दिल्ली में सीएम आवास हुआ सील, आप बोली- आतिशी का सामान बाहर निकलवाया

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दिल्ली में मुख्यमंत्री आवास को लेकर एक नया विवाद सामने आया है।पूर्व मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल 6 फ्लैग स्‍टाफ रोड स्थित सीएम आवास में रहते थे। सीएम पद से इस्‍तीफा देने के बाद उन्‍होंने आवास खाली कर दिया था। इसके बाद दिल्‍ली की नई मुख्‍यमंत्री आतिशी मर्लेना को इसमें शिफ्ट होना था। आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर का दावा है कि सीएम आतिशी को सीएम हाउस अलॉट नहीं किया जा रहा था। अब सिविल लाइंस स्थित सीएम हाउस को सील करने की खबर सामने आई है।

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जिस दिन केजरीवाल ने मकान खाली किया था, मकान की चाबी सुनीता केजरीवाल ने एक कर्मचारी को दी थी। उसके बाद चाबी पीडब्ल्यूडी को मिलनी चाहिए थी, जो नहीं मिली। इससे पहले चाबी को लेकर विजिलेंस विभाग नोटिस जारी कर चुका है। इसी को लेकर विभाग ने नोटिस जारी किया है। अब इस मामले में आम आदमी पार्टी ने बड़ा दावा किया है। पार्टी का कहना है कि उपराज्यपाल ने सीएम हाउस से मुख्यमंत्री आतिशी का सारा सामान बाहर निकलवाया दिया है। सीएम आवास को पीडब्ल्यूडी ने लॉक कर दिया है।

“बीजेपी के बड़े नेता को आवास आवंटित करने की तैयारी”

मुख्यमंत्री आवास को सील किए जाने पर सीएमओ की ओर से बयान सामने आया है। सीएमओ की ओर से जानकारी दी गई है कि देश के इतिहास में पहली बार मुख्यमंत्री आवास खाली कराया गया है। सीएमओ की ओर से कहा गया है कि भाजपा के इशारे पर एलजी ने जबरन सीएम आतिशी का सामान सीएम आवास से निकाला है। एलजी की तरफ से भाजपा के किसी बड़े नेता को सीएम आवास आवंटित करने की तैयारी चल रही है। 27 साल से दिल्ली में वनवास काट रही भाजपा अब सीएम आवास कब्जा करना चाहती है।

सात अक्तूबर को सीएम आतिशी हुईं थी शिफ्ट

इससे पहले सात अक्तूबर को दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी सिविल लाइंस स्थिति फ्लैग स्टाफ रोड पर बंगला नंबर छह में शिफ्ट हो गई थीं। मुख्यमंत्री आवास पर आने के बाद सोमवार को उन्होंने स्थानीय कर्मचारियों के साथ बैठक भी की थी। साथ ही विभिन्न विषयों पर चर्चा की। अब उनका सामान बाहर निकाल दिया गया है।

आतिशी को सीएम आवास अलॉट नहीं किया गया-संजय सिंह

पीडब्ल्यूडी की कार्रवाई से पहले आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर और राज्‍यसभा सदस्‍य संजय सिंह ने गंभीर आरोप लगाया था। उन्‍होंने दावा किया था कि मुख्‍यमंत्री आतिशी मर्लेना को सीएम आवास अलॉट नहीं किया गया है। साथ ही उन्‍होंने कहा था कि सीएम आवास से कैंप ऑफिस के स्‍टाफ को भी हटा दिया गया है। दूसरी तरफ, आप ने दावा किया कि सीएम आवास से मुख्‍यमंत्री आतिशी मर्लेना के सामान को बाहर निकलवा दिया गया।

जयराम रमेश और पवन खेड़ा के बयान से चुनाव आयोग नाराज, खड़गे को लिखा खत, जानें क्या कहा*
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#eci_writes_to_mallikarjun_kharge_statements_congress_leaders हरियाणा विधान सभा चुनाव के परिणामों को कांग्रेस पचा नहीं पा रही है। कांग्रेस ने हरियाणा चुनाव परिणाम को अप्रत्‍याशित परिणाम बताया है। हरियाणा चुनाव परिणाम को कांग्रेस की तरफ से अस्वीकार्य और अप्रत्याशित बताए जाने पर चुनाव आयोग ने अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का पत्र लिखा है। कांग्रेस के कुछ नेताओं की ओर से हरियाणा चुनाव नतीजों पर सवाल उठाए जाने के बाद चुनाव आयोग ने खरगे को खत लिखा है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को चुनाव आयोग ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों पर चर्चा के लिए बुलाया है। चुनाव आयोग ने 9 अक्टूबर यानी आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को एक पत्र भेजा। इस पत्र में आयोग ने 8 अक्टूबर को जयराम रमेश और पवन खेड़ा की ओर से दिए गए बयानों पर चिंता जताई है। इन नेताओं ने हरियाणा चुनाव नतीजों को 'अस्वीकार्य' बताया था। चुनाव आयोग ने मल्लिकार्जुन खरगे को भेजे अपने पत्र में कहा है कि ऐसे बयान देश की लोकतांत्रिक परंपरा के खिलाफ हैं। यह जनता की राय को नकारने जैसा है। आयोग ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर और हरियाणा समेत पूरे देश में चुनाव एक ही नियम-कानून से होते हैं। चुनाव आयोग ने कहा कि उसने मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के बयानों पर भी गौर किया है, जिसमें हरियाणा के नतीजों को अप्रत्याशित बताया गया है और पार्टी इसका विश्लेषण करने और अपनी शिकायतों के साथ चुनाव आयोग से संपर्क करने का प्रस्ताव रखती है। चुनाव आयोग ने कहा कि उसे कांग्रेस के 12 सदस्यीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के लिए बैठक का समय मांगने का अनुरोध मिला है, जिसमें हरियाणा के चुनावी नतीजे अस्वीकार्य वाला बयान देने वाले लोग भी शामिल हैं। बता दें कि कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि कई सीटों पर नतीजे ईवीएम की मदद से बदल दिए गए। कांग्रेस के अनुसार कई सीटों पर जहां ईवीएम 90 फीसदी बैटरी चार्ज था वहां नतीजे भाजपा के पक्ष में आए और जहां ईवीएम की बैटरी 70-80 फीसदी चार्ज थी वहां कांग्रेस पार्टी ने जीत हासिल की है।
जयराम रमेश और पवन खेड़ा के बयान से चुनाव आयोग नाराज, खड़गे को लिखा खत, जानें क्या कहा

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हरियाणा विधान सभा चुनाव के परिणामों को कांग्रेस पचा नहीं पा रही है। कांग्रेस ने हरियाणा चुनाव परिणाम को अप्रत्‍याशित परिणाम बताया है। हरियाणा चुनाव परिणाम को कांग्रेस की तरफ से अस्वीकार्य और अप्रत्याशित बताए जाने पर चुनाव आयोग ने अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का पत्र लिखा है। कांग्रेस के कुछ नेताओं की ओर से हरियाणा चुनाव नतीजों पर सवाल उठाए जाने के बाद चुनाव आयोग ने खरगे को खत लिखा है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को चुनाव आयोग ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों पर चर्चा के लिए बुलाया है।

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चुनाव आयोग ने 9 अक्टूबर यानी आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को एक पत्र भेजा। इस पत्र में आयोग ने 8 अक्टूबर को जयराम रमेश और पवन खेड़ा की ओर से दिए गए बयानों पर चिंता जताई है। इन नेताओं ने हरियाणा चुनाव नतीजों को 'अस्वीकार्य' बताया था। चुनाव आयोग ने मल्लिकार्जुन खरगे को भेजे अपने पत्र में कहा है कि ऐसे बयान देश की लोकतांत्रिक परंपरा के खिलाफ हैं। यह जनता की राय को नकारने जैसा है। आयोग ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर और हरियाणा समेत पूरे देश में चुनाव एक ही नियम-कानून से होते हैं।

चुनाव आयोग ने कहा कि उसने मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के बयानों पर भी गौर किया है, जिसमें हरियाणा के नतीजों को अप्रत्याशित बताया गया है और पार्टी इसका विश्लेषण करने और अपनी शिकायतों के साथ चुनाव आयोग से संपर्क करने का प्रस्ताव रखती है। चुनाव आयोग ने कहा कि उसे कांग्रेस के 12 सदस्यीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के लिए बैठक का समय मांगने का अनुरोध मिला है, जिसमें हरियाणा के चुनावी नतीजे अस्वीकार्य वाला बयान देने वाले लोग भी शामिल हैं।

बता दें कि कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि कई सीटों पर नतीजे ईवीएम की मदद से बदल दिए गए। कांग्रेस के अनुसार कई सीटों पर जहां ईवीएम 90 फीसदी बैटरी चार्ज था वहां नतीजे भाजपा के पक्ष में आए और जहां ईवीएम की बैटरी 70-80 फीसदी चार्ज थी वहां कांग्रेस पार्टी ने जीत हासिल की है।

पलक झपकते ही धुंए में बदल जाएंगे दुश्मन के देश, सेना में हाइपरसोनिक मिसाइलों की होगी एंट्री

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रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) भारतीय सुरक्षा बलों के लिए हाइपरसोनिक मिसाइलों के विकास में जुटा है। इस पहल के तहत भारतीय सेना लंबी दूरी की क्रूज़ और बैलिस्टिक मिसाइलों को शामिल करने की योजना बना रही है, जिनमें 2000 किलोमीटर की रेंज वाली निर्भय और 400 किलोमीटर की रेंज वाली प्रलय मिसाइल शामिल हैं।

भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट के महानिदेशक, लेफ्टिनेंट जनरल ए कुमार, ने बताया कि सेना लंबी दूरी की रॉकेट प्रणाली पर भी काम कर रही है। इसके तहत स्वदेशी पिनाका रॉकेट की रेंज को 300 किलोमीटर तक बढ़ाने की योजना बनाई गई है। यह कदम सेना की रणनीतिक क्षमता को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे वह अपनी सीमाओं पर स्थित खतरों का सामना करने में सक्षम होगी। लेफ्टिनेंट जनरल कुमार ने बताया कि प्रलय बैलिस्टिक मिसाइल और निर्भय मिसाइलों के अधिग्रहण के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद से मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हाइपरसोनिक मिसाइलों का विकास कार्य DRDO द्वारा तेजी से किया जा रहा है। इन मिसाइलों की रेंज, सटीकता, और मारक क्षमता को बेहतर बनाने के लिए अनुसंधान जारी है।

गोला-बारूद की सटीकता और मारक क्षमता

सेना में गोला-बारूद की सटीकता और मारक क्षमता को बढ़ाने के लिए कई सुधार किए जा रहे हैं। लेफ्टिनेंट जनरल कुमार ने कहा कि सेना निरंतर निजी और सरकारी क्षेत्रों के साथ मिलकर सेंसर फ्यूज्ड म्यूनिशन (SFM), रामजेट का उपयोग करके विस्तारित रेंज गोला-बारूद और कोर्स करेक्टेबल फ्यूज (CCF) विकसित कर रही है। इसके अलावा, सटीकता को और बढ़ाने के लिए लोइटर म्यूनिशन, स्वार्म ड्रोन और रनवे इंडिपेंडेंट RPAS जैसे अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद की जा रही है।

वास्तविक ऑपरेशनल स्थितियों का प्रशिक्षण

उत्तरी सीमाओं पर मौजूदा ऑपरेशनल स्थिति को देखते हुए, सेना ने अपने प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में वास्तविक ऑपरेशनल परिस्थितियों को शामिल करने का निर्णय लिया है। विशेष तकनीकी उपकरणों जैसे स्वार्म ड्रोन और रनवे इंडिपेंडेंट RPAS के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि सेना के जवान इन अत्याधुनिक तकनीकों का बेहतर उपयोग कर सकें।

अब तक आर्टिलरी रेजिमेंट में 19 महिला अधिकारियों को कमीशन किया गया है। इन्हें विभिन्न उपकरणों और भौगोलिक परिस्थितियों वाले यूनिट्स में तैनात किया गया है। लेफ्टिनेंट जनरल कुमार ने विश्वास जताया कि ये महिला अधिकारी अपने करियर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगी, जो सेना के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

रूस-यूक्रेन युद्ध से मिले सबक

लेफ्टिनेंट जनरल कुमार ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध से भारतीय सेना ने कई महत्वपूर्ण सबक सीखे हैं। इस संघर्ष ने यह स्पष्ट कर दिया है कि तकनीकी, रणनीतिक, और परिचालन नवाचारों पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना किया जा सके।​ भारतीय सेना अपने तकनीकी क्षमताओं को और मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। हाइपरसोनिक और अन्य उन्नत मिसाइल प्रणालियों का विकास भारत की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सेना की यह पहल न केवल देश की सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारत की स्थिति को सुदृढ़ करेगी।

पीएम मोदी का कांग्रेस पर जोरदार हमला, बोले-हिंदुओं में जाति देखती है, मुसलमानों की नहीं

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने हरियाणा चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर वोटबैंक की राजनीति करने और समाज को बांटने का आरोप लगाया। कांग्रेस पार्टी का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस जानती है कि उनका वोट बैंक तो एक रहेगा, लेकिन बाकी लोग आसानी से बंट जाएंगे। कांग्रेस और उनके साथियों का एक ही मिशन है, समाज को बांटो और सत्ता पर कब्जा करो।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र में 10 सरकारी मेडिकल कॉलेज का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय कौशल संस्थान और विद्या समीक्षा केंद्र का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन किया। उन्होंने नागपुर में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के उन्नयन और शिरडी हवाई अड्डे में नए एकीकृत टर्मिनल भवन की आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर खूब हमले किए।

उन्होंने कहा कि अभी कल ही हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के चुनाव परिणाम आए हैं। हरियाणा ने बता दिया है कि देश का मिजाज क्या है। दो बार कार्यकाल पूरा करने के बाद लगातार तीसरी बार चुनकर आना ऐतिहासिक है। कांग्रेस का पूरा इकोसिस्टम, अर्बन नक्सल का पूरा गिरोह जनता को गुमराह करने में जुटा था, लेकिन कांग्रेस की सारी साज़िशें ध्वस्त हो गईं। इन्होंने दलितों के बीच झूठ फैलाने की कोशिश की, लेकिन दलित समाज ने इनके खतरनाक इरादों को भांप लिया। दलितों को एहसास हो गया कि कांग्रेस उनका आरक्षण छीनकर अपने वोटबैंक को बांटना चाहती है।

पीएम मोदी ने कहा कि आज कांग्रेस का असली रंग खुल कर सामने आ गया है। कांग्रेस को अब अर्बन नक्सल का गैंग चला रहा है। पूरी दुनिया में जो लोग भारत को आगे बढ़ने से रोकना चाहते हैं, कांग्रेस अब खुलकर उनके साथ खड़ी है। इसलिए अपनी घोर असफलता के बावजूद कांग्रेस, सरकार बनाने का सपना देख रही है। पीएम ने कहा कि कांग्रेस जानती है कि उनका वोट बैंक तो एक रहेगा, लेकिन बाकी लोग आसानी से बंट जाएंगे। कांग्रेस और उनके साथियों का एक ही मिशन है, समाज को बांटो और सत्ता पर कब्जा करो। इसलिए हमारी एकता को ही देश की ढाल बनाना है, हमें याद रखना है कि अगर हम बंटेंगे तो बांटने वाले महफिल सजाएंगे। हमें कांग्रेस और अघाड़ी वालों के मंसूबों को कामयाब नहीं होने देना है।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि हरियाणा के ओबीसी विकास कार्यों को देखकर बीजेपी के साथ आए। कांग्रेस ने किसानों को भड़काया है। कांग्रेस ने युवाओं को टारगेट किया। उसने अलग-अलग तरीके से भड़काने की लगातार कोशिश की।पीएम मोदी ने कहा कि हिंदुओं की बात आती है तो कांग्रेस उनकी चर्चा जातियों से करती है. कांग्रेस जानती है कि जितना हिंदू बंटेगा उतना फायदा होगा. कांग्रेस हिंदू समाज में आग लगाए रखना चाहती है. कांग्रेस ये फार्मूला ही लागू करती है. वो जहर घोलने के हर हथकंडे अपना रही है।

पीएम मोदी का कांग्रेस पर हमला यहीं नहीं रुका। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को तोड़कर, जीत का फॉर्मूला बनाना…यही कांग्रेस का आधार है। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस सनातन परंपरा का दमन कर रही है। वो सत्ता में आने के लिए बेचैन है। वो नफरत फैलाने वाली फैक्ट्री हो गई है। कांग्रेस देश को खत्म करने के लिए तुली है।

क्या अब जम्मू-कश्मीर में बहाल होगा अनुच्छेद-370, जानें अपने सबसे बड़े मुद्दा क्या बोले उमर अब्दुल्ला?

#omar_abdullah_on_article_370_after_assembly_elections_result

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जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में एनसी (नेशनल कॉन्फ्रेंस) को 42 सीटें मिली हैं। गठबंधन में उसकी सहयोगी कांग्रेस को 6 सीटें मिली हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन ने बहुमत हासिल कर दस साल बाद फिर सरकार बनाने का जनादेश हासिल कर लिया।पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला का दोबारा मुख्यमंत्री बनना तय है। सत्ता संभालने जा रही एनसी ने जनता से कुछ वादे किए हैं। एनसी सहित कश्मीर घाटी की ज्यादातर पार्टियों ने अनुच्छेद-370 बहाली के मुद्दे पर चुनाव लड़ा। यहां के मतदाताओं ने एकजुट होकर वोट किया और एनसी को 35 व गठबंधन की सहयोगी कांग्रेस को 6 सीटें देकर उनकी झोली भर दी। अब सवाल ये है कि क्या एनसी-कांग्रेस गठबंधन की सरकार जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 बहाल करेगी?

जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस की जीत के बाद अनुच्छेद 370 का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 बहाली के सवाल का जवाब खुद उमर अब्दुल्ला ने दिया है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हमारे राजनीतिक रुख में कोई बदलाव नहीं आया। उन्होंने वक्त की नजाकत की बात करते हुए कहा कि वो जनता को बेवकूफ नहीं बनाना चाहते। अभी इसे वापस पाने की उम्मीद करना मूर्खता होगी।

श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए उमर ने कहा कि हमारे राजनीतिक रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। हम कभी भी अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर चुप नहीं रहे हैं और न ही रहेंगे। हमने कभी नहीं कहा कि यह अब हमारे लिए मुद्दा नहीं रहा। लेकिन हम लोगों को बेवकूफ नहीं बनाना चाहते। मैंने हमेशा कहा है कि जिन लोगों ने (बीजेपी) अनुच्छेद 370 को खत्म किया है, उनसे इसे वापस पाने की उम्मीद करना मूर्खता ही होगी।

अब्दुल्ला ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस अनुच्छेद 370 के मुद्दे को जिंदा रखेगी। अभी इसे वापस पाने की उम्मीद करना मूर्खता होगी, लेकिन हमें उम्मीद है कि एक दिन सरकार बदलेगी, प्रधानमंत्री बदलेंगे और एक ऐसी सरकार आएगी जिससे हम इस मुद्दे पर बातचीत कर सकेंगे। तब हम इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे और प्रयास करेंगे कि इसे वापस लागू कराया जा सके।

क्या अब जम्मू-कश्मीर में बहाल होगा अनुच्छेद-370, जानें अपने सबसे बड़े मुद्दा क्या बोले उमर अब्दुल्ला?*
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में एनसी (नेशनल कॉन्फ्रेंस) को 42 सीटें मिली हैं। गठबंधन में उसकी सहयोगी कांग्रेस को 6 सीटें मिली हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन ने बहुमत हासिल कर दस साल बाद फिर सरकार बनाने का जनादेश हासिल कर लिया।पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला का दोबारा मुख्यमंत्री बनना तय है। सत्ता संभालने जा रही एनसी ने जनता से कुछ वादे किए हैं। एनसी सहित कश्मीर घाटी की ज्यादातर पार्टियों ने अनुच्छेद-370 बहाली के मुद्दे पर चुनाव लड़ा। यहां के मतदाताओं ने एकजुट होकर वोट किया और एनसी को 35 व गठबंधन की सहयोगी कांग्रेस को 6 सीटें देकर उनकी झोली भर दी। अब सवाल ये है कि क्या एनसी-कांग्रेस गठबंधन की सरकार जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 बहाल करेगी? जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस की जीत के बाद अनुच्छेद 370 का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 बहाली के सवाल का जवाब खुद उमर अब्दुल्ला ने दिया है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हमारे राजनीतिक रुख में कोई बदलाव नहीं आया। उन्होंने वक्त की नजाकत की बात करते हुए कहा कि वो जनता को बेवकूफ नहीं बनाना चाहते। अभी इसे वापस पाने की उम्मीद करना मूर्खता होगी। श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए उमर ने कहा कि हमारे राजनीतिक रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। हम कभी भी अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर चुप नहीं रहे हैं और न ही रहेंगे। हमने कभी नहीं कहा कि यह अब हमारे लिए मुद्दा नहीं रहा। लेकिन हम लोगों को बेवकूफ नहीं बनाना चाहते। मैंने हमेशा कहा है कि जिन लोगों ने (बीजेपी) अनुच्छेद 370 को खत्म किया है, उनसे इसे वापस पाने की उम्मीद करना मूर्खता ही होगी। अब्दुल्ला ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस अनुच्छेद 370 के मुद्दे को जिंदा रखेगी। अभी इसे वापस पाने की उम्मीद करना मूर्खता होगी, लेकिन हमें उम्मीद है कि एक दिन सरकार बदलेगी, प्रधानमंत्री बदलेंगे और एक ऐसी सरकार आएगी जिससे हम इस मुद्दे पर बातचीत कर सकेंगे। तब हम इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे और प्रयास करेंगे कि इसे वापस लागू कराया जा सके।
भारत के पहले हृदय प्रत्यारोपण करने वाले पद्म भूषण से नवाजे गए डॉ. पी. वेणुगोपाल का हुआ निधन

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भारत के पहले हृदय प्रत्यारोपण करने वाले प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पी. वेणुगोपाल का मंगलवार को निधन हो गया। डॉ. वेणुगोपाल एम्स दिल्ली के पूर्व निदेशक रह चुके थे और उन्होंने अपने करियर में 50,000 से अधिक हृदय शल्य चिकित्सा कीं।

डॉ. वेणुगोपाल का जन्म 1942 में हुआ था, जब देश में भारत छोड़ो आंदोलन चल रहा था। उन्होंने मात्र 16 वर्ष की उम्र में 1958 में एम्स दिल्ली में छात्र के रूप में प्रवेश लिया। वर्ष 1964 में एम्स की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें गोल्ड मेडल से सम्मानित किया। 1967 में वह एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर बने और 1970 में उन्होंने देश का पहला पेसमेकर लगाया। डॉ. वेणुगोपाल का सबसे महत्वपूर्ण योगदान 1994 में आया, जब उन्होंने भारत में पहला हृदय प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया। उनके असाधारण कार्यों के लिए 1998 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। इसके बाद 2014 में उन्हें केंद्र सरकार द्वारा लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से भी नवाजा गया।

2023 में उन्होंने अपने संस्मरण 'हार्टफेल्ट' को प्रकाशित किया, जिसमें उन्होंने अपनी जीवन यात्रा और विभिन्न उल्लेखनीय घटनाओं का वर्णन किया। इसमें उन्होंने 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सर्जरी का भी उल्लेख किया, जो उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण पल था। यह सर्जरी गोली लगने के बाद करीब चार घंटे चली थी। डॉ. वेणुगोपाल का अंतिम संस्कार बुधवार को लोधी रोड श्मशान घाट पर दोपहर 3:00 बजे किया जाएगा।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, कहा- शराब-मांसाहार का सेवन करने वाले पुलिसवालों की नहीं लगेगी महाकुंभ में ड्यूटी
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प्रयागराज महाकुंभ के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। डीजीपी मुख्यालय ने कहा है कि शराब पीने वाले और मांसाहार का सेवन करने वाले पुलिसकर्मियों की ड्यूटी महाकुंभ में नहीं लगाई जाएगी। इस संबंध में सभी कमिश्नरेट और रेंज से महाकुंभ में भेजे जाने वाले पुलिस बल के चयन में इस बात का खास ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी मुख्यालय की ओर से एडीजी स्थापना संजय सिंघल द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि महाकुंभ में तैनात होने वाले पुलिसकर्मियों की सत्यनिष्ठा, छवि, आम शोहरत और चाल-चलन भी अच्छा होना चाहिए। इसके अलावा, पुलिसकर्मियों की आयु सीमा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। आरक्षियों की आयु 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए, जबकि मुख्य आरक्षियों की आयु 50 वर्ष से कम और उपनिरीक्षक एवं निरीक्षक की आयु 55 वर्ष से कम होनी चाहिए। महाकुंभ में ड्यूटी के लिए ऐसे पुलिसकर्मियों को नहीं भेजा जाएगा, जो प्रयागराज के मूल निवासी हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि तैनात होने वाले पुलिसकर्मी शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ, सतर्क और व्यवहार कुशल हों। पुलिसकर्मियों की तैनाती के लिए तीन चरणों में नाम भेजने के निर्देश दिए गए हैं। पहले चरण के लिए 10 अक्टूबर, दूसरे चरण के लिए 10 नवंबर और तीसरे चरण के लिए 10 दिसंबर तक नाम भेजने को कहा गया है। महाकुंभ में प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए 15 पीपीएस अफसरों को एसपी कुंभमेला क्षेत्र के साथ संबद्ध किया गया है। इनमें तीन एएसपी और 12 डिप्टी एसपी शामिल हैं। इन अफसरों को 15 अक्टूबर तक प्रयागराज में अपनी सेवाएं देने के लिए निर्देशित किया गया है।
आरबीआई गवर्नर का बड़ा एलान, कहा- नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं..., मौद्रिक नीति के टूल्स रहेंगे न्यूट्रल
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने 51वीं बैठक में रेपो रेट को 6.5% पर अपरिवर्तित रखा है। यह निर्णय तीन दिनों की बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने किया। समिति के सभी सदस्यों ने ब्याज दर को यथावत रखने पर सहमति जताई और मौद्रिक नीति के रुख को 'न्यूट्रल' रखा। आरबीआई गवर्नर ने बताया कि चालू वित्त वर्ष के लिए विकास दर का अनुमान 7.2% पर स्थिर रहेगा। उन्होंने लचीले मौद्रिक नीति ढांचे की सराहना करते हुए इसे 8 साल का प्रमुख संरचनात्मक सुधार बताया। यह लगातार 10वीं बार है जब रेपो रेट को 6.5% पर बरकरार रखा गया है। महंगाई के संबंध में शक्तिकांत दास ने कहा कि सामान्य मानसून के आधार पर वित्त वर्ष 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति 4.5% रहने का अनुमान है। उन्होंने यह भी बताया कि सितंबर में खाद्य कीमतों के कारण मुद्रास्फीति में वृद्धि की आशंका है, लेकिन साल के अंत तक मुद्रास्फीति में कमी आएगी। एमपीसी के फैसले में 5:1 का समर्थन ब्याज दर पर यथास्थिति बनाए रखने के पक्ष में रहा। बैठक के समापन पर, आरबीआई गवर्नर ने महात्मा गांधी की उक्ति "अगर आपके काम करने का तरीका सही है, तो सफलता आनी ही है" का संदर्भ दिया, जिससे यह संकेत मिलता है कि आरबीआई का यह निर्णय देश के आर्थिक विकास के लिए सही दिशा में है।