हरियाणा के नूंह में शोभायात्रा के दौरान पथराव-आगजनी और फायरिंग, धारा-144 लागू, इंटरनेट बंद

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हरियाणा के नूंह जिले में हिंसक झड़प के बाद तनाव फैल गया है। बताया जा रहा है कि, बृज मंडल यात्रा के दौरान दो गुटों में टकराव के बाद पथराव और फायरिंग हुई है।हिंसा में 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हालात की गंभीरता को देखतेत हुए नूंह में इंटरनेट सेवा भी पूर्णतया बंद करने के आदेश टेलीकॉम कंपनियों को दिए गए हैं ताकि सोशल मीडिया के माध्यम से किसी प्रकार की अफवाहें आदि ना फैलाई जा सकें।

जानकारी के मुताबिक, प्रत्येक साल की भांति इस साल भी बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा निकाली गई। जिसमें गुरुग्राम से भी सैकड़ों गाड़ियों में सवार विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता भगवान शिव का जलाभिषेक करने नल हड शिव मंदिर मेवात में गए हुए थे।विश्व हिंदू परिषद और मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी की तरफ से निकाली जा रही ब्रजमंडल यात्रा के दौरान बवाल हो गया।यात्रा के दौरान दो गुट आमने-सामने आ गए और दोनों में झड़प हो गई।

इंटरनेट और एसएमएस सर्विस पर रोक

झड़प के दौरान उग्र लोगों की ओर से कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया है। झड़प के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत की स्थिति बनी हुई है। तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। मौके पर पहुंची पुलिस फोर्स हालात को काबू करने में जुटी हुई है। हिंसक झड़प के बाद हरियाणा सरकार की तरफ से जारी आदेश में कहा गया कि नूंह में इंटरनेट और एसएमएस सर्विस पर रोक लगा दी गई है।

बवाल के बाद नूंह शहर में पसरा सन्नाटा

गुरुग्राम विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री यशवंत शेखावत की माने तो- यात्रा जैसे ही शिव मंदिर नल हड पहुंची, उसी दौरान शरारती तत्वों ने यात्रा पर पथराव शुरू कर दिया और कई गाड़ियों में भी आगजनी और तोड़फोड़ की है। बवाल के दौरान गोलीबारी से लेकर आगजनी की घटना हुई। कई सरकारी वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई तथा कुछ निजी वाहनों को भी भीड़ ने निशाना बनाया। पुलिस ने भी मामले को शांत करने के लिए फायरिंग की। घटना के बाद रूट को नूंह - होडल मार्ग पर डायवर्ट कर दिया गया है इसके अलावा नूंह शहर पूरी तरह से सुनसान है। इस घटना के बाद ज्यादातर बाजार बंद हो चुका है और लोग अपने घर जा चुके हैं।

मणिपुर मसले पर निर्मला सीतारमण का जोरदार हमला, कहा- घड़‍ियाली आंसू बहा रहा व‍िपक्ष

#nirmalasitharamanslamsoppositionovermanipurissue

मणिपुर हिंसा को लेकर सरकार और विपक्ष एक दूसरे के आमने-सामने हैं। विपक्ष मणिपुर हिंसा मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के साथ विस्तृत चर्चा की मांग पर अड़ा है। इस बीच केंद्रीय वित्त मंत्री और बीजेपी नेता न‍िर्मला सीतारमण ने विपक्ष पर कड़ा हमला बोला है।निर्मला सीतारमण ने आरोप लगाया है कि विपक्ष मणिपुर के मामले में घड़ियाली आंसू बहा रहा है।

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विपक्ष चर्चा से भागता नजर आया-सीतारमण

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार संसद में मणिपुर हिंसा पर चर्चा के लिए तैयार हो गई है, लेकिन विपक्ष ने ऐसा नहीं होने दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब चर्चा की बात आती है तो विपक्ष हंगामा कर देता है। वो खुद इस मामले पर चर्चा नहीं होने देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष मणिपुर मुद्दे पर चर्चा में हिस्सा नहीं लेना चाहता। आज जब यह मुद्दा संसद में उठाया गया तो विपक्ष चर्चा से भागता नजर आया। विपक्ष के व्यवहार से दुखी हूं।

विपक्ष ने इस संवेदनशील मुद्दे का फायदा उठाया-सीतारण

उन्होंने कहा कि मणिपुर जैसे संवेदनशील मसला विपक्ष के लिए सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा है। आज यह साबित हो गया कि वे मणिपुर मुद्दे पर सिर्फ मगरमच्छ के आंसू बहा रहे थे। अगर उन्हें वास्तव में परवाह होती, तो वे इस पर चर्चा करते। उन्होंने कहा कि पहले कहते हैं कि वो इस मामले पर चर्चा चाहते हैं, फिर चर्चा नहीं होने देते। उन्होंने कहा कि विपक्ष की मानसिकता भी उनके पहने काले कपड़ों की तरह हो चुकी है। सीतारमण ने कहा कि मणिपुर एक बहुत ही संवेदनशील मुद्दा है, जिसका विपक्ष ने फायदा उठाया है।

बातचीत को संसद में रखे विपक्ष-सीतारमण

विपक्षी सांसदों के मणिपुर दौरे को लेकर निर्मला सीतारमण ने कहा कि ये लोग मणिपुर होकर आए हैं, जहां उन्होंने लोगों से बातचीत की।अब हम सुनना चाहते हैं कि उन्होंने मणिपुर में लोगों से क्या बातचीत की और उन्हें क्या बताया गया। इसकी जानकारी उन्हें संसद में चर्चा कर देनी चाहिए।वित्त मंत्री ने कहा कि उन्हें ऐसा करने से कौन रोक रहा है?

मणिपुर मसले पर निर्मला सीतारमण का जोरदार हमला, कहा- घड़‍ियाली आंसू बहा रहा व‍िपक्ष

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मणिपुर हिंसा को लेकर सरकार और विपक्ष एक दूसरे के आमने-सामने हैं। विपक्ष मणिपुर हिंसा मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के साथ विस्तृत चर्चा की मांग पर अड़ा है। इस बीच केंद्रीय वित्त मंत्री और बीजेपी नेता न‍िर्मला सीतारमण ने विपक्ष पर कड़ा हमला बोला है।निर्मला सीतारमण ने आरोप लगाया है कि विपक्ष मणिपुर के मामले में घड़ियाली आंसू बहा रहा है।

विपक्ष चर्चा से भागता नजर आया-सीतारमण

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार संसद में मणिपुर हिंसा पर चर्चा के लिए तैयार हो गई है, लेकिन विपक्ष ने ऐसा नहीं होने दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब चर्चा की बात आती है तो विपक्ष हंगामा कर देता है। वो खुद इस मामले पर चर्चा नहीं होने देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष मणिपुर मुद्दे पर चर्चा में हिस्सा नहीं लेना चाहता। आज जब यह मुद्दा संसद में उठाया गया तो विपक्ष चर्चा से भागता नजर आया। विपक्ष के व्यवहार से दुखी हूं।

विपक्ष ने इस संवेदनशील मुद्दे का फायदा उठाया-सीतारण

उन्होंने कहा कि मणिपुर जैसे संवेदनशील मसला विपक्ष के लिए सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा है। आज यह साबित हो गया कि वे मणिपुर मुद्दे पर सिर्फ मगरमच्छ के आंसू बहा रहे थे। अगर उन्हें वास्तव में परवाह होती, तो वे इस पर चर्चा करते। उन्होंने कहा कि पहले कहते हैं कि वो इस मामले पर चर्चा चाहते हैं, फिर चर्चा नहीं होने देते। उन्होंने कहा कि विपक्ष की मानसिकता भी उनके पहने काले कपड़ों की तरह हो चुकी है। सीतारमण ने कहा कि मणिपुर एक बहुत ही संवेदनशील मुद्दा है, जिसका विपक्ष ने फायदा उठाया है।

बातचीत को संसद में रखे विपक्ष-सीतारमण

विपक्षी सांसदों के मणिपुर दौरे को लेकर निर्मला सीतारमण ने कहा कि ये लोग मणिपुर होकर आए हैं, जहां उन्होंने लोगों से बातचीत की।अब हम सुनना चाहते हैं कि उन्होंने मणिपुर में लोगों से क्या बातचीत की और उन्हें क्या बताया गया। इसकी जानकारी उन्हें संसद में चर्चा कर देनी चाहिए।वित्त मंत्री ने कहा कि उन्हें ऐसा करने से कौन रोक रहा है?

पाकिस्तान में आत्मघाती हमले के पीछे ISIS का हाथ, अब तक 46 लोगों की गई जान

#pakistan_terrorist_attack_isis_responsible 

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनवा में आतंकी हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली है।आईएसआईएस द्वारा किए गए हमले में जमियत उलेमा-ए-इस्लाम-फज़्ल (जेयूआई-एफ) के 46 कार्यकर्ता मारे गए हैं।बता दें कि पाकिस्तान में रविवार रात बड़ा आत्मघाती बम विस्फोट हुआ।एक कट्टरपंथी इस्लामिक पार्टी के राजनीतिक सम्मेलन के दौरान अचानक बम धमाका हुआ।इस हमले में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक 46 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। 

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पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की पुलिस ने सोमवार को प्रारंभिक जांच में बताया कि एक कट्टरपंथी इस्लामिक पार्टी के राजनीतिक सम्मेलन में हुए आत्मघाती विस्फोट के पीछे प्रतिबंधित आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) का हाथ है। इस विस्फोट में कम से कम 46 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं।जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) नजीर खान ने कहा, बाजौर और आसपास के इलाकों के अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया, जहां ज्यादातर घायलों को ले जाया गया था। गंभीर रूप से घायलों को सैन्य हेलीकॉप्टरों द्वारा बाजौर से पेशावर के अस्पतालों में ले जाया गया।

नजीर खान ने बताया कि इस संबंध में तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। प्रांतीय पुलिस प्रमुख अख्तर हयात खान के अनुसार, विस्फोट को अंजाम देने के लिए 10 किलोग्राम विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने बताया कि हमलावर राजनीतिक सम्मेलन में शामिल लोगों में से एक था और वह पहली पंक्ति में बैठा हुआ था। स्थानीय पुलिस के मुताबिक, हमलावर ने सम्मेलन के मंच के पास खुद को विस्फोटक से उड़ा लिया। 

बता दें कि पाकिस्तान में इस्लामिक स्टेट बैन है। आतंकी संगठन अफगानिस्तान में तालिबानी टेकओवर के बाद काफी एक्टिव है। आईएसआईएस तालिबानी शासन के खिलाफ है।अफगान तालिबान ने हमले की आलोचना की। तालिबानी शासन के प्रवक्ता जबिउल्लाह मुजाहिद ने बयान में कहा कि इस तरह के हमलों को उचित नहीं ठहराया जा सकता।

उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में रविवार का हमला 2014 के बाद से ऐसा चौथा हमला है जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की जानें गई। तब तालिबान ने पेशावर में एक आर्मी स्कूल पर हमला कर दिया था, जिसमें 147 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में ज्यादातर बच्चे थे। जनवरी महीने में पेशावर की एक मस्जिद में आत्मघाती हमले में 74 लोग मारे गए। पेशवार के पुलिस हेडक्वार्टर में फरवरी में हुए हमले में 100 से ज्यादा लोग मारे गए, जिसमें ज्यादातर पुलिसकर्मी थे।

पाकिस्तान में आत्मघाती हमले के पीछे ISIS का हाथ, अब तक 46 लोगों की गई जान

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पाकिस्तान के खैबर पख्तूनवा में आतंकी हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली है।आईएसआईएस द्वारा किए गए हमले में जमियत उलेमा-ए-इस्लाम-फज़्ल (जेयूआई-एफ) के 46 कार्यकर्ता मारे गए हैं।बता दें कि पाकिस्तान में रविवार रात बड़ा आत्मघाती बम विस्फोट हुआ।एक कट्टरपंथी इस्लामिक पार्टी के राजनीतिक सम्मेलन के दौरान अचानक बम धमाका हुआ।इस हमले में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक 46 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है।

पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की पुलिस ने सोमवार को प्रारंभिक जांच में बताया कि एक कट्टरपंथी इस्लामिक पार्टी के राजनीतिक सम्मेलन में हुए आत्मघाती विस्फोट के पीछे प्रतिबंधित आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) का हाथ है। इस विस्फोट में कम से कम 46 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं।जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) नजीर खान ने कहा, बाजौर और आसपास के इलाकों के अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया, जहां ज्यादातर घायलों को ले जाया गया था। गंभीर रूप से घायलों को सैन्य हेलीकॉप्टरों द्वारा बाजौर से पेशावर के अस्पतालों में ले जाया गया।

नजीर खान ने बताया कि इस संबंध में तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। प्रांतीय पुलिस प्रमुख अख्तर हयात खान के अनुसार, विस्फोट को अंजाम देने के लिए 10 किलोग्राम विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने बताया कि हमलावर राजनीतिक सम्मेलन में शामिल लोगों में से एक था और वह पहली पंक्ति में बैठा हुआ था। स्थानीय पुलिस के मुताबिक, हमलावर ने सम्मेलन के मंच के पास खुद को विस्फोटक से उड़ा लिया।

बता दें कि पाकिस्तान में इस्लामिक स्टेट बैन है। आतंकी संगठन अफगानिस्तान में तालिबानी टेकओवर के बाद काफी एक्टिव है। आईएसआईएस तालिबानी शासन के खिलाफ है।अफगान तालिबान ने हमले की आलोचना की। तालिबानी शासन के प्रवक्ता जबिउल्लाह मुजाहिद ने बयान में कहा कि इस तरह के हमलों को उचित नहीं ठहराया जा सकता।

उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में रविवार का हमला 2014 के बाद से ऐसा चौथा हमला है जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की जानें गई। तब तालिबान ने पेशावर में एक आर्मी स्कूल पर हमला कर दिया था, जिसमें 147 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में ज्यादातर बच्चे थे। जनवरी महीने में पेशावर की एक मस्जिद में आत्मघाती हमले में 74 लोग मारे गए। पेशवार के पुलिस हेडक्वार्टर में फरवरी में हुए हमले में 100 से ज्यादा लोग मारे गए, जिसमें ज्यादातर पुलिसकर्मी थे।

महाराष्ट्र में जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन के अंदर आरपीएफ के जवान ने चलती ट्रेन में की अंधाधुंध फायरिंग, ASI समेत चार लोगों की मौत

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महाराष्ट्र के पालघर स्टेशन के पास एक चलती ट्रेन में फायरिंग से चार लोगों के मारे जाने की खबर है। दरअसल, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के एक जवान ने महाराष्ट्र के पालघर रेलवे स्टेशन के पास जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन के अंदर सवार चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी।

एक अधिकारी के अनुसार, जवान ने अपने स्वचालित हथियार से गोलीबारी की, जिसमें एक अन्य आरपीएफ जवान और ट्रेन में सवार तीन यात्रियों की मौत हो गई। ट्रेन जयपुर से मुंबई जा रही थी। पालघर मुंबई से लगभग 100 किमी दूर है।

परिजनों को दी जाएगी सहायता राशि

डीआरएम नीरज कुमार ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि हिरासत में लिया गया सिपाही

एक RPF ASI और तीन अन्य यात्रियों को गोली मारने के बाद आरोपी दहिसर स्टेशन के पास ट्रेन से बाहर कूद गया। पश्चिमी रेलवे ने बताया कि आरोपी सिपाही को हथियार समेत हिरासत में लिया गया है।

बी5 कोच में की गई गोलीबारी

शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि यह घटना जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन (12956) के बी5 कोच में हुई। यह पुष्टि की गई है कि एस्कॉर्ट ड्यूटी पर सीटी चेतन ने एस्कॉर्ट प्रभारी एएसआई पर गोली चलाई। ट्रेन बोरीवली पहुंच गई है।

अधिकारी ने बताया कि चेतन कुमार चौधरी ने चलती ट्रेन में अपने एस्कॉर्ट ड्यूटी प्रभारी एएसआई टीका राम मीना पर गोली चला दी। अधिकारी ने बताया कि अपने सीनियर की हत्या करने के बाद कांस्टेबल दूसरी बोगी में गया और तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या कर दी। रेलवे पुलिस और आरपीएफ अधिकारियों की मदद से कांस्टेबल को मीरा रोड पर पुलिस ने पकड़ लिया।

मणिपुर में महिलाओं के यौन शोषण मामले में सीजेआई ने सरकार से किए सख्त सवाल, पूछा-ये एकमात्र घटना नहीं, कितनी एफआईआर दर्ज कीं?

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मणिपुर वायरल वीडियो मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है।मामले की सुनवाई सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच कर रही है।पीड़ित महिलाओं की तरफ से कपिल सिब्बल पेश हुए।वहीं सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने सरकार से कई सख्त सवाल किए। सीजेआई ने कहा कि इन तीन महिलाओं के यौन उत्पीड़न का वीडियो एकमात्र उदाहरण नहीं है। ऐसी कई घटनाएं हुई हैं और यह कोई अकेली घटना नहीं है। हम इस बात से निपटेंगे कि इन तीन महिलाओं को जल्द न्याय मिले, लेकिन हमें मणिपुर में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के व्यापक मुद्दे को भी देखना होगा।

सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने पूछा कि, "4 मई की घटना पर पुलिस ने 18 मई को एफआईआर दर्ज की। 14 दिन तक कुछ क्यों नहीं हुआ? वीडियो वायरल होने के बाद यह घटना सामने आई कि महिलाओं को नग्न कर घुमाया गया और कम से कम दो के साथ बलात्कार किया गया।पुलिस तब क्या कर रही थी?

सीजेआई ने इस दौरान कहा कि उन महिलाओं का जो वीडियो सामने आया सिर्फ वही एक घटना नहीं है। ऐसी और भी कई घटनाएं हुई हैं। हमें उन सभी महिलाओं के साथ जो हिंसा हुई है उसको देखना है। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, मान लीजिए कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के 1000 मामले दर्ज हैं। क्या सीबीआई सबकी जांच कर पाएगी?

सीजेआई ने कहा, सवाल यह भी है कि पीड़ित महिलाओं का बयान कौन दर्ज करेगा? एक 19 साल की महिला जो राहत शिविर में है, पिता या भाई की हत्या होने से घबराई हुई है, क्या ऐसा हो पाएगा कि न्यायिक प्रक्रिया उस तक पहुंच सके? सीजेआई ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने एसआईटी के लिए भी नाम सुझाए हैं। आप इस पर भी जवाब दीजिए। अपनी तरफ से नाम का सुझाव दीजिए। या तो हम अपनी तरफ से कमिटी बनाएंगे, जिसमें पूर्व महिला जज भी हों।

ज्ञानवापी पर सीएम योगी के बयान से ओवैसी को लगी मिर्ची, कहा-उनका बस बचे तो बुलडोजर चलवा दें

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वाराणसी के ज्ञानवापी मामले पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के बाद सियासी तेज होती दिख रही है।दरअसल योगी आदित्यनाथ ने ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर कहा कि अगर इसे मस्जिद कहा जाएगा तो विवाद बढ़ेगा।साथ हीयोगी आदित्यनाथ ने इसे मुस्लिम पक्ष की ओर से ऐतिहासिक त्रुटि बताई है। अब सीएम योगी के इस बयान पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम )के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने निशाना साधा है। ओवैसी ने योगी आदित्यनाथ के इस बयान को विवादित और साप्रांदायिकता फैलाने वाला बताया है।साथ ही ये भी कहा कि उनका बस चले तो वो बुलडोजर चला दें।

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, मुख्यमंत्री जानते हैं कि मुस्लिम पक्ष ने एएसआई सर्वे का विरोध किया है और इलाहाबाद हाई कोर्ट आज-कल में अपना फैसला सुनाने वाला है। उसी को देखते हुए उन्होंने एक विवादित बयान दिया, यह तो जुडिशल ओवररीच है। प्लेसेस ऑफ वर्शिप ऐक्ट 1991 कहता है कि 15 अगस्त 1947 को जहां मंदिर था, मस्जिद थी, बौद्ध धर्म की थी या ईसाई की थी, वह वैसी रहेगी।

योगी आदित्यनाथ इतिहास पढ़ने की सलाह

ओवैसी ने आगे कहा, 'योगी आदित्यनाथ को पढ़ना चाहिए कि स्वामी विवेकानंद ने ओडिशा के एक बहुत बड़े मंदिर के बारे में क्या कहा था। आप मुख्यमंत्री हैं, आप कानून का पालन करिए। वह मुसलमानों पर प्रेशर डालना चाह रहे हैं। जहां 400 साल से मस्जिद हैं, वहां उन्हें दबाना चाह रहे हैं। मथुरा में मुस्लिम समाज ने आज से 55-60 साल पहले हिंदू समाज से एक एग्रीमेंट किया। वह एग्रीमेंट कोर्ट में जमा किया गया, उसके बावजूद आज कोर्ट में लिटिगेशन खोल दिया गया उसका।

ओवैसी ने कहा-उनकी तो बुलडोजर पॉलिटिक्स चलती है

वहीं, योगी द्वारा “मस्जिद कहेंगे तो फिर विवाद होगा” वाले बयान को लेकर किए गए सवाल ओवैसी ने कहा कि उनकी तो बुलडोजर पॉलिटिक्स चलती है। उनका बस चले तो बुलडोजर चला देंगे।

सीएम योगी ने क्या कहा था?

बता दें कि एएनआई को दिए इंटरव्यू में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था, अगर हम उसको (ज्ञानवापी) मस्जिद कहेंगे तो फिर विवाद होगा। मुझे लगता है कि भगवान ने जिसको दृष्टि दी है, वो देखे। त्रिशूल मस्जिद के अंदर क्या कर रहा है? हमने तो नहीं रखा है ना? ज्योतिर्लिंग हैं, देव प्रतिमाएं हैं। पूरी दीवारें चिल्ला चिल्लाकर क्या कह रही हैं? मुझे लगता है कि ये प्रस्ताव मुस्लिम समाज की तरफ से आना चाहिए कि साहेब ऐतिहासिक गलती हुई है और उस गलती के लिए हम चाहते हैं कि समाधान हो।

15 अक्टूबर नहीं, अब इस दिन होगा भारत-पाक का वर्ल्ड कप मैच, नवरात्रि के कारण बदला शेड्यूल

#worldcup2023schedulevenueindiavspakworldcupmatch_date

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2023 वनडे वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान का मैच अब 15 अक्टूबर को नहीं खेला जाएगा। इस महामुकाबले की तारीख बदली जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक, आज भारत-पाक मैच की तारीख का औपचारिक एलान कर दिया जाएगा।सूत्रों के मुताबिक भारत और पाकिस्तान के बीच अब ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 का महामुकाबला 15 अक्टूबर को नहीं, बल्कि 14 अक्टूबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। नवरात्रि उत्सव की वजह से भारत और पाकिस्तान के बीच इस महामुकाबले की तारीख बदल दी गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 15 अक्टूबर को नवरात्रि पड़ रही है। इस कारण वनडे वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मैच की तारीख बदली जाएगी। अब 15 अक्टूबर के बजाय 14 अक्टूबर को मैच खेला जाएगा।टीवी टुडे की खबर के अनुसार, भारत और पाकिस्तान का मुकाबला अब एक दिन पहले 14 अक्टूबर को खेला जा सकता है। इसके अलावा कई और मैचों के शेड्यूल में बदलाव हो सकता है। पिछले दिनों बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने बताया था कि 3 देशों ने आईसीसी को पत्र लिखकर शेड्यूल में बदलाव की बात की कही थी। हालांकि मैच के वेन्यू में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाना है।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) और बीसीसीआई (बीसीसीआई) ने पिछले महीने विश्व कप के कार्यक्रम की घोषणा की और इस मैच की मेजबानी अहमदाबाद में दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम को दी। इसके बाद से अहमदाबाद के लिए हवाई किराये और होटल का रेंट आसमान को छूने लगा। अब मैच एक दिन पहले कराया जाता है तो दर्शकों की परेशानियों का कोई ठिकाना नहीं रहेगा।

भारत के 10 शहरों में होंगे मुकाबले

भारत को विश्व कप का पहला मैच आठ अक्टूबर को चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया से खेलना है। पाकिस्तान के दो मैच छह और 12 अक्टूबर को हैदराबाद में होंगे। भारत और पाकिस्तान मैच एक दिन पहले कराये जाने से बाबर आजम की टीम को अभ्यास के लिए एक दिन कम मिलेगा। विश्व कप के मैच भारत के 10 शहरों में खेले जाएंगे। हैदराबाद, अहमदाबाद, धर्मशाला, दिल्ली, चेन्नई, लखनऊ, पुणे, बेंगलुरु, मुंबई और कोलकाता में मुकाबले हैं। हैदराबाद के अलावा गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम 29 सितंबर से 3 अक्तूबर तक अभ्यास मैचों की मेजबानी करेंगे।

टूर्नामेंट में खेलेंगी 10 टीमें

इस विश्व कप में कुल 10 टीमें भाग लेंगी। आठ टीमें पहले ही इस टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई कर चुकी हैं और बाकी दो स्थानों के लिए जिम्बाब्वे में क्वालिफायर राउंड खेला जा रहा है, जिसमें सुपर सिक्स में छह टीमें पहुंच चुकी हैं। इनमें से दो टीमें भारत में होने वाले विश्व कप के मुख्य राउंड में भाग लेंगी।

ज्ञानवापी मस्जिद मामले में यूपी के सीएम योगी का बड़ा बयान, कहा-त्रिशूल मस्जिद में क्या कर रहा था?

#cmyogiadityanathreactionongyanvapiasi_survey

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद का मामला सुर्खियों में बना हुआ है। अदालत में इसका सर्वे कराने को लेकर याचिका दायर की हुई है, जिसपर 3 अगस्त को हाईकोर्ट अपना निर्णय देगी। इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस केस को लेकर बड़ा बयान दिया है।उन्होंने कहा कि अगर हम उसे मस्जिद कहेंगे तो विवाद होगा।उन्होंने कहा कि इसे लेकर मुस्लिम पक्ष की ओर से एतिहासिक गलती हुई है।

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समाचार एजेंसी एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘अगर हम उसको मस्जिद कहेंगे तो फिर विवाद होगा। मुझे लगता है कि भगवान ने जिसको दृष्टि दी है, वो देखे ना कि त्रिशूल मस्जिद में क्या कर रहा है। ज्योतिर्लिंग है, देव-प्रतिमाएं हैं पूरी दीवारें चिल्ला-चिल्लाकर क्या कह रही हैं, ये प्रस्ताव मुस्लिम समाज से आना चाहिए कि ऐतिहासिक गलती हुई है, इसका समाधान होना चाहिए।’ 

राष्ट्र सर्वोपरि, अपने मत और मजहब नहीं-सीएम योगी

एएनआई के पॉडकास्ट में एक अन्य सवाल के जवाब में योगी ने कहा कि देश संविधान से चलेगा, मत और मजहब से नहीं। देखिए मैं ईश्वर का भक्त हूं, लेकिन किसी पाखंड में विश्वास नहीं करता हूं। आपका मत, आपका मजहब, अपने तरीके से होगा, अपने घर में होगा। अपनी मस्जिद, अपने इबादतगाह तक होगा। सड़क पर प्रदर्शन करने के लिए नहीं और इसको आप जो है किसी भी अन्य तरीके से दूसरे पर थोप नहीं सकते। नेशन फर्स्ट। अगर देश में किसी को रहना है तो राष्ट्र को सर्वोपरि मानना है, अपने मत और मजहब को नहीं। 

पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा पर क्या कहा?

इस दौरान सीएम योगी ने कई अहम बातें की हैं। उन्होंने कहा कि मैं पिछले 6 साल से यूपी का सीएम हूं, यहां एक भी दंगा नहीं हुआ है किसी भी चुनाव में हिंसा नहीं हुई है। पश्चिम बंगाल में किस तरह चुनावी हिंसा हो रही है। ऐसे लोग सत्ता में आकर चीज़ों को कैद कर देना चाहते हैं।

विपक्षी दलों के गठबंधन पर दी प्रतिक्रिया

विपक्षी दलों के नए नाम INDIA पर भी सीएम योगी ने प्रतिक्रिया दी और कहा कि India नहीं बोलना चाहिए।चोला बदलने से पिछले कर्मों से मुक्ति नहीं मिल जाती है।