संसद की सुरक्षा में सेंधः आरोपी ललित झा की तलाशी तेज, संसद के बाहर बना रहा था हंगामे का वीडियो

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संसद में 13 दिसंबर को हुई सुरक्षा में चूक मामले में 6 आरोपियों का नाम सामने आया है। ललित झा को इस घुसपैठ का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। आरोपी ललित झा अभी फरार चल रहा है। ललित झा की दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल सरगर्मी से तलाश कर रही है। ललित झा को लेकर बड़ी खबर ये है कि उसने संसद में घुसपैठ की घटना से जुड़ा वीडियो अपने एक एनजीओ पार्टनर को भेजा था। घटना के समय ललित संसद भवन के बाहर मौजूद था। बताया गया कि ललित झा संसद के बाहर से अमोल शिंदे और नीलम का वीडियो बना रहा था और उसने अपने इंस्टाग्राम पर इस वीडियो को अपलोड भी किया था। इतना ही नहीं, सूत्रों का कहना है कि सभी आरोपियों के मोबाइल भी उसी के पास थे।

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पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ललित झा ने घटना का वीडियो बनाकर अपने एक एनजीओ पार्टनर को भेजा। उसने व्हाट्स ऐप पर वीडियो भेजने के बाद टेक्स्ट मैसेज में लिखा-मीडिया कवरेज देखिए इसको..और वीडियो सेफ रखना आप.. जय हिंद..। ललित ने अपने एनजीओ पार्टनर को यह मैसेज 12 बजकर 51 मिनट पर भेजा। उसके एनजीओ पार्टनर ने इस मैसेज का जवाब 3 बजकर 46 मिनट पर दिया। उसने लिखा- ठीक है ललित जी..ये कहां पे हुआ था..।

बता दें कि संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले छह लोग देश के अलग-अलग शहरों से हैं और इन्होंने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए बातचीत कर इस घटना को अंजाम देने की साजिश रची, जिसके लिए ये लोग हरियाणा के गुरुग्राम में एक फ्लैट में एकत्र हुए। इन छह लोगों में से दो – मनोरंजन डी और सागर शर्मा दर्शक दीर्घा से लोकसभा कक्ष में कूद गए और धुएं के केन खोल दिए, जिससे सांसदों में दहशत फैल गई। वहीं, उनके साथियों- नीलम और अमोल शिंदे ने केन से रंगीन धुआं छोड़ा और संसद भवन के बाहर नारेबाजी की। जबकि ललित और विशाल शर्मा पर उनके सहयोगी होने का संदेह है। विशाल को हरियाणा के गुरुग्राम से हिरासत में लिया गया है जबकि ललित फरार है। ये सभी गुरुग्राम के सेक्टर- 7 में विशाल शर्मा और उसकी पत्नी राखी के किराए के घर पर ठहरे हुए थे।

संसद की सुरक्षा में चूक के बाद बदला प्रोटोकॉल, एंट्री के लिए अब क्या होंगे नियम जानें

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नई संसद भवन में हुई सुरक्षा चूक ने एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि नई बिल्डिंग बेहद जल्दबाजी में बनाई गई है और इसमें सुरक्षा उतनी चाक-चौबंद नहीं है जितनी पुरानी संसद भवन में थी। भारत सरकार इसके बाद बचाव मुद्रा में तो है ही, एहतियाती कदम भी उठा रही है।यही कारण है कि जिसके बाद संसद की सुरक्षा को अपग्रेड किया गया है और कई सुरक्षा को मजबूत करने को लेकर कई कदम उठाए गए हैं। सरकार ने संसद परिसर में आने वाले विजिटर्स पर फिलहाल रोक लगा दी है।

लोकसभा परिसर में विजिटर गैलरी के माध्‍यम से दो युवकों के प्रवेश के बाद तत्‍काल प्रभाव से संसद में विजिटर की एंट्री को बैन कर दिया गया। भविष्‍य में इस तरह की घटना न हो, इसे लेकर व्‍यापक कदम उठाए जा रहे हैं। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार इस घटना से सबक लेते हुए संसद की सुरक्षा को लेकर बड़े बदलाव किए जाने पर सहमति बनी है। लोकसभा और राज्‍यसभा की विजिटर गैलरी में शिशे लगाए जाएंगे ताकि फिर कभी कोई विजिटर पहली मंजिल से छलांग लगाकर संसद की कार्यवाही के बीच में न कूद सके। बताया गया कि नए बदलावों के तहत सांसदों, लोकसभा-राज्‍यसभा के स्टाफ और प्रेस के लोगों के प्रवेश के लिए अलग-अलग द्वार आवंटित किए जा रहे है।

विजिटर्स अब चौथे द्वार से प्रवेश करेंगे। फिलहाल विजिटर पास जारी करने की व्यवस्था को सस्पेंड कर दिया गया है।रिपोर्ट में कहा गया कि इस डरा देने वाली घटना के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल को व्‍यापक परिवर्तन होंगे, जिसके तहत जब भी विजिटर्स को दोबारा संसद भवन के अंदर आने की अनुमति दी जाएगी तब उन्‍हें चौथे गेट से प्रवेश मिलेगा। इसके अलावा, हवाईअड्डों की तर्ज पर ही बॉडी स्कैन मशीनें संसद में लगाई जाएंगी।

बुधवार को विजिटर्स गैलरी में मौजूद दो लोगों ने अचानक लोकसभा में जहां सांसद बैठते हैं, उस तरफ छलांग लगा दी। दोनों ने कुछ पीले रंग का धुंआ उड़ाया और चेयरमैन की कुर्सी की तरफ दौड़ने लगे। इसी दौरान दो और लोगों को भी बाहर से गिरफ्तार किया गया जो उत्पात मचाने की कोशिश कर रहे थे। अब इस मामले की जांच की जा रही है। गिरफ्तार लोगों पर यूएपीए लगा दिया गया।

संसद की सुरक्षा में चूक मामले में यूएपीए के तहत केस दर्ज, अब तक पकड़े गए 5 आरोपी, छठे की तलाशी जारी

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22 साल बाद एक बार फिर संसद को निशाने पर लिया गया। ठीक 22 साल बाद यानी 13 दिसंबर 2023 को संसद पर आतंकी हमले की बरसी वाले दिन लोकतंत्र के मंदिर की सुरक्षा को ठेंगा दिखाते हुए दो लोग घुस आते हैं और लोकसभा को धुआं-धुआं कर देते हैं। ये सब होता है शीतकालीन सत्र के दौरान चल रही कार्रवाही के दौरान।बुधवार को संसद की सुरक्षा में चूक से जुड़े मामले को दिल्ली पुलिस ने यूएपीए की धारा के तहत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।बताया जा रहा है कि आज गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कोर्ट में पेशी होगी।

गृह मंत्रालय ने दिए जांच के आदेश

लोकसभा सचिवालय के अनुरोध पर, गृह मंत्रालय ने संसद सुरक्षा उल्लंघन की घटना की जांच का आदेश दिया है। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि सीआरपीएफ के महानिदेशक अनीश दयाल सिंह के नेतृत्व में एक जांच समिति गठित की गई है, जिसमें अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सदस्य और विशेषज्ञ शामिल हैं।

देश के 6 अलग-अलग शहरों से हैं आरोपी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले देश के 6 अलग-अलग शहरों से हैं और इन्होंने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए बातचीत कर इस घटना को अंजाम देने की साजिश रची। जिसके लिए हरियाणा के गुरुग्राम में एक फ्लैट में एकत्र हुए। इन 6 लोगों में मनोरंजन डी और सागर शर्मा दर्शक दीर्घा से लोकसभा कक्ष में कूद गए और धुएं के केन खोल दिए, जिससे सांसदों में दहशत फैल गई। वहीं उनके दो साथी नीलम और अमोल शिंदे ने ससंद भवन के बाहर केन से रंगीन धुआं छोड़ा और नारेबाजी की। सभी गुरुग्राम के सेक्टर-7 में विशाल शर्मा और उसकी पत्नी राखी के किराए के घर पर ठहरे हुए थे।वहीं, ललित झा नामक छठा आरोपी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

संसद की सुरक्षा में सेंध एक सुनियोजित घटना

पुलिस के मुताबिक संसद की सुरक्षा में सेंध एक सुनियोजित घटना थी पुलिस ने बताया कि 25 वर्षीय शिंदे महाराष्ट्र के लातूर जिले में स्थित अपने गांव से यह कहकर निकला था कि वह सेना भर्ती अभियान में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली जा रहा है। शिंदे ने हरियाणा की नीलम के साथ संसद के बाहर 'तानाशाही नहीं चलेगी', 'भारत माता की जय' और 'जय भीम, जय भारत' के नारे लगाए। पुलिस सूत्रों ने कहा कि संसद की सुरक्षा में सेंध एक सुनियोजित घटना थी, जिसे छह लोगों ने अंजाम दिया, ये सभी इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर एक-दूसरे के संपर्क में थे। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने कुछ दिन पहले योजना बनाई और बुधवार को संसद आने से पहले उन्होंने रेकी की। उन्होंने कहा, 'उनमें से पांच संसद में आने से पहले गुरुग्राम में विशाल के आवास पर रुके थे। योजना के अनुसार, सभी छह लोग संसद के अंदर जाना चाहते थे, लेकिन केवल दो को पास मिले।

क्या हुआ था संसद में

बुधवार दोपहर में दो आरोपी मनोरंजन डी और सागर शर्मा लोकसभा की दर्शक दीर्घा से सदन में कूद गए और उन्होंने कलर स्मॉग का इस्तेमाल किया, जिससे सांसदों में के बीच अफतरातफरी मच गई। सांसदों ने आरोपियों को पकड़ा और उनकी पिटाई कर दी। इसके बाद उन्हें सदन में मौजूद मार्शल के हवाले किया गया। दूसरी ओर उनके साथी नीलम और अमोल शिंदे ने संसद भवन के बाहर कलर स्मॉग का इस्तेमाल किया और नारेबाजी की। इसके बाद बाहर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ललित और विशाल शर्मा के रूप में दो अन्य आरोपी भी इस साजिश में शामिल थे। विशाल को हरियाणा के गुरुग्राम से हिरासत में लिया गया, जबकि ललित फिलहाल फरार है।

*पदभार ग्रहण करते ही एक्शन में एमपी के सीएम मोहन यादव, तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने पर रोक*

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मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री के तौर पर पदभार ग्रहण करते ही मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ा आदेश जारी किया है। सीएम मोहन यादव ने अपने पहले ही आदेश से अपने सख्त तेवर दिखा दिए हैं। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपने पहले बड़े फैसले में मोहन यादव ने बुधवार को धार्मिक और सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया।

भोपाल में कैबिनेट की पहली बैठक में सीएम ने ये फैसला किया। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज भोपाल में कैबिनेट की पहली बैठक की। उन्होंने पहला ही फैसला सख्त लिया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के धार्मिक स्थलों सहित हर जगह लाउड स्पीकर तेज आवाज में बजाने पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा लाउड स्पीकर तय मानकों के अनुरूप बजाएं। सीएम ने इस संबंध में दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। 

लाउड स्पीकर की जांच के लिए सभी जिलों में उड़नदस्ते बनाए जाएंगे। उडनदस्तें नियमित और आकस्मिक रूप से धार्मिक और सार्वजनिक स्थानों जहां ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग होता है, उसका निरीक्षण कर सकेगें तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में अधिकतम 03 दिवस में समुचित जांच कर प्रतिवेदन संबंधित प्राधिकारी को प्रस्तुत करेंगें।

बता दें कि प्रदेश में धार्मिक स्थल एवं अन्य स्थानों पर मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 के प्रावधानों तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय, माननीय उच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों के अनुकम में राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि किसी भी प्रकार के धार्मिक स्थल अथवा अन्य स्थान में निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप ही लाउडस्पीकर व डीजे आदि का उपयोग किया जा सकेगा।

उज्जैन दक्षिण से विधायक मोहन यादव ने आज ही भोपाल में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उन्होंने पीएम मोदी और राज्यपाल मंगू भाई की मौजूदगी में शपथ ग्रहण की। राज्यपाल ने जगदीश देवड़ा (मंदसौर के मल्हारगढ़ से विधायक) और राजेंद्र शुक्ला (रीवा से विधायक) को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद मोहन यादव ने कहा, मुझे मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी देने के लिए मैं पार्टी आलाकमान का आभारी हूं. यह बीजेपी का चरित्र है जो मेरे जैसे छोटे कार्यकर्ता को भी अवसर देता है। मैंने इस जिम्मेदारी को सेवक की तरह लिया है।

*खालिस्तानी आतंकी पन्नू ने दी थी संसद पर हमले की धमकी, फिर सुरक्षा में कैसे हो गई इतनी बड़ी चूक?*

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संसद की सुरक्षा में बुधवार को भारी चूक हुई। ये चूक उस हालात में हुई, जब 22 साल पहले हम इस तरह की खौफनाक स्थिति झेल चुके हैं। ये चूक इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि हाल ही में खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने भी संसद पर हमले की बरसी के दिन फिर हमले की धमकी दी थी। इसके बावजूद दो युवक स्मोक स्टिक लेकर न सिर्फ विजिटर गैलरी में पहुंचे। बल्कि सदन में कूद-फांदकर, चारों तरफ धुआं-धुआं कर अफरा-तफरी भी मचा दी।ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि संसद की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक हुई कैसे?

पन्नू ने छह दिन पहले एक वीडियो जारी कर 13 दिसंबर को संसद पर हमले की चेतावनी दी थी। पन्नू ने कहा था कि भारत ने उसकी हत्या की योजना बनाई थी, जो सफल नहीं हुई। इस प्लानिंग के जवाब में 13 दिसंबर को संसद पर हमला करेगा। वीडियो में पन्नू ने 22 साल पहले संसद पर हमला करने वाले अफजल गुरु का एक पोस्टर भी जारी किया था। इस तस्वीर के साथ एक नारा लिखा था, 'दिल्ली बनेगा पाकिस्तान'।

इस धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट भी जारी किया था। पन्नू की धमकियों पर साप्ताहिक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बयान दिया था। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था कि पन्नू वांटेड घोषित है। वह जो भी धमकियां दे रहा है, उसके बारे में साझीदार देशेां को बता दिया गया है। इन देशों से सुरक्षा सहयोग को लेकर भी बातचीत की जा रही है। विदेश मंत्रालय ने ये भी कहा था कि किसी भी आतंकी या चरमपंथी संगठन या व्यक्ति की ओर से भारतीय राजनयिकों या संपत्तियों को दी जा रही धमकी के बारे में हम लगातार बात कर रहे हैं। यही कारण है कि अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिरकार एजेंसियों के अलर्ट रहने के बाद भी सुरक्षा में चूक कैसे हुई?

2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले की 22वीं बरसी के दिन एक बार फिर संसद की सुरक्षा में गहरी चूक देखी गई।आज संसद पर दो हमले हुए। लोकसभा में शून्यकाल की कार्रवाई के दौरान दो युवक दर्शक दीर्घा से सदन में कूद गए। वे सांसदों को बैठने की सीटों को लांघते हुए आगे बढ़ने लगे जिसे सांसदों ने रोक दिया। दूसरा हमला संसद के बाहर हुआ जहां एक महिला और एक पुरुष ने जबरदस्ती संसद में प्रवेश करने की कोशिश की। वे संसद के बाहर नारेबाजी करने लगे और उनके पास से भी रंगीन गैस जैसी कुछ चीजें मिलीं जिसके विषय में जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियां सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही हैं, लेकिन इसे सुरक्षा में गंभीर चूक माना जा रहा है।

बिहार में उद्योग लगने की बढ़ी संभावना, फतुहा इंडस्ट्रियल एरिया को देखने पहुँचे उद्यमी

     

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पटना : बिहार में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार के द्वारा बिजनेस समिट का आयोजन किया गया है। जिसमें देश ही नहीं बल्कि विदेश से उद्यमी पटना में बिजनेस समिट में शामिल होने पहुंचे हैं। 

आपको बताएं कि इस बिजनेस समिट में 600 उद्यमी पटना पहुंचे हैं जिसमें इस समिट के प्रथम दिन उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के साथ इन लोगों का बैठक होगा वही दूसरे दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इसमें शरीक होंगे। इस दौरान करीब 500 करोड़ से ऊपर की निवेश करने वाली 12 कंपनियों से करार होगा। वही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समक्ष इन कंपनियों एम ओ यू भी होगा। वहीं अगर बात करें तो 500 करोड़ से नीचे निवेश करने वाली 240 कंपनियों के साथ भी करार होना है।

आपको बता दे कि सभी उद्यमी आज फतुहा इंडस्ट्रियल एरिया भी पहुँच है जहां यहां पर लगे कई तरह के लगे हुए उद्योगों को देखा।इस पूरे औद्योगिक एरिया के कोने कोने को बिहार के पटना में पहुचे उद्यमियों ने देखा।हलाकि इस दौरान सारे इंबेस्टर्स का भव्य स्वागत औद्योगिक इकाई क्षेत्र में किया गया ।इस दौरान कई उद्यमियों ने बिहार में लगे इस इंडस्ट्रियल एरिया को देख काफी खुश दिखे औऱ उन्होंने बिहार में उद्योग लगाने का एक अच्छा अबसर के रूप में इसे देख रहे है।

उनलोगों को कहना है कि बाकई में बिहार बदल रहा है औऱ उससे भी ज्यादा यहां उद्योग लगाने के बहुत मौके भी है।

क्या होता है स्मोक बम? जिसने लोकसभा में मचा दिया हंगामा

#parliament_attack_what_is_smoke_bomb 

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लोकसभा में बुधवार को संसद की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो शख़्स ने सुरक्षा घेरा तोड़कर उत्पात मचाया।इस घटना से जुटे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि ये शख़्स सांसदों की बेंचों के ऊपर से कूदते हुए स्पीकर की कुर्सी की तरफ़ बढ़ रहा है। इस शख़्स को सांसद पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों प्रदर्शनकारियों ने अपने इस हंगामे के दौरान संसद में स्मोक बम का इस्तेमाल किया और पूरी पार्लियामेंट को धुआं-धुआं कर दिया।माना जा रहा है कि यह किसी तरह का आतंकी हमला नहीं था। लेकिन यह हमला क्यों किया गया है इसके लिए जांच और पूछताछ जारी है।

एक ऐसा पटाखा है जिससे बहुत सारा धुआं निकलता है

स्मोक बम की बात करें तो वर्तमान में अलग-अलग तरह के स्मोक बम देखने को मिलते हैं, जिनसे रंगीन धुआं निकलता है। बुधवार को संसद में जो स्मोक बम का अटैक हुआ, उसमें भी पीला और लाल रंग का धुआं निकलता हुआ दिखाई दिया।जैसा कि नाम से ही प्रतीत होता है, ये एक ऐसा पटाखा है जिससे बहुत सारा धुआं पैदा होता है। अक्सर इस तरह के स्मोक बम दीवाली या फिर किसी पार्टी में देखे जाते हैं। पिछले कुछ वक्त से ये भारत में काफी ट्रेंड में हैं।

कहां होता है स्मोक बम का इस्तेमाल

स्मोक बम का इस्तेमाल उत्सव में तो किया ही जाता है साथ ही साथ इमरजेंसी के दौरान सिग्नल देने में भी इसे इस्तेमाल में लाया जाता है। नेवी और आर्मी में भी सिग्नल देने के लिए स्मोक क्रैकर का इस्तेमाल किया जाता है। एडवेंचर पर जाने वाले लोग भी इसे अपने साथ रखते हैं। यह कई कलर ऑप्शंस में आता है और इससे कई किलोमीटर दूर से भी सिग्नल दिया जा सकता है। स्मोक क्रैकर वैसे तो खतरनाक नहीं होता है लेकिन इस से अगर छेड़छाड़ की जाए तो यह खतरनाक भी साबित हो सकता है। देखने में यह किसी ग्रेनेड जैसा लगता है और कई लोग इसका इस्तेमाल फेक कर भी करते हैं। मार्केट में इसकी कीमत ₹500 से लेकर ₹2000 तक होती है।

कौन हैं सांसद प्रताप सिम्हा ? जिनके पास पर हुई संसद में सेंध लगाने वालों की एंट्री

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संसद के शीतकालीन सत्र के आठवें दिन संसद की सुरक्षा में सेंध लगी। सदन की कार्यवाही के दौरान दो युवकों ने लोकसभा की विजिटर गैलरी से नीचे छलांग लगाते हुए संसद की सुरक्षा के दावों को तार-तार कर दिया। हालांकि, तत्काल दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें से एक युवक की पहचान सागर शर्मा के रूप में हुई है। वहीं दूसरे युवक की पहचान मनोरंजन के रूप में हुई है। दोनों को पुलिस पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना ले गई है। वहीं प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा के नाम से दोनों युवकों का संसद में एंट्री के लिए पास बना था।

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बता दें कि प्रताप सिम्हा बीजेपी के कर्नाटक के मैसूर से सांसद हैं। प्रताप सिम्हा कन्नड़ भाषा के समाचार पत्रों में कॉलम लिखते हैं। सिम्हा पेशे से पत्रकार रह चुके हैं। उन्होंने 13 साल पत्रकारिता भी की है। 2011 में उन्हें पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित राज्योत्सव पुरस्कार मिला था। वह यह पुरस्कार पाने वाले सबसे कम उम्र के पत्रकार हैं। वह पीएम मोदी पर किताब भी लिख चुके हैं।

वह 2014 में राजनीति में शामिल हुए और जल्द ही बीजेपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष बन गए। उन्होंने 2014 में मैसूर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ा और अपने प्रतिद्वंद्वी पर 32000 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की। वो अपनी तेजतर्रार हिंदुत्व राजनीति के लिए जाने जाते हैं। वो कर्नाटक के युवा मोर्चा भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष हैं।

कौन है सागर और मनोरंजन

संसद का सुरक्षा घेरा को तोड़कर लोकसभा के अंदर घुसने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की जा रही है। इन दोनों में एक का नाम सागर है और दूसरे का नाम मनोरंजन। सागर शर्मा इंजीनियरिंग का छात्र हैं। वो कर्नाटक के मैसूर का रहने वाला है। वो बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा के नाम से जारी विजिटर पास के जरिए संसद भवन में दाखिल हुआ था। मनोरंजन भी इंजीनियरिंग का छात्र बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार वो बेंगलुरु से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। दोनों ने ऐसा क्यों किया अभी तक इसका पता नहीं चल पाया है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है।

धुआं-धुआं सदन और इधर-उधर भागते सांसद, 22 साल पहले की याद हुई ताजा

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आज ही के दिन 2001 में संसद पर हमला हुआ था। आज संसद पर हुए हमले की बरसी पर देश अपने उन वीरों को याद कर रहा है जिन्होंने लोकतंत्र के मंदिर को बचाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी। हां, उस खौफनाक मंजर की यादों जरूर धुंधलाने लगी हैं, लेकिन आद दोपहर बाद लोकसभा के अंदर से जो LIVE तस्वीरें देश ने देखीं, उसने 22 साल पहले की डरावनी याद को ताजा कर दिया।

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संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा था। तभी अचानक दो शख्स गैलरी से कूद पड़े। पहले वे आगे वाली गैलरी से लटकते रहे फिर एक के पीछे दूसरा कूद पड़ा। इसके बाद उन्होंने बेंच के ऊपर दौड़ना शुरू कर दिया।इतना ही नहीं, स्पीकर की ओर बेंच पर चढ़कर दौड़ने लगे। इसके चलते सदन में अफरा-तफरी मच गई।इसी दौरान एक युवक ने जूते के अंदर से कुछ पदार्थ निकाला। इसके बाद वहां पीले रंग का धुआं उठने लगा।

यह घटना बुधवार दोपहर एक बजकर एक मिनट पर हुई। लोकसभा में पीठासीन अधिकारी राजेंद्र अग्रवाल शून्य काल की कार्यवाही को संचालित कर रहे थे। मालदा उत्तर से भाजपा सांसद खगेन मुर्मू अपनी बात रख रहे थे। तभी दो शख्स दर्शक दीर्घा से नीचे कूद गए। नीले रंग की जैकेट पहना एक युवक शख्स सांसदों की सीट पर कूदने लगा। वह लगभग तीन कतार लांघकर आसन की तरफ जाने लगा। अफरा-तफरी के माहौल के बीच कुछ सांसदों ने हिम्मत दिखाकर उसे घेर लिया। मार्शल भी दौड़कर आ गए। तभी उस युवक ने जूते के अंदर से कुछ पदार्थ निकाला। इसके बाद वहां पीले रंग का धुआं उठने लगा। बाद में सांसदों और मार्शलों ने मिलकर दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद पीठासीन अधिकारी ने कार्यवाही स्थगित कर दी। 

इस घटना ने एक बार फिर से 22 साल पुराने उस आतंकी घटना की याद ताजा कर दी। 13 दिसंबर 2001 को आतंकियों ने पुराने संसद भवन पर आतंकी हमला किया था। देश की सबसे सुरक्षित जगहों में से एक माने जाने वाले संसद पर आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने हमला बोला था। इस आतंकी हमले में दिल्ली पुलिस के कई जवान समेत 9 लोग शहीद हुए थे।

लोकसभा की सुरक्षा में बड़ी चूक, संसद पर हमले की बरसी के दिन सुरक्षा घेरा तोड़कर दर्शक दीर्घा से सदन में कूदे 2 शख्स

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संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है और बुधवार को लोकसभा की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। बता दें कि आज संसद पर हमले की बरसी भी है। इस दौरान पीएम मोदी सहित अन्य नेताओं ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। लोकसभा में भी आज सभी सांसदों की ओर से श्रद्धांजलि दी गई। जिसके बाद लोकसभा में कार्यवाही चल ही रही थी, तभी कार्यवाही के दौरान दो अनजान शख्स सदन में कूद गए और कुछ स्प्रे करने लगे।जिसके बाद पूरी लोकसभा में धुंआ-धुआं नजर आने लगा। हालांकि बाद में इन दोनों को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद संसद के दोनों सदनों को स्थगित कर दिया गया।

दो विजिटर्स का मैसूर के सांसद का रेफरी पास बना हुआ था

दोनों आरोपियों में से एक का नाम सागर है वहीं दूसरे के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। ये लोग स्मोक कैंडल जूतों में छिपाकर लाए थे। जो स्प्रे किया गया, उससे सुरक्षाकर्मियों को बारूद की गंध आई। इन दो विजिटर्स का मैसूर के सांसद का रेफरी पास बना हुआ था। दिल्ली पुलिस की एंटी टेरर यूनिट स्पेशल सेल पार्लियामेंट के अंदर हंगामा करने वाले लोगों से पूछताछ करने पहुंची है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है।

जांच के बाद होगी कार्रवाई

इस घटना के बाद पीठासीन अधिकारी राजेंद्र अग्रवाल ने बाद में मीडिया को बताया कि एक व्यक्ति गैलरी से कूदा तो लगा कि शायद वह नीचे गिर गया है। तभी दूसरे व्यक्ति को दर्शक दीर्घा से कूदते देखा। इनमें से एक के हाथ में कुछ था, जिसमें पीले रंग का धुआं निकल रहा था, जबकि दूसरे के हाथ में कुछ था, जिससे पिट-पिट की आवाज आ रही थी। वे कुछ नुकसान नहीं कर पाए, उन्हें तुरंत काबू में कर लिया गया। हालांकि, उनका दर्शक दीर्घा से कूदना गंभीर विषय है। यह संसद की सुरक्षा में बड़ी चूक है। जांच होगी और कार्रवाई होगी।

संसद पर हमले की बरसी के दिन सुरक्षा में बड़ी चूक

13 दिसंबर को संसद पर कायराना आतंकवादी हमले की बरसी है। 2001 में 13 दिसंबर की सुबह आतंक का काला साया देश के लोकतंत्र की दहलीज तक आ पहुंचा था।हमले में दिल्ली पुलिस के छह जवान, संसद के दो सुरक्षाकर्मी और एक माली मारे गए थे। उन्हें आज सभी सांसदों की ओर से श्रद्धांजलि दी गई।