झारखंड क्रांति मोर्चा के हार्डकोर नक्सली शंकर राम और पत्नी कविता भुईया को किया गया गिरफ्तार


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लातेहार: पुलिस को उस समय बड़ी सफलता मिली जब नक्सली संगठन झारखंड क्रांति मोर्चा के के नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने को लेकर हथियार और कारतूस छुपा कर रखे हैं ।

 लातेहार एसपी अंजनी अंजन को मिली गुप्त सूचना के मिलने पर पुलिस की एक टीम गठित की गई जिसमे सीआरपीएफ 214 बटालियन के सीओ केडी जोशी और 2 आईसी अभिनव आनंद के नेतृत्व के लातेहार सदर थाना क्षेत्र के बेंदी जंगल मे सर्च अभियान चलाकर झारखंड क्रांति मोर्चा के हार्डकोर नक्सली शंकर राम को और उसकी पत्नी कविता भुईया को गिरफ्तार कर लिया है । गिरफ्तार नक्सली के पास से पुलिस ने 3 देशी पिस्टल , 1 देशी राईफल , 5 जिंदा कारतूस 1 खाली खोखा , नक्सली वर्दी नक्सली जूते बरामद किया है ।

 नक्सलियों के विरुद्ध एक बड़ी सफलता मिली है वही सीआरपीएफ के कमांडेंट केडी जोशी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी की झारखंड क्रांति मोर्चा के नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में है । 

जिसको लेकर नक्सली हथियार छुपाए थे पुलिस ने सर्च अभियान चलाकर दो नक्सलियों को पकड़ा बल्कि उनके पास से हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं यह पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है ।

बदल गया नेहरू मेमोरियल का नाम, अब पीएम म्यूजियम एंड लाइब्रेरी के नाम से होगी पहचान, जानें क्या है कांग्रेस की प्रतिक्रिया

#nehru_memorial_renamed_as_pm_museum_and_library

दिल्ली में स्थित नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय का नाम बदल दिया गया है। अब से यह प्रधानमंत्री म्यूजियम एंड सोसाइटी के नाम से जाना जाएगा।इसे लेकर पहले ही फैसला लिया जा चुका था, लेकिन स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इसे बदल दिया गया।जाहिर सी बात है कांग्रेस की इस पर जोरदार प्रतिक्रिया होगी।कांग्रेस महासचिव और पार्टी के संचार प्रमुख जयराम रमेश ने नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी का नाम बदलने पर मोदी सरकार पर नेहरू की विरासत को नष्ट करने का आरोप लगाया है। 

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बता दें कि जून महीने में नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी सोसाइटी की एक विशेष बैठक में इसका नाम बदलकर प्राइम मिनिस्टर्स म्यूजियम एंड लाइब्रेरी सोसाइटी करने का फैसला किया गया था।स्वतंत्रता दिवस पर नाम परिवर्तन को औपचारिक रूप दे दिया गया।पीएमएमएल के उपाध्यक्ष ए सूर्य प्रकाश ने एक्स (ट्विटर) पर नाम बदलने की पुष्टि की। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय (एनएमएमएल) अब 14 अगस्त, 2023 से प्रधान मंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय (पीएमएमएल) सोसायटी है, जो समाज के दायरे के लोकतंत्रीकरण और विविधीकरण के अनुरूप है। 

पीएम मोदी के पास डर और असुरक्षा का एक बड़ा पिटारा-जयराम रमेश

अब इसे लेकर कांग्रेस की तरफ से रिएक्शन सामने आया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसे लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा है।नेहरू मेमोरियल का नाम बदलने को लेकर जयराम रमेश ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, आज से एक प्रतिष्ठित संस्थान को नया नाम मिल गया है, विश्व प्रसिद्ध नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय (एनएमएमएल) प्रधानमंत्री स्मारक संग्रहालय और पुस्तकालय बन गया है। पीएम मोदी के पास डर और असुरक्षा का एक बड़ा पिटारा है। 

उनका एकमात्र एजेंडा नेहरू और नेहरूवादी विरासत को नकारना-जयराम रमेश

खासतौर पर जब हमारे पहले और सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री की आती है, उनका एकमात्र एजेंडा नेहरू और नेहरूवादी विरासत को नकारना, विकृत करना, बदनाम करना और नष्ट करना है। उन्होंने N को मिटाकर उसकी जगह P डाल दिया है। वह पी वास्तव में संकीर्णता और अपमानित करने के लिए है।कांग्रेस नेता ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष, वैज्ञानिक और उदारवादी नींव रखने में नेहरू की योगदान को हम नहीं भूलने देंगे। नेहरू ने देश की आजादी के लिए अहम योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि अब सब मोदी और उनके साथ काम करने वालों के हाथ में है। इन सब के बावजूद जवाहरलाल नेहरू की विरासत दुनिया के देखने के लिए जीवित रहेगी और आने वाली पीढ़ियों को वह प्ररित करते रहेंगे। 

बता दें कि 1948 में तीन मूर्ति भवन देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का आधिकारिक आवास बन गया। वे यहां करीब 16 सालों तक रहें और यहीं उन्होंने अपनी आखिरी सांस भी ली थी। उनके निधन के बाद इस तीन मूर्ति भवन को उनकी याद में समर्पित कर दिया गया। इसके बाद से ही इसे पंडित नेहरू मेमोरियल के नाम से जाना जाने लगा। 15 जून को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंहकी अध्यक्षता में एक विशेष बैठक हुई थी, जिसमें नेहरू मेमोरियल का नाम बदलने के फैसले पर मुहर लगी थी। बता दें राजनाथ सिंह नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी के उपाध्यक्ष हैं वहीं, प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष हैं। अब केंद्र सरकार ने इसका नाम नेहरू मेमोरियल से बदलकर पीएम म्यूजियम एंड सोसाइटी कर दिया है।

अटल बिहारी बाजपेयी की पुण्यतिथि आज, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी समेत कई नेता और मंत्री श्रद्धांजलि देने पहुंचे 'सदैव अटल'

#atal_bihari_vajpayee_on_his_death_anniversary

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देश के पूर्व प्रधानमंत्री और बीजेपी के संस्थापक सदस्य भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की आज 5वीं पुण्यतिथि है। इस मौके राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमाम केंद्रीय मंत्रियों ने सुबह-सुबह अटल स्मृति पर जाकर उनको श्रद्धांजलि दी। 

दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर आज उनकी समाधि 'सदैव अटल' पर प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर 'सदैव अटल' स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने भी अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर 'सदैव अटल' स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। 

एनडीए गठबंधन के भी नेताओं का लगा जमावड़ा

अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर बीजेपी की ओर से दिल्ली में अटल स्मृति पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। जिसमें औपचारिक तौर पर गठबंधन के भी नेताओं को भी बुलाया गया है। एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल, केंद्रीय मंत्री और अपना दल (सोनीलाल) की नेता अनुप्रिया पटेल और हम नेता जीतन राम मांझी सहित अन्य एनडीए नेताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर 'सदैव अटल' स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।

पीएम मोदी ने किया ट्वीट

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ट्वीट कर लिखा कि अटल जी की पुण्यतिथि पर मैं देश के 140 करोड़ लोगों के साथ उन्हें नमन करता हूं। भारत को उनके नेतृत्व से काफी फायदा मिला, उन्होंने देश के विकास में अहम योगदान दिया और 21वीं सदी के भारत की नींव डालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में

बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन 93 साल की उम्र में 16 अगस्त 2018 में हुआ था, वह लंबे वक्त से बीमार थे। अटल बिहारी वाजपेयी ने 3 बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, साल 1998 से लेकर 2004 तक उन्होंने बतौर प्रधानमंत्री अपना कार्यकाल पूरा किया था। अटल ने सबसे पहले 1996 में 13 दिन, 1998 में 13 महीने और फिर 1999 में 5 साल तक अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री रहे थे। अटल बिहारी वाजपेयी 9 बार वो लोकसभा सांसद चुने गए जबकि 2 बार राज्यसभा सांसद चुने गए।

अटल बिहारी वाजपेयी को भाजपा के सर्वोच्च नेताओं में से एक माना जाता है, जिनकी अगुवाई में बीजेपी का उदय हुआ और सत्ता तक का सफर तय हुआ। वाजपेयी को पार्टी को उनके आधार से परे लोकप्रिय बनाने और छह साल तक सफलतापूर्वक गठबंधन सरकार चलाने का श्रेय दिया जाता है, इस दौरान उन्होंने सुधारों को आगे बढ़ाया और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा दिया।

चांद के और करीब पहुंचा चंद्रयान-3, आखिरी ऑर्बिट में ली एंट्री, अब 23 अगस्त का इंतजार

#chandrayaan_3_successfully_completes_fifth_and_final_maneuver_to_reach_moon

चंद्रयान-3 चांद के और करीब पहुंच गया है।चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की कक्षा में पहुंचने की पांचवीं और अंतिम कवायद सफलतापूर्वक पूरी कर ली है।जी हां, चंद्रयान-3 आज चंद्रमा के आखिरी ऑर्बिट में पहुंच गया है। इसरो ने इसकी जानकारी दी है।इसरो ने ट्वीट कर बताया कि रफ्तार बढ़ाने के लिए की गई आज की सफल फायरिंग थोड़े समय के लिए आवश्यक थी। इस फायरिंग ने चंद्रयान-3 को अपनी मंशा के अनुरूप 153 किलोमीटर से 163 किलोमीटर की कक्षा में स्थापित कर दिया है।यह वो पल है जहां से चंद्रयान की यात्रा में महत्वपूर्ण लेकिन निर्णायक बदलाव होने हैं। 

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इसरो के मुताबिक, इस ऑर्बिट में पहुंचने के बाद वह लैंडर को अलग करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।इसरो ने बताया कि अब तैयारियों का समय आ गया है क्योंकि प्रोपल्शन मॉड्यूल और लैंडर मॉड्यूल अपनी अलग-अलग यात्राओं के लिए तैयार हो रहे हैं। लैंडर मॉड्यूल को प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग करने की योजना 17 अगस्त, 2023 को बनाई गई है।

इसरो ने ट्वीट में कहा गया है कि आज इंजन को सफलतापूर्वक ऑन करने के बाद उसने चांद की तरफ जाने वाली एक ऑर्बिट को पूरा कर लिया है। अब उसकी दूरी 153 km x 163 km रह गई है। यहां से लैंडर को अलग किया जाएगा और इस मिशन का कैरियर 17 अगस्त से एक और राउंड पूरा करने के बाद अपनी अलग-अलग यात्रा शुरू करेंगे। अगर सब ठीक रहता है तो लैंडर 23 अगस्त को अपने तय समय के मुताबिक चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग कर जाएगा।

लैंडर के प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग होने और 100 किमी x 30 किमी की कक्षा में प्रवेश करने के बाद सॉफ्ट लैंडिंग प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। लगभग 30 किमी की ऊंचाई पर लैंडर चंद्रमा की सतह तक नीचे जाने के लिए अपने थ्रस्टर्स का उपयोग करेगा। सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करने के लिए इस नाजुक ऑपरेशन के लिए सटीक नियंत्रण और नेविगेशन की आवश्यकता होती है। चंद्रयान-3 का मिशन न सिर्फ अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन है बल्कि इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक खोजें करना भी है।

‘चंद्रयान-3' का प्रक्षेपण 14 जुलाई को किया गया था और पांच अगस्त को इसने चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया था।चंद्रयान-3 ने जब पहली बार चंद्रमा की कक्षा में एंट्री की थी तो उसकी ऑर्बिट 164 Km x 18,074 Km थी।ऑर्बिट में प्रवेश करते समय उसके ऑनबोर्ड कैमरों ने चांद की तस्वीरें भी कैप्चर की थीं। इसरो में ने अपनी वेबसाइट पर इसका एक वीडियो बनाकर शेयर किया था।पांच अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में पहुंचने के बाद छह और नौ अगस्त को चंद्रयान को कक्षा में नीचे लाए जाने की दो प्रक्रियाओं को अंजाम दिया गया।

दुनिया को रास्ता दिखाने के लिए आजाद हुआ भारत, स्वतंत्रता दिवस पर बोले संघ प्रमुख मोहन भागवत


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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि पूरे विश्व को प्रकाशित करने के लिए भारत स्वतंत्र हुआ था। अब सम्पूर्ण दुनिया को प्रकाश देने के लिए भारत को अपनी क्षमताओं को बढ़ाने की जरूरत है।बता दें कि संघ प्रमुख ने 77वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कर्नाटक की राजधानी बंगलुरू में ध्वजारोहण किया। 

भारत स्वतंत्रता दिवस की 77वीं सालगिरह पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी बसवनगुड़ी में तिरंगा फहराया।बसवनगुड़ी के वासवी कन्वेंशन हॉल में समर्थ भारत संस्था ने 77वें स्वतंत्रता दिवस पर झंडारोहण का कार्यक्रम आयोजित किया।इस दौरान भागवत ने राष्ट्रीय ध्वज के महत्व को समझने पर भी जोर दिया। साथ ही भागवत ने भारत का भी अर्थ बताया।भागवत ने कहा कि हम सूर्य की पूजा करते हैं और इसलिए हमें भारत कहा जाता है। इसमें भा का मतलब होता है रोशनी। सूर्य की आराधना स्वतंत्रता दिवस पर होने वाला एक सार्थक आयोजन है।उन्होंने कहा कि यहां हमने ध्वजात्तोलन किया। भारत माता का पूजन किया। सूर्य भगवान की आराधना आप लोग कर रहे हैं, सूर्य नमस्कार के द्वारा। यह अत्यंत समीचीन बात है। उन्होंने कहा कि प्रकाश का उद्गम हमारे विश्व के लिए सूर्य हैं, उस आदित्य की आराधना स्वतंत्रता दिवस पर करना अत्यंत औचित्यपूर्ण कार्य है। 

मोहन भागवत ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस, भारत के स्वतंत्र होने का अवसर है और भारत सम्पूर्ण विश्व को प्रकाश देने के लिए स्वतंत्र हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र होने के मूल में स्व है, यह महत्वपूर्ण उक्ति हैं और आज विश्व को इसकी आवश्यकता है, इसके लिए सभी को तैयार होना है।

कुछ ताकतें भारत की प्रगति को रोकना चाहती हैं-भागवत

मोहन भागवत ने कहा कि देश को तिरंगे से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए और दुनिया का नेतृत्व करना चाहिए। हालांकि देश विरोधी ताकतें नहीं चाहतीं कि हम आगे बढ़ें। संघ प्रमुख ने अपने बयान में कहा कि भारत, दुनिया को जागृत करने में सक्षम है लेकिन कुछ ताकतें हैं जो भारत की प्रगति को रोकना चाहती हैं। हमें उनसे सावधान रहना होगा और हमारे राष्ट्रीय ध्वज में छिपे संदेश के अनुसार, काम करना होगा और देश को एकजुट रखना होगा। जिससे नकारात्मक ताकतें सफल ना हो सकें।

हमें राष्ट्रीय ध्वज के संदेश के आधार पर ही काम करना होगा-भागवत

इस मौके पर भागवत ने राष्ट्रीय ध्वज के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि झंडे में सबसे ऊपर नारंगी रंग बलिदान का प्रतीक होता है और ये तमसो मा ज्योतिर्गमय का संदेश देता है। इसका मतलब होता है अंधेरे से उजाले की तरफ जाना।भागवत ने बताया कि झंडे में सफेद रंग शुद्धता और बिना किसी स्वार्थ के काम करने का प्रतीक होता है। वहीं हरे रंग को संघ प्रमुख मोहन भागवत ने लक्ष्मी और समृद्धि का प्रतीक है, जो बौद्धिक, आध्यात्मिक और निस्वार्थ शक्ति की प्राप्त करने में मदद करता है।भागवत ने कहा कि हमें राष्ट्रीय ध्वज के संदेश के आधार पर ही काम करना होगा

रूस में बड़ा हादसा, गैस स्टेशन में हुए भीषण विस्फोट में 25 से ज्यादा लोगों की मौत, 100 से ज्यादा घायल


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रूस के मखाचकाला में एक गैस स्टेशन में भीषण धमाका हो गया है। इस धमाके में तीन बच्चों समेत 25 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। जबकि 100 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। बताया जा रहा है कि आग पहले कार की मरम्मत करने वाली दुकान में लगी और देखते ही देखते पास के गैस स्टेशन में फैल गई।

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती की देश के आपातकाल मंत्रालय के हवाले से जारी की गई खबर के मुताबिक, क्षेत्र की राजधानी मखचकाला के बाहरी क्षेत्र में स्थित गैस स्टेशन में सोमवार रात को विस्फोट हुआ था। आग पहले कार की मरम्मत करने वाली दुकान में लगी और देखते ही देखते पास के गैस स्टेशन में फैल गई। खबर के मुताबिक, गैस स्टेशन में लगी आग थोड़ी ही देर में 600 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैल गई। आग को बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम को साढ़े तीन घंटे से अधिक समय लगा।

रूसी उप स्वास्थ्य मंत्री व्लादिमीर फिसेन्को ने बताया है कि घायलों में से 10 की हालत गंभीर है। इंटरफैक्स ने दागेस्तानी स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से बताया कि घायलों में तेरह बच्चे हैं। रूस के आपातकालीन स्थिति मंत्रालय ने टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप पर कहा कि गंभीर रूप से घायलों को मॉस्को ले जाने के लिए माखचकाला में एक विमान भेजा गया था।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मखचकाला में ग्लोबस शॉपिंग सेंटर के पास एक कार सर्विस सेंटर में विस्फोट हुआ था। क्षेत्रीय गवर्नर ने मंगलवार 15 अगस्त को कहा कि दागेस्तान के दक्षिणी रूसी क्षेत्र में एक गैस स्टेशन में आग लगने का मामला सामने आया। डागेस्टानी डिजास्टर मेडिसिन सेंटर की जानकारी के अनुसार, 12.00 बजे (मॉस्को समय) तक 12 लोग मारे गए, 50 घायल हो गए। हालांकि बाद में मृतकों की संख्या और बढ़ी जो कि 25 से ज्यादा पहुंच गई। मरने वालों में 3 बच्चे भी शामिल हैं।

अक्षय कुमार को मिली भारतीय नागरिकता, बोले- दिल और सिटीजनशिप दोनों हिन्दुस्तानी

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भारतवासी आज 77वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। इस मौके पर हर व्यक्ति जोश और उत्साह से भरा हुआ है। बॉलीवुड में भी स्वतंत्रता दिवस को लेकर अलग उमंग देखने को मिल रही है। इस बीच बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार ने अपने फैंस को बड़ी खुशखबरी दी है।अक्षय कुमार अब भारतीय नागरिक बन गए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर ऑफिशियल डॉक्यूमेंट शेयर किए हैं। उन्होंने डॉक्यूमेंट की तस्वीर शेयर करके फैंस को ये खुशखबरी दे दी है।बता दें कि फिल्मों में सफलता नहीं मिलने के कारण उन्होंने 1990 में भारत की नागरिकता छोड़ दी थी और कनाडा में बसने और काम करने के लिए वहां की नागरिकता ले ली थी।

नागरिकता को लेकर सवाल उठने वालों को मिला जवाब

अक्षय कुमार ने भारतीय नागरिकता पाने की जानकारी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए दी है।अक्षय ने फोटो शेयर करते हुए लिखा- 'दिल और सिटिजनशिप, दोनों हिंदुस्तानी। स्वतंत्रता दिवस की बधाई। जय हिंद। उन्होंने इंडियन सिटीजनशिप के लिए 2019 में आवेदन किया था।इसके साथ ही अक्षय कुमार की नागरिकता को लेकर उठने वाले सवालों पर पूर्ण विराम लग गया है।दरअसल, कनाडा की नागरिकता होने की वजह से हेटर्स ने कई बार उनकी देशभक्ति पर भी सवाल खड़े किए थे।

पहले अक्षय के पास थी कनाडा की नागरिकता

याद दिला दें कि अक्षय कुमार के पास पहले भारतीय नहीं, कनाडा की नागरिकता थी। लगातार उनकी फिल्में फ्लॉप हो रही थीं, जिसके बाद उन्होंने कनाडा में बसने का फैसला किया था, लेकिन इसके बाद एक बार फिर उनका सिक्का बॉलीवुड में चल पड़ा और वो भारत छोड़कर कनाडा नहीं जा पाए। लंबे वक्त से अक्षय भारतीय नागरिकता के लिए प्रयास कर रहे थे। आखिरकार अब उन्हें भारतीय नागरिकता मिल गई है।

लोयोला स्कूल टेल्को में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस समारोह


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लोयोला स्कूल टेल्को में 77 वां स्वतंत्रता दिवस समारोह विविध रंगारंग एवं मनोरंजन संस्कृति कार्यक्रमों के माध्यम से देश भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया l कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि" रोनाल्ड डिकोस्टा" (सी.ई.ओ) ,प्राचार्या श्रीमती चरणजीत ओसन,लोयोला स्कूल के प्रशासक फादर जेरी और फादर गौतम के द्वारा ध्वजारोहण के साथ परेड द्वारा सलामी एवं राष्ट्रगान से हुआ l

 मंच का भार एस.तरीका द्वारा संभाला गया l स्वागत भाषण विलियम द्वारा दिया गया lनीरजा द्वारा अंग्रेजी भाषण के माध्यम से देश के वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी गई l उसके पश्चात लोयोला स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा एक मनमोहक संगीत प्रस्तुत किया गया जिसने वहाँ बैठे सभी दर्शकों का मन मोह लिया l लोयोला स्कूल के परिषद के विद्यार्थियों के देश के प्रति उत्साह और समर्पण को देखते हुए मुख्य अतिथि रोनाल्ड डिकोस्टा ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप ही हमारे देश के भविष्य हैं,आप आगे चलकर डॉक्टर, इंजीनियर और शिक्षक बनेंगे और आप ही पर निर्भर है हमारा भारत,भारत को प्रगति की राह में अग्रसर करने के लिए आपका योगदान अत्यंत ही आवश्यक है l 

अतिथि के भाषण के पश्चात लोयोला स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा संगीत का आयोजन किया गया तत्पश्चात हिंदी की कविता श्रीजया ठाकुर  तथा दीपिका और श्रेया साहू द्वारा  देश के वीर जवानों को याद करते हुए हिंदी के पंक्तियों के माध्यम से देश के वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी तथा वहाँ बैठे सभी लोगों को अपने वक्तव्यो से प्रभावित किया l

इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लोयोला स्कूल की प्राचार्या श्रीमती चरणजीत ओसान ने भाषण देते हुए कहा आज हमारा देश का 77वां स्वतंत्रता दिवस मना रहें हैं,हम सब यहाँ उपस्थित हुए है, देश के महानायकों के बलिदान को याद करने के लिए, प्राचार्य द्वारा वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी गईlकार्यक्रम का समापन परी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के पश्चात किया गया l

जमशेदपुर: 77 वां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जमशेदपुर वन प्रमंडल कार्यालयों में किया गया झंडोत्तोलन

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जमशेदपुर: 77 वां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जमशेदपुर वन प्रमंडल जमशेदपुर कार्यालयों में झंडा तोलन किया गया इस मौके पर डीएफओ ममता प्रियदर्शी ने कहा कि जिस तरीके से क्लाइमेट चेंज होता दिख रहा है इसको लेकर हमें सतर्कता अभी से ही बरतनी चाहिए. 

इसलिए हमें एक पौधा जरूर लगाना चाहिए और उसकी सेवा करनी चाहिए ताकि जितना हम पेड़ पौधा लगाएंगे हमारा पर्यावरण उतना ही सुरक्षित रहेगा इस मौके पर इन्होंने संकल्प लिया कि पर्यावरण की रक्षा के लिए हर लोगों को जागरूक किया जाएगा.

जमशेदपुर: 77 वां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जमशेदपुर वन प्रमंडल कार्यालयों में किया गया झंडोत्तोलन


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जमशेदपुर: 77 वां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जमशेदपुर वन प्रमंडल जमशेदपुर कार्यालयों में झंडा तोलन किया गया इस मौके पर डीएफओ ममता प्रियदर्शी ने कहा कि जिस तरीके से क्लाइमेट चेंज होता दिख रहा है इसको लेकर हमें सतर्कता अभी से ही बरतनी चाहिए. 

इसलिए हमें एक पौधा जरूर लगाना चाहिए और उसकी सेवा करनी चाहिए ताकि जितना हम पेड़ पौधा लगाएंगे हमारा पर्यावरण उतना ही सुरक्षित रहेगा इस मौके पर इन्होंने संकल्प लिया कि पर्यावरण की रक्षा के लिए हर लोगों को जागरूक किया जाएगा.