धारित कार्यक्रम से अनुपस्थित रहने के कारण पोर्टल को अपडेट करने के निमित्त पुनः कार्यक्रम निर्धारित करते हुए आपको सामान्य प्रशासन विभाग में उपस्थित होने का निदेश दिया गया, परंतु आप लगातार अनुपस्थित रहे। बार-बार सूचना दिये जाने के बावजूद भी आपके द्वारा सेवा इतिहास पोर्टल को अब तक अपडेट नहीं कराया जाना आपकी अनुशासनहीनता का द्योतक एवं वरीय पदाधिकारी के आदेश की अवहेलना है।

निर्देश दिया जाता है कि उक्त के संबंध में आप अपना स्पष्टीकरण एक सप्ताह के अंदर विभाग को समर्पित करना सुनिश्चित करें कि बारंबार सेवा इतिहास पोर्टल को अपडेट किये जाने के निमित्त निर्धारित कार्यक्रम में आपको बुलाये जाने के बावजूद आपके द्वारा उक्त कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाने में शिथिलता बरतने के कारण क्यों नहीं आपके विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई प्रारंभ करने की अनुशंसा की जाय। विभाग के इस आदेश से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

16वें वित्त आयोग की बैठक में शामिल हुए सीएम नीतीश कुमार, पेश किए बिहार की मांगों से जुड़ा मेमोरेण्डम

डेस्क : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को 16वें वित्त आयोग की बैठक में शामिल हुये। उन्होंने कहा कि बहुत खुशी की बात है कि बिहार राज्य में 3 दिवसीय भ्रमण पर 16वें वित्त आयोग का आगमन हुआ है। इस अवसर पर वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ० अरविन्द पनगढ़िया सहित सभी सदस्यगण का मैं बिहार की धरती पर हार्दिक स्वागत करता हूँ। आप समी काफी अनुभवी एवं योग्य है और बिहार को आपसे काफी उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि यह गौरव की बात है कि आयोग के अध्यक्ष डॉ० अरविन्द पनगढ़िया नालंदा विश्वविद्यालय, राजगीर के कुलाधिपति भी हैं। इसीलिए वे बिहार की सामाजिक एवं आर्थिक पृष्ठभूमि से परिचित हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह खुशी की बात है कि वर्ष 2024 में वर्तमान केन्द्र सरकार के लगातार तीसरी बार गठन के बाद प्रस्तुत बजट में बिहार के लिए विशेष आर्थिक सहायता के रूप में सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन, बाढ़ नियंत्रण के लिए बड़ी राशि देने की घोषणा की गयी थी। उन्होंने कहा कि पुनः इस वर्ष 2025 में केन्द्र सरकार के द्वारा प्रस्तुत बजट में बिहार के लिए मखाना बोर्ड की स्थापना, बिहार में नये हवाई अड्‌डों का विकास, पश्चिमी कोसी नहर परियोजना के लिए वित्तीय सहायता तथा पटना आई०आई०टी० के विस्तार की घोषणा की गयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी बातों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा अपनी जरूरतों के संबंध में एक मेमोरेण्डम भी तैयार किया गया है जिसका प्रस्तुतीकरण आज आयोग के समक्ष किया जायेगा। मुझे विश्वास है कि आयोग के द्वारा इन सभी बिंदुओं पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जायेगा। राज्य सरकार के मंत्रीगण और वरीय अधिकारीगण यहां उपस्थित हैं। सभी आप लोगों का स्वागत कर रहे हैं और आपकी बातों को गंभीरतापूर्वक सुन रहे हैं। आज की बैठक के लिए पुनः आयोग के अध्यक्ष तथा सभी सदस्यगण को हृदय से धन्यवाद देता हूँ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 नवम्बर, 2005 से जब हमलोग सरकार में आये तब से राज्य में कानून का राज है। हमलोग राज्य के विकास के लिये लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2005 के पहले लोग शाम के बाद घरों से बाहर नहीं निकलते थे। समाज में काफी विवाद होता था। हिन्दु मुस्लिम झगड़ा होता था। स्कूलों में बहुत कम बच्चे पढ़ते थे। अस्पतालों में ईलाज का पूरा इंतजाम नहीं था। पूरे राज्य में सड़कों की काफी कमी थी तथा जो थी उनका बुरा हाल था। राजधानी पटना तथा अन्य जगहों पर बिजली की स्थिति बहुत खराब थी। शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार को लेकर विशेष ध्यान दिया गया। इसके लिए बड़ी संख्या में नये स्कूल खोले गये। वर्ष 2006-07 में लड़के लड़कियों के लिए पोशाक योजना शुरू की गयी। वर्ष 2008 में नौंवी क्लास की लड़कियों के लिए साईकिल योजना चलाई गयी। फिर वर्ष 2010 से लडकों के लिए भी साईकिल योजना शुरू की गयी। बडी संख्या में सरकारी शिक्षकों की बहाली की गयी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में भी काफी सुधार किया गया। पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ईलाज के लिए प्रति माह 39 मरीज की आते थे यानि प्रतिदिन 1 या 2 मरीज ही आते थे। वर्ष 2006 से अस्पतालों में मुफ्त दवा एवं ईलाज की पूरी व्यवस्था की गयी है। अब प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में हर महीने 11 हजार से अधिक मरीज आते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में सड़कों, पुल-पुलियों तथा एलिवेटेड रोड का निर्माण कराया गया है। साथ ही हर घर बिजली सुनिश्चित की गयी है। स्थानीय निकायों के सशक्तीकरण हेतु कई कार्य किये गये हैं। वर्ष 2006 मंर पंचायती राज संस्थाओं एवं वर्ष 2007 में नगर निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आख्क्षण से शुरूआत की गयी। पंचायतों में पंचायत सरकार भवन बनाने का काम किया गया है। पहले बिहार में स्वयं सहायता समूह की संख्या बहुत कम थी। वर्ष 2006 में विश्व बैंक से कर्ज लेकर राज्य में स्वयं सहायता समूह का गठन किया जिसे 'जीविका' नाम दिया। अब स्वयं सहायता समूह की संख्या 10 लाख 61 हजार हो गयी है जिसमें 'जीविका दीदियों की संख्या 1 करोड़ 31 लाख हो गयी है। शहरी क्षेत्रों में भी स्वयं सहायता समूह का गठन हो रहा है जिनकी संख्या 34 हजार हो गयी है जिसमें लगभग 3 लाया 60 हजार जीविका दीदियां हैं।

सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2005 में राज्य का बजट मात्र 30 हजार करोड़ रूपये था। उसके बाद हर वर्ष सरकार के द्वारा काफी काम किया गया है जिससे बजट का आकार लगातार बढ़ा है। इस वर्ष राज्य का बजट बढ़कर 3 लाख 17 हजार करोड़ रूपये हो गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 से ही हमारी सरकार बिहार के विकास के लिए निरन्तर काम कर रही है। बिहार के विकास में वर्तमान केन्द्र सरकार का भी पूरा सहयोग प्राप्त हो रहा है।

*बिहार बजट सत्र : विधान परिषद में एकबार फिर सीएम नीतीश और राबड़ी देवी के बीच हुई भिड़ंत, इस मामले को लेकर दोनो के बीच हुई तीखी नोक-झोंक

डेस्क : बिहार विधानमंडल के बजट सत्र आज तेरहवें दिन की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे के साथ शुरु हुई। आज सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले आरजेडी और लेफ्ट के विधायकों ने विधानसभा के बाहर जोरदार हंगामा। विपक्षी सदस्यों ने स्वास्थ्य विभाग के मामले को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यह हंगामा विधान सभा और विधान परिषद में भी जारी रहा।

सत्र के कार्यवाही के दौरान आज गुरुवार को एकबार फिर विधान परिषद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विपक्ष की नेता राबड़ी देवी में जोरदार भिड़त हुई। राज्य में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष द्वारा सवाल खड़े किए जाने के बाद सदन में दोनों के बीच काफी तीखी बहस हुई। विपक्ष के एमएलसी ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सदन में नारेबाजी करते हुए वेळ में आकर अपना प्रदर्शन किया। यहां तक कि राबड़ी देवी भी इस दौरान नारेबाजी करते नजर आई।

वहीं विपक्ष के नारेबाजी और हंगामे के बीच सीएम नीतीश ने कहा कि आपलोगों से आग्रह है कि अपनी जगह बैठ जाइए। कहीं भी कुछ होता है तो कार्रवाई होती है। हालाँकि इसके बाद भी विपक्ष के एमएलसी का हंगामा जारी रहा। जिसके बाद अचानक नीतीश कुमार ने राबड़ी देवी को निशाने पर लेते हुए कहा कि 'आपका क्या है। पति का सस्पेंशन हुआ तो आपको मुख्यमंत्री बना दिया। घर का मामला था तो आपको बना दिया।' बाद में विपक्ष के सदस्यों ने कुछ समय के वॉक आउट भी किया।

कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष के नारेबाजी और प्रदर्शन के दौरान राजद के सदस्यों ने जब सभापति की तरफ देखते हुए 'चमचागिरी नहीं चलेगी' के नारे लगाए तो इस पर मंत्री विजय चौधरी ने गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने विपक्ष के इस नारेबाजी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि विपक्ष के इस नारेबाजी पूरी कार्रवाई की वीडियो क्लिपिंग मंगाई जाए। उसे देखना चाहिए अगर विपक्ष ने आसन के बारे में 'चमचागिरी' शब्द कहा है तो यह घोर अपराध है। हालांकि एमएलसी अब्दुलबारी सिद्दीकी ने कहा कि 'चमचागिरी' शब्द आसन के बारे में कैसे कहा जा सकता है? उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी को चमचागिरी शब्द से आपत्ति हुई तो इसके लिए खेद प्रकट किया जाता है।