*एकता आर कपूर ने रचा इतिहास! बनीं इंटरनेशनल एमी डायरेक्टोरेट अवॉर्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला फिल्म निर्माता*
*एकता आर कपूर ने एक ऐतिहासिक जीत की अपने नाम, इंटरनेशनल एमी डायरेक्टोरेट अवॉर्ड जीतने वाली बनीं पहली भारतीय महिला फिल्म निर्माता*
टीवी से लेकर फिल्मों तक अपने कमाल के कंटेंट के लिए जाने जानें वाली कंटेंट क्वीन एकता आर कपूर अपनी शानदार करियर में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए आगे बढ़ रही हैं। बता दें कि एकता ने अपन ग्लोबल अचीवमेंट में लिस्ट में एक और उपब्धि जोड़ ली है। दरअसल, न्यूयॉर्क में 51वें इंटरनेशनल एमी में, उन्हें जाने माने लेखक और नए युग के लीडर, दीपक चोपड़ा द्वारा सम्मानित 'इंटरनेशनल एमी डायरेक्टोरेट अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया है।ये एक बेहद बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इसके साथ, एकता कपूर इंटरनेशनल एमी डायरेक्टोरेट अवॉर्ड हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला फिल्म निर्माता बन गईं हैं, जिसने उद्योग में उनके योगदान की विशिष्टता और प्रभाव को रेखांकित किया है। सबसे कुशल निर्माताओं में से एक, जो अब दशकों से उद्योग पर राज कर रही हैं, एकता की जीत सिर्फ एक व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि उनके शानदार और सोच से परे काम का सबूत है, जो लगातार ऐसे कटेंट दें रही हैं जो अलग-अलग और व्यापक दर्शकों के जीवन के साथ मेल खाती है।
*इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर बात करते हुए, सफल निर्माता अपना आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं*, “मैं प्रतिष्ठित एमी डायरेक्टोरेट अवार्ड हासिल करके बहुत खुश हूँ! इस तरह ग्लोबल स्केल पर सम्मानित होना मेरे लिए बेहद खुशी की बात है।
मैं हमेशा कहानियां सुनाना चाहती हूं क्योंकि वे मुझे सुनने, देखने और प्रतिनिधित्व करने का मौका देती हैं। मैं दर्शकों के प्यार के लिए आभारी हूं जिन्होंने मेरे लिए दरवाजे खोले, जिससे मुझे टेलीविजन से फिल्मों और ओटीटी की दुनिया में जाने का मौका मिला। मेरे द्वारा बताई गई हर एक कहानी कई स्तरों पर दर्शकों से जुड़ने का एक सेतु बन गई हैं। इस यात्रा में आए अनेक मोड़ भारत और उसके बाहर के लोगों द्वारा बरसाए गए प्यार की शक्ति का प्रमाण हैं। मेरा दिल कृतज्ञता से भरा हुआ है, और दर्शकों के लिए अपने काम के माध्यम से सकारात्मक प्रभाव डालने का एक मजबूत संकल्प है।"
इंटरनेशनल एमी डायरेक्टोरेट अवॉर्ड एकता की सीमारों से आगे निकलकर एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कुछ नया करने की काबिलियत को दर्शाता है। उनका पद्मश्री पुरस्कार इस क्षेत्र में उनकी उत्कृष्टता का प्रमाण है और वह इस उद्योग में महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं। अपने लगातार बदल रहे दर्शकों की पसंद और प्राथमिकताओं को समझने और उन्हें पूरा करने की उनकी प्रतिभा ने उन्हें एक दशक से अधिक समय से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में सबसे आगे रखा है। वह 17,000 घंटे से ज्यादा के टेलीविजन कंटेंट और 135 से ज्यादा टेलीविजन शो के साथ एक अग्रणी महिला हैं। बता दें कि इस लिस्ट में उनकी 50 से अधिक फीचर फिल्में भी शामिल हैं। एकता एक ऐसी ताकत है जिसने लगभग 600 मिलियन डॉलर का उद्योग खड़ा किया है, जिसमें 80% महिलाएं इसका नेतृत्व कर रही हैं। 2 मिलियन नौकरियाँ पैदा करना जिसका सीधा प्रभाव पूरे भारत में 7.2 मिलियन से अधिक घरों पर पड़ता है।
उनकी इन सभी उपलब्धियों को देख यह कहा जा सकता है कि एकता अपनी हर एक जीत के साथ अपने स्तर को ऊपर की ओर लेकर जा रही हैं।


ये एक बेहद बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इसके साथ, एकता कपूर इंटरनेशनल एमी डायरेक्टोरेट अवॉर्ड हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला फिल्म निर्माता बन गईं हैं, जिसने उद्योग में उनके योगदान की विशिष्टता और प्रभाव को रेखांकित किया है। सबसे कुशल निर्माताओं में से एक, जो अब दशकों से उद्योग पर राज कर रही हैं, एकता की जीत सिर्फ एक व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि उनके शानदार और सोच से परे काम का सबूत है, जो लगातार ऐसे कटेंट दें रही हैं जो अलग-अलग और व्यापक दर्शकों के जीवन के साथ मेल खाती है।




वैशाली: आलू रोपाई का अभी उपयुक्त समय चल रहा हैं. दूसरी ओर पिछली साल आलू की कीमत में कमी को देखते हुए इस बार आलू की खेती कम होने की उम्मीद हैं. आलू बीज की कमी अभी बाजार में नहीं है.
वैशाली: पहिले पहिले छठ हम कईनी छठ के बरतिया, रूनकी झुनकी बेटी मांगीला, पढल लिखल दामाद छठी मैया केलवा के पात पर उगेला हो सुरजदेव जैसे छठ के पारंपरिक लोकगीतों के साथ लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के दूसरे दिन शनिवार को करना को लेकर छठव्रतियों में खासा उत्साह रहा. आस्था के महापर्व छठ का करना छठ व्रतियों ने रोटी एवं खीर का प्रसाद चढ़ाकर सम्पन्न किया. कल रविवार भगवान सूर्य को अर्ध्य दिया जाएगा. छठ पर्व के दूसरे दिन सुबह से ही खरना को लेकर बाजार से दूध चावल एवं गुड़ चीनी की व्यवस्था करने में लोग लगे रहे. मालूम हो कि छठ व्रती महिलाएं ने वस्त्र धारण कर चार दिवसीय पर्व के दूसरे दिन निर्जला रह कर छठ का करना करती हैं. खरना पर्व में प्रसाद के लिए गुड़ से बनी खीर एवं रोटी बनाकर पूजा अर्चना किया जाता हैं तत्पश्चात घर के सदस्य महाप्रसाद ग्रहण करते हैं.
महान स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व विधान परिषद् सदस्य बटुकेश्वर दत्त की जयंती बिहार विधान परिषद् में मनाई गई। बिहार विधान परिषद् के माननीय उप सभापति प्रो . ((डॉ.) रामचन्द्र पूर्वे ने बटुकेश्वर दत्त की प्रतिमा पर मालर्यापण किया। उन्होने कहा की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले क्रांतिकारियों में बटुकेश्वर दत्त का नाम श्रद्धा पूर्वक लिया जाता है। शहिद-ए-आजम भगत सिंह के साथ दिल्ली के केंद्रीय असेम्बली में बम फेंक कर अंग्रेजी हुकूमत को दहलाने का काम किया था। बटुकेश्वर दत्त पर सेंट्रल असेंबली पर बम फेंकने का मुकदमा चलाया गया। इस केस में उन्हें आजीवन कारावास कालापानी की सजा सुनाई गई और सेलुलर जेल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भेज दिया गया। कई सालों बाद उन्हें जेल से रिहा किया गया। जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने फिर से आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया और महात्मा गांधी के भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया। जिसके कारण उन्हें चार साल के लिए फिर से जेल जाना पड़ा।
छठ पूजा का सनातन धर्म में बड़ा धार्मिक महत्व हैं. इस पर्व पर व्रती भगवान सूर्य और छठ माता से प्रार्थना करते हैं और उनके आर्शीवाद की कामना करते हैं. साथ ही लोग सूर्य के प्रति अपना सम्मान और आभार भी व्यक्त करते हैं क्योंकि वो सभी जीवित प्राणियों को प्रकाश सकारात्मकता और जीवन प्रदान करते हैं.
छठ पर्व की शुरूआत कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि से होती हैं. इस पर्व के दौरान सूर्य देव और छठी मैया की पूजा-अर्चना की जाती हैं. छठ का व्रत महिलाएं अपनी संतान की सलामती और उज्जवल भविष्य के लिए करती हैं. छठ पर्व के पहले दिन नहाए खाएं मनाया जाता हैं. छठ मनाने वाले लोगों में इस दिन का विशेष महत्व हैं.
Nov 23 2023, 08:03
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