शरद पवार और अजत पवार के बीच सीक्रेट मीटिंग से बढ़ी इंडिया के सहयोगी दलों में हलचल, उद्धव ठाकरे की शिवसेना और कांग्रेस चौकन्ना

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बीते शनिवार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और भतीजे अजित पवार के बीच एक सीक्रेट मीटिंग हुई है। बगावत के 43 दिनों में शरद-अजित के बीच ये चौथी मुलाकात है। एनसीपी में अजित पवार की बागवत के इतने दिनों बाद भी कोई दावे के साथ यह कहने की स्थिति में नहीं है कि शरद पवार के साथ कितने और अजित पवार के साथ एनसीपी के कितने सांसद और विधायक हैं। ऐसे में शरद पवार और अजित पवार के बीच हुई मुलाकात ने इंडिया के सहयोगी दलों में हलचल बढ़ा दी है।बता दें कि अजित पवार बीते महीने एनसीपी से बगावत कर एनडीए में शामिल हो गए थे।

पुणे में एक उद्योगपति के बंगले पर शरद पवार और अजित पवार की गुप्त मुलाकात की खबर सामने आई है।शरद पवार और अजित पवार के बीच बिजनेसमैन अतुल चोर्डिया के घर सीक्रेट मीटिंग हुई।महाराष्ट्र में इस विपक्षी गठबंधन के प्रमुख सदस्य शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ शरद पवार की बैठकों पर नाराजगी जताई ।

शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में कहा गया है कि अजित पवार की शरद पवार (अपने चाचा) से बार-बार मुलाकात को देखना दिलचस्प है और एनसीपी प्रमुख भी इससे बच नहीं रहे हैं। ऐसी आशंका है कि बीजेपी के ‘चाणक्य’, अजित को शरद पवार से मिलने के लिए भेजकर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि इस तरह की मुलाकातें शरद पवार की छवि को धूमिल कर रही हैं और यह अच्छा नहीं है।

'सामना' के संपादकीय में कहा गया है कि हर दिन भ्रम पैदा करने का यह कदम लोगों के दिमाग से परे हो गया है। मौजूदा राजनीतिक खेल के कारण लोग इसके प्रति नीरस हो गए हैं। इसमें आगे कहा गया है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने पवारों के बीच बैठकों को मनोरंजक बताया है।

वहीं, महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि शरद पवार और अजीत पवार की गुपचुप मीटिंग से काफी भ्रम पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच अगर पारिवारिक मीटिंग है, तो घर पर मिलें। किसी बिजनेस-मैन के बंगलो पर क्यूं मिले? मुलाकात के बाद क्यों अजीत पवार अपनी ही कार में छुप कर निकले? नाना पटोले ने कहा कि हमारी भूमिका है की हम सब साथ चले, साथ काम करे। नाना पटोले ने कहा कि हमने कल उद्धव ठाकरे से भी बात की है। अब राहुल गांधी इस मुद्दे के बारे में दोनों नेताओं से बात करेंगे।जिससे की सब कुछ साफ हो जाए।

शरद पवार ने दी सफाई

वही, एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार ने सोमवार को स्पष्ट कर दिया है कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और भतीजे अजित पवार के साथ पुणे में हुई उनकी मुलाकात को लेकर विपक्षी महा विकास आघाड़ी (एमवीए) में किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति नहीं है।पवार ने बारामती में कहा कि एमवीए एकजुट है। 31 अगस्त और एक सितंबर को मुंबई में होने वाली विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’(I.N.D.I.A) की अगली बैठक का सफल आयोजन किया जाएगा।

पुणे में हुई चाचा-भतीजे की सीक्रेट मीटिंग

बता दें कि, एनसीपी प्रमुख शरद पवार और उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने शनिवार (12 अगस्त) को पुणे के बिजनेसमैन अतुल चोरडिया के बंगले पर मुलाकात की। चाचा-भतीजे अलग-अलग वजहों से पुणे में थे, इसी दौरान दोनों की यह सीक्रेट मीटिंग हुई। चांदनी चौक ब्रिज उद्घाटन के सिलसिले में अजित पवार पुणे में थे और शरद पवार भी शहर में मौजूद थे। अतुल चोरडिया के घर पर मुलाकात के बाद सबसे पहले शरद पवार बंगले से बाहर निकले और थोड़ी देर बाद भतीजे अजित पवार का काफिला बंगले से निकला।

मुलाकात से सियासी माहौल गरमाया

कुछ समय से इस तरह की चर्चाएं हो रही हैं कि शरद पवार गुट और अजित पवार गुट का विलय हो सकता है। अब दोनों की इस मुलाकात से सियासी माहौल और गरमा गया है।

चंद्रयान-3 की एक और छलांग, चांद के चौथे ऑर्बिट में हुई एंट्री, इसरो ने दी खुशखबरी

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भारत के तीसरे चंद्र मिशन, चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की सतह की ओर एक और लंबी छलांग लगाई है। यानी चंद्रयान-3 अपनी मंजिल के और करीब पहुंच गया है।चंद्रयान-3 अब चांद के चौथे ऑर्बिट में प्रवेश कर गया है। अब चंद्रयान 3 150 km x 177 km वाली कक्षा में चक्कर लगा रहा है। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन(इसरो) ने ये खुशखबरी दी है। 

इसरो ने बताया कि 14 अगस्त की सुबह करीब पौने बारह बजे चंद्रयान-3 के थ्रस्टर्स को चालू किया गया था, जिसकी मदद से चंद्रयान-3 ने सफलतापूर्वक कक्षा बदली।इसरो ने ट्वीट में लिखा, 'चंद्रयान-3 ने कक्षा घटाए जाने का एक और चरण सफलतापूर्वक पूरा किया, चंद्रमा की निकटवर्ती कक्षा में पहुंचा।आज की गई प्रक्रिया के बाद चंद्रयान-3 की कक्षा घटकर 150 किमी x 177 किमी रह गई है।अगला ऑपरेशन 16 अगस्त, 2023 को लगभग सुबह 8.30 बजे के आसपास करने की योजना है।

अब 16 अगस्त का इंतजार

बता दें कि चंद्रयान-3 को चरणबद्ध तरीके से चंद्रमा के पास ले जाया जा रहा है। 5 अगस्त को चंद्रयान 3 चंद्रमा की पहली कक्षा में पहुंचा था। उस समय उसने चांद से पहली तस्वीरें भेजी थीं।इसके बाद इसरो ने 9 अगस्त को दोपहर एक बजकर 40 मिनट पर ऑर्बिट में बदलाव किया था। आज चंद्रयान-3 के चंद्रमा की चौथी कक्षा में प्रविष्ट कराए जाने के बाद 16 अगस्त को इसे पांचवीं कक्षा में पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। इसके बाद, लैंडर पर डी-आर्बिटिंग कवायद की जाएगी। 

23 अगस्त को चांद में कहां लैंड करेगा चंद्रयान-3?

चंद्रयान -3 की चांद के सतह पर कदम रखने की तारीख 23 अगस्त मुकर्रर है। इसरो ने बताया कि लैंडर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास लैंड करेगा। अगर सब सही रहा तो शाम के 5:45 बजे चंद्रयान-3 चांद की सतह को छू लेगा। तीन पहले 20 अगस्त को चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल की रात पौने दो बजे डीऑर्बिटिंग होगी।

भारत बन जाएगा चौथा देश

इसरो ने एक महीने पहले 14 जुलाई को श्री हरिकोटा से चंद्रयान लॉन्च किया था। चंद्रयान -3 मिशन के तीन महत्वपूर्ण सीक्वेंस हैं। पहल हिस्सा धरती पर केंद्रित है, दूसरा चांद के रास्ते और तीसरा चांद पर पहुंचना। इन तीनों स्टेज के पूरा होते ही लैंडर प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग हो जाएगा। इसके बाद लैंडर चांद की सतह पर उतरने की प्रक्रिया शुरू करेगा। अगर भारत इसमें कामयाब हो जाता है तो रूस, अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। लैंडिंग करने की जगह आने वाले दिनों में तय की जाएगी।

कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला के बिगड़े बोल, कहा-'राक्षस प्रवृत्ति के हैं बीजेपी को वोट देने वाले, मैं श्राप देता हूं...',

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कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने विवादित बयान दिया है। हरियाणा के कैथल में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और उसके समर्थक राक्षस प्रवृति के हैं। जो बीजेपी को वोट देते हैं वे भी राक्षस प्रवृति के हैं। सुरजेवाला ने कहा कि वह हरियाणा की धरती से ऐसे लोगों को श्राप देते हैं।

दरअसल, सुरजेवाला हरियाणा के कैथल में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।यहां सुरजेवाला ने हरियाणा की बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ‘मेरा हरियाणा दर्द से कराह रहा है. सीईटी पास नौजवान के आंखों में आंसुओं का सैलाब है। जींद में तो हद हो गई, अब रविदासिया व वाल्मीकि समुदाय को गुरु रविदास जी व महर्षि वाल्मीकि जी की मूर्ति तक नहीं लगाने दी जा रही। उन्हें खून के आंसू रुलाने का हिसाब कौन देगा? जब तक इन आंसुओं का हिसाब इस मनोहर लाल खट्टर और दुष्यंत चौटाला की भ्रष्टाचारी, अन्यायी सरकार से नही ले लेता,चैन से मैं बैठने वाला नहीं।’

युवा न्याय मांगने के लिए गर्मी में चलने से नहीं डरते, बल्कि वे इस सरकार की ज्यादतियों से डरते हैं।उन्होंने कहा, यह सरकार उनके भविष्य के साथ खेल रही है। यही कारण है कि हम इन युवाओं के लिए न्याय मांगने के लिए 17 किलोमीटर पैदल चले।आप उनसे परीक्षा में बैठने का अवसर भी छीन रहे हैं।सुरजेवाला यहीं नहीं रूकें, उन्होंने कहा, भाजपा और जेजेपी राक्षसों की पार्टियां हैं. जो लोग भाजपा को वोट देते हैं और उनका समर्थन करते हैं वे भी राक्षस प्रवृत्ति के हैं।उन्होंने कहा, आज, महाभारत की इस भूमि पर, मैं उन्हें को श्राप देता हूं।

भाजपा के विरोध में अंधेपन का शिकार-संबित पात्रा

सुरजेवाला के हरियाणा के कैथल में दिए बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इसे लेकर अब भाजपा ने पलटवार किया है। कांग्रेस नेता की भाषा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्विटर पर कहा, 'बार-बार राजकुमार को लॉन्च करने में विफल रही कांग्रेस पार्टी ने अब जनता और जनार्दन को गाली देना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के विरोध में अंधेपन का शिकार हुए कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला को यह कहते हुए सुनें-'देश के लोग जो भाजपा को वोट देते हैं और उसका समर्थन करते हैं, वे 'राक्षस' हैं।

संबित पात्रा ने अपने ट्विटर हैंडल पर 13 अगस्त का वीडियो क्लिप भी साझा किया जिसमें रणदीप सुरजेवाला ने बयान दिया था। पात्रा ने ट्वीट किया, 'एक तरफ मोदी जी हैं, 140 करोड़ देशवासियों के प्रधानमंत्री, जिनके लिए जनता जनार्दन का रूप है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी है, जिसके लिए जनता दानव का रूप है।

क्या बोले शहजाद पूनावाला?

पार्टी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस न सिर्फ वोटरों की बेइज्जती कर रही है, बल्कि उन्हें श्राप भी दे रही है। पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस ने सारी हदें पार कर दी हैं और 2024 में साफ हो जाएगा कि जनता किसे आशीर्वाद देती है और किसे श्राप।भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला जो अफजल गुरु को अफजल गुरू जी कहते हैं और उनकी पार्टी के नेता ओसमा जी और हाफिज सईद साहब कहते हैं, वो आज भारत की जनता को ही गाली देने लगे हैं। वोटरों को ही गाली देने लगे हैं। उन्होंने कहा, "सोचिए वो कांग्रेस पार्टी जो लोकतंत्र के मंदिर पर इस तरह के आक्षेप लगाती है। लोकतंत्र की संस्थाओं पर सवाल खड़े करती है। विदेश की धरती पर जाकर लोकतंत्र मर गया है, यह कहती है। भारत माता की हत्या हो गई है, ये भी कहती है। अब रणदीप सुरजेवाला कहते हैं कि जो जनता वोट करती है, वह राक्षस प्रवृत्ति की है। भाजपा को समर्थन देने वाली जनता, जिसे हम सभी जनता-जनार्दन मानते हैं। ऐसे लगभग 23 करोड़ लोगों को कांग्रेस पार्टी राक्षस प्रवृत्ति का बताती है।"

ओवैसी के सरकारी बंगले पर फिर हमला! टूटे मिले शीशे, जांच में जुटी पुलिस

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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन(एआईएमआईएम) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के दिल्ली स्थित आवास पर हमला होने की अशंका जताई जा रही है।राजधानी दिल्ली के अशोका रोड पर स्थित असदुद्दीन ओवैसी के सरकारी बंगले पर रविवार को शीशे टूटे मिले। जिसके बाद ओवैसी के सरकारी बंगले में मौजूद केयर टेकर ने शिकायत दी कि किसी ने ओवैसी के बंगले घर का शीशा तोड़ दिया है।

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अब पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है। ओवैसी के दिल्ली आवास के दरवाजे के दो शीशे टूटे हुए पाए गए हैं। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि टूटे शीशे के आसपास कोई पत्थर या ऐसी कोई अन्य चीज नहीं मिली है।पुलिस के मुताबिक, रविवार शाम करीब पांच बजे किसी ने 34 अशोका रोड स्थित असदुद्दीन ओवैसी के घर के गेट का शीशा तोड़ दिया। पीसीआर को मिली कॉल के बाद मौके पर पहुंचे। पुलिस के मुताबिक केर टेकर ने बताया कि जब कुत्ता अंदर से भौंकने लगा तो मैंने बाहर जाकर देखा। देखने पर पता चला कि खिड़की का शीशा टूटा हुआ है। इसके बाद आसपास काफी सर्च किया लेकिन कोई दिखाई नहीं दिया।

पहले भी की है घर पर पत्थरबाजी और हमले की शिकायत

बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी ने इसी साल फरवरी में इल्जाम लगाया था कि दिल्ली में स्थित उनके आवास पर अज्ञात बदमाशों ने हमला किया था और दावा किया था कि 2014 के बाद से यह इस तरह की चौथी घटना है।ओवैसी ने ट्वीट कर कहा था, "मेरे आवास पर फिर से हमला हुआ है।2014 के बाद ये चौथी घटना है।जयपुर से लौटा तो घरेलू नौकर ने बताया कि कुछ बदमाशों ने पथराव किया। दिल्ली पुलिस को उन्हें तुरंत पकड़ना चाहिए।

उत्तराखंड : भारी बारिश जारी, गंगा खतरे के निशान के पार, कई जगह पुल व घर बहे, केदारनाथ में एक की मौत, पूरे प्रदेश में रेड अलर्ट

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उत्तराखंड में आज भी बारिश का सिलसिला जारी है। पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश के चलते गंगा हरिद्वार ऋषिकेश में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं, श्रीनगर गढ़वाल में भी गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। यहां अल्केश्वर घाट में पर मंदिर परिसर तक पानी पहुंच गया है।

केदारनाथ में एक की मौत, मध्यमहेश्वर में यात्रियों के फंसने की सूचना

भारी बारिश के बाद केदारनाथ के लिनचोली में एक नेपाली मूल के व्यक्ति की मौत हो गई। उधर, लगातार हो रही भारी बारिश से गौण्डार-मद्ममहेश्वर पैदल मार्ग पर बनतोली में पुल बह गया है। जिससे मध्यमहेश्वर में 200 से अधिक यात्रियों के फंसने की सूचना है।

चमोली में कई मकान मलबे में दबे

चमोली जनपद में रविवार रात से शुरू हुई भारी बारिश आज भी जारी है। जनपद के थराली, नंदानगर और पीपलकोटी क्षेत्र में नदियों के साथ ही गाड गदेरे उफान पर बह रहे हैं। सबसे अधिक नुकसान थराली में हुआ है। यहां थराली गांव और केरा गांव में कई मकान व गौशालाएं मलबे में दब गई हैं।

दो बाइक सवार बहे

नैनीताल में रविवार देर रात बैलगढ़ बरसाती नाले मे बाइक पर सवार दो लोग बाइक समेत बह गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस, फायर कर्मी और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया।

कई जगह हाईवे बंद

बारिश के कारण गंगोत्री-यमुनोत्री और बदरीनाथ हाइवे भी बंद है। यमुनोत्री धाम सहित यमुना घाटी में मूसलाधार बारिश से यमुना नदी सहित सहायक नदी-नाले उफान पर हैं। यमुनोत्री हाईवे जगह-जगह मलबा व बोल्डर आने से बंद है। लगातार बारिश के चलते हाईवे खोलने के प्रयास शुरू नहीं हो पा रहा है। उधर, बारिश के कारण ऋषिकेश गंगोत्री हाईवे भद्रकाली, प्लास्डा, चाचा-भतीजा व बगड़धार के पास अवरुद्ध है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजामार्ग धरासू बैंड में भी बंद की सूचना है।

बदरीनाथ हाईवे कई जगहों पर मलबा और बोल्डर आने से बंद है। गडोरा और जोशीमठ के समीप मारवाड़ी में हाईवे अवरुद्ध है। बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर जा रहे तीर्थयात्री भी जगह-जगह फंसे हैं। छिनका और नंदप्रयाग में भी हाईवे मलबा आने से बंद हो गया है।

कोटद्वार में 15 मकान बहे

नायब तहसीलदार मनोहर सिंह नेगी ने बताया कि कोटद्वार में खोह नदी के उफान पर आने से गाड़ीघाट, झूला पुल बस्ती और काशीरामपुर तल्ला में करीब 15 मकान बह गए। वहीं, कोटद्वार में स्टेट हाइवे 9 में दुगड्डा ब्लॉक मुख्यालय के पास भूस्खलन से सड़क बंद हो गई है। कई जगह वाहनों का संचालन भी ठप है।

देहरादून में कॉलेज का भवन ध्वस्त

देहरादून के मालदेवता में कॉलेज का भवन भारी बारिश के कारण पूरी तरह से ध्वस्त हो गया।

मसूरी में लिंक मार्ग बंद

मसूरी शहर में हो रही बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर के बालाहिसार में सड़क पर भारी भरकम पेड़ गिर गया, जिसके चलते लिंक मार्ग बंद है।

सेलाकुई में कई मकान ध्वस्त

विकासनगर के पछवादून में नदी नाले उफान पर हैं। जिसके चलते सेलाकुई में चार झोपड़ियां बह गई। वहीं, एक फैक्ट्री का कुछ हिस्सा भी बह गया। जस्सोवाला गांव में एक मकान ध्वस्त हो गया। यहां आसन नदी से सटे इलाकों में किसानों की जमीन को नुकसान हुआ है।

जाखन नदी पर बने पुल का एक हिस्सा ध्वस्त

थानों भोगपुर मार्ग पर जाखन नदी पर बने पुल का एक हिस्सा बह गया है। पुलिस ने मार्ग पर आवाजाही बंद करा दी है। वहीं, थानों में सिन्धवाल गांव के विदालना पुल का भी एक हिस्सा बहने की सूचना है। यहां कई जगह सड़कें भी बह गई हैं। भोगपुर में महादेव खाले का पानी के घरों में घुस गया है।

उफनती चंद्रभागा नदी में बहा ट्रक

ऋषिकेश में चंद्रभागा नदी ऊफान पर आ गई। ढलवाला में नदी किनारे खड़े किया एक ट्रक नदी में बहा है। वहीं, गौहरी माफी में भी गंगा का जलस्तर बढ़ने से आबादी वाले क्षेत्रों में पानी घुस गया। यहां एसडीआरएफ के जवानों ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है।

“प्रियंका गांधी अगर वाराणसी से चुनाव लड़े तो हार सकते हैं पीएम मोदी” संजय राउत का बड़ा दावा

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2024 के लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक हो रहा है, सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। अभी से चुनावी मैदान तैयार किए जा रहे हैं। खास कर सभी विपक्षी दल सत्तारूढ़ भारतीय नता पार्टी को जड़ से उखाड़ने की रणनीति बनाने में जुटे हैं। इसी बीच उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के सांसद संजय राउत ने बड़ा दावा किया है। संजय राउत का कहना है कि अगर आगामी लोकसभा चुनाव में प्रियंका गांधी वाराणसी से चुनाव लड़ती हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी हरा सकती हैं।बता दें कि पीएम मोदी वाराणसी से सांसद हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो बार से वह इस सीट से सांसद हैं।

संजय राउत ने कहा है कि भारत में राजनीतिक हालात तेज़ी से बदल रहे हैं और कांग्रेस को लोगों का समर्थन मिल रहा है। ऐसे में अगर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाराणसी लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ती हैं, तो इसका राजनीतिक लाभ उन्हें मिल सकता है। पीएम मोदी के लिए चुनाव जीतना मुश्किल हो जाएगा और प्रियंका उन पर भारी पड़ सकती हैं।

पति रॉबर्ट वाड्रा भी जता चुके हैं अपनी इच्छा

हाल ही में न्यूज एजेंसी से बातचीत में प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने भी चुनाव लड़ने की उनकी संभावनाओं का जिक्र किया था। वाड्रा ने कहा था कि प्रियंका को लोकसभा में होना चाहिए। वो काबिल हैं और बहुत अच्छी सांसद साबित हो सकती हैं। इसी दौरान वाड्रा ने ये भी कहा कि कांग्रेस पार्टी भी ऐसा मानती है और वो उनके लिए कुछ अच्छा जरूर सोच रही होगी। वाड्रा के इस बयान के बाद कई नेताओं ने इस सुझाव पर अपनी राय दी और प्रियंका को आगामी लोकसभा चुनाव में ही किस्मत आजमाने की सलाह दी।

प्रियंका के चुनाव लड़ने की अटकलें लंबे समय से

प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने की अटकलें पिछले काफी समय से लगाई जा रही हैं। अगले साल मई में लोकसभा चुनाव होने हैं। माना जा रहा है कि प्रियंका गांधी अगला लोकसभा चुनाव लड़ सकती हैं। प्रियंका गांधी की राजनीति में एंट्री उत्तर प्रदेश के साथ ही हुई थी। उन्हें पार्टी ने भले ही कोई चुनाव नहीं लड़वाया लेकिन साल 2018 में उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी भी नियुक्त किया गया था। हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में प्रियंका गांधी ने चुनाव प्रचार का नेतृत्व किया था, दोनों ही राज्यों में कांग्रेस को जीत मिली थी

2014 में अरविंद केजरीवाल ने भी लड़ा था चुनाव

बता दें कि लोकसभा चुनाव 2014 में वाराणसी लोकसभा सीट से बीजेपी के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी थे। वह यहां से लगातार दो बार जीतकर लोकसभा पहुंच रहे हैं। 2014 के चुनाव के दौरान मोदी के खिलाफ आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें लगभग 3 लाख वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। मोदी को 56.4% यानी 5, 81,022 वोट मिले थे। जबकि केजरीवाल को 20.3% यानी 2,09,238 वोट मिले थे। इन चुनावों में वाराणसी से 42 उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन उनमें से 40 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।

नर्स, किसान, मजदूर..! पीएम मोदी के साथ स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होंगे 1800 विशिष्ट अतिथि

 मंगलवार, 15 अगस्त 2023 को 77वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सरपंचों, नर्सों से लेकर निर्माण श्रमिकों तक लगभग 1,800 लोग शामिल होंगे। समारोह में शामिल होने के लिए उनके जीवनसाथियों को भी आमंत्रित किया गया है। यह पहल सरकार के 'जनभागीदारी' दृष्टिकोण के अनुरूप की गई है।

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रिपोर्ट के अनुसार, विशिष्ट अतिथियों में देश भर के 660 से अधिक गांवों से आए 400 से अधिक सरपंच, किसान उत्पादक संगठनों के 200 अतिथि और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के 50-50 प्रतिभागी शामिल हैं। इन मेहमानों के अलावा 50 निर्माण श्रमिक भी होंगे, जिन्होंने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर काम किया और नए संसद भवन के निर्माण में मदद की। अतिथि सूची में 50 खादी कार्यकर्ता, सीमा सड़कों के निर्माण में शामिल कार्यकर्ता, अमृत सरोवर का निर्माण और हर घर जल योजना में काम करने वाले लोग भी शामिल हैं। 

सरकार ने इस बड़े आयोजन के लिए 50 प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों, नर्सों और मछुआरों को भी आमंत्रित किया है। इनमें से कुछ मेहमानों को दिल्ली प्रवास के दौरान राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का दौरा करने और रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट से मुलाकात करने का भी अवसर मिलेगा। इसके अलावा इस कार्यक्रम को मनाने के लिए विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 75 जोड़े भी लाल किले पर समारोह में शामिल होंगे, जो अपनी पारंपरिक पोशाक पहने होंगे। इस साल देश 77वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, ऐसे में पीएम मोदी लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराएंगे। इस वर्ष के समारोह का समापन 'आज़ादी का अमृत महोत्सव' समारोह के साथ होगा, जिसे प्रधानमंत्री द्वारा 12 मार्च 2021 को अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से शुरू किया गया था। स्वतंत्रता दिवस से पहले पूरी दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

इसरो की सफलता में जुड़ा एक और अध्याय, चांद के और भी करीब पहुंचा चंद्रयान-3, अब अंतिम चरण की प्रक्रिया शुरू

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भारत का चंद्रयान-3 सोमवार को चंद्रमा की सतह की ओर अपनी यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने के लिए तैयार है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने घोषणा की है कि अंतरिक्ष यान 14 अगस्त को सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे के बीच चंद्रमा के चारों तरफ अपनी कक्षा कम करेगा। यह पैंतरेबाज़ी अंतरिक्ष यान को चंद्रमा की सतह के और भी करीब ले आएगी, जो कि 1,437 किमी से भी कम है, जहां यह वर्तमान में है।

14 जुलाई, 2023 को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया चंद्रयान-3 चंद्रमा पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग करने के अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ रहा है। अंतरिक्ष यान वर्तमान में चंद्रमा से लगभग 1,437 किलोमीटर दूर है, और यह आगामी ऑपरेशन इसे काफी करीब लाएगा। सॉफ्ट लैंडिंग तक पहुंचने वाली प्रक्रियाएं जटिल और सावधानीपूर्वक योजनाबद्ध हैं। इनमें तीन चरण शामिल हैं - पृथ्वी कक्षा युद्धाभ्यास, ट्रांस-चंद्र इंजेक्शन, और चंद्र कक्षा युद्धाभ्यास। एक बार जब ये चरण पूरे हो जाते हैं, तो लैंडर प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग हो जाता है और चंद्रमा के करीब एक कक्षा में प्रवेश करता है, जिससे सॉफ्ट लैंडिंग की प्रक्रिया शुरू होती है।

चंद्रयान-3 का मिशन न केवल अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन है, बल्कि इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक खोजें करना भी है। अंतरिक्ष यान चंद्रमा के अल्प-अन्वेषित दक्षिण-ध्रुवीय क्षेत्र के पास उतरने के लिए तैयार है, ऐसा माना जाता है कि यह क्षेत्र नई खोजों की क्षमता रखता है। इस बार सफल लैंडिंग सुनिश्चित करने के लिए पिछले मिशन चंद्रयान-2 के डेटा का गहन विश्लेषण किया गया है। लैंडिंग साइट आने वाले दिनों में निर्धारित की जाएगी, जिसके बाद कक्षा में रहते हुए प्रोपल्शन मॉड्यूल लैंडर से अलग हो जाएगा।

इसके बाद लैंडर कक्षा से नीचे उतरेगा और सॉफ्ट लैंडिंग का प्रयास करेगा। सफल होने पर, भारत अमेरिका, पूर्व सोवियत संघ और चीन की कतार में शामिल हो जाएगा और चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग हासिल करने वाला चौथा देश बन जाएगा। चंद्रयान-3 मिशन अंतरिक्ष अन्वेषण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता और चंद्रमा के बारे में मानवता की समझ में योगदान करने की उसकी आकांक्षा का एक प्रमाण है। प्रत्येक मील का पत्थर हासिल करने के साथ, भारत एक अभूतपूर्व चंद्र लैंडिंग उपलब्धि के करीब पहुंच गया है।

*चीन के शीआन में बारी बारिश के बाद भूस्खलन, अब तक 21 लोगों की मौत, 6 लापता*

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चीन के शिआन प्रांत में भारी बारिश की वजह से लैंडस्लाइड हुआ है। इस घटना में 21 लोगों की मौत हो गई और 6 लोग लापता हो गए। बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम करीब 6 बजे भारी बारिश, पहाड़ी बाढ़ और भूस्खलन ने शीआन जिले के चांग के एक गांव को अपनी चपेट में ले लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, आपदा के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 210 पर दो घर और 21 हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जिस इलाके में बाढ़ आई है वहां से लोगों को निकालने का काम किया जा रहा है और प्रभावित लोगों को विस्थापित करने का काम जारी है।

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शीआन ब्यूरो ऑफ इमरजेंसी मैनेजमेंट के हवाले से बताया कि इसके अलावा, आपदा ने तीन बिजली आपूर्ति बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है और 900 घरों को बिजली से वंचित कर दिया है। शीआन शहर ने तुरंत एक ऑनसाइट कमांड सेंटर स्थापित किया और खोज, बचाव और आपदा राहत कार्यों को अंजाम देने के लिए 980 से अधिक कर्मियों के साथ अग्निशमन और पुलिस विभाग सहित 14 बचाव दल तैनात किए।आपदा राहत अभियान चलाने के लिए लाइफ डिटेक्टर, सैटेलाइट फोन, खोजी कुत्तों सहित उपकरणों की 1,100 इकाइयों को तैनात किया गया है।

रविवार शाम तक, 186 निवासियों को स्थानांतरित किया जा चुका है। राष्ट्रीय राजमार्ग 210 के तीन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त खंडों को बहाल कर दिया गया है। मामूली क्षतिग्रस्त 21 सड़क खंडों पर काम किया जा रहा है और 49 प्रभावित क्षेत्रों में संचार सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। इस बीच 855 घरों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।

बता दें कि, चीन में हो रही बाढ़ और लैंडस्लाइड की घटनाएं खानून तूफान की वजह से हो रही हैं। खानून तूफान इससे पहले दक्षिण कोरिया और जापान में नुकसान पहुंचाया था। अभी ये तूफान चीन में भी कमजोर पड़ गया है। चीन में खानून तूफान से तुरंत पहले डोकसुरी तूफान ने कबाही मचाई थी। अभी लोग उस तूफान से उबरे भी नहीं थे कि उन्हें एक और तूफान को झेलना पड़ गया। चीन में पिछले 70 साल की बारिश का रिकॉर्ड टूट गया। राजधानी बीजिंग में सबसे ज्यादा 257.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इससे पहले इतनी तेज बारिश 1951 में हुई थी। अब आप इस बार तबाही के मंजर का इसी बात से अंदाजा लगा लीजिए कि भारी बारिश की वजह से रेस्क्यू वर्कर्स ने अब तक 1 लाख ज्यादा लोगों को बचाकर सुरक्षित जगह पर भेजा है।

हिमाचल में आफत की बरसात! सोलन में बादल फटने से बहे दो घर, 7 लोगों की मौत, कई लापता

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हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर बारिश ने तबाही मचाई है। हिमाचल के कई हिस्सों में बीते दो दिनों से लगातार बरसात हो रही है जिसकी वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस बीच हिमाचल प्रदेश के सोलन की ममलीक के धायावला गाँव में बादल फट गया है। इस घटना में दो घर और एक गौशाला बह गए हैं। जिसमें एक ही परिवार के 7 लोगों की जान चली गई है और तीन लोग अभी भी लापता हैं। जहां बादल फटा है, वह इलाका हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और सोलन विधानसभा क्षेत्र के विधायक धनीराम शांडिल के गृह क्षेत्र ममलीघ का गांव जड़ों है। रेस्क्यू टीमें मौके पर मौजूद है और यहां पर फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। तीन लोग अभी भी लापता हैं। जबकि रेस्क्यू अभियान में 5 लोगों को जिंदा बचा लिया गया है। 

जानकारी के मुताबिक ये हादसा सोलन जिले के कंडाघाट उपमंडल के ममलीग उप-तहसील के जदों गांव में हुआ है। बताया जा रहा है कि देर रात करीब 1.30 बजे बादल फट गए। जिसमें दो घर और एक गौशाला बह गई। पुलिस नियंत्रण कक्ष सोलन को मिली सूचना के अनुसार, गांव जादोन डाकघर में बादल फटने की घटना हुई। इससे दो मकान और एक गोशाला बह गई। जडौण गांव में रती राम और इसके बेटे हरनाम के दो मकान भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो गए। इसमें सात लोगों की मौत हो चुकी है। चार पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं।

मरने वाले सभी लोग एक ही परिवार के सदस्य

बताया जा रहा है कि बादल फटने की घटना जिस स्थान पर हुई है वहां दोनों तरफ की सड़क टूट गई है. जिसके चलते रेस्क्यू टीम को घटना स्थल पर पहुंचने में मुश्किलें आईं और रेस्क्यू दल को पैदल ही घटनास्थल तक पहुंचना पड़ा। उसके बाद दल के सदस्यों से मलबे से चार शवों को बाहर निकाला। मलबे से एक छोटी बच्ची का शव भी बरामद किया गया है। बताया जा रहा है कि इस घटना में मरने वाले सभी लोग एक ही परिवार के सदस्य हैं।

अगले 3 दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी

हिमाचल प्रदेश में जुलाई के महीने से ही भारी बारिश का दौर जारी है। हालांकि कुछ दिन पहले बारिश का दौर हल्का हो गया था लेकिन ये एक बार फिर से तेज हो गया है।भारी बारिश के चलते भूस्खलन से दर्जनों सड़कें ब्लॉक हो गई हैं। मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है।आईएमडी के मुताबिक, अगले 72 घंटे जबरदस्त बारिश होने की संभावना है। शिमला, कांगड़ा, चम्बा, हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी, कुल्लू और सोलन जिलों में जबरदस्त बारिश और बादल फटने की चेतावनी जारी की गई है।

आज स्कूल-कॉलेज बंद, परीक्षाएं कैंसिल

भारी बारिश को देखते हुए हिमाचल में आज सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। साथ ही यूनिवर्सिटी की सभी परीक्षाएं कैंसिल कर दी गई है। लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर पुलिस ने एक एडवाइजरी भी जारी की है। प्रशासन ने लोगों को घरों से बाहर न निकलने की चेतावनी दी है। इसके अलावा, रात में यात्रा करने से मना किया गया है। नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी गई है और सावधानी के साथ गाड़ी चलाने को कहा गया है। बाढ़ वाले इलाके में जाने से सख्त मनाही है।