*अलग दुनिया बना लेते हैं सिजोफ्रेनिया के रोगी*
भदोही। 24 मई आज बुधवार को पूरी दुनिया में विश्व सियोफ्रोनिया दिवस मनाया जा रहा है। उक्त मानसिक बीमारी ने कालीन नगरी में भी पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। महीने में अस्पताल कुछ रोगी पहुंच रहें हैं। जिनका उपचार करने के साथ ही मानसिक रुप से सशक्त बनाने का काम चिकित्सकों की ओर से किया जा रहा है। आधुनिक जीवन शैली, इनकम से अधिक खर्चों की मांग, समाजिक उलाहना,कोविड के बाद उपजे नौकरी की दिक्कत, आर्थिक विपन्नता आदि रोगी का काम कर रहे हैं। जिला अस्पताल ज्ञानपुर में तैनात मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ अशोक परासर ने बताया कि इन दिनों अस्पताल में एक माह में सौ मानसिक रोगी पहुंच रहें हैं। उनका उपचार किया जा रहा है।
इसके अलावा समय - समय पर कैंप लगाकर भी जागरुकता व ट्रीटमेंट का पूरे जनपद में अलग-अलग स्थानों पर किया जाता है। बीमारी की जद में तेजी के साथ युवा व किशोर आ रहे हैं। बताया कि किसी की मौत हो जाए, नौकरी चली आए, पारिवारिक कारण,अर्थ व्यवस्था तथा सामाजिक कारण भी बीमारी बड़ा कारण है। किशोरों व युवतियों को लगातार शोहदे जब छोड़ते हैं तो उस दौरान भी उनमें बीमारी पैदा हो जाती है।
ऐसे में दोस्तों, परिजनों से बात करनी चाहिए। बीमारी घर करती है जो आगे चलकर मरीज आत्महत्या जैसे घातक कदम भी उठाने से गुजरे नहीं करता है। ऐसे में समय पर उपचार कराने काम करेंमानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ अशोक परासर ने बताया कि जिले में दो कारणों से बीमार मरीज आ रहे हैं। कुछ में बाइलाॅजिक व कुछ में केमिकल समस्या होती है। डोपामाइन व सेरोटोमिन तथा एसीटो क्लाराइन केमिकल दिमाग बदल जाते हैं और मरीज बीमारों की जद में आने लगता है। जिसके बाद उसकी सोच व सामाजिक व्यवहार तथा सोच बदल जाती है।









May 25 2023, 10:41
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