संसद भवन परिसर से गांधी, अंबेडकर और शिवाजी महाराज की मूर्तियां हटाई गईं, बदलाव पर मचा बवाल

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संसद परिसर में महात्मा गांधी, बाबासाहेब आंबेडकर और छत्रपति शिवाजी की प्रतिमाओं को उनके मूल स्थानों से हटाकर दूसरी जगह स्थापित किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है।कांग्रेस ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस फैसले को अनुचित कदम बताया है। संसद भवन परिसर में महापुरुषों की मूर्तियां हटाए जाने को लेकर जो विवाद उठा, उस पर लोकसभा सचिवालय की सफाई आई है। सचिवालय की ओर से कहा गया कि सेंट्रल विस्टा के तहत सौंदर्यीकरण के चलते यह मूर्तियां हटाई गई हैं। काम खत्म होने के बाद उन्हें उचित तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा।

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत चल रहे काम के चलते संसद परिसर में लगी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर और छत्रपति शिवाजी की प्रतिमाओं को उनकी जगह से हटाया गया है। जिसे लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को सवाल भी उठाया। कांग्रेस के मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने मुद्दे को सोशल मीडिया पर उठाते हुए निशाना साधा कि संसद भवन के सामने छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा गांधी और बाबासाहेब अंबेडकर की मूर्तियों को उनके विशिष्ट स्थानों से हटा दिया गया है। यह बेहद अपमानजनक हरकत है।

इस मामले पर लोकसभा सचिवालय ने प्रतिक्रिया दी है। लोकसभा सचिवालय ने एक बयान जारी कहा, नए संसद भवन के निर्माण के बाद संसद परिसर के सौंदर्यीकरण के लिए कार्ययोजना बनाई गई है। संसद परिसर में देश के महान नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाएं परिसर के अलग-अलग हिस्सों में स्थापित की गई थीं। संसद परिसर में अलग-अलग स्थानों पर स्थित होने के कारण विजिटर को इन प्रतिमाओं का दर्शन करने में दिक्कतें आ रही थी। इस कारण इन सभी प्रतिमाओं को संसद भवन परिसर में ही एक भव्य प्रेरणा स्थल में सम्मानपूर्वक स्थापित किया जा रहा है।

लोकसभा सचिवालय ने आगे कहा कि इस प्रेरणा स्थल को इस तरह से विकसित किया जा रहा है कि संसद परिसर में आने वाले विजिटर इन महान नेताओं की मूर्तियों को आसानी से देख सकते हैं और उनके जीवन और दर्शन से प्रेरणा ले सकते हैं।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य बना पाकिस्तान, उठाया कश्मीर का मुद्दा*
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#pakistan_becomes_temporary_member_of_unsc_for_two_years पाकिस्तान गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य चुना गया। वह दो साल तक सुरक्षा परिषद का सदस्य बना रहेगा। पाकिस्तान के अलावा 4 और देशों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की पांच अस्थायी सीटों के चुन लिया गया है।पाकिस्तान के साथ डेनमार्क, ग्रीस, पनामा और सोमालिया को भी सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य चुना गया है। नए सदस्य देशों का ऐलान संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष डेनिस फ्रांसिस ने किया। नए सदस्य देश जापान, इक्वाडोर, माल्टा, मोजाम्बिक और स्विटजरलैंड की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल 31 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। पाकिस्तान 1 जनवरी, 2025 को जापान की जगह लेगा, जो वर्तमान में एशियाई सीट पर काबिज है, और अपना आठवां दो वर्षीय कार्यकाल शुरू करेगा। 15 सदस्यीय परिषद के सदस्य के रूप में पाकिस्तान की प्राथमिकताओं और लक्ष्यों के बारे में बोलते हुए, संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि मुनीर अकरम ने कहा कि देश का चुनाव "संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों को बढ़ावा देने की पाकिस्तान की क्षमता में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के विश्वास का प्रतिनिधित्व करता है। पाकिस्तान को अस्थायी सदस्यता मिलने पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का कहना है, हमारा देश दुनिया की चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्सुक है। हम देशों के बीच शांति, स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए अपनी भूमिका निभाते रहेंगे। सुरक्षा परिषद का सदस्य चुने जाते ही पाकिस्तान ने एक बार फिर कश्मीर राग अलापा। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि मुनीर अकरम ने अपनी प्राथमिकताओं को गिनाया, जिसमें दक्षिण एशिया में शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देना, फिलिस्तीन और कश्मीर के लोगों के लिए आत्मनिर्णय के सिद्धांत को कायम रखना, अफगानिस्तान में सामान्यीकरण को बढ़ावा देना, अफ्रीका में सुरक्षा चुनौतियों के लिए न्यायसंगत समाधान को बढ़ावा देना, संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों की प्रभावशीलता को बढ़ाना शामिल है। संयुक्त राष्ट्र संघ की सबसे महत्वपूर्ण इकाई सुरक्षा परिषद का गठन दूसरे विश्व युद्ध के दौरान साल 1945 में किया गया था। मूल रूप से इसके 11 सदस्य थे, जिनकी संख्या साल 1965 में बढ़ाकर 15 कर दी गई, जिससे दुनिया भर में क्षेत्रीय स्थिरता बनी रह सके. इसके पांच स्थायी सदस्य ब्रिटेन, अमेरिकी, फ्रांस, रूस और चीन हैं। इनके पास वीटो का अधिकार होता है यानी किसी मुद्दे पर अगर सभी सदस्य देश सहमत भी हो जाते हैं पर स्थायी सदस्यों में से कोई एक देश सहमत नहीं होता तो वह वीटो कर देता है और वह मुद्दा या प्रस्ताव खारिज हो जाता है। स्थायी सदस्यों के अलावा 10 अस्थायी सदस्य चुने जाते हैं, जिनका कार्यकाल दो साल के लिए होता है।
क्या महाराष्ट्र में अब अजित पवार के साथ होगा खेला? शरद पवार की पार्टी का दावा एनसीपी के कई एमएलए संपर्क में

#rohit_pawar_claim_ajit_ncp_mla_want_to_return_back_in_sharad_pawar_party

एनसीपी प्रमुख अजित पवार अपने नव निर्वाच‍ित सांसद के साथ एनडीए संसदीय दल की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली में मौजूद हैं। इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता रोहित पवार ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि अजित पवार गुट के 18 से 19 विधायक उनकी पार्टी के संपर्क में हैं। अजित महाराष्‍ट्र में भाजपा और शिवसेना शि‍ंदे गुट की एनडीए सरकार का हिस्‍सा हैं। वे राज्‍य के डिप्‍टी सीएम हैं। 

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शरद पवार के पोते रोहित ने कहा, 'अजित पवार गुट के करीब 18 से 19 विधायक पवार साहब (शरद पवार) और हमारे वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में हैं। करीब 12 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं। हमारा वरिष्ठ नेतृत्व तय करेगा कि कितने विधायकों को पार्टी में वापस लिया जाना चाहिए।

रोहित पवार ने कहा कि कई लोग आने को तैयार हैं, लेकिन प्राथमिकता वफादारों को दी जाएगी।महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव नतीजों पर एनसीपी-एससीपी नेता रोहित पवार ने कहा क‍ि बीजेपी ने हमारी पार्टी तोड़ी, परिवार तोड़ा। जनता ने अब उन्हें जवाब दे दिया है।

बता दें कि अजित पवार ने पिछले साल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) से अलग हो गए थे और महाराष्ट्र की बीजेपी और शिवसेना की गठबंधन सरकार में शामिल हो गए थे। जिसके बाद अजित पवार को महाराष्ट्र का उपमुख्यमंत्री बनाया गया था।अजित पवार ने चाचा शरद पवार से बगावत कर एनसीपी के ज्‍यादातर विधायक अपने साथ लेकर पार्टी पर दावा कर दिया और कोर्ट में केस जीत लिया। इसके बाद अजित पवार के नेतृत्‍व वाली पार्टी को चुनाव चिह्न मिला और मुख्‍य एनसीपी हो गई। वहीं, शरद पवार की पार्टी को एनसीपी (शरद पवार) नाम मिला और चुनाव चिह्न बदल गया।

नरेंद्र मोदी तीसरी बार बनने जा रहे प्रधानमंत्री, एनडीए ने पेश किया सरकार बनाने का दावा

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देश में एक बार फिर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनने जा रही है। नरेन्द्र मोदी तीसरी बार 9 जून को पीएम पद की शपथ लेने वाले हैं। आज दिल्ली में एनडीए की एक बैठक बुलाई गई। जिसमें सभी दलों के शीर्ष नेता, सीएम, सांसदों ने भाग लिया। बैठक के बाद पीएम के नाम पर फाइनल मुहर लग गई है। एनडीए ने राष्‍ट्रपति के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है।

आज संसद के सेंट्रल हॉल में एनडीए के सभी घटक दलों ने नरेंद्र मोदी को अपना संसदीय दल का नेता चुना। राजनाथ सिंह ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा था, जिस पर सभी दलों के नेताओं ने अपनी सहमति जताई। इसके बाद पीएम मोदी ने सेंट्रल हॉल में मौजूद बीजेपी और एनडीए के नेताओं और नवनिर्वाचित सांसदों को संबोधित किया।संबोधन खत्म करने के तुरंत बाद नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति भवन गए, जहां उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश किया। इस दौरान मोदी के साथ चिराग पासवान सहित एनडीए के 15 से ज्यादा नेता मौजूद थे।

लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा पूर्ण बहुमत से चूक गई। हालांकि एनडीए ने कुल 293 सीटें हासिल करके 272 सीटों (बहुमत) का आंकड़ा पार किया है और एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने जा रही है।

अन्नामलाई की तस्वीर लगाए बकरे को काटने का वीडियो वायरल, जानें तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष की प्रतिक्रिया

#goat_beheading_viral_video_bjp_k_annamalai 

तमिलनाडु भाजपा ने एक वायरल हो रहे वीडियो पर आपत्ति जताई है और इस पर कार्रवाई की मांग की है। दरअसल, इस वीडियो में कुछ लोग कथित तौर पर एक बकरे को जान से मारते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसके गले में तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष के अन्नामलाई की तस्वीर बंधी है। वहीं, अन्नामलाई ने भी इस वीडियो पर अपनी प्रतिक्रया देते हुए डीएमके पर निशाना साधा है।

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इस वीडियो को लेकर पत्रकारों ने अन्नामलाई सवाल किया तो उन्होंने कहा कि अगर डीएमके कार्यकर्ता मुझे लेकर इतने गुस्से से भरे हैं, तो मैं यहीं कोयंबटूर में हूं। उस निर्दोष बकरे की जान बख्श देते।

इससे पहले तमिलनाडु भाजपा के उपाध्यक्ष और पार्टी प्रवक्ता नारायण तिरुपति ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया और इस वीडियो की कड़ी निंदा की। तमिलनाडु भाजपा ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस वीडियो का जवाब देते हुए तंज कसा और लिखा कि 'एक बकरी को बीच सड़क काटना और के अन्नामलाई के खिलाफ चीखना और उनकी हार का जश्न मनाने से साफ पता चलता है कि राजनीतिक पार्टियां तमिलनाडु भाजपा के विकास से डरी हुई हैं। इस वीडियो से पता चलता है कि विपक्षी पार्टियां कितने निचले स्तर तक गिर सकती हैं।'

इस घटना को लेकर भाजपा आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने कहा कि अन्नामलाई के राजनीतिक विरोधियों ने इस तरीके से अपनी जीत को सेलिब्रेट किया है- अन्नामलाई की तस्वीर वाले बकरे का गला काटकर। ये क्रूरता है। सनातन विरोधी इंडी गठबंधन अगर सत्ता में आ गया तो ऐसे ही हिंदुओं की हत्या की जाएगी।

बता दें कि 19 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के लिए वोट डाले गए थे और 4 जून को नतीजों की घोषणा की गई। नतीजों में डीएमके नीत गठबंधन ने सभी 39 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं भाजपा एक भी सीट नहीं जीत सकी। तमिलनाडु की कोयंबटूर सीट पर भाजपा अध्यक्ष के अन्नामलाई को हार का सामना करना पड़ा।

चंद्रबाबू नायडू ने इंडिया गठबंधन पर साधा निशाना, कहा--जाति जनगणना जनगणना के बजाय कौशल जनगणना की जरूरत

#chandrababu-naidu-vented-out-opposition-said-skill-census-is-necessary_

नरेद्र मोदी को एनडीए संसदीय दल का नेता चुन लिया गया है। आज दिल्ली में एनडीए की बैठक में पीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू ने प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी को एनडीए संसदीय दल का नेता चुने जाने के प्रस्ताव का समर्थन किया। इसके साथ ही दिल्ली में मोदी के तीसरे बार शपथ ग्रह की तैयारियां शुरू हो गई है। इस बीच चंद्रबाबू नायडू ने इंडिया गठबंधन के एजेंडे की आलोचना की है। चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि जाति जनगणना के बजाय कौशल जनगणना की जरूरत है। 

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बता दें कि आंध्र प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में टीडीपी को 135 सीटों पर जीत मिली है। राज्य में विधानसभा की 175 सीटें हैं, जिसमें 88 सीटों हासिल होने पर बहुमत मिल जाता है। हालांकि, इस बार टीडीपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत से ज्यादा सीटें हासिल की हैं।

नई सरकार में अबकी बार मांगें बेशुमार.... मंत्रिमंडल के लिए आई TDP, JDU, चिराग, मांझी और शिंदे की डिमांड

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लोकसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद अब नई सरकार को लेकर उठापटक शुरू हो गयी है. आज शाम दिल्ली में बीजेपी ने नेतृत्व वाले एनडीए की अहम बैठक होने वाली है. लेकिन इन सबके बीच खबर आ रही है कि एनडीए के सहयोगियों ने सरकार गठन से पहले ही बीजेपी पर दवाब बनाना शुरू कर दिया है. 

सूत्र बता रहे हैं कि जेडीयू ने भी 3 कैबिनेट मंत्रियों की मांग की है. इसके अलावा शिवसेना के एकनाथ शिंदे भी 1 कैबिनेट और 2 MOS चाहते हैं. इसके अलावा चिराग पासवान 1 कैबिनेट और 1 राज्य मंत्री की मांग कर सकते हैं. जीतन राम माझी भी मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनना चाहते हैं.

सूत्रों के मुताबिक, टीडीपी सहित अन्य सहयोगी दलों की तरफ से भी डिमांड आ रही है. सबसे बड़ी डिमांड लोकसभा स्पीकर पद को लेकर रहने वाली है जिस पर टीडीपी दावा ठोकने लगी है. कहा जा रहा है कि नायडू 5 से लेकर 6 या फिर इससे ज्यादा भी मंत्रालय मांग सकते हैं.

ये मंत्रालय मांग सकती है TDP

1. लोकसभा स्पीकर का पद

2. सड़क-परिवहन

3. ग्रामीण विकास

4. स्वास्थ्य

5. आवास एवं शहरी मामले

6. कृषि

7. जल शक्ति

8. सूचना एवं प्रसारण

9. शिक्षा

10. वित्त (MoS)

एनडीए को मिला है बहुमत

बता दें कि भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने लोकसभा चुनाव में 292 सीटें जीतीं, जबकि विपक्षी भारत ब्लॉक 234 सीटों पर आगे रहा. भाजपा 240 सीटों पर विजयी रही, जो 272 के बहुमत के आंकड़े से कम है. जबकि कांग्रेस 99 सीट जीतने में कामयाब रही, जो 2019 की 52 सीटों की तुलना में 47 सीटें अधिक है. एनडीए का वोट शेयर भी इस बार कम हुआ है. 

NDA के 5 बड़े सहयोगी

पार्टी सीटें

1. टीडीपी 16

2. जेडीयू 12

3. शिवसेना 7

4. LJP (रामविलास) 5

5. जेडीएस 2

स्पेशल स्टेटस मांग सकते हैं नायडू

मंत्रालय में इन डिमांड्स के अलावा चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश के लिए स्पेशल स्टेटस भी मांग सकते हैं. यह उनकी काफी पुरानी मांग रही है. बता दें कि स्पेशल स्टेटस का दर्जा ऐसे राज्यों को दिया जाता है, जो ऐतिहासिक रूप से देश के बाकी हिस्सों की तुलना में पिछड़े हुए हैं. इसका फैसला राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) लेता रहा है. तेलंगाना के अलग होने के बाद से ही चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश के लिए स्पेशल स्टेटस यानी विशेष राज्य का दर्जा मांगते रहे हैं. इसके पीछे उनका तर्क है कि हैदराबाद के तेलंगाना के पास जाने के बाद आंध्र प्रदेश की आर्थव्यवस्था को काफी नुकसान हुआ है.

चुनावी मेनिफेस्टों में दिए गारंटी कार्ड में महिलाओं को एक लाख देने के दावे के बाद कार्ड लेकर लखनऊ कांग्रेस कार्यालय पहुंची मुस्लिम महिलाएं, डाला

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लोकसभा चुनाव के बीच एक तरफ एनडीए और इंडिया गठबंधन की जोड़तोड़ की राजनीति को लेकर हलचल मची हुई है तो वहीं लखनऊ कांग्रेस कार्यालय पर मुस्लिम महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया है। लखनऊ कांग्रेस दफ्तर पर बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंच गईं हैं जो कांग्रेस दफ्तर के बाहर पार्टी का ही मैनिफेस्टो का गारंटी कार्ड लेकर नारेबाजी कर रही है। मुस्लिम महिलाएं गारंटी कार्ड में एक लाख रुपये देने वाले कांग्रेस के दावे वाले गारंटी कार्ड को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं। मुस्लिम महिलाओं ने कहा कि इंडिया ब्लॉक ने चुनाव प्रचार के दौरान एक लाख रुपये देने का वादा किया था। अब इंडिया ब्लॉक ने अच्छा प्रदर्शन किया है तो हम गारंटी कार्ड जमा करने आए हैं।

गारंटी कार्ड जमा कर रसीद मिलने का दावा

लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद अगले ही दिन बुधवार को लखनऊ स्थित कांग्रेस के पार्टी कार्यालय पर मुस्लिम महिलाएं कांग्रेस का एक लाख रुपये देने का गारंटी कार्ड लेकर जमा हो गईं। ये भी कहा है इंडिया ब्लाक ने अच्छा प्रदर्शन किया है। अब ये गारंटी कार्ड लेकर रसीद दे दो। कुछ महिलाओं ने रसीद मिलने का भी दावा किया। महिलाएं ‘गारंटी कार्ड’ में किए वादे की मांग करने लगीं। कुछ महिलाओं ने पहले से मिले कांग्रेस के गारंटी कार्ड को भी पार्टी कार्यालय में जमा कर दिया, जिस पर उनका नाम, पता और नंबर लिखा था।  

युवाओं और गरीब महिलाओं को 1 लाख देने का था वादा

लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान युवाओं और गरीब महिलाओं को एक लाख देने का वादा कांग्रेस ने अपने गारंटी कार्ड में किया था। इसमें युवाओं को एक लाख रुपये और गरीब महिलाओं के लिए भी एक लाख देने का वादा किया था। ऐसे में महिलाएं एक लाख रुपये देने की मांग कर रही हैं और कांग्रेस दफ्तर पर प्रदर्शन कर राहुल गांधी से वादा पूरा करने की मांग कर रही हैं।

महाराष्ट्र में अजित पवार भाजपा से नाराज, शिव सेना शिंदे के कई सांसद उद्धव ठाकरे के संपर्क में, पढ़िए, क्या बन रहा नया समीकरण

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 महाराष्‍ट्र लोकसभा चुनाव में महाविकास अघाड़ी (MVA) की शानदार जीत के बाद एक बार फिर राज्य की सियासत गरमाती नजर आ रही है। उद्धव ठाकरे और शरद पवार ने चुनावों में खुद को असली शिवसेना और राकांपा साबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजीत पवार की राकांपा में घमासान मचा हुआ है। 

मीडिया खबरों के अनुसार, शिव सेना शिंदे गुट के 5 में से 4 सांसद उद्धव ठाकरे के संपर्क में बताए जा रहे हैं। शिंदे के बेटे श्रीकांत ही उनके साथ नजर आ रहे हैं। वे राजग की बैठक में भी शामिल होंगे।

इधर महाराष्‍ट्र के उपमुख्‍यमंत्री अजीत पवार का भी भाजपा से मोहभंग होता नजर आ रहा है। लोकसभा चुनावों में उनकी पार्टी को मात्र एक ही सीट पर सफलता मिली। यहां तक कि बारामती लोकसभा सीट पर उनकी पत्नी सुनेत्रा पंवार को भी सुप्रिया सुले के सामने हार का सामना करना पड़ा।

चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन के बाद अजीत पवार भाजपा से खासे नाराज हैं। कहा जा रहा है कि उनके करीबी प्रफुल्ल पटेल भी राजग की बैठक में शामिल होने दिल्ली नहीं आएंगे। 

पिछले साल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में टूट के बावजूद वरिष्ठ नेता शरद पवार ने महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में अग्रिम मोर्चे पर कमान संभाली और पार्टी को 10 में 8 सीटों पर जीत दिलाते हुए राज्य की राजनीति में अपने कद को और ऊंचा किया।

उल्लेखनीय है कि महाराष्‍ट्र चुनावों में कांग्रेस ने 13 सीटें जीती जबकि भाजपा को मात्र 9 सीटों से संतोष करना पड़ा। उद्धव की शिवसेना ने भी 9 सीटों पर जीत हासिल की वहीं शरद पवार की राकांपा 8 सीटें जीतने में सफल रही। अजीत पवार की पार्टी को मात्र 1 सीट पर संतोष करना पड़ा।

NDA ने पेश किया सरकार बनाने का दावा, राष्ट्रपति को सौंपा समर्थन पत्र, PM मोदी का ऐलान- अगले 10 साल रहेगी एनडीए की सरकार

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 लोकसभा चुनाव में एनडीए को मिले बहुमत के बाद अब नई सरकार के गठन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। आज नरेंद्र मोदी ने सरकार बनाने का दावा पेश किया। राष्ट्रपति को समर्थन पत्र सौंपा गया। बताया जा रहा है कि मोदी 9 जून को प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा- मुझे नया दायित्व देने के लिए आभार। मेरा एक ही लक्ष्य है- भारत माता और देश का विकास। बैठक में NDA के सभी 293 सांसद, राज्यसभा सांसद और सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और डिप्टी CM मौजूद थे।

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्‌डा ने स्वागत भाषण दिया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के नाम का प्रस्ताव रखा। अमित शाह ने इसका समर्थन किया और नितिन गडकरी ने अनुमोदन किया। जेडीएस अध्यक्ष कुमारस्वामी ने प्रस्ताव का समर्थन किया। एनडीए के संसदीय दल की बैठक बाद पीएम नरेंद्र मोदी पूर्व गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी से मिलने के लिए उनके घर पहुंचे। 

PM मोदी ने कहा, ''मैं बहुत जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं, एनडीए सरकार में हम अगले 10 साल में सुशासन, विकास, जीवन की गुणवत्ता और मेरा व्यक्तिगत सपना है। मैं लोकतंत्र की समृद्धि के बारे में सोचता हूं तो मानता हूं कि मध्यम वर्ग के जीवन में सरकार की दखल जितनी कम हो, उतना अच्छा है। आज के तकनीक के दौर में हम यह कर सकते हैं। हम विकसित भारत के सपने को साकार करके रहेंगे। विस्तार से कहूं तो सदन में किसी भी दल का कोई भी प्रतिनिधि होगा, मेरे लिए सब बराबर हैं। जब मैं सबका प्रयास करता हूं तो सदन में भी सब बराबर हैं। यह भी भाव है, जिसके कारण 30 साल से एनडीए आगे बढ़ा है। 

सबको गले लगाने में हमने कोई कमी नहीं रखी है। हमने 2024 में जिस टीम भावना से काम किया है और जमीनी स्तर पर किया है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ तस्वीरों के लिए नेताओं ने हाथ हिलाए और फिर तुम तुम्हारे रास्ते और हम हमारे रास्ते। हमने वाकई एकदूसरे का सहयोग किया है। हर किसी ने यही सोचा कि जहां कम, वहां हम। मैं कह सकता हूं कि हमारा 10 साल का अनुभव है। भारत के हर क्षेत्र और हर नागरिक की आकांक्षा और राष्ट्र की आकांक्षाओं के बीच अटूट नाता होना चाहिए। बीच से हवा न गुजर सके, ऐसा जुड़ाव होना चाहिए।''

पीएम ने कहा कि एनडीए का यह कार्यकाल बड़े फैसलों और तेज विकास का है। हम समय नहीं गंवाना चाहते। हम पांच नंबर से तीन नंबर की अर्थव्यवस्था पर पहुंच रहे हैं। यह खाली पांच-तीन का आंकड़ा नहीं है। इससे अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ेगा, उससे सरलता बढ़ेगी, देश की जरूरतें पूरी करने का सामर्थ्य बढ़ेगा। राज्यों का सहयोग भी इसमें उतना ही महत्वपूर्ण रहेगा। मेरा आग्रह है कि प्रतिस्पर्धी सहयोगात्मक संघवाद। हम अच्छा करने की स्पर्धा करें। जी-20 समिट हम एक जगह से कर सकते हैं, लेकिन हिंदुस्तान के अनेक शहरों में बैठकें हुईं।