जो सरकार वादा पूरा नहीं करती, उसे सत्ता से ऊखाड़ फेंकना है : सुरेंद्र
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हाजीपुर: हक दो वादा निभाओ अभियान के दूसरे चरण में भाकपा माले के प्रखंड इकाई के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने आक्रोश पूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। धरना प्रदर्शन पातेपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में किया गया। घरना सभा की अध्यक्षता संगठन के प्रखंड सचिव उमेश राय ने की। धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों ने केंद्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरना प्रदर्शन के दौरान सभा को संबोधित करते हुए पार्टी के जिला स्थाई समिति के सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि जो सरकार अपने वादे को पूरा नहीं करेगी, उसे सत्ता से उखाड़ फेंकना है।
सरकार जनता से किया अपना वादा तत्काल पूरा करें। भाकपा माले ने धरना प्रदर्शन में कहा कि सरकारी खजाना गरीबों के टैक्स से बना है, इसे पूंजीपतियों के विकास तथा उनके कर्ज माफ करने पर खर्च करने के लिए नहीं होता है।सरकारी खजाना को गरीबों के विकास पर खर्च करना होगा। सभा को संबोधित करते हुए प्रखंड सचिव ने कहा कि चुनाव से पूर्व केंद्र सरकार ने 72 हजार रुपये सालाना से कम आय वाले गरीबों का आय प्रमाण पत्र बनाकर लघु उद्यमी योजना से दो-दो लाख रुपया देने, सभी भूमिहीन गरीबों को पांच-पांच डिसमिल आवासीय जमीन और पक्का मकान देने का वादा किया था।चुनाव बीतने के बाद एक भी वादा पूरा नहीं किया गया. इसके लिए माले पार्टी लगातार आंदोलन कर रही है।
धरना के बाद नेताओं ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रखंड के अधिकारी को सौंप दिया। सभा को लालबाबू मंडल, हरि कुमार राय, सुरेंद्र कुमार सुमन, राम वृक्ष सराय, मोहम्मद आसिफ इकबाल, देव कुमार सहनी आदि दर्जनों नेताओं ने संबोधित किया।
भूमिहीनों को जमीन उपलब्ध कराने की मांग:
महुआ प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने हक दो, वादा निभाओ अभियान के तहत गुरुवार को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान अंचल, प्रखंड, मनरेगा, आंगनबाड़ी कार्यालयों में व्याप्त अनियमितता व भ्रष्टाचार के विरोध में जमकर नारेबाजी की।
अध्यक्षता राजू वारसी ने की एवं संचालन दिनदयाल राय ने किया। इस दौरान जिला कमेटी सदस्य योगेंद्र राय ने आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार सरकार गरीबों को 2- 2 लाख रुपए देने का वादा कर मुकर रही है।आंदोलन के माध्यम से गरीबों को 72000 सालाना से कम का आय प्रमाण पत्र, लघु उद्यमी योजना के तहत दो लाख रुपया देने, पशुपालन को लघु उद्यमी योजना में शामिल करने, भूमिहीनों को जमीन उपलब्ध कराने, दलित महादलित टोलों को संपर्क पथ से जोड़ने, गांव में पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराने सहित अन्य मागों का आवेदन प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी को सौंपा गया।
सभा को सुमन कुमार, जगन्नाथ चंद्रवंशी, भुर्जुगी राम, विरचंद्र कुमार, प्रमोद मांझी, अरूण राम, गीता देवी, रिंकी देवी, बुधराम कुमार, सुरेश देवी, रिंकी राम, महेश्वर राम, जगदीश राम, राजेश्वर साह, नंदनी कुमारी, चंदन कुमार, परमजीत कुमार, संजीव मांझी, शोभा देवी, विष्णु राम, परमेश्वर राम, रंजीत मांझी, सुरिला देवी, चंदन पासवान, अर्जुन महतो, महेश राय, देवेंद्र दास, अमरजीत दास, प्रमीला देवी आदि उपस्थित थे.






हाजीपुर दिग्धी स्थित जिला जदयू के प्रधान कार्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनायी गयी. दोनों महापुरुषों के चित्र पर पुष्पांजलि कर उन्हें श्रद्धा से याद किया गया. जिलाध्यक्ष सुभाष चंद्र सिंह ने महात्मा गांधी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 2 अक्टूबर को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाया जाता है. यह दिन भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के नायक महात्मा गांधी की जयंती का प्रतीक है. उनके अहिंसक प्रतिरोध ने भारत में ब्रिटिश शासन को समाप्त करने में मदद की और दुनिया भर में आधुनिक सविनय अवज्ञा आंदोलनों को प्रभावित किया. सविनय अवज्ञा आंदोलन को नमक सत्याग्रह के नाम से भी जाना जाता हैं। सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत 12 मार्च, 1930 को दांडी मार्च के साथ हुई। यह आंदोलन अहिंसक था। उस समय नमक पर ब्रिटिश सरकार एकाधिकार था, जिसे गांधी जी ने नमक बनाकर तोड़ा था। इस आंदोलन में विरोध प्रदर्शन, हड़ताल और ब्रिटिश वस्तुओं का बहिष्कार था। तुरंत ही यह आंदोलन राष्ट्रीय आंदोलन में बदल गया। वहीं लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए कहा गया कि शास्त्रीजी बहुत कम साधनों में अपना जीवन व्यतीत करते थे. वे अपनी पत्नी को फटे हुए कुर्ते दे दिया करते थे. उन्हीं पुराने कुर्तों से रुमाल बनाकर उनकी पत्नी उन्हें प्रयोग के लिए देती थीं. अकाल के दिनों में जब देश में भुखमरी की विपत्ति आई तो शास्त्रीजी ने कहा कि देश का हर नागरिक एक दिन का व्रत करे, तो भुखमरी खत्म हो जाएगी. उन्होंने केंद्रीय योजना के साथ नेहरू की समाजवादी आर्थिक नीतियों को जारी रखा. उन्होंने गुजरात के आणंद की अमूल दुग्ध सहकारी समिति का समर्थन करके और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड बनाकर दूध के उत्पादन और आपूर्ति को बढ़ाने के लिए एक राष्ट्रीय अभियान श्वेत क्रांति को बढ़ावा दिया।कार्यक्रम में मुख्यं रूप से प्रदेश महासचिव रोबिन कुमार सिन्हा, डॉ आसमा परवीन, महेंद्र राम, मिडिया प्रभारी नीरज कुमार, प्रिंस शर्मा, अविनाश कुमार लड्डू, त्रिविक्रम प्रसाद, संजय सुमन, मनोज कुमार, राम सिंह, सुनील ठाकुर, अजय भूषण दिवाकर, राहुल सिन्हा, सोनू चौरसिया, दीपक कुमार दीपू, सुजीत श्रीवास्तव, मदन राय, अमरनाथ चौधरी, अजीत कुमार आदि उपस्थित थे,
हाजीपुर। नगर परिषद कार्यालय परिसर स्थित सामुदायिक भवन सभागार में कवि सम्मेलन सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. कल 2 oct को स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के समापन के बाद सामुदायिक भवन में लोगों को जागरूक करने के लिए कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
हाजीपुर मुख्य सचिव के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुए समीक्षा बैठक के बाद डीएम यशपाल मीणा ने विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की. साथ ही मिशन मोड में कार्य को संपन्न कराने का निर्देश दिया. जिला पंचायती राज पदाधिकारी को पंचायत सरकार भवन के लिए भूमि शीघ्र चिन्हित करने का निर्देश दिया गया. जिले में जो 44 पंचायत सरकार भवन बनकर तैयार है. यह भी देखे कि उसमें खराब मटेरियल तो नहीं लगा है. इसकी मॉनीटरिंग करें.
केंद्रीय पेट्रो रसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट), हाजीपुर में सोमवार को फूड प्रोसेसिंग कॉन्क्लेव 2024 का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के सह अध्यक्ष विकास और इसमें सिपेट के योगदान पर चर्चा की.
हाजीपुर . साइबर थाना की पुलिस ने सदर थाना क्षेत्र के कुतुबपुर गांव के एक व्यक्ति का मोबाइल खो जाने पर, सिम कार्ड दूसरे को अलॉट हो गया।इसके बाद साइबर थाना की पुलिस ने उसके अकाउंट से 41 हजार रुपये निकासी होने के महज 24 घंटे के भीतर राशि रिकवर करके पीड़ित को थाना बुलाकर सौंप दी है।
हाजीपुर। राष्ट्रकवि दिनकर अकादमी एवं देवचंद महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को आयोजित तिरहुत साहित्य उत्सव का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ करते हुए विधान पार्षद एवं पूर्व केन्द्रीय शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. डॉ. संजय पासवान ने कहा कि साहित्य व्यक्ति, समाज एवं राष्ट्र के लिए पथ प्रदर्शक है। साहित्य राष्ट्र की आत्मा, संस्कृति को पुष्ट करता है। यह उत्सव साहित्यकार और समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत सिद्ध होगा। तिरहुत साहित्य उत्सव के आरंभ में शिवांश युग ने वाणी बंदना का सस्वर पाठ एवं कसक ने स्वागत गान प्रस्तुत किया। देवचंद महाविद्यालय सभागार में आयोजित तिरहुत साहित्य उत्सव की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. डॉ. तारकेश्वर पंडित और संचालन अखिल भारतीय साहित्य परिषद् के प्रदेश अधिकारी अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध योगगुरु डॉ. महेन्द्र प्रियदर्शी ने किया। अकादमी के जिलाध्यक्ष डॉ. शिव प्रभाकर ने पुष्प गुच्छ एवं बालक राय प्रभाकर ने अंग वस्त्र देकर आगत अतिथियों का स्वागत किया। दो सत्रों में आयोजित कार्यक्रम में के पहले सत्र के परिचर्चा सत्र में विभिन्न भाषाओं की दशा और दिशा पर सारगर्भित व्याख्यान हुए। परिचर्चा सत्र में प्रख्यात विद्वान माधव राय ने संस्कृत भाषा-साहित्य, डीसी कॉलेज हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. आलोक कुमार सिंह ने हिन्दी, डॉ. मोहम्मद अब्बुलैस ने आंग्ल भाषा, प्रो. मनतशा ने उर्दू, डॉ. हरिशंकर प्रसाद सिंह ने प्राकृत, डॉ. धनाकर ठाकुर ने मैथिली तथा बज्जिका परिषद् के संयोजक मणिभूषण प्रसाद सिंह अकेला ने बज्जिका भाषा साहित्य की दशा और दिशा पर विस्तार से प्रकाश डाला।
Oct 04 2024, 15:24
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