चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के नाम पर वायरल हुआ मैसेज, जानें संविधान बचाने की अपील करने वाले संदेश की सच्चाई

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सुप्रीम कोर्ट ने भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की तस्वीर के साथ व्हाट्सएप पर सर्कुलेट किए जा रहे एक कथित ‘मैसेज’ का खंडन किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप पर प्रसारित किए जा रहे मैसेज में दावा किया जा रहा था कि सीजेआई ने लोगों को सड़कों पर आने और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए कहा है। सीजेआई चंद्रचूड़ की तस्वीर के साथ शेयर किए जा रहे कथित संदेश की हेडलाइन है,"भारतीय लोकतंत्र सुप्रीम कोर्ट जिंदाबाद"। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह के पोस्ट को फर्जी बताया है और अब ऐसे लोगों पर कार्रवाई की तैयारी है।

कोर्ट की तरफ से जारी रिलीज में कहा गया है कि वह पुलिस के जरिए मामले में उपयुक्त कार्रवाई कर रहा है। इस फर्जी पोस्ट में सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ का फोटो लगाकर उनके हवाले से जनता से सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में आने का आग्रह किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने बयान में कहा कि ये कोर्ट के संज्ञान में आया है कि एक सोशल मीडिया पोस्ट (जनता को अधिकारियों के खिलाफ भड़काने) में फाइल फोटोग्राफ का इस्तेमाल करके देश के मुख्य न्यायाधीश के हवाले से फर्जी बात लिखी गई।

इसमें आगे कहा गया कि ये पोस्ट फर्जी है, गलत इरादे से की गई है और शरारतपूर्ण है। चीफ जस्टिस की ओर से ऐसी कोई पोस्ट जारी नहीं की गई है और न ही उन्होंने ऐसा कुछ कहा है। इस संबंध में उचित कार्रवाई की जा रही है।

भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी बताया कि प्रसारित किया जा रहा संदेश फर्जी था। लॉ टुडे से एक्सक्लूसिव बात करते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह एक फर्जी फॉरवर्ड है। कोई भी सीजेआई कभी भी ऐसा काम नहीं करेगा, सीजेआई चंद्रचूड़ जैसा महान व्यक्ति तो बिल्कुल भी नहीं। भारत के मुख्य न्यायाधीश के नाम पर इतनी गंभीर शरारत के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

*ट्विटर प्रोफाइल पर तिरंगा लगाते ही हट गया है ब्लू टिक, जानें क्या है वजह*

#bluetickremovedastricolorisplacedontwitter

एलन मस्क द्वारा माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर यानी एक्स की कमान संभालने से ही ब्लू टिक चर्चा में है। वेरिफाइड अकाउंट के तौर पर फ्री मिलने वाला ब्लू टिक एलन मस्क ने पेड कर दिया था। लेकिन अब एक दूसरी वजह से यह चर्चा में आ गया है।दरअसल, भारत इस साल अपना 77 स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाने जा रहा है। इस मौके को खास बनाने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया अकाउंट्स में डीपी को तिरंगे में बदलने का आग्रह किया है। ऐसे में सभी सोशल मीडिया यूजर्स ऐसा ही कर रहे हैं। हालांकि ऐसा करने के बाद X (ट्विटर) यूजर्स के प्रोडाइल में लगा हुआ ब्लू टिक बैज गायब हो जा रहा है। 

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सीएम योगी समेत इनके अकाउंट से ब्लू टिक गायब

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने ट्विटर अकाउंट पर DP बदलकर तिरंगे की तस्वीर लगाई तो उनका ब्लू टिक गायब हो गया। वहीं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के भी ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक रिमूव हो गया।इसके अलावा हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के भी ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक गायब हो गया है।

ब्लू टिक जाने का है ये बड़ा कारण

ट्विटर X के नए नियमों के तहत, अगर कोई यूजर अपनी प्रोफाइल बदलता है और किसी तरह की डिजाइन्ड, ग्राफिक्स की मदद से तैयार फोटो या फिर एनिमेटेड तस्वीर लगाता है तो उसके अकाउंट ब्लू टिक हटा दिया जाएगा। हालांकि, ये स्थाई तौर पर नहीं होगा। X की ओर से पहले फोटो का रिव्यू किया जाएगा, उसके बाद ब्लू टिक दोबारा नजर आने लगेगा। हालांकि, इस प्रोसेस में कितना समय लगने वाला है, इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है।

कब हुए बदलाव

दरअसल, ट्विटर X में ये बदलाव तब किए गए थे, जब एलन मस्क ने ट्विटर को टेकओवर किया था। इसी के बाद से ब्लू सब्सक्रिप्शन की भी शुरुआत हुई। इसके तहत अब ट्विटर यूजर्स को 650 रुपये वेब और 900 रुपये ऐप के लिए देने पड़ते हैं। ब्लू टिक लेने के लिए सिर्फ पैसे का ही भुगतान जरूरी नहीं है बल्कि आपको कुछ शर्तों को भी पालन करना पड़ता है। प्रोफाइल फोटो में अकाउंट होल्डर की रियल फोटो होना जरूरी है। रियल फोटो न होने पर ब्लू टिक हटा दिया जाएगा। अगर आप बाद में अपनी रियल फोटो लगाते हैं तो आपकी फोटो का रिव्यू किया जाएगा और उसके बाद ब्लू टिक वापस मिल जाएगा।

*चांद के बाद इसरो की सूरज पर नजर, चंद्रयान के बाद अब मिशन 'सूर्ययान' की तैयारी, सितंबर के पहले हफ्ते में लॉन्चिंग संभव*

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इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो) की नजर चांद के बाद अब सूरज पर है। चंद्रमा पर तीसरा चंद्रयान भेजने के बाद अब इसरो की सूर्य मिशन की तैयारी पूरी हो चुकी है।इसके लिए आदित्य L-1 नाम की ऑब्जर्वेटरी को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। इसकी लॉन्चिंग की तारीख अभी सामने नहीं आई है। इसरो ने बताया कि आदित्य एल1 आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्पेसपोर्ट पहुंच चुका है। इसरो का कहना है कि सितंबर के पहले हफ्ते में आदित्य एल1 की लॉन्चिंग हो सकती है। बता दें कि चंद्रयान-3 जल्द ही चांद की सतह पर लैंड करने वाला है और हर किसी को इस ऐतिहासिक पल का इंतजार है।

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सूरज का अध्ययन करने वाला पहला भारतीय मिशन

आदित्य L-1 सूरज का अध्ययन करने वाला पहला भारतीय मिशन होगा। ये स्पेसक्राफ्ट लॉन्च के चार महीने बाद सूरज-पृथ्वी के सिस्टम में लैगरेंज पॉइंट-1 (L-1) तक पहुंचेगा। इस पॉइंट पर ग्रहण का प्रभाव नहीं पड़ता, जिसके चलते यहां से सूरज की स्टडी आसानी से की जा सकती है। इसरो ने कहा, इससे वास्तविक समय में सौर गतिविधियों और अंतरिक्ष मौसम पर इसके प्रभाव को देखने का अधिक लाभ मिलेगा।

पृथ्वी से लैगरेंज पॉइंट की दूरी 15 लाख किमी

पृथ्वी और सूरज के बीच की दूरी करीब 15 करोड़ किमी है। जहां इस सैटलाइट आदित्य L-1 को प्लेस किया जाएगा वो लैगरेंज पॉइंट L-1 धरती से करीब 15 लाख किलोमीटर दूर है। इस ऑब्जर्वेटरी को बेंगलुरु स्थित यूआर राव सैटेलाइट सेंटर में बनाया गया है। यहां से इसे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर लाया गया है।

इसरो सात पेलोड्स भेजने वाला है

L1 पॉइंट से सूर्य को लगातार देखा जा सकेगा। इससे सोलर गतिविधियों की आसानी से स्टडी की जा सकेगी और वास्तविक समय में अंतरिक्ष के मौसम के बारे में पता लगाया जा सकेगा। इनके अलावा सूर्य के आसपास किसी भी बदलाव का अंतरिक्ष के मौसम पर क्या प्रभाव पड़ता है, इसपर नजर रखा जा सकेगा। आदित्याL1 सैटेलाइट के साथ इसरो सात पेलोड्स भेजने वाला है। ये पैलोड सूरज की फोटोस्फीयर, क्रोमोस्फीयर और सबसे बाहरी परत का अध्ययन इलेक्ट्रोमैग्नेटिक और पार्टिकल और मैग्नेटिक फील्ड डिटेक्टर्स की मदद से करेंगे। इनमें से चार पैलोड लगातार सूर्य पर नजर रखेंगे और बाकी तीन पैलोड परिस्थितियों के हिसाब से पार्टिकल और मैग्नेटिक फील्ड का अध्ययन करेंगे। इसरो ने बताया कि आदित्य एल1 के पैलोड सूरज की कोरोनल हीटिंग, कोरोनल मास इजेक्शन, प्री फ्लेयर और फ्लेयर गतिविधियों के बारे में और सूरज में होने वाली गतिविधियों के अंतरिक्ष के मौसम पर पड़ने वाले असर के बारे में अहम जानकारी देंगे।

भारी बारिश के कारण शिमला में दुखद हादसा, शिव मंदिर ढहने से 9 लोगों की मौत, कई मलबे में दबे, भूस्खलन में दर्जनों लोगों के फंसे होने की आशंका

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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आज सोमवार को भारी बारिश के कारण एक शिव मंदिर ढह जाने से नौ लोगों की मौत हो गई। समर हिल इलाके में मंदिर में भूस्खलन में दर्जनों लोगों के फंसे होने की आशंका है और पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के अधिकारी बचाव अभियान चला रहे हैं। सावन के मौके पर पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालु जुटे थे। एक अधिकारी के मुताबिक, घटना के वक्त करीब 50 लोग जमा थे।

वहीं, सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि स्थानीय प्रशासन उन व्यक्तियों को बचाने के लिए मलबे को हटाने के लिए परिश्रमपूर्वक काम कर रहा है जो अभी भी फंसे हो सकते हैं। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि, "शिमला से दुखद खबर सामने आई है, जहां समर हिल में "शिव मंदिर" भारी बारिश के कारण ढह गया। अब तक, नौ शव निकाले गए हैं। स्थानीय प्रशासन बचाव के लिए मलबे को हटाने के लिए लगन से काम कर रहा है। जो व्यक्ति अभी भी फंसे हो सकते हैं।''

बता दें कि, सीएम सुक्खू ने कहा कि, हिमाचल प्रदेश में पिछले 48 घंटों से लगातार बारिश हो रही है। ब्यास नदी का जल स्तर बढ़ गया है और बारिश से संबंधित घटनाओं में कुछ लोगों की मौत हो गई है। शिव मंदिर ढहने के बाद अब तक नौ शव निकाले गए हैं। मैं मैं घटनास्थल का दौरा करने जा रहा हूं। सभी अधिकारी बचाव कार्य में लगे हुए हैं। इस बीच, हिमाचल प्रदेश के सोलन के एक गांव में बादल फटने से 7 लोगों की मौत हो गई। घटना रविवार देर रात जादौन गांव में हुई। एक अधिकारी ने कहा, छह लोगों को बचाया गया है।

देशभर में हर घर तिरंगा अभियान: PM की अपील का दिखा असर, सरकारी वेबसाइट पर 40 लाख लोगों ने पोस्ट की सेल्फी

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 केंद्र सरकार की वेबसाइट के अनुसार, 'हर घर तिरंगा' पोर्टल को देश के लोगों से 40 मिलियन से अधिक सेल्फी प्राप्त हुई हैं। यह अभियान 13-15 अगस्त तक चलेगा, जब भारत अपना 77वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले देश के लोगों से अभियान में भाग लेने की अपील की थी। 

एक सोशल मीडिया पोस्ट में, प्रधान मंत्री ने लोगों से महत्वपूर्ण दिन से पहले एक "अनूठे प्रयास" के हिस्से के रूप में, अपने सोशल मीडिया हैंडल की डिस्प्ले तस्वीर को राष्ट्रीय ध्वज में बदलने के लिए कहा था। हर घर तिरंगा की वेबसाइट से पता चलता है कि सरकार को तिरंगे के साथ 43,644,013 (4.3 मिलियन) सेल्फी मिली हैं। वेबसाइट के होम पेज को सेल्फी अपलोड करने के विकल्प के साथ फिर से डिजाइन किया गया है। जब कोई उपयोगकर्ता पोर्टल खोलता है, तो उसके सामने झंडे और डिजिटल तिरंगे के साथ एक सेल्फी अपलोड करने का विकल्प आता है। इसी वेबसाइट पर नीचे स्क्रॉल करने पर यूजर को भारतीय ध्वज के साथ केंद्रीय मंत्रियों, अभिनेताओं और खिलाड़ियों की तस्वीरें दिखाई देंगी। 

अमृत काल के इस दूसरे स्वतंत्रता दिवस पर एक सप्ताह तक विभिन्न कार्यक्रम होंगे। हर घर तिरंगा अभियान के साथ-साथ विभाजन दिवस (14 अगस्त) पर भारत विभाजन की भयावहता को याद करते हुए और उस दौरान हुई हिंसा के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देते हुए मौन जुलूस निकाले जाएंगे। पूरे भारत से लगभग 1,800 विशेष अतिथि दिल्ली के प्रतिष्ठित लाल किले में पीएम मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस ध्वजारोहण में भाग लेंगे। इस बीच, स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले, दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी भर में जांच और सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए हैं।

शरद पवार और अजत पवार के बीच सीक्रेट मीटिंग से बढ़ी इंडिया के सहयोगी दलों में हलचल, उद्धव ठाकरे की शिवसेना और कांग्रेस चौकन्ना

#after_sharad_pawar_meets_ajit_pawar 

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बीते शनिवार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और भतीजे अजित पवार के बीच एक सीक्रेट मीटिंग हुई है। बगावत के 43 दिनों में शरद-अजित के बीच ये चौथी मुलाकात है। एनसीपी में अजित पवार की बागवत के इतने दिनों बाद भी कोई दावे के साथ यह कहने की स्थिति में नहीं है कि शरद पवार के साथ कितने और अजित पवार के साथ एनसीपी के कितने सांसद और विधायक हैं। ऐसे में शरद पवार और अजित पवार के बीच हुई मुलाकात ने इंडिया के सहयोगी दलों में हलचल बढ़ा दी है।बता दें कि अजित पवार बीते महीने एनसीपी से बगावत कर एनडीए में शामिल हो गए थे।

पुणे में एक उद्योगपति के बंगले पर शरद पवार और अजित पवार की गुप्त मुलाकात की खबर सामने आई है।शरद पवार और अजित पवार के बीच बिजनेसमैन अतुल चोर्डिया के घर सीक्रेट मीटिंग हुई।महाराष्ट्र में इस विपक्षी गठबंधन के प्रमुख सदस्य शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ शरद पवार की बैठकों पर नाराजगी जताई ।

शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में कहा गया है कि अजित पवार की शरद पवार (अपने चाचा) से बार-बार मुलाकात को देखना दिलचस्प है और एनसीपी प्रमुख भी इससे बच नहीं रहे हैं। ऐसी आशंका है कि बीजेपी के ‘चाणक्य’, अजित को शरद पवार से मिलने के लिए भेजकर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि इस तरह की मुलाकातें शरद पवार की छवि को धूमिल कर रही हैं और यह अच्छा नहीं है।

'सामना' के संपादकीय में कहा गया है कि हर दिन भ्रम पैदा करने का यह कदम लोगों के दिमाग से परे हो गया है। मौजूदा राजनीतिक खेल के कारण लोग इसके प्रति नीरस हो गए हैं। इसमें आगे कहा गया है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने पवारों के बीच बैठकों को मनोरंजक बताया है।

वहीं, महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि शरद पवार और अजीत पवार की गुपचुप मीटिंग से काफी भ्रम पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच अगर पारिवारिक मीटिंग है, तो घर पर मिलें। किसी बिजनेस-मैन के बंगलो पर क्यूं मिले? मुलाकात के बाद क्यों अजीत पवार अपनी ही कार में छुप कर निकले? नाना पटोले ने कहा कि हमारी भूमिका है की हम सब साथ चले, साथ काम करे। नाना पटोले ने कहा कि हमने कल उद्धव ठाकरे से भी बात की है। अब राहुल गांधी इस मुद्दे के बारे में दोनों नेताओं से बात करेंगे।जिससे की सब कुछ साफ हो जाए।

शरद पवार ने दी सफाई

वही, एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार ने सोमवार को स्पष्ट कर दिया है कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और भतीजे अजित पवार के साथ पुणे में हुई उनकी मुलाकात को लेकर विपक्षी महा विकास आघाड़ी (एमवीए) में किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति नहीं है।पवार ने बारामती में कहा कि एमवीए एकजुट है। 31 अगस्त और एक सितंबर को मुंबई में होने वाली विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’(I.N.D.I.A) की अगली बैठक का सफल आयोजन किया जाएगा।

पुणे में हुई चाचा-भतीजे की सीक्रेट मीटिंग

बता दें कि, एनसीपी प्रमुख शरद पवार और उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने शनिवार (12 अगस्त) को पुणे के बिजनेसमैन अतुल चोरडिया के बंगले पर मुलाकात की। चाचा-भतीजे अलग-अलग वजहों से पुणे में थे, इसी दौरान दोनों की यह सीक्रेट मीटिंग हुई। चांदनी चौक ब्रिज उद्घाटन के सिलसिले में अजित पवार पुणे में थे और शरद पवार भी शहर में मौजूद थे। अतुल चोरडिया के घर पर मुलाकात के बाद सबसे पहले शरद पवार बंगले से बाहर निकले और थोड़ी देर बाद भतीजे अजित पवार का काफिला बंगले से निकला।

मुलाकात से सियासी माहौल गरमाया

कुछ समय से इस तरह की चर्चाएं हो रही हैं कि शरद पवार गुट और अजित पवार गुट का विलय हो सकता है। अब दोनों की इस मुलाकात से सियासी माहौल और गरमा गया है।

चंद्रयान-3 की एक और छलांग, चांद के चौथे ऑर्बिट में हुई एंट्री, इसरो ने दी खुशखबरी

#chandrayaan_3_gets_closer_to_the_moon

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भारत के तीसरे चंद्र मिशन, चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की सतह की ओर एक और लंबी छलांग लगाई है। यानी चंद्रयान-3 अपनी मंजिल के और करीब पहुंच गया है।चंद्रयान-3 अब चांद के चौथे ऑर्बिट में प्रवेश कर गया है। अब चंद्रयान 3 150 km x 177 km वाली कक्षा में चक्कर लगा रहा है। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन(इसरो) ने ये खुशखबरी दी है। 

इसरो ने बताया कि 14 अगस्त की सुबह करीब पौने बारह बजे चंद्रयान-3 के थ्रस्टर्स को चालू किया गया था, जिसकी मदद से चंद्रयान-3 ने सफलतापूर्वक कक्षा बदली।इसरो ने ट्वीट में लिखा, 'चंद्रयान-3 ने कक्षा घटाए जाने का एक और चरण सफलतापूर्वक पूरा किया, चंद्रमा की निकटवर्ती कक्षा में पहुंचा।आज की गई प्रक्रिया के बाद चंद्रयान-3 की कक्षा घटकर 150 किमी x 177 किमी रह गई है।अगला ऑपरेशन 16 अगस्त, 2023 को लगभग सुबह 8.30 बजे के आसपास करने की योजना है।

अब 16 अगस्त का इंतजार

बता दें कि चंद्रयान-3 को चरणबद्ध तरीके से चंद्रमा के पास ले जाया जा रहा है। 5 अगस्त को चंद्रयान 3 चंद्रमा की पहली कक्षा में पहुंचा था। उस समय उसने चांद से पहली तस्वीरें भेजी थीं।इसके बाद इसरो ने 9 अगस्त को दोपहर एक बजकर 40 मिनट पर ऑर्बिट में बदलाव किया था। आज चंद्रयान-3 के चंद्रमा की चौथी कक्षा में प्रविष्ट कराए जाने के बाद 16 अगस्त को इसे पांचवीं कक्षा में पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। इसके बाद, लैंडर पर डी-आर्बिटिंग कवायद की जाएगी। 

23 अगस्त को चांद में कहां लैंड करेगा चंद्रयान-3?

चंद्रयान -3 की चांद के सतह पर कदम रखने की तारीख 23 अगस्त मुकर्रर है। इसरो ने बताया कि लैंडर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास लैंड करेगा। अगर सब सही रहा तो शाम के 5:45 बजे चंद्रयान-3 चांद की सतह को छू लेगा। तीन पहले 20 अगस्त को चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल की रात पौने दो बजे डीऑर्बिटिंग होगी।

भारत बन जाएगा चौथा देश

इसरो ने एक महीने पहले 14 जुलाई को श्री हरिकोटा से चंद्रयान लॉन्च किया था। चंद्रयान -3 मिशन के तीन महत्वपूर्ण सीक्वेंस हैं। पहल हिस्सा धरती पर केंद्रित है, दूसरा चांद के रास्ते और तीसरा चांद पर पहुंचना। इन तीनों स्टेज के पूरा होते ही लैंडर प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग हो जाएगा। इसके बाद लैंडर चांद की सतह पर उतरने की प्रक्रिया शुरू करेगा। अगर भारत इसमें कामयाब हो जाता है तो रूस, अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। लैंडिंग करने की जगह आने वाले दिनों में तय की जाएगी।

कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला के बिगड़े बोल, कहा-'राक्षस प्रवृत्ति के हैं बीजेपी को वोट देने वाले, मैं श्राप देता हूं...',

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कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने विवादित बयान दिया है। हरियाणा के कैथल में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और उसके समर्थक राक्षस प्रवृति के हैं। जो बीजेपी को वोट देते हैं वे भी राक्षस प्रवृति के हैं। सुरजेवाला ने कहा कि वह हरियाणा की धरती से ऐसे लोगों को श्राप देते हैं।

दरअसल, सुरजेवाला हरियाणा के कैथल में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।यहां सुरजेवाला ने हरियाणा की बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ‘मेरा हरियाणा दर्द से कराह रहा है. सीईटी पास नौजवान के आंखों में आंसुओं का सैलाब है। जींद में तो हद हो गई, अब रविदासिया व वाल्मीकि समुदाय को गुरु रविदास जी व महर्षि वाल्मीकि जी की मूर्ति तक नहीं लगाने दी जा रही। उन्हें खून के आंसू रुलाने का हिसाब कौन देगा? जब तक इन आंसुओं का हिसाब इस मनोहर लाल खट्टर और दुष्यंत चौटाला की भ्रष्टाचारी, अन्यायी सरकार से नही ले लेता,चैन से मैं बैठने वाला नहीं।’

युवा न्याय मांगने के लिए गर्मी में चलने से नहीं डरते, बल्कि वे इस सरकार की ज्यादतियों से डरते हैं।उन्होंने कहा, यह सरकार उनके भविष्य के साथ खेल रही है। यही कारण है कि हम इन युवाओं के लिए न्याय मांगने के लिए 17 किलोमीटर पैदल चले।आप उनसे परीक्षा में बैठने का अवसर भी छीन रहे हैं।सुरजेवाला यहीं नहीं रूकें, उन्होंने कहा, भाजपा और जेजेपी राक्षसों की पार्टियां हैं. जो लोग भाजपा को वोट देते हैं और उनका समर्थन करते हैं वे भी राक्षस प्रवृत्ति के हैं।उन्होंने कहा, आज, महाभारत की इस भूमि पर, मैं उन्हें को श्राप देता हूं।

भाजपा के विरोध में अंधेपन का शिकार-संबित पात्रा

सुरजेवाला के हरियाणा के कैथल में दिए बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इसे लेकर अब भाजपा ने पलटवार किया है। कांग्रेस नेता की भाषा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्विटर पर कहा, 'बार-बार राजकुमार को लॉन्च करने में विफल रही कांग्रेस पार्टी ने अब जनता और जनार्दन को गाली देना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के विरोध में अंधेपन का शिकार हुए कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला को यह कहते हुए सुनें-'देश के लोग जो भाजपा को वोट देते हैं और उसका समर्थन करते हैं, वे 'राक्षस' हैं।

संबित पात्रा ने अपने ट्विटर हैंडल पर 13 अगस्त का वीडियो क्लिप भी साझा किया जिसमें रणदीप सुरजेवाला ने बयान दिया था। पात्रा ने ट्वीट किया, 'एक तरफ मोदी जी हैं, 140 करोड़ देशवासियों के प्रधानमंत्री, जिनके लिए जनता जनार्दन का रूप है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी है, जिसके लिए जनता दानव का रूप है।

क्या बोले शहजाद पूनावाला?

पार्टी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस न सिर्फ वोटरों की बेइज्जती कर रही है, बल्कि उन्हें श्राप भी दे रही है। पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस ने सारी हदें पार कर दी हैं और 2024 में साफ हो जाएगा कि जनता किसे आशीर्वाद देती है और किसे श्राप।भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला जो अफजल गुरु को अफजल गुरू जी कहते हैं और उनकी पार्टी के नेता ओसमा जी और हाफिज सईद साहब कहते हैं, वो आज भारत की जनता को ही गाली देने लगे हैं। वोटरों को ही गाली देने लगे हैं। उन्होंने कहा, "सोचिए वो कांग्रेस पार्टी जो लोकतंत्र के मंदिर पर इस तरह के आक्षेप लगाती है। लोकतंत्र की संस्थाओं पर सवाल खड़े करती है। विदेश की धरती पर जाकर लोकतंत्र मर गया है, यह कहती है। भारत माता की हत्या हो गई है, ये भी कहती है। अब रणदीप सुरजेवाला कहते हैं कि जो जनता वोट करती है, वह राक्षस प्रवृत्ति की है। भाजपा को समर्थन देने वाली जनता, जिसे हम सभी जनता-जनार्दन मानते हैं। ऐसे लगभग 23 करोड़ लोगों को कांग्रेस पार्टी राक्षस प्रवृत्ति का बताती है।"

ओवैसी के सरकारी बंगले पर फिर हमला! टूटे मिले शीशे, जांच में जुटी पुलिस

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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन(एआईएमआईएम) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के दिल्ली स्थित आवास पर हमला होने की अशंका जताई जा रही है।राजधानी दिल्ली के अशोका रोड पर स्थित असदुद्दीन ओवैसी के सरकारी बंगले पर रविवार को शीशे टूटे मिले। जिसके बाद ओवैसी के सरकारी बंगले में मौजूद केयर टेकर ने शिकायत दी कि किसी ने ओवैसी के बंगले घर का शीशा तोड़ दिया है।

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अब पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है। ओवैसी के दिल्ली आवास के दरवाजे के दो शीशे टूटे हुए पाए गए हैं। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि टूटे शीशे के आसपास कोई पत्थर या ऐसी कोई अन्य चीज नहीं मिली है।पुलिस के मुताबिक, रविवार शाम करीब पांच बजे किसी ने 34 अशोका रोड स्थित असदुद्दीन ओवैसी के घर के गेट का शीशा तोड़ दिया। पीसीआर को मिली कॉल के बाद मौके पर पहुंचे। पुलिस के मुताबिक केर टेकर ने बताया कि जब कुत्ता अंदर से भौंकने लगा तो मैंने बाहर जाकर देखा। देखने पर पता चला कि खिड़की का शीशा टूटा हुआ है। इसके बाद आसपास काफी सर्च किया लेकिन कोई दिखाई नहीं दिया।

पहले भी की है घर पर पत्थरबाजी और हमले की शिकायत

बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी ने इसी साल फरवरी में इल्जाम लगाया था कि दिल्ली में स्थित उनके आवास पर अज्ञात बदमाशों ने हमला किया था और दावा किया था कि 2014 के बाद से यह इस तरह की चौथी घटना है।ओवैसी ने ट्वीट कर कहा था, "मेरे आवास पर फिर से हमला हुआ है।2014 के बाद ये चौथी घटना है।जयपुर से लौटा तो घरेलू नौकर ने बताया कि कुछ बदमाशों ने पथराव किया। दिल्ली पुलिस को उन्हें तुरंत पकड़ना चाहिए।

उत्तराखंड : भारी बारिश जारी, गंगा खतरे के निशान के पार, कई जगह पुल व घर बहे, केदारनाथ में एक की मौत, पूरे प्रदेश में रेड अलर्ट

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उत्तराखंड में आज भी बारिश का सिलसिला जारी है। पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश के चलते गंगा हरिद्वार ऋषिकेश में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं, श्रीनगर गढ़वाल में भी गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। यहां अल्केश्वर घाट में पर मंदिर परिसर तक पानी पहुंच गया है।

केदारनाथ में एक की मौत, मध्यमहेश्वर में यात्रियों के फंसने की सूचना

भारी बारिश के बाद केदारनाथ के लिनचोली में एक नेपाली मूल के व्यक्ति की मौत हो गई। उधर, लगातार हो रही भारी बारिश से गौण्डार-मद्ममहेश्वर पैदल मार्ग पर बनतोली में पुल बह गया है। जिससे मध्यमहेश्वर में 200 से अधिक यात्रियों के फंसने की सूचना है।

चमोली में कई मकान मलबे में दबे

चमोली जनपद में रविवार रात से शुरू हुई भारी बारिश आज भी जारी है। जनपद के थराली, नंदानगर और पीपलकोटी क्षेत्र में नदियों के साथ ही गाड गदेरे उफान पर बह रहे हैं। सबसे अधिक नुकसान थराली में हुआ है। यहां थराली गांव और केरा गांव में कई मकान व गौशालाएं मलबे में दब गई हैं।

दो बाइक सवार बहे

नैनीताल में रविवार देर रात बैलगढ़ बरसाती नाले मे बाइक पर सवार दो लोग बाइक समेत बह गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस, फायर कर्मी और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया।

कई जगह हाईवे बंद

बारिश के कारण गंगोत्री-यमुनोत्री और बदरीनाथ हाइवे भी बंद है। यमुनोत्री धाम सहित यमुना घाटी में मूसलाधार बारिश से यमुना नदी सहित सहायक नदी-नाले उफान पर हैं। यमुनोत्री हाईवे जगह-जगह मलबा व बोल्डर आने से बंद है। लगातार बारिश के चलते हाईवे खोलने के प्रयास शुरू नहीं हो पा रहा है। उधर, बारिश के कारण ऋषिकेश गंगोत्री हाईवे भद्रकाली, प्लास्डा, चाचा-भतीजा व बगड़धार के पास अवरुद्ध है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजामार्ग धरासू बैंड में भी बंद की सूचना है।

बदरीनाथ हाईवे कई जगहों पर मलबा और बोल्डर आने से बंद है। गडोरा और जोशीमठ के समीप मारवाड़ी में हाईवे अवरुद्ध है। बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर जा रहे तीर्थयात्री भी जगह-जगह फंसे हैं। छिनका और नंदप्रयाग में भी हाईवे मलबा आने से बंद हो गया है।

कोटद्वार में 15 मकान बहे

नायब तहसीलदार मनोहर सिंह नेगी ने बताया कि कोटद्वार में खोह नदी के उफान पर आने से गाड़ीघाट, झूला पुल बस्ती और काशीरामपुर तल्ला में करीब 15 मकान बह गए। वहीं, कोटद्वार में स्टेट हाइवे 9 में दुगड्डा ब्लॉक मुख्यालय के पास भूस्खलन से सड़क बंद हो गई है। कई जगह वाहनों का संचालन भी ठप है।

देहरादून में कॉलेज का भवन ध्वस्त

देहरादून के मालदेवता में कॉलेज का भवन भारी बारिश के कारण पूरी तरह से ध्वस्त हो गया।

मसूरी में लिंक मार्ग बंद

मसूरी शहर में हो रही बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर के बालाहिसार में सड़क पर भारी भरकम पेड़ गिर गया, जिसके चलते लिंक मार्ग बंद है।

सेलाकुई में कई मकान ध्वस्त

विकासनगर के पछवादून में नदी नाले उफान पर हैं। जिसके चलते सेलाकुई में चार झोपड़ियां बह गई। वहीं, एक फैक्ट्री का कुछ हिस्सा भी बह गया। जस्सोवाला गांव में एक मकान ध्वस्त हो गया। यहां आसन नदी से सटे इलाकों में किसानों की जमीन को नुकसान हुआ है।

जाखन नदी पर बने पुल का एक हिस्सा ध्वस्त

थानों भोगपुर मार्ग पर जाखन नदी पर बने पुल का एक हिस्सा बह गया है। पुलिस ने मार्ग पर आवाजाही बंद करा दी है। वहीं, थानों में सिन्धवाल गांव के विदालना पुल का भी एक हिस्सा बहने की सूचना है। यहां कई जगह सड़कें भी बह गई हैं। भोगपुर में महादेव खाले का पानी के घरों में घुस गया है।

उफनती चंद्रभागा नदी में बहा ट्रक

ऋषिकेश में चंद्रभागा नदी ऊफान पर आ गई। ढलवाला में नदी किनारे खड़े किया एक ट्रक नदी में बहा है। वहीं, गौहरी माफी में भी गंगा का जलस्तर बढ़ने से आबादी वाले क्षेत्रों में पानी घुस गया। यहां एसडीआरएफ के जवानों ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है।