*देश के लिए जीते मेडल गंगा में बहाएंगे पहलवान, आमरण अनशन का ऐलान*

#wrestlerswillthrowolympicmedalsinthe_ganges

Image 2Image 3

बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आंदोलन कर रहे पहलवानों ने अपने मेडल गंगा में बहाने का ऐलान किया है।यौन उत्‍पीड़न के आरोपों को लेकर भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आंदोलन कर रहे पहलवान आज शाम उत्‍तराखंड के हरिद्वार जाएंगे। यहां पहलवान गंगा में प्रवाहित करेंगे। पहलवान बजरंग पूनिया ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है।

राजधानी दिल्ली में देश के नामचीन पहलवान एक महीने से जंतर मंतर पर धरने पर थे।लेकिन नए संसद भवन के उद्घाटन वाले दिन 28 मई को उन्हें वहां से हटा दिया गया। अब पहलवानों ने आमरन अनशन का ऐलान कर दिया है। पहलवानों ने सोशल मीडिया पर जारी पत्र में कहा है कि मेडल हमारी जान है आत्‍मा हैं, इनके गंगा में बह जाने के बाद हमारे जीने का कोई मतलब नहीं रह जाएगा, इसलिए हम इंडिया गेट पर आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। रेसलर विनेश फोगाट ने इस बारे में सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखा है।

जारी पत्र में कहा गया है कि ‘इन मेडलों को हम गंगा में बहाने जा रहे हैं, क्‍योंकि वह गंगा मां ही है… जितना पवित्र हम गंगा मां को मानते हैं, उतनी ही पवित्रता से हमने मेहनत कर इन मेडलों को हासिल किया। ये मेडल सारे देश के लिए ही पवित्र हैं और पवित्र मेडल को रखने की सही जगह पवित्र मां गंगा ही हो सकती है।

पत्र में उन्होंने लिखा, हमारे साथ 28 मई को जो हुआ वो आप सबने देखा। पुलिस ने हम लोगों के साथ क्या व्यवहार किया। हमें कितनी बर्बरता से गिरफ़्तार किया। हम शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे। हमारे आंदोलन की जगह को भी पुलिस ने तहस नहस कर हमसे छीन लिया और अगले दिन गंभीर मामलों में हमारे ऊपर ही एफआईआर दर्ज कर दी गई। क्या महिला पहलवानों ने अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न के लिए न्याय मांगकर कोई अपराध कर दिया है।  

इस देश में हमारा कुछ बचा ही नहीं

पत्र में आगे लिखा है हम महिला पहलवान ऐसा महसूस कर रही हैं जैसे इस देश में हमारा कुछ बचा ही नहीं है। फोगाट ने लिखा, हमें वो पल याद आ रहे हैं, जब हमने ओलंपिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीते थे। अब लग रहा है कि ये मेडल क्यों जीते थे। क्या इसलिए जीते थे कि तंत्र हमारे साथ ऐसा घटिया व्यवहार करे। हमें घसीटे और फिर हमें ही अपराधी बना दे। कल पूरा दिन हमारी कई महिला पहलवान खेतों में छिपती फिरी हैं। तंत्र को पकड़ना उत्पीड़क को चाहिए था, लेकिन वह पीड़ित महिलाओं को उनका धरना खत्म करवाने, उन्हें तोड़ने और डराने में लगा हुआ है। अब लग रहा है कि हमारे गले में सजे इन मेडलों का कोई मतलब नहीं रह गया है। इनको लौटाने की सोचने भर से हमें मौत लग रही थी, लेकिन अपने आत्म सम्मान के साथ समझौता करके भी क्या जीना। 

मेडल ना लौटाने की बताई वजह

पत्र में पहलवानों ने इस मेडल को राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री को न सौंपकर गंगा में ही बहाने की वजह भी बताई है। इसमें लिखा, हमारे सामने सवाल आया कि मेडल किसे लौटाएंगे। हमारी राष्ट्रपति को जो खुद एक महिला हैं। मन ने ना कहा, क्योंकि वह हमें सिर्फ 2 किलोमीटर दूर बैठी सिर्फ देखती रहीं, लेकिन कुछ भी नहीं बोलीं। पीएम मोदी को मेडल न लौटाने की वजह बताते हुए लिखा गया कि प्रधानमंत्री हमें अपने घर की बेटियां बताते थे। उन्होंने एक बार भी अपने घर की बेटियों की सुध नहीं ली। बल्कि नई संसद के उद्घाटन में हमारा शोषण करने वाले (बृजभूषण शरण सिंह) को ही बुलाया। वह तेज सफेदी वाले चमकदार कपड़ों में फोटो खिंचवा रहा था। उसकी सफेदी हमें चुभ रही थी। मानो कह रही हो मैं ही तंत्र हूं।

“पवित्र मेडल को रखने की सही जगह मां गंगा”

उन्होंने आगे लिखा, ये मेडल हमें नहीं चाहिए। हम इन मेडल को गंगा में बहाने जा रहे हैं। क्योंकि वह गंगा मां हैं। जितना पवित्र हम गंगा को मानते हैं, उतनी ही पवित्रता से हमने मेहनत कर इन मेडलों को हासिल किया था। ये मेडल सारे देश के लिए पवित्र हैं और पवित्र मेडल को रखने की सही जगह मां गंगा ही हो सकती है।

*सरकार के नौ साल पूरे करने पर बोले पीएम मोदी-'सेवा के 9 साल'*

#pmmodionndagovernments9years 

पीएम मोदी के कार्यकाल को 9 साल पूरे हो रहे हैं। मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने इसे 'सेवा के 9 साल' बताते हुए कहा कि इस दौरान उनकी सरकार के द्वारा लिया गया हर फैसला लोगों का जिंदगी बेहतर बनाने के लिए था।

Image 2Image 3

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपनी सरकार के नौ साल पूरे होने के मौके पर ट्वीट किया।पीएम ने कहा, "आज, जब हम देश की सेवा के नौ साल पूरे कर रहे हैं, मैं कृतज्ञता और विनम्रता से अभिभूत हूं। जो भी फैसले लिए गए, जो भी काम किए गए, यह सभी लोगों के जीवन को बेहतर करने के उद्देश्य से थे। हम आगे भी एक विकसित भारत बनाने के लिए काम करते रहेंगे।"

केंद्रीय मंत्री बताएंगे सरकार की उपलब्धियां

केंद्र में सरकार के 9 साल पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी ने देश भर में महीने भर का महासंपर्क अभियान शुरू किया है। इस अभियान के जरिए मोदी सरकार के 9 साल के काम को लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक और संगठन पदाधिकारियों को दी गई है। केंद्रीय मंत्रियों सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को लोकसभाओं का क्लस्टर बनाकर जिम्मेदारी सौंपी गई है। 26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इस सफर में मोदी सरकार की क्या उपलब्धियां रही हैं, इसको बताने की जिम्मेदारी अब केंद्रीय मंत्रियों के हाथ में दी गई है। जिन राज्यों में बीजेपी की सरकार है, वहां के मुख्यमंत्री भी इस दौरान साथ रहेंगे। इसके साथ ही बीजेपी कार्यकर्ता भी सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच लेकर जाएंगे।

एक महीने में 51 बड़ी जनसभाएं करने की योजना

31 मई से 30 जून तक चलने वाले इस विशेष अभियान में पार्टी ने देश के अलग अलग हिस्सों में लगभग 51 बड़ी जनसभाएं करने की योजना तैयार की है। जिसमें पीएम मोदी करीब 8 सभाओं को संबोधित करेंगे। उनके आलावा अमित शाह, जेपी नड्डा, योगी आदित्यनाथ, स्मृति ईरानी, हिमंत बिस्वा सरमा के साथ अन्य नेता भी रैलियों को करेंगे संबोधित। बीजेपी की सोशल मीडिया टीम ने भी आक्रामक प्रचार की योजना तैयार की है।

खुशखबरी, खत्म हुआ इंतजार, जुलाई के दूसरे सप्ताह में इसरो ने चंद्रयान : 03 को लॉन्च करने का किया ऐलान

Image 2Image 3

 

 भारत अब चांद पर जाने को तैयार है। चंद्रयान : 03 को चांद पर भेजने की तैयारी चल रही है। इसरो जुलाई महीने में इसे लांच करेगा। हालांकि इसरो ने अभी तक चंद्रयान : 03 को लॉन्च करने की कोई विशेष तारीख नहीं बताई है। लेकिन संगठन ने साफ कर दिया है कि जुलाई महीने में इसे लांच किया जाएगा।

इसरो के जानकार के मुताबिक अगर सब कुछ ठीक तरीके से चलता रहा तो जुलाई के दूसरे सप्ताह में चंद्रयान : 03 को लॉन्च किया जा सकता है। इसरो के वरिष्ठ अधिकारियों ने कुछ दिन पहले बताया था कि इसके लॉन्च करने से पहले बीते मार्च माह में ही जरूरी परीक्षणों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। अंतरिक्ष यान को लॉन्च करने के दौरान कठोर कंपन और ध्वनिक वातावरण को संतुलित करने वाली क्षमता की पुष्टि कर दी गई थी। यह परीक्षण विशेष रूप से काफी महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण माने जाते हैं।

 चंद्रयान : 03 को अंतरिक्ष यान में श्रीहरिकोटा से एलवीएम : 03 द्वारा लांच किया जाएगा।

 चंद्रयान : 02 का ही अगला प्रोजेक्ट चंद्रयान : 03 है जो चंद्रमा की सतह पर उतरेगा और वहां पर परीक्षण करेगा।

 इसमें एक ऑर्बिटर , एक लैंडर और एक रोवर शामिल है।

 

बता दें कि कुछ दिन पहले इसरो प्रमुख एस. सोमनाथ ने कहा था कि चंद्रयान : 03 मिशन के लिए पूरी तरह से तैयार है और इसको लेकर हम सभी विश्वास से ओतप्रोत हैं। उन्होंने कहा कि हम इस मिशन को लेकर उत्साहित हैं और हमें विश्वास है कि मिशन हर हाल में सफल होगा।

अमृतसर से वैष्णो देवी जा रही बस गहरी खाई में गिरी, 10 की मौत, दर्जनों घायल, बिहार के रहने वाले थे अधिकांश यात्री, मुंडन करने जा रहे थे

Image 2Image 3

जम्मू कश्मीर में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां अमृतसर से वैष्णो देवी (कटरा) जा रही बस गहरी खाई में गिर गई। हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई जबकि दर्जनों लोगों के घायल होने की खबर है। जख्मी लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका ईलाज जारी है। मृतकों की शिनाख्त की जा रही है। पोस्टमार्टम का कार्य भी प्रगति पर है।

 बस अमृतसर से कटरा जा रही थी। जैसे ही बस नेशनल हाइवे 44 पर झज्जर कोटली पहुंची , बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। बस में करीब 75 लोग सवार थे। इनमें से 10 की मौत हो गई। जबकि अधिकांश सवारी घायल हो गए। जख्मी लोगों को ईलाज के लिए जम्मू भेजा गया है।   

   

उधर सीआरपीएफ अधिकारी अशोक चौधरी ने बताया कि सुबह दुर्घटना की जानकारी मिलते ही टीम घटनास्थल पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। शवों को निकाले जाने के साथ घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस की टीम भी हमारे साथ रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी है। राहत और बचाव कार्य जारी है।   

मिली जानकारी के अनुसार बस में बिहार के लोग सवार होकर वैष्णो देवी जा रहे थे। वहां दर्शन - पूजा के साथ मुंडन संस्कार किया जाना था।

गंगा दशहरा आज, शुभ मुहूर्त के साथ जानें हस्त नक्षत्र का क्या है महत्व, इस दिन क्या करें और किस चीज से करें परहेज

Image 2Image 3

 गंगा दशहरा का पर्व ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। माना जाता है कि इसी दिन गंगा का अवतरण धरती पर हुआ था। इस दिन गंगा स्नान, गंगा जल का प्रयोग करना और दान धर्म का कार्य करना लाभकारी माना जाता है। इस दिन गंगा की आराधना करने से पापों से मुक्ति मिलती है और इस दिन व्यक्ति को मुक्ति मोक्ष का लाभ मिलता है। इस बार गंगा दशहरा 30 मई, मंगलवार यानी आज मनाई जा रही है।

गंगा दशहरा की पूजन में करें ये खास काम

घी में चुपड़े हुए तिल और गुड़ को दल में डालें. मां गंगा का ध्यान करके उनकी पूजा करें और मंत्रों का जाप करें। पूजन में जो सामग्री का प्रयोग करें, जिसकी संख्या दस हो। विशेष रूप से दस दीपक का प्रयोग करें। दान भी 10 ब्राह्मणों को करें। साथ ही संकल्प लें कि गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी को गंदा नहीं करना है। साथ ही इस दिन समय निकालकर भगवान शिव की पूजा करें।

अगर पवित्र नदी तक ना जा पाएं 

- घर में ही शीतल जल से स्नान करें.

- जल में थोड़ा सा गंगाजल मिलाएं या तुलसी के पत्त डालें. 

- इसके बाद मां गंगा का ध्यान करते हुए स्नान करें. 

- स्नान के बाद सूर्यदेव को जल अर्पित करें. 

- इसके बाद मां गंगा के मंत्रों का जाप करें. 

- आखिरी में निर्धन व्यक्ति या ब्राह्मण को दान करें.

*दिल्ली हाईकोर्ट से मनीष सिसोदिया को तगड़ा झटका, जमानत देने से इंकारस कहा-आरोप काफी गंभीर*

#delhihighcourtdeniesbailtoaapleadermanish_sisodia

Image 2Image 3

दिल्ली शराब घोटाले के मामले में जेल में बंद आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दी है। अदालत ने याचिका को खारिज करते हुए कहा मनीष सिसोदिया के खिलाफ लगे हुए आरोप काफी गंभीर हैं। वहीं, अब पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया दिल्ली हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे।

जमानत मिलने पर गवाहों को प्रभावित करने की सम्भावना

आबकारी घोटाला मामले में आरोपी दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की जमानत पर हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई।मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि मनीष सिसोदिया के खिलाफ आरोप गम्भीर हैं। जमानत मिलने पर गवाहों को प्रभावित करने की सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि सिसोदिया के खिलाफ आरोप काफी गंभीर है और उनका व्यवहार भी सही नहीं रहा है। वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। इनके पास 18 विभाग रहे हैं और वह पूर्व उप मुख्यमंत्री रह चुके है। गंभीर आरोप के चलते जमानत नहीं दी जा सकती है। ऐसे में अब मनीष सिसोदिया को जेल में ही रहना होगा।

निचली अदालत के फैसले को सिसोदिया ने हाईकोर्ट में चैलेंज किया था

दरअसल, ट्रायल कोर्ट ने 31 मार्च को मनीष सिसोदिया की याचिका नामंजूर कर दी थी। निचली अदालत के फैसले को सिसोदिया ने हाईकोर्ट में चैलेंज किया था। कोर्ट में सीबीआई ने उनकी जमानत याचिका का विरोध किया था। सीबीआई ने कहा था कि मनीष सिसोदिया ने ही आबकारी घोटाले को अंजाम दिया है। उन्होंने आपराधिक साजिश में सबसे महत्वपूर्ण और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।जिसके बाद 11 मई को उनकी याचिका पर हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब मनीष सिसोदिया हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे।

• फरवरी से जेल में हैं सिसोदिया*

दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को दिल्ली के शराब नीति घोटाले में पहले सीबीआई ने फरवरी में गिरफ्तार किया था। उसके बाद सीबीआई ने रिमांड पर लेकर पूछताछ की और कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। उसके बाद ईडी ने इसी मामले में मनी ट्रेल की जांच करते हुए नौ मार्च को गिरफ्तार किया।

मुंबई में अनहोनी की आशंका, पुलिस ने 11 जून तक लगाई निषेधाज्ञा, पांच या ज्यादा लोगों के इकठ्ठा होने पर लगाया बैन


Image 2Image 3

मुंबई पुलिस ने शहर में पांच या अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया है। पुलिस ने बताया कि शहर के लिए एक रूटीन जांच के तहत निषेधज्ञा जारी की गई है। हालांकि पुलिस सर्कुलर को देखकर लोग किसी बड़ी अनहोनी की आशंका व्यक्त कर रहे हैं।

दरअसल इस सर्कुलर में कहा गया है कि मुंबई में सार्वजनिक शांति भंग करने और सार्वजनिक जीवन को बाधित करने का प्रयास किया जा सकता है। इसके साथ ही कुछ ऐसी घटनाएं भी होने की आशंका है जिससे लोगों का जीवन खतरे में पड़ सकता है। इसके चलते नागरिकों की सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने यह आदेश जारी किया है।

मुंबई पुलिस ने शहर में पांच या अधिक व्यक्तियों की सभा, किसी भी जुलूस में किसी भी व्यक्ति द्वारा लाउडस्पीकर या म्यूजिकल बैंड के इस्तेमाल और पटाखे फोड़ना इत्यादि प्रतिबंधित कर दिया गया है। बृहद मुंबई के पुलिस उपायुक्त (संचालन) विशाल ठाकुर ने एक आधिकारिक बयान में बताया, सभा पर प्रतिबंध पूरे शहर में 11 जून 2023 तक लागू रहेगा।

बनारस में गंगा की लहरों पर दौड़ेगी वाटर टैक्सी, सीएम योगी करेंगे 15 जून को शुभारंभ।

Image 2Image 3

अभी तक सड़कों पर दौड़ने वाली टैक्सी अब गंगा की लहरों पर भी दिखाई देगी। काशी में 15 जून से वाटर टैक्सी का संचालन होने जा रहा है। इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों होगा। फिलहाल वाराणसी में वाटर टैक्सी पहुंच चुकी है। इन वाटर टैक्सी का संचालन परिवहन निगम और नगर निगम विभाग मिलकर करेगा। अपर नगर आयुक्त सुमित कुमार ने बताया कि वाटर टैक्सी का परिचालन रामनगर से रविदास घाट तक किया जीआएगा। इस दौरान रास्ते में पड़ने वाले अस्सी घाट , हरिश्चंद्र घाट , दशाश्वमेध घाट , ललिता घाट , मणिकर्णिका घाट आदि घाटों से सवारी इसमें चढ़ सकेंगे और उतर भी सकेंगे। फिलहाल 10 में 06 वाटर टैक्सी वाराणसी पहुंच चुकी है। शहर में सड़कों पर लगने वाले जाम की समस्या का निराकरण करने के लिए गंगा के रास्ते आवाजाही शुरू किया जा रहा है।

 

अपर नगर आयुक्त ने बताया कि सबसे बड़ी बात यह है कि पहले इस टैक्सी को अस्सी घाट से चलाने की तैयारी थी।के लेकिन बाद में इसे रामनगर से शुरू करने की योजना बनाई गई है। रामनगर से शुरू होने पर अतिरिक्त 50 रुपये का भार प्रति यात्री पर पड़ेगा। इस टैक्सी की सुविधा नमो घाट से पर्यटकों को मिलेगी और पर्यटक इस में सवार होकर विश्वनाथ धाम तक जा सकेंगे।

 अपर नगर आयुक्त ने कहा कि सुंदर घाटों की भव्यता को निहारने के साथ ही पर्यटकों को गंगा की लहरों पर भी जबरदस्त आनंद मिलेगा। वाटर टैक्सी का परिचालन प्रथम चरण में नमो घाट से रामनगर तक किया जाएगा। बाद यह अन्य घाटों के लिए उपलब्ध होगा। नामित विभाग ने यात्रियों को सवार करने के साथ ही अलग अलग घाटों के लिए अलग अलग किराया तय कर दिया है। अनुमति मिलने के बाद इसे नामित घाटों पर चस्पा कर दिया जाएगा।

*जम्मू-कश्मीर में बड़ा हादसा, वैष्णो देवी जा रही बस खाई में गिरी, 10 की मौत*

#bus_fell_into_ditch_on_jammu_srinagar

Image 2Image 3

जम्मू-कश्मीर में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां, अमृतसर से कटरा जा रही बस गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई है और कई लोग बुरी तरह से घायल हुए हैं।घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।आनन-फानन में मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर राहत बचाव कार्य चलाया और सभी घायलों को निजी अस्पताल भेजा गया।

पुलिस ने बताया कि बस में करीब 70-75 लोग सवार थे जिसमें से कुछ ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था। वहीं, कुछ को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने बताया है कि, हादसा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ है। यहां पर यात्रियों से भरी बस गहरी खाई में गिर गई। बस में सवार सभी यात्री बिहार के रहने वाले थे और वैष्‍णो देवी में माता के दर्शन करने के लिए जा रहे थे। जैसे ही बस नेशनल हाइवे-44 पर झज्जर कोटली पहुंची, बस अनियंत्रित होकर पुल से नीचे गिर गई।हादसा जम्मू जिले से करीब 15 किलोमीटर दूर झज्जर कोटली के पास हुआ है।हालांकि, हादसे का कारण अभी तक स्‍पष्‍ट नहीं हो सका है। सभी लोगों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए हैं और घायलों का इलाज चल रहा है। 

सीआरपीएफ अधिकारी अशोक चौधरी ने बताया कि जैसे ही हमें सुबह दुर्घटना की जानकारी मिली। तुरंत हमारी टीम ने यहां पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। शवों को निकाला गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया है। पुलिस की टीम भी हमारे साथ रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी है। सीआरपीएफ, पुलिस और अन्य टीमें भी यहां हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। बताया जा रहा है कि बस में बिहार के लोग थे जो कटरा जा रहे थे। वे शायद कटरा का रास्ता भूल गए और यहां पहुंच गए।

*धोनी ने संन्यास की अटकलों को खारिज किया, कहा- संन्यास लेने का यह बेस्ट टाइम मगर...

#msdhonionhisretirementafterwinningipl2023

Image 2Image 3

महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली टीम चेन्नई सुपर किंग्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर आईपीएल का खिताब जीता। चेन्नई ने आईपीएल 2023 के फाइनल में गुजरात टाइटंस को हराकर पांचवीं बार खिताब जीता। चेन्नई की जीत से पहले धोनी के संन्यास को लेकर कई तरह की बातें चल रही थीं। 5वीं बार चैंपियन बनकर उन्होंने इस बड़े सवाल का भी जवाब दे दिया, जिसके बारे में पूरा इंडिया जानना चाहता था।

अगला सीजन खेलकर फैन्स को गिफ्ट देने चाहते हैं

मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में महेंद्र सिंह धोनी ने संन्यास को लेकर बातचीत की। एमएस धोनी से ट्रॉफी जीतने के बाद सवाल पूछा गया कि वो संन्यास कब ले रहे हैं? क्या ये उनका आखिरी आईपीएल है? धोनी ने इस बड़े सवाल के जवाब में कहा कि संन्यास लेने का यह बेस्ट टाइम है। ये ज्यादा आसान भी है, बजाए कि एक और आईपीएल खेलने के। उन्होंने कहा कि जिस तरह फैंस ने प्यार दिखाया है, ऐसे में वह अगला सीजन खेलकर उन्हें गिफ्ट देना चाहते हैं। 

फैसले के लिए अभी मेरे पास 6 से 7 महीने का वक्त-धोनी

धोनी के मुताबिक, वो 9 महीने कड़ी मेहनत करके अगला आईपीएल खेल पाएंगे या नहीं ये बहुत हद तक उनके शरीर पर निर्भर करेगा। लेकिन वो कोशिश पूरी करेंगे। उन्होंने कहा कि फैंस ने जो अपना प्यार और इमोशन न्योछावर किया है, उसे देखते हुए उनके लिए मैं भी कुछ करना चाहूंगा। इस कोशिश को अमलीजामा पहनाने पर फैसला करने को अभी मेरे पास 6 से 7 महीने का वक्त है।

मैं वापसी करना चाहता हूं-धोनी

धोनी ने कहा- सबकुछ यहीं से शुरू हुआ था। जब मैं पहले मैच में मैदान पर आया तो सभी फैंस मेरा नाम चिल्ला रहे थे। तब मेरी आंखों में पानी भर आया और मैं कुछ देर डगआउट में वहीं खड़ा रहा। मुझे एहसास हुआ कि मैं इसका लुत्फ उठाना चाहता हूं। चेन्नई में भी ऐसा ही एहसास था, वहां पर मेरा आखिरी मैच था, लेकिन मैं वापसी करना चाहता हूं और मैं जो भी उनके (फैंस) लिए कर सकता हूं करूं और खेलूं। मैं जो हूं उसके लिए वे मुझसे प्यार करते हैं। मैं जिस तरह का क्रिकेट खेलता हूं, मुझे लगता है कि स्टेडियम में हर कोई सोचता है कि वे उस तरह से खेल सकते हैं क्योंकि इसमें कुछ भी ऑर्थोडॉक्स नहीं है। इसलिए मुझे लगता है कि वे किसी और से ज्यादा मुझसे जुड़ सकते हैं। मैं खुद को बदलना नहीं चाहता, मैं कभी भी खुद को इस तरह पेश नहीं करना चाहता था जो मैं नहीं हूं। मैं इसे सरल रखता हूं।